Uttarakhand: पॉक्सो, एनआई एक्ट, भ्रष्टाचार जैसे मुकदमों का तेजी से होगा निस्तारण, 16 विशेष न्यायालय बनेंगे

मुकदमों का तेजी से निस्तारण हो इसके लिए 16 विशेष न्यायालय बनेंगे। सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय चार बड़े जिलों में बनाए जाएंगे।

एनडीपीएस, पॉक्सो, एनआई एक्ट, भ्रष्टाचार जैसे मुकदमों के तेजी से निपटारे के लिए 16 विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे। सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में पारित निर्णयों के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में गठित कमेटी की संस्तुतियों पर बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है। इन न्यायालयों के लिए 144 पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

पहले चरण में सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय चार बड़े जिलों में बनाए जाएंगे। उच्चतम न्यायालय ने छह अगस्त 2024 को सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में निर्णय पारित किया था। यह निर्णय जमानत और मौलिक अधिकारों के संबंध में था। इसमें आरोपियों को नोटिस देने से लेकर जमानतों का तेजी से निपटारा आदि शामिल था।

देहरादून में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा
इसके अलावा इसके बिंदु संख्या पांच में विशेष अदालतों के गठन के निर्देश भी पारित किए गए थे। ये विशेष न्यायालय ऐसे राज्यों में गठित किए जाएंगे जहां पर विचाराधीन कैदियों की संख्या अधिक है। इस निर्णय के बाद उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।

इस समिति ने प्रदेश में एनडीपीएस, पॉक्सो, चेक बाउंस (एनआई एक्ट), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसे मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अदालतों के गठन की संस्तुति की थी। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। प्रथम चरण में हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और देहरादून में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा।

इसमें सात अदालतें अपर जिला न्यायाधीश और नौ अदालतें अपर मुख्य मजिस्ट्रेट स्तर की होंगी। इसके लिए 144 पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। इन अदालतों के गठन के बाद यहां पर विचाराधीन मुकदमों का तेजी से निपटारा होगा।

Makar Sankranti: कड़ाके की ठंड; हरिद्वार गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देवडोलियों ने किया स्नान

कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है

माघ मकर संक्रांति स्नान पर्व की शुरआत घने कोहरे और भयंकर ठंड के बीच हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। ढोल और दमाऊं की थाप के बीच देव डोलियों को लाया गया। और गंगा में स्नान कराया गया। श्रद्धाल हर की पैड़ी गंगा घाट पर पहुंचे। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं दिखा। तड़के से गंगा के सभी घाटों पर लोग स्नान दान और पूजा करते देखे गए। गंगा घाट पर आरती की गई ।

23 वर्ष में बना संक्रांति और एकादशी का शुभदायी संयोग
सूर्य का दक्षिणायन से उत्तरायण में आना और एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना ही मकर संक्रांति कहलाता है। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है। इस विशेष मुहूर्त में स्नान को उत्तम बताते हुए ज्योतिषविद महात्म्य बता रहे हैं।

नारायण ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य विकास जोशी ने बताया कि आज बुधवार को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।उत्तरायण काल को शास्त्रों में शुभ माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य देना और दान करना विशेष फलदायी होता है। सुबह स्नान कर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना विशेष फलदायी रहेगा।

सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा
इस दिन सुबह 7 बजकर 31 मिनट बजे से रात 3 बजकर 04 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इसके साथ ही चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी रहेगा। इससे दिन और अधिक शुभ है। इस साल मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है।

यह संयोग करीब 23 साल बाद बन रहा है, जब संक्रांति और एकादशी एक ही दिन आ रही है। ज्योतिष के अनुसार, यह संयोग बहुत पुण्यकारी है। इस दिन किया गया स्नान, दान और पूजा अनंत गुना शुभ फल देने वाला माना जाता है। मकर संक्रांति पर स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें, जल में गुड़ या लाल फूल डाल सकते हैं। तिल और गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को कंबल, वस्त्र या अनाज दान करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें इससे विशेष लाभ होगा।

 

Heli Seva: पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी, हेलीपैड के लिए चल रही जमीन चिह्नित की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।

उत्तराखंड में चंपावत जिले के प्रसिद्व धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इससे तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूर्णागिरी तक पहुंचने में आसानी होगी।

क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत प्रदेश सरकार राज्य में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार कर रही है। इस योजना से प्रदेश में प्रमुख धार्मिक व पर्यटक स्थलों को हेली सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार पूर्णागिरी में हेलीपैड की सुविधा नहीं है। हेली सेवा के लिए पहले हेलीपैड बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर प्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी।

Uttarakhand: प्रदेश में भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों की नहीं होगी ई-केवाईसी, मां-बाप हो रहे थे परेशान

पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी के कारण मां-बाप को परेशानी झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब उन्हें इस मुशिकल से राहत मिलेगी। दून में 70 हजार से ज्यादा पांच साल से कम उम्र के बच्चों की अनुमानित संख्या है।

उत्तराखंड में भी राशन कार्ड धारक को अब पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी नहीं करानी होगी। भारत सरकार की गाइडलाइन में अब इन बच्चों को अगले एक साल तक ई-केवाईसी से छूट दी गई है। इस निर्णय के बाद करीब चार लाख राशन कार्ड धारकों को राहत मिलेगी। हालांकि उनको पांच से छह साल के बीच बायोमेट्रिक अपडेट कराकर ई-केवाईसी करानी होगी।

दून में करीब 3.75 लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत 2.19 लाख राशन कार्ड, अंत्योदय योजना के तहत 15131 और राज्य खाद्य योजना के तहत 1.41 लाख राशन कार्ड हैं। इसमें 14.73 लाख कुल यूनिट हैं। भारत सरकार के निर्देश पर इन यूनिटों का सत्यापन चल रहा है।

जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार अनुमानित इन यूनिट में लगभग 70 हजार के करीब यूनिट पांच साल से कम उम्र के बच्चों की हैं। इनकी केवाईसी कराने में राशन कार्ड धारकों को बड़ी समस्या उठानी पड़ रही थी।

नौ लाख से ज्यादा लोग करा चुके हैं ई-केवाईसी

दून शहर में ई-केवाईसी का काम तेजी से चल रहा है। लोग जागरूक भी हुए हैं। शुरुआती दौर में स्थिति खराब थी लेकिन अब लोगों ने इसे समझा और अपनी ई-केवाईसी कराने पहुंचे। अब तक देहरादून में नौ लाख से ज्यादा लोग अपनी ई-केवाईसी करा चुके हैं।

पांच साल के बच्चों की ई-केवाईसी नहीं हो पा रही थी। इस वजह से राशन कार्ड धारकों को परेशानी हो रही थी। अब भारत सरकार के निर्देशानुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी की जरूरत नहीं होगी। -केके अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी

Uttarakhand Weather: दून समेत छह जिलों में घने कोहरे की चेतावनी, फिलहाल 14 तक बारिश-बर्फबारी की संभावना नहीं

उत्तराखंड के मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार समेत नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी की बेरुखी का सीधा असर तापमान पर पड़ने लगा है। बारिश-बर्फबारी न होने से प्रदेशभर में सूखी ठंड परेशान कर रही है। पर्वतीय इलाकों में शीतलहर और पाला तो मैदानी इलाकों में कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार नौ जनवरी को भी प्रदेश के मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार समेत नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिलने से ठंड से थोड़ा राहत मिल रही है लेकिन सूखी ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है। आने वाले दिनों की बात करें तो 14 जनवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

Uttarakhand Weather: घने कोहरे की चादर में लिपटा हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे, रेंगते नजर आए वाहन

घने कोहरे की चादर में लिपटे हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।

हरिद्वार–दिल्ली नेशनल हाईवे पर रात होते ही घना कोहरा छा गया है। कोहरे की सफेद चादर के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे हाईवे पर चल रहे वाहन धीमी गति से आगे बढ़ने को मजबूर हैं।

हेडलाइट की रोशनी भी कोहरे में फीकी पड़ रही है। वहीं कई स्थानों पर वाहन चालक अतिरिक्त सावधानी बरतते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि सफर जरूरी हो तो फॉग लाइट का प्रयोग करते हुए सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

अंकिता हत्याकांड: सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी की ओर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें दोनों आरोपियों पर जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो जारी कर उनकी छवि खराब करने व दंगे फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। वहीं हाईकोर्ट ने सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर करने के आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून जिले में दर्ज चार एपआईआर में से दो पर उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।

हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता हरिद्वार के धर्मेंद्र कुमार और यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

मामले के अनुसार बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा, बहादराबाद और देहरादून की नेहरू कॉलोनी, डालनवाला में यह कह कर एफआईआर दर्ज की गई थी कि आरोपितों ने भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम की छवि खराब करने के लिए फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो वायरल किए जा रहे हैं।

Uttarakhand: ट्रैकिंग और पर्वतारोहण की एकीकृत नीति को दस दिनों में अंतिम रूप दें, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि प्रदेश में इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिह्नित कर विकसित किया जाए जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करे। चौरासी कुटिया के जीर्णाेद्धार का कार्य जल्द पूरा किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इको टूरिज्म की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में कहा कि ट्रैकिंग (लंबी पैदल यात्रा) और पर्वतारोहण के लिए एकीकृत नीति को दस दिनों में अंतिम रूप देकर शासन को उपलब्ध कराएं। इस नीति काे तैयार करते समय सभी हितधारकों के साथ वार्ता करें, जिससे व्यावहारिक समस्याओं से बचा जा सके।

सीएस ने कहा कि नई चोटियां खोले जाने के लिए पर्यावरण ऑडिट सहित अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी ली जाएं। इसके लिए एसओपी भी जारी की जाए। प्रदेश में इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिह्नित कर विकसित किया जाए जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करे। चौरासी कुटिया के जीर्णाेद्धार का कार्य जल्द पूरा किया जाए। इसके लिए कार्यदायी संस्था हर कार्य के लिए समय तय करे फिर लक्ष्य में तय समय सीमा में काम किया जाए।

जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू करें

मुख्य सचिव ने कहा कि इको टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिह्नित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू किया जाए। इसके अलावा सभी डीएफओ को लक्ष्य दिया जाए कि वह अपने क्षेत्र में कैसे इको टूरिज्म को विकसित कर सकते हैं। अधिकारी 10 चिह्नित स्थान का प्लान एक माह में तैयार करके शासन को को भेजें। ईको टूरिज्म की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक हर महीने की जाए। साथ ही प्रदेशभर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करें और प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाए। प्रशिक्षण प्रमाणीकरण के लिए पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी दी जाए।

यूटीडीबी की तरह ईटीडीबी को भी बजट मिल सकेगा

वन क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक तय व्यवस्था बनाई जाए। इसके संचालन की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसका गठन ही इसी उद्देश्य से किया गया है। सीएस ने ईटीडीबी के लिए नया हैड खोले जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे यूटीडीबी की तरह ईटीडीबी को भी बजट दिया जा सकेगा। इको टूरिज्म साइट्स के इको टूरिज्म डेवेलपमेंट बोर्ड के माध्यम से संचालन के लिए जल्द ही एमओयू करने को भी कहा।

 

Uttarakhand: महंगे होटलों में शादी पर रोक, महिलाएं ज्यादा गहने नहीं पहनेंगी, उल्लंघन पर लगेगा एक लाख जुर्माना

फिजूलखर्ची रोकने के लिए जौनसार बावर के महंगे होटलों में विवाह नहीं करेंगे। बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। महिलाओं के अत्यधिक गहने पहनने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।

शादी-विवाह व अन्य आयोजनों में फिजूलखर्ची को रोकने के लिए खत शिलगांव के पंचरा-भंजरा स्थित महासू देवता मंदिर में ग्रामीणों ने बैठक की। बैठक में महंगे होटलों, पार्क आदि में विवाह का आयोजन करने पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा महिलाओं के अत्यधिक गहने पहनने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।

खत स्याणा तुलसी राम शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने पर चर्चा हुई। बैठक में सबकी सहमति से यह तय किया गया कि शादी-विवाह के सभी आयोजन गांव व घरों में ही संपन्न कराए जाएंगे। आयोजन विवाह स्थल, महंगे पार्क, होटल व फार्म आदि में संपन्न नहीं कराए जाएंगे। इसके अलावा महिलाओं को विवाह में तीन गहने पहनने की इजाजत दी गई है। डीजे, फास्ट फूड व बीयर पर भी आयोजनों में रोक लगाई गई है।

पहली शादी में न्यौते के तौर पर अधिकतम 100 रुपये दिए जाने और कन्यादान में अपनी इच्छा के अनुसार देने का निर्णय बैठक में लिया गया। बैठक में यह चेतावनी भी दी गई यदि कोई भी ग्रामीण फैसले को नहीं मानेगा तो उसपर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

Chamoli: स्पेन की जेमा अपनी पीठ पर ढो रहीं हिमालय का कचरा, 2023 में योग सीखने और पहाड़ घूमने थी आई

स्पेन की जेमा अपनी पीठ पर हिमालय का कचरा ढो रहीं हैं। वह वर्ष 2023 में योग सीखने व पहाड़ घूमने आईं थी, लेकिन यहां कूड़ा देखकर हैरान रह गई।

स्पेन में ग्राफिक डिजाइनर जेमा कोलेल पहाड़ घूमने के लिए उत्तराखंड आईं लेकिन जब यहां हिमालयी क्षेत्र में फैले कूड़े को देखा तो वह हैरान रह गईं। उसने उसी पल तय कर लिया कि हिमालय को न सिर्फ साफ करेंगी बल्कि इसके लिए लोगों को भी जागरूक करेंगी। दो साल से यहां रह रहीं जेमा हिमालय में फैलाए कचरे को एकत्रित कर अपनी पीठ पर ढोकर सड़क तक लाती हैं।

जेमा (30) स्पेन कोलेल में ग्राफिक डिजाइनर हैं। वर्ष 2023 में वह योग सीखने और पहाड़ घूमने के लिए उत्तराखंड आईं। ऋषिकेश में उन्होंने योग सीखा और फिर पहाड़ घूमने के लिए निकल पड़ीं। इसके लिए उन्होंने चमोली जिले के लोहाजंग निवासी मनोज राणा से संपर्क किया। वह पर्वतारोहण करवाते हैं।

जेमा पहाड़ों में आईं तो यहां छोटे से लेकर ऊंची चोटियों पर फैले कूड़े को देखकर हैरान रह गईं। इसके बाद उन्होंने यहां की सफाई की ठानी और हिमालयी क्षेत्र में सफाई का अभियान शुरू कर दिया। मनोज राणा इस अभियान में उनके साथ आ गए। अभी तक वे उच्च हिमालय से 300 किलो से अधिक प्लास्टिक कचरा पीठ पर ढोकर नीचे ला चुकी हैं। लोहाजंग में रहकर जेमा स्थानीय लोगों को भी हिमालय को साफ रखने के लिए जागरूक कर रही हैं। 

संभले नहीं तो तस्वीरों में ही रह जाएगा हिमालय

– जेमा कहती हैं कि हिमालय में इस तरह का कूड़ा फेंकना बहुत खतरनाक हो सकता है। यदि इसके प्रति जागरूक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ी हिमालय को वास्तविक रूप में नहीं देख पाएगी। वह बस तस्वीरों तक ही सीमित रह जाएगा।

स्पेन में साथ लेकर चलते हैं अपना कूड़ा

– जेमा कहती हैं कि उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है लेकिन लोग जिसे देवभूमि मानते हैं उसे ही गंदा कैसे कर सकते हैं। स्पेन में हम अपना कूड़ा अपने साथ लेकर चलते हैं लेकिन यहां लोगों में यह आदत नहीं दिखी। यदि हम अपना कूड़ा अपने साथ ले आएं तो सभी पहाड़ खुद ही साफ हो जाएंगे। हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि जहां एक बार सफाई करते हैं वहां दोबारा जाने पर फिर कूड़ा फैला मिल जाता है।

स्कूलों में चला रहे जागरूकता कार्यक्रम

– जेमा और मनोज राणा ने एक ग्रुप बनाया है जिसे नाम दिया है द 108 पीक क्लीन माउंटेन सेफ माउंटेन। इस ग्रुप के माध्यम से वे पर्वतारोहण भी करवाते हैं। लोग इसमें वालंटियर के तौर पर जुड़कर उनके साथ सफाई में सहयोग भी करते हैं। साथ ही जेमा और मनोज स्कूलों में जाकर बच्चों को और गांवों में लोगों को भी हिमालय की सफाई और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जागरूक कर रहे हैं। वह अभी तक लोहाजंग की आसपास की चोटियों के साथ ही लार्ड कर्जन ट्रैक, ऑली व वेदनी बुग्याल, चंद्रशिला, धर्मावली आदि जगह पर सफाई अभियान चला चुकी हैं। इसके अलावा 7120 मीटर ऊंचाई पर स्थित त्रिशूल, 7242 मीटर पर स्थित मुकुट पर्वत को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं।