SIR: उत्तराखंड के 90 हजार मतदाताओं को लेना होगा बड़ा फैसला, दो जगह वोट होने पर बढ़ेगी मुसीबत

एसआईआर शुरू होने से पहले निर्वाचन कार्यालय ने सभी सर्विस मतदाताओं से राज्य के भीतर या सर्विस में से कोई एक वोट चुनने और दूसरे को हटवाने की अपील की है।

उत्तराखंड के करीब 90 हजार मतदाताओं को चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने से पहले ही अहम फैसला लेना होगा। उन्हें बतौर सर्विस मतदाता या अपने गांव की वोटर लिस्ट में से कोई एक चुनना होगा। वहीं, सामान्य मतदाता, जिनके वोट शहरों के साथ ही गांव की मतदाता सूची में भी हैं, उन्हें भी कोई एक वोट कटवाना होगा।

प्रदेश में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से फिलहाल प्री एसआईआर गतिविधियों के तहत मतदाताओं की मैपिंग का काम किया जा रहा है। एक जनवरी 2025 को जारी हुई मतदाताओं की जानकारी के हिसाब से प्रदेश में 89,812 सर्विस मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 87,103 पुरुष और 2709 महिला मतदाता थे। ये ऐसे मतदाता हैं जो कि सेना या अर्द्ध सैनिक बलों में सेवाएं दे रहे हैं। इन सभी की सर्विस के दौरान ही बतौर सर्विस मतदाता वोट बने हुए हैं।

अब एसआईआर शुरू होने से पहले निर्वाचन कार्यालय ने इन सभी सर्विस मतदाताओं से राज्य के भीतर या सर्विस में से कोई एक वोट चुनने और दूसरे को हटवाने की अपील की है। अगर कोई सर्विस मतदाता बनकर गांव या शहर का अपना वोट हटवाना चाहता तो उसे चुनाव आयोग की वेबसाइट http://voters.eci.gov.inमें फॉर्म-7 भरना होगा।

अगर कोई गांव-शहर में अपना वोट चाहता है और सर्विस मतदाता की सूची से नाम हटाना चाहता है तो उसे सर्विस वोटर पोर्टलhttp://svp.eci.gov.in के माध्यम से अपना सर्विस वोट हटवाना होगा। जनवरी में जारी हुई मतदाता सूची के हिसाब से प्रदेश में कुल 84,29,459 मतदाता हैं, जिनमें 43,64,667 पुरुष मतदाता, 40,64,488 महिला मतदाता और 304 थर्ड जेंडर शामिल हैं।

प्रधान चुनाव, निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट अलग
कई मतदाताओं को ये भी कंफ्यूजन है कि गांव से नाम कटने पर वह प्रधान या नगर पालिका चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, एसआईआर का काम केवल चुनाव आयोग की मतदाता सूची के लिए हो रहा है, जिससे लोकसभा या विधानसभा के चुनाव में वोट डाला जाता है। पंचायत या नगर निकायों के चुनाव की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग संभालता है, जिसकी वोटर लिस्ट अलग बनती है। उसका इससे कोई लेना देना नहीं है।

दो जगह वोट होने पर फंस सकते हैं कानूनी पचड़े में
अगर आपका वोट दो जगह होगा तो आप कानूनी पचड़े में भी फंस सकते हैं। लिहाजा, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि गांव या शहर में से किसी एक ही मतदाता सूची मे अपना नाम रखें। किसी एक जगह से हटवा लें। एसआईआर के दौरान पकड़ में आने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें सजा का भी प्रावधान है।

जितने भी सर्विस मतदाता हैं, वह किसी एक जगह ही अपना वोट सुनिश्चित कर लें। नियम के हिसाब से किसी का भी वोट दो जगह नहीं हो सकता है। हटवाने के बाद जरूरत पड़ने पर नए सिरे से कभी भी वोट बनवाया जा सकता है।
-डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड

Uttarakhand News: प्रदेश में रिजॉर्ट की तर्ज पर बनेंगे नेचुरोपैथी अस्पताल, वेलनेस टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

Uttarakhand: प्रदेश में रिजॉर्ट की तर्ज पर बनेंगे नेचुरोपैथी अस्पताल, वेलनेस टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा,जमीन चिह्नित

– चंपावत, पिथौरागढ़ में जमीन चिह्नित, बागेश्वर जिले में चल रही प्रक्रिया

– आयुष विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव

प्रदेश के वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पहली बार नेचुरोपैथी अस्पताल (प्राकृतिक चिकित्सा) खोलने की तैयारी है। ये अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर बनाए जाएंगे। जहां पर बिना दवाइयों के प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज किया जाएगा। आयुष विभाग ने चंपावत व पिथौरागढ़ जिले में जमीन चयनित कर ली है। जबकि बागेश्वर में जमीन तलाशी जा रही है।

उत्तराखंड में आयुष व वेलनेस से पर्यटन को जोड़ने के लिए पहले चरण में प्रदेश के तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने की तैयारी की रही है। पिथौरागढ़ के बलवा कोट व चंपावत के कोली ढेक में जमीन का चयन किया गया। इसके अलावा बागेश्वर जिले में जमीन चयनित करने की प्रक्रिया चल रही है। आयुष विभाग की ओर से नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बना रहा है। जल्द ही केंद्र सरकार को वित्तीय सहायता के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। आयुष मिशन के तहत केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए वित्तीय सहायता देगी

दवाइयों की जगह प्राकृतिक तरीके से होगा इलाज

नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में जड़ी-बूटियों, आहार, व्यायाम, मालिश, जल चिकित्सा, योग और एक्यूपंक्चर का उपयोग किया जाता है। इस पद्धति से बीमारी के मूल कारण को ठीक करना व समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है न कि सिर्फ लक्षणों का इलाज करना है। नेचुरोपैथी में आहार और पोषण, जल चिकित्सा, मृदा चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, योग और व्यायाम चिकित्सा, जड़ी-बूटी, एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर, मालिश चिकित्सा, उपवास, मन शरीर चिकित्सा की सुविधा रहेगी।

आयुष ग्राम योजना को केंद्र सरकार ने किया बंद

केंद्र सरकार ने बीते वर्ष आयुष मिशन के तहत आयुष ग्राम योजना को शुरू किया था। इस योजना के तहत उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में एक-एक आयुष ग्राम बनाए जाने थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने आयुष ग्राम योजना बंद कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना कि आयुष ग्राम की जगह केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने के लिए वित्तीय सहायता देगी। इसके लिए विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

पहले चरण में तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ये अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर स्थापित होंगे। जहां पर प्राकृतिक चिकित्सा के साथ ठहरने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे प्रदेश में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। -दीपेंद्र चौधरी, सचिव आयुष

Uttarakhand: हरक सिंह के बयान पर गुरुद्वारा पहुंच हरीश रावत ने मांगी माफी, बोले-मुंह की फिसलन पड़ जाती भारी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि पूर्व मंत्री हरक सिंह से हुई गलती के लिए गुरुद्वारे में जाकर जूता सेवा की। उन्होंने कहा कि मुंह की फिसलन कभी-कभी बहुत भारी पड़ जाती है।

कांग्रेस नेता हरक सिंह के बयान के बाद सिख समाज में रोष है तो वहीं कांग्रेस भी अपने आप को असहज महसूस कर रही है। सोमवार को कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आढ़त बाजार गुरुद्वारे में पहुंचे और अरदास की। साथ ही उन्होंने जोड़ा सेवा (संगत के जूते रखने का स्थान) भी की। उन्होंने कहा कि जो गलती हुई है हम सिख समुदाय से उसकी माफी मांगते हैं।

सोमवार की शाम पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आढ़त बाजार स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा पहुंचे। यहां उन्होंने अरदास के साथ ही लंगर सेवा कर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय भारत का एक गौरवशाली, उदार समाज है, ऐसे समाज की सपने में भी अपमान की कल्पना नहीं की सकती।

 

CLAT 2026 : छात्र बोले– पेपर संतुलित, पर लॉजिकल रीजनिंग ने रोका गति

क्लैट-2026 में शामिल छात्रों ने पेपर को संतुलित लेकिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण बताया। शहर में इस परीक्षा के लिए उत्तरांचल विश्वविद्यालय एकमात्र परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहाँ कुल 772 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।

छात्रों का कहना था कि अंग्रेज़ी और सामान्य ज्ञान (GK) वाला सेक्शन अपेक्षाकृत सरल रहा, जबकि लीगल और लॉजिकल रीजनिंग ने सोचने पर मजबूर किया। छात्रों ने बताया कि इस बार लॉजिकल रीजनिंग सेक्शन में क्रिकेट की बजाय एनालिटिकल रीजनिंग के अधिक सवाल आए, जो उनके लिए नया अनुभव रहा। वहीं, क्वांटिटेटिव सेक्शन को मध्यम स्तर का बताया गया।
कई छात्रों का मानना था कि प्रश्नपत्र सभी सेक्शन में संतुलित चुनौती देता नजर आया।…

Dehradun: साइबर अपराध के लिए युवाओं को अवैध रूप से म्यांमार भेजने वाले 3 एजेंट गिरफ्तार, रैकेट की पड़ताल जारी

एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार किए गए ये लोग बागेश्वर, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिलों के नौ पीड़ितों से पूछताछ के दौरान सामने आए हैं, जिन्हें हाल ही में म्यांमार से वापस लाया गया था।

उत्तराखंड एसटीएफ ने रविवार को खुलासा किया कि साइबर अपराध कराने के लिए थाईलैंड के रास्ते लोगों को धोखाधड़ी से म्यांमार ले जाने में कथित रूप से शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार किए गए ये लोग बागेश्वर, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिलों के नौ पीड़ितों से पूछताछ के दौरान सामने आए हैं, जिन्हें हाल ही में म्यांमार से वापस लाया गया था।

एसटीएफ ने बताया कि म्यांमार के म्यावाड्डी शहर के केके पार्क में अवैध रूप से रह रहे उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों के कई भारतीय युवकों को वापस लाया गया है। उत्तराखंड के इन नौ युवकों को दिल्ली से यहां लाया गया और उनके परिवारों को सौंप दिया गया।

एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि भारतीय एजेंटों ने एक संगठित योजना के तहत इन युवकों से कथित तौर पर बड़ी रकम की ठगी की, उन्हें थाई वीजा का इस्तेमाल करके विदेश भेजा और फिर म्यावाड्डी के केके पार्क में अवैध रूप से घुसपैठ कराई।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि भारतीय एजेंट पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से या टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संपर्क करते थे और पैसे ऐंठने के बाद उन्हें बैंकॉक भेज देते थे। एसटीएफ के सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा ने बताया कि अब तक उधमसिंह नगर जिले के जसपुर निवासी सुनील कुमार, उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी नीरव चौधरी और प्रदीप को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

Dehradun: फिर खराब हुई दून की हवा, पीएम 2.5 का स्तर खतरनाक, मौसम वैज्ञानिकों ने बताई इसके पीछे की वजह

दून की हवा जहरीली हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी बुलेटिन में दून का एक्यूआई 106 रहा। इसमें प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण पीएम 2.5 का बढ़ा हुआ स्तर माना गया

शुद्ध आबोहवा के लिए पहचाने जाने वाले देहरादून में फिर वायु प्रदूषण बढ़ गया है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 पार पहुंच गया है। इससे आबोहवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। निजी वेबसाइटों में तो ये आंकड़ा 171 तक पहुंच गया है। पीएम 2.5 का स्तर लगातार बढ़ने के कारण दून की हवा जहरीली हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश न होने और कोहरा छाने से हवा की गुणवत्ता बिगड़ी है। खासकर पटेलनगर, घंटाघर, आईएसबीटी, हरिद्वार रोड और जीएमएस रोड पर हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। निजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून में पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों में ही प्रदूषण कणों की मात्रा बढ़ी हुई है, जिससे एक्यूआई स्तर ऊपर गया है।

एक्यूवेदर डॉट कॉम में दून का एक्यूआई 171 दर्ज किया गया
पीएम 2.5 का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर ये मानक से तीन गुना तक अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं की कमी और वायुमंडलीय स्थिरता प्रदूषण कणों को नीचे सतह पर फंसा रही है, जिससे हवा आराम से साफ नहीं हो पा रही।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी बुलेटिन में दून का एक्यूआई 106 रहा। इसमें प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण पीएम 2.5 का बढ़ा हुआ स्तर माना गया। वायु प्रदूषण की निगरानी करने वाली निजी वेबसाइटों की बात करें तो एक्यूवेदर डॉट कॉम में दून का एक्यूआई 171 दर्ज किया गया। इसमें पीएम 2.5 का स्तर बहुत खराब माना गया

आईक्यू एयर डॉट कॉम में दून का औसत एक्यूआई 128 रहा। वहीं, एक्यूआई डॉट इन में एक्यूआई 135 दर्शाया गया। बता दें कि जीरो से पचास तक एक्यूआई का स्तर बहुत अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक संतोषजनक रहता है। 101 से 200 तक खराब श्रेणी में माना जाता है।

उत्तराखंड में अगले छह माह तक हड़ताल पर रोक, पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लिया फैसला

देहरादून में इन दिनों उपनल कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके चलते तमाम सरकारी विभागों में व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। उपनल कर्मचारियों की हड़ताल और अन्य विभागों में काम छोड़ो या संभावित हड़तालों पर रोक लगाने लिए अगले छह माह तक हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया गया है।

उत्तराखंड में अगले छह माह तक राज्याधीन सेवाओं में हड़ताल पर शासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में कार्मिक सचिव शैलेश बगौली ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि यह फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उत्तराखंड में राज्य कर्मचारियों और विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह आदेश जारी किया गया है। जिसके बाद अब कर्मचारी अगले छह माह तक हड़ताल नहीं कर पाएंगे।

कार्मिक सचिव शैलेश बगौली की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, लोकहित को ध्यान में रखते हुए अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (जो उत्तराखण्ड राज्य में लागू है) की धारा 3(1) के तहत यह निर्णय लिया गया है। आदेश जारी होने की तारीख से आगामी छह महीनों तक राज्याधीन सेवाओं में किसी भी तरह की हड़ताल पूरी तरह निषिद्ध रहेगी।

शासन का मानना है कि सरकारी तंत्र की निरंतरता और जनसेवा की बाधारहित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है, क्योंकि हाल के दिनों में कई विभागों में हड़ताल एवं आंदोलन की स्थितियां बनी थीं, जिनसे सरकारी कार्य प्रभावित हो सकता था।

उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय उन सभी सेवाओं पर लागू होगा जो राज्याधीन हैं। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी भी इस निर्णय के तहत आएंगे। बता दें कि उपनल कर्मचारियों के पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिसके चलते सरकारी अस्पतालों सहित कई सरकारी विभागों में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।

राज्य के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में संविदा एवं आउटसोर्सिंग कार्मिक उपनल के जरिए तैनात किए गए हैं। शासन के इस निर्णय के बाद अब उपनल कर्मचारियों की संभावित हड़तालों या काम छोड़ो आंदोलनों पर भी प्रभावी रोक लगेगी। वहीं, इस निर्णय को जारी करने को लेकर शासन का तर्क है कि प्रदेश में विकास योजनाओं, कुंभ 2027 की तैयारियों, डिजिटल प्रशासन और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे कई कार्य चल रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की हड़ताल से जनता को गंभीर परेशानी हो सकती है, इसीलिए सरकार द्वारा अधिनियम के तहत जारी यह प्रतिबंध अगले छह महीनों तक लागू रहेगा। इस अवधि में हड़ताल करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

Dehradun: सेलाकुई में फूड सप्लीमेंट निर्माता कंपनी पर जीएसटी का छापा, पांच करोड़ की चोरी का खुलासा

टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डाटा, ई-वे बिल, सामान खरीद व बिक्री से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। प्रारंभिक जांच में कंपनी के सामान खरीद व बिक्री के रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया।

राज्य कर विभाग की विशेष अन्वेषण शाखा (एसटीएफ) ने सेलाकुई में फूड सप्लीमेंट निर्माता कंपनी पर छापा मार कर पांच करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान कंपनी ने 1.75 करोड़ की टैक्स राशि जमा कराई।

राज्य कर आयुक्त सोनिका के निर्देश पर आयुक्त पीएस डुंगरियाल व अपर आयुक्त गढ़वाल अजय कुमार ने टैक्स चोरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीम गठित की। शुक्रवार को विभागीय टीम ने सेलाकुई स्थित फूड सप्लीमेंट निर्माता कंपनी के कार्यालय व गोदाम में छापा मारा।

टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डाटा, ई-वे बिल, सामान खरीद व बिक्री से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। प्रारंभिक जांच में कंपनी के सामान खरीद व बिक्री के रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया। इसके अलावा ई-वे बिल में जिन वाहनों का नंबर दर्शाया गया, वह किसी भी टोल से नहीं गुजरे थे।

जांच अधिकारी राज्य कर विभाग के उपायुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि कंपनी ने गलती स्वीकार करते हुए मौके पर 1.75 करोड़ का टैक्स जमा कराया है। कंपनी से जब्त दस्तोवजों की गहन जांच की जा रही है। कार्रवाई में टीआर चन्याल, अलीशा बिष्ट, असद अहमद, कंचन थापा व अनुराग पाठक भी शामिल रहे।

सुखोई लड़ाकू विमान की देहरादून एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन से तेल रिसने पर पायलट ने दिखाई समझदारी

सोमवार सुबह सुखोई लड़ाकू विमान ने बरेली से उड़ान भरी थी। तकनीकी खराबी के कारण इसे देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा।

 देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर सोमवार को एक सुखोई लड़ाकू विमान को तकनीकी खराबी के कारण आपातकाल में उतारना पड़ा। इस फाइटर जेट ने सुबह बरेली से उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है की उड़ान के दौरान विमान के एक इंजन से तेल का रिसाव शुरू हो गया था। इसके बाद पायलट ने समझदारी दिखाते हुए जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर इस लैंड करवा दिया।

एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि विमान को तकनीकी खराबी के कारण उतारा गया है। मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस खराबी के कारण, विमान को तुरंत जमीन पर उतारना आवश्यक हो गया था ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए आपातकालीन प्रक्रियाओं को सक्रिय किया।

2018 में सुखोई विमानों का हुआ था अभ्‍यास

इससे पहले अप्रैल 2018 में, सुखोई विमानों ने देहरादून एयरपोर्ट पर कुछ दिनों तक अभ्यास करते हुए उड़ान भरी थी। यह अभ्यास भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं का एक हिस्सा था और इसने स्थानीय लोगों के बीच काफी उत्सुकता पैदा की थी।

बरेली से पहुंची इंजीनियरों की टीम

इस विमान को टर्मिनल से कुछ दूर वीआईपी गेस्‍ट हाउस के सामने सुरक्षित स्‍थान पर खड़ा किया गया है। बरेली से इंजीनियरों की टीम देहरादून एयरपोर्ट पहुंच गई है। विमान की तकनीकी खामी दूर करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।

उत्तराखंड रजत जयंती: पुलिस लाइन में रैतिक परेड का आयोजन, राज्यपाल ने किया निरीक्षण, सीएम धामी ने की कई घोषणाएं

सीएम धामी ने कहा कि हमारे प्रदेश के उन सभी जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस के जवानों कर्मचारी शिक्षकों और नागरिकों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजंत जयंती के अवसर पर आज देहरादून पुलिस लाइन मं रैतिक परेड का आयोजन किया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने परेड का निरीक्षण किया।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, आस्था सेवा और उत्तरदायित्व का प्रतीक बने। हम संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में अपने राज्य को आदर्श के शिखर पर पहुंचाएंगे।

सीएम पुष्कर सिंह धामी राज्य आंदोलनकारियों को याद किया। ने कहा कि हमारे प्रदेश के उन सभी जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस के जवानों कर्मचारी शिक्षकों और नागरिकों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैं आज के इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले पुलिस वालों, एनसीसी कैडेट्स होमगार्ड स्काउट गाइड और सभी सांस्कृतिक दलों को भी साधुवाद देता हूं जिन्होंने परेड के माध्यम से अपनी शानदार प्रस्तुति और अनुशासन का परिचय दिया है। राज्य निर्माण के इन 25 वर्षों की यात्रा में हमारे राज्य ने अनेक चुनौतियों का और समस्याओं का सामना करते हुए आज देश के सशक्त राज्य के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हमें समय-समय पर कई प्राकृतिक आपदाओं और कठिन परिस्थितियों से भी जूझना पड़ा है

हमारे राज्य में चार धाम यात्रा कावड़ यात्रा कुंभ मेले जैसे भव्य आयोजनों के साथ ही राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी दबाव रहता है, यही नहीं हमारी विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों में राज्य की कानून व्यवस्था को बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती रही है लेकिन इन सभी कठिनाइयों के बीच उत्तराखंड पुलिस ने राज्य किया राज्य की आत्मा की प्रहरी और एक मुंह सड़क की भांति प्रत्येक मूर्ति पर डटे रहकर जन सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्षों से ढकी सीमाओं से लेकर मैदानी क्षेत्र तक तीर्थ यात्राओं की भीड़ से लेकर आपदाओं की विकट परिस्थितियों तक उत्तराखंड पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि सेवा परमो धर्म उनके आदर्श वाक्य मात्रा नहीं है बल्कि उनके जीवन का अटल संकल्प है साथियों यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि हमारी पुलिस ने महिला अपराधों के निराकरण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता हासिल की है शादी गृह मंत्रालय द्वारा जारी महिला अपराध एवं पक्ष अधिनियम के मामलों के निस्तारण में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर रहा है। यही नहीं नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत विकास के लक्षण को हासिल करने के इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है इसके साथ ही जहां हमारे चार गांव जल हरसिल गंजी और सूफी को देशभर में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है।

युवा तकनीक की भाषा समझे: राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह: उत्तराखंड पुलिस ने आधुनिक पुलिस बल के रूप में विशेष पहचान स्थापित की है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैयार किए हैं, जिससे दक्षता और बल बढ़ा है। सामुदायिक पुलिसिंग कर विशेष बल देकर जनता से सहयोग का सेतु तैयार किया है। 25 वर्षों का काल खंड , राज्य चार धाम से बढ़कर वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन वेडिंग डेस्टिनेशन योग आयुर्वेद कई दिशाओं में आगे बढ़ रहा है। जल जंगल और पहाड़ के संरक्षण में मातृ शक्ति का उल्लेखनीय योगदान रहा है। राज्य के विकास की धूरी हैं, स्वयं सहायता समूह से लेकर खेल रक्षा विज्ञान खेल आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है।

आज एआई के युग में हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड का युवा तकनीक की भाषा समझें। इसी दिशा से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। स्वदेशी के मंत्र के देश की प्रगति होगी, हमें वह सामान लेना चाहिए जो स्वदेशी हो, इस साल पीएम मोदी का सान्निध्य प्राप्त होना गर्व है। हम सब मिलकर संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रमुख घोषणाएं

  • साइबर अपराधों पर अंकुश के लिए साइबर कोऑर्डिनेशन केंद्र की स्थापना की जाएगी।
  • ड्रग्स फ्री देवभूमि हेतु एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का और विस्तार किया जाएगा।
  • राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत भोजन माता के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी।
  • राज्य में जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं से कृषि एवं उद्यान की फसलों की सुरक्षा के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी।
  • प्रदेश के पारंपरिक धौरे नाले आदि प्राकृतिक जल स्त्रोतों के संरक्षण पुनर्जीवन के लिए विशेष संवर्धन योजना प्रारंभ की जाएगी।
  • उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्र-छात्राओं में कौशल विकास के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे और सिविल सर्विसेज बैंकिंग मैनेजमेंट नीट आदि परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • मानसखंड मंदिर माला मिशन की तर्ज पर ही केदार खंड मंदिर माला मिशन का विकास किया जाएगा।
  • आदर्श चंपावत की भांति आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास भी उसी तर्ज पर आगे बढ़ाया जाएगा।
  • पूर्णागिरि कुमाऊंनी के शारदा कॉरिडोर एवं आदि कैलाश तथा गढ़वाल के अंजनी सेन एवं बेला केदार क्षेत्र को स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा
  • प्रत्येक जिला अस्पताल में डायबिटीज के लिए विशेष क्लीनिक खोले जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।