जब हम देश के विपक्षी दलों और उनके युवराज राहुल गांधी की राजनीति को देखते हैं तो अत्यंत चिंताजनक और गैर-जिम्मेदाराना परिदृश्य उभरता है। आज विपक्ष एक ऐसी डिस्पोजल सोच से ग्रसित हो चुका है, जहां राष्ट्रहित के दीर्घकालिक मूल्यों को ताक पर रखकर तात्कालिक राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश के स्वर्णिम इतिहास और भविष्य को भी नष्ट करने की प्रवृत्ति हावी है। वंशवादी राजनीति के अहंकार में डूबे इन दलों को भय है कि सामान्य घरों के लोग सशक्त हो गए, तो उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी। मोदी जी ने परिवारवाद और तुष्टिकरण की परिपाटी को समाप्त कर योग्यता और जनसमर्पण को राजनीति का पैमाना बनाया है।
वर्ष 2014 के बाद से भारत ने वैश्विक कूटनीति में याचक की भूमिका से निकलकर ग्लोबल लीडर की पहचान बनाई है। जी-20, एआई समिट, ब्रिक्स, क्वाड, चंद्रयान की सफलता और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता ने देश का मान बढ़ाया है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल कॉरिडोर और नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरुद्धार इस कालखंड के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के प्रतीक हैं। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यूपीआई, एक्सप्रेस-वे और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बल पर शीर्ष तीन की ओर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके इस कथन कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा को हमने संकल्प बनाया है। पिछले पांच वर्षों में हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), देश का सबसे कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, मदरसा सुधार कानून और नकल विरोधी कानून लागू किया, जिससे 35,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी नौकरियां मिलीं। नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखंड ने प्रथम स्थान पाया है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में निरंतर 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो हमारी आर्थिक मजबूती और सुदृढ़ वित्तीय अनुशासन को प्रदर्शित करती है।
प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर उत्तराखंड सरकार 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक सेवा संकल्प अभियान शुरू करने जा रही है। इस जन-भागीदारी, संवाद, सेवा और नवाचार के अंतर्गत हम प्रदेश भर में व्यापक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों का सूत्रपात, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण और महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे बाजार से जोड़ने जैसे अनेक दूरगामी रचनात्मक कार्यों का शुभारंभ करने जा रहे हैं।
देवभूमि की देवतुल्य जनता मोदी जी के 76 वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना करती है। आशा करता हूं कि हमारी सनातन संस्कृति की वेदी से भी यह गूंज उठेगी कि वो कर्मयोगी की भांति इसी ओज के साथ देश का मार्गदर्शन आगे भी करते रहें-जीवेम शरदः शतम्। इस शुभ अवसर पर हम प्रण लेते हैं कि उनके दिखाए सेवा, संकल्प और राष्ट्रप्रथम के मार्ग पर चलते हुए देवभूमि को आगामी दशक में, देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए समर्पण भाव से मिलकर कार्य करते रहेंगे।