Uttarakhand: साल में दो बार UTET कराने की तैयारी, टीईटी न होने से हजारों शिक्षकों की नौकरी पर गहराया संकट

प्रदेश में साल में दो बार यूटीईटी कराने की तैयारी है। टीईटी न होने से राज्य में हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहराया है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की तर्ज पर अब उत्तराखंड में साल में दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) कराने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक केंद्र सरकार की सीटीईटी की तरह राज्य सरकार भी साल में दो बार यूटीईटी कराएगी। इसके अलावा अन्य विकल्पों पर भी जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा ताकि सुप्रीम फैसले के अनुरूप शिक्षक टीईटी कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा एक से आठवीं तक के सभी सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य किया हुआ है। पदोन्नति और सेवा में बने रहने के लिए उन्हें 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य है लेकिन उत्तराखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) साल में मुश्किल से एक बार हो रही है। इससे शिक्षकों को सीटीईटी की तर्ज यूटीईटी करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे।

वहीं, सीटीईटी और यूटीईटी के आवेदन में 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक जो बीएड़ हैं, उनके लिए कोई अलग से विकल्प नहीं है। जिससे राज्य में हजारों सेवारत शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहरा गया है। इस बीच कुछ शिक्षकों की ओर से उनके लिए अलग से विशेष यूटीईटी कराए जाने की मांग की जा रही है। लेकिन बताया गया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नियमों में सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय टीईटी का प्रावधान नहीं है। ऐसे में यूटीईटी प्रथम के लिए आवेदन में आवश्यक योग्यताओं के साथ सेवारत शिक्षक का विकल्प जोड़ा जाना चाहिए

27 सितंबर 2025 को हुई थी अंतिम यूटीईटी परीक्षा

उत्तराखंड में अंतिम यूटीईटी परीक्षा 27 सितंबर 2025 को हुई थी। इसे लगभग एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। तब से अब तक राज्य में कोई टीईटी परीक्षा नहीं हुई है। जबकि केंद्र सरकार वर्ष में दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करती है। उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी का कहना है कि वर्तमान में साल में एक बार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई जा रही है। शासन का निर्देश मिलने पर ही इसे साल में दो बार कराया जा सकेगा।

शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए कितने शिक्षक अर्हता रखते हैं, इसका परीक्षण कराया जा रहा है। शिक्षकों की ओर से यह भी मांग की जा रही है कि उनके लिए अगल से विशेष टीईटी कराई जाए। -रविनाथ रामन, शिक्षा सचिव

शिक्षक टीईटी कर सकें इसके लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही बैठक कर इस पर सरकार की ओर से कोई निर्णय ले लिया जाएगा।– डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री

Uttarakhand: चारों धामों में पहली बार पहुंचने वाले भक्तों की संख्या भी सबसे अधिक, अध्ययन में सामने आई जानकारी

भारतीय वन्यजीव संस्थान की एक रिपोर्ट में सामने आई हैं। चारों धामों में पहली बार पहुंचने वाले भक्तों की संख्या भी सबसे अधिक देखी गई है।

धामों में पहली बार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक है। यह जानकारी भारतीय वन्यजीव संस्थान के धामों की धारण क्षमता को लेकर कराए गए अध्ययन (वर्ष-2025) में सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि केदारनाथ करीब 79 प्रतिशत और गंगोत्री में 81 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार आए हैं। जबकि यमुनोत्री में लगभग 70 प्रतिशत और हेमकुंड साहिब में 89 प्रतिशत श्रद्धालु पहली बार पहुंचे।

अध्ययन में धामों में यात्री पहुंचने के परिवहन के माध्यमों का भी उल्लेख किया गया है। इन तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक परिवहन, निजी टैक्सी या बस, दोपहिया वाहन, निजी कार और हेलीकॉप्टर जैसे विभिन्न साधनों का उपयोग किया। केदारनाथ में श्रद्धालुओं ने सबसे अधिक निजी टैक्सी या बस (41 प्रतिशत ) का इस्तेमाल किया गया।

इसके बाद सार्वजनिक परिवहन (34 प्रतिशत) का स्थान रहा। निजी कार (15 प्रतिशत) से लेकर छह प्रतिशत श्रद्धालु दो पहिया वाहन से भी पहुंचे। गंगोत्री में 61 प्रतिशत श्रद्धालु निजी टैक्सी या बस से पहुंचे। 19 फीसदी लोग निजी कारों से और नौ प्रतिशत दो पहिया वाहन से पहुंचे। हेमकुंड साहिब में अधिकांश श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया।

गंगोत्री और यमुनोत्री में तीन प्रतिशत श्रद्धालुओं ने किया हेलिकाप्टर का उपयोग
इसके बाद निजी टैक्सी और निजी कारों के माध्यम से पहुंचे। यहां पर 12 प्रतिशत दो पहिया वाहनों से भी पहुंचे। यमुनोत्री में सार्वजनिक परिवहन और निजी टैक्सी का उपयोग करने वाले श्रद्धालुओं का प्रतिशत करीब बराबर रहा है। वहीं हेलिकॉप्टर के उपयोग की भी जानकारी दी गई है। केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में लगभग सात प्रतिशत गंगोत्री और यमुनोत्री में तीन प्रतिशत श्रद्धालुओं ने हेलिकाप्टर का उपयोग किया।

ठहरने का इंतजाम

धामों में श्रद्धालुओं के ठहरने से जुड़ी जानकारी भी एकत्र की गई है। अधिकांश श्रद्धालुओं ने होटल या होमस्टे को पसंद किया। सबसे अधिक यमुनोत्री में 10 प्रतिशत लोग धर्मशाला में ठहरे। वहीं, केदारनाथ में सबसे अधिक 18 प्रतिशत लोगों ने टेंट या कैंप में ठहरना पसंद किया।

 

Uttarakhand: बीते तीन दिन से गर्मी दिखा रही तेवर, मैदान से लेकर पहाड़ तक चढ़ा पारा, कुछ दिन और रहेगी तपिश

मैदान से लेकर पहाड़ तक गर्मी झुलसा रही है। बीते सप्ताह हुई बारिश और आंधी-तूफान के बाद मिली राहत अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

बीते तीन दिन से उत्तराखंड में गर्मी तेवर दिखा रही है। आलम यह रहा कि चटक धूप के साथ गर्म हवाओं ने मंगलवार को देर शाम तक झुलसाया। उधर, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिन तक मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा। बीते रविवार से मौसम खुला तो मैदान से लेकर पहाड़ तक पारा चढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद यह सिलसिला जारी है।

मंगलवार को भी सुबह से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए, जो देर शाम तक जारी रहे। तेज धूप के साथ चल रही लू जैसी हवाओं ने लोगों को झुलसाने का काम किया, जिससे सड़कों पर आवाजाही भी कम नजर आई। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

दोपहर के समय हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जब गर्म हवाओं के चलते बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इसके साथ ही बीते सप्ताह हुई बारिश और आंधी-तूफान के बाद मिली राहत अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो दून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री बढ़ोतरी के साथ 37.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।  रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री गिरावट के साथ 22.2 डिग्री दर्ज किया गया। पर्वतीय जिलों के इलाकों में भी तापमान का हाल कुछ ऐसा ही रहा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पर्वतीय जिले उत्तरकाशी, टिहरी और देहरादून के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।

 

Uttarakhand: केंद्र की दूरसंचार परियोजना भी गांवों में नहीं ला सकी नेटवर्क, लागू की गई थी 4जी सेचुरेशन योजना

केंद्र की दूरसंचार परियोजना भी गांवों में नेटवर्क नहीं ला सकी। 2022 में केंद्र ने 4जी सेचुरेशन योजना लागू की गई थी।

मोबाइल नेटवर्क विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2022 में शुरू की गई बीएसएनएल की 4जी सेचुरेशन योजना भी अब तक घाड़ क्षेत्र के नौ गांवों तक नहीं पहुंच पाई है। चिंताजनक यह है कि आजादी के बाद से अब सरकारी सिस्टम इन गांवों में इंटनरेट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।

यह तब है जब ग्राम प्रधानों की ओर से डीएम, एसडीएम समेत विभिन्न स्तरों पत्र सौंपकर मोबाइल टावर लगाने की गुहार लगाई जा चुकी है। घाड़ क्षेत्र के हलजौरा, बेलकी, इनायतपुर, इब्राहिमपुर मसाई कला, गोकुलवाला, डांडा, बनवाला, शाहमंसूर, दौड़बसी गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। ये हाल तब है जब बीएसएनएल सेचुरेशन योजना केंद्र सरकार की एक दूरसंचार परियोजना है जिसका उद्देश्य देश के उन गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में 4जी मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना है जहां अब तक मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं है या बहुत कमजोर है।

ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है
योजना के तहत नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं और कई पुराने 2जी 3जी टावरों को 4जी में अपग्रेड किया जा रहा है लेकिन घाड़ के गांवों में कोई सुविधा नहीं पहुंची है। इनमें से कुछ जगह पर थोड़े बहुत नेटवर्क आते भी हैं तो छत पर चढ़कर बात करनी पड़ती है। वहीं ऑनलाइन पढ़ाई और सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन जैसे काम पूरी तरह ठप हैं।

हलजौरा के गांव के प्रधान स्वामी घनश्याम का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन और दूरसंचार विभाग का ध्यान आकर्षित किया जा चुका है। उन्होंने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को कई बार पत्र सौंपकर गांव में मोबाइल टावर स्थापित कराने और नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ये है सेचुरेशन योजना का मुख्य उद्देश्य
दूरस्थ और सीमावर्ती गांवों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना।
डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाना।
ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना।
डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करना।

20 लाख में लगता है टावर
हलजौरा गांव कोई मोबाइल टावर नहीं है जबकि सात किलोमीटर दूरी पर सिकरोढा के पास एक मोबाइल टावर लगा है। यदि गांव में एक टावर लग जाए तो समस्या का समाधान हो जाए। जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर हरिद्वार कंचन कांत का कहना है कि एक टावर लगाने में करीब 20 लाख के आसपास का खर्च आता है। इन गांवों में सेचुरेशन योजना के तहत समाधान होना है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उन्हीं के स्तर से कार्रवाई होनी है।

इन परेशानियों का सामना कर रहे ग्रामीण
दुर्घटना, बीमारी या अन्य आपातकाल में नहीं कर पाते किसी से संपर्क।
ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित।
ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के लाभ से वंचित।
यूपीआई, ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग ऐप और अन्य डिजिटल लेनदेन बाधित।
किसानों को नहीं मिल पा रही मौसम, फसल बीमा, कृषि योजनाओं और मंडी भाव की जानकारी।
आधार, पेंशन, राशन, आयुष्मान कार्ड और अन्य ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित।
बाहर रहने वाले परिजनों और रिश्तेदारों से कट रहा संपर्क।

 

Uttarakhand Weather: आज भी बदला रहेगा मौसम का मिजाज, देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने आज देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

प्रदेश में आज भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिले में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने, तेज हवाएं चलने और तेज बारिश होने की संभावना है। जबकि बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में कुछ जगह भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

जबकि राज्य के शेष पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, झोंकेदार हवाएं चलने और तेज बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इसका येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, बृहस्पतिवार शाम भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में खासी गिरावट देखने को मिली।

 

Uttarakhand: राहुल गांधी आज करेंगे चुनावी शंखनाद; अल्मोड़ा में जनसभा, पौड़ी में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद

प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के दौरे की तैयारियां पूरी कर ली हैं। चार जून को राहुल गांधी पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा पहुंचकर सुबह 11 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे।

करीब चार साल बाद उत्तराखंड पहुंच रहे कांग्रेस के शीर्ष नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज 2027 के चुनाव का शंखनाद करेंगे। दो दिवसीय दौरे के पहले दिन बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा में जनसभा और पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन में पूर्व फौजियों से संवाद करेंगे।

प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के दौरे की तैयारियां पूरी कर ली हैं। चार जून को राहुल गांधी पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा पहुंचकर सुबह 11 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे।

इसके बाद अल्मोड़ा से पौड़ी आएंगे। यहां पूर्व सैनिक सम्मेलन में संवाद करेंगे। राहुल गांधी अग्निपथ योजना, वन रैंक वन पेंशन, ईसीएचएस, पूर्व सैनिकों की पेंशन को आयकर के दायरे में लाने के साथ अन्य मुद्दों को धार देकर भाजपा पर सियासी वार करेंगे। वह अंकिता भंडारी के घर और कोटद्वार में मोहम्मद दीपक के जिम भी जा सकते हैं, हालांकि इन कार्यक्रमों को पार्टी ने सार्वजनिक नहीं किया है।

रात्रि विश्राम मसूरी में होगा। पांच जून को देहरादून में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला, महानगर, अनुषांगिक संगठनों के साथ बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे और तैयारियों पर फीडबैक लेंगे।

प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ.हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता अल्मोड़ा पहुंच गए हैं।

 

Uttarakhand: फोन इस्तेमाल करने में पहाड़ की महिलाएं पीछे नहीं, पिछले तीन साल में 12% बढ़ा मोबाइल का उपयोग

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट में में यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड में 72 फीसदी महिलाएं मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही हैं। बीते तीन साल में यह आंकड़ा 12 फीसदी बढ़ा है।

उत्तराखंड में पहाड़ की महिलाएं भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में 72 प्रतिशत महिलाओं के हाथों में मोबाइल फोन है। पिछले तीन साल के भीतर महिलाओं में मोबाइल का इस्तेमाल 12 प्रतिशत बढ़ा है।

सर्वेक्षण रिपोर्ट में 15 से 49 आयु वर्ग की महिला के स्वास्थ्य, सशक्तीकरण की स्थिति का आकलन किया गया। आंकड़ों के अनुसार राज्य की 72 प्रतिशत महिलाएं अब मोबाइल फोन का उपयोग कर रही हैं। वर्ष 2019 से 2021 में यह आंकड़ा लगभग 61 प्रतिशत था। शहरी क्षेत्रों में 77.3 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 70.4 प्रतिशत महिलाओं के पास मोबाइल फोन है।

रिपोर्ट में महिलाओं के सशक्तीकरण और डिजिटल पहुंच में सुधार की जानकारी दी गई है। मोबाइल फोन का बढ़ता उपयोग महिलाओं को सूचना और सेवाओं से जोड़ रहा है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संपर्क के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने प्रगति की है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, राज्य की 91 प्रतिशत महिलाओं के बैंकों में बचत खाते हैं। जबकि तीन साल पहले यह आंकड़ा 80.2 प्रतिशत था। यह आंकड़ा महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करता है। बचत खातों की उपलब्धता उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करती है।

डिजिटल पहुंच में वृद्धि

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं में मोबाइल फोन का चलन तेजी से बढ़ा है। जो डिजिटल साक्षरता और सूचना तक उनकी पहुंच को बेहतर बनाता है। पहाड़ों में संचार कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। आज दूरस्थ क्षेत्रों तक 5जी की सुविधा है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं की आजीविका सुधार हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं स्थानीय उत्पादों का कारोबार कर रही है।

 

Kedarnath Heli Service: इसी हफ्ते से कर सकेंगे हेली टिकट की बुकिंग,15 जून से आगे की यात्रा के लिए खुलेगा स्लॉट

इसी हफ्ते से यात्री केदारनाथ हेली टिकट की बुकिंग कर सकेंगे।15 जून से आगे की यात्रा के लिए स्लॉट खुलेगा।

चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग का स्लॉट जून के पहले सप्ताह में खोलने की तैयारी है। दूसरे चरण में 15 जून से आगे की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग की जाएगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने केदारनाथ हेली सेवा के लिए पहला स्लॉट 15 अप्रैल को खोला था और 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की थी।

एक घंटे के भीतर से 33 हजार से अधिक टिकट बुक हो गए थे। अब यूकाडा बुकिंग का दूसरा स्लाॅट खोलने की तैयारी कर रहा है। इसमें 15 जून से आगे की यात्रा के लिए बुकिंग की जाएगी। यूकाडा के सीईओ डॉ.आशीष चौहान ने बताया कि जल्द ही बुकिंग तिथि घोषित की जाएगी।

लगातार हो रही बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी, केदारनाथ यात्रा रुक-रुक कर चली

मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग में भारी बारिश, आंधी-तूफान और प्रतिकूल मौसम की आशंका जताई है। मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है ऐसे में प्रशासन ने  एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। वहीं, दोपहर बाद मौसम ठीक होने पर यात्रियों को फिर आगे भेजा गया। जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए निकटतम होल्डिंग स्थलों और सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश जारी किए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर यात्रा को फिलहाल रोका गया है। कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

मौसम सामान्य होते ही यात्रा को सुचारू किया जाएगा। उधर, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा लगातार मौसम और यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। सोनप्रयाग, गौरीकुंड सहित संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी यात्री को आगे न जाने दिया जाए। वहीं कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

 

देवभूमि पत्रकार यूनियन का पत्रकारिता दिवस पर भव्य आयोजन, वरिष्ठ पत्रकारों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान

देहरादून। उत्तराखंड के पत्रकारों के सबसे बड़े और अग्रणी संगठन देवभूमि पत्रकार यूनियन (पंजी.) ने इस साल भी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य और विचारोत्तेजक समारोह का आयोजन किया। उत्तरांचल प्रेस क्लब के खचाखच भरे सभागार में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर राज्य के तमाम दिग्गज पत्रकार, राजनेता और समाजसेवी एक मंच पर जुटे।

इस साल के आयोजन का मुख्य एजेंडा बेहद समसामयिक और गंभीर रखा गया था। ‘डिजिटल युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं फेक न्यूज की चुनौती’ विषय पर केंद्रित इस गोष्ठी में सूचनाओं के बेकाबू प्रवाह और गिरते स्तर पर गहरी चिंता जताई गई। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे देश के प्रख्यात चिकित्सक, समाजसेवी और पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने आज के मीडिया परिदृश्य पर बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर की पत्रकारिता बिल्कुल ‘फास्ट फूड’ की तरह हो चुकी है, जो बहुत ज्यादा फास्ट है. जल्दबाजी और सबसे पहले दिखाने की इस अंधी होड़ में खबरों की गहराई, फैक्ट-चेक और सत्यता कहीं पीछे छूटती जा रही है, जो समाज के लिए घातक है।

“वही कार्यक्रम के दूसरे मुख्य अतिथि सूचना महानिदेशक और वीसी एमडीए बंशीधर तिवारी ने तकनीकी बदलावों के बीच जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने साफ कहा कि डिजिटल क्रांति ने भले ही सूचनाओं के प्रसार को सुपरफास्ट बना दिया हो, लेकिन इसके समानांतर भ्रामक खबरों यानी फेक न्यूज का ग्राफ भी खतरनाक तरीके से बढ़ा है। तिवारी ने जोर देकर कहा कि ऐसे संकट के समय में समाज के प्रति जवाबदेही और सिर्फ तथ्यपरक पत्रकारिता ही मीडिया की साख को बचा सकती है।

कार्यक्रम में सियासी और प्रशासनिक हलकों से भी कई बड़े नाम शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में शामिल राज्यमंत्री अशोक वर्मा, राज्यमंत्री श्रीमती विनोद उनियाल और कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भी मंच से अपने विचार साझा किए

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे सूचना महानिदेशक एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष (वीसी) श्री बंशीधर तिवारी का वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस क्लब से जुड़े श्री सिद्धनाथ उपाध्याय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर पत्रकारिता के लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा समाज के प्रति मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वक्ता के तौर पर बोलते हुए राज्यमंत्री डॉ. देवेंद्र भसीन, पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट और उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के तकनीकी पहलुओं और उनके सामाजिक प्रभावों पर बारीकी से रोशनी डाली। इसके अलावा पंडित सुभाष जोशी और इंजीनियर विनोद कुमार नौटियाल ने भी सत्र को संबोधित करते हुए अपने सुझाव रखे। इस मौके पर देवभूमि पत्रकार यूनियन ने अपनी परंपरा को निभाते हुए समाज और पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई विभूतियों का नागरिक अभिनंदन किया। सम्मानित होने वाली शख्सियतों में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) एकताशक्ति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दत्त शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके साथ ही प्रदेशभर से आए दर्जनभर पत्रकार संगठनों के वरिष्ठ पत्रकारों और प्रबुद्ध समाजसेवियों को पारंपरिक अंग वस्त्र, मोतियों की माला और विशेष स्मृति चिन्ह देकर मंच से नवाजा गया। इस पूरे भव्य आयोजन की अध्यक्षता देवभूमि पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन प्रदेश महासचिव डॉ. वी.डी. शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदेश कोषाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, जिला अध्यक्ष हरीश खनेडा, जिला महासचिव नवीन जोशी, जिला कोषाध्यक्ष रजत शर्मा समेत उत्तराखंड के कोने-कोने से आए सैकड़ों पत्रकारों की मौजूदगी रही।

Roorkee: होटल में मिले युवक-युवती के शव, एक दिन पहले बुक कराया था कमरा, प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका

होटल में युवक और युवती ने बृहस्पतिवार शाम कमरा बुक कराया था। शुक्रवार सुबह होटल कर्मचारी सफाई के लिए पहुंचे और दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

शहर के डबल फाटक स्थित एक होटल में शुक्रवार दोपहर युवक और युवती के शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया। प्रारंभिक जांच में कीटनाशक के सेवन की आशंका जताई जा रही है।

डबल फाटक स्थित होटल में युवक और युवती ने बृहस्पतिवार शाम कमरा बुक कराया था। शुक्रवार सुबह होटल कर्मचारी सफाई के लिए पहुंचे और दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कर्मचारी उन्हें सोया समझकर चले गए। दोपहर करीब 12 बजे चेकआउट का समय होने पर दोबारा दरवाजा खटखटाया गया लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं मिला।

इस पर होटल प्रबंधन को शक हुआ, उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दूसरी चाबी से कमरा खुलवाया तो युवक और युवती अचेत अवस्था में पड़े मिले। पुलिस ने कमरे से मिले साक्ष्यों को कब्जे में ले लिया। युवक की पहचान सागर निवासी नाथुखेड़ी के रूप में हुई, जबकि युवती लंढौरा क्षेत्र की बताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग की बात सामने आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि पारिवारिक असहमति या अन्य कारणों के कारण दोनों ने यह कदम उठाया होगा। सिविल लाइंस कोतवाली के प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।