Uttarakhand: बढ़ेगी विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन, मंत्री ने दिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

विभागीय मंत्री ने कहा, दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के लिए भी अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रदेश में विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन बढ़ेगी। समाज कल्याण मंत्री खजानदास के मुताबिक विधवा और दिव्यांग पेंशन को 1500 से बढ़ाकर 1875 रुपये किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बौना पेंशन व तीलू रौतेली पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने का प्रस्ताव है।

समाज कल्याण मंत्री ने विधान सभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा, दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के लिए भी अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह ध्यान रखा जाए कि जरूरतमंद लाभार्थी छात्रवृत्ति योजनाओं से वंचित न रहे।

उन्होंने विभाग की संचालित अनुदान योजनाओं समीक्षा करते हुए कहा, छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित सत्यापन के तरीके को और सुदृढ़ बनाया जाए। राजकीय औद्योगिक संस्थानों में नए ट्रेड शुरू किए जाएं और इनमें अनुभवी शिक्षकों, प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए।

मंत्री ने डॉ. बीआर अंबेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास की समीक्षा करते हुए कहा, अगले तीन महीने के भीतर बालिका इंटर कॉलेज मसूरी के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण कार्य पूरा करते हुए इसी साल सितंबर से इसका संचालन शुरू किया जाए। पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आय सीमा 4000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। अंतरजातीय विवाह में सामान्य जाति की विधवा एवं एससी-एसटी परिवारों को दिए जाने वाली शासकीय सहायता की समय सीमा वित्तीय वर्ष न रखते हुए 365 दिन (डेट टू डेट) की अवधि किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में विभागीय मंत्री ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत संचालित आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा में कहा, इस तरह की योजनाओं को विभाग बढ़ावा दे। जिससे जनकल्याण का प्रयास पूरा हो सके। मंत्री ने राष्ट्रीय वयो श्री योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किए जाने वाले मुफ्त सहायक उपकरणों जैसे छड़ी, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा आदि का प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। दिव्यांग कल्याण योजना के तहत कार्यों पर मंत्री ने निर्देश दिए कि 13 जिलों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक संदीप तिवारी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया आदि मौजूद रहे।

Dehradun–Delhi Expressway: सबसे अधिक चर्चा में रहा वन्यजीवों के दृष्टिगत बना अंडरपास, जानिए क्या है खूबियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारंभ किया। इस दौरान वन्यजीवों के दृष्टिगत बना अंडरपास फोकस में रहा।

213 किमी देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे तैयार हुआ है, इसमें सबसे अधिक चर्चा वन्यजीवों के दृष्टिगत बने अंडरपास को लेकर भी हुई। कैसे जैव विविधता का ख्याल रखते हुए विकास योजना तैयार की जा सकती है, इस परियोजना के जरिए संदेश भी दिया गया है।

राज्य में 70% से अधिक वन भूमि है। ऐसे में विकास योजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण होता है, साथ ही योजनाओं के लिए पेड़ भी कटते हैं, लेकिन एक्सप्रेस वे पर 12 किमी अंडरपास बनाया गया। इसके निर्माण से वन्यजीवों का आवागमन सुगम हुआ।

एलिवेटेड सड़क बनाने के लिए पेड़ कम कटें इसको लेकर योजना को नदी के तल के बीच में रखा गया। इससे 45 हजार की जगह केवल 11,160 वृक्ष ही कटे। ऐसे में राज्य में प्रकृति संरक्षण करते हुए विकास कार्य किया जा सकता है, उसका मॉडल पेश किया है। परियोजना में वन्यजीवों के लिए बने अंडरपास और उससे हो रहे आवागमन को लेकर काफी चर्चा हुई है।

 

योजना की खूबी

213 किमी एक्सप्रेस की लंबाई

93 अंडर पास का निर्माण हुआ है

9 बड़े और 43 छोटे पुल बनाए गए

10 वन्यजीव व अंडरपास बने

गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की योजना

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे को गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की भी योजना है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार गोरखपुर-शामली नया प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है। जिसमें इस एक्सप्रेस वे को शामली में जोड़ा जाएगा। इसके बाद लोगों को पूर्वांचल जाने का विकल्प मिल सकेगा। इसके अलावा दून- दिल्ली एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से भी जुड़ेगा। इसके लिए सहरानपुर बाईपास के पास 50 किमी लंबाई का स्पर(मार्ग) बन रहा है, इसका 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ऐसे में लोगों को हरिद्वार जाने के लिए भी एक और विकल्प मिल जाएगा।

PM Modi: नारी शक्ति वंदन बिल से पहले प्रधानमंत्री के स्वागत में महकेगा देहरादून, महिला कार्यकर्ताओं में उत्साह

नारी शक्ति वंदन बिल से पहले प्रधानमंत्री के स्वागत में देहरादून महकेगा। रैली में महिला पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का जलवा दिखेगा। संगठन ने जिम्मेदारी तय की है। संगठनात्मक जिलों को भीड़ जुटाने के लक्ष्य दिए गए है।

तेरे आने की जब खबर महके, तेरी खुशबू से सारा घर महके…जगजीत सिंह की इस गजल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून आगमन से जोड़कर देखें तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के संसद में आने से पहले भाजपा इसी अंदाज में उत्साहित नजर आ रही है। पीएम मोदी के स्वागत की खुशबू से पूरा शहर महकेगा।

लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र होगा। इससे ठीक पहले पीएम मोदी का देहरादून में रोड शो होने जा रहा है। प्रधानमंत्री अपने भाषण में भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र कर सकते हैं। इस नाते राज्य भाजपा संगठन खासा उत्साहित है। रैली में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संगठन ने अलग से योजना तैयार की है।

बृहस्पतिवार को तैयारियों के लिए भाजपा की बैठक हुई, जिसमें महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, रैली के संयोजक कुंदन परिहार व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। तय किया गया कि सभी महिला पदाधिकारियों को रैली के लिए महिलाओं की एक-एक गाड़ी लानी होगी। इसकी जिम्मेदारी महिला मोर्चा को सौंपी गई है, जो कि अपने स्तर से तैयारी में जुट गया है।

देहरादून की हर विधानसभा से 6000 लोग लाने होंगे

बैठक में तय किया गया कि देहरादून महानगर को हर विधानसभा से छह-छह हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटानी है। देहरादून ग्रामीण को 10 हजार, ऋषिकेश को 10 हजार का लक्ष्य दिया गया है। देहरादून नगर निगम के सभी पार्षदों को पार्टी ने 500-500 की भीड़ जुटाने का लक्ष्य दिया है। संगठन ने 12 किमी के रोड शो की जिम्मेदारी कैंट विधानसभा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को सौंपी है। ये रोड शो के दौरान पीएम मोदी पर पुष्प वर्षा करेंगे। यह भी तय किया गया कि कार्यक्रम स्थल पर सिख व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

 

उत्तराखंड: सौगात व स्वागत के बीच सफलता का मंत्र देकर जाएंगे पीएम मोदी, भाजपा के लिए हैट्रिक आसान बनाना मकसद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  14 अप्रैल को उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। सौगात व स्वागत के बीच प्रधानमंत्री सफलता का मंत्र देकर जाएंगे। 30 हजार भाजपा कार्यकर्ता फूलों से उनका स्वागत करेंगे।

उत्तराखंड में लगातार तीसरी सरकार का रिकॉर्ड कायम बनाने के लिए भाजपा की तैयारियां नए मुकाम की ओर बढ़ रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनावी माहौल को यहां जो ऊंचाईयां दी हैं, उन्हें बुलंदी तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सफलता का मंत्र देकर जाएंगे। भाजपा ने उनके स्वागत की भव्य तैयारी की है।

पीएम मोदी की 14 अप्रैल को हेलिकॉप्टर से गणेशपुर स्थित हेलीपैड़ पर पहुंचेंगे। वहां से एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से होते हुए उनका काफिला डाटकाली मंदिर तक पहुंचेगा। वह उत्तराखंड को यहां इस एक्सप्रेस वे समेत करोड़ों की सौगात की सौगात देंगे तो भाजपा संगठन ने भी उनके स्वागत की बड़ी तैयारी की है।

डाटकाली मंदिर से लेकर कैंट स्थित मंहिद्रा ग्राउंड तक भाजपा के 30,000 कार्यकर्ता सड़क के दोनों ओर पीएम मोदी पर पुष्पवर्षा कर स्वागत करेंगे। इसके लिए देहरादून, सहारनपुर, हरिद्वार व अन्य क्षेत्रों से कई टन गुलाब की पंखुड़ियों का इंतजाम किया गया है।

 

भाजपा के लिए हैट्रिक बनाना आसान हो
दावा है कि पीएम मोदी की रैली में भी 30,000 से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। भाजपा ने पांच संगठनात्मक जिलों देहरादून ग्रामीण, देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की के अलावा टिहरी के नरेंद्रनगर व उत्तरकाशी से भी कार्यकर्ताओं की टीमें रैली के लिए लगाए हैं। पीएम मोदी रैली के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बातचीत भी करेंगे। मकसद होगा कि चुनावी माहौल को नई बुलंदियों तक पहुंचाएं, जिससे भाजपा के लिए हैट्रिक बनाना आसान हो। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को पीएम मोदी की रैली की तैयारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। इसमें संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पीएम मोदी की रैली का कार्यक्रम भव्य होगा। उन्होंने बताया कि सीएम धामी की अध्यक्षता में बैठक होगी। वहीं, पीएम पर पुष्पवर्षा की जाएगी। वह शहर में डाटकाली मंदिर से गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड तक कार से पहुंचेंगे। बताया कि इस दौरान वह दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।

Dehradun: कैबिनेट विस्तार के बाद अब दायित्व बंटने शुरू, 14 वरिष्ठ नेताओं को दी गई जिम्मेदारी; आदेश जारी

सीएम पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को शुभकामनाएं दी हैं।

धामी सरकार ने कैबिनेट विस्तार के बाद अब नेताओं को दायित्व बांटने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में 14 लोगों को नियुक्त कर दिया गया है। गृह एवं गोपन सचिव शैलेश बगौली की ओर से इस बाबत आदेश जारी किए गए।

देहरादून से कुलदीप सुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद में अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि नैनीताल से ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, चंपावत से हरिप्रिया जोशी को राज्य महिला आयोग में, टिहरी से विनोद सुयाल को राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद में, चंपावत से मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद में स्थान दिया गया है।

देहरादून से चारु कोठारी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद में.चमोली से प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग में, टिहरी से खेमसिंह चौहान को ओबीसी आयोग कल्याण परिषद में, टिहरी से ही सोना सजवाण को जड़ी बूटी सलाहकार समिति में, अल्मोड़ा से गोविंद पिलखवात को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषाद में, देहरादून से बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग, काशीपुर की सीमा चौहान को मत्स्य विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को शुभकामनाएं दी हैं।

“अब उत्तराखंड को भी मिले अपना NLU”: जनता का आंदोलन हुआ तेज

उत्तराखंड में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) की स्थापना की लंबे समय से चली आ रही मांग अब एक मजबूत जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। राज्य में NLU के अभाव के कारण कानून के इच्छुक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है।
आज इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, देहरादून स्थित Law Prep Tutorial द्वारा उत्तराखंड में NLU की स्थापना की मांग को लेकर एक याचिका हेतु हस्ताक्षर अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अभियान में कानून के छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की, जिससे इस मांग के प्रति व्यापक समर्थन देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान Law Prep Tutorial, देहरादून के निदेशक एस. एन. उपाध्याय ने आंदोलन की रूपरेखा को संबंधित अधिकारियों और प्रतिभागियों के सामने विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वयं भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करते हुए छात्रों और क्षेत्रीय समुदाय की मांगों का पूर्ण समर्थन किया।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप चौहान तथा लिस्काबाद के ग्राम प्रधान अनिल कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य में NLU की स्थापना के समर्थन में अपनी मजबूत सहमति व्यक्त की। यह वही स्थान है जहां पहले से NLU का प्रस्ताव रखा जा चुका है और इसकी आधारशिला पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा रखी गई थी।
विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने उत्तराखंड में NLU स्थापित होने के कई महत्वपूर्ण लाभों को रेखांकित किया:
राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली विधि शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी।
आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
क्षेत्र में विधिक जागरूकता और संस्थागत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय छात्रों को राज्य आरक्षण नीति का लाभ मिलेगा, जिससे उनके प्रवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता कम होगी।
छात्रों ने जोर देकर कहा कि NLU की स्थापना से स्थानीय प्रतिभा को सशक्त बनाया जा सकेगा और उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर विधि शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
लगातार बढ़ती जनभागीदारी और इस तरह के संगठित प्रयासों के चलते यह मांग अब और मजबूत होती जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर कितनी शीघ्रता से प्रतिक्रिया देती है और उत्तराखंड के पहले NLU की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाती है।

SIR: उत्तराखंड के 90 हजार मतदाताओं को लेना होगा बड़ा फैसला, दो जगह वोट होने पर बढ़ेगी मुसीबत

एसआईआर शुरू होने से पहले निर्वाचन कार्यालय ने सभी सर्विस मतदाताओं से राज्य के भीतर या सर्विस में से कोई एक वोट चुनने और दूसरे को हटवाने की अपील की है।

उत्तराखंड के करीब 90 हजार मतदाताओं को चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने से पहले ही अहम फैसला लेना होगा। उन्हें बतौर सर्विस मतदाता या अपने गांव की वोटर लिस्ट में से कोई एक चुनना होगा। वहीं, सामान्य मतदाता, जिनके वोट शहरों के साथ ही गांव की मतदाता सूची में भी हैं, उन्हें भी कोई एक वोट कटवाना होगा।

प्रदेश में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से फिलहाल प्री एसआईआर गतिविधियों के तहत मतदाताओं की मैपिंग का काम किया जा रहा है। एक जनवरी 2025 को जारी हुई मतदाताओं की जानकारी के हिसाब से प्रदेश में 89,812 सर्विस मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 87,103 पुरुष और 2709 महिला मतदाता थे। ये ऐसे मतदाता हैं जो कि सेना या अर्द्ध सैनिक बलों में सेवाएं दे रहे हैं। इन सभी की सर्विस के दौरान ही बतौर सर्विस मतदाता वोट बने हुए हैं।

अब एसआईआर शुरू होने से पहले निर्वाचन कार्यालय ने इन सभी सर्विस मतदाताओं से राज्य के भीतर या सर्विस में से कोई एक वोट चुनने और दूसरे को हटवाने की अपील की है। अगर कोई सर्विस मतदाता बनकर गांव या शहर का अपना वोट हटवाना चाहता तो उसे चुनाव आयोग की वेबसाइट http://voters.eci.gov.inमें फॉर्म-7 भरना होगा।

अगर कोई गांव-शहर में अपना वोट चाहता है और सर्विस मतदाता की सूची से नाम हटाना चाहता है तो उसे सर्विस वोटर पोर्टलhttp://svp.eci.gov.in के माध्यम से अपना सर्विस वोट हटवाना होगा। जनवरी में जारी हुई मतदाता सूची के हिसाब से प्रदेश में कुल 84,29,459 मतदाता हैं, जिनमें 43,64,667 पुरुष मतदाता, 40,64,488 महिला मतदाता और 304 थर्ड जेंडर शामिल हैं।

प्रधान चुनाव, निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट अलग
कई मतदाताओं को ये भी कंफ्यूजन है कि गांव से नाम कटने पर वह प्रधान या नगर पालिका चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, एसआईआर का काम केवल चुनाव आयोग की मतदाता सूची के लिए हो रहा है, जिससे लोकसभा या विधानसभा के चुनाव में वोट डाला जाता है। पंचायत या नगर निकायों के चुनाव की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग संभालता है, जिसकी वोटर लिस्ट अलग बनती है। उसका इससे कोई लेना देना नहीं है।

दो जगह वोट होने पर फंस सकते हैं कानूनी पचड़े में
अगर आपका वोट दो जगह होगा तो आप कानूनी पचड़े में भी फंस सकते हैं। लिहाजा, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि गांव या शहर में से किसी एक ही मतदाता सूची मे अपना नाम रखें। किसी एक जगह से हटवा लें। एसआईआर के दौरान पकड़ में आने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें सजा का भी प्रावधान है।

जितने भी सर्विस मतदाता हैं, वह किसी एक जगह ही अपना वोट सुनिश्चित कर लें। नियम के हिसाब से किसी का भी वोट दो जगह नहीं हो सकता है। हटवाने के बाद जरूरत पड़ने पर नए सिरे से कभी भी वोट बनवाया जा सकता है।
-डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड

Uttarakhand News: प्रदेश में रिजॉर्ट की तर्ज पर बनेंगे नेचुरोपैथी अस्पताल, वेलनेस टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

Uttarakhand: प्रदेश में रिजॉर्ट की तर्ज पर बनेंगे नेचुरोपैथी अस्पताल, वेलनेस टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा,जमीन चिह्नित

– चंपावत, पिथौरागढ़ में जमीन चिह्नित, बागेश्वर जिले में चल रही प्रक्रिया

– आयुष विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव

प्रदेश के वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पहली बार नेचुरोपैथी अस्पताल (प्राकृतिक चिकित्सा) खोलने की तैयारी है। ये अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर बनाए जाएंगे। जहां पर बिना दवाइयों के प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज किया जाएगा। आयुष विभाग ने चंपावत व पिथौरागढ़ जिले में जमीन चयनित कर ली है। जबकि बागेश्वर में जमीन तलाशी जा रही है।

उत्तराखंड में आयुष व वेलनेस से पर्यटन को जोड़ने के लिए पहले चरण में प्रदेश के तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने की तैयारी की रही है। पिथौरागढ़ के बलवा कोट व चंपावत के कोली ढेक में जमीन का चयन किया गया। इसके अलावा बागेश्वर जिले में जमीन चयनित करने की प्रक्रिया चल रही है। आयुष विभाग की ओर से नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बना रहा है। जल्द ही केंद्र सरकार को वित्तीय सहायता के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। आयुष मिशन के तहत केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए वित्तीय सहायता देगी

दवाइयों की जगह प्राकृतिक तरीके से होगा इलाज

नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में जड़ी-बूटियों, आहार, व्यायाम, मालिश, जल चिकित्सा, योग और एक्यूपंक्चर का उपयोग किया जाता है। इस पद्धति से बीमारी के मूल कारण को ठीक करना व समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है न कि सिर्फ लक्षणों का इलाज करना है। नेचुरोपैथी में आहार और पोषण, जल चिकित्सा, मृदा चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, योग और व्यायाम चिकित्सा, जड़ी-बूटी, एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर, मालिश चिकित्सा, उपवास, मन शरीर चिकित्सा की सुविधा रहेगी।

आयुष ग्राम योजना को केंद्र सरकार ने किया बंद

केंद्र सरकार ने बीते वर्ष आयुष मिशन के तहत आयुष ग्राम योजना को शुरू किया था। इस योजना के तहत उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में एक-एक आयुष ग्राम बनाए जाने थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने आयुष ग्राम योजना बंद कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना कि आयुष ग्राम की जगह केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने के लिए वित्तीय सहायता देगी। इसके लिए विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

पहले चरण में तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ये अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर स्थापित होंगे। जहां पर प्राकृतिक चिकित्सा के साथ ठहरने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे प्रदेश में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। -दीपेंद्र चौधरी, सचिव आयुष

Uttarakhand: हरक सिंह के बयान पर गुरुद्वारा पहुंच हरीश रावत ने मांगी माफी, बोले-मुंह की फिसलन पड़ जाती भारी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि पूर्व मंत्री हरक सिंह से हुई गलती के लिए गुरुद्वारे में जाकर जूता सेवा की। उन्होंने कहा कि मुंह की फिसलन कभी-कभी बहुत भारी पड़ जाती है।

कांग्रेस नेता हरक सिंह के बयान के बाद सिख समाज में रोष है तो वहीं कांग्रेस भी अपने आप को असहज महसूस कर रही है। सोमवार को कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आढ़त बाजार गुरुद्वारे में पहुंचे और अरदास की। साथ ही उन्होंने जोड़ा सेवा (संगत के जूते रखने का स्थान) भी की। उन्होंने कहा कि जो गलती हुई है हम सिख समुदाय से उसकी माफी मांगते हैं।

सोमवार की शाम पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आढ़त बाजार स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा पहुंचे। यहां उन्होंने अरदास के साथ ही लंगर सेवा कर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय भारत का एक गौरवशाली, उदार समाज है, ऐसे समाज की सपने में भी अपमान की कल्पना नहीं की सकती।

 

CLAT 2026 : छात्र बोले– पेपर संतुलित, पर लॉजिकल रीजनिंग ने रोका गति

क्लैट-2026 में शामिल छात्रों ने पेपर को संतुलित लेकिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण बताया। शहर में इस परीक्षा के लिए उत्तरांचल विश्वविद्यालय एकमात्र परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहाँ कुल 772 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।

छात्रों का कहना था कि अंग्रेज़ी और सामान्य ज्ञान (GK) वाला सेक्शन अपेक्षाकृत सरल रहा, जबकि लीगल और लॉजिकल रीजनिंग ने सोचने पर मजबूर किया। छात्रों ने बताया कि इस बार लॉजिकल रीजनिंग सेक्शन में क्रिकेट की बजाय एनालिटिकल रीजनिंग के अधिक सवाल आए, जो उनके लिए नया अनुभव रहा। वहीं, क्वांटिटेटिव सेक्शन को मध्यम स्तर का बताया गया।
कई छात्रों का मानना था कि प्रश्नपत्र सभी सेक्शन में संतुलित चुनौती देता नजर आया।…