खौफ के पंजों में पौड़ी: वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही, आंकड़े चिंताजनक, तीन साल में 246 मामले

गढ़वाल वन प्रभाग में वन्यजीवों के हमले में मौत और घायलों की संख्या बढ़ती गई है। सरकारी सिस्टम के रवैये से हालात बेकाबू हो रहे हैं।

राज्य में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार हो रही हैं। इसमें गढ़वाल वन प्रभाग भी शामिल है। पिछले वर्ष इस प्रभाग में प्रदेश में सबसे अधिक मानव- वन्यजीव संघर्ष के मामले रिपोर्ट हुए हैं। यहां पर लगातार तीन वर्षों में वन्यजीवों के हमलों में लोगों की मौत और घायल होने के मामले बढ़े हैं।

बच्चों की सुरक्षा की दृष्टिगत स्कूलों को अस्थाई तौर पर बंद तक करना पड़ा है। हालत यह है कि वन्यजीवों की संख्या बढ़ने पर तारीफ बटोरने वाला तंत्र प्रभागों का पुनर्गठन करने के साथ संसाधन नहीं बढ़ा सका है, बल्कि जिस वन प्रभाग में सबसे अधिक घटनाएं हो रही हैं, वहां पर दशकों से जो स्वीकृत पद हैं? उसके सापेक्ष वन रक्षक, वन दरोगा से लेकर रेंजर तक तक के पद खाली चल रहे हैं।

इस प्रभाग में एक भी ट्रांजिट या रेस्क्यू सेंटर तक नहीं बन सका है। यह तब है, जब गढ़वाल मंडल के सबसे बड़े अधिकारी मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल का कार्यालय पौड़ी में है। वन संरक्षक का कार्यालय भी पौड़ी में स्थित है। गढ़वाल वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले पौड़ी जिले में मानव- वन्यजीव संघर्ष पर विजेंद्र श्रीवास्तव की रिपोर्ट। 

आंकड़े चिंताजनक, तीन साल में 246 घटनाएं

गढ़वाल वन प्रभाग के मानव- वन्यजीव संघर्ष के चिंताजनक हालात की तस्दीक वन महकमे के आंकड़े भी कर रहे हैं। 2023 से 2025 तक गढ़वाल वन प्रभाग में वन्यजीवों के हमले की 246 घटनाएं हुई हैं। इसमें 14 लोगों की असमय मृत्यु और 232 घायल हुए हैं। इसमें वन्यजीवों के फसल, पशु और भवन क्षति के मामले अलग हैं। वर्ष 2025 में राज्य में सबसे अधिक वन्यजीवों के हमले के मामले (116) गढ़वाल वन प्रभाग में सामने आए थे। इस वर्ष जनवरी-2026 से 15 मार्च तक भी 16 घटनाएं हुई हैं।

वन्यजीवों के हमले की घटनाएं

वर्ष-मृत्य- घायल

2023-04-40

2024-05-81

2025-05-111

घटनाएं बढ़ रही, पर स्वीकृत पद के सापेक्ष भी नहीं पूरे कर्मचारी

राज्य बनने के बाद आवश्यकता अनुसार पुलिस विभाग में नए थाने, चौकी खोले गए और संसाधनों को बढ़ाया गया। इसी तरह परिवहन विभाग में नए चेकिंग के लिए आरटीओ के पद स्वीकृत करने के साथ नए एआरटीओ कार्यालय खोले गए। पर राज्य में 70 प्रतिशत से अधिक वन भूमि है और जहां पर वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के साथ मानव- वन्यजीव संघर्ष के मामले बढ़े हैं, वहां पर प्रभागों का पुनगर्ठन तक नहीं हुआ है। करीब तीन साल से मामले को लेकर केवल कागजी कार्रवाई ही चल रही है। वहीं, जिस गढ़वाल वन प्रभाग में सबसे अधिक घटना हो रही है, वहां पर जो भी स्वीकृत पद हैं, उसके सापेक्ष भी रेंजर से लेकर वन आरक्षी तक वन कर्मियों की संख्या कम है।इसके अलावा गढ़वाल वन प्रभाग में वन्यजीवों की संख्या कितनी है? जंगल की कितनी धारण क्षमता है? वास स्थल की स्थिति कैसी है, उसको जानने को लेकर भी कोई वैज्ञानिक अध्ययन तक नहीं हुआ है।

प्रभाग में स्टाफ की स्थिति

पद- स्वीकृत पद- रिक्त पद

रेंजर-06-01

डिप्टीरेंजर-12-08

वन दरोगा-54-15

वन आरक्षी-89-20

एक भी रेस्क्यू सेंटर नहीं

इंसानी जिंदगी के लिए खतरा बने वन्यजीवों को पकड़ने का अभियान चलता है। पर इनको रखने के लिए पूरे गढ़वाल में कोई भी रेस्क्यू या ट्रांजिट सेंटर तक नहीं है। अभी गढ़वाल वन प्रभाग में योजना का खाका खींचा जा रहा है। इस प्रभाग में रेस्क्यू आपरेशन के लिए चलाने के लिए कोई स्थायी तौर पर पशु चिकित्सक भी तैनात नहीं है।

पूरे वन प्रभाग में केवल 12 बंदूक

वन प्रभाग में 12 बंदूक है। इसके अलावा पांच ट्रैंक्यूलाइजर गन है। इसके अलावा एक त्वरित प्रतिक्रिया बल है। सबसे अधिक तेंदुए को पकड़ने के 27 पिंजरे हैं। बाघ के चार और भालू के दो पिंजरे हैं। फील्ड टीम को छह वाहन उपलब्ध कराएं गए हैं।

सूचना दर्ज करते, बजट भी देते पर उपयोग को लेकर सवाल?

आपदा प्रबंधन विभाग जो बुलेटिन जारी करता है, उसमें वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को भी शामिल किया जाता है। इसके अलावा वन विभाग को उपकरण खरीदने और संसाधनों को बढ़ाने में राशि भी दी। पर आपदा प्रबंधन विभाग युवा आपदा मित्र, आपदा मित्र आदि को आपदा की दृष्टि से ट्रेंड करता है, उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम में फारेस्ट फायर, सांप काटने, वन्यजीवों के काटने का प्रशिक्षण का उल्लेख है। पर मानव- वन्यजीव संघर्ष में प्रशिक्षित लोगों का सूचना देने, विभागीय समन्वय करने से लेकर स्थिति संभालने में उपयोग हो पा रहा है? यह भी बड़ा सवाल है।

वन्यजीवों की दहशत बनी

पौड़ी जिले में वन्यजीवों के हमलों की घटनाओं को लेकर दहशत बनी हुई है। कमेड़ा ग्राम सभा की सावित्री ममगाईं बताती हैं कि पहले बंदर नहीं थी, अब इनकी संख्या बढ़ गई है। बचाव के लिए छत पर लोहे की जाली को लगाना पड़ा है। गुलदार का भी मूवमेंट लगातार बना हुआ है। खिर्सू के मदन रावत बताते हैं कि जब बर्फ पड़ी थी, तो घर के पास गुलदार सड़क पर चलता हुआ दिखा। भालू को लेकर भी चिंता है। बरसात के समय जब सब्जी को तैयार किया जाता है, तो उस समय भी भालू पहुंच जाता है। राजेश्वरी देवी बताती हैं कि वन्यजीवों से जुड़ी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। बलवंत सिंह पंवार भी बताते हैं कि वन्यजीवों का भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पहाड़ में अन्य जगह भी होने वाली घटनाओं से चिंता लोगों की बढ़ी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसारभालू के हमले की पांच घटनाएं हुई। इसमें भालू ने दो लोगों को घायल किया, एक गाय को मारा और एक का दरवाजा तोड़ा था। वर्ष-2024 में तेंदुए के हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी।

क्या कहते हैं अधिकारी

प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने बताया कि प्रभागों का पुनर्गठन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही प्रभाग में कर्मियों की संख्या के साथ अन्य संसाधन को भी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव बताते हैं कि मानव- वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। संवेदनशील जगह पर टीमों को तैनात किया गया है। खतरनाक हो चुके वन्यजीवों को पकड़ने समेत अन्य कदम उठाए जाते हैं। जन जागरूकता भी की जा रही है। प्रभाग में एक रेस्क्यू या ट्रांजिट सेंटर बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा के लिए एस्कोर्ट भी दिया जा रहा है।

बड़ा है गढ़वाल वन प्रभाग

सौ साल पुराने गढ़वाल वन प्रभाग का 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल है। इसकी सीमा धूमाकोट, कीर्ति नगर, लैंसडौन वन प्रभाग की सीमा तक फैली हुई है। वनाधिकारियों की अन्य क्षेत्रों में भी मानव वन्यजीव संघर्ष के दृष्टिगत कार्य करने की भी जिम्मेदारी होती है।

बदरीनाथ हाईवे पर हादसा: हरिद्वार जा रही तीर्थयात्रियों की बस सड़क पर पलटी, 27 लोग थे सवार, मची चीख पुकार

बस बदरीनाथ से हरिद्वार जा रही थी। चलते-चलते ड्राइवर की साइड की खिड़की खुल गई। उसे बंद करने के दौरान बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

बदरीनाथ हाईवे पर चारधाम यात्रा से लौट रहे यात्रियों की एक बस रविवार शाम मुनिकीरेती थाना अंतर्गत शिवपुरी क्षेत्र में हाईवे पर पलट गई। हादसा शिवपुरी के पास कलथरी डंपिंग प्वाइंट नजदीक हुआ। बस में ड्राइवर-कंडक्टर समेत 25 यात्री, ड्राइवर और कंडक्टर सवार थे। हादसे में सात यात्री घायल हो गए। अन्य सुरक्षित हैं।

पुलिस के अनुसार, बस (UK14PA0605) बदरीनाथ से हरिद्वार जा रही थी। चलते-चलते ड्राइवर की साइड की खिड़की खुल गई। उसे बंद करने के दौरान बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में सात लोग  घायल हो गए। 108 एंबुलेंस से उन्हें राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश भेजा गया।

बस में सवार बाकी यात्रियों को मामूली खरोंचें आईं, सभी सुरक्षित हैं। थाना मुनि की रेती पुलिस मौके पर पहुंच गई है। यातायात सुचारू कराया जा रहा है। यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पुलिस ने बस को सड़क से हटवा दिया है

ये हुए घायल

1-सोनम गुप्ता(28) पुत्री ज्ञानचंद।
2-मुन्नी देवी(56) पत्नी ज्ञानचंद
3-चंद्र प्रकाश (62)  गुप्ता पुत्र रामचरण उम्र  वर्ष
4-संजय चौरसिया  ( 59) पुत्र पन्नालाल उम्र वर्ष
5-सीता देवी (38) पत्नी  राम प्रसाद  उम्र वर्ष
6-कुमारी शबनम (32) पत्नी अभिमन्यु उम्र वर्ष
7-मनीष गिरी  (44)
समस्त निवासीगण लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश l।

UKSSSC: खुल गया नौकरियों का पिटारा; समूह ग की 2000 से अधिक पदों पर 14 भर्ती परीक्षाओं का कलेंडर जारी

उत्तराखंड में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह के पदों पर भर्ती निकाली है।

प्रदेश में बेरोजगारों के लिए समूह-ग की भर्तियों का पिटारा खुल गया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 14 भर्तियों का कैलेंडर जारी किया है, जिनसे 2390 पदों पर नौकरी का मौका मिलेगा।

आयोग के सचिव एनएस डुंगरियाल ने बताया कि विभिन्न विभागों से मिले भर्ती प्रस्तावों के आधार पर यह कैलेंडर जारी किया गया है। इसमें इस महीने से लेकर दिसंबर तक होने वाली 14 परीक्षाओं को शामिल किया गया है। पेपर लीक प्रकरण के चलते रद्द हुई स्नातक स्तरीय की जो भर्ती परीक्षा 17 मई को प्रस्तावित थी, वह अब 14 जून को कराई जाएगी। विशेष तकनीकी अर्हता के 57 पदों की जो भर्ती परीक्षा तीन मई को प्रस्तावित थी, वह अब 28 जून को होगी। आयोग इस साल इंटरमीडिएट स्तरीय और स्नातक स्तरीय नई भर्तियां भी निकालेगा।

 

Uttarakhand News: सप्ताहभर के मौसम के ठंडे मिजाज से यूपीसीएल को बड़ी राहत, बिजली की मांग में भारी गिरावट

प्रदेश में पिछले एक सप्ताह के मौसम से बिजली की मांग में भारी गिरावट आई है। एक करोड़ यूनिट तक मांग कम हुई है।अब कहीं भी बिजली कटौती नहीं है।

प्रदेश में पिछले सप्ताहभर से मौसम के ठंडे मिजाज ने यूपीसीएल को बड़ी राहत दी है। बिजली की मांग जो रोजाना औसत पांच से 10 लाख यूनिट बढ़ रही थी, वह गिर गई है। अब प्रदेश में बिजली की मांग 4.4 करोड़ यूनिट के आसपास चल रही है।

अप्रैल के आखिरी दिनों में यूपीसीएल के लिए बिजली की आपूर्ति बड़ा सिरदर्द बनी थी। मांग 5.5 करोड़ यूनिट से भी ऊपर चली गई थी। इसके सापेक्ष उपलब्धता करीब 2.6 करोड़ यूनिट तक ही थी। बाजार से रोजाना करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली खरीदकर भी आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही थी। इस कारण यूपीसीएल को दो से तीन घंटे की कटौती करनी पड़ी। स्टील इंडस्ट्री में तो कटौती आठ घंटे तक हुई।

मई की शुरुआत से ही मौसम बदलना शुरू हुआ। लगातार बारिश और पारा गिरने से यूपीसीएल की मुश्किलें भी आसान हो गई। बिजली की मांग करीब एक करोड़ यूनिट तक नीचे चली गई। बुधवार को बिजली की मांग 4.4 करोड़ यूनिट थी, जिसके सापेक्ष राज्य पूल से 1.2 करोड़, केंद्रीय पूल से 1.9 करोड़ यूनिट बिजली मिलाकर 3.1 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध थी। बाकी बाजार व पावर बैंकिंग से इंतजाम किया गया। इस तरह मांग के सापेक्ष पूरी बिजली उपलब्ध थी और कहीं भी घोषित कटौती नहीं की गई।

गर्मी बढ़ी तो फिर बढ़ सकती हैं मुश्किलें

अभी बिजली की मांग गिरने से राहत जरूरी मिल गई है लेकिन आने वाले समय में जैसे ही मांग में इजाफा होगा तो यूपीसीएल की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। प्रदेश में आमतौर पर जून माह में बिजली की सर्वाधिक छह करोड़ यूनिट मांग होती है। इसके सापेक्ष उपलब्धता के लिए यूपीसीएल अभी से तैयारी में जुटा है।

Uttarakhand: आईएएस अधिकारियों ने किया भ्रष्टाचार तो आरटीआई से मिल सकेगी जानकारी, आयोग ने दिया आदेश

आईएएस अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया तो आरटीआई से इसकी जानकारी मिल सकेगी। यदि कोई जानकारी देने से भ्रष्टाचार के मामले की जांच में बाधा पैदा हो तो विभाग जानकारी देने से मना कर सकता है।

राज्य सूचना आयोग ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि यदि लोकसेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के किसी मामले में केस दर्ज किया जा चुका है, या राज्य सरकार के द्वारा जांच की अनुमति दी जा चुकी है तो उसकी जानकारी सूचना के अधिकार के अंतर्गत नागरिकों को दी जा सकती है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मामले की जांच जारी है और उससे संबंधित कोई सूचना देने से जांच में बाधा पैदा होने की आशंका है तो संबंधित अधिकारी ऐसी सूचना देने से इनकार कर सकते हैं।

राज्य सूचना आयुक्त कुशला नंद ने संजीव चतुर्वेदी की एक अपील पर निर्णय देते हुए कहा है कि यदि लोकसेवकों के किसी भ्रष्टाचार के मामले में अदालत में मुकदमा दर्ज हो चुका है तो इसकी जानकारी भी आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा सकती है। हालांकि, फाइल नोटिंग को आयोग ने विभागीय आंतरिक कार्रवाई का हिस्सा माना है और इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को सही नहीं ठहराया है।

अनावश्यक दबाव पैदा करने की कोशिश 
अब तक यह धारणा रही है कि लोकसेवकों को किसी दबाव से मुक्त होकर कार्य करने के लिए उनसे संबंधित मामलों की जानकारी आम नागरिकों को नहीं उपलब्ध करानी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से उन पर अनावश्यक दबाव पैदा करने की कोशिश की जा सकती है। इससे उनका कामकाज प्रभावित हो सकता है। लेकिन आयोग के इस निर्णय से भ्रष्टाचार में लिप्त लोकसेवकों की जानकारी आम लोगों को उपलब्ध हो सकेगी।

दूसरी एजेंसी की जानकारी देने से पहले अनुमति लेना जरूरी आयोग ने कहा है कि यदि आरटीआई के अंतर्गत मांगी गई जानकारी जांच करने वाली एजेंसी को किसी अन्य एजेंसी के द्वारा उपलब्ध कराई गई है तो ऐसी जानकारी देने के पूर्व संबंधित जांच एजेंसी से अनुमति लेनी होगी।

Uttarakhand: आयोग ने प्रवक्ता की दो परीक्षाएं की स्थगित, नौ और दस मई को थी तय, अब नई तिथि होगी जारी

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने नौ मई को भौतिक शास्त्र और 10 मई को होने वाली नागरिक शास्त्र की परीक्षा स्थगित कर दी है। जल्द नई तिथि जारी की जाएगी।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने प्रवक्ता भर्ती की दो परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। अब इनकी नई तिथि जारी की जाएगी। आयोग ने पिछले दिनों जारी हुए परीक्षा कैलेंडर में भी इनका जिक्र किया था।

आयोग के परीक्षा नियंत्रक जयवर्धन शर्मा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा प्रवक्ता संवर्ग समूह-ग सामान्य शाखा एवं महिला शाखा परीक्षा 2025 के तहत नौ मई को प्रवक्ता भौतिक शास्त्र और 10 मई को प्रवक्ता नागरिक शास्त्र की परीक्षा होनी थी। ये दोनों परीक्षाएं अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गई हैं। अब नई परीक्षा तिथि अलग से जारी की जाएगी।

 

Uttarakhand: दुर्गम क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से भेजे जाएंगे सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर, मानक पूरा करने के निर्देश

दुर्गम क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा की।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को हेलिकॉप्टर से भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इस पहल से आपात स्थिति में मरीजों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में नहीं आना पड़ेगा।

रविवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में रेफर किया जाता है। सरकार का प्रयास है कि सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को हेलिकॉप्टर से दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा जाए और वहीं पर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।

उन्होंने चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लगातार निगरानी के साथ ही रोटेशन में डॉक्टरों को तैनात करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर आने वाले चिकित्सा इकाइयों में सभी चिकित्सा सामग्री होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को मरीजों के प्रति अपने व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ व रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को इसी साल से संचालित करने का सरकार ने लक्ष्य रखा है। इसके लिए अधिकारी एनएमसी के मानकों के पूरा करने की दिशा में काम करें।

कर्नाटक में बर्ड फ्लू का कहर: H5N1 वायरस से 40 मोरों की मौत,

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा टला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष 5 राज्यों की मतगणना के बाद आएंगे। जल्दी ही उनके आगमन की तिथियां तय होंगी।

उत्तराखंड में राज्य भाजपा के दो सर्वे, पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अप्रत्यक्ष रूप से कार्यकर्ताओं में जोश भरने के बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के तीन दिवसीय दौरे की तैयारी तेज हो गई है। इस दौरान सभी 70 विधानसभा सीटों पर जीत के दावेदारों पर मंथन होगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का आगमन आगामी चुनावी तैयारियों के नजरिए से राज्य भाजपा के लिए अहम है। इस बार भाजपा समय रहते एक-एक सीट पर मंथन करेगी। विधायक को फिर से टिकट देना है या नए मजबूत दावेदार होंगे। कुछ सीटों पर ये भी देखा जाएगा कि दूसरे दलों के मजबूत दावेदारों को भाजपा से टिकट दिया जाए। इन सभी संभावनाओं पर तीन दिन तक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मंथन करने वाले हैं।

मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद समेत कोर कमेटी के सदस्य शामिल होंगे
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस प्रवास में मंडल से लेकर प्रदेश और सरकार में कैबिनेट मंत्रियों की बैठक लेंगे। इस दौरान वे बलबीर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक लेंगे। जिसमें मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद समेत कोर कमेटी के सदस्य शामिल होंगे।

आगामी विधानसभा चुनाव रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। प्रदेश संगठन की ओर से राज्य के वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य का खाका खींचते हुए, विधानसभावार पार्टी की तैयारियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के कामों का जनता पर प्रभाव, विधायकों के प्रदर्शन और क्षेत्रवार मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

पार्टी पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें सांगठनिक कार्यक्रमों की समीक्षा और 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर आवश्यक रणनीतिक विशेष सुझाव भी दिए जाएंगे। पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ साथ एक जिले और एक मंडल स्तर की पदाधिकारी बैठक लेकर वह जमीनी तैयारी को भी परखेंगे।

 

Labour Day: उत्तराखंड में लाखों श्रमिकों को सौगात; पीएफ-बीमा मिलेगा, पांच के बजाए एक साल में मिलेगी ग्रेच्युटी

केंद्र सरकार की मजदूरी संहिता, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा संहिताओं को राज्य में पिछले साल अपनाया गया था। अब श्रम विभाग इन्हें धरातल पर उतारने के लिए नियमावली तैयार करने में जुटा है।

उत्तराखंड में लाखों श्रमिकों को जल्द ही पांच के बजाए एक साल में ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सौगात मिलेगी। इसके लिए केंद्र की चार श्रम संहिताओं को लागू करने के बाद अब श्रम विभाग इनकी नियमावली तैयार कर रहा है। इनमें से औद्योगिक संबंध संहिता का ड्राफ्ट बृहस्पतिवार को जारी किया गया।

केंद्र सरकार की मजदूरी संहिता, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा संहिताओं को राज्य में पिछले साल अपनाया गया था। अब श्रम विभाग इन्हें धरातल पर उतारने के लिए नियमावली तैयार करने में जुटा है। इनमें से उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली 2026 का ड्राफ्ट श्रम विभाग ने 18 मार्च 2026 को जारी किया था। इस पर 17 अप्रैल तक प्रदेशभर से आपत्ति व सुझाव लेने के बाद श्रम विभाग इसे अंतिम रूप दे रहा है जो कि जल्द ही कैबिनेट में लाई जाएगी।

दूसरी, उत्तराखंड औद्योगिक संबंध संहिता नियमावली 2026 का ड्राफ्ट श्रम विभाग ने बृहस्पतिवार को जारी कर दिया, जिस पर 30 मई तक सुझाव व आपत्ति सचिव, श्रम विभाग, उत्तराखंड सचिवालय देहरादून या ई-मेल secretaryswp125@gmail.com, lcukhld0@gmail.com पर भेज सकते हैं। बाकी दो संहिताओं सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा की नियमावली का ड्राफ्ट भी तैयार करके जल्द जनता के लिए जारी किया जाएगा। श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि चारों संहिता प्रदेश ने एडॉप्ट कर ली हैं। अब नियमावली लागू की जा रही हैं, जिससे इनका अनुपालन आसान हो जाएगा।

ग्रेच्युटी, पीएफ, बीमा का मिलेगा लाभ

चारों श्रम संहिता की नियमावली लागू होने के बाद राज्य के हर श्रमिक के लिए एक समान न्यूनतम मजदूरी तय होगी। वेतन भुगतान समय पर और डिजिटल माध्यम से होगा। पहले पांच साल की सेवा के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी अब अनुबंध पर काम करने वाले श्रमिकों को मात्र एक साल की नौकरी के बाद भी मिल सकेगी। पहली बार ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और गिग वर्कर्स (डिलीवरी और राइडिंग पार्टनर) को भी भविष्य निधि (पीएफ) और बीमा जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। महिला श्रमिक अब अपनी सहमति से रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी बशर्ते नियोक्ता उनकी सुरक्षा और घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी उठाए। नई संहिताओं के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50 प्रतिशत होगा। इससे श्रमिकों के पीएफ और ग्रेच्युटी फंड में बढ़ोतरी होगी। 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए साल में एक बार मुफ्त मेडिकल चेकअप का प्रावधान किया जाएगा।

 

ICSE Board Exam: परिणाम घोषित, रुड़की के सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चेतन और शुभेंद्र ने लहराया परचम

आईसीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। रुड़की के सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इंटर में चेतन ने 85 प्रतिशत अंक लाकर टॉप किया। वहीं हाईस्कूल में शुभेंद्र प्रताप यादव 89 प्रतिशत पर रहे अव्वल रहे। दोनों स्कूल टॉपर रहे।

आईसीएसई बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। परिणाम आते ही छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई। शहर के सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल का नाम रोशन किया।

टरमीडिएट विज्ञान वर्ग में छात्र चेतन ने 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल टॉप किया। वहीं हाईस्कूल परीक्षा में शुभेंद्र प्रताप यादव ने 89 प्रतिशत सर्वाधिक अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। स्कूल के प्रधानाचार्य केनेथ सैमुअल ने मेधावी छात्रों की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है।

प्रधानाचार्य ने कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने अन्य छात्रों को भी इनसे प्रेरणा लेने की बात कही। परिणाम घोषित होते ही स्कूल परिसर में जश्न का माहौल रहा। सहपाठियों और शिक्षकों ने टॉपर्स को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।