Dehradun: फिर खराब हुई दून की हवा, पीएम 2.5 का स्तर खतरनाक, मौसम वैज्ञानिकों ने बताई इसके पीछे की वजह

दून की हवा जहरीली हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी बुलेटिन में दून का एक्यूआई 106 रहा। इसमें प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण पीएम 2.5 का बढ़ा हुआ स्तर माना गया

शुद्ध आबोहवा के लिए पहचाने जाने वाले देहरादून में फिर वायु प्रदूषण बढ़ गया है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 पार पहुंच गया है। इससे आबोहवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। निजी वेबसाइटों में तो ये आंकड़ा 171 तक पहुंच गया है। पीएम 2.5 का स्तर लगातार बढ़ने के कारण दून की हवा जहरीली हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश न होने और कोहरा छाने से हवा की गुणवत्ता बिगड़ी है। खासकर पटेलनगर, घंटाघर, आईएसबीटी, हरिद्वार रोड और जीएमएस रोड पर हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। निजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून में पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों में ही प्रदूषण कणों की मात्रा बढ़ी हुई है, जिससे एक्यूआई स्तर ऊपर गया है।

एक्यूवेदर डॉट कॉम में दून का एक्यूआई 171 दर्ज किया गया
पीएम 2.5 का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर ये मानक से तीन गुना तक अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं की कमी और वायुमंडलीय स्थिरता प्रदूषण कणों को नीचे सतह पर फंसा रही है, जिससे हवा आराम से साफ नहीं हो पा रही।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी बुलेटिन में दून का एक्यूआई 106 रहा। इसमें प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण पीएम 2.5 का बढ़ा हुआ स्तर माना गया। वायु प्रदूषण की निगरानी करने वाली निजी वेबसाइटों की बात करें तो एक्यूवेदर डॉट कॉम में दून का एक्यूआई 171 दर्ज किया गया। इसमें पीएम 2.5 का स्तर बहुत खराब माना गया

आईक्यू एयर डॉट कॉम में दून का औसत एक्यूआई 128 रहा। वहीं, एक्यूआई डॉट इन में एक्यूआई 135 दर्शाया गया। बता दें कि जीरो से पचास तक एक्यूआई का स्तर बहुत अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक संतोषजनक रहता है। 101 से 200 तक खराब श्रेणी में माना जाता है।

उत्तराखंड में अगले छह माह तक हड़ताल पर रोक, पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लिया फैसला

देहरादून में इन दिनों उपनल कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके चलते तमाम सरकारी विभागों में व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। उपनल कर्मचारियों की हड़ताल और अन्य विभागों में काम छोड़ो या संभावित हड़तालों पर रोक लगाने लिए अगले छह माह तक हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया गया है।

उत्तराखंड में अगले छह माह तक राज्याधीन सेवाओं में हड़ताल पर शासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में कार्मिक सचिव शैलेश बगौली ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि यह फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उत्तराखंड में राज्य कर्मचारियों और विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह आदेश जारी किया गया है। जिसके बाद अब कर्मचारी अगले छह माह तक हड़ताल नहीं कर पाएंगे।

कार्मिक सचिव शैलेश बगौली की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, लोकहित को ध्यान में रखते हुए अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (जो उत्तराखण्ड राज्य में लागू है) की धारा 3(1) के तहत यह निर्णय लिया गया है। आदेश जारी होने की तारीख से आगामी छह महीनों तक राज्याधीन सेवाओं में किसी भी तरह की हड़ताल पूरी तरह निषिद्ध रहेगी।

शासन का मानना है कि सरकारी तंत्र की निरंतरता और जनसेवा की बाधारहित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है, क्योंकि हाल के दिनों में कई विभागों में हड़ताल एवं आंदोलन की स्थितियां बनी थीं, जिनसे सरकारी कार्य प्रभावित हो सकता था।

उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय उन सभी सेवाओं पर लागू होगा जो राज्याधीन हैं। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी भी इस निर्णय के तहत आएंगे। बता दें कि उपनल कर्मचारियों के पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिसके चलते सरकारी अस्पतालों सहित कई सरकारी विभागों में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।

राज्य के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में संविदा एवं आउटसोर्सिंग कार्मिक उपनल के जरिए तैनात किए गए हैं। शासन के इस निर्णय के बाद अब उपनल कर्मचारियों की संभावित हड़तालों या काम छोड़ो आंदोलनों पर भी प्रभावी रोक लगेगी। वहीं, इस निर्णय को जारी करने को लेकर शासन का तर्क है कि प्रदेश में विकास योजनाओं, कुंभ 2027 की तैयारियों, डिजिटल प्रशासन और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे कई कार्य चल रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की हड़ताल से जनता को गंभीर परेशानी हो सकती है, इसीलिए सरकार द्वारा अधिनियम के तहत जारी यह प्रतिबंध अगले छह महीनों तक लागू रहेगा। इस अवधि में हड़ताल करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

शटर गिरे, मची भगदड़: चार घंटे तक सुलगता रहा हल्द्वानी, गोवंश अवशेष पर भड़की हिंसा; CCTV में दिखा नया मोड़

हल्द्वानी में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद रविवार रात बरेली रोड पर चार घंटे तक हंगामा रहा। भड़के युवकों ने नारेबाजी की। एक रेस्तरां को पुलिस ने तुरंत बंद करा दिया। हालांकि बाद में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि अवशेष एक कुत्ता लाया था।

हल्द्वानी में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद रविवार रात बरेली रोड पर चार घंटे हंगामा रहा। तनाव बढ़ा तो अनहोनी की आशंका पर दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए। बरेली रोड से मंदिर को जाने वाली गली के आसपास की दुकानों पर ताला लग गया। शमा डीलक्स रेस्टोरेंट पत्थरबाजी के बाद भी खुला रहा तो युवकों का गुस्सा चढ़ गया। इस पर पुलिस ने रेस्टोरेंट को तुरंत बंद कराया। पुलिस और लोगों की सूझबूझ से शहर सांप्रदायिकता की आग में झुलसने से बाल-बाल बचा। इधर सीसीटीवी फुटेज में एक कुत्ता गोवंश के अवशेष लाता दिखाई दे रहा है।

रविवार देर शाम साढ़े सात बजे के करीब जब लोगों ने मंदिर के पास गोवंश अवशेष देखा तो बात पूरे शहर में फैल गई। कुछ ही समय बीता था कि कई युवक नारेबाजी करते हुए मौके पर पहुंच गए। सूचना पर कई थानों की पुलिस भी पहुंची। फोरेंसिक टीम ने जांच की। रात आठ बजे के बाद भीड़ बढ़ती चली गई। आक्रोशित लोगों ने एक कार में भी तोड़फोड़ की।

भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने शमा डीलक्स रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंके तो उसका शीशा चकनाचूर होकर सड़क पर फैल गया। रेस्टोरेंट के अंदर कई लोग खाना खा रहे थे। लोग किसी तरह जान बचाकर रेस्टोरेंट से बाहर भागे। पुलिसकर्मियों पर भी पत्थर फेंके गए। भीड़ बेकाबू होने लगी तो पुलिस ने लाठियां फटकारीं। इस दौरान वहां भगदड़ मच गई। कई लोग भाग निकले जबकि कुछ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

घटना के बाद महापौर गजराज सिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने युवकों को समझाया। कहा कि पुलिस मामले की गहन छानबीन में जुटी है। सीसीटीवी भी देख रही है। गोवंश के अवशेष को लाने वाला कौन है, इसकी जांच के लिए पुलिस ने गली के एक मकान के सीसीटीवी की फुटेज देखी तो पता चला कि इसे लाने वाला एक कुत्ता है। फुटेज में वह सिर मुंह में दबाए आता दिख रहा है। इसके बाद वह सिर को मंदिर के सामने एक घर के पास रखकर चला जाता है। पुलिस फुटेज की और गहन जांच में जुटी है।

क्षेत्र में पीएसी की तैनाती
घटना के तुरंत बाद शहर में कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। पुलिस टीम ने उजाला नगर क्षेत्र में गश्त कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। तनावग्रस्त इलाके में चार सीओ, सभी थानाध्यक्ष, पुलिस फोर्स और पीएसी लगाई गई है। इसके साथ ही हेड क्वार्टर और रेंज से पुलिस बल मांगा गया है। एसएसपी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर पैरामिलिट्री फोर्स की मांग की जाएगी।

कुछ तत्वों ने इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का भी प्रयास किया जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन और पुलिस दोनों स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। पुलिस के पास संबंधित फुटेज और आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध हैं जिनकी गहन जांच जारी है। हल्द्वानी की शांति 6 और सद्भावना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। धैर्य रखें, संयम बरतें और पुलिस को पूरी तरह से अपना काम करने दें। 

घटना की टाइमलाइन

  • शाम 7:30 बजे लोगों ने गोवंश का कटा सिर देखा
  • 7:35 बजे कई थानों की फोर्स के साथ सीओ और एसपी क्राइम भी पहुंचे।
  • 7:36 बजे फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल को कवर कर जांच शुरू की।
  • 7:40 बजे सूचना मिलने पर मौके पर भीड़ बढ़ने लगी।
  • 8:15 बजे बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने बरेली रोड पर जाम लगाने की कोशिश की।
  • 8:20 बजे शमा डिलक्स रेस्टोरेंट पर पथराव हुआ।
  • 8:45 बजे भीड़ ने गली में घुस रहे एक टैंपो चालक को रोका और वाहन पलटाने की कोशिश की।
  • 8:50 बजे पीलीकोठी में हंगामा की सूचना पर पुलिस की एक टीम भेजी गई।
  • 8:55 बजे महापौर गजराज बिष्ट ने मौके पर पहुंचकर युवकों को समझाया।
  • 9.10 बजे बरेली रोड पर युवकों ने हंगामा शुरू किया। दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही पुलिस ने रोक दी।
  • 9:50 बजे भीड़ वापस सड़क पर आई और फिर नारेबाजी शुरू कर दी।
  • 10:15 बजे भीड़ नैनीताल रोड की ओर जाने लगी।
  • 10:45 बजे एसटीएच मोड़ के पास युवकों की भीड़ रुकी और फिर नारेबाजी करने लगी।
  • 10:50 बजे- एहतियातन पुलिस ने कुछ युवकों को पकड़ा और वाहन में बिठा लिया।
  • 11:30 बजे भीड़ वापस गलियों के रास्ते होते हुए आगे निकल गई।

पहले भी हो चुके हैं मामले
हल्द्वानी को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का काम पहले भी हो चुका है। तीन से चार मामले इसी तरह के सामने आए। हालांकि बाद में मामला अलग ही निकला। इसी माह कालाढूंगी के पास कुछ संगठनों ने एक वाहन को रोका जिसमें पशुओं के अवशेष थे। हल्ला मचा कि यह गोवंश है। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में पसीने छूट गए। बाद में हत्या के प्रयास का मुकदमा हंगामा करने वाले युवकों पर दर्ज हुआ था। इसी प्रकार मंगल पड़ाव में भी एक मूर्ति खंडित मिली थी। इसे लेकर दो पक्ष आमने सामने आए थे। बाद में जांच हुई तो पता चला कि यह टेंट का सामान ले जाने के दौरान टूटा था। अप्रैल 2025 में राजपुरा के मंदिर के पास भी किसी ने पशु के अवशेष डाल दिए थे। इसे लेकर भी तनाव हो गया था।

Dehradun: सेलाकुई में फूड सप्लीमेंट निर्माता कंपनी पर जीएसटी का छापा, पांच करोड़ की चोरी का खुलासा

टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डाटा, ई-वे बिल, सामान खरीद व बिक्री से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। प्रारंभिक जांच में कंपनी के सामान खरीद व बिक्री के रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया।

राज्य कर विभाग की विशेष अन्वेषण शाखा (एसटीएफ) ने सेलाकुई में फूड सप्लीमेंट निर्माता कंपनी पर छापा मार कर पांच करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान कंपनी ने 1.75 करोड़ की टैक्स राशि जमा कराई।

राज्य कर आयुक्त सोनिका के निर्देश पर आयुक्त पीएस डुंगरियाल व अपर आयुक्त गढ़वाल अजय कुमार ने टैक्स चोरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीम गठित की। शुक्रवार को विभागीय टीम ने सेलाकुई स्थित फूड सप्लीमेंट निर्माता कंपनी के कार्यालय व गोदाम में छापा मारा।

टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डाटा, ई-वे बिल, सामान खरीद व बिक्री से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। प्रारंभिक जांच में कंपनी के सामान खरीद व बिक्री के रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया। इसके अलावा ई-वे बिल में जिन वाहनों का नंबर दर्शाया गया, वह किसी भी टोल से नहीं गुजरे थे।

जांच अधिकारी राज्य कर विभाग के उपायुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि कंपनी ने गलती स्वीकार करते हुए मौके पर 1.75 करोड़ का टैक्स जमा कराया है। कंपनी से जब्त दस्तोवजों की गहन जांच की जा रही है। कार्रवाई में टीआर चन्याल, अलीशा बिष्ट, असद अहमद, कंचन थापा व अनुराग पाठक भी शामिल रहे।

Chamoli: भारत-तिब्बत के बीच व्यापार का गवाह गौचर मेला, 1943 से शुरू हुआ, अब नमो मंत्र से बनेगी राष्ट्रीय पहचान

गौचर मेला भारत-तिब्बत के बीच व्यापार का गवाह है, जिसे अब नमो मंत्र से राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। वर्ष 1943 से गौचर मेला शुरू हुआ था। हर वर्ष 14 नवंबर से सात दिन तक मेले की  धूम रहती है।

14 नवंबर से राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेला शुरू हो जाएगा। सात दिनों तक चलने वाले इस मेले में हर रोज कई आयोजन होते हैं। अपर गढ़वाल के सबसे बड़े मेलों में शामिल इस मेले की राज्य स्तर पर विशेष पहचान है। बीते नौ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक जिला एक मेले की बात से इस मेले को अब राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलेगी।

वर्ष 1943 में भोटिया जनजाति एवं अन्य लोगों की पहल पर यह मेला शुरू हुआ। जिसका शुभारंभ तत्कालीन गढ़वाल कमिश्नर बरनेडी ने किया। तब यहां भारत तिब्बत व्यापार इस मेले के माध्यम किया जाता था। बाद में धीरे-धीरे औद्योगिक विकास मेले एवं सांस्कृतिक मेले का स्वरूप धारण कर लिया। अब मेले में मूल अवधारणा व्यापार को शामिल करते हुए नए आयोजन को शामिल कर दिया गया है। चमोली जिले के व्यापार संघ के जिला महामंत्री सुनील पंवार कहते हैं कि गौचर मेले की अपनी राज्य स्तर की पहचान है। जिसे देखते हुए सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित किया है।

स्थानीय उत्पादों को मिलता है बड़ा बाजार
गौचर मेला सरकार की थीम लोकल टू ग्लोबल का बड़ा माध्यम बन रहा है। इस मेले में जहां पूरे प्रदेश से हस्तशिल्प, बुनकर अपने उत्पादों को लेकर पहुंचते हैं। वहीं काष्ठ शिल्प से लेकर मंडुवा, झंगोरा, तुलसी, स्थानीय दालें, चावल, फल सहित कई स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिलता है। आत्मनिर्भर के तहत काम करने वाली महिला कांता देवी का कहना है कि यदि इस मेले को मोदी मंत्र का सहयोग मिले तो यह नई उड़ान भर सकेगा।

बंड विकास मेले में स्थानीय उत्पादों को मिलता है बाजार

चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में एक सप्ताह तक बंड विकास मेला 20 दिसंबर से आयोजित होगा। मेले में स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाते हैं। साथ ही सरकारी विभागों की ओर से भी अपने-अपने स्टॉल लगाए जाते हैं। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहती है। इस मेले में भोटिया जनजाति के ग्रामीण ऊनी उत्पादों की बिक्री करने पहुंचते हैं। मेले में ज्योतिर्मठ से लेकर जिले भर से लोग खरीदारी करने आते हैं।

अनसूया मेले में अनुष्ठान के लिए आते हैं निसंतान दंपति

दिसंबर माह में दो दिवसीय अनसूया मेला आयोजित होता है। इस वर्ष 3 व 4 दिसंबर को अनसूया मेला आयोजित होगा। 3 को मां अनसूया की डोली अपने मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। इस दौरान मंडल और अनसूया मंदिर में मेले का आयोजन होगा। इस मेले में बाहरी क्षेत्रों से भी मेलार्थी पहुंचते हैं। निसंतान दंपति अनसूया मंदिर में अनुष्ठान के लिए पहुंचते हैं।

Uttarakhand Weather: बीते 10 वर्षों में कभी इतना गर्म नहीं हुआ नवंबर का महीना; अगले छह दिन ऐसा रहेगा मौसम

भले रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से ठंड का अहसास होने लगा है लेकिन दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की वजह से दिन नवंबर के नहीं लग रहे हैं।

उत्तराखंड में जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदले पैटर्न का सीधा असर तापमान में देखने को मिल रहा है। बरसात के दिनों में सामान्य से अधिक बादल बरसे तो आपदा ने खूब तबाही मचाई। ऐसे में अब सर्दियों से पहले तापमान भी अपने तेवर दिखा रहा है।

भले रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से ठंड का अहसास होने लगा है लेकिन दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की वजह से दिन नवंबर के नहीं लग रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो नवंबर का दूसरा सप्ताह बीते दस वर्षों में पहले कभी इतना गर्म नहीं हुआ। साल 2015 से 2024 तक इस महीने के शुरुआती दिनों में तापमान 30 के आसपास दर्ज किया गया था। जबकि दूसरे सप्ताह से तापमान में गिरावट देखने को मिली थी लेकिन 12 दिन गुजर जाने के बाद भी अभी नवंबर का तापमान 30 के आसपास ही रिकॉर्ड किया जा रहा है।

बुधवार को भी दून का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री इजाफे के साथ 28.4 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कमी के साथ 10 डिग्री रहा। आंकड़ों की अनुसार रात के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पोस्ट मानसून की बारिश के बाद ही दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।

छह दिन तक शुष्क रहेगा मौसम
प्रदेशभर में बृहस्पतिवार से अगले छह दिन तक मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 18 नवंबर तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। दिन भर धूप खिलने से जहां पहाड़ों में ठंड से राहत मिलेगी वहीं मैदानी इलाकों में ठंड का फिलहाल अहसास कम होगा। हालांकि सुबह-शाम मैदानी इलाकों में कोहरा छाने और पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर चलने से ठंड परेशान करेगी।

 

सुखोई लड़ाकू विमान की देहरादून एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन से तेल रिसने पर पायलट ने दिखाई समझदारी

सोमवार सुबह सुखोई लड़ाकू विमान ने बरेली से उड़ान भरी थी। तकनीकी खराबी के कारण इसे देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा।

 देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर सोमवार को एक सुखोई लड़ाकू विमान को तकनीकी खराबी के कारण आपातकाल में उतारना पड़ा। इस फाइटर जेट ने सुबह बरेली से उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है की उड़ान के दौरान विमान के एक इंजन से तेल का रिसाव शुरू हो गया था। इसके बाद पायलट ने समझदारी दिखाते हुए जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर इस लैंड करवा दिया।

एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि विमान को तकनीकी खराबी के कारण उतारा गया है। मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस खराबी के कारण, विमान को तुरंत जमीन पर उतारना आवश्यक हो गया था ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए आपातकालीन प्रक्रियाओं को सक्रिय किया।

2018 में सुखोई विमानों का हुआ था अभ्‍यास

इससे पहले अप्रैल 2018 में, सुखोई विमानों ने देहरादून एयरपोर्ट पर कुछ दिनों तक अभ्यास करते हुए उड़ान भरी थी। यह अभ्यास भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं का एक हिस्सा था और इसने स्थानीय लोगों के बीच काफी उत्सुकता पैदा की थी।

बरेली से पहुंची इंजीनियरों की टीम

इस विमान को टर्मिनल से कुछ दूर वीआईपी गेस्‍ट हाउस के सामने सुरक्षित स्‍थान पर खड़ा किया गया है। बरेली से इंजीनियरों की टीम देहरादून एयरपोर्ट पहुंच गई है। विमान की तकनीकी खामी दूर करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।

‘वंदे मातरम’ हमारी आत्मा की धड़कन, उत्तराखंड के 25वें स्थापना दिवस पर बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

उत्तराखंड के 25वें स्थापना दिवस पर यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल शब्दों का संयोजन नहीं, यह हमारी आत्मा की धड़कन है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रविवार को उत्तराखंड राज्य के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘उत्तराखंड सांस्कृतिक महाकुंभ समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्हें ‘मां नन्दा देवी शिक्षा वीर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि वंदे मातरम केवल शब्दों का संयोजन नहीं, यह हमारी आत्मा की धड़कन है, हमारी अस्मिता का प्रतीक और गौरवशाली विरासत का अमर आलोक है।

उन्होंने उत्तराखंड की रजत जयंती पर सभी उत्तराखंडवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड ने कृषि, पर्यटन, ग्रामीण उद्यम, बागवानी और जैविक खेती के क्षेत्र में देशभर में उल्लेखनीय प्रगति की है। समारोह में आईटीआईटीआई दून संस्कृति स्कूल की रजत जयंती लोगो और अटल बिहारी वाजपेयी शताब्दी शैक्षिक यात्रा लोगो का विमोचन किया गया। इस अवसर पर कर्नल सोफिया कुरैशी, वीर नांग सती मीन और सीमावर्ती क्षेत्रों में जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए कार्यरत महिला योद्धाओं को सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि इन वीर नारियों की सफलता की कहानियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सिर्फ पर्वतों, नदियों और घाटियों का समूह नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक आत्मा का जीवंत स्वरूप है, जिसकी मिट्टी में तप भी है और तेज भी। उन्होंने कहा कि राजभवन उत्तर प्रदेश में ‘गंगोत्री से गंगासागर’ तक की प्रतीकात्मक प्रस्तुति के रूप में एक अद्भुत आस्था केंद्र का शिलान्यास किया गया है, जो बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की भावना को साकार करता है।

मां की गोद जीवन का प्रथम विद्यालय

उन्होंने कहा कि हमें नदियों को केवल श्रद्धा से नहीं, बल्कि समझ और संरक्षण के भाव से देखना होगा, ताकि अपनी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि मां की गोद जीवन का प्रथम विद्यालय है, जहां से संस्कार अंकुरित होते हैं। उन्होंने बताया कि राजभवन विद्यालय के बच्चों ने ‘स्मार्ट कार’, ‘सर्विंग रोबोट’, ‘वाई-फाई कार’ और ‘स्मार्ट गॉगल्स’ जैसे नवाचार कर नई मिसाल पेश की है।

वंदे मातरम गीत एकता का संदेश देता है- आनंदीबेन

आनंदीबेन ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र, संस्कार और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाली शक्ति है। जिस शिक्षा से संवेदना और उत्तरदायित्व की भावना न जागे, वह अधूरी है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प दिया है, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी युवाओं की है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के 150 स्वर्णिम वर्ष पर यह गीत हमें त्याग, देशप्रेम और एकता का संदेश देता है।

कर्नल सोफिया ने अनुशासन, सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी

भारतीय सेना की वीर महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने युवाओं से कहा कि जो युवा अपने समय, समझ और ऊर्जा का सही उपयोग करता है, वही भविष्य का निर्माता बनता है। उन्होंने युवाओं को अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल एक सशस्त्र बल नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस, संयम और सेवा की जीवित संस्था है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से कहा कि वे जीवन में अनुशासन और संयम को अपनाएं, अपनी शिक्षा और कार्य के प्रति निष्ठावान रहें तथा सदैव देश का नाम रोशन करें।

सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़िए- कर्नल सोफिया कुरैशी

कर्नल कुरैशी ने कहा कि आप एक ऐसे स्वर्णिम काल में जी रहे हैं, जहां अवसर अपार हैं। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़िए, अगले 30 वर्षों का अपना विजन तय कीजिए और समय का सदुपयोग करिए। जो युवा अपने समय, समझ और ऊर्जा का सही उपयोग करता है, वही भविष्य का निर्माता बनता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एकता, आत्मनिर्भरता और नवाचार उनके जीवन के उद्देश्य होने चाहिए। सोशल मीडिया पर गलत खबरों का न तो प्रसार करें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं, क्योंकि इससे समाज में भ्रम फैलता है। युवाओं को अपना समय नकारात्मकता में व्यर्थ न गंवाकर, राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाना चाहिए।

उत्तराखंड रजत जयंती: पुलिस लाइन में रैतिक परेड का आयोजन, राज्यपाल ने किया निरीक्षण, सीएम धामी ने की कई घोषणाएं

सीएम धामी ने कहा कि हमारे प्रदेश के उन सभी जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस के जवानों कर्मचारी शिक्षकों और नागरिकों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजंत जयंती के अवसर पर आज देहरादून पुलिस लाइन मं रैतिक परेड का आयोजन किया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने परेड का निरीक्षण किया।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, आस्था सेवा और उत्तरदायित्व का प्रतीक बने। हम संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में अपने राज्य को आदर्श के शिखर पर पहुंचाएंगे।

सीएम पुष्कर सिंह धामी राज्य आंदोलनकारियों को याद किया। ने कहा कि हमारे प्रदेश के उन सभी जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस के जवानों कर्मचारी शिक्षकों और नागरिकों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैं आज के इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले पुलिस वालों, एनसीसी कैडेट्स होमगार्ड स्काउट गाइड और सभी सांस्कृतिक दलों को भी साधुवाद देता हूं जिन्होंने परेड के माध्यम से अपनी शानदार प्रस्तुति और अनुशासन का परिचय दिया है। राज्य निर्माण के इन 25 वर्षों की यात्रा में हमारे राज्य ने अनेक चुनौतियों का और समस्याओं का सामना करते हुए आज देश के सशक्त राज्य के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हमें समय-समय पर कई प्राकृतिक आपदाओं और कठिन परिस्थितियों से भी जूझना पड़ा है

हमारे राज्य में चार धाम यात्रा कावड़ यात्रा कुंभ मेले जैसे भव्य आयोजनों के साथ ही राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी दबाव रहता है, यही नहीं हमारी विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों में राज्य की कानून व्यवस्था को बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती रही है लेकिन इन सभी कठिनाइयों के बीच उत्तराखंड पुलिस ने राज्य किया राज्य की आत्मा की प्रहरी और एक मुंह सड़क की भांति प्रत्येक मूर्ति पर डटे रहकर जन सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्षों से ढकी सीमाओं से लेकर मैदानी क्षेत्र तक तीर्थ यात्राओं की भीड़ से लेकर आपदाओं की विकट परिस्थितियों तक उत्तराखंड पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि सेवा परमो धर्म उनके आदर्श वाक्य मात्रा नहीं है बल्कि उनके जीवन का अटल संकल्प है साथियों यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि हमारी पुलिस ने महिला अपराधों के निराकरण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता हासिल की है शादी गृह मंत्रालय द्वारा जारी महिला अपराध एवं पक्ष अधिनियम के मामलों के निस्तारण में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर रहा है। यही नहीं नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत विकास के लक्षण को हासिल करने के इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है इसके साथ ही जहां हमारे चार गांव जल हरसिल गंजी और सूफी को देशभर में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है।

युवा तकनीक की भाषा समझे: राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह: उत्तराखंड पुलिस ने आधुनिक पुलिस बल के रूप में विशेष पहचान स्थापित की है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैयार किए हैं, जिससे दक्षता और बल बढ़ा है। सामुदायिक पुलिसिंग कर विशेष बल देकर जनता से सहयोग का सेतु तैयार किया है। 25 वर्षों का काल खंड , राज्य चार धाम से बढ़कर वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन वेडिंग डेस्टिनेशन योग आयुर्वेद कई दिशाओं में आगे बढ़ रहा है। जल जंगल और पहाड़ के संरक्षण में मातृ शक्ति का उल्लेखनीय योगदान रहा है। राज्य के विकास की धूरी हैं, स्वयं सहायता समूह से लेकर खेल रक्षा विज्ञान खेल आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है।

आज एआई के युग में हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड का युवा तकनीक की भाषा समझें। इसी दिशा से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। स्वदेशी के मंत्र के देश की प्रगति होगी, हमें वह सामान लेना चाहिए जो स्वदेशी हो, इस साल पीएम मोदी का सान्निध्य प्राप्त होना गर्व है। हम सब मिलकर संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रमुख घोषणाएं

  • साइबर अपराधों पर अंकुश के लिए साइबर कोऑर्डिनेशन केंद्र की स्थापना की जाएगी।
  • ड्रग्स फ्री देवभूमि हेतु एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का और विस्तार किया जाएगा।
  • राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत भोजन माता के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी।
  • राज्य में जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं से कृषि एवं उद्यान की फसलों की सुरक्षा के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी।
  • प्रदेश के पारंपरिक धौरे नाले आदि प्राकृतिक जल स्त्रोतों के संरक्षण पुनर्जीवन के लिए विशेष संवर्धन योजना प्रारंभ की जाएगी।
  • उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्र-छात्राओं में कौशल विकास के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे और सिविल सर्विसेज बैंकिंग मैनेजमेंट नीट आदि परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • मानसखंड मंदिर माला मिशन की तर्ज पर ही केदार खंड मंदिर माला मिशन का विकास किया जाएगा।
  • आदर्श चंपावत की भांति आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास भी उसी तर्ज पर आगे बढ़ाया जाएगा।
  • पूर्णागिरि कुमाऊंनी के शारदा कॉरिडोर एवं आदि कैलाश तथा गढ़वाल के अंजनी सेन एवं बेला केदार क्षेत्र को स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा
  • प्रत्येक जिला अस्पताल में डायबिटीज के लिए विशेष क्लीनिक खोले जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।

UK News: कुमाऊं विवि के 20वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू की शिरकत, विद्यार्थियों को दिए गोल्ड मेडल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) भी उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की बुद्धि और कौशल का विकास करना ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक बल और चरित्र को भी सुदृढ़ करना होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा हमें आत्मनिर्भर बनाती है, साथ ही हमें विनम्र होना और समाज व देश के विकास में योगदान देना सिखाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को वंचित वर्गों की सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित करें। उन्होंने कहा कि यही सच्चा धर्म है, जो उन्हें सच्चा सुख और संतोष प्रदान करेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। सरकार निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए अनेक नीतिगत पहल कर रही है। ये पहल युवाओं के लिए अनेक अवसर उत्पन्न कर रही हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों को चाहिए कि वे युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।