Uttarakhand: कर्नाटक के बाद देश में दूनघाटी में मिली फूलों की दुर्लभ इपोमिया कैरिका प्रजाति, इसकी भी हुई पहचान

दूनघाटी और शिवालिक की पहाड़ियों में वनस्पतियों की दुनिया से जुड़ी एक खास खोज सामने आई है। कर्नाटक के बाद पहली बार यहां दुर्लभ फूल इपोमिया कैरिका की मौजूदगी दर्ज हुई है, वहीं परसिकारिया पल्छरा की भी पहचान ने क्षेत्र की जैव विविधता को नई पहचान दी है।

दूनघाटी और शिवालिक की पहाड़ियों में फूल की ऐसी प्रजाति मिली है, जो अभी तक केवल कर्नाटक में पाई जाती थी। जी हां, इपोमिया कैरिका का यह बारहमासी फूल दूनघाटी को महका रहा है। खास बात ये है कि देश में इस फूल की पहचान का कर्नाटक के बाद ये दूसरा मामला है। वहीं, एक अन्य प्रजाति परसिकारिया पल्छरा की भी पहचान दून घाटी में हुई है।

भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के विशेषज्ञ मोनल आर जाधव, रेवन वाई चौधरी और तनवीर ए खान ने अध्ययन के बाद दोनों प्रजातियों की पहचान संबंधी शोध प्रकाशित हुआ है। दून घाटी और उससे लगी शिवालिक पहाड़ियों में किए गए सर्वेक्षण के दौरान यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

शोध के दौरान कॉन्वॉन्व्युलेसी परिवार से संबंधित इपोमिया कैरिका वैराइटी अपेंडिकुलता नामक पौधे की प्रजाति खोजी गई है। यह खूबसूरत बारहमासी पर्वतारोहण पौधा है, जिसके फूलों की पंखुड़ियों के बाहरी हिस्से पर पंख जैसी संरचनाएं होती हैं। इससे पहले यह दुर्लभ किस्म मुख्य रूप से कर्नाटक में पाई जाती थी। उत्तर भारत में इस प्रजाति की यह पहली और पूरे देश में दूसरी रिपोर्ट है, जिसे देहरादून में 620 मीटर की ऊंचाई पर दर्ज किया गया है। 

परसिकारिया पल्छरा की भी हुई पहचान

शोधकर्ताओं ने पॉलीगोनैसी परिवार से ताल्लुक रखने वाली परसिकारिया पल्छरा प्रजाति के पौधों को भी दूनघाटी में खोज निकाला है। यह एक प्रकंदयुक्त शाकीय पौधा है जो मुख्य रूप से एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। भारत के असम, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड के देहरादून में भी इसका नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

विकास कार्यों की गति से मुरझा न जाएं फूल

वैज्ञानिकों ने अपने शोध के साथ इस बात पर भी चिंता जताई है कि विकास कार्यों की गति के आगे ये दुर्लभ किस्म की प्रजातियां मुरझा न जाएं। उन्होंने ये चेतावनी दी है कि दून घाटी में बुनियादी ढांचे के विस्तार के कारण प्राकृतिक आवासों में तेजी से संकुचन हो रहा है। इस तरह के तेज विकास कार्यों से स्थानीय मूल वनस्पतियों के प्राकृतिक आवासों को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है, जिस पर समय रहते ध्यान देने की आवश्यकता है।

20 जुलाई तक जारी हो सकता है NEET UG 2026 का परिणाम, जल्द शुरू होगी काउंसलिंग

सीटों में संभावित बढ़ोतरी से लाखों अभ्यर्थियों को मिल सकती है राहत, एमबीबीएस सीटें 1.40 लाख तक पहुंचने की संभावना

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का परिणाम 20 जुलाई तक घोषित किए जाने की संभावना है। परिणाम जारी होने के बाद ऑल इंडिया एवं राज्य स्तरीय मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इस वर्ष काउंसलिंग को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में कम परेशानी का सामना करना पड़े।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और संबंधित एजेंसियां सीट मैट्रिक्स तथा काउंसलिंग शेड्यूल को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। परिणाम घोषित होने के कुछ दिनों के भीतर विस्तृत काउंसलिंग कार्यक्रम जारी किया जा सकता है।

चेतना अकादमी के निदेशक एस एन उपाध्याय ने बताया

इस बार देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या में 8,000 से 10,000 तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि सभी प्रस्तावित सीटों को मंजूरी मिलती है, तो कुल एमबीबीएस सीटें बढ़कर लगभग 1.40 लाख तक पहुंच सकती हैं। इससे अधिक छात्रों को सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

काउंसलिंग में क्या रहेगा खास?

  • ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा की काउंसलिंग अलग-अलग चरणों में होगी।
  • सीट आवंटन पूरी तरह मेरिट, विकल्प (Choice Filling) और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा।
  • सभी दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन और ऑफलाइन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा।
  • अभ्यर्थियों को समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना का पालन करना होगा।

विद्यार्थियों के लिए सलाह

परिणाम जारी होने तक अभ्यर्थी अपने आवश्यक दस्तावेज, श्रेणी प्रमाणपत्र, पहचान पत्र एवं अन्य प्रमाणपत्र तैयार रखें। काउंसलिंग से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल NTA, MCC और संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी अपडेट पर ही भरोसा करें।

Uttarakhand: आठ जून से प्रदेशभर में शुरू होने जा रहा एसआईआर, 79 लाख गणना प्रपत्र तैयार करके जिलों को भेजे गए

उत्तराखंड में आठ जून से एसआईआर का काम शुरू होने जा रहा है। 79 लाख गणना प्रपत्र तैयार करके जिलों को भेजे गए हैं। मतदाताओं को गणना प्रप्रत्र मिलेंगे। इन्हें भरकर तस्वीर लगाकर जानकारी देनी होगी।

उत्तराखंड के 79 लाख मतदाताओं के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का गणना प्रपत्र प्रिंट करा दिया गया है। 79 लाख 76 हजार से अधिक गणना प्रपत्र सभी जिलों को भेज दिए गए हैं। आठ जून से बीएलओ घर-घर पहुंचकर इनका वितरण करेंगे।

प्रदेश में आठ जून से सात जुलाई तक गणना प्रपत्र घर-घर पहुंचाएंगे और भरे हुए प्रपत्र वापस जमा करेंगे। सात जुलाई को मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इस पर दावे और आपत्तियों को 14 जुलाई से 13 अगस्त तक जमा करा सकते हैं।

इसके बाद 10 जुलाई से 11 सितंबर के बीच जिन गणना प्रपत्र की जानकारी से निर्वाचन अधिकारी संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे और उनका निस्तारण किया जाएगा। 15 सितंबर को राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। मैपिंग के बाद अब 79,76,000 मतदाताओं को एसआईआर में शामिल होने का मौका मिलेगा। सभी जिलों को ये गणना प्रपत्र प्रिंट कराकर भेजे जा चुके हैं।

गणना प्रपत्र में ये देनी होगी जानकारी

गणना प्रपत्र पर मतदाता का वर्तमान इपिक नंबर, नाम, पता, मतदान केंद्र संबंधी जानकारी और क्यूआर कोड प्रिंट होगा। इसमें एक कॉलम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची के विवरण का होगा, जिसमें मतदाता को अपना नाम, 2003 की मतदाता सूची का इपिक नंबर, संबंधी का नाम, संबंधी, जिला, राज्य, विधानसभा की जानकारी देनी होगी।

दूसरे कॉलेज में उस संबंधी का नाम, इपिक नंबर, जिला, राज्य आदि की जानकारी देनी होगी, जिसके आधार पर आप अपना एसआईआर कराना चाहते हो। तीसरा कॉलम मतदाता का होगा, जिसमें अपनी जन्मतिथि, आधार नंबर वैकल्पिक, मोबाइल नंबर, पिता का नाम, पिता का इपिक नंबर, माता का नाम, माता का इपिक नंबर, पति या पत्नी का नाम व इपिक नंबर भी देना होगा। अपनी वर्तमान फोटो लगाकर हस्ताक्षर करके इसे बीएलओ के पास जमा कराना होगा। यह फॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका प्रिंट निकालकर भरकर जमा करा सकते हैं।

 

सऊदी में ईरान के हमले में भारतीय नागरिक की मौत?: अल खर्ज में हुआ था हताहत, दूतावास ने बताई सच्चाई; जानें सबकुछ

सऊदी अरब के अल-खर्ज में प्रोजेक्टाइल हमले के बाद रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि कोई भारतीय नागरिक मारा नहीं गया। घायल भारतीय का इलाज स्थानीय सरकारी अस्पताल में चल रहा है।

सऊदी अरब के अल-खर्ज शहर में रविवार को प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना के बाद भारतीय दूतावास ने सोमवार को स्पष्ट किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कोई भारतीय नागरिक मारा नहीं गया। दूतावास ने कहा कि वह संबंधित सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।

घायल भारतीय का इलाज चल रहा है
भारतीय मिशन के अनुसार, काउंसलर (CW) श्री वाई. साबिर ने रविवार की रात अल-खर्ज का दौरा किया और घटना में घायल हुए भारतीय नागरिक से मुलाकात की। वह वर्तमान में अल-खर्ज के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा “कल शाम अल-खर्ज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भारतीय नागरिक की मौत नहीं हुई, यह राहत की बात है।”

पहले की गलत सूचना
घटना के तुरंत बाद, सऊदी सिविल डिफेंस अधिकारियों ने बयान में कहा था कि प्रोजेक्टाइल हमले में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई। इसके अलावा 12 बांग्लादेशी निवासी घायल हुए और संपत्ति को भी नुकसान हुआ। सऊदी अधिकारियों ने यह भी कहा कि नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।

भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
दूतावास ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा सऊदी अरब में स्थित सभी भारतीय नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और स्थानीय प्रशासन तथा दूतावास द्वारा जारी सलाहों का पालन करें।

सऊदी की इमारत पर गिरा मिसाइल का धधकता मलबा
गौरतलब है कि रविवार को ईरान की ओर से सऊदी अरब की तरफ दागी गई मिसाइल को सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया। हालांकि, मिसाइल का धधकता मलबा सीधे अल-खर्ज शहर में एक बिल्डिंग पर गिर गया। घटना के तुरंत बाद आसपास की दीवारें हिल गईं और वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में कई लोग घायल हुए और कुछ की जान भी चली गई। घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अल-खर्ज का पूरा इलाका इस हादसे के बाद दहशत में है और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

 

नासिक, हरिद्वार और उज्जैन… प्रयागराज के बाद कब-कहां लगेंगे कुंभ मेले? जानिए सबकुछ

 News web media Uttarakhand : उत्तर  प्रदेश के प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेला 2025 संपन्न हो चुका है। 13 जनवरी से 26 फरवरी तक 45 दिनों तक चला महाकुंभ मेला कई मायनों में अद्भुत रहा है। साधु, संतों और संन्यासियों समेत देश-दुनिया की बड़ी हस्तियों ने पवित्र स्नान किया। गंगा-यमुना और सरस्वती के संगम पर 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।

कहां होगा अगला महाकुंभ?

प्रयागराज के बाद अगला महाकुंभ महाराष्ट्र के नासिक जिले में आयोजित होगा। 2027 में नासिक से लगभग 38 किमी दूर त्र्यंबकेश्वर में कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नासिक में 17 जुलाई से 17 अगस्त तक कुंभ मेला चलेगा।
महाराष्ट्र सरकार एक नए प्राधिकरण का गठन करेगी। यही प्राधिकरण महाकुंभ मेले का आयोजन देखेगा। नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला 2015-16 में आयोजित किया गया था। नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल किया जाता है।

इन चार स्थानों पर होता है कुंभ

भारत में चार शहरों में कुंभ मेले का आयोजन होता है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, उत्तराखंड के हरिद्वार, महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के उज्जैन में कुंभ होता है। हर तीन साल में इनमें से किसी भी स्थान पर एक कुंभ मेला पड़ता है। 12 साल में आयोजित होने वाला मेला पूर्ण कुंभ कहलाता है। छह साल में अर्ध कुंभ होता है। महाकुंभ 144 साल बाद होता है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 144 साल बाद पड़ा है।

ये हैं अगले कुंभ मेले

  • हरिद्वार में 2021 में लगा था पूर्ण कुंभ। अब 2033 में लगेगा अगला पूर्ण कुंभ।
  • नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला 2015-16 में आयोजित किया गया था। अब 2027 में आयोजित होगा।
  • उज्जैन में 2028 में कुंभ मेला लगेगा। यहां आखिरी कुंभ मेला 2016 में लगा था।

कहां-किस नदी के तट पर होता है महाकुंभ

नासिक कुंभ मेला गोदावरी नदी के तट पर आयोजित होता है। हरिद्वार में गंगा और उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे कुंभ मेला लगता है। प्रयागराज में गंगा-यमुना और अदृश्य नदी सरस्वती के संगम पर कुंभ का भव्य आयोजन किया जाता है। कुंभ मेले की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि करोड़ों श्रद्धालु बिना किसी निमंत्रण के इस भव्य एवं दिव्य मेले का हिस्सा बनते हैं।2027 में हरिद्वार में अर्ध कुंभ

2027 में उत्तराखंड के हरिद्वार में अर्ध कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा। उत्तराखंड की सरकार ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि 2027 में उत्तराखंड में कुंभ का आयोजन किया जाएगा। हम संतों, साधुओं और धार्मिक संगठनों के लोगों के साथ चर्चा करेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि कुंभ में सर्वोत्तम व्यवस्थाएं हों और लोगों को इसका लाभ मिले।

कुंभ मेला के अखाड़े

कुंभ मेलों में अखाड़ों का सबसे खास महत्व है। विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत विशाल जूलुस में अमृत स्नान करते हैं। अखाड़ों की भव्यता देखने देश-दुनिया से लोग आते हैं। बता दें कि अखाड़ों की स्थापना आदि शंकराचार्य ने किया था। इसके पीछे का उद्देश्य हिंदू धर्म की रक्षा करना था। पहले सिर्फ चार अखाड़े थे। मगर बाद में इनकी संख्या 13 हो गई। इनमें से सात अखाड़े भगवान शिव की आराधना करते हैं। बाद में किन्नर अखाड़ा की भी स्थापना हुई।

वैष्णव संप्रदाय के अखाड़े

  • निर्वाणी अनी अखाड़ा
  • निर्मोही अखाड़ा
  • दिगंबर अखाड़ा

शैव संन्यासी संप्रदाय के अखाड़े

  • जूना अखाड़ा
  • अग्नि अखाड़ा
  • आवाहन अखाड़ा
  • महानिर्वाणी अखाड़ा
  • निरंजनी अखाड़ा
  • आनंद अखाड़ा पंचायती
  • श्रीशंभू पंचायती अटल अखाड़ा

उदासीन संप्रदाय के अखाड़े

  • बड़ा उदासीन अखाड़ा
  • नया उदासीन अखाड़ा
  • निर्मल अखाड़ा

रेलवे ने चलाई 17 हजार से ज्यादा ट्रेनें

भारतीय रेलवे ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में कुल 17,152 ट्रेनें चलाईं। पिछले कुंभ की तुलना में यह संख्या चार गुना अधिक है। इसमें 7,667 विशेष और 9,485 नियमित ट्रेनें शामिल थीं। रेलवे के मुताबिक प्रयागराज के 9 रेलवे स्टेशनों पर 4.24 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। रेलवे ने ड्रोन और 1186 सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार अब दमकल की गाड़ियों से प्रदेश के सभी जिलों में महाकुंभ का जल पहुंचाएगी।

आंध्र-केरल के दो दिवसीय दौरे पर पीएम मोदी, 4000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की देंगे सौगात

News web media Uttarakhand : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय दौरे पर दक्षिण भारत की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे के क्रम में वह 16 और 17 जनवरी को आंध्र प्रदेश और केरल जाएंगे। इस दौरान वह कोचीन शिपयार्ड लि. (सीएसएल) में न्यू ड्राई डॉक और इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनके इस दौरे के बारे में जानकारी दी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, पीएम मंगलवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले के पलासमुद्रम में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं स्वापक अकादमी (एनएसीआईएन) के नए परिसर का उद्घाटन करेंगे। इसके अगले दिन यानी बुधवार को पीएम केरल पहुंचेगे। यहां वे गुरुवयूर और त्रिप्रयार रामास्वामी मंदिर में पूजा करेंगे।

पीएमओ ने यह भी बताया कि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री कोच्चि में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनओं में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसीएल) के एलपीजी आयात टर्मिनल का उद्घाटन भी शामिल है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीटेक दाखिलों के लिए 25 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन, नए शुरू किए 3 नए बीटेक कोर्स

News web media Uttarakhand : दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीटेक करने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए गुड न्यूज है. देश की सबसे नामी यूनिवर्सिटी में से एक दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स के हित में बड़ा फैसला लिया है. डीयू में बीटेक के 3 नए कोर्स की शुरुआत हो रही है. दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीटेक करने के इच्छुक स्टूडेंट्स में खुशी की लहर है.

अगर आप दिल्ली यूनिवर्सिटी के बीटेक कोर्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपको ऑफिशियल वेबसाइट engineered.uod.ac.in पर जाना होगा (12वीं के बाद डीयू इंजीनियरिंग कोर्स) डीयू ने 05 जुलाई 2023 से इस पोर्टल की शुरुआत कर दी है. इस पर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस भी शुरू किया जा चुका है.

सिर्फ इतने स्टूडेंट्स कर पाएंगे बीटेक
पिछले 2 सालों से दिल्ली विश्वविद्यालय में बीटेक कोर्स शुरू करने की चर्चा हो रही थी. अब फाइनली 3 बीटेक कोर्स पर मुहर लग गई है. हर बीटेक कोर्स में सिर्फ 120 सीटें हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय ने एकेडमिक सेशन 2023-24 बीटेक में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. दिल्ली यूनिवर्सिटी की ऑल इंडिया कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल)के जरिए बीटेक कोर्स में एडमिशन मिलेगा । वहीं, जिन अभ्यर्थियों की रैंक कम है और उन्हें एनआईटी और आईआईटी व आईआईआईटी में भी दाखिला नहीं मिल पा रहा है। ऐसे अभ्यर्थी दिल्ली यूनिवर्सिटी के नए शुरू हुए बीटेक प्रोग्राम में भी दाखिला ले सकते हैं। डीयू के बीटेक कोर्सेज में अभ्यर्थियों को जेईई मेन के स्कोर के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए जेईई मेन स्कोर के अलावा भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में कुल मिलाकर कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को विवि की तरफ से स्कॉलरशिप भी दी जाएगी।

शुरू होंगे ये नए कोर्स
1- बीटेक इन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
2- बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
3- बीटेक इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

गिरफ्तार हुई निर्दयी मां: सात साल की बेटी को कोयले से जलाया, पंखे पर लटकाया; 18 से ज्यादा ताजा चोट के निशान मिले

आरोपी मां को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस उसके पति आनंद कुमार की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस इस बात की जांच करने में लगी हुई है कि रेनू ने जब मासूम को गोद लिया था तो फिर उसके साथ दरिंदगी व बेरहमी से क्यों मारपीट करती थी ।

दिल्ली के आरके पुरम इलाके में 7 वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले में आरके पुरम थाना पुलिस को बीती रात बड़ी सफलता मिली है। आरके पुरम थाना पुलिस ने मासूम के साथ दरिंदगी करने वाली रेनू कुमारी व उसके पति आनंद कुमार को बीती रात रुड़की से पकड़ लिया। दोनों को दिल्ली ले आया गया है। पुलिस रेनू को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी।

दूसरी तरफ पुलिस उसके पति आनंद कुमार की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस इस बात की जांच करने में लगी हुई है कि रेनू ने जब मासूम को गोद लिया था तो फिर उसके साथ दरिंदगी व बेरहमी से क्यों मारपीट करती थी। आरके पुरम थाना पुलिस बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट करने के मामले में रेनू कुमारी के बेटे जॉनी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं।

गौरतलब है कि बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उसके शरीर पर 18 से ज्यादा चोटों के निशान हैं। यह वह चोट है जो अभी दिखाई दे रही हैं और ताजा हैं।  पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुरानी चोटों के भी काफी निशान बने हुए हैं।

हाथ बांधकर बच्ची को घंटों पंखे से लटकाया

सफदरजंग अस्पताल की आरोपी नर्स व बेटे ने सारी हदें पार करते हुए बच्ची को गर्म चिमटे से दागकर कोयलों से जलाया और गर्म पतीले पर बैठाकर यातनाएं दीं। इतना ही नहीं निजी अंगों को भी चोट पहुंचाई।
नर्स के बेटे ने बच्ची को कई घंटे पंखे से भी लटकाकर रखा। बिना कपड़ों के बच्ची को बालकनी में कड़ाके की सर्दी में बैठा दिया गया। बच्ची से जब दर्द सहन नहीं हुआ था तो उसने स्कूल में शिक्षिका को सारी बात बताई। इसके बाद आरके पुरम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी नर्स के बेटे जॉनी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरोपी नर्स फरार है।

दर्द की इंतहा हुई तो बच्ची ने टीचर को बताई सारी बात

दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी मनोज सी ने बताया कि बच्ची से दरिदंगी की शिकायत आरकेपुरम थाना पुलिस को नौ फरवरी को मिली थी। बच्ची के शरीर पर जलने व चोट के निशान थे। जांच में पता लगा कि आरोपी ने बच्ची को कुछ साल पहले गोद लिया था। बच्ची आरकेपुरम में एक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती है। जब बच्ची खड़े होने में दर्द से कराहने लगी तो शिक्षिका को सारी बात बताई। शिक्षिका ने इसकी जानकारी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) और पुलिस को दी।

छाती पर घूसे मारती थी मां, निजी अंगों पर भी पहुंचाए चोट

बच्ची ने शिकायत में कहा है कि मां ने उसकी जीभ को चाकू से काटा और हथेली को कोयले से जलाया है। मां डंडे और तार से मारती थी। चार्जर की तार से कई बार गला दबाने की कोशिश की गई। उसकी छाती पर घूसे भी मारती थी। जनवरी में निजी अंगों पर चाकू से चोट पहुंचाकर गर्म चूल्हे पर बैठा दिया गया। गर्मी के दिनों पर बिना कपड़ों के छत पर सुलाया और सर्दियों में बिना कपड़ों के बालकनी में लिटा दिया। वहीं, आरोपी महिला के बेटे जॉनी ने पंखे से कई घंटे लटकाए रखा। अश्लील हरकत भी की। कई बार बेल्ट से मारा गया। जब कामवाली नहीं आती थी तब बच्ची से सारा काम भी करवाया जाता था।

18 से ज्यादा ताजा चोट के निशान मिले

आरकेपुरम में दरिंदगी की शिकार सात वर्षीय मासूम के निजी अंगों समेत शरीर पर ताजा चोटों के 18 से ज्यादा निशान मिले हैं। पुलिस को मिली मेडिकल रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ है। रिपोर्ट से पता लगा है कि बच्ची के निजी अंगों पर काटने के निशान भी हैं। हालांकि, बच्ची के साथ शारीरिक छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है। बच्ची ने भाई जाॅनी पर छेड़छाड़ व अश्लील हरकत का आरोप लगाया था।

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट से बच्ची के शरीर पर ताजा चोटों के 18 से ज्यादा निशान मिले हैं। ये वे चोटें हैं जो दिख रही हैं। सभी चोटें बच्ची के शरीर पर पीठ, कमर के नीचे, हाथ और गर्दन आदि जगहों पर हैं। बच्ची के शरीर पर पुरानी चोटों के भी काफी निशान हैं। काफी जख्म तो ऐसे हैं जो भर गए हैं। डर की वजह से बच्ची काफी दिनों से यातनाएं सहन कर रही थी। जब दर्द उससे सहन नहीं हुआ तो उसने स्कूल शिक्षिका को ये बात बताई।

सोते हुए डर जाती है बच्ची, उठकर चिल्लाने लगती है

इसके बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्ची को 12 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के जरिए बच्ची ने नौ फरवरी को आरके पुरम थाना पुलिस को शिकायत दी थी। बयान नहीं होने से पुलिस ने 10 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी। बच्ची सीडब्ल्यूसी की निगरानी में बाल गृह में रह रही है। बताया जा रहा है कि सोते हुए बच्ची डर जाती है और उठकर चिल्लाने लगती है। पुलिस बच्ची पर पूरी निगरानी रख रही है।

Uttarakhand Cabinet: आज होने वाली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले हो सकते हैं,बजट सत्र की तारीख भी होगी तय

Uttarakhand Cabinet Meeting Today: विधानसभा के बजट सत्र के स्थान और तिथि पर निर्णय होने के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रस्ताव भी आ सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक होगी। बैठक में जोशीमठ भू-धंसाव के प्रभावितों के लिए पुनर्वास एवं विस्थापन नीति के प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। साथ ही राज्य में भूमि की नई सर्किल दरों के प्रस्ताव समेत विभिन्न विभागों के मुद्दे व विभागीय सेवा नियमावली के प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

बैठक में विधानसभा के बजट सत्र के स्थान और तिथि पर भी निर्णय हो सकता है। साथ ही राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रस्ताव भी आ सकता है। पिछली कैबिनेट बैठक में आंदोलनकारियों के आरक्षण के मुद्दे पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई गई थी। उपसमिति ने सरकार को अपनी रिपोर्ट दे दी है। कैबिनेट के समक्ष उपसमिति की सिफारिशें रखी जाएंगी। इसके आधार पर कैबिनेट निर्णय देगी।

कैबिनेट में परिवहन विभाग के सरकारी वाहनों की खरीद के प्रस्ताव और नई पर्यटन नीति का प्रस्ताव भी आ सकता है। यात्रा सीजन शुरू होने से पहले सरकार नीति लाना चाहती है ताकि उसके बारे में सभी हित धारकों को समय पर जानकारी हो सके। बैठक में अवस्थापना विकास एवं निवेश बोर्ड, विधायक विकास निधि में बढ़ोतरी, गृह, कार्मिक समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों से जुड़ी सेवा नियमावली व उनमें संशोधन के प्रस्ताव भी आ सकते हैं।

व्हाइट हाउस का खुलासा: सिर्फ विमान समझौते तक सीमित नहीं थी बाइडन-मोदी की चर्चा, जानें और किस मुद्दे पर हुई बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बातचीत की और इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (14 फरवरी) को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने अमेरिका-भारत रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी के महत्व पर चर्चा की। इसके अलावा आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने और अपनी साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग का विस्तार करने के लिए क्वाड जैसे समूहों में एक साथ काम करना जारी रखने के लिए प्रतिबद्धता जताई। एअर इंडिया और बोइंग सौदे को ऐतिहासिक और इसे परस्पर लाभकारी सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण करार दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने बोइंग और अन्य अमेरिकी कंपनियों को भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विस्तार करने और अवसरों का उपयोग करने के लिए भी आमंत्रित किया। दोनों नेताओं ने हाल ही में वाशिंगटन डीसी में क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (आईसीईटी) पर पहल की पहली बैठक का स्वागत किया और अंतरिक्ष, सेमी-कंडक्टर, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी भागीदारों के महत्व पर भी चर्चा की। और दोनों नेताओं ने अमेरिका-भारत संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे लिए आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए क्वाड जैसे समूहों में एक साथ काम करना जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रेस सचिव जीन-पियरे  के अनुसार, उन्होंने बोइंग से 200 से अधिक अमेरिकी निर्मित विमान खरीदने के लिए एयर इंडिया के ऐतिहासिक समझौते पर चर्चा की। जीन-पियरे ने कहा राष्ट्रपति बाइडन ने नोट किया कि कैसे बिक्री 44 राज्यों में 1 मिलियन से अधिक अमेरिकी नौकरियों का समर्थन करेगी और एयर इंडिया को भारत में हवाई परिवहन की बढ़ती मांगों को पूरा करने में मदद करेगी।

बोइंग-एयर इंडिया सौदे की घोषणा करते हुए बाइडेन ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर वह भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और गहरा करने की उम्मीद कर रहे हैं। व्हाइट हाउस की एक घोषणा के अनुसार, बोइंग और टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया एक समझौते पर पहुंच गए हैं, जिसके तहत एयरलाइन 190 B737 MAX, 20 B787, और 10 B777X को कुल 220 फर्म ऑर्डर के लिए खरीदेगी, जिसका मूल्य 34 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।

सौदे में अतिरिक्त 50 बोइंग 737 मैक्स और 20 बोइंग 787 के लिए ग्राहक विकल्प भी शामिल होंगे, सूची मूल्य पर कुल 45.9 बिलियन अमरीकी डालर के कुल 290 हवाई जहाज। एयर इंडिया का ऑर्डर बोइंग का डॉलर मूल्य में अब तक का तीसरा और विमानों की संख्या के मामले में दूसरा सबसे बड़ा ऑर्डर है।