परीक्षा वर्ष 2026 प्रथम और वर्ष 2025 तृतीय की परीक्षाएं 22 जुलाई से शुरू होंगी। जो 29 जुलाई तक चलेंगी।
उत्तराखंड बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया। परीक्षा 22 जुलाई से होगी। इसके तहत छात्र न सिर्फ अंक सुधार सकेंगे बल्कि इस परीक्षा के माध्यम से 10 वीं और 12 वीं के फेल छात्र-छात्राओं को पास होने का मौका दिया जाएगा।
उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक परीक्षा समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि परीक्षा वर्ष 2026 प्रथम और वर्ष 2025 तृतीय की परीक्षाएं 22 जुलाई से शुरू होंगी। जो 29 जुलाई तक चलेंगी। 22 जुलाई को पहले दिन हाईस्कूल की हिंदी एवं इंटरमीडिएट की हिंदी, कृषि, अंग्रेजी व संस्कृत की परीक्षा होगी। 23 जुलाई को हाईस्कूल की उर्दू व अंग्रेजी, इंटरमीडिएट की इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान, ड्राइंग एंड पेंटिंग, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, समाज शास्त्र, शिक्षा शास्त्र व सैन्य विज्ञान की परीक्षा होगी।
24 जुलाई को हाईस्कूल की संस्कृत, इंटरमीडिएट की गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, लेखा शास्त्र, व्यावसायिक अध्ययन व कंप्यूटर साइंस की परीक्षा होगी। 27 जुलाई को हाईस्कूल की गणित, गृह विज्ञान, 28 जुलाई को हाईस्कूल की विज्ञान एवं 29 जुलाई को हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। जबकि 29 जुलाई को इंटरमीडिएट की कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र सहित कुछ अन्य विषयों की परीक्षा होगी।
एक और दो विषय में फेल छात्र दे सकेंगे परीक्षा
उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक हाईस्कूल में दो विषयों एवं इंटरमीडिएट में एक विषय में फेल छात्र-छात्राएं परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा वे छात्र भी परीक्षा दे सकेंगे जो यह समझते हैं कि उनके अंक कम आए हैं, इसमें सुधार के लिए वे परीक्षा दे सकेंगे।
24 हजार छात्र देंगे परीक्षा
उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक परीक्षा में हाईस्कूल के 13000 और इंटरमीडिएट के 11000 छात्र परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए राज्य में 97 केंद्र बनाए गए हैं।
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