Uttarakhand: इस महीने राज्य में दस बार आ चुका भूकंप, तीन जिलों में डाेली धरती, वैज्ञानिकों बोले-सजगता जरूरी

उत्तराखंड में इस महीने दस बार भूकंप आज चुका है। वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के निदेशक बताते हैं कि राज्य भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है, ऐसे में सजगता जरूरी है।

इस महीने राज्य में 10 बार भूकंप आया है। जो भूकंप आएं हैं, उनकी तीव्रता कम रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस तरह के कम तीव्रता के भूकंप आते रहे हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इस महीने सबसे पहले 11 अप्रैल को पौड़ी गढ़वाल में रिक्टर स्केल पर 3.3 और 3.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसके तीन दिन बाद ही 14 अप्रैल पिथौरागढ़ की धरती डोली और यहां पर 3.4 तीव्रता का भूकंप आया।

दो दिन बाद भी फिर 16 को पिथौरागढ़ में 2.4 तीव्रता का भूकंप आया। 19 को बागेश्वर में 10.32 से 11.31 के बीच एक नहीं बल्कि कुछ तीन बार धरती में हलचल हुई। इस अवधि में 2.8, 2.6 और 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। 20 को बागेश्वर में रिक्टर स्केल पर 2.5 और पौड़ी गढ़वाल में 3.0 तीव्रता का भूकंप आया। 21 अप्रैल को बागेश्वर जिले में एक बार फिर धरती में हलचल हुई, इस बार रिक्टर स्केल पर 2.6 तीव्रता का भूकंप आया है।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक

वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ.विनीत गहलोत बताते हैं कि राज्य भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है, ऐसे में सजगता जरूरी है। रही बात भूकंप आने की तो इस तरह के छोटे भूकंप आते रहे हैं, इसमें कोई पैर्टन अभी नहीं दिखाई देता है। इसी संस्थान के वैज्ञानिक डॉ.नरेश बताते हैं कि पूर्व में भी इस तरह के छोटे भूकंप आए हैं।

 

सीएम धामी हुए नाराज: अफसरों ने जबरन बंद कीं 22 हजार शिकायतें, आंकड़ा देख हुए गुस्सा; अफसरों को दी ये चेतावनी

देवभूमि उत्तराखंड में अफसरों की लापरवाही पर मुख्यमंत्री धामी गुस्सा हो गए। दरअसल, अफसरों ने 22 हजार शिकायतें जबरन बंद कर दीं। सीएम ने कहा कि जिस अफसर ने जनता की शिकायत जबरन बंद की, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।

उत्तराखंड के अफसरों ने जनता की 22,246 शिकायतें जबरन बंद कर दीं। सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने ये आंकड़ा आया तो वे नाराज हो गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर किसी अफसर ने शिकायत को जबरन बंद किया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कहा कि जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर शिकायतों को जबरन बंद करने की कार्रवाई न की जाए।
शुक्रवार को सचिवालय में सीएम धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन केवल एक दूरभाष संख्या नहीं बल्कि जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक किया जाए।

देहरादून में 6,084 शिकायतें शहरी विकास और 2,980 पेयजल विभाग से जुड़ी हैं। ऊधम सिंह नगर में राजस्व और खनन से जुड़ी शिकायतें सर्वाधिक हैं। हरिद्वार में खाद्य आपूर्ति और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सबसे अधिक है।

सीएम ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी स्तर पर हर सप्ताह और सचिव स्तर पर प्रत्येक माह में कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा की जाए। कहा कि हेल्पलाइन की सफलता का वास्तविक आकलन तभी संभव है जब शिकायतकर्ता यह अनुभव करें कि सरकार ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान प्रदान किया है।

सीएम ने सभी की सराहना की
सीएम ने अधिकतम शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से फोन पर बात की। इनमें यूपीसीएल के उत्तरकाशी में तैनात अधिशासी अभियंता मनोज गुसाईं ने 99.09%, पौड़ी में अभिनव रावत ने 98.34%, ऋषिकेश के पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली ने 98.30%, एडीओ विकासनगर दीपक थापली ने 98.23% और एसएचओ पटेलनगर विनोद गुसाईं ने 97.41% समाधान किया है। सीएम ने सभी की सराहना की।
जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक ने 2043 शिकायतें बंद कीं
राज्य में कुल 1,19,077 शिकायतों में से 22,246 शिकायतों (लगभग 18.68%) को अनुचित रूप से बंद कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, विभाग अपनी जवाबदेही से बचने के लिए गंभीर शिकायतों को भी दूसरी श्रेणियों में बदल रहे हैं।
जल संस्थान के अफसरों ने पानी न आने की 861 शिकायतों को जबरन बंद कर दिया। सिलिंडर रिफिल और राशन कार्ड की मांग को शिकायतों के बजाए सिर्फ डिमांड मानकर छोड़ दिया। बिजली के अत्यधिक बिल और खराब मीटरों की समस्या को भी तकनीकी उलझनों में फंसा दिया।

जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह के पास पेयजल संबंधी 2,074 शिकायतें थीं, जिनमें से उन्होंने 2043 (98.5 प्रतिशत) को बिना ठोस समाधान के जबरन बंद कर दिया। पर्यटन विकास अधिकारी ललित मोहन तिवारी ने 328 में से केवल 41 का निस्तारण किया।
6287 शिकायतें 180 दिनों से लंबित
साल 2021 से अब तक 6,287 शिकायतें ऐसी हैं जो 180 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। राजस्व विभाग (472), वन विभाग (445) और लोक निर्माण विभाग (401) इस सूची में सबसे ऊपर हैं। कुछ शिकायतें तो साल 2021 से प्रक्रिया में ही अटकी हुई हैं।
अक्तूबर-दिसंबर 2025 की तुलना में जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में लंबित शिकायतों में 107% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं, प्रक्रिया में वाली शिकायतों में 2290% का उछाल आया है।

Uttarakhand: बढ़ेगी विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन, मंत्री ने दिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

विभागीय मंत्री ने कहा, दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के लिए भी अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रदेश में विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन बढ़ेगी। समाज कल्याण मंत्री खजानदास के मुताबिक विधवा और दिव्यांग पेंशन को 1500 से बढ़ाकर 1875 रुपये किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बौना पेंशन व तीलू रौतेली पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने का प्रस्ताव है।

समाज कल्याण मंत्री ने विधान सभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा, दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के लिए भी अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह ध्यान रखा जाए कि जरूरतमंद लाभार्थी छात्रवृत्ति योजनाओं से वंचित न रहे।

उन्होंने विभाग की संचालित अनुदान योजनाओं समीक्षा करते हुए कहा, छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित सत्यापन के तरीके को और सुदृढ़ बनाया जाए। राजकीय औद्योगिक संस्थानों में नए ट्रेड शुरू किए जाएं और इनमें अनुभवी शिक्षकों, प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए।

मंत्री ने डॉ. बीआर अंबेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास की समीक्षा करते हुए कहा, अगले तीन महीने के भीतर बालिका इंटर कॉलेज मसूरी के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण कार्य पूरा करते हुए इसी साल सितंबर से इसका संचालन शुरू किया जाए। पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आय सीमा 4000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। अंतरजातीय विवाह में सामान्य जाति की विधवा एवं एससी-एसटी परिवारों को दिए जाने वाली शासकीय सहायता की समय सीमा वित्तीय वर्ष न रखते हुए 365 दिन (डेट टू डेट) की अवधि किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में विभागीय मंत्री ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत संचालित आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा में कहा, इस तरह की योजनाओं को विभाग बढ़ावा दे। जिससे जनकल्याण का प्रयास पूरा हो सके। मंत्री ने राष्ट्रीय वयो श्री योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किए जाने वाले मुफ्त सहायक उपकरणों जैसे छड़ी, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा आदि का प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। दिव्यांग कल्याण योजना के तहत कार्यों पर मंत्री ने निर्देश दिए कि 13 जिलों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक संदीप तिवारी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया आदि मौजूद रहे।

Doon-Delhi Expressway: वाहनों की गिनती के लिए गठित होगी डाटा विश्लेषण टीम, आकलन के बाद बनेगी यातायात रणनीति

दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गिनती के लिए डाटा विश्लेषण टीम गठित होगी। वाहनों की संख्या के आकलन के बाद यातायात रणनीति बनाई जाएगी। टोल बैरियर पर होने वाली गिनती को भी टीम शामिल करेगी।

दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यातायात पुलिस ने अगली चुनौतियों पर पार पाने के लिए रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों की गिनती शुरू की जाएगी। इसमें टोल बैरियर के डाटा को भी शामिल किया जाएगा।

सामान्य दिनों और फिर सप्ताहांत (वीकेंड) में आने वाले वाहनों की संख्या पता करने के बाद ही देहरादून शहर के लिए एक विशेष यातायात प्लान तैयार किया जाएगा। इससे भविष्य में लगने वाले जाम से बचने की कोशिश की जा सकेगी। वाहनों की गिनती के लिए यातायात पुलिस एक विशेष डाटा विश्लेषण टीम का गठन करने जा रही है। यह टीम एक्सप्रेसवे के मुहाने पर वाहनों की हर घंटे गिनती करेगी। इसमें पीक आवर के समय को भी शामिल किया जाएगा। रात और दिन के आधार पर वाहनों का डाटा इकट्ठा किया जाएगा।

प्रत्येक घंटे आने वाले वाहनों का डाटा नोट करते हुए यह टीम संबंधित कंट्रोल रूम और डायवर्जन प्वाइंट पर तैनात अधिकारियों को सूचित करेगी। इससे समय-समय पर यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिल सकेगी। एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल एक सप्ताह तक टीम वाहनों का डाटा इकट्ठा करेगी। यह टीम टोल बैरियर के संपर्क में भी रहेगी। इसके बाद हर सप्ताह एक प्लान बनाया जाएगा ताकि शहर को जाम से बचाया जा सके।

एसपी ट्रैफिक के अनुसार वाहनों के प्रवाह के आधार पर ही भविष्य में एक रणनीति बनाई जा सकती है। भारी और हल्के वाहनों का अलग-अलग डाटा इसमें इकट्ठा किया जाएगा। भारी वाहनों के लिए जो समय सीमा शहर में बनी हुई है उसमें भी बदलाव इसी डाटा के आधार पर किया जा सकता है।

ड्रोन के माध्यम से भी की जाएगी निगरानी

एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों की निगरानी ड्रोन के माध्यम से भी की जाएगी। इसके माध्यम से यातायात का लाइव फीड लेकर कंट्रोल रूम को सूचित किया जाएगा। ताकि समय रहते एक यातायात प्लान तत्काल बनाया जा सके। इस प्लान को विभिन्न माध्यमों से प्रसारित किया जाएगा। इसमें यातायात रूट, पार्किंग, डायवर्जन स्थल की जानकारी सोशल मीडिया, एफएम और एलईडी सूचना बोर्ड के माध्यम से प्रसारित की जाएगी।

Dehradun–Delhi Expressway: सबसे अधिक चर्चा में रहा वन्यजीवों के दृष्टिगत बना अंडरपास, जानिए क्या है खूबियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारंभ किया। इस दौरान वन्यजीवों के दृष्टिगत बना अंडरपास फोकस में रहा।

213 किमी देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे तैयार हुआ है, इसमें सबसे अधिक चर्चा वन्यजीवों के दृष्टिगत बने अंडरपास को लेकर भी हुई। कैसे जैव विविधता का ख्याल रखते हुए विकास योजना तैयार की जा सकती है, इस परियोजना के जरिए संदेश भी दिया गया है।

राज्य में 70% से अधिक वन भूमि है। ऐसे में विकास योजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण होता है, साथ ही योजनाओं के लिए पेड़ भी कटते हैं, लेकिन एक्सप्रेस वे पर 12 किमी अंडरपास बनाया गया। इसके निर्माण से वन्यजीवों का आवागमन सुगम हुआ।

एलिवेटेड सड़क बनाने के लिए पेड़ कम कटें इसको लेकर योजना को नदी के तल के बीच में रखा गया। इससे 45 हजार की जगह केवल 11,160 वृक्ष ही कटे। ऐसे में राज्य में प्रकृति संरक्षण करते हुए विकास कार्य किया जा सकता है, उसका मॉडल पेश किया है। परियोजना में वन्यजीवों के लिए बने अंडरपास और उससे हो रहे आवागमन को लेकर काफी चर्चा हुई है।

 

योजना की खूबी

213 किमी एक्सप्रेस की लंबाई

93 अंडर पास का निर्माण हुआ है

9 बड़े और 43 छोटे पुल बनाए गए

10 वन्यजीव व अंडरपास बने

गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की योजना

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे को गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की भी योजना है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार गोरखपुर-शामली नया प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है। जिसमें इस एक्सप्रेस वे को शामली में जोड़ा जाएगा। इसके बाद लोगों को पूर्वांचल जाने का विकल्प मिल सकेगा। इसके अलावा दून- दिल्ली एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से भी जुड़ेगा। इसके लिए सहरानपुर बाईपास के पास 50 किमी लंबाई का स्पर(मार्ग) बन रहा है, इसका 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ऐसे में लोगों को हरिद्वार जाने के लिए भी एक और विकल्प मिल जाएगा।

देश की महिलाओं के नाम PM मोदी का खुला पत्र: 2029 तक महिला आरक्षण की बात फिर दोहराई, कहा- लोकतंत्र होगा मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश की महिलाओं के नाम खुला पत्र लिखा। एक बार फिर उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता प्रकट की है। पीएम मोदी ने अपने पत्र में और किन बातों को रेखांकित किया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम एक खुला पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा, अगर 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ होते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। पीएम ने देश की महिलाओं को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसलिए संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ना बहुत जरूरी है।

केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल से संसद की तीन दिनों की विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि इस काम में अब और देरी करना भारत की महिलाओं के साथ अन्याय होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की बेटियां अपने हक के लिए अब और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकतीं। उनके अनुसार, जब सदन में महिलाओं की आवाज बुलंद होगी, तो लोकतंत्र भी मजबूत होगा।

2029 में लागू करने की आवश्यकता
संसद ने सितंबर 2023 में महिला आरक्षण कानून पास किया था। इसमें महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का नियम है। पुराने नियमों के हिसाब से यह आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसका कारण यह था कि आरक्षण को जनगणना और सीटों के नए सिरे से निर्धारण (परिसीमन) की प्रक्रिया से जोड़ा गया था। अब सरकार नियमों में संशोधन कर रही है ताकि इसे 2029 के चुनाव से ही लागू किया जा सके।

महिला आरक्षण अधिनियम 
इन बदलावों के पास होने के बाद लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी। इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए देश की करोड़ों महिलाओं से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने महिलाओं से एक खास अपील भी की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने क्षेत्र के सांसदों को पत्र लिखें। वे सांसदों को इस ऐतिहासिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी यह पत्र साझा किया है।

 

समझौते की उम्मीद जगी: 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा, लेकिन जेडी वेंस की पहल से अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा भरोसा

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई शांति वार्ता भले ही किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन इसने दोनों देशों के बीच रिश्तों में कुछ नरमी जरूर पैदा की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जेडी वेंस की अगुवाई में हुई करीब 21 घंटे लंबी बातचीत ने ईरान की नई नेतृत्व टीम के साथ ‘गुडविल’ यानी भरोसे का माहौल बनाने में मदद की। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस बातचीत से ईरान के साथ संवाद का रास्ता थोड़ा आसान हुआ है और आने वाले समय में ईरान अमेरिकी शर्तों को मानने पर विचार कर सकता है। हालांकि, अभी भी सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ही बना हुआ है।

 

Earthquake: रुद्रप्रयाग में भूकंप के झटके, 3.06 रही तीव्रता; लोगों में दहशत, घरों से बाहर निकले लोग

रुद्रप्रयाग में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर 3.06 की तीव्रता मापी गई है। भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.06 मापी गई है। भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

भूकंप के झटके सुबह 5:02 बजे महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी जानकारी दी। भूकंप का केंद्र रुद्रप्रयाग से करीब 10 किलोमीटर पूर्व में था। इसकी गहराई धरती से लगभग 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।

झटके करीब 10 से 15 सेकंड तक महसूस किए गए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। 

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
 जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

PM Modi: नारी शक्ति वंदन बिल से पहले प्रधानमंत्री के स्वागत में महकेगा देहरादून, महिला कार्यकर्ताओं में उत्साह

नारी शक्ति वंदन बिल से पहले प्रधानमंत्री के स्वागत में देहरादून महकेगा। रैली में महिला पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का जलवा दिखेगा। संगठन ने जिम्मेदारी तय की है। संगठनात्मक जिलों को भीड़ जुटाने के लक्ष्य दिए गए है।

तेरे आने की जब खबर महके, तेरी खुशबू से सारा घर महके…जगजीत सिंह की इस गजल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून आगमन से जोड़कर देखें तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के संसद में आने से पहले भाजपा इसी अंदाज में उत्साहित नजर आ रही है। पीएम मोदी के स्वागत की खुशबू से पूरा शहर महकेगा।

लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र होगा। इससे ठीक पहले पीएम मोदी का देहरादून में रोड शो होने जा रहा है। प्रधानमंत्री अपने भाषण में भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र कर सकते हैं। इस नाते राज्य भाजपा संगठन खासा उत्साहित है। रैली में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संगठन ने अलग से योजना तैयार की है।

बृहस्पतिवार को तैयारियों के लिए भाजपा की बैठक हुई, जिसमें महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, रैली के संयोजक कुंदन परिहार व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। तय किया गया कि सभी महिला पदाधिकारियों को रैली के लिए महिलाओं की एक-एक गाड़ी लानी होगी। इसकी जिम्मेदारी महिला मोर्चा को सौंपी गई है, जो कि अपने स्तर से तैयारी में जुट गया है।

देहरादून की हर विधानसभा से 6000 लोग लाने होंगे

बैठक में तय किया गया कि देहरादून महानगर को हर विधानसभा से छह-छह हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटानी है। देहरादून ग्रामीण को 10 हजार, ऋषिकेश को 10 हजार का लक्ष्य दिया गया है। देहरादून नगर निगम के सभी पार्षदों को पार्टी ने 500-500 की भीड़ जुटाने का लक्ष्य दिया है। संगठन ने 12 किमी के रोड शो की जिम्मेदारी कैंट विधानसभा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को सौंपी है। ये रोड शो के दौरान पीएम मोदी पर पुष्प वर्षा करेंगे। यह भी तय किया गया कि कार्यक्रम स्थल पर सिख व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

 

उत्तराखंड: सौगात व स्वागत के बीच सफलता का मंत्र देकर जाएंगे पीएम मोदी, भाजपा के लिए हैट्रिक आसान बनाना मकसद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  14 अप्रैल को उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। सौगात व स्वागत के बीच प्रधानमंत्री सफलता का मंत्र देकर जाएंगे। 30 हजार भाजपा कार्यकर्ता फूलों से उनका स्वागत करेंगे।

उत्तराखंड में लगातार तीसरी सरकार का रिकॉर्ड कायम बनाने के लिए भाजपा की तैयारियां नए मुकाम की ओर बढ़ रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनावी माहौल को यहां जो ऊंचाईयां दी हैं, उन्हें बुलंदी तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सफलता का मंत्र देकर जाएंगे। भाजपा ने उनके स्वागत की भव्य तैयारी की है।

पीएम मोदी की 14 अप्रैल को हेलिकॉप्टर से गणेशपुर स्थित हेलीपैड़ पर पहुंचेंगे। वहां से एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से होते हुए उनका काफिला डाटकाली मंदिर तक पहुंचेगा। वह उत्तराखंड को यहां इस एक्सप्रेस वे समेत करोड़ों की सौगात की सौगात देंगे तो भाजपा संगठन ने भी उनके स्वागत की बड़ी तैयारी की है।

डाटकाली मंदिर से लेकर कैंट स्थित मंहिद्रा ग्राउंड तक भाजपा के 30,000 कार्यकर्ता सड़क के दोनों ओर पीएम मोदी पर पुष्पवर्षा कर स्वागत करेंगे। इसके लिए देहरादून, सहारनपुर, हरिद्वार व अन्य क्षेत्रों से कई टन गुलाब की पंखुड़ियों का इंतजाम किया गया है।

 

भाजपा के लिए हैट्रिक बनाना आसान हो
दावा है कि पीएम मोदी की रैली में भी 30,000 से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। भाजपा ने पांच संगठनात्मक जिलों देहरादून ग्रामीण, देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की के अलावा टिहरी के नरेंद्रनगर व उत्तरकाशी से भी कार्यकर्ताओं की टीमें रैली के लिए लगाए हैं। पीएम मोदी रैली के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बातचीत भी करेंगे। मकसद होगा कि चुनावी माहौल को नई बुलंदियों तक पहुंचाएं, जिससे भाजपा के लिए हैट्रिक बनाना आसान हो। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को पीएम मोदी की रैली की तैयारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। इसमें संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पीएम मोदी की रैली का कार्यक्रम भव्य होगा। उन्होंने बताया कि सीएम धामी की अध्यक्षता में बैठक होगी। वहीं, पीएम पर पुष्पवर्षा की जाएगी। वह शहर में डाटकाली मंदिर से गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड तक कार से पहुंचेंगे। बताया कि इस दौरान वह दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।