सरकार ने ट्रंप के टैरिफ घोषणा के प्रभावों पर विचार शुरू किया

News web media Uttarakhand : अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नई टैरिफ नीतियों की घोषणा के बाद भारत सरकार इसके प्रभावों का गहन अध्ययन कर रही है। ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि उनकी प्रशासनिक नीतियों के तहत कई देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर नए आयात शुल्क लगाए जाएंगे। इस निर्णय से वैश्विक व्यापार पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सरकार इस नीति का मूल्यांकन कर रही है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से निर्यात-आधारित उद्योगों पर क्या प्रभाव डालेगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही संवेदनशील स्थिति में हैं, और इस टैरिफ नीति से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं और इस नीति को लागू करते हैं, तो भारतीय व्यापार क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है। सरकार संभावित जवाबी कदमों और रणनीतियों पर विचार कर रही है ताकि भारतीय कंपनियों को नुकसान न हो। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक व्यापार मंच पर और अधिक चर्चाओं का केंद्र बन सकता है।

टीएमसी ने सुनीता विलियम्स को भारत रत्न देने की मांग की

​News web media Uttarakhand : तृणमूल  कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद मोहम्मद नदीमुल हक़ ने बुधवार को राज्यसभा में भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विलियम्स की उपलब्धियों को भारत में हमेशा सराहा गया है और उन्हें भारत रत्न देना उनकी सफलता का सर्वोच्च सम्मान होगा। ​

हक़ ने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले भी सुनीता विलियम्स को भारत रत्न देने की मांग की थी, यह कहते हुए कि यह उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उपयुक्त सम्मान होगा। ​

सुनीता विलियम्स हाल ही में 18 मार्च को नौ महीने से अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहने के बाद पृथ्वी पर लौटी हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर बिताए अपने समय के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रयोग और मिशन पूरे किए, जिससे वैश्विक स्तर पर विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ​

हक़ की इस मांग के दौरान उन्होंने गुजरात की राजनीति से जुड़े कुछ मुद्दों का भी उल्लेख किया, जिस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य भाजपा सदस्यों ने आपत्ति जताई। उपसभापति हरिवंश ने इन असंगत हिस्सों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। ​

सुनीता विलियम्स की भारतीय जड़ों और उनकी असाधारण उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए, टीएमसी सांसद की यह मांग राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

म्यांमार भूकंप में मरने वालों का लगातार बढ़ रहा आंकड़ा, अब तक 2700 लोगों की हो चुकी मौत

News web media Uttarakhand : म्यांमार में पिछले सप्ताह आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां भूकंप के चलते ढही इमारतों से शव निकलने का सिलसिला जारी है। इसके चलते अब तक यहां 2700 लोगों की मौत हो चुकी है।

म्यांमार में 28 मार्च को 7.7 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे थे। इसके बाद 6.4 तीव्रता के भी झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र मेंडले और सेगेंग शहरों की सीमा पर जमीन के 10 किलोमीटर भीतर था। भूकंप के चलते बुनियादी ढांचे, सड़कें और रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान हुआ। भूकंप के झटके न सिर्फ म्यांमार बल्कि पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। थाईलैंड का चियांग मेई शहर में भी इस भूकंप के चलते काफी नुकसान हुआ।

म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने राजधानी नेपीडॉ में बताया कि अब तक 2,719 लोग मृत पाए गए हैं। 4,521 अन्य घायल हुए हैं और 441 लापता हैं। भूकंप से प्रभावित कई क्षेत्रों में अभी भी बचाव दल नहीं पहुंच पाए हैं। इसलिए संख्या बढ़ने की आशंका है। बचाव अभियान लगातार जारी है। राहत-बचाव कर्मियों के साथ स्थानीय लोग भी अपनों को खोजने के लिए खुद भी मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। भीषण गर्मी के कारण शवों से दुर्गंध आनी शुरू हो गई है। हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। हालात यह हैं कि करीब 35 लाख लोग बेघर हो चुके हैं। हालात यह हैं कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है और सड़कों पर अस्थायी तरीके से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

भारत ने भेजी मदद
म्यांमार की मदद के लिए भारत ने सबसे पहले हाथ बढ़ाएं। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत यहां राहत सामग्री और सहायता दल को भेजा गया है। 29 मार्च (शनिवार) को भारत ने दो नौसैन्य जहाज म्यांमार की मदद के लिए भेजे। इनके जरिए आर्मी फील्ड अस्पताल तैयार करने के लिए सामान और 118 चिकित्साकर्मियों को भी भेजा गया। इनके जरिए घायलों की मदद करने की व्यवस्था की जा रही है।

मणिपुर में कई एजेंसियों के संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने बरामद किए 32 अवैध हथियार

News web media Uttarakhand :  : मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हाल ही में कई जिलों में संयुक्त अभियान चलाकर 114 अवैध हथियार, विस्फोटक और सैन्य उपकरण बरामद किए हैं, जिससे क्षेत्र में हथियारों की बढ़ती तस्करी और असुरक्षा की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। ​

मुख्य बरामदगी:

काकचिंग और थौबल जिले: सुरक्षा बलों ने इन जिलों में खोजी अभियानों के दौरान तीन कार्बाइन, एक एयर गन राइफल, नौ मिलीमीटर पिस्तौल, दो सिंगल बैरल गन, 14 हैंड ग्रेनेड, एक 51 मिमी मोर्टार, दो एमके-III ग्रेनेड और 4.755 किलोग्राम विस्फोटक आईईडी बरामद किए।

इंफाल पश्चिम जिला: यहां सुरक्षा बलों ने एक सेल्फ-लोडिंग राइफल, एक कार्बाइन मशीन गन, एक .32 कैलिबर देशी पिस्तौल, दो 51 मिमी मोर्टार, ग्रेनेड और गोला-बारूद जब्त किए।

इन अभियानों में भारतीय सेना, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल और इन्डो-तिब्बतन सीमा पुलिस शामिल थीं, जो क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं।​

यहां उल्लेखनीय है कि मणिपुर में म्यांमार के नागरिक युद्ध में शामिल होकर लौटे उग्रवादियों द्वारा हथियारों का उपयोग बढ़ाया गया है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा की स्थिति और बढ़ गई है। ​

सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते हथियारों के अवैध प्रसार को रोकने और शांति-व्यवस्था स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा 8वां वेतन आयोग

News web media Uttarakhand : 8वें वेतन आयोग के गठन को जब से केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी मिली है, तब से सरकारी कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर है. लाखों सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग लागू होते ही, उनकी सैलरी में अच्छा खासा इजाफा हो जाएगा.

हालांकि, कुछ विभाग ऐसे भी हैं, जो 8वें वेतन आयोग के अंतर्गत नहीं आएंगे. यानी 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद भी उनके यहां सैलरी नहीं बढ़ेगी. चलिए, आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं. इसके साथ ही ये भी बताते हैं कि 8वां वेतन आयोग लागू होने से आपकी सैलरी में कितना इजाफा होगा.

किन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा 8वां वेतन आयोग

देश में फिलहाल 7वां वेतन आयोग लागू है. ये वेतन आयोग साल 2014 में गठित हुआ था और इसे साल 2016 में लागू किया गया था. आमतौर पर भारत में हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लागू होता है, देश का पहला वेतन आयोग 1946 में गठित किया गया था. चलिए, अब आपको बताते हैं कि किन सरकारी कर्मचारियों पर 8वां वेतन आयोग लागू नहीं होगा.

दरअसल, जो भी कर्मचारी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSUs) या किसी ऑटोनॉमस बॉडी के कर्मचारी होते हैं या फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज होते हैं, वो पे कमीशन के दायरे से बाहर होते हैं. यानी इन लोगों पर वेतन आयोग लागू नहीं होता. इनकी सैलरी और भत्तों के लिए नियम अलग होते हैं. यही वजह है कि 8वां वेतन आयोग इन लोगों पर लागू नहीं होगा.

8वें वेतन आयोग में कैसे बढ़ेगी सैलरी?

8वें वेतन आयोग में सैलरी हाइक फिटमेंट फैक्टर और भत्तों के आधार पर होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.86 के बीच हो सकता है. यानी सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18000 से बढ़कर सीधे 51000 हो जाएगी. हालांकि, ये अभी तय नहीं हुआ है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर क्या होगा.

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिसका इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को संशोधित करने के लिए किया जाता है. इसे मौजूदा बेसिक सैलरी पर लागू किया जाता है और इसके आधार पर नए वेतन की गणना की जाती है.

इसे ऐसे समझिए कि फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर पड़ता है. उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,500 है और फिटमेंट फैक्टर 2.57 है, तो उसकी कुल सैलरी 15,500 × 2.57 = 39,835 होगी.

8 वर्षों में यूपी को आर्थिक शक्ति बनाने में BJP की ‘डबल इंजन सरकार’ की भूमिका, योगी आदित्यनाथ का बयान

News web media Uttarakhand : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के आठ साल पूरे होने पर, राज्य के संघर्षशील स्थिति से आर्थिक महाशक्ति बनने तक के सफर को लेकर गर्व जताया। उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ के मॉडल को इस सफलता का श्रेय दिया, जिसमें राज्य और केंद्रीय सरकार के बीच मजबूत सहयोग को प्रमुख कारण बताया।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार ने कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिकीकरण के क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास किया है। उन्होंने राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के द्रुत विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 2025 तक उत्तर प्रदेश का GSDP ₹32 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

उत्तर प्रदेश में कृषि वृद्धि दर में सुधार हुआ है, जो 2016-17 में लगभग 5% थी और अब 13.5% से अधिक हो गई है। इसके साथ ही, राज्य में बड़ी संख्या में औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है, जैसे नोएडा में दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण।

योगी आदित्यनाथ ने इसे बीजेपी सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया, जिसने उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।

बांग्लादेश सेना ने ढाका में प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच ऑपरेशन्स बढ़ाए, शांति बनाए रखने की कोशिश

News web media Uttarakhand : बांग्लादेश की सेना ने ढाका में बढ़ते प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है। विशेष रूप से फरवरी 2025 में शुरू हुए ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ के तहत, सरकार ने हजारों लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकांश शेख हसीना के समर्थक थे। यह अभियान गाज़ीपुर में छात्रों और नागरिकों पर हमले के बाद शुरू किया गया था, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया था। सेना की बढ़ी हुई उपस्थिति और उनके ऑपरेशन्स ने राजधानी ढाका में सुरक्षा स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने शांति बनाए रखने के लिए सेना को तैनात किया है, लेकिन विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला मानते हैं। इस बढ़ती सेना की उपस्थिति और कार्रवाई ने देश के भीतर और बाहर चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि यह नागरिक स्वतंत्रताओं के उल्लंघन की संभावना को लेकर कई सवालों को जन्म देता है।

बांग्लादेश में होने वाले चुनावों को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और सुरक्षा को लेकर राज्य ने कई कदम उठाए हैं। सेना की तैनाती और नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।

अब चहल-धनश्री पति-पत्नी नहीं, कोर्ट ने तलाक पर लगाई मुहर

News web media Uttarakhand : भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है. आज यानी 20 मार्च को चहल और धनश्री सुनवाई के लिए बांद्रा के फैमिली कोर्ट पहुंचे थे, जहां कोर्ट ने उनके तलाक की ज्वॉइंट पेटेशन को स्वीकार करते हुए तलाक को मंजूरी दे दी है.

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का तलाक हो गया है और इसी आधिकारिक पुष्टि चहल की ओर से केस लड़ रहे वकील नितिन कुमार ने की है. उन्होंने 20 फरवरी को कोर्ट की हियरिंग खत्म होने के बाद कहा, ‘कोर्ट ने तलाक की डिक्री दे दी है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की संयुक्त याचिका स्वीकार कर ली है. इसलिए अब चहल-धनश्री पति-पत्नी नहीं हैं.’

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक की खबर की पुष्टि हो चुकी है. हाल ही में ये खबर भी सामने आई है कि तलाक पर युजवेंद्र चहल, धनश्री वर्मा को एलिमनी के तौर पर 4.75 करोड़ रुपये देने वाले हैं. इसमें से क्रिकेटर ने 2.37 करोड़ रुपये पहले ही चुका दिए हैं.

बताते चलें, युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा ने 5 फरवरी को तलाक की अर्जी दी थी, जिसे लेकर 20 मार्च को फैसला होना है. दोनों ने ही शादी बचाने के लिए 6 महीने के कूलिंग ऑफ पीरियड के लिए मना कर दिया था, जिसके बाद ही बांद्रा फैमिली कोर्ट में दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी गई.

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन मिले थे. धनश्री कोरियोग्राफर हैं, जो उन दिनों ऑनलाइन डांस क्लासेस दे रही थीं, उनके स्टूटेंड में चहल भी शामिल हो गए थे. वहीं से चहल और धनश्री के बीच दोस्ती हुई और फिर प्यार हुआ. दोनों ने कोरोना काल के दौरान ही 22 दिसंबर 2020 को शादी रचा ली थी.

आगरा विवाद के बीच औरंगजेब के कृत्यों को महिमामंडित करना देशद्रोह: योगी आदित्यनाथ का कड़ा बयान

News web media Uttarakhand : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में ऐतिहासिक आक्रमणकारियों की महिमामंडन को देशद्रोह के समान बताते हुए इसे ‘नई भारत’ में अस्वीकार्य करार दिया है। यह बयान महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की मजार को हटाने की मांग को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है।

बहराइच में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा, “आक्रमणकारियों की महिमामंडन करना देशद्रोह को बढ़ावा देना है, जिसे नई भारत स्वीकार नहीं करेगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो हमारे पूर्वजों का अपमान करते हैं और आक्रमणकारियों की प्रशंसा करते हैं, वे हमारी संस्कृति और विरासत का अनादर कर रहे हैं।

यह टिप्पणी उस समय आई है जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने औरंगजेब की मजार को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। VHP ने सरकारी कार्यालयों में प्रदर्शन किए हैं, जिसमें मजार को हटाने की मांग की गई है। यह विवाद औरंगजेब की विरासत और उनके शासनकाल में हिंदू समुदाय पर कथित अत्याचारों को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस का हिस्सा है।

इतिहासकारों के अनुसार, औरंगजेब के शासनकाल में साम्राज्य का विस्तार हुआ, लेकिन उनके प्रशासनिक और धार्मिक नीतियों के कारण साम्राज्य में कई चुनौतियाँ भी आईं। उनकी नीतियाँ आज भी बहस का विषय हैं, विशेष रूप से धार्मिक सहिष्णुता और प्रशासनिक निर्णयों के संदर्भ में।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह टिप्पणी ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की महिमामंडन और आलोचना पर चल रही राष्ट्रीय बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो समाज के विभिन्न वर्गों में प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न कर रही है।

तेलंगाना सरकार ने 2025-26 के लिए ₹3.05 लाख करोड़ का बजट पेश किया, प्रमुख क्षेत्र और आवंटन की जानकारी

News web media Uttarakhand : तेलंगाना के वित्त मंत्री टी. हरीश राव ने हाल ही में राज्य के वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹3.05 लाख करोड़ का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। यह बजट राज्य की आर्थिक वृद्धि और विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

मुख्य बिंदु:

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट अनुमान: ₹3.05 लाख करोड़।

केंद्र से करों में हिस्सेदारी: ₹26,216 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% अधिक है।

केंद्र से अनुदान: ₹21,636 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 122% अधिक है।

स्व-राजस्व (Own Tax Revenue): ₹1,38,181 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24% अधिक है।

ब्यय (Expenditure): ₹2,74,058 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25% अधिक है।

राजस्व घाटा (Revenue Deficit): ₹297 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 83% कम है।

मुख्य क्षेत्रों में व्यय:

शिक्षा: ₹1,28,650 करोड़।

ग्रामीण विकास: ₹1,71,437 करोड़।

स्वास्थ्य: ₹98,311 करोड़।

ऊर्जा: ₹81,174 करोड़।

शहरी विकास: ₹96,777 करोड़।

यह बजट राज्य की सामाजिक और आर्थिक विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और अवसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।