Uttarakhand: आठ जून से प्रदेशभर में शुरू होने जा रहा एसआईआर, 79 लाख गणना प्रपत्र तैयार करके जिलों को भेजे गए

उत्तराखंड में आठ जून से एसआईआर का काम शुरू होने जा रहा है। 79 लाख गणना प्रपत्र तैयार करके जिलों को भेजे गए हैं। मतदाताओं को गणना प्रप्रत्र मिलेंगे। इन्हें भरकर तस्वीर लगाकर जानकारी देनी होगी।

उत्तराखंड के 79 लाख मतदाताओं के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का गणना प्रपत्र प्रिंट करा दिया गया है। 79 लाख 76 हजार से अधिक गणना प्रपत्र सभी जिलों को भेज दिए गए हैं। आठ जून से बीएलओ घर-घर पहुंचकर इनका वितरण करेंगे।

प्रदेश में आठ जून से सात जुलाई तक गणना प्रपत्र घर-घर पहुंचाएंगे और भरे हुए प्रपत्र वापस जमा करेंगे। सात जुलाई को मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इस पर दावे और आपत्तियों को 14 जुलाई से 13 अगस्त तक जमा करा सकते हैं।

इसके बाद 10 जुलाई से 11 सितंबर के बीच जिन गणना प्रपत्र की जानकारी से निर्वाचन अधिकारी संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे और उनका निस्तारण किया जाएगा। 15 सितंबर को राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। मैपिंग के बाद अब 79,76,000 मतदाताओं को एसआईआर में शामिल होने का मौका मिलेगा। सभी जिलों को ये गणना प्रपत्र प्रिंट कराकर भेजे जा चुके हैं।

गणना प्रपत्र में ये देनी होगी जानकारी

गणना प्रपत्र पर मतदाता का वर्तमान इपिक नंबर, नाम, पता, मतदान केंद्र संबंधी जानकारी और क्यूआर कोड प्रिंट होगा। इसमें एक कॉलम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची के विवरण का होगा, जिसमें मतदाता को अपना नाम, 2003 की मतदाता सूची का इपिक नंबर, संबंधी का नाम, संबंधी, जिला, राज्य, विधानसभा की जानकारी देनी होगी।

दूसरे कॉलेज में उस संबंधी का नाम, इपिक नंबर, जिला, राज्य आदि की जानकारी देनी होगी, जिसके आधार पर आप अपना एसआईआर कराना चाहते हो। तीसरा कॉलम मतदाता का होगा, जिसमें अपनी जन्मतिथि, आधार नंबर वैकल्पिक, मोबाइल नंबर, पिता का नाम, पिता का इपिक नंबर, माता का नाम, माता का इपिक नंबर, पति या पत्नी का नाम व इपिक नंबर भी देना होगा। अपनी वर्तमान फोटो लगाकर हस्ताक्षर करके इसे बीएलओ के पास जमा कराना होगा। यह फॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका प्रिंट निकालकर भरकर जमा करा सकते हैं।

 

Uttarakhand: फोन इस्तेमाल करने में पहाड़ की महिलाएं पीछे नहीं, पिछले तीन साल में 12% बढ़ा मोबाइल का उपयोग

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट में में यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड में 72 फीसदी महिलाएं मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही हैं। बीते तीन साल में यह आंकड़ा 12 फीसदी बढ़ा है।

उत्तराखंड में पहाड़ की महिलाएं भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में 72 प्रतिशत महिलाओं के हाथों में मोबाइल फोन है। पिछले तीन साल के भीतर महिलाओं में मोबाइल का इस्तेमाल 12 प्रतिशत बढ़ा है।

सर्वेक्षण रिपोर्ट में 15 से 49 आयु वर्ग की महिला के स्वास्थ्य, सशक्तीकरण की स्थिति का आकलन किया गया। आंकड़ों के अनुसार राज्य की 72 प्रतिशत महिलाएं अब मोबाइल फोन का उपयोग कर रही हैं। वर्ष 2019 से 2021 में यह आंकड़ा लगभग 61 प्रतिशत था। शहरी क्षेत्रों में 77.3 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 70.4 प्रतिशत महिलाओं के पास मोबाइल फोन है।

रिपोर्ट में महिलाओं के सशक्तीकरण और डिजिटल पहुंच में सुधार की जानकारी दी गई है। मोबाइल फोन का बढ़ता उपयोग महिलाओं को सूचना और सेवाओं से जोड़ रहा है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संपर्क के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने प्रगति की है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, राज्य की 91 प्रतिशत महिलाओं के बैंकों में बचत खाते हैं। जबकि तीन साल पहले यह आंकड़ा 80.2 प्रतिशत था। यह आंकड़ा महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करता है। बचत खातों की उपलब्धता उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करती है।

डिजिटल पहुंच में वृद्धि

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं में मोबाइल फोन का चलन तेजी से बढ़ा है। जो डिजिटल साक्षरता और सूचना तक उनकी पहुंच को बेहतर बनाता है। पहाड़ों में संचार कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। आज दूरस्थ क्षेत्रों तक 5जी की सुविधा है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं की आजीविका सुधार हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं स्थानीय उत्पादों का कारोबार कर रही है।

 

Kedarnath Heli Service: इसी हफ्ते से कर सकेंगे हेली टिकट की बुकिंग,15 जून से आगे की यात्रा के लिए खुलेगा स्लॉट

इसी हफ्ते से यात्री केदारनाथ हेली टिकट की बुकिंग कर सकेंगे।15 जून से आगे की यात्रा के लिए स्लॉट खुलेगा।

चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग का स्लॉट जून के पहले सप्ताह में खोलने की तैयारी है। दूसरे चरण में 15 जून से आगे की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग की जाएगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने केदारनाथ हेली सेवा के लिए पहला स्लॉट 15 अप्रैल को खोला था और 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की थी।

एक घंटे के भीतर से 33 हजार से अधिक टिकट बुक हो गए थे। अब यूकाडा बुकिंग का दूसरा स्लाॅट खोलने की तैयारी कर रहा है। इसमें 15 जून से आगे की यात्रा के लिए बुकिंग की जाएगी। यूकाडा के सीईओ डॉ.आशीष चौहान ने बताया कि जल्द ही बुकिंग तिथि घोषित की जाएगी।

लगातार हो रही बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी, केदारनाथ यात्रा रुक-रुक कर चली

मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग में भारी बारिश, आंधी-तूफान और प्रतिकूल मौसम की आशंका जताई है। मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है ऐसे में प्रशासन ने  एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। वहीं, दोपहर बाद मौसम ठीक होने पर यात्रियों को फिर आगे भेजा गया। जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए निकटतम होल्डिंग स्थलों और सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश जारी किए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर यात्रा को फिलहाल रोका गया है। कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

मौसम सामान्य होते ही यात्रा को सुचारू किया जाएगा। उधर, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा लगातार मौसम और यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। सोनप्रयाग, गौरीकुंड सहित संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी यात्री को आगे न जाने दिया जाए। वहीं कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

 

देवभूमि पत्रकार यूनियन का पत्रकारिता दिवस पर भव्य आयोजन, वरिष्ठ पत्रकारों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान

देहरादून। उत्तराखंड के पत्रकारों के सबसे बड़े और अग्रणी संगठन देवभूमि पत्रकार यूनियन (पंजी.) ने इस साल भी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य और विचारोत्तेजक समारोह का आयोजन किया। उत्तरांचल प्रेस क्लब के खचाखच भरे सभागार में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर राज्य के तमाम दिग्गज पत्रकार, राजनेता और समाजसेवी एक मंच पर जुटे।

इस साल के आयोजन का मुख्य एजेंडा बेहद समसामयिक और गंभीर रखा गया था। ‘डिजिटल युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं फेक न्यूज की चुनौती’ विषय पर केंद्रित इस गोष्ठी में सूचनाओं के बेकाबू प्रवाह और गिरते स्तर पर गहरी चिंता जताई गई। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे देश के प्रख्यात चिकित्सक, समाजसेवी और पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने आज के मीडिया परिदृश्य पर बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर की पत्रकारिता बिल्कुल ‘फास्ट फूड’ की तरह हो चुकी है, जो बहुत ज्यादा फास्ट है. जल्दबाजी और सबसे पहले दिखाने की इस अंधी होड़ में खबरों की गहराई, फैक्ट-चेक और सत्यता कहीं पीछे छूटती जा रही है, जो समाज के लिए घातक है।

“वही कार्यक्रम के दूसरे मुख्य अतिथि सूचना महानिदेशक और वीसी एमडीए बंशीधर तिवारी ने तकनीकी बदलावों के बीच जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने साफ कहा कि डिजिटल क्रांति ने भले ही सूचनाओं के प्रसार को सुपरफास्ट बना दिया हो, लेकिन इसके समानांतर भ्रामक खबरों यानी फेक न्यूज का ग्राफ भी खतरनाक तरीके से बढ़ा है। तिवारी ने जोर देकर कहा कि ऐसे संकट के समय में समाज के प्रति जवाबदेही और सिर्फ तथ्यपरक पत्रकारिता ही मीडिया की साख को बचा सकती है।

कार्यक्रम में सियासी और प्रशासनिक हलकों से भी कई बड़े नाम शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में शामिल राज्यमंत्री अशोक वर्मा, राज्यमंत्री श्रीमती विनोद उनियाल और कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भी मंच से अपने विचार साझा किए

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे सूचना महानिदेशक एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष (वीसी) श्री बंशीधर तिवारी का वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस क्लब से जुड़े श्री सिद्धनाथ उपाध्याय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर पत्रकारिता के लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा समाज के प्रति मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वक्ता के तौर पर बोलते हुए राज्यमंत्री डॉ. देवेंद्र भसीन, पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट और उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के तकनीकी पहलुओं और उनके सामाजिक प्रभावों पर बारीकी से रोशनी डाली। इसके अलावा पंडित सुभाष जोशी और इंजीनियर विनोद कुमार नौटियाल ने भी सत्र को संबोधित करते हुए अपने सुझाव रखे। इस मौके पर देवभूमि पत्रकार यूनियन ने अपनी परंपरा को निभाते हुए समाज और पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई विभूतियों का नागरिक अभिनंदन किया। सम्मानित होने वाली शख्सियतों में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) एकताशक्ति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दत्त शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके साथ ही प्रदेशभर से आए दर्जनभर पत्रकार संगठनों के वरिष्ठ पत्रकारों और प्रबुद्ध समाजसेवियों को पारंपरिक अंग वस्त्र, मोतियों की माला और विशेष स्मृति चिन्ह देकर मंच से नवाजा गया। इस पूरे भव्य आयोजन की अध्यक्षता देवभूमि पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन प्रदेश महासचिव डॉ. वी.डी. शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदेश कोषाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, जिला अध्यक्ष हरीश खनेडा, जिला महासचिव नवीन जोशी, जिला कोषाध्यक्ष रजत शर्मा समेत उत्तराखंड के कोने-कोने से आए सैकड़ों पत्रकारों की मौजूदगी रही।

Roorkee: होटल में मिले युवक-युवती के शव, एक दिन पहले बुक कराया था कमरा, प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका

होटल में युवक और युवती ने बृहस्पतिवार शाम कमरा बुक कराया था। शुक्रवार सुबह होटल कर्मचारी सफाई के लिए पहुंचे और दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

शहर के डबल फाटक स्थित एक होटल में शुक्रवार दोपहर युवक और युवती के शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया। प्रारंभिक जांच में कीटनाशक के सेवन की आशंका जताई जा रही है।

डबल फाटक स्थित होटल में युवक और युवती ने बृहस्पतिवार शाम कमरा बुक कराया था। शुक्रवार सुबह होटल कर्मचारी सफाई के लिए पहुंचे और दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कर्मचारी उन्हें सोया समझकर चले गए। दोपहर करीब 12 बजे चेकआउट का समय होने पर दोबारा दरवाजा खटखटाया गया लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं मिला।

इस पर होटल प्रबंधन को शक हुआ, उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दूसरी चाबी से कमरा खुलवाया तो युवक और युवती अचेत अवस्था में पड़े मिले। पुलिस ने कमरे से मिले साक्ष्यों को कब्जे में ले लिया। युवक की पहचान सागर निवासी नाथुखेड़ी के रूप में हुई, जबकि युवती लंढौरा क्षेत्र की बताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग की बात सामने आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि पारिवारिक असहमति या अन्य कारणों के कारण दोनों ने यह कदम उठाया होगा। सिविल लाइंस कोतवाली के प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

 

Pithoragarh: लिपुलेख मार्ग से पहली जून से शुरू होगा भारत-चीन के बीच व्यापार, सीमित सामान से होगी शुरुआत

धारचूला में व्यापारी अपने सामान की पैकिंग में जुट गए हैं। प्रशासन ने व्यापारियों और हेल्परों के लिए 300 पास मांगे हैं। एसडीएम धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि व्यापारियों के आवेदन आने शुरू हो गए हैं।

कोरोनाकाल के बाद इस वर्ष एक जून से फिर भारतीय कारोबारी तिब्बत से चीनी सामान भारत ला सकेंगे। धारचूला में व्यापारी अपने सामान की पैकिंग में जुट गए हैं। प्रशासन ने व्यापारियों और हेल्परों के लिए 300 पास मांगे हैं। एसडीएम धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि व्यापारियों के आवेदन आने शुरू हो गए हैं।

व्यापारी नाभीढांग या उससे आगे लिपुलेख पास तक वाहनों से जाएंगे। इस दौरान आईटीबीपी के जवान व्यापारियों के साथ रहेंगे। करीब 800 मीटर पैदल चलने के बाद व्यापारी चीन में प्रवेश करेंगे। वहां से वाहनों के जरिये वे व्यापारिक मंडी तिब्बत पहुंचेंगे। इस बार चीन सरकार ने भारतीय व्यापारियों के लिए तिब्बत में अलग से मंडी बनाई है।

सीमित सामान लेकर जाएंगे अभी व्यापारी…
व्यापारी अभी भारी सामान ले जाने से भी गुरेज कर रहे हैं। अभी वे यहां से गुड़, मिश्री, मसाला, छुआरा, मिर्च, चायपत्ती, मिठाइयां आदि लेकर जाएंगे। तिब्बत से वे चंवर गाय की पूंछ, रेशम, ऊन जैसी सामग्री लेकर आएंगे। गौरतलब है कि 2019 में 265 पास जारी हुए थे।

 

Uttarakhand: बकरीद आज, कड़ी सुरक्षा के बीच अदा की जा रही नमाज, देहरादून को पांच जोन और 11 सेक्टर में बांटा गया

ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह है। देहरादून समेत प्रदेशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जा रही है। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दून पुलिस ने शहर को पांच जोन और 11 सेक्टर में बांटकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जबकि बाजारों में बुधवार देर रात तक खरीदारी की रौनक बनी रही।

त्याग और बलिदान का प्रतीक ईद-उल-अजहा का पर्व आज मनाया जा रहा है। इसे लेकर मुस्लिम समुदाय में उल्लास का माहौल रहा। बुधवार को बाजार में दिनभर खरीदारी हुई। मंडियों में बकरों की दिनभर लोगों ने खरीदारी की। आज सुबह से अलग-अलग समय पर ईद की नमाज हो रही है।

बकरीद के लिए बुधवार को देहरादून के बाजारों में देर रात तक खासी रौनक देखने को मिली। पलटन बाजार, धामावाला और चकराता रोड स्थित दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कपड़ों, सेवइयों और इत्र की दुकानों पर भी खूब खरीदारी हुई। इसे लेकर शहर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज की तैयारियां पूरी की गई

मुख्य नमाज चकराता रोड स्थित ऐतिहासिक ईदगाह में अदा की जा रही है। जहां हजारों की संख्या में अकीदतमंद जुटे। देहरादून के शहर काजी मुफ्ती हशीम अहमद कासमी ने अपील करते हुए कहा कि ईद की नमाज, कुर्बानी और तमाम दीनी अमल शरीअत, सफाई और कानून के दायरे में करे। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के बाद सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और जानवरों के अवशेष खुले स्थानों पर न डाले।

यहां इतने बजे होगी नमाज 

जगह  समय
चकराता रोड स्थित ईदगाह 7:30
सुभाष नगर, माजरा ईदगाह  7:00
मुस्लिम कॉलोनी ईदगाह 7:15
पल्टन बाजार जामा मस्जिद ईदगाह 8:00
धामावाला बाजार जामा मस्जिद 7:00
नया नगर, इनामुल्लाह बिल्डिंग जामा मस्जिद  7:45
माजरा जामा मस्जिद 7:30
बड़ी मस्जिद कारगी 7:00
मस्जिद दिलाराम बाजार  7:00
जामा मस्जिद ईसी रोड 7:00

 

बकरीद पर सख्त  सुरक्षा, शहर को पांच जोन और 11 सेक्टर में बांटा
ईद-उल-जुहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन, 11 सेक्टर और 35 सब सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है, जबकि सेक्टरों में निरीक्षक और थानाध्यक्ष तथा सब सेक्टरों में उपनिरीक्षकों को तैनात किया गया है। पुलिस ने खुले में कुर्बानी देने और अवशेष को खुले में परिवहन करने पर भी रोक लगाई है।

दून पुलिस द्वारा संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों और हल्का प्रभारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने पर्व से पहले सभी थाना क्षेत्रों में सर्वधर्म समुदाय के गणमान्य लोगों के साथ बैठकें आयोजित कर आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही कुर्बानी स्थलों का निरीक्षण कर मुस्लिम समुदाय से निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी देने और सड़क पर नमाज न पढ़ने का अनुरोध किया गया है।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पूर्व में विवादों में शामिल रहे तथा गौकशी और अवैध पशु कटान से जुड़े लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिशों को समय रहते रोका जा सके। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें प्रसारित करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आईजी गढ़वाल ने भी जारी किए निर्देश

बकरीद पर्व के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था एवं शांति समिति की बैठकों के संबंध में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा, किसी भी प्रकार की अफवाह या माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस का सोशल मीडिया सेल सक्रिय रूप से काम करे। भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले अवांछित तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। यदि कोई भी व्यक्ति या असामाजिक तत्व क्षेत्र का माहौल खराब करने या शांति भंग करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, त्योहारों के दौरान किसी भी नई परंपरा या प्रथा की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूर्व के वर्षों से चली आ रही मान्यताओं और निर्धारित एसओपी के अनुसार ही सभी कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे।

 

उत्तराखंड: आदिबदरी के बूंगा गांव में जंगल की आग की लपटों में घिरी महिला, हुई मौत; नारायणबगड़ में महिला झुलसी

आदिबदरी तहसील के बूंगा गांव के बदाढ़गाड जंगल में लगी भीषण आग ने मंगलवार शाम को एक महिला की जान ले ली। आग की लपटों में घिरने से 50 वर्षीय सुरेशी देवी बुरी तरह झुलस गईं और अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

आदिबदरी तहसील के बूंगा नामक गांव के बदाढ़गाड जंगल में मंगलवार दोपहर से आग लगी थी। ग्रामीण पुष्कर लाल ने बताया कि मंगलवार शाम सात बजे बूंगा गांव के मदन लाल की पत्नी 50 वर्षीय सुरेशी देवी जब गांव से 200 मीटर दूर स्थित अपनी गौशाला जा रही थी तो वह रास्ते  में आग की लपटों में घिर गई तब बहुत तेज हवा चल रही थी, वह आग से बुरी तरह झुलस गई।

जलने पर जब महिला चिल्लाई तो गांव के लोग घटना स्थल पर पहुंचे और किसी तरह उसे आग से निकालकर घर ले आए। जब वे उसे हास्पिटल ले जाने की तैयारी कर रहे थे तो तभी उसने दम तोड दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय पटवारी और वन विभाग के अधिकारियों को रात को ही सूचित कर दिया था।

बताया जाता है वन विभाग की टीम रात को गांव पहुंच गई थी। वहीं दूसरी और नारायणबगड़ के रेस चोपता गांव में एक महिला जंगल की आग में झुलस गई। झुलसी महिला कश्मीरा देवी का उपचार कर्णप्रयाग उपजिला अस्पताल में चल रहा है।

 

उत्तराखंड में दो दिन तेज गर्मी का अलर्ट: सभी जिलों को किया सतर्क, मैदानी जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति के आसार

सोमवार को जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के मैदानी जिलों में सोमवार से 27 मई, 2026 तक लू (हीट वेव) जैसी स्थिति की संभावना व्यक्त की गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने अगले दो दिनों में लू जैसी स्थिति की संभावना के दृष्टिगत सभी जिलों को पत्र भेजते हुए सतर्क रहने और सभी आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है।

भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने सोमवार को जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के मैदानी जिलों में सोमवार से 27 मई, 2026 तक लू (हीट वेव) जैसी स्थिति की संभावना व्यक्त की गई है। विशेष रूप से हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ स्थानों पर हीट वेव जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र व नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए।

स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां, ओआरएस और लू व शरीर में पानी की कमी से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंंद्र ने ऊर्जा निगम, पेयजल विभागों को निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने तथा पानी की कमी वाले क्षेत्रों में टैंकरों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

श्रमिकों और बाहरी कार्यस्थलों पर कार्यरत कर्मियों के लिए कार्य समय को सुबह और शाम तक सीमित रखने की भी सलाह दी गई है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने आम जनमानस से अधिक गर्मी के दौरान दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करने की अपील की है।

 

Uttarakhand: पूर्व सीएम कोश्यारी को आज मिलेगा पद्मभूषण सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी सम्मानित

पूर्व सीएम कोश्यारी को आज पद्मभूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। वर्ष 1966 में उन्होंने उत्तराखंड के एक सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को 25 मई को पद्मभूषण से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन में होने वाले सम्मानित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मान प्रदान करेंगी। 17 जून, 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पलानधुरा गांव में जन्मे कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की।

उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर कासगंज (उत्तर प्रदेश) में पढ़ाना शुरू किया, जहां उन्होंने छोटे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय मूल्य प्रदान करने का काम किया। वर्ष 1966 में उन्होंने उत्तराखंड के एक सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया। वर्ष 1997 में कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था।

नवंबर 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने, उसके मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2008 में वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए। पांच सितंबर 2019 को उन्हें महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया। अगस्त 2020 में, उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।