भारत-नेपाल के शीर्ष अफसर पहुंचे देहरादून: रात्रिभोज पर की मुलाकात, सीमा और व्यापार के मुद्दे पर होगी बात

उच्चस्तरीय बातचीत में भारत का नेतृत्व गृहमंत्रालय की शीर्ष अधिकारी पौसमी बसु कर रही हैं। वे बॉर्डर मैनेजमेंट डिवीजन से जुड़ी हैं और उन्हें सीमा संबंधी मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।

नेपाल से सीमा संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी बुधवार रात देहरादून पहुंच गए। औपचारिक बातचीत से पहले अधिकारियों ने रात्रिभोज पर एक दूसरे से मुलाकात की।

इस उच्चस्तरीय बातचीत में भारत का नेतृत्व गृहमंत्रालय की शीर्ष अधिकारी पौसमी बसु कर रही हैं। वे बॉर्डर मैनेजमेंट डिवीजन से जुड़ी हैं और उन्हें सीमा संबंधी मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उनके नेतृत्व में गृहमंत्रालय के लगभग छह अधिकारियों का एक दल दून पहुंचा है। इसके अलावा वार्ता में आईटीबीपी और सीमा सशस्त्र बल के उच्च अधिकारियों का एक दल भी शामिल है। वहीं, नेपाल की ओर से लगभग एक दर्जन अधिकारी बातचीत के लिए आए हैं। नेपाल में काम कर रहे भारतीय अधिकारी भी बातचीत के लिए देहरादून पहुंचे हैं।
अमर उजाला को मिली विश्वस्त जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चार दौर में सभी अहम मुद्दों पर बातचीत होगी। इसमें सीमा संबंधी विषय और लिपुलेख दर्रे के मार्ग से भारत चीन के बीच शुरू हुए व्यापार पर नेपाल की आपत्ति के मुद्दे शामिल होंगे।
सीमा संबंधी मुद्दों पर तनाव पैदा होने के बाद दोनों देश एक बार फिर अपने पुराने संबंधों की मजबूत बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। भारत अपने पारंपरिक दोस्त को और करीब लाने के लिए सांस्कृतिक संबंधों को और मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, वहीं पड़ोसी देश भी अपनी आर्थिक और रक्षा संबंधी आवश्यकताओं के लिए भारत से संबंध बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रहा है। नेपाल की नई सरकार भी भारत से मजबूत संबंधों की पक्षधर है। दोनों ही देशों के अधिकारियों ने बातचीत से संबंधों को एक नई ऊर्जा मिलने का भरोसा जताया है।

Roorkee: ज्वैलरी और खिलौने की दुकानों में लगी भीषण आग, साबिर पाक के सालाना उर्स के बीच मची अफरातफरी

Roorkee: साबिर पाक के सालाना उर्स के बीच मची अफरातफरी, अजमेरी बाजार में आर्टिफिशियल ज्वैलरी और खिलौने की दुकानों में लगी भीषण आग

साबिर पाक के सालाना उर्स के बीच मंगलवार रात करीब एक बजे दरगाह पहाड़ी गेट के पास अजमेरी बाजार में आर्टिफिशियल ज्वैलरी और खिलौने की दुकानों में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। दुकानों से ऊंची-ऊंची लपटें उठती देख बाजार में अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर पानी और अन्य संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

आग की सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को नियंत्रित करते हुए स्थिति संभाली। स्थानीय लोगों के अनुसार, सूचना देने के करीब 20 मिनट बाद दमकल विभाग  की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान आग तेजी से फैलती रही और आसपास की दुकानों में भी आग लगने का खतरा बना रहा। दमकल कर्मियों के पहुंचने के बाद आग बुझाने का काम तेजी से शुरू किया गया।
उर्स के चलते इन दिनों कलियर में बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद हैं। बाजार के बीच आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने लोगों को मौके से हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया
आग लगने से दुकानों में रखा सामान जलकर खाक हो गया। दुकानदारों के अनुसार आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान का सही आकलन अभी नही हो सका है। आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
लोगों की सूझबूझ से बची खानकाह में रखे कबूतरों की जान
अजमेरी बाजार में दुकानों में आग लगने के दौरान स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए दुकानों के पीछे स्थित खानकाह में रखे कबूतरों की जान बचाई। खानकाह के अंदर पिंजरे में कबूतर बंद थे। आग बढ़ने का खतरा देख लोगों ने तुरंत  पिंजरा बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। लोगों की तत्परता और सूझबूझ  से कबूतर आग की चपेट में आने से बच गए।

सीएम धामी ने की सात बड़ी घोषणाएं: उत्तराखंड में बनेगा राज्य युवा आयोग, स्वरोजगार के लिए विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ वीरभूमि भी है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस पर युवाओं, पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों को स्वरोजगार में विशेष प्रोत्साहन, पट्टे या सरकारी जमीन पर लंबे समय काबिज लोगों को भूमिधरी का अधिकार देने की सौगात दी है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष औद्योगिक पार्क बनाने व बहादुर बच्चों को बाल वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की है।

परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ वीरभूमि भी है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है। प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर स्टांप शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। 

सीएम धामी ने सात बड़ी घोषणाएं कीं

समारोह में सीएम धामी ने सात बड़ी घोषणाएं कीं। उत्तराखंड में राज्य युवा आयोग की स्थापना की जाएगी। 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने के अलावा आईआईटी व आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्योग स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दी जाएगी। चमोली, पौड़ी व अल्मोड़ा जिले में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। सीमावर्ती ग्रामों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों व अग्निवीरों को स्वरोजगार और उद्योग स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता व प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पट्टे व लंबे समय से कब्जे की सरकारी भूमि के विनियमितीकरण की समय सीमा का विस्तार कर भूमिधरी अधिकार देने की घोषणा भी की है। कहा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य सरकार की हिस्सेदारी को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

आध्यात्मिक विरासत का हो रहा संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ, बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास एवं शीतकालीन यात्रा जैसी पहलों से प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। आगामी वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ महापर्व में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बनेगा।

Uttarakhand: एसआईआर, अगर आपके वोट पर आपत्ति का नोटिस आए तो हल्के में न लें, लापरवाही पड़ सकती है भारी

अगर आपके वोट पर आपत्ति का नोटिस आए तो इसे हल्के में न लें। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।समय से जवाब न दिया तो वोट कट सकता है।

प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अगर आपके वोट पर भी आपत्ति का नोटिस आए तो कतई हल्के में न लें। आपकी लापरवाही के कारण आपका नाम मतदाता सूची से कट सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रदेशभर में चल रहा एसआईआर अब अंतिम पड़ाव में है।

इसके तहत तमाम विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को लेकर आपत्तियां आईं हैं। बड़ी संख्या उन आपत्तियों की है, जिसमें आपत्तिकर्ता ने ये कहा है कि मतदाता अब यहां नहीं रहता। लिहाजा, मतदाताओं के लिए अब वोटर लिस्ट में अपने अस्तित्व को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है।
आपत्तिकर्ता जब नोटिस की सुनवाई के दौरान जाएगा तो वहां मतदाता के निवास न करने का प्रमाण भी देना होगा लेकिन मतदाता को भी अपने निवासी होने का प्रमाण ईआरओ या एईआरओ के सामने रखना है। लिहाजा, मतदाता के लिए चुनौती ज्यादा है। ऐसे में अगर बीएलओ के माध्यम से आपके पास फॉर्म-10 का नोटिस आता है तो उस के प्रति सजग रहें। हल्के में न लें। कहीं ऐसा न हो कि आपका वोट ही कट जाए।

जवाब से ईआरओ संतुष्ट नहीं होंगे तो कट जाएगा वोट

आपत्तियों पर सुनवाई के बाद मतदाता की ओर से दिए गए जवाब से अगर ईआरओ संतुष्ट नहीं होंगे तो उनका वोट कट जाएगा। लिहाजा, मतदाता को इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि वह ऐसे प्रमाण के साथ अपना जवाब दे, जिससे ये साबित हो जाए कि वह वहीं का निवासी है। इस मामले में ईआरओ को ही फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है।

Uttarakhand: अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती पर रोक, पारदर्शीता के लिए बन रही नई नियमावली

उत्तराखंड के अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर अब विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर लगातार उठते सवालों और नियुक्तियों को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच फिलहाल शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी संबंधित पक्षों को स्पष्ट संदेश दिया है।

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. वीएन खाली ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भर्ती में पारदर्शीता को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं।

कई बार शिकायतें मिलती रही हैं कि चहेतों को नियुक्ति दे दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक ने कहा, भर्ती में पारदर्शीता के लिए नई नियमावली बन रही है। इस नियमावली के बनने तक भर्ती को स्थगित किया गया है। नियमित भर्ती प्रक्रिया के स्थगन की अवधि में संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंध समिति खुद के खर्चे पर अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से पठन-पाठन की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हैं। कुछ महाविद्यालयों में शिक्षक 40 फीसदी से भी कम रह गए हैं। जिससे इन महाविद्यालयों में पठन-पाठन पर इसका असर पड़ रहा है।

आयोग के माध्यम से भर्ती का मामला लटका

अशासकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में कई तरह की शिकायतें मिलती रही हैं। यही वजह है कि सरकार ने भर्ती में पारदर्शीता के लिए शासन स्तर पर समिति का गठन किया हुआ है। समिति को भर्ती के पारदर्शी माध्यम की तलाश करनी थी। बताया गया था कि आयोग के माध्यम से भी इनमें भर्ती की जा सकती है, लेकिन प्रकरण पिछले काफी समय से लटका है।

 

अच्छी खबर: शुरू होगी मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना; प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी मुफ्त

योजना का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री प्रदान करना है। यह योजना का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को मिलेगा।

प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलने जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी योजना का शुभारंभ करेंगे।

योजना का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री प्रदान करना है। यह योजना का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को मिलेगा। इसमें सिविल सर्विसेज (यूपीएससी व पीसीएस), रक्षा सेवाओं (सीडीएस), बैंकिंग, रेलवे, एसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शामिल है।
साथ ही, केट, मेट, गेट, नेट और एसएसआईआर नेट जैसी प्रवेश व पात्रता परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में हुए विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट की बैठक में योजना पर विचार विमर्श किया गया था। अब सरकार योजना को धरातल पर उतारने जा रही है।

घर बैठे मिलेगी कोचिंग सुविधा

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना से युवाओं को घर बैठे मुफ्त गुणवत्तापूर्ण कोचिंग सुविधा मिलेगी। इसका लक्ष्य उन विद्यार्थियों को सहायता देना है, जो आर्थिक कमी के कारण महंगी कोचिंग नहीं ले पाते। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने का बेहतर अवसर मिलेगा।

 

Char Dham Yatra: अब एलईडी स्क्रीन बताएगी मौसम और मार्ग बंद होने की सटीक जानकारी, श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत

बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर भद्रकाली और मलेथा (श्रीनगर) में अत्याधुनिक एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही हैं जिन पर यात्रियों को मौसम की स्थिति, सड़क बंद होने, वैकल्पिक मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं रियल टाइम में उपलब्ध होंगी।

चारधाम यात्रा के दौरान अब यात्रियों को मौसम और मार्ग की जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर भद्रकाली और मलेथा (श्रीनगर) में अत्याधुनिक एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही हैं जिन पर यात्रियों को मौसम की स्थिति, सड़क बंद होने, वैकल्पिक मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं रियल टाइम में उपलब्ध होंगी। करीब 68 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही यह व्यवस्था यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में अहम है।

लोक निर्माण विभाग के विद्युत यांत्रिकी खंड, ऋषिकेश को इस परियोजना की कार्यदायी संस्था बनाया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एलईडी स्क्रीन (16 फीट × 10 फीट) लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित फर्म के साथ अनुबंध भी हो गया है। निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री एक दो दिन में कार्यस्थल पर पहुंचनी शुरू हो जाएगी। इसी माह के अंत तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बरसात के मौसम में भूस्खलन, चट्टान गिरने या खराब मौसम के कारण यात्रा मार्ग पर अक्सर यातायात प्रभावित होता है। ऐसे में कई बार श्रद्धालु बिना जानकारी के आगे बढ़ जाते हैं और घंटों जाम या बंद मार्ग में फंस जाते हैं। एलईडी स्क्रीन पर मौसम की चेतावनी, मार्ग बंद होने, यातायात की स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देश तत्काल प्रदर्शित किए जाएंगे जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
द्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में सूचना तंत्र को आधुनिक बनाने की यह पहल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को मजबूत करेगी। अधिकारियों का मानना है कि रीयल टाइम सूचना प्रणाली लागू होने से अनावश्यक भीड़, जाम और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कमी आएगी व आपदा या खराब मौसम की स्थिति में प्रशासन की सलाह सीधे यात्रियों तक पहुंच सकेगी।

भद्रकाली व मलेथा में एलईडी लगाए जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो गई है। इस माह के अंत तक एलईडी लगा दी जाएगी।
-पंकज नयाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत यांत्रिकी खंड लाेनिवि ऋषिकेश

Uttarakhand: प्रदेश के राजकीय हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों का पांच साल बाद भी स्थायीकरण नहीं, प्रमोशन लटके

स्थायीकरण के नाम पर प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति को फिर लटका दिया गया है। जबकि विभाग में पहले ही प्रधानाध्यापकों के 93 और प्रधानाचार्यों के 90 फीसदी पद खाली हैं।  शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से स्थायीकरण का प्रस्ताव मांगा है।

प्रदेश के राजकीय हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों का पांच साल बाद भी स्थायीकरण नहीं हो पाया है। जिससे उनके प्रमोशन लटक गए हैं। शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से उनके स्थायीकरण का प्रस्ताव मांगा है। शिक्षा विभाग में वर्ष 2018 के बाद से शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की पदोन्नतियां लटकी हैं। यही वजह है कि कई शिक्षक 30 से 35 साल की सेवा के बाद एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

शिक्षकों के मुताबिक वर्षों बाद विभाग में अब पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है लेकिन स्थायीकरण के नाम पर प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति को फिर लटका दिया गया है। जबकि विभाग में पहले ही प्रधानाध्यापकों के 93 और प्रधानाचार्यों के 90 फीसदी पद खाली हैं। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्यूली बताते हैं कि प्रधानाध्यापकों की विभाग में 35 साल की सेवा हो चुकी है।

ऐसे में पदोन्नति के लिए अब स्थायीकरण का कोई औचित्य नहीं है। प्रधानाध्यापकों का प्रवक्ता के पद पर रहते स्थायीकरण हो चुका है। यदि विभाग को प्रधानाध्यापक के पद पर रहते स्थायीकरण करना था तो परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) समाप्त होते ही उनका स्थायीकरण किया जाना चाहिए था। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री के मुताबिक विभाग में वर्ष 2021 में 350 शिक्षक पदोन्नति पाकर प्रधानाध्यापक बने थे। जिसमें से अधिकतर सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

एलटी से प्रवक्ताओं के पदों पर नहीं हुई पदोन्नति

शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता के 3500 पदों पर पदोन्नति लटकी है। शिक्षकों के मुताबिक वर्ष 2018 से पदोन्नति न होने से कई शिक्षक एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

विभाग में पदोन्नति को लेकर जो सूची तैयार की जा रही है, इससे सबसे अधिक नुकसान आरक्षित वर्ग के प्रवक्ताओं को होगा। जिनकी वरिष्ठता सैकड़ों क्रमांक पीछे हो जाएगी। मामले को लेकर संगठन शिक्षा सचिव से मिलेगा। -आरएल आर्य, प्रांतीय अध्यक्ष, एससी,एसटी, ओबीसी वैचारिक महासंघ

Dehradun: जालसाज हेमंत ईश्वर शर्मा की 8.54 करोड़ की संपत्ति अटैच; बिटक्वाॅइन के नाम पर की थी करोड़ों की ठगी

हेमंत ईश्वर शर्मा ने बीटीसी फंड डॉट आईएस नाम की आईएसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट के माध्यम से लोगों से निवेश कराया था। ठगी का यह खेल उसने 2014-15 में शुरू किया था। उसके खिलाफ राजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसके आधार पर ईडी ने भी जांच शुरू की।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिटक्वाॅइन में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी दून के हेमंत ईश्वर शर्मा की 8.54 करोड़ रुपये की चल अचल संपत्तियों को अटैच किया है। इससे पहले उसकी 4.56 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है। ईश्वर शर्मा वर्तमान में सुद्धोवाला जेल में बंद है।

ईडी से मिली जानकारी के अनुसार हेमंत ईश्वर शर्मा ने बीटीसी फंड डॉट आईएस नाम की आईएसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट के माध्यम से लोगों से निवेश कराया था। ठगी का यह खेल उसने 2014-15 में शुरू किया था। उसके खिलाफ राजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसके आधार पर ईडी ने भी जांच शुरू की। इसी फर्जी योजना से जुड़े मामले में दिनेशपुर थाना, जिला ऊधमसिंह नगर में भी हेमंत ईश्वर शर्मा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शर्मा ने निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच दिया और यह झूठा दावा किया कि कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हैं, जिससे योजना को विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित बताया जा सके।
ईडी के अनुसार जब उसने लोगों का भरोसा जीत लिया और बड़ी मात्रा में बिटक्वाॅइन एकत्र कर लिए। इसके बाद उसने अचानक वेबसाइट बंद कर दी, जिससे निवेशकों के साथ धोखा हुआ और उनका धन फंस गया। ब्लॉकचेन विश्लेषण में लगभग 856.23 बिटक्वाॅइन (वर्तमान मूल्य लगभग 200 करोड़ रुपये) की अपराध से अर्जित आय का पता चला। जांच में सामने आया कि इन बिटक्वाॅइन को विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग कर अचल संपत्तियां खरीदने, वाहन लेने और अपने आवास के नवीनीकरण में इस्तेमाल किया गया। ईडी की जांच में यह भी पाया गया कि हेमंत शर्मा के पास वेबसाइट से प्राप्त धन के अलावा आय का कोई अन्य वैध स्रोत नहीं था।
बंगला और दो बीएमडब्ल्यू कार
आय का कोई और स्रोत न होने पर भी वह बेहद आलीशान जीवन जी रहा था। बिना किसी औपचारिक आय के उसने दो बीएमडब्ल्यू कारें, देहरादून के एक पॉश इलाके में बंगला और देहरादून व आसपास के क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां खरीदी हैं। गत 20 मई को ईडी ने उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की थी, जिस पर न्यायालय ने 13 जुलाई को संज्ञान लिया।

Sawan Somwar: शिवभक्ति में डूबा हरिद्वार-ऋषिकेश, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय, उमड़ा आस्था का सैलाब

हरिद्वार-ऋषिकेश आज शिवभक्ति में डूबा है। हर-हर महादेव के जयघोष से शिवालय गूंज रहे हैं। धर्मनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ा है।

सावन के पहले सोमवार पर हरिद्वार और ऋषिकेश के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तड़के तीन बजे से ही मंदिरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

हरिद्वार के कांवड़ मार्ग स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। कांवड़ क्षेत्र स्थित यह मंदिर भगवान शिव की ससुराल माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार राजा दक्ष, जो भगवान ब्रह्मा के पुत्र और भगवान शिव के ससुर थे, उनका राज्य यहीं था। उन्होंने बताया कि सावन माह में भगवान शिव एक माह तक यहां विराजमान रहते हैं।
इसी कारण इस पूरे महीने मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का महत्व बढ़ जाता है। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि सोमवार को सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ रहती है। इसलिए कई लोग सुबह पांच बजे से पहले ही दर्शन के लिए पहुंच गए।
वहीं ऋषिकेश में भी सावन के पहले सोमवार पर सोमेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव और वीरभद्र महादेव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिरों के कपाट खुलते ही “बोल बम” और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। पूरे दिन शिवालयों में दर्शन और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।