उत्तराखंड: मतदाता सूची में हैरान करने वाली गड़बड़ियां, दो लाख के माता-पिता नाबालिग, 92 हजार के दादा जवान

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)) के पहले चरण में 19.04 लाख विसंगतियां सामने आई हैं। जांच में दो लाख मतदाताओं के माता-पिता नाबालिग और 92 हजार मतदाताओं के दादा ‘जवान’ दर्ज मिले, जबकि रुद्रपुर विधानसभा में सबसे अधिक 89 प्रतिशत रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं।

उत्तराखंड में दो लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके माता-पिता नाबालिग हैं। वहीं, 92 हजार मतदाताओं के दादा जवान हैं। ये हम नहीं कह रहे, चुनाव आयोग के एसआईआर के पहले चरण के बाद जो 19.04 लाख मतदाताओं की विसंगतियां पकड़ी गईं, उनमें अजब-गजब तथ्य सामने आए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर ऐसी विधानसभा है, जहां 89 प्रतिशत मतदाताओं की विसंगतियां हैं। 42,808 मतदाता ऐसे हैं, जिनका कुछ पता नहीं चल पाया।

1,99,121 मतदाताओं के माता-पिता नाबालिग

एसआईआर में 1,99,121 ऐसे पकड़ में आए हैं, जिनके और माता-पिता की आयु के बीच महज 15 साल या इससे कम का अंतर है। अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा में 14,001 में से 3,938 मामले (28 प्रतिशत) ऐसे हैं। देहरादून की चकराता विधानसभा में 4,062 मतदाता, हरिद्वार की खानपुर विधानसभा में 5,359 मतदाता ऐसे चिह्नित हुए हैं। जिलावार देखें तो उत्तरकाशी में 4272, चमोली में 4625, रुद्रप्रयाग में 5505, टिहरी में 12,688, देहरादून में 28,367, हरिद्वार में 43,418, पौड़ी में 10,609, पिथौरागढ़ में 7659, बागेश्वर में 4741, अल्मोड़ा में 11,496, चंपावत में 4273, नैनीताल में 22,650, ऊधमसिंह नगर में 38,818 ऐसे मतदाता चिह्नित हुए हैं। वहीं, 1,09,547 मतदाता ऐसे भी हैं, जो अपने माता-पिता से 50 साल से भी ज्यादा छोटे हैं।

92,114 मतदाताओं के दादा हैं जवानये ऐसे मतदाता हैं, जिनके और उनके दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र के बीच 40 वर्ष से भी कम का अंतर है। इसमें बागेश्वर जिले की बागेश्वर, कपकोट, अल्मोड़ा की द्वाराहाट विधानसभा में सर्वाधिक 11-11 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं। जिलावार देखें तो उत्तरकाशी में 2608, चमोली में 2405, रुद्रप्रयाग में 1765, टिहरी में 3688, देहरादून में 13,527, हरिद्वार में 14,071, पौड़ी में 5185, पिथौरागढ़ में 4115, बागेश्वर में 4507, अल्मोड़ा में 5144, चंपावत में 2188, नैनीताल में 11,875 और ऊधमसिंह नगर में 21,036 मतदाताओं के दादा जवान हैं।

ये चौंकाने वाले तथ्य भी आए सामने

-2,39,566 ऐसे मतदाता, जिनमें दो बच्चों के बीच नौ माह से कम का अंतर है। इनमें सर्वाधिक हरिद्वार ग्रामीण में 6,187, खानपुर में 6,457, विकासनगर में 3,236 मतदाता हैं।

-एक ही मुखिया के नाम से दर्ज छह या अधिक मतदाताओं की बड़ी संख्या है। इनमें हरिद्वार की पिरान कलियर विधानसभा में 8,087, लक्सर में 4,799, मंगलौर में 6,964 मतदाता शामिल हैं।

-तमाम मतदाता ऐसे हैं, जिनके अपने नाम या रिश्तेदारों के नाम की स्पेलिंग या पहचान गलत है। इसमें सबसे ज्यादा देहरादून, हरिद्वार के हैं। देहरादून की रायपुर विधानसभा में 23,555 वोटर(50 प्रतिशत) के खुद के नाम में, 17,676 मामलों में रिश्तेदारों के नामों में गड़बड़ी है। डोईवाला में 20,805(47%), धर्मपुर 23,048, हरिद्वार की भेल रानीपुर में 15,379 मतदाताओं की ये विसंगति है।

कहां हैं 5,26,228 लापता मैपिंग वोटर

प्रदेशभर में ये ऐसे मतदाता हैं, जिनको चुनाव आयोग मैप ही नहीं कर पाया। इसमें ऊधमसिंह नगर की रुद्रपुर विधानसभा में सर्वाधिक 42,808 मतदाता हैं। दूसरे नंबर पर देहरादून की रायपुर विधानसभा है, जहां के 17,859 मतदाता, फिर विकासनगर में 10,536 मतदाता, जसपुर में 6,222 मतदाता ऐसे हैं, जो कि मैप नहीं हो पाए हैं। प्रदेशभर की बाकी विधानसभाओं में भी ऐसे मतदाता शामिल हैं। अगर नोटिस जारी होने के बाद भी इनका अता-पता न चला तो इनका वोट कट जाएगा।

इन जिलों में सबसे अधिक गड़बड़ी

जिला कुल मतदाता गड़बड़ी वाले मतदाता- प्रतिशत
देहरादून 11,90,805 3,95,868 33
हरिद्वार 12,46,219 3,90,312 31
यूएस नगर 11,55,672 3,36,164- 29
नैनीताल 6,93,325 1,88,054 27
पौड़ी 5,03,468 1,05,945 21
टिहरी 4,63,628 1,04,402 23

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