कैग रिपोर्ट में खुलासा: दून स्मार्ट सिटी परियोजना में भारी अनियमितता; बिना टेंडर के 2.93 करोड़ के काम कराए

वर्ष 2017 में देहरादून को स्मार्ट सिटी परियोजना में चयन किया गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वर्ष 2018 से 2023 तक की अवधि में किए गए काम पर ऑडिट किया।

केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के कार्येां में अनियमितता पाई गई। बिना टेंडर के 2.93 करोड़ के काम कराए गए। वहीं समयवधि पर काम पूरा न करने पर कार्यदायी संस्था से 19 करोड़ की वसूली नहीं की गई। 5.91 करोड़ की लागत से देहरादून के तीन सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब, इंटरेक्टिव बोर्ड, प्रोजेक्टर, ई-कंटेंट, सीसीटीवी, बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन उन्हें शुरू नहीं किया गया।

वर्ष 2017 में देहरादून को स्मार्ट सिटी परियोजना में चयन किया गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वर्ष 2018 से 2023 तक की अवधि में किए गए काम पर ऑडिट किया। कैग रिपोर्ट के अनुसार स्मार्ट सिटी के काम जून 2023 तक पूरे किए जाने थे। लेकिन इसे 2024 तक बढ़ाया गया। परियोजना के लिए एक हजार करोड़ का बजट प्रावधान किया गया। वर्ष 2016 से 2023 तक 737 करोड़ की धनराशि जारी की गई। इसके सापेक्ष 634.11 करोड़ की राशि खर्च की गई। स्मार्ट सिटी का काम देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड (डीएससीएल) को सौंपा गया था।

कैग ने स्मार्ट सिटी के सभी 22 परियोजनाओं का ऑडिट किया। रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि दून कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परियोजना के ई-गर्वेनेंस समाधान के तहत ठोस कूड़ा प्रबंधन की निगरानी के लिए मार्च 2022 में विकसित बायोमीट्रिक एवं सेंसर प्रणाली को फरवरी 2025 तक लागू नहीं किया गया। इससे 4.55 करोड़ का व्यय निष्फल रहा। स्मार्ट अपशिष्ट वाहन योजना के तहत 90 लाख से खरीदे गए ई-रिक्शा का दो साल तक संचालन नहीं हुआ।

पर्यावरण सेंसरों पर 2.62 करोड़ खर्च, उपयोग हुआ नहीं
देहरादून शहर में मौसम की जानकारी देने के लिए पर्यावरण सेंसर लगाए गए। इस पर 2.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा मल्टी यूटिलिटी डक्ट पर 3.24 करोड़ खर्च किए। लेकिन इनका उपयोग नहीं हुआ। कार्यदायी संस्था ने परियोजना प्रबंधन सलाहकार को अधूरी परियोजना के बावजूद भुगतान किया गया। सिटीज इंवेस्टमेंट टू इनोवेट, इंटीग्रेट एंड सस्टेन परियोजना के क्रियान्वयन के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार के भुगतान में 5.19 करोड़ की अनियमितता पाई गई।

आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी
कार्यदायी संस्था को बाधा रहित कार्य स्थल उपलब्ध न कराने पर आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी हुई है। लेकिन अग्रिम राशि का समायोजन नहीं किया गया। काम में देरी के लिए 1.41 करोड़ का दर्थदंड न लगाकर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया। गलत वित्तीय प्रबंधन के कारण 6.20 करोड़ के ब्याज का नुकसान हुआ है।

130 स्मार्ट पोल में से 27 ही लगे
डीएससीएल ने स्मार्ट पोल परियोजना बनाई थी। इसके तहत शहर में 130 स्मार्ट पोल व 100 किमी तक ओएफसी बिछाने का काम होना था। 2023 तक 27 स्मार्ट पोल व 70 किमी. ओएफसी बिछाई गई।

ई-बसों के संचालन से 11.26 करोड़ का नुकसान
प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में 41.56 करोड़ की इलेक्ट्रिक बस परियोजना शुरू की गई। 2020 में 30 बसों का संचालन शुरू किया गया। योजना की डीपीआर में 2019 से 2026 तक किराए व विज्ञापन से प्राप्त होने वाले राजस्व में 36.99 करोड़ नुकसान का अनुमान लगाया था। मार्च 2023 तक 11.26 करोड़ का नुकसान हुआ है। ई-बसों के संचालन से 3.93 लाख दैनिक राजस्व के सापेक्ष 1.29 लाख की आय हुई है।

 

WB Election: पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सीईसी ज्ञानेश कुमार, बैठकों का दौर जारी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग का दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पश्चिम बंगाल पहुंचा है। दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की तैयारी, लॉजिस्टिक और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों व राजनीतिक दलों के साथ बैठकें की जा रही हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में चुनाव आयोग का एक दल पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर पहुंचा है। इस दौरे के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर रहे हैं।

बैठकों का मुख्य उद्देश्य और एजेंडा

इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य राज्य में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए की जा रही तैयारियों का गहन मूल्यांकन करना है। बैठकों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है:

    • सुरक्षा व्यवस्था: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती और राज्य पुलिस के साथ उनके समन्वय की समीक्षा।
    • मतदान केंद्रों की व्यवस्था: मतदान केंद्रों की भौतिक स्थिति, वहां आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और सुरक्षा का आकलन।
  • लॉजिस्टिक व्यवस्था: चुनाव सामग्री का वितरण, मतदान कर्मियों की तैनाती और अन्य लॉजिस्टिक पहलुओं की योजना।
  • मतदाता सूची की समीक्षा: मतदाता सूची में कथित तौर पर की गई अनियमितताओं और विसंगतियों से संबंधित विवादों पर भी चर्चा।
  • राजनीतिक दलों से संवाद: सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में चुनावों को एक या दो चरणों में कराने और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के सुझाव दिए गए।

विवाद और चिंताएं

चुनाव आयोग के दौरे के साथ ही, विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद मतदाता सूची में कथित तौर पर की गई मनमानी कटौतियों को लेकर विवाद भी गरमाया हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है, जिससे राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

चुनाव आयोग का तीन दिवसीय दौरा

यह बैठकें चुनाव आयोग की पश्चिम बंगाल की तीन दिवसीय यात्रा का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में चुनाव की तैयारियों का समग्र जायजा लेना है। आयोग ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग का आश्वासन दिया था।

 

सऊदी में ईरान के हमले में भारतीय नागरिक की मौत?: अल खर्ज में हुआ था हताहत, दूतावास ने बताई सच्चाई; जानें सबकुछ

सऊदी अरब के अल-खर्ज में प्रोजेक्टाइल हमले के बाद रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि कोई भारतीय नागरिक मारा नहीं गया। घायल भारतीय का इलाज स्थानीय सरकारी अस्पताल में चल रहा है।

सऊदी अरब के अल-खर्ज शहर में रविवार को प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना के बाद भारतीय दूतावास ने सोमवार को स्पष्ट किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कोई भारतीय नागरिक मारा नहीं गया। दूतावास ने कहा कि वह संबंधित सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।

घायल भारतीय का इलाज चल रहा है
भारतीय मिशन के अनुसार, काउंसलर (CW) श्री वाई. साबिर ने रविवार की रात अल-खर्ज का दौरा किया और घटना में घायल हुए भारतीय नागरिक से मुलाकात की। वह वर्तमान में अल-खर्ज के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा “कल शाम अल-खर्ज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भारतीय नागरिक की मौत नहीं हुई, यह राहत की बात है।”

पहले की गलत सूचना
घटना के तुरंत बाद, सऊदी सिविल डिफेंस अधिकारियों ने बयान में कहा था कि प्रोजेक्टाइल हमले में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई। इसके अलावा 12 बांग्लादेशी निवासी घायल हुए और संपत्ति को भी नुकसान हुआ। सऊदी अधिकारियों ने यह भी कहा कि नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।

भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
दूतावास ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा सऊदी अरब में स्थित सभी भारतीय नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और स्थानीय प्रशासन तथा दूतावास द्वारा जारी सलाहों का पालन करें।

सऊदी की इमारत पर गिरा मिसाइल का धधकता मलबा
गौरतलब है कि रविवार को ईरान की ओर से सऊदी अरब की तरफ दागी गई मिसाइल को सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया। हालांकि, मिसाइल का धधकता मलबा सीधे अल-खर्ज शहर में एक बिल्डिंग पर गिर गया। घटना के तुरंत बाद आसपास की दीवारें हिल गईं और वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में कई लोग घायल हुए और कुछ की जान भी चली गई। घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अल-खर्ज का पूरा इलाका इस हादसे के बाद दहशत में है और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

 

यूपीएससी रिजल्ट upsc.gov.in पर जारी, अनुज अग्निहोत्री ने किया टॉप, राजेश्वरी को मिली दूसरी रैंक

यूपीएससी 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा परिणाम से जुड़े सभी अपडेट्स सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. इस साल अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. यूपीएससी रिजल्ट http://upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2025 में टॉप किया है, जबकि राजेश्वरी सुवे एम सेकंड आई हैं. यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.inपर रिजल्ट सेक्शन में जाकर CTRL+F के जरिए पीडीएफ में अपना नाम चेक करना होगा.
भारतीय लोकतंत्र के सबसे कठिन इम्तिहान का यह आखिरी पड़ाव है. यूपीएससी आमतौर पर इंटरव्यू खत्म होने के 4 से 6 दिनों के भीतर रिजल्ट जारी करने का ट्रेंड रखता है. इस साल यूपीएससी इंटरव्यू 27 फरवरी को खत्म हुए हैं. इस साल भी संघ लोक सेवा आयोग ने उसी हिसाब से सरकारी रिजल्ट जारी कर दिया है.

यूपीएससी सीएसई 2025 टॉपर लिस्ट
यूपीएससी सीएसई टॉपर लिस्ट 2025 लाइव: संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सीएसई 2025 रिजल्ट के साथ ही टॉपर लिस्ट भी जारी कर दी है. जानिए यूपीएससी के टॉप 10 टॉपर्स कौन हैं:

अनुज अग्निहोत्री
राजेश्वरी सुवे एम
अकांश ढुल
राघव झुंझुनवाला
ईशान भटनागर
जिन्निया ऑरोरा
ए आर राजा मोहिदीन
पक्षल सेक्रेटरी
आस्था जैन
उज्ज्वल प्रियंक

यूपीएससी रिजल्ट कैसे चेक करें?
यूपीएससी रिजल्ट 2025 लाइव: नीचे लिखे स्टेप्स के जरिए यूपीएससी रिजल्ट चेक कर सकते हैं-

संघ लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.in पर जाएं.
होमपेज पर दिए गए What’s New सेक्शन में Final Result: Civil Services Examination, 2025 लिंक पर क्लिक करें.
एक PDF फाइल खुलेगी. उसमें सफल उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर रैंक के अनुसार दिए गए हैं.
लिस्ट में अपना नाम जल्दी ढूंढने के लिए Ctrl + F दबाकर अपना रोल नंबर या नाम सर्च करें.
फ्यूचर रेफरेंस के लिए PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.

कंसोलिडेटेड रिजर्व लिस्ट में 258 अभ्यर्थी
यूपीएससी रिजर्व लिस्ट 2025 लाइव: सिविल सर्विस एग्जामिनेशन रूल्स 2025 के नियम 20 (4) और (5) के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग ने 258 कैंडिडेट्स को कंसोलिडेटेड रिजर्व लिस्ट में रखा है.

जनरल – 129
ईडब्ल्यूएस- 26
ओबीसी – 86
एससी – 08
एसटी – 06
PwDB-1 – 01
PwDB-2 – 02
कुल – 258

 

Uttarakhand: हरिद्वार में दिखेगी नए कानूनों की सरलता, धामी सरकार की सफलता की झलक, गृह मंत्री शाह करेंगे मुआयना

हरिद्वार में नए कानूनों की सरलता दिखेगी। साथ ही धामी सरकार की सफलता की झलक। कल गृह मंत्री अमित शाह  पहुंचेंगे और मुआयना करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सात मार्च को होने वाले हरिद्वार दौरे के दौरान देश के तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें युवाओं को इन कानूनों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।

गृह मंत्री शाह के हरिद्वार दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा कर रहा है तो वहीं सरकारी विभाग के अधिकारी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की झलक दिखाने की तैयारी में हैं। सात से नौ मार्च तक न्याय संहिता विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी बैरागी कैंप में हो रही है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) प्रमुख तौर पर दिखेंगी।

राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर

प्रदर्शनी में नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर उपलिब्धयों की झलक भी नजर आएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे।

 

Uttarakhand: प्रदेश में छत पर सोलर लगाने वालों को झटका, सरप्लस बिजली अब दो रुपये, यह बदलाव किया गया

प्रदेश में छत पर सोलर लगाने वालों को झटका लगा है। सरप्लस बिजली अब दो रुपये ली जाएगी। यूपीसीएल ने नियामक आयोग के आदेश के क्रम में नई दरें लागू की गई है। खपत से ऊपर की ग्रिड में जाने वाली बिजली के दाम अगस्त 2025 से लागू किए गए हैं।

छतों पर सोलर रूफटॉप लगाने वाले उपभोक्ताओं की सरप्लस बिजली अब यूपीसीएल दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदेगा। अभी तक इसके लिए कोई नियम नहीं था लेकिन नियामक आयोग के आदेश के क्रम में यूपीसीएल ने यह दरें लागू की हैं।

यूपीसीएल ने नेट मीटरिंग के तहत ग्रिड को दी जाने वाली अतिरिक्त बिजली की दरों में यह बदलाव किया है। यूपीसीएल के मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) एनएस बिष्ट की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि यह नई दो रुपये प्रति यूनिट की दर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के 20 अगस्त 2025 के आदेश के क्रम में लागू की गई है। आयोग ने वित्त वर्ष 2025-26 और उसके बाद स्थापित होने वाले सोलर पीवी प्लांट्स के लिए बेंचमार्क कैपिटल कॉस्ट की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया था।

नई दर 20 अगस्त 2025 से प्रभावी मानी जाएंगी। उपभोक्ता को मिलने वाली सब्सिडी की राशि चाहे जो भी हो, सरप्लस बिजली की खरीद दर दो रुपये प्रति यूनिट ही रहेगी। यह नियम उन सभी सोलर प्लांट्स पर लागू होगा, जो नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत ग्रिड से जुड़े हैं। सीधे तौर पर ऐसे समझें कि अगर आपके घर की बिजली खपत 200 यूनिट प्रतिमाह है और सोलर रूफटॉप से उत्पादन 300 यूनिट का हुआ है तो 100 यूनिट बिजली यूपीसीएल के ग्रिड में जाएगी।
सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित

इसके दाम अब यूपीसीएल दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से देगा। यूपीसीएल मुख्यालय ने प्रदेश के सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों में बिजली पैदा करने वाले उपभोक्ता की सरप्लस बिजली की बिलिंग इसी नई दर के आधार पर सुनिश्चित करें।

उत्तराखंड में लगे हैं 70,183 सोलर रूफटॉप

प्रदेश में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 70,183 सोलर रूफटॉप लगे हैं। अब तक 1,08,896 आवेदन आए हैं, जिनमें से 1,08,779 उपभोक्ताओं की टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट एप्रूव हो चुकी है। 117 टीएफआर को लोड सुधार के लिए उपभोक्ताओं को लौटाया गया है। 253.88 मेगावाट क्षमता के 70,183 प्लांट लग चुके हैं। 66,801 का इंस्पेक्शन एप्रूव हो चुका है।

Chardham Yatra: हेली कंपनियों पर बीकेटीसी का तीन करोड़ बकाया, श्रद्धालुओं को कराए जाते हैं विशेष दर्शन

हेलिकॉप्टर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर समिति की ओर से विशेष दर्शन कराए जाते हैं। इसकी एवज में मंदिर समिति एविएशन कंपनियों ने शुल्क लेती है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराए लेकिन एविएशन कंपनियों ने शुल्क का भुगतान नहीं किया।

चारधाम यात्रा में हेली व चार्टर्ड हेलिकॉप्टर संचालित करने वाली एविएशन कंपनियों पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का तीन करोड़ का बकाया है। चार्टर्ड व हेली सेवा से बदरीनाथ व केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बीकेटीसी की ओर से दर्शन कराए जाते हैं। इसकी एवज में एविएशन कंपनियों से शुल्क लिया जाता है।

चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलिकॉप्टर से जाते हैं। हेलिकॉप्टर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर समिति की ओर से विशेष दर्शन कराए जाते हैं। इसकी एवज में मंदिर समिति एविएशन कंपनियों ने शुल्क लेती है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराए लेकिन एविएशन कंपनियों ने शुल्क का भुगतान नहीं किया।

वर्तमान में बकाया राशि तीन करोड़ तक पहुंच गई। कई हेली कंपनियां जा चुकी हैं। भुगतान न होने से मंदिर समिति को आर्थिक नुकसान हुआ है। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने मंदिर समिति के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनियों को विधिक नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाए। हेली कंपनियों से बकाया राशि की ब्याज समेत वसूली की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हेली सेवा से आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए एसओपी बनाई जाएगी।

 

Uttarakhand Budget: सत्र के पहले दिन ही बजट पेश कर सकती है सरकार, विधानसभा ने भेजा अनंतिम कार्यक्रम

पांच दिवसीय सत्र के लिए भराड़ीसैंण में तैयारियां चल रही है। विधायी विभाग की ओर से सत्र के लिए अनंतिम कार्यक्रम विधानसभा सचिवालय को भेजा गया है।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में 9 से 13 मार्च तक होने वाले सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को अनंतिम कार्यक्रम भेज दिया है। राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र शुरू होगा। इसी दिन सरकार विनियोग विधेयक को सदन पटल पर रख सकती है।

पांच दिवसीय सत्र के लिए भराड़ीसैंण में तैयारियां चल रही है। विधायी विभाग की ओर से सत्र के लिए अनंतिम कार्यक्रम विधानसभा सचिवालय को भेजा गया है। विधानसभा की ओर से सभी विधायकों को अनंतिम कार्यक्रम जारी किया गया।

इसके अनुसार नौ मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। 10 मार्च को राज्यपाल अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा के साथ ही अध्यादेशों को सदन पटल पर रखा जाएगा।

11 मार्च को राज्यपाल का अभिभाषण पारित कर बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को बजट में विभागवार आय-व्यय पर चर्चा, 13 मार्च को विधेयक पारित किया जाएगा। हालांकि सत्र के लिए यह अनंतिम कार्यक्रम है। कार्यमंत्रणा की बैठक में सदन संचालन के लिए अंतिम एजेंडा तय किया जाता है।

Vasantotsav: कल से वसंतोत्सव; फूलों की खुशबू से महकेगा लोकभवन, राज्यपाल ने प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

27 फरवरी से एक मार्च तक होने वाले तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 (पुष्प प्रदर्शनी) की सभी तैयारियां पूरी हो गईं।

लोक भवन में वसंतोत्सव शुक्रवार से शुरू होगा। इस बार उत्तराखंड तकनीकी विवि एआई आधारित एप से आगंतुकों की गणना करेगा। वहीं, आगंतुक चाहें तो वेबसाइट पर अपना स्वैच्छिक पंजीकरण भी करा सकते हैं। राज्यपाल ने इसके प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाई।

27 फरवरी से एक मार्च तक होने वाले तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 (पुष्प प्रदर्शनी) की सभी तैयारियां पूरी हो गईं। शुभारंभ 27 फरवरी को सुबह 10 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) करेंगे। पहले दिन दोपहर एक बजे से शाम छह तक, 28 फरवरी व एक मार्च को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक जनसामान्य के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।

राज्यपाल ने फूलों से सुसज्जित जिन विशेष प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, वे देहरादून शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर नागरिकों को महोत्सव की जानकारी देंगे। तकनीकी विवि ने लोक भवन के मुख्य द्वार पर एआई-सक्षम कैमरे स्थापित किए गए हैं। आगंतुक वेबसाइट https://vmsbutu.live/ पर ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकेंगे, जिससे उन्हें एक डिजिटल आई-कार्ड प्राप्त होगा। यह पंजीकरण पूर्णतः ऐच्छिक रहेगा।

“अब उत्तराखंड को भी मिले अपना NLU”: जनता का आंदोलन हुआ तेज

उत्तराखंड में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) की स्थापना की लंबे समय से चली आ रही मांग अब एक मजबूत जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। राज्य में NLU के अभाव के कारण कानून के इच्छुक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है।
आज इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, देहरादून स्थित Law Prep Tutorial द्वारा उत्तराखंड में NLU की स्थापना की मांग को लेकर एक याचिका हेतु हस्ताक्षर अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अभियान में कानून के छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की, जिससे इस मांग के प्रति व्यापक समर्थन देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान Law Prep Tutorial, देहरादून के निदेशक एस. एन. उपाध्याय ने आंदोलन की रूपरेखा को संबंधित अधिकारियों और प्रतिभागियों के सामने विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वयं भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करते हुए छात्रों और क्षेत्रीय समुदाय की मांगों का पूर्ण समर्थन किया।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप चौहान तथा लिस्काबाद के ग्राम प्रधान अनिल कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य में NLU की स्थापना के समर्थन में अपनी मजबूत सहमति व्यक्त की। यह वही स्थान है जहां पहले से NLU का प्रस्ताव रखा जा चुका है और इसकी आधारशिला पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा रखी गई थी।
विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने उत्तराखंड में NLU स्थापित होने के कई महत्वपूर्ण लाभों को रेखांकित किया:
राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली विधि शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी।
आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
क्षेत्र में विधिक जागरूकता और संस्थागत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय छात्रों को राज्य आरक्षण नीति का लाभ मिलेगा, जिससे उनके प्रवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता कम होगी।
छात्रों ने जोर देकर कहा कि NLU की स्थापना से स्थानीय प्रतिभा को सशक्त बनाया जा सकेगा और उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर विधि शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
लगातार बढ़ती जनभागीदारी और इस तरह के संगठित प्रयासों के चलते यह मांग अब और मजबूत होती जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर कितनी शीघ्रता से प्रतिक्रिया देती है और उत्तराखंड के पहले NLU की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाती है।