Rajya Sabha Election: राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव की तारीखों का एलान, इन 10 राज्यों में खाली हुई सीटें

सियासी लिहाज से इन चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्यसभा में दलों की संख्या भविष्य में विधेयकों के पारित होने और राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकती है। ऐसे में विभिन्न दलों ने उम्मीदवारों के चयन और समर्थन जुटाने की तैयारियां तेज कर दी हैं।

10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जानकारी दी गई है कि 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर 18 जून 2026 को चुनाव कराया जाएगा. चुनाव आयोग की घोषणा के बाद संबंधित राज्यों में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं।

जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर मतदान कराया जाएगा।

किस राज्य की कितनी सीटों पर होना है राज्यसभा चुनाव?
चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यसभा से 21 जून से 19 जुलाई तक अलग-अलग तारीखों पर 10 राज्यों के वर्तमान सांसद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर होंगे।

राज्यसभा से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवोगौड़ा जैसे प्रमुख नेता सेवानिवृत्त होंगे।। राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, नीरज डांगी और रवनीत सिंह की सीटें भी खाली होने जा रही हैं। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।

चुनाव आयोग ने जारी किए विशेष निर्देश
चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराया गया बैंगनी रंग का विशेष स्केच पेन ही इस्तेमाल किया जाएगा। किसी अन्य पेन के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी।

 

देश की महिलाओं के नाम PM मोदी का खुला पत्र: 2029 तक महिला आरक्षण की बात फिर दोहराई, कहा- लोकतंत्र होगा मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश की महिलाओं के नाम खुला पत्र लिखा। एक बार फिर उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता प्रकट की है। पीएम मोदी ने अपने पत्र में और किन बातों को रेखांकित किया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम एक खुला पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा, अगर 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ होते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। पीएम ने देश की महिलाओं को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसलिए संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ना बहुत जरूरी है।

केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल से संसद की तीन दिनों की विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि इस काम में अब और देरी करना भारत की महिलाओं के साथ अन्याय होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की बेटियां अपने हक के लिए अब और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकतीं। उनके अनुसार, जब सदन में महिलाओं की आवाज बुलंद होगी, तो लोकतंत्र भी मजबूत होगा।

2029 में लागू करने की आवश्यकता
संसद ने सितंबर 2023 में महिला आरक्षण कानून पास किया था। इसमें महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का नियम है। पुराने नियमों के हिसाब से यह आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसका कारण यह था कि आरक्षण को जनगणना और सीटों के नए सिरे से निर्धारण (परिसीमन) की प्रक्रिया से जोड़ा गया था। अब सरकार नियमों में संशोधन कर रही है ताकि इसे 2029 के चुनाव से ही लागू किया जा सके।

महिला आरक्षण अधिनियम 
इन बदलावों के पास होने के बाद लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी। इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए देश की करोड़ों महिलाओं से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने महिलाओं से एक खास अपील भी की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने क्षेत्र के सांसदों को पत्र लिखें। वे सांसदों को इस ऐतिहासिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी यह पत्र साझा किया है।

 

UK High Court: आईपीएस अफसरों के डेपुटेशन पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की।

आईजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन और नीरू गर्ग को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीआईजी पद पर जबरन भेजने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य और केंद्र सरकार से एक दिन में शपथपत्र देने के लिए कहा है।

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की। कोर्ट ने एक दिन में राज्य व केंद्र सरकार से जवाब और उसके एक दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं को प्रतिशपथपत्र देने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तराखंड के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को बगैर उनके आवेदन के और अनिच्छा जाहिर किए जाने के बावजूद वर्तमान से नीचे के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। आईजी स्तर की अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीआईजी पद पर जबकि आईजी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डीआईजी के पद पर तैनात किया गया था।

अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया था। वे आईजी के पद पर हैं और उन्हें जबरन नीचे के डीआईजी पद पर भेजा जा रहा है। यह भी कहा कि हाल ही में उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पांच वर्ष के लिए डिबार करते हुए इस पर रोक भी लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने ही पहल करते हुए 16 फरवरी 2026 को इनके नाम गृह मंत्रालय को भेज दिए और केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर उनकी तैनाती तय कर दी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि यदि अधिकारियों को इस निर्णय पर आपत्ति थी तो उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अभिकरण (कैट) में जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि डेपुटेशन पर भेजने का प्रस्ताव राज्य सरकार का ही है, इसलिए सुनवाई हाईकोर्ट में की जानी चाहिए। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने मामले में सरकार से जवाब मांगा था।

WB Election: पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सीईसी ज्ञानेश कुमार, बैठकों का दौर जारी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग का दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पश्चिम बंगाल पहुंचा है। दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की तैयारी, लॉजिस्टिक और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों व राजनीतिक दलों के साथ बैठकें की जा रही हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में चुनाव आयोग का एक दल पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर पहुंचा है। इस दौरे के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर रहे हैं।

बैठकों का मुख्य उद्देश्य और एजेंडा

इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य राज्य में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए की जा रही तैयारियों का गहन मूल्यांकन करना है। बैठकों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है:

    • सुरक्षा व्यवस्था: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती और राज्य पुलिस के साथ उनके समन्वय की समीक्षा।
    • मतदान केंद्रों की व्यवस्था: मतदान केंद्रों की भौतिक स्थिति, वहां आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और सुरक्षा का आकलन।
  • लॉजिस्टिक व्यवस्था: चुनाव सामग्री का वितरण, मतदान कर्मियों की तैनाती और अन्य लॉजिस्टिक पहलुओं की योजना।
  • मतदाता सूची की समीक्षा: मतदाता सूची में कथित तौर पर की गई अनियमितताओं और विसंगतियों से संबंधित विवादों पर भी चर्चा।
  • राजनीतिक दलों से संवाद: सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में चुनावों को एक या दो चरणों में कराने और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के सुझाव दिए गए।

विवाद और चिंताएं

चुनाव आयोग के दौरे के साथ ही, विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद मतदाता सूची में कथित तौर पर की गई मनमानी कटौतियों को लेकर विवाद भी गरमाया हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है, जिससे राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

चुनाव आयोग का तीन दिवसीय दौरा

यह बैठकें चुनाव आयोग की पश्चिम बंगाल की तीन दिवसीय यात्रा का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में चुनाव की तैयारियों का समग्र जायजा लेना है। आयोग ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग का आश्वासन दिया था।

 

यूपीएससी रिजल्ट upsc.gov.in पर जारी, अनुज अग्निहोत्री ने किया टॉप, राजेश्वरी को मिली दूसरी रैंक

यूपीएससी 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा परिणाम से जुड़े सभी अपडेट्स सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. इस साल अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. यूपीएससी रिजल्ट http://upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2025 में टॉप किया है, जबकि राजेश्वरी सुवे एम सेकंड आई हैं. यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.inपर रिजल्ट सेक्शन में जाकर CTRL+F के जरिए पीडीएफ में अपना नाम चेक करना होगा.
भारतीय लोकतंत्र के सबसे कठिन इम्तिहान का यह आखिरी पड़ाव है. यूपीएससी आमतौर पर इंटरव्यू खत्म होने के 4 से 6 दिनों के भीतर रिजल्ट जारी करने का ट्रेंड रखता है. इस साल यूपीएससी इंटरव्यू 27 फरवरी को खत्म हुए हैं. इस साल भी संघ लोक सेवा आयोग ने उसी हिसाब से सरकारी रिजल्ट जारी कर दिया है.

यूपीएससी सीएसई 2025 टॉपर लिस्ट
यूपीएससी सीएसई टॉपर लिस्ट 2025 लाइव: संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सीएसई 2025 रिजल्ट के साथ ही टॉपर लिस्ट भी जारी कर दी है. जानिए यूपीएससी के टॉप 10 टॉपर्स कौन हैं:

अनुज अग्निहोत्री
राजेश्वरी सुवे एम
अकांश ढुल
राघव झुंझुनवाला
ईशान भटनागर
जिन्निया ऑरोरा
ए आर राजा मोहिदीन
पक्षल सेक्रेटरी
आस्था जैन
उज्ज्वल प्रियंक

यूपीएससी रिजल्ट कैसे चेक करें?
यूपीएससी रिजल्ट 2025 लाइव: नीचे लिखे स्टेप्स के जरिए यूपीएससी रिजल्ट चेक कर सकते हैं-

संघ लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.in पर जाएं.
होमपेज पर दिए गए What’s New सेक्शन में Final Result: Civil Services Examination, 2025 लिंक पर क्लिक करें.
एक PDF फाइल खुलेगी. उसमें सफल उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर रैंक के अनुसार दिए गए हैं.
लिस्ट में अपना नाम जल्दी ढूंढने के लिए Ctrl + F दबाकर अपना रोल नंबर या नाम सर्च करें.
फ्यूचर रेफरेंस के लिए PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.

कंसोलिडेटेड रिजर्व लिस्ट में 258 अभ्यर्थी
यूपीएससी रिजर्व लिस्ट 2025 लाइव: सिविल सर्विस एग्जामिनेशन रूल्स 2025 के नियम 20 (4) और (5) के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग ने 258 कैंडिडेट्स को कंसोलिडेटेड रिजर्व लिस्ट में रखा है.

जनरल – 129
ईडब्ल्यूएस- 26
ओबीसी – 86
एससी – 08
एसटी – 06
PwDB-1 – 01
PwDB-2 – 02
कुल – 258

 

Weather: दिल्ली-यूपी में आज से करवट लेगा मौसम, पंजाब समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट; चलेंगी तेज हवाएं

मौसम विभाग ने कहा है कि आज कई राज्यों में बारिश का अलर्ट है। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश में भी आज से मौसम करवट ले लेगा और तेज हवाएं चलेंगी। कल से दिल्ली एनसीआर में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

पहले कड़ाके की ठंड और फिर दिन के तापमान में बढ़ोतरी के बाद अब मौसम विभाग का कहना है कि आज से कई राज्यों में मौसम करवट लेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है और कुछ राज्यों में तेज हवाएं चलेंगी और बिजली गरज सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने जताए ये अनुमान

    • आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में 22 जनवरी की देर शाम या रात को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बारिश की शुरुआत होने के संकेत हैं। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 23 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश होने की संभावना है। 24 जनवरी को बारिश में कमी आने के बाद 25 जनवरी को मौसम शुष्क हो जाने की संभावना है
    • राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जम्मू कश्मीर लद्दाख में 22 और 23 जनवरी को बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में कल बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में आज और कल 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
    • उत्तर पश्चिमी भारत में दिन के तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि अगले दो दिनों तक इसमें बारिश और खराब मौसम के चलते गिरावट आ सकती है और दो दिनों को बाद फिर से बढ़ोतरी जारी रहेगी। महाराष्ट्र में भी तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
    • पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 23 जनवरी तक कोहरा और धुंध का माहौल रहेगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों और बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ जगहों पर कोहरा छाया रहेगा।
    • मौसम विभाग ने 23 जनवरी को उत्तराखंड में बारिश व बर्फबारी होने की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर शासन ने सभी कार्यदायी एजेंसियों को एलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।
    • राजस्थान में गुरुवार को 6 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बारिश का यह सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक के बाद एक नए सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं। इसी कड़ी में अगले सप्ताह एक और सिस्टम प्रभावी होगा, जिससे 26 से 28 जनवरी के बीच मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा।

चिंताजनक: हवा में बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड छीन रहा फसलों का पोषण, भविष्य में पौष्टिक भोजन भी बन सकता है बेअसर

हवा में बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड गेहूं, धान और दालों से प्रोटीन, आयरन व जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्व कम कर रही है। वैज्ञानिकों ने इसे भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी बताया है।

जलवायु परिवर्तन का असर अब सिर्फ मौसम और तापमान तक सीमित नहीं रहा। हवा में लगातार बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) अब हमारी थाली तक पहुंच चुका है। नीदरलैंड की लीडन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के नए अध्ययन से चेतावनी मिली है कि वातावरण में बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड गेहूं, धान, चना जैसी प्रमुख फसलों से प्रोटीन, जिंक और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व छीन रहा है। यदि यही रफ्तार जारी रही, तो भविष्य में स्वस्थ भोजन भी शरीर की पोषण जरूरतें पूरी करने में नाकाम हो सकता है।

यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल ग्लोबल चेंज बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। यह शोध भारत सहित 15 देशों में सीओ2 के बढ़ते स्तर और पौधों पर उसके प्रभाव से जुड़े पहले से उपलब्ध अध्ययनों के व्यापक विश्लेषण पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने अलग-अलग प्रयोगों से जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर गेहूं, धान, चना, आलू, टमाटर जैसी 43 फसलों का विश्लेषण किया और उनमें मौजूद 32 पोषक तत्वों पर सीओ2 के असर को मापा। सीओ2 जितना बढ़ेगा, पोषण उतना घटेगा। अध्ययन में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि सीओ2 का असर सीधा और अनुपातिक है।

जहरीले तत्वों का बढ़ता खतरा
शोध में इस बात के भी संकेत मिले हैं कि सीओ2 के बढ़ते स्तर के कारण फसलों में सीसा (लेड) जैसे जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ सकती है। लंबे समय तक ऐसे तत्वों का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए।

धान-गेहूं पर क्यों है सबसे बड़ा संकट
दुनिया की बड़ी आबादी, खासकर एशिया और अफ्रीका के देशों में, रोजमर्रा के भोजन के लिए धान और गेहूं पर निर्भर है। अध्ययन के अनुसार सीओ2 बढ़ने पर इन दोनों फसलों में पोषण सबसे तेजी से गिर सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि सबसे ज्यादा असर उन्हीं लोगों पर पड़ेगा, जिनकी थाली पहले से सीमित है और जो पहले ही कुपोषण के खतरे से जूझ रहे हैं।

 

यूपी: आज राष्ट्र को समर्पित होंगी अटल बिहारी वाजपेयी सहित ये तीन प्रतिमाएं, 2022 से चल रहा निर्माण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करेंगे। इसके बनने की शुरुआत 2022 से शुरू हुई थी।

बसंतकुंज योजना में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। पीएम यहां पर लगी तीन विभूतियों अटल बिहारी वापजेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीन दयाल उपाध्याय की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण भी करेंगे। इन विभूतियों के संस्मरणों को संजोने के लिए बने म्यूजियम का लोकार्पण भी होगा।

इस आयोजन में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री करीब दो बजे आयोजन स्थल पर हेलीकाॅप्टर से पहुंचेंगे। लोकार्पण के लिए आयोजन स्थल के साथ पूरे शहर को सजाया व संवारा गया है। आयोजन स्थल को भव्य बनाने के लिए कई प्रदेशों से बेहतरीन फूल वाले पौधे मंगाए गए हैं।
पूरे शहर में डिवाइडरों को साफ कर रंगा गया है। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर स्ट्रीट लाइट के पोल पर रंगीन लाइट वाली झालरें लगाई गई हैं। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कराई गई है। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोजन में आसपास के कई जिलों से करीब 2000 बसें आ रही हैं। इनकी पार्किंग के खास इंतजाम किए गए हैं। कुल 13 पार्किंग बनाई गई हैं। इनमें 2600 बसें और 2000 कारें खड़ी हो सकेंगी। व्यवस्था बनी रहे इसके लिए अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
प्रेरणा स्थल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 एकड़ में फैला है और इसके निर्माण पर 232 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने पूरा किया है।
तीनों विभूतियों की प्रतिमाओं के निर्माण पर 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

पहले प्रतिमाओं को होगा अनावरण

बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगा गुब्बारे छोड़े जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम को लोकार्पण करेंगे। वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों को देखेंगे। पहली गैलरी में डिजिटल सिस्टम के जरिये राष्ट्र नायकों का संक्षिप्त जीवन परिचय दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बनाए गए भारत माता, जनसंघ के प्रतीक चिह्न दीपक और सुदर्शन चक्र गैलरी में जाएंगे। राष्ट्र नायकों जुड़ी हुई वस्तुओं को देखने के लिए प्रथम तल पर बनी गैलरी में भी जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करेंगे।

बदला रहेगा पूरे शहर का यातायात

25 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने राजधानी आ रहे हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन जारी किया है। 24 दिसंबर की रात 12 बजे से बृहस्पतिवार को कार्यक्रम की समाप्ति तक यातायात बदला रहेगा। इमरजेंसी की स्थिति में प्रतिबंधित मार्ग पर एंबुलेंस, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन को रास्ता दिया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।

आंतरिक डायवर्जन
मलीहाबाद चौराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर भारी या अन्य वाहन नहीं जा सकेंगे। इन्हें जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जाना होगा।
मुंजासा तिराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जा सकेंगे।
बाजनगर किसान पथ अंडरपास से छंदोईया बाईपास तिराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ होकर जाएंगे।
कसमंडी (हमसफर लॉन) अंडरपास से अंधे की चौकी तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें किसानपथ होकर जाना होगा।
छंदोईया बाईपास तिराहे से कार्यक्रम स्थल, भिठौली तिराहे की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन अंधे की चौकी तिराहे, बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ या दुबग्गा तिराहे होकर जाएंगे।
तिकोनिया तिराहे से दुबग्गा तिराहे, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ भारी वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन नहर तिराहे मोहान रोड, खुशहालगंज बाजार होते हुए खुशहालगंज किसान पथ अंडरपास से किसानपथ होकर जाएंगे।
भिठौली तिराहे से कार्यक्रम स्थल, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें सैरपुर तिराहे, अस्ति क्राॅसिंग, बख्शी का तालाब होकर इंदौराबाग अंडरपास से किसान पथ या इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से होकर जाना होगा।
नया पक्कापुल तिराहे, कुड़ियाघाट तिराहे से कार्यक्रम स्थल, घैला तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें रूमी गेट, कोनेश्वर चौराहे, बालागंज चौराहे, दुबग्गा तिराहे से होकर जाना होगा।
दुबग्गा तिराहे से वाहन छंदोईया या सीतापुर बाईपास की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें तिकोनिया तिराहे से होकर जाना होगा।
नहरपुल तिराहे से वाहन बुद्धेश्वर की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें जीरो पॉइंट या किसान पथ के ऊपर से होकर जाना होगा।

कुछ ऐसा रहेगा बाहर से आने वाले वाहनों का डायवर्जन

कानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन अंबेडकरनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ समेत अन्य जिलों की ओर जाने के लिए कानपुर, फतेहपुर, लालगंज, बछरांवा, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
उन्नाव की तरफ से आने वाले भारी वाहन उन्नाव के दही चौकी से पुरवा, मौरावां, बछरावां, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे। इसके अलावा उन्नाव (ललऊखेड़ा) से बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरावां से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर भी जा सकेंगे।
सीतापुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन चाहलारी होते हुए बहराईच से गोंडा व बलरामपुर होकर जा सकेंगे।
हरदोई की तरफ से आने वाले भारी वाहन बघौली, बांगरमऊ, उन्नाव (ललऊखेड़ा), बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरांवा से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे।
सुल्तानुपर रोड / हैदरगढ़ (जनपद बाराबंकी) की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
रायबरेली रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन बछरावां से हैदरगढ़ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाएंगे।
बाराबंकी रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ, बछरावां, लालगंज, फतेहपुर, चौडगरा होकर जा सकेंगे। इसके अलावा बाराबंकी रोड से बहराईच के चहलारी घाट से सीतापुर होकर भी जा सकते हैं।

चप्पे-चप्पे पर रहेगी की पुलिस की नजर

 प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। जेसीपी एलओ बबलू कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल व उसके आसपास के पूरे इलाके पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। हर जगह चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा के लिए 18 पुलिस उपायुक्त, 26 अपर पुलिस उपायुक्त, 80 सहायक पुलिस आयुक्त, 189 इंस्पेक्टर, 1367 दरोगा, 214 महिला दरोगा, 4312 सिपाही, 997 महिला सिपाही, 18 कंपनी पीएसी, 4 कंपनी आरएएफ, 8 बम निरोधक दस्ता, एनएसजी की दो टीमें, एटीएस की एक टीम, एंटी ड्रोन की दो टीमें, एक एंटी माइन टीम, 14 एंटी सबोटाज टीम तैनात की गई है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की जा रही है। क्विक रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। पुलिस की चार टीमों को रिजर्व में रखा गया है।

India-Russia Summit: पुतिन आज भारत आएंगे, परमाणु ऊर्जा सहयोग पर होगा बड़ा करार; कल पीएम मोदी से शिखर वार्ता

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिनों के भारत दौरे पर आज पहुंचेंगे। पीएम मोदी के साथ शुक्रवार को शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग, नागरिक परमाणु ऊर्जा, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और आर्थिक साझेदारी पर बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बृहस्पतिवार यानी आज भारत के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान शुक्रवार को राष्ट्रपति पुतिन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की शिखर वार्ता होगी। पुतिन के दौरे से ठीक पहले रूस की कैबिनेट ने भारत के साथ नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए अहम समझौते (एमओयू) को मंजूरी दे दी है।

इस एमओयू पर राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए जाएंगे। सूत्रों ने बताया, दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता में रक्षा संबंध मजबूत करने, द्विपक्षीय व्यापार को बाहरी दबाव से बचाने और छोटे परमाणु रिएक्टरों के मामले में सहयोग के मुद्दे उठेंगे।

रूसी मीडिया के अनुसार, तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कई रिएक्टर बना रही रूस की परमाणु कंपनी रोसटॉम को भारत की संबंधित एजेंसियों के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दी गई है। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि रोसटॉम के सीईओ अलेक्सी लिगाचेव दिल्ली में शिखर वार्ता में कई नए प्रस्ताव पेश करेंगे। इनमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) बनाने संबंधी सहयोग भी शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी देंगे निजी भोज
राष्ट्रपति पुतिन के पहुंचने के कुछ घंटे बाद प्रधानमंत्री मोदी उनके लिए निजी भोज देंगे। अमेरिका से लगातार बिगड़ते रिश्तों के बीच भारत, रूस के साथ अपने द्विपक्षीय रणनीतिक व आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

अर्थव्यवस्था में सहयोग समझौते पर होंगे हस्ताक्षर
रूसी समाचार एजेंसी तास ने क्रेमलिन के अधिकारी यूरी उशाकोव के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा के दौरान भारत-रूस के बीच 2030 तक अर्थव्यवस्था में रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों के विकास के लिए कार्यक्रम पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

रक्षा मंत्रियों की मुलाकात में एस-500 पर होगी बात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व उनके रूसी समकक्ष आंद्रे बेलौसोव के बीच बृहस्पतिवार को वार्ता में रूस से एस-400 मिसाइल प्रणालियों की खरीद, सुखोई-30 विमानों के उन्नयन, ब्रह्मोस के उन्नत संस्करण पर काम करने पर चर्चा होगी। दोनों के बीच एस-500 पर भी बात हो सकती है। बेलौसोव पुतिन के साथ आ रहे हैं।

 

PM Modi: ‘यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए’, संसद के शीत सत्र से पहले पीएम मोदी का विपक्ष को संदेश

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को कड़ा संदेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि ड्रामा करने के लिए बहुत सी जगहें होती हैं, जिसको करना है करते रहें, लेकिन यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारों के लिए भी पूरा देश पड़ा है। जितने नारे बुलवाने हों, पूरा देश पड़ा है। आइए जानते है पीएम मोदी ने और क्या-क्या कहा?

संसद के शीतकालीन सत्र की आज यानी एक दिसंबर से शुरुआत हो रही है। इससे पहले प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष को भी कड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि ये शीतकालीन सत्र सिर्फ प्रथा नहीं है। ये देश को प्रगति की ओर तेज गति से ले जाने के जो प्रयास चल रहे हैं, उसमें ऊर्जा भरने का काम यह शीतकालीन सत्र करेगा, ऐसा मेरा विश्वास है। भारत ने लोकतंत्र को जिया है, लोकतंत्र के उमंग और उत्साह को समय समय पर ऐसे प्रकट किया है कि लोकतंत्र के प्रति विश्वास और मजबूत होता रहता है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि लंबे समय से मेरी सबसे बड़ी चिंता रही है कि जो सदन में जो पहली बार चुनकर आए हैं या जो छोटी आयु के हैं, वैसे सभी दलों के सभी सांसद बहुत परेशान हैं, बहुत दुखी हैं। उन्हें अपने सामर्थ्य का परिचय कराने का अवसर नहीं मिल रहा है। अपने क्षेत्र की समस्या बताने का अवसर नहीं मिल रहा है।

पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि राष्ट्र की विकास यात्रा में वे अपने कुछ विचार बताना चाह रहे हैं, उस पर भी रोक लगा दी जा रही है। कोई भी दल हो, हमें अपने नई पीढ़ी के सांसदों को अवसर देने चाहिए। हमें उन्हें अवसर देना चाहिए। उनके अनुभवों का सदन को लाभ मिलना चाहिए। मेरा आग्रह रहेगा कि हम इन चीजों को गंभीरता से लें।

सदन में ड्रामा नहीं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को संदेश देते हुए सख्त अंदाज में कहा कि ड्रामा करने के लिए बहुत सी जगहें होती हैं, जिसको करना है करते रहें, लेकिन यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारों के लिए भी पूरा देश पड़ा है। जितने नारे बुलवाने हों, पूरा देश पड़ा है। जहां पराजित होकर आए हो, वहां बोल चुके हो, जहां पराजित होने के लिए जाने वाले हो वहां भी बोल लीजिए। लेकिन यहां तो नारे नहीं, नीति पर बल देना चाहिए। वो आपकी नीयत होनी चाहिए।

इस दौरान पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हो सकता है राजनीति में नकारात्मकता कुछ काम आती होगी, लेकिन देश निर्माण के लिए सकारात्मक सोच भी होनी चाहिए। नकारात्मकता को अपनी मर्यादा में रखकर देश निर्माण पर ध्यान दें, ऐसी मेरी अपेक्षा रहेगी।

जीएसटी रिफॉर्म्स पर भी बोले पीएम
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे नए सभापति आज से उच्च सदन का मार्गदर्शन करेंगे, मैं उन्हें शुभकामना देता हूं। जीएसटी रिफॉर्म्स यानी नेक्स्ट जेन रिफॉर्म्स ने देशवासियों के प्रति श्रद्धा का वातावरण पैदा किया है। उस दिशा में बहुत सारे काम होने वाले हैं। पिछले कुछ समय से हमारे सदन को या तो चुनावों की वॉर्मिंग अप के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, या पराजय की बौखलाहट को निकालने के लिए प्रयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ प्रदेश ऐसे हैं कि वहां वर्षों सत्ता में रहने के बाद इतनी एंटी-इन्कंबेंसी है कि वहां वे अपनी बातें बताने जा नहीं पा रहे। वहां लोगों के बीच जा नहीं पा रहे। इसलिए सारा गुस्सा यहां सदन में आकर निकालते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सदन को अपने उस राज्य की राजनीति के लिए इस्तेमाल करने की एक नई परंपरा को कुछ दलों ने जन्म दिया है। उन्हें एक बार चिंतन करना चाहिए कि 10 साल से ये खेल खेल रहे हैं, देश स्वीकार नहीं कर रहा है उनको। तो अपनी रणनीति थोड़ा बदलें।

पीएम ने कहा कि मैं टिप्स देने के लिए तैयार हूं, उनको कैसे परफॉर्म करना चाहिए। लेकिन कम से कम सांसदों के हक पर रोक मत लगाइए। सांसदों को अभिव्यक्ति का अवसर दीजिए। अपनी निराशा और पराजय में सांसदों की बलि मत चढ़ाइए।