Char Dham Yatra: अब एलईडी स्क्रीन बताएगी मौसम और मार्ग बंद होने की सटीक जानकारी, श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत

बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर भद्रकाली और मलेथा (श्रीनगर) में अत्याधुनिक एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही हैं जिन पर यात्रियों को मौसम की स्थिति, सड़क बंद होने, वैकल्पिक मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं रियल टाइम में उपलब्ध होंगी।

चारधाम यात्रा के दौरान अब यात्रियों को मौसम और मार्ग की जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर भद्रकाली और मलेथा (श्रीनगर) में अत्याधुनिक एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही हैं जिन पर यात्रियों को मौसम की स्थिति, सड़क बंद होने, वैकल्पिक मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं रियल टाइम में उपलब्ध होंगी। करीब 68 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही यह व्यवस्था यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में अहम है।

लोक निर्माण विभाग के विद्युत यांत्रिकी खंड, ऋषिकेश को इस परियोजना की कार्यदायी संस्था बनाया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एलईडी स्क्रीन (16 फीट × 10 फीट) लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित फर्म के साथ अनुबंध भी हो गया है। निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री एक दो दिन में कार्यस्थल पर पहुंचनी शुरू हो जाएगी। इसी माह के अंत तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बरसात के मौसम में भूस्खलन, चट्टान गिरने या खराब मौसम के कारण यात्रा मार्ग पर अक्सर यातायात प्रभावित होता है। ऐसे में कई बार श्रद्धालु बिना जानकारी के आगे बढ़ जाते हैं और घंटों जाम या बंद मार्ग में फंस जाते हैं। एलईडी स्क्रीन पर मौसम की चेतावनी, मार्ग बंद होने, यातायात की स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देश तत्काल प्रदर्शित किए जाएंगे जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
द्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में सूचना तंत्र को आधुनिक बनाने की यह पहल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को मजबूत करेगी। अधिकारियों का मानना है कि रीयल टाइम सूचना प्रणाली लागू होने से अनावश्यक भीड़, जाम और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कमी आएगी व आपदा या खराब मौसम की स्थिति में प्रशासन की सलाह सीधे यात्रियों तक पहुंच सकेगी।

भद्रकाली व मलेथा में एलईडी लगाए जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो गई है। इस माह के अंत तक एलईडी लगा दी जाएगी।
-पंकज नयाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत यांत्रिकी खंड लाेनिवि ऋषिकेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *