Dehradun: किशाऊ बांध परियोजना की राह खुली, गृहमंत्री के हस्तक्षेप पर हिमाचल तैयार; उत्तराखंड को भी बड़ी राहत

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद आखिर वर्षों से लटकी किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना की राह खुल गई है। शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिमाचल सहमत हो गया। अब सभी हितधारक राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन होगा।

किशाऊ को केंद्र ने राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है। इसके जल घटक का 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। जबकि, 10 प्रतिशत खर्च हितधारक दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड और हिमाचल को वहन करना है। मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन के लिए सहमत हो गए। एमओयू होने के बाद किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक के हिस्से की लागत को साझा करने के एवज में हिमाचल प्रदेश के लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी। यानी हिमाचल के हिस्से जो खर्च आ रहा था, उसे ये दोनों राज्य वहन करेंगे। इससे यमुना में शुद्ध जल का प्रवाह बढ़ेगा और दिल्ली में यमुना का पानी साफ हो जाएगा।

बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव और हिमाचल एवं उत्तराखंड सरकारों के मुख्य सचिव एवं गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए।

उत्तराखंड को भी राहत, केंद्र से मिलेगा और पैसा
अपने हिस्से के घटक के बदले खर्च के मामले में उत्तराखंड को भी बड़ी राहत मिली है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा। इससे उत्तराखंड के हिस्से में आने वाले खर्च का बोझ राज्य पर काफी कम हो जाएगा।

 

Rishikesh: महिला को बचाने के लिए नदी में कूदा मध्य प्रदेश का युवक, तेज बहाव में लापता, SDRF खोजबीन जुटी

महिला को बचाने के लिए एक युवक नदी में कूद गया। इस दौरान वह खुद नदी के तेज बहाव में लापता हो गया। युवक को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ की टीम जुटी है।

थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्रांतर्गत फूलचट्टी घाट पर गंगा नदी में मध्य प्रदेश का युवक डूब गया। युवक का परिवार हेंवल नदी के मुहाने पर गंगा नदी में स्नान कर रहा था। एसडीआरएफ की ओर से रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से युवक की तलाश की जा रही है। युवक की पहचान शैलेंद्र महावी (30) निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई।

एसडीआरएफ निरीक्षक कवींद्र सजवाण ने बताया कि स्नान के दौरान परिवार की एक महिला सदस्य, रेनू गुर्जर,(33) अचानक नदी के तेज बहाव में बहने लगी। महिला को बचाने को चक्कर में शैलेंद्र गंगा नदी में कूद गया। महिला नदी से सुरक्षित बाहर निकल आई। लेकिन युवक नदी के तेज बहाव में लापता हो गया।

 

 

 

 

Dehradun: बुड्ढी गांव में वारदात; देर रात वकील की गोली मारकर हत्या, पुलिस टीम घटनास्थल के लिए रवाना

राजधानी में देर रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक पेशे से वकील था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

देहरादून में शिमला बायपास रोड स्थित बुड्ढी गांव में देर रात बड़ी वारदात हो गई। एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान साहिल उर्फ सोहेल के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार साहिल पेशे से वकील था और घटना के समय अपने घर में भाई के साथ मौजूद था।  बताया जा रहा है कि देर रात कुछ हमलावर सुनियोजित तरीके से वहां पहुंचे और साहिल को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों और परिजनों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एक दिन पहले ही बैरागीवाला में भाजपा नेता विनोद की पीट पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। पटेलनगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी की और मामले की जांच शुरू कर दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

मामला पुरानी रंजिश या किसी पूर्व नियोजित साजिश से जुड़ा हो सकता है इसलिए पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

उधर, देर रात हुई इस सनसनीखेज हत्या ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और हमलावरों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

 

Uttarakhand: स्पा सेंटर के नाम पर देह व्यापार, पुलिस ने मारा छापा, महिला मैनेजर समेत चार गिरफ्तार

हल्द्वानी में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का पर्दाफाश किया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और कोतवाली पुलिस ने नैनीताल रोड स्थित एक लग्जरी स्पा सेंटर पर छापा मारकर इस धंधे का भंडाफोड़ किया।

हल्द्वानी में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का पर्दाफाश किया है। इस मामले में स्पा सेंटर की महिला मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार करते हुए छह युवतियों को रेस्क्यू किया गया है। स्पा सेंटर से पुलिस को आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम नैनीताल रोड पर तिकोनिया स्थित गुरु हरिकिशन कांप्लेक्स की तीसरी मंजिल स्थित एमजे द लग्जरी स्पा सेंटर में छापा मारा। टीम को सेंटर में आपत्तिजनक गतिविधियां होते मिलीं। टीम ने मौके से दो एंट्री रजिस्टर, 4320 रुपये और आपत्तिजनक सामग्री कब्जे में ले ली है।

मामले में पुलिस ने देह व्यापार में लिप्त सेंटर की मैनेजर पूनम निवासी खलील कुचा चांदनी चौक दिल्ली, अतुल ठाकुर निवासी राजेंद्रनगर राजपुरा हल्द्वानी के अलावा ग्राहक कार्तिकेय निवासी महावीरगंज फर्रुखाबाद यूपी और नीरज सिंह निवासी ग्राम चिरखून कर्णप्रयाग चमोली को गिरफ्तार किया है। मामले की विवेचना कोतवाल हल्द्वानी विजय मेहता को सौंपी गई है। टीम में एएचटीयू की प्रभारी सुनीता कुंवर, भोटिया पड़ाव चौकी इंचार्ज कृपाल सिंह, हेड कांस्टेबल प्रह्लाद रावत, रेनू अधिकारी, गोविंद मेहरा आदि शामिल रहे।

स्पा सेंटर संचालक भागा
पुलिस के मुताबिक छापे के दौरान स्पा सेंटर संचालक राहुल जायसवाल निवासी सरस्वती कॉटेज भट्ट कॉलोनी हल्द्वानी मौके से भाग निकला। पुलिस ने उसके खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

काउंसलिंग के बाद छह युवतियों को वन स्टॉप सेंटर भेजा
स्पा सेंटर में पकड़ी गई छह युवतियों को पुलिस ने काउंसलिंग के बाद मुखानी स्थित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। वहां भी उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी। इसके बाद परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।

कैंची धाम घूमने आए थे पकड़े गए युवक
पुलिस जांच में पता चला कि मामले में गिरफ्तार नीरज और कार्तिकेय यहां कैंची धाम के दर्शन करने आए थे। वे हल्द्वानी में रुके और स्पा सेंटर में पकड़े गए। स्पा सेंटर में पूर्व में भी देह व्यापार की शिकायतें मिलती रही हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस ने औचक निरीक्षण किया।

देह व्यापार में लिप्त महिला और उसके सहयोगी का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। स्पा सेंटर संचालक को भी नामजद किया गया है।

Uttarakhand: साल में दो बार UTET कराने की तैयारी, टीईटी न होने से हजारों शिक्षकों की नौकरी पर गहराया संकट

प्रदेश में साल में दो बार यूटीईटी कराने की तैयारी है। टीईटी न होने से राज्य में हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहराया है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की तर्ज पर अब उत्तराखंड में साल में दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) कराने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक केंद्र सरकार की सीटीईटी की तरह राज्य सरकार भी साल में दो बार यूटीईटी कराएगी। इसके अलावा अन्य विकल्पों पर भी जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा ताकि सुप्रीम फैसले के अनुरूप शिक्षक टीईटी कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा एक से आठवीं तक के सभी सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य किया हुआ है। पदोन्नति और सेवा में बने रहने के लिए उन्हें 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य है लेकिन उत्तराखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) साल में मुश्किल से एक बार हो रही है। इससे शिक्षकों को सीटीईटी की तर्ज यूटीईटी करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे।

वहीं, सीटीईटी और यूटीईटी के आवेदन में 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक जो बीएड़ हैं, उनके लिए कोई अलग से विकल्प नहीं है। जिससे राज्य में हजारों सेवारत शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहरा गया है। इस बीच कुछ शिक्षकों की ओर से उनके लिए अलग से विशेष यूटीईटी कराए जाने की मांग की जा रही है। लेकिन बताया गया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नियमों में सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय टीईटी का प्रावधान नहीं है। ऐसे में यूटीईटी प्रथम के लिए आवेदन में आवश्यक योग्यताओं के साथ सेवारत शिक्षक का विकल्प जोड़ा जाना चाहिए

27 सितंबर 2025 को हुई थी अंतिम यूटीईटी परीक्षा

उत्तराखंड में अंतिम यूटीईटी परीक्षा 27 सितंबर 2025 को हुई थी। इसे लगभग एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। तब से अब तक राज्य में कोई टीईटी परीक्षा नहीं हुई है। जबकि केंद्र सरकार वर्ष में दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करती है। उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी का कहना है कि वर्तमान में साल में एक बार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई जा रही है। शासन का निर्देश मिलने पर ही इसे साल में दो बार कराया जा सकेगा।

शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए कितने शिक्षक अर्हता रखते हैं, इसका परीक्षण कराया जा रहा है। शिक्षकों की ओर से यह भी मांग की जा रही है कि उनके लिए अगल से विशेष टीईटी कराई जाए। -रविनाथ रामन, शिक्षा सचिव

शिक्षक टीईटी कर सकें इसके लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही बैठक कर इस पर सरकार की ओर से कोई निर्णय ले लिया जाएगा।– डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री

Uttarakhand: चारों धामों में पहली बार पहुंचने वाले भक्तों की संख्या भी सबसे अधिक, अध्ययन में सामने आई जानकारी

भारतीय वन्यजीव संस्थान की एक रिपोर्ट में सामने आई हैं। चारों धामों में पहली बार पहुंचने वाले भक्तों की संख्या भी सबसे अधिक देखी गई है।

धामों में पहली बार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक है। यह जानकारी भारतीय वन्यजीव संस्थान के धामों की धारण क्षमता को लेकर कराए गए अध्ययन (वर्ष-2025) में सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि केदारनाथ करीब 79 प्रतिशत और गंगोत्री में 81 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार आए हैं। जबकि यमुनोत्री में लगभग 70 प्रतिशत और हेमकुंड साहिब में 89 प्रतिशत श्रद्धालु पहली बार पहुंचे।

अध्ययन में धामों में यात्री पहुंचने के परिवहन के माध्यमों का भी उल्लेख किया गया है। इन तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक परिवहन, निजी टैक्सी या बस, दोपहिया वाहन, निजी कार और हेलीकॉप्टर जैसे विभिन्न साधनों का उपयोग किया। केदारनाथ में श्रद्धालुओं ने सबसे अधिक निजी टैक्सी या बस (41 प्रतिशत ) का इस्तेमाल किया गया।

इसके बाद सार्वजनिक परिवहन (34 प्रतिशत) का स्थान रहा। निजी कार (15 प्रतिशत) से लेकर छह प्रतिशत श्रद्धालु दो पहिया वाहन से भी पहुंचे। गंगोत्री में 61 प्रतिशत श्रद्धालु निजी टैक्सी या बस से पहुंचे। 19 फीसदी लोग निजी कारों से और नौ प्रतिशत दो पहिया वाहन से पहुंचे। हेमकुंड साहिब में अधिकांश श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया।

गंगोत्री और यमुनोत्री में तीन प्रतिशत श्रद्धालुओं ने किया हेलिकाप्टर का उपयोग
इसके बाद निजी टैक्सी और निजी कारों के माध्यम से पहुंचे। यहां पर 12 प्रतिशत दो पहिया वाहनों से भी पहुंचे। यमुनोत्री में सार्वजनिक परिवहन और निजी टैक्सी का उपयोग करने वाले श्रद्धालुओं का प्रतिशत करीब बराबर रहा है। वहीं हेलिकॉप्टर के उपयोग की भी जानकारी दी गई है। केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में लगभग सात प्रतिशत गंगोत्री और यमुनोत्री में तीन प्रतिशत श्रद्धालुओं ने हेलिकाप्टर का उपयोग किया।

ठहरने का इंतजाम

धामों में श्रद्धालुओं के ठहरने से जुड़ी जानकारी भी एकत्र की गई है। अधिकांश श्रद्धालुओं ने होटल या होमस्टे को पसंद किया। सबसे अधिक यमुनोत्री में 10 प्रतिशत लोग धर्मशाला में ठहरे। वहीं, केदारनाथ में सबसे अधिक 18 प्रतिशत लोगों ने टेंट या कैंप में ठहरना पसंद किया।

 

Uttarakhand: बीते तीन दिन से गर्मी दिखा रही तेवर, मैदान से लेकर पहाड़ तक चढ़ा पारा, कुछ दिन और रहेगी तपिश

मैदान से लेकर पहाड़ तक गर्मी झुलसा रही है। बीते सप्ताह हुई बारिश और आंधी-तूफान के बाद मिली राहत अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

बीते तीन दिन से उत्तराखंड में गर्मी तेवर दिखा रही है। आलम यह रहा कि चटक धूप के साथ गर्म हवाओं ने मंगलवार को देर शाम तक झुलसाया। उधर, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिन तक मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा। बीते रविवार से मौसम खुला तो मैदान से लेकर पहाड़ तक पारा चढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद यह सिलसिला जारी है।

मंगलवार को भी सुबह से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए, जो देर शाम तक जारी रहे। तेज धूप के साथ चल रही लू जैसी हवाओं ने लोगों को झुलसाने का काम किया, जिससे सड़कों पर आवाजाही भी कम नजर आई। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

दोपहर के समय हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जब गर्म हवाओं के चलते बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इसके साथ ही बीते सप्ताह हुई बारिश और आंधी-तूफान के बाद मिली राहत अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो दून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री बढ़ोतरी के साथ 37.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।  रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री गिरावट के साथ 22.2 डिग्री दर्ज किया गया। पर्वतीय जिलों के इलाकों में भी तापमान का हाल कुछ ऐसा ही रहा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पर्वतीय जिले उत्तरकाशी, टिहरी और देहरादून के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।

 

Uttarakhand: केंद्र की दूरसंचार परियोजना भी गांवों में नहीं ला सकी नेटवर्क, लागू की गई थी 4जी सेचुरेशन योजना

केंद्र की दूरसंचार परियोजना भी गांवों में नेटवर्क नहीं ला सकी। 2022 में केंद्र ने 4जी सेचुरेशन योजना लागू की गई थी।

मोबाइल नेटवर्क विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2022 में शुरू की गई बीएसएनएल की 4जी सेचुरेशन योजना भी अब तक घाड़ क्षेत्र के नौ गांवों तक नहीं पहुंच पाई है। चिंताजनक यह है कि आजादी के बाद से अब सरकारी सिस्टम इन गांवों में इंटनरेट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।

यह तब है जब ग्राम प्रधानों की ओर से डीएम, एसडीएम समेत विभिन्न स्तरों पत्र सौंपकर मोबाइल टावर लगाने की गुहार लगाई जा चुकी है। घाड़ क्षेत्र के हलजौरा, बेलकी, इनायतपुर, इब्राहिमपुर मसाई कला, गोकुलवाला, डांडा, बनवाला, शाहमंसूर, दौड़बसी गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। ये हाल तब है जब बीएसएनएल सेचुरेशन योजना केंद्र सरकार की एक दूरसंचार परियोजना है जिसका उद्देश्य देश के उन गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में 4जी मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना है जहां अब तक मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं है या बहुत कमजोर है।

ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है
योजना के तहत नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं और कई पुराने 2जी 3जी टावरों को 4जी में अपग्रेड किया जा रहा है लेकिन घाड़ के गांवों में कोई सुविधा नहीं पहुंची है। इनमें से कुछ जगह पर थोड़े बहुत नेटवर्क आते भी हैं तो छत पर चढ़कर बात करनी पड़ती है। वहीं ऑनलाइन पढ़ाई और सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन जैसे काम पूरी तरह ठप हैं।

हलजौरा के गांव के प्रधान स्वामी घनश्याम का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन और दूरसंचार विभाग का ध्यान आकर्षित किया जा चुका है। उन्होंने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को कई बार पत्र सौंपकर गांव में मोबाइल टावर स्थापित कराने और नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ये है सेचुरेशन योजना का मुख्य उद्देश्य
दूरस्थ और सीमावर्ती गांवों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना।
डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाना।
ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना।
डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करना।

20 लाख में लगता है टावर
हलजौरा गांव कोई मोबाइल टावर नहीं है जबकि सात किलोमीटर दूरी पर सिकरोढा के पास एक मोबाइल टावर लगा है। यदि गांव में एक टावर लग जाए तो समस्या का समाधान हो जाए। जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर हरिद्वार कंचन कांत का कहना है कि एक टावर लगाने में करीब 20 लाख के आसपास का खर्च आता है। इन गांवों में सेचुरेशन योजना के तहत समाधान होना है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उन्हीं के स्तर से कार्रवाई होनी है।

इन परेशानियों का सामना कर रहे ग्रामीण
दुर्घटना, बीमारी या अन्य आपातकाल में नहीं कर पाते किसी से संपर्क।
ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित।
ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के लाभ से वंचित।
यूपीआई, ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग ऐप और अन्य डिजिटल लेनदेन बाधित।
किसानों को नहीं मिल पा रही मौसम, फसल बीमा, कृषि योजनाओं और मंडी भाव की जानकारी।
आधार, पेंशन, राशन, आयुष्मान कार्ड और अन्य ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित।
बाहर रहने वाले परिजनों और रिश्तेदारों से कट रहा संपर्क।

 

Uttarakhand Weather: आज भी बदला रहेगा मौसम का मिजाज, देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने आज देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

प्रदेश में आज भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिले में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने, तेज हवाएं चलने और तेज बारिश होने की संभावना है। जबकि बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में कुछ जगह भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

जबकि राज्य के शेष पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, झोंकेदार हवाएं चलने और तेज बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इसका येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, बृहस्पतिवार शाम भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में खासी गिरावट देखने को मिली।

 

Uttarakhand: राहुल गांधी आज करेंगे चुनावी शंखनाद; अल्मोड़ा में जनसभा, पौड़ी में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद

प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के दौरे की तैयारियां पूरी कर ली हैं। चार जून को राहुल गांधी पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा पहुंचकर सुबह 11 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे।

करीब चार साल बाद उत्तराखंड पहुंच रहे कांग्रेस के शीर्ष नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज 2027 के चुनाव का शंखनाद करेंगे। दो दिवसीय दौरे के पहले दिन बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा में जनसभा और पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन में पूर्व फौजियों से संवाद करेंगे।

प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के दौरे की तैयारियां पूरी कर ली हैं। चार जून को राहुल गांधी पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा पहुंचकर सुबह 11 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे।

इसके बाद अल्मोड़ा से पौड़ी आएंगे। यहां पूर्व सैनिक सम्मेलन में संवाद करेंगे। राहुल गांधी अग्निपथ योजना, वन रैंक वन पेंशन, ईसीएचएस, पूर्व सैनिकों की पेंशन को आयकर के दायरे में लाने के साथ अन्य मुद्दों को धार देकर भाजपा पर सियासी वार करेंगे। वह अंकिता भंडारी के घर और कोटद्वार में मोहम्मद दीपक के जिम भी जा सकते हैं, हालांकि इन कार्यक्रमों को पार्टी ने सार्वजनिक नहीं किया है।

रात्रि विश्राम मसूरी में होगा। पांच जून को देहरादून में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला, महानगर, अनुषांगिक संगठनों के साथ बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे और तैयारियों पर फीडबैक लेंगे।

प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ.हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता अल्मोड़ा पहुंच गए हैं।