बदरीनाथ में चढ़ावे की जांच: आरोपी कर्मचारी की ड्यूटी बदली; BKTC ने प्रोटोकॉल व थाली भेंट गणना कार्य से हटाया

संबंधित कर्मचारी की तैनाती पूर्व में बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में थी। इस वर्ष उसे बदरीनाथ धाम में नियुक्त किया गया था। हाल ही में उस पर आर्थिक अनियमितता और चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप लगने के बाद बीकेटीसी ने मामले की जांच शुरू की है

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच के बीच बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आरोपी कर्मचारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटा दिया है। समिति ने उसे फिलहाल प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना (दान एवं चढ़ावे की रकम की गणना) की ड्यूटी से मुक्त कर दिया है।

आरोपी कर्मचारी बदरीनाथ धाम में प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से जुड़ा हुआ था। ये दोनों व्यवस्थाएं मंदिर संचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। प्रोटोकॉल व्यवस्था में पांच कर्मचारी तैनात रहते हैं जबकि थाली भेंट गणना कार्य में छह कर्मचारी अपनी सेवाएं देते हैं। आरोपी कर्मचारी को प्रोटोकॉल का नोडल अधिकारी भी बनाया गया था।
सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आरोपी कर्मचारी को प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। 

बीकेटीसी ने बनाई चार सदस्यीय समिति

बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के एक कर्मचारी पर लगे आर्थिक हेराफेरी के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीसीटीवी की जांच के लिए आंतरिक टीम (विभागीय) भी गठित कर दी गई है।

चढ़ावा प्रकरण पर तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने जताई चिंता

उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण पर चिंता व्यक्त की है। कहा इस तरह की घटना से मंदिर समिति की छवि खराब होने के साथ ही श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। महापंचायत ने कहा इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।

चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं महासचिव डॉ. बृजेश सती ने संयुक्त बयान में कहा कि एक माह के अंदर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष की ओर से दो जांचों के आदेश दिए गए हैं। इसमें एक जांच का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। इस बीच एक और जांच के आदेश दिए गए हैं। महापंचायत पदाधिकारियों ने कहा इस तरह की घटना से करोड़ों सनातन धर्मवालंबियों की भावना आहत हो रही है। इससे गलत संदेश जा रहा है। कहा विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर की छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महा पंचायत ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर समिति को कठोर कदम उठाने का सुझाव दिया।

कांग्रेस ने लगाए कई गंभीर आरोप

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे के पैसों में हेराफेरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मांग की है कि प्रकरण की जांच पूरी होने तक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को भंग किया जाए। प्रदेश सरकार को इस मामले की गंभीरता से निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। नगर कांग्रेस कमेटी ने पत्रकार वार्ता में सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता कमल रतूड़ी ने कहा कि बदरीनाथ व केदारनाथ में लगातार कई मामले सामने आए, लेकिन आज तक कोई भी जांच पूरी नहीं हुई। कमल रतूड़ी ने कहा कि बीकेटीसी के अध्यक्ष पद पर काबिज व्यक्ति पूर्व में कई आरोपों से घिरे हुए हैं इसलिए पूरी बदरीनाथ-केदारनाथ कमेटी को भंग कर निष्पक्ष जांच की जाए।

 

Uttarakhand: विवादित संपत्ति पर किरायेदार को बिजली कनेक्शन का है अधिकार, विद्युत लोकपाल के दो अहम फैसले

विवादित संपत्ति पर किरायेदार को बिजली कनेक्शन का अधिकार है। विद्युत लोकपाल ने दो अहम फैसले सुनाए हैं।

उत्तराखंड के विद्युत लोकपाल ने उपभोक्ताओं और यूपीसीएल से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अहम फैसले सुनाए हैं। एक तरफ किरायेदार के बिजली कनेक्शन के अधिकारों को स्पष्ट किया गया है तो दूसरी तरफ रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के रखरखाव की जिम्मेदारी तय की गई है।

हरिद्वार निवासी आशा अग्रवाल की अपील पर सुनवाई करते हुए लोकपाल डीपी गैरोला ने यूपीसीएल को निर्देश दिया है कि वह आवेदक से तीन गुना सुरक्षा राशि लेकर 15 दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन जारी करे। यूपीसीएल ने अग्रवाल के नए बिजली कनेक्शन के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि संपत्ति के मालिक (ट्रस्ट) के साथ उनका विवाद सिविल न्यायालय में लंबित है। उनका किराया समझौता भी समाप्त हो चुका है।

लोकपाल ने माना कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 43 और 44 के तहत, परिसर का कोई भी वास्तविक कब्जेदार बिजली आपूर्ति की मांग करने का हकदार है। चूंकि अदालत ने किरायेदार की बेदखली पर रोक लगा रखी है, इसलिए वह अभी भी परिसर की वैध कब्जेदार हैं और उन्हें बिजली कनेक्शन से वंचित नहीं किया जा सकता। नियामक आयोग के सप्लाई कोड रेगुलेशन 2020 के अनुसार, यदि आवेदक सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो यूपीसीएल तीन गुना सुरक्षा राशि लेकर कनेक्शन जारी कर सकता है।

रूफटॉप सोलर प्लांट के खराब प्रदर्शन की जवाबदेही यूपीसीएल की नहीं

टिहरी गढ़वाल के सुंदर मणि डबराल की अपील को खारिज करते हुए लोकपाल ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता के परिसर में लगे रूफटॉप सोलर प्लांट की उत्पादन क्षमता और उसके रखरखाव के लिए यूपीसीएल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उपभोक्ता ने पत्नी के नाम पर तीन किलोवाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट लगाया था।

उपभोक्ता का आरोप था कि फर्म की लापरवाही और खराब आफ्टर-सेल सर्विस के कारण इन्वर्टर खराब रहा और प्लांट मानकों के अनुसार बिजली पैदा नहीं कर सका। इस वजह से उन्हें बिजली का भारी भरकम बिल मिला, जिसे उन्होंने यूपीसीएल से माफ करने या संबंधित फर्म से वसूलने की मांग की थी।

लोकपाल डीपी गैरोला ने अपने आदेश में कहा है कि यूपीसीएल के साथ हुए समझौते के क्लॉज 7.3 के अनुसार, इंटरकनेक्शन पॉइंट से पहले सोलर प्लांट के सुरक्षित संचालन, रखरखाव और खराबी को ठीक करने की पूरी जिम्मेदारी स्वयं उपभोक्ता की होती है। यूपीसीएल यह सुनिश्चित करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है कि सोलर प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है या नहीं। लोकपाल ने मामला उपभोक्ता और प्लांट लगाने वाली कंपनी के बीच का मानते हुए याचिका खारिज कर दी। उपभोक्ता को अपना बकाया बिल चुकाना होगा।

 

Uttarakhand Board: फेल छात्र-छात्राओं के लिए पास होने का मौका, 22 जुलाई से शुरू होगी अंक सुधार परीक्षा

परीक्षा वर्ष 2026 प्रथम और वर्ष 2025 तृतीय की परीक्षाएं 22 जुलाई से शुरू होंगी। जो 29 जुलाई तक चलेंगी।

उत्तराखंड बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया। परीक्षा 22 जुलाई से होगी। इसके तहत छात्र न सिर्फ अंक सुधार सकेंगे बल्कि इस परीक्षा के माध्यम से 10 वीं और 12 वीं के फेल छात्र-छात्राओं को पास होने का मौका दिया जाएगा।

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक परीक्षा समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि परीक्षा वर्ष 2026 प्रथम और वर्ष 2025 तृतीय की परीक्षाएं 22 जुलाई से शुरू होंगी। जो 29 जुलाई तक चलेंगी। 22 जुलाई को पहले दिन हाईस्कूल की हिंदी एवं इंटरमीडिएट की हिंदी, कृषि, अंग्रेजी व संस्कृत की परीक्षा होगी। 23 जुलाई को हाईस्कूल की उर्दू व अंग्रेजी, इंटरमीडिएट की इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान, ड्राइंग एंड पेंटिंग, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, समाज शास्त्र, शिक्षा शास्त्र व सैन्य विज्ञान की परीक्षा होगी।
24 जुलाई को हाईस्कूल की संस्कृत, इंटरमीडिएट की गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, लेखा शास्त्र, व्यावसायिक अध्ययन व कंप्यूटर साइंस की परीक्षा होगी। 27 जुलाई को हाईस्कूल की गणित, गृह विज्ञान, 28 जुलाई को हाईस्कूल की विज्ञान एवं 29 जुलाई को हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। जबकि 29 जुलाई को इंटरमीडिएट की कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र सहित कुछ अन्य विषयों की परीक्षा होगी।

एक और दो विषय में फेल छात्र दे सकेंगे परीक्षा

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक हाईस्कूल में दो विषयों एवं इंटरमीडिएट में एक विषय में फेल छात्र-छात्राएं परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा वे छात्र भी परीक्षा दे सकेंगे जो यह समझते हैं कि उनके अंक कम आए हैं, इसमें सुधार के लिए वे परीक्षा दे सकेंगे।

24 हजार छात्र देंगे परीक्षा

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक परीक्षा में हाईस्कूल के 13000 और इंटरमीडिएट के 11000 छात्र परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए राज्य में 97 केंद्र बनाए गए हैं।

 

Uttarakhand: तुंगनाथ-चोपता की सुंदरता पर मंडरा रहा खतरा, प्लास्टिक कचरा और गंदगी से प्रदूषित हो रहे बुग्याल

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती पर प्रदूषण का साया गहराने लगा है। बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ प्लास्टिक कचरा और गंदगी बुग्यालों को प्रदूषित कर रहे हैं, जिससे हिमालयी पारिस्थितिकी और वन्यजीवों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

गढ़वाल में स्थित तुंगनाथ मंदिर का पवित्र इलाका जिसे तृतीय केदार कहा जाता है और चोपता की खूबसूरत घाटियां हर साल हज़ारों श्रद्धालुओं, ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर खींचती हैं। जहां कुछ सैलानी हिमालय के नजारे और बर्फ की चादर देखने आते हैं, वहीं कुछ लोग बाबा तुंगनाथ के मंदिर में आशीर्वाद पाने के लिए मुश्किल ट्रेकिंग करते हैं। लेकिन अब इस इलाके की प्राकृतिक सुंदरता फीकी पड़ रही है। इसकी वजह है इधर-उधर बिखरा प्लास्टिक कचरा और गंदगी।

क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन और जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय के सुंदर बुग्याल (घास के मैदान) सिमट रहे हैं। इससे राज्य पक्षी हिमालयन मोनाल सहित कई प्रजातियां भी संकट में हैं। इलाके में हिमालयन मोनाल तो नहीं दिखते, लेकिन पर्यटकों के लिए बने अस्थायी शौचालयों की गंदगी, हर तरफ बिखरे प्लास्टिक रैपर और घास के मैदान की ढलान से बहता गंदा पानी ज़रूर दिखा।

हर साल करीब पांच से छह लाख लोग तुंगनाथ का दौरा हैं करते
चोपता घाटी हिमालयन मोनाल, थार और रेड फॉक्स जैसी प्रजातियों से समृद्ध है। इसे वन्यजीव अभयारण्य का दर्जा प्राप्त है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की भारी भीड़ ने इन प्रजातियों के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों और मंदिर के पुजारियों ने प्राकृतिक जैव-विविधता के नुकसान पर चिंता जताई है।

तीर्थ पुरोहित रेवाधर मैथानी ने बताया कि पर्यटक निर्देशों की अनदेखी करते हैं। वे पक्के रास्तों पर चलने के बजाय घास के मैदानों पर चलते हैं। इससे मुलायम घास खराब होती है और मिट्टी का कटाव बढ़ता है। हर साल करीब पांच से छह लाख लोग तुंगनाथ का दौरा करते हैं। पर्यटन का चरम दौर पक्षियों के प्रजनन काल से मेल खाता है। पर्यटक फूल तोड़ते हैं और घास कुचलते हैं, ऐसी हरकतें इस इलाके के पेड़-पौधों और जानवरों के प्राकृतिक पनपने के चक्र को बिगाड़ती हैं। 

पर्यावरणीय चुनौतियां

चाय की दुकानों के पास कचरा बिखरा दिखाई देता है। नीले टेंट वाले शौचालयों का गंदा पानी बुग्याल में रिसता है। इससे प्राकृतिक जल स्रोत दूषित हो गए हैं। पिछले 10 वर्षों  में घास के मैदान और जंगल बहुत खराब हुए हैं। पूरे साल चोपता इलाके में कैंपिंग गतिविधियों का प्रचार भी जलवायु परिवर्तन की बर्बादी को बढ़ावा दे रहा है। ज़्यादा पर्यटन से प्लास्टिक कचरा भी बढ़ रहा है। हालांकि कई जगहों पर डस्टबिन लगाए गए हैं फिर भी पर्यटक कचरा इधर-उधर फेंक देते हैं। घास के मैदानों में तेज़ हवा चलने के कारण प्लास्टिक से निकलने वाला रिसाव मिट्टी के पोषक तत्वों को बदल देता है, जिससे वहां उगने वाले पौधों पर भी असर पड़ता है। हिमालय में ग्लेशियरों के पीछे हटने की वजह से, घास के मैदान ऊंचाई की ओर बढ़ रहे हैं और इसी तरह घास और पेड़ों की सीमाएं भी ऊपर खिसक रही हैं।

वन्यजीवों पर प्रभाव
इसके अलावा ”बीयर बॉटल पर्यटन” ने जानवरों और पक्षियों की आवाजाही रोक दी है। कचरा फेंकने वाली जगहों के पास अब हिरण और एंटिलोप के झुंड दिखते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर मोनाल और दूसरे तीतर-जैसे पक्षियों के घोंसले नष्ट कर रहे हैं। हाल के वर्षों में बंदरों की आबादी बढ़ी है। पहले इस इलाके में लंगूर पाए जाते थे बंदर नहीं। नेचर व बर्ड फोटोग्राफर राजू पुसोला ने भी पर्यटकों की भीड़ और हेलीकॉप्टरों के शोर से मोनाल के खाना खोजने और प्रजनन व्यवहार में बदलाव देखा है। उन्होंने बताया कि एक बार बारिश के दौरान मोनाल को वहां पड़े पैकेट से कुरकुरे खाते देखा था। इन खाने का असर उनकी प्रजनन क्षमता पर पड़ना स्वाभाविक है।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर आनंद कुमार और राजीव लोचन ने तुंगनाथ और मदमहेश्वर में मोनाल पर शोर के असर का अध्ययन किया है। उन्होंने बताया कि चोपता घाटी में गाड़ियों व पर्यटकों के शोर और हेलिकॉप्टरों की आवाजाही की वजह से पक्षियों के आवाज के ज़रिए होने वाले कम्युनिकेशन में रुकावट आती है। मोनाल साथी को आकर्षित करने के लिए अपनी आवाज को और तेज़ करने की कोशिश करता है। इससे उसकी सेहत और क्षमता पर असर पड़ता है, जिसका प्रभाव प्रजनन पर भी होता है। शोर की वजह से उनके अंडे देने और सेने (इनक्यूबेशन) का समय गड़बड़ा जाता है, जिससे चूजों के जिंदा रहने पर खतरा मंडराता है। भविष्य में यह बदलाव प्रजाति के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है।

पर्यावरणविद ने सुझाए समाधान

पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद अनिल प्रकाश जोशी का कहना है कि ऐसी व्यवस्था बनानी होगी कि पर्यटक प्लास्टिक कचरा लेकर ही न जा सके। वह ट्रेक पर जाएंगे तो कचरा वहीं फेंकेंगे, उन्हें एकत्रित तो कर लेंगे लेकिन उनका शोधन कहां होगा। इसके लिए एक नियंत्रण प्रणाली लागू करनी होगी ताकि यात्रियों को जरूरत का सामान ट्रेक से पहले दिया जाए और वह इधर-उधर न फेंके। पर्यटकों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना होगा। साथ ही स्थानीय लोगों को इसमें योगदान देना होगा।

 

Uttarakhand: मानसून में बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 304 स्थल चिह्नित, 113 बाढ़ चौकियां बनीं

राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पहले स्थापित कर लीं गई हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने पर वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में मानसून में बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 304 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जबकि 113 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यह कहना है लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज का। उन्होंने यह बात सिंचाई भवन सभागार में मानसून की तैयारियों को लेकर हुई सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की बैठक में कही।
राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पहले स्थापित कर लीं गई हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने पर वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अपर सचिव विनीत कुमार, महावीर चौहान, अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौंकली, लोनिवि के प्रमुख अभियंता रमेश चंद्र शर्मा, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष कुमार आदि मौजूद रहे।
मंत्री महाराज ने बताया कि सभी जनपद मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। देहरादून में भी एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से नदियों के जलस्तर और वर्षा के आंकड़े प्रतिदिन प्राप्त किए जा रहे हैं।
जलाशयों के बांधों पर लगातार रखी जा रही निगरानी
मानसून से पूर्व नदियों के संवेदनशील स्थलों पर चैनेलाइजेशन का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। विभिन्न शहरों में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए जीआईएस आधारित जल निकासी योजना तैयार की गई है। हरिद्वार के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी का कार्य पूरा हो चुका है। सिंचाई विभाग के जलाशयों के बांधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आपात स्थिति के लिए बोल्डर, आरबीएम और रेत की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

सड़कें बंद होने पर पहले ही लोगों को सूचना देने के निर्देश
विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क बंद होने पर लोगों को पहले ही सूचना मिल जाए। इससे यात्री वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। मानसून सीजन को देखते हुए सभी सड़कों के उचित रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने 3946 पैचवर्क के लक्ष्य के मुकाबले 3968 पैचवर्क पूरे किए हैं। हर सीजन में प्रभावित होने वाली 1199 सड़कों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने को कहा गया है।

निर्जला एकादशी: हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, घाटों पर दिखी रौनक

निर्जला एकादशी पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।

धर्मनगरी हरिद्वार में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य का कार्य किया। गंगा में स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने जल, फल और अन्य सामग्री का दान कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। इस दौरान घाटों पर धार्मिक भजनों और मंत्रोच्चारों की गूंज सुनाई दी

सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचने लगे और मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की।  निर्जला एकादशी के दिन श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद भगवान विष्णु की आराधना की और विधि-विधान के साथ व्रत एवं पूजन किया। गंगा घाटों पर दान-पुण्य करने वालों की भीड़ सुबह से ही नजर आई। कई श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया

सनातन धर्म में निर्जला एकादशी को विशेष फलदायी व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर अपनी आस्था व्यक्त की।

पर्व के मद्देनजर हरिद्वार पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए। गंगा घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की गई और लगातार निगरानी रखी गई। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

ITI करने वालों को अग्निवीर बनने में मिलेगी छूट: 153 सरकारी, 82 निजी आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया हुई शुरू

कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की ओर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है।

उत्तराखंड के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से कोर्स करने वाले छात्रों को केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना में छूट मिलेगी। प्रदेश के 153 सरकारी और 82 निजी आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार छात्र 10 पसंदीदा ट्रेड के लिए विकल्प भर सकते हैं।

कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की ओर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आठ जून से शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.vpputtarakhand.in पर जाकर दो चरणों में अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं। प्रथम चरण में छात्रों को अपना व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक योग्यता की जानकारी भरनी होगी और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद राज्य स्तरीय मेरिट सूची जारी की जाएगी। द्वितीय चरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद छात्रों के लिए पोर्टल दोबारा खुलेगा। छात्र अपनी मेरिट और रैंक के अनुसार न्यूनतम एक और अधिकतम 10 संस्थान व ट्रेड के विकल्पों को वरीयता क्रम में लॉक कर सकेंगे। आवेदन से जुड़ी किसी भी समस्या या सहायता के लिए विभाग के हेल्पलाइन नंबर 7302663922 पर संपर्क कर सकते हैं।

कौशल विकास विभाग के सचिव सी रविशंकर और निदेशक संजय कुमार के मुताबिक, राज्य में 153 राजकीय और 82 निजी आईटीआई संचालित हैं। इन संस्थानों से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को सेना की अग्निपथ योजना में बोनस अंक (एक वर्षीय कोर्स के लिए 30 अंक और दो वर्षीय कोर्स के लिए 40 अंक) का लाभ मिलेगा। यानी उन्हें अन्य छात्रों के मुकाबले ज्यादा आसानी से अग्निवीर बनने का मौका मिल सकेगा। इसके साथ ही, आईटीआई उत्तीर्ण छात्र सीधे पॉलिटेक्निक के द्वितीय वर्ष (लेटरल एंट्री) में प्रवेश लेकर उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल कर सकते हैं।

दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली के तहत मिलेगा स्टाइपेंड, ट्रेनिंग
इस बार की प्रवेश प्रक्रिया में दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) मुख्य आकर्षण है। इसके तहत राज्य के 54 राजकीय आईटीआई संस्थानों ने देश की प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा और वी-गार्ड के साथ अनुबंध किया है। दो वर्षीय कोर्स के छात्रों को छह से 12 महीने और एक वर्षीय कोर्स के छात्रों को तीन से छह माह तक सीधे इंडस्ट्री में काम करते हुए सीखने का मौका मिलेगा। इंडस्ट्री में प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कंपनियों की ओर से 8,000 से 12,000 प्रतिमाह तक की आर्थिक सहायता (स्टाइपेंड) दी जाती है। इसके साथ ही सब्सिडी दरों पर भोजन, परिवहन और पीपीई किट जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी मिलेंगी। सामान्य ट्रेड्स के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष है जबकि डीएसटी ट्रेड्स के लिए आयु 18 से 24 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है।

शैक्षिक योग्यता, आवेदन शुल्क ये होगा
विभिन्न ट्रेड्स के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 8वीं से 10वीं पास निर्धारित है। उत्तराखंड बोर्ड रामनगर से 10वीं पास करने वाले छात्रों को पांच प्रतिशत अंक का वेटेज दिया जाएगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 250 रुपये है, जबकि अन्य सभी वर्गों के लिए यह 350 रुपये है। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति को 19 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 4 प्रतिशत, ओबीसी को 14 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत और दिव्यांगों के लिए 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है।

महत्वपूर्ण तिथियां

  • ऑनलाइन आवेदन भरने का प्रथम चरण : पांच जुलाई तक
  • राज्य स्तरीय मेरिट का प्रकाशन : सात जुलाई
  • दूसरे चरण में विकल्प भरने की तिथि : आठ से 15 जुलाई
  • प्रथम काउंसलिंग के तहत संस्थान आवंटन : 18 जुलाई
  • प्रथम काउंसलिंग की आवंटित सीटों पर दाखिले : 19 से 26 जुलाई

 

IRE W vs NZ W: दो हार के बाद न्यूजीलैंड ने खोला जीत का खाता, आयरलैंड को 4 रन से हराया; ग्रुप-दो में क्या बदला?

महिला टी20 विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड ने रोमांचक मुकाबले में आयरलैंड को चार रन से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। 141 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आयरलैंड की टीम ऑर्ला प्रेंडरगास्ट और गैबी लुईस की शानदार साझेदारी के बावजूद 136/5 रन ही बना सकी।

महिला टी20 विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड ने रोमांचक मुकाबले में आयरलैंड को चार रन से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। साउथैम्पटन में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 140 रन बनाए, जिसके जवाब में आयरलैंड की टीम 136/4 रन ही बना सकी और मुकाबला हार गई।

अंक तालिका पर असर 
इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने टूर्नामेंट में अपना जीत का खाता खोला। वहीं, आयरलैंड को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। ग्रुप-दो में आयरलैंड सबसे निचले स्थान पर बनी हुई है, जबकि न्यूजीलैंड की टीम चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

ग्रुप-दो की तालिका का हाल

टीम मैच जीते हारे अंक नेट रन रेट
इंग्लैंड 2 2 0 4 +2.763
वेस्टइंडीज 2 2 0 4 +0.233
स्कॉटलैंड 2 1 1 2 +0.825
न्यूजीलैंड 3 1 2 2 -0.063
श्रीलंका 2 1 1 2 -2.040
आयरलैंड 3 0 3 0 -1.054
आयरलैंड के गेंदबाजों ने दिलाई शानदार शुरुआत
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम ने न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके दिए। टीम का स्कोर महज 10 रन पर तीन विकेट हो गया था। एमी मैग्वायर ने जॉर्जिया प्लिमर को आउट किया, जबकि ऑर्ला प्रेंडरगास्ट ने इसाबेला गेज और मैडी ग्रीन को पवेलियन भेजा। इसके बाद कप्तान अमेलिया केर ने 24 गेंदों में 30 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके लगाए।

हॉलिडे और शार्प ने संभाली पारी
ब्रुक हॉलिडे ने 37 गेंदों पर 34 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने अमेलिया केर के साथ चौथे विकेट के लिए 38 रन जोड़े। इसके बाद इजी शार्प के साथ पांचवें विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। इजी शार्प न्यूजीलैंड की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उन्होंने 28 गेंदों में 36 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल रहे। अंतिम ओवरों में अनुभवी बल्लेबाज सूजी बेट्स ने नाबाद 19 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। उन्होंने पारी की आखिरी गेंद पर शानदार छक्का लगाकर स्कोर 140 रन तक पहुंचाया।

प्रेंडरगास्ट और लुईस ने दिखाया शानदार खेल
141 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आयरलैंड की शुरुआत खराब रही और एमी हंटर जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान गैबी लुईस और ऑर्ला प्रेंडरगास्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 110 रन की साझेदारी की। प्रेंडरगास्ट ने 53 गेंदों में 59 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि गैबी लुईस ने भी अर्धशतक जड़ा। दोनों बल्लेबाजों ने आयरलैंड को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया था।

अमेलिया केर ने पलटा मैच
जब आयरलैंड जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही थी, तब न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया केर ने 18वें ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। प्रेंडरगास्ट बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हुईं, जबकि दो गेंद बाद रेबेका स्टोकल भी पवेलियन लौट गईं। इसके बाद रोजमेरी मेयर ने गैबी लुईस का विकेट लेकर आयरलैंड की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।

Chamoli: हेलीपैड पर स्टंटबाजी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने युवक को दबोच सिखाया सबक

कर्णप्रयाग में एक युवक ने हैलीपैड पर वीडियो बनाया, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने युवक को पकड़ा।

सोशल मीडिया पर रातों-रात वायरल होने और सुर्खियां बटोरने के चक्कर में युवा नियमों को ताक पर रखकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला भराड़ीसैंण स्थित हेलीपैड से सामने आया है, जहां एक युवक द्वारा खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

जैसे ही यह वीडियो कोतवाली गैरसैंण पुलिस के संज्ञान में आया, पुलिस ने मामले पर तत्काल कड़ा रुख अपनाया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीडियो के आधार पर स्टंटबाज युवक की पहचान की और उसे दबोच लिया।

पुलिस ने युवक के खिलाफ एमवी एक्ट (मोटर वाहन अधिनियम) की सुसंगत धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के चक्कर में ऐसी जानलेवा हरकतें न करें

 

जीएसटी चोरी पर बड़ी कार्रवाई: चार फर्मों से दो करोड़ रुपये वसूले, एक माह में सात बड़े संस्थानों पर की सख्ती

जांच अधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। अब जांच के बाद नियमानुसार कराज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने कर चोरी रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई की है।

राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने कर चोरी रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। इसमें हरिद्वार में चार फर्मों पर छापा मारकर जांच और गहन सर्वेक्षण किया। पूरे प्रकरण में विभाग ने मौके पर ही दो करोड़ रुपये का कर और जुर्माना वसूल किया। वहीं फर्मोंं की जांच के साथ ही अभिलेख जब्त किए गए।

यह कार्रवाई आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देशों पर की गई। विभाग को शिकायत मिल रही थी कि कई फर्म अवैध इनपुट कर क्रेडिट का लाभ उठा रहे हैं। यही नहीं वह अपने रिटर्न में नकद भुगतान बेहद कम या शून्य दिखा रहे थे। ये फर्म आपस में सर्कुलर ट्रेडिंग करके अपने टर्नओवर को भी बढ़ा रहे थे।

टीम ने जांच के दौरान जीएसटी चोरी और स्टॉक में भारी गड़बड़ी पकड़ी है। टीम के अनुसार इन कारोबारियों के परिसरों में खरीद और बिक्री से स्टॉक का सत्यापन किया गया। मौजूदा स्टॉक और लिए गए इनपुट कर क्रेडिट के आंकड़ों में बड़ी विसंगतियां सामने आईं। जांच अधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। अब जांच के बाद नियमानुसार कर और जुर्माना निर्धारित कर वसूली की जाएगी। 

कार्रवाई में 12 अधिकारियों की चार टीमें की गईं गठित

इस सर्वेक्षण के लिए चार टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में विशेष अनुसंधान शाखा, सचल दल और ऑडिट इकाई के अधिकारी शामिल थे। 12 अधिकारियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। टीमों ने व्यापारियों के परिसरों में गहन जांच की। आयुक्त कर प्रतीक जैन ने इस कार्रवाई को लेकर बताया कि राज्य कर विभाग का यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। फर्जी इनपुट कर क्रेडिट दिखाकर कर चोरी के प्रयासों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग राज्य में ऐसी सभी फर्मों पर सख्त निगरानी और जांच की कार्रवाई जारी रखेगा।