उत्तराखंड में मदरसों पर हो रही कार्रवाई के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में मदरसों पर हो रही कार्रवाई के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. राज्य सरकार बिना किसी मान्यता के चल रहे मदरसों को बंद कर रही है. इसके खिलाफ जमीयत उलेमा ए हिंद ने आवेदन दाखिल किया है. सुप्रीम कोर्ट ने इसे देश भर के मदरसों को लेकर पहले से लंबित याचिका के साथ जोड़ लिया है.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने शुरू में कहा कि मदरसों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षा के अधिकार कानून की स्थिति या उनकी फंडिंग को लेकर जानकारी मांगने में कुछ गलत नहीं दिखता. अगर याचिकाकर्ता को कोई समस्या है, तो वह हाई कोर्ट जा सकता है. जमीयत के लिए पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इसका विरोध करते हुए पिछले साल आए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया.

कपिल सिब्बल ने जिस आदेश की बात कही, उसे 21 अक्टूबर 2024 को तत्कालीन चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमीयत उलेमा ए हिंद की ही याचिका पर दिया था. उस आदेश में कोर्ट ने यूपी के गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सभी छात्रों को स्कूलों में ट्रांसफर करने की कार्रवाई पर रोक लगाई थी. कोर्ट ने सरकारी अनुदान वाले मदरसों से गैर मुस्लिम छात्रों को हटाने के राज्य सरकार के फैसले पर भी रोक लगाई थी. यूपी सरकार की इस कार्रवाई का आधार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की तरफ से जून, 2024 में सभी राज्यों के लिए आया एक निर्देश था. कोर्ट ने उस निर्देश पर भी रोक लगा दी थी.

कपिल सिब्बल ने जजों को बताया कि इस मामले में सभी राज्यों को नोटिस भेजा गया था. इस पर आगे सुनवाई होनी है. अब उत्तराखंड के मामले के लिए हाई कोर्ट जाने के लिए कहना सही नहीं होगा. कपिल सिब्बल की इस दलील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि वह इस आवेदन को मुख्य मामले के साथ सुनेंगे.

देहरादून में नवरात्रि व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बनी खाद्य सामग्री खाने से करीब 100 लोग बीमार

News web media Utttarakhand : देहरादून में नवरात्रि व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बनी खाद्य सामग्री का सेवन करने के बाद करीब 100 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। प्रभावित लोगों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। यह घटना शहर के विभिन्न हिस्सों में सामने आई, जहां लोगों ने व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बने पकवान खाए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, कई लोगों को खाने के कुछ घंटों बाद ही उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। बीमार हुए लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।

प्रशासन ने कुट्टू के आटे की बिक्री करने वाले दुकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और आशंका जताई जा रही है कि आटा दूषित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और किसी भी तरह की अस्वस्थता होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।

इस घटना के बाद, प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

देहरादून-हरिद्वार के लच्छीवाला टोल प्लाजा पर बढ़ेगा शुल्क, आम आदमी की जेब होगी ढ़ीली, जानिए कितना पड़ रहा भार

News web media Uttarakhand : देहरादून-हरिद्वार के लच्छीवाला टोल प्लाजा पर शुल्क बढ़ने जा रहा है। जिसके बाद लच्छीवाला टोल पर वाहन चालकों को अधिक शुल्क देना होगा। इसका असर आम आदमी पर पड़ना तय है। इससे जहां किराया बढ़ेगा उसके साथ ही बुकिंग पर जाने वाली गाड़ियां टैक्स को भी सवारियों से ही वसूलेंगी।

देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर लच्छीवाला टोल प्लाजा पर टैक्स में बढ़ोत्तरी होने वाली है। वाहन श्रेणी के अनुसार टोल टैक्स में पांच से लेकर 30 रुपये तक बढ़ोतरी की गई है। कार-जीप का एक तरफ का टोल टैक्स 105 से बढ़कर 110 रुपये हो जाएगा।
लच्छीवाला टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रह रहे लोगों के निजी वाहनों के लिए मासिक पास की सुविधा है। 2021 में इनका मासिक पास 275 रुपये में बनता था। इसके बाद 2022 में 315, 2023 में 330 और 2024 में 340 रुपये शुल्क कर दिया गया। मासिक पास के लिए दस रुपये बढ़ाकर 350 रुपये किया गया है। टोल टैक्स बढ़ने पर परिवहन निगम भी किराए में बढ़ोत्तरी करता है। रोडवेज बसों में भी किराया कुछ बढ़ सकता है। इसके अलावा टैक्सी और प्राइवेट बसों का किराया भी बढ़ने की संभावना है। बता दें कि स्थानीय लोग टोल का लगातार विरोध कर रहे हैं। साथ ही स्थानीय लोगों को इसमें छूट देने की मांग कर रहे है। लेकिन इस पर अभी किसी तरह की राहत​ मिलती हुई नजर नहीं आ रही है।

  • कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहन को सिंगल यात्रा फीस के लिए 110 रुपये, जबकि उसी दिन वापसी करने पर 160 रुपये देने होंगे।
  • हल्के वाहनों को मासिक पास के लिए 3585 रुपये, टोल प्लाजा पर पंजीकृत व्यावसायिक वाहन को एकल यात्रा के लिए 55 रुपये देने होंगे।
  • हल्के व्यावसायिक वाहन, हल्के माल वाहन या मिनी बस को सिंगल यात्रा के लिए 175 रुपये और उसी दिन वापसी करने पर 260 रुपये, मासिक पास के लिए 5790 रुपये देने होंगे।
  • टोल पर पंजीकृत वाहन को एक तरफ के 85 रुपये देने होंगे। बस या ट्रक को सिंगल यात्रा के लिए 365 रुपये और उसी दिन वापसी पर 545 रुपये भुगतान करना होगा।
  • टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे वाले स्थानीय-गैर व्यावसायिक वाहनों को मासिक पास के लिए 350 रुपये का भुगतान करना होगा।

उत्तरकाशी के कलस्टर विद्यालयों में परिवहन सुविधा के लिए सीएम धामी ने किया 15 बसों का फ्लैग ऑफ

News web media Uttarakhand : मंगलवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से उत्तरकाशी जनपद के कलस्टर विद्यालयों में परिवहन सुविधा के लिए 15 बसों का फ्लैग ऑफ किया. सीएम धामी ने कहा कि स्कूली बच्चों के लिए बस की सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें विद्यालय आवागमन में समय की बचत होगी. इस तरह के नवाचार से बच्चों को पठन-पाठन में सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह सराहनीय प्रयास किया गया है.

उत्तरकाशी जनपद के नगरीय क्षेत्र के 15 कलस्टर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाये जाने के लिए जिलाधिकारी उत्तरकाशी द्वारा जिला खनिज न्यास फाउण्डेशन की मद एवं अन्टाईड फण्ड से 15 बस क्रय की स्वीकृति प्रदान की गयी. प्रति बस के लिए 20 लाख की दर से कुल 03 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई. जिन प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए यह बस की सुविधा दी जा रही है, उनमें विकासखण्ड नौगांव के लिए 05, विकासखण्ड भटवाडी और विकासखण्ड डुण्डा के लिए 03-03, विकासखण्ड पुरोला के लिए 02 जबकि विकासखण्ड चिन्यालीसौड और विकासखण्ड मोरी के लिए 01-01 बस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.

देवभूमि पत्रकार यूनियन का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

News web media Uttarakhand :- विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु भूषण खंडूरी ने देवभूमि पत्रकार यूनियन (पंजी.) के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र के तीन स्तंभों के साथ साथ आज भी मीडिया के दायित्व महत्वपूर्ण बने हुए हैं। इसकी जिम्मेदारी अत्यंत आवश्यक हैं। मीडिया के बदलते स्वरूप के बावजूद आज भी प्रिंट मीडिया की प्रमाणिकता कायम है।

स्थानीय उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित शपथ ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्रीमती ऋतु भूषण खंडूरी ने कहा कि आज की पत्रकारिता की भूमिका देश व समाज को सही दिशा देने में सक्षम है।

वहीं विषम परिस्थितियों से निपटने व पत्रकार हित में पत्रकार यूनियनें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। प्रेस समाज का आईना है। एक ओर जहां प्रेस को आलोचना करनी चाहिए, वहीं अच्छी बातों को भी उजागर करना चाहिए।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष जी द्वारा देवभूमि पत्रकार यूनियन की नवनिर्वाचित प्रदेश कार्यकारिणी व जिला कार्यकारिणी को पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि आज मीडिया व पत्रकार में घालमेल हो गया है। जबकि दोनों का कार्य अलग अलग है। आज पत्रकार अपने को मीडिया कहने लगे हैं। आज निरंतर बदलते प्रेस के स्वरूप के कारण पत्रकार का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। आज हर कोई पत्रकार बन गया है। जिस कारण प्रेस की विश्वनीयता आम जनमानस में संदेहजनक बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकार संगठन एवं यूनियनों को विषम परिस्थितियों में पत्रकारिता कर रहे पत्रकार साथियों के हितों के लिए तत्पर रहना चाहिए।

इनके अतिरिक्त राज्यमंत्री विनोद उनियाल, सरोजनी सेमवाल, अरुण शर्मा, डी डी मित्तल, पंडित विजेंद्र कुमार ममगई, डॉ. एम आर सकलानी, पंडित सुभाष चंद्र जोशी आदि ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती जी के चित्र पर दीपार्चन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। थोड़ा विलंब से पहुंचे कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी जी ने उपस्तिथि पत्रकारों से उनकी समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि पत्रकार कभी भी अपनी समस्याएं लेकर मुझसे मिल सकते हैं। उनके समाधान हेतु सदैव मेरा प्रयास रहेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने की तथा संचालन प्रदेश महासचिव डॉ. वी डी शर्मा ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश एवं नगर के सैंकड़ों की संख्या में सम्मानित पत्रकारगण, कवि, साहित्यकार, समाजसेवी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में जल्द होगी 789 अतिथि शिक्षकों की तैनाती

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में जल्द ही 789 अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जाएगी.

प्रवक्ता संवर्ग के इन शिक्षकों को प्रदेश के पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में कला वर्ग के विभिन्न विषयों के सापेक्ष नियुक्त किया जायेगा. शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इन शिक्षकों की शीघ्र तैनाती के निर्देश दिए हैं.

राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रवक्ता संवर्ग के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय लिया था. विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और राज्य लोक सेवा आयोग से प्रवक्ता शिक्षकों के मिलने में हो रही देरी को देखते हुए एक बार फिर कला वर्ग में 789 और अतिथि प्रवक्ताओं को तैनाती दी जायेगी. जिसमें हिन्दी विषय में 193, भूगोल 90, अर्थशास्त्र 194, नागरिकशास्त्र 217 तथा इतिहास विषय में 95 अतिथि शिक्षक शामिल है.इन सभी अतिथि प्रवक्ताओं को मेरिट के आधार पर जनपद आवंटित कर दिये गये हैं, जहां विभिन्न राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इन्हें संवर्गवार व विषयवार नियुक्त दी जायेगी.

जिसमें चमोली में विभिन्न विषयों के 101 अतिथि प्रवक्ताओं को तैनाती दी जायेगी. इसी तरह पिथौरागढ़ में 98, पौड़ी 154, अल्मोड़ा 90, उत्तराकशी 22, टिहरी 61, नैनीताल 39, चम्पावत 44, बागेश्वर 55, रूद्रप्रयाग 61, देहरादून 19, ऊधमसिंह नगर 42 तथा हरिद्वार में 3 अतिथि शिक्षक शामिल हैं.

कला वर्ग के सभी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्र माध्यमिक विद्यालयों में दी जायेगी. इस संबंध में विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को अतिथि शिक्षकों की शीघ्र तैनाती के निर्देश दिये हैं. इसस पहले विभाग द्वारा विज्ञान वर्ग में 157 अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति की गई. प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत कला वर्ग के विषयों के 789 अतिथि प्रवक्ताओं की मेरिट सूची तैयार कर जनपदों को भेज दी गई है. इन अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों के सापेक्ष शीघ्र तैनाती देने हेतु सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये है.

ऋषिकेश: पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल पर मुकदमा दर्ज, जानिए पूरा मामला

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और ऋषिकेश से विधायक प्रेम चंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल पर अधिकारियों की अनुमति के बिना सरकारी भूमि पर सड़क बनाने के आरोप में सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया है. यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी. पौड़ी के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि यह मुकदमा यमकेश्वर के उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल की अदालत में दर्ज किया गया है. पीयूष अग्रवाल ने यह सड़क अपने प्रस्तावित होटल तक पहुंचने के लिए बनाई है.

उन्होंने बताया कि एक जांच रिपोर्ट में सरकारी जमीन पर मुख्य मार्ग से नीचे की ओर बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से 24 मीटर लंबी, चार मीटर चौड़ी और डेढ़ मीटर गहरी सड़क का निर्माण किए जाने की बात सामने आने के बाद पीयूष अग्रवाल के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया. मुकदमा दर्ज करने से पहले उपराजस्व निरीक्षक सीएस पुंडीर ने इस संबंध में जांच की थी और अपनी रिपोर्ट यमकेश्वर के उपजिलाधिकारी को सौंपी थी.

सीएस पुंडीर ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि यह सरकारी जमीन लक्ष्मण झूला क्षेत्र की मराल ग्राम पंचायत, पट्टी उदय पुर तल्ला के अंतर्गत गांव खैरखाल तोक में है, जिसका खसरा नंबर 5889 है. रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी दस्तावेजों में यह जगह एक झाड़ी के रूप में दर्ज है. जिलाधिकारी चौहान ने वर्तमान राजस्व उप निरीक्षक वीएस गुसाईं से दोबारा इस मामले की जांच करने को कहा, जिसमें फिर इन आरोपों की पुष्टि हुई.

इसके बाद, दो दिन पहले चन्याल की अदालत में अग्रवाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया. हाल में उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पहाड़-मैदान पर ‘असंसदीय टिप्पणी’ करने को लेकर विरोधों का सामना कर रहे प्रेमचंद अग्रवाल को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

धामी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर जिला मुख्यालयों में होगा जश्न, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

News web media uttarakhand : धामी सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष पर हर जिले में जन सेवा थीम पर 22 से 25 मार्च तक बहुउद्देशीय व चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को शिविर आयोजित करने के लिए निर्देश जारी किए

22 मार्च को मुख्य कार्यक्रम अल्मोड़ा व 23 मार्च को देहरादून जिले में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा सभी जिलों में भी 23 मार्च शिविर लगाए जाएंगे। जिला मुख्यालयों में कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। जिन जिलों में प्रभारी मंत्रियों की उपलब्धता नहीं है, वहां सांसद अध्यक्षता करेंगे।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बहुद्देशीय शिविर में आम जन को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की उपलब्धता, विभिन्न विभागों के माध्यम संचालित योजनाओं जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा चिकित्सा शिविर में निशुल्क जांच व दवाएं दी जाएंगी।

24 से 30 मार्च तक जन सेवा थीम पर प्रत्येक विधानसभा व लॉक स्तर पर भी बहुउद्देशीय शिविर व चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिसमें सांसद व विधायकों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी अपने स्तर से निर्णय लेंगे।

सेवानिवृत्ति के साथ शिक्षकों को सामूहिक बीमा योजना का तत्काल मिलेगा लाभ, नया संशोधन जारी

News web media Uttarakhand : सेवानिवृत्ति के बाद संत्रात लाभ के तहत शिक्षकों को सामूहिक बीमा योजना का लाभ अब तत्काल मिल सकेगा। उन्हें संत्रात लाभ की अवधि पूरी होने का इंतजार नहीं करना होगा। सोमवार को सचिव वित्त डॉ. वी. षणमुगम ने सामूहिक बीमा योजना के भुगतान की संशोधित व्यवस्था लागू करने के संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

सरकार के इस फैसले का लाभ 60 हजार से ज्यादा प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को होगा। जारी आदेश के मुताबिक, सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद ही बीमा योजना का के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ का भुगतान आईएफएमएस पेार्टल के माध्यम से होगा। इसके लिए अंतिम वेतन पत्र के स्थान पर सक्षम अधिकारी द्वारा इसका प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त अशासकीय स्कूलों के शिक्षक पिछले काफी समय से इस संशोधन की मांग कर रहे थे। शिक्षक संघ के नेताओं के मुताबिक, बीच सत्र में सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने वाले शिक्षकों के वित्तीय वर्ष के अंत तक यानी 31 मार्च का संत्रात लाभ दिया जाता है।

अब तक सामूहिक बीमा योजना का लाभ शिक्षकों को उनकी सत्रांत लाभ की अवधि पूरी करने पर ही मिलता था। इससे शिक्षकों के सेवानिवृत्ति के देयकों की एक बड़ी राशि कुछ और महीनों के लिए फंस जाती थी। इस धन को सेवानिवृत्ति की वास्तविक तारीख से ही दिए जाने की मांग की जा रही थी।

ग्रीन चारधाम यात्रा अभियान शुरू, शीतकाल यात्रा के स्थलों का मास्टर प्लान तैयार करने के CM धामी ने दिए निर्देश

News web media Uttarakhand : आगामी 30 अप्रैैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा को लेकर सरकार की और से तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ग्रीन चारधाम यात्रा का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य में ग्रीन चारधाम यात्रा की शुरूआत करने के साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का चारधाम यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर ​कहा कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर कार्य किये जाएं। यह यात्रा राज्य की लाइफलाइन है और आर्थिकी का बड़ा माध्यम है। पिछले साल की यात्रा में आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों से कहा कि उन्होंने राज्य के जिस तहसील, पुलिस थाने, ब्लॉक या अन्य क्षेत्रों से नौकरी की शुरूआत की है, उन्हें गोद लेकर उनके विकास में योगदान दें। यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से परेशानी न हो। चारधाम यात्रा मार्गों में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग टैस्ट की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही पशुपालन विभाग समय पर घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करे। साथ ही यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए पर्याप्त संख्या में गर्म पानी और चारे की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
यात्रा शुरू होने से पहले संकरे मार्गों का चौड़ीकरण और जिन स्थानों पर सड़क निर्माण से सबंधित कार्य चल रहे हैं, उन्हें पूर्ण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से रूकना न पड़े। यातायात प्रबंधन की दृष्टि से रोकना भी पड़े, तो उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विजिलेंस द्वारा हेलिकाप्टर टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए सतर्क होकर निगरानी की जाय और संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यात्रा मार्गों पर शौचालयों की पूर्ण व्यवस्था के साथ पिंक टॉयलेट की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा भी स्वच्छता अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मार्च माह में विभागीय सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें। चारधाम यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा मार्ग पर मोबाइल कनेक्टिविटी, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक संसाधनों और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मौसम के रियल टाइम अपडेट सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। इस अवसर पर सीएम ने यात्रा मार्ग से जुड़े जिलों के डीएम से यात्रा मार्ग से जुड़ी विभिन्न तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शीतकाल यात्रा के स्थलों का मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इनके आसपास के क्षेत्रों को भी विकसित किया जाए। गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान पर भी कार्य किया जाए। 2026 में होने वाली नंदा राजजात और 2027 के कुंभ के लिए भी अभी से तैयारी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।