Uttarakhand: आज पहले कैंची धाम जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू, फिर कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में करेंगी शिरकत

राष्ट्रपति के कार्यक्रम और सुरक्षा दृष्टि के तहत कैंची धाम मंदिर समिति की ओर से मंगलवार की सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक कैंची धाम में श्रद्धालओं की आवाजाही बंद रखी गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार सुबह कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम और सुरक्षा दृष्टि के तहत कैंची धाम मंदिर समिति की ओर से मंगलवार की सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक कैंची धाम में श्रद्धालओं की आवाजाही बंद रखी गई है। उसके बाद राष्ट्रपति नैनीताल में कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी और 18 मेधावियों को मेडल प्रदान करेंगी।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राजभवन की 125वीं वर्षगांठ पर राजभवन के वर्चुअल टूर का लोकार्पण किया। कहा कि इसके माध्यम से लोग ऐतिहासिक राजभवन के डिजिटल भ्रमण का अनुभव कर सकेंगे। यह दर्शकों को इस भवन की स्थापत्य कला, प्राकृतिक सौंदर्य तथा ऐतिहासिक महत्व से रूबरू कराएगा। इस वर्चुअल टूर को राजभवन की वेबसाइट governoruk.gov.in पर भी देखा जा सकेगा।
राजभवन में हुए कार्यक्रम में राजभवन पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। फिल्म में नैनीताल की गौरवशाली विरासत राजभवन, इसके स्थापत्य सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व को संजोया गया है। इसके माध्यम से दर्शक ऐतिहासिक भवन के इतिहास, उसकी स्थापत्य विशेषताओं और राज्य की समृद्ध विरासत को जान सकेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्र भारत में राष्ट्रपति भवन गणराज्य का प्रतीक है, उसी प्रकार राज्यों में राजभवन लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है। उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद यह ऐतिहासिक भवन राज्य की प्रगति का अभिन्न हिस्सा बन गया है।

Uttarakhand: राज्य लोकसेवा आयोग ने प्रधानाचार्य पद पर भर्ती को किया रद्द, आठ फरवरी 2026 को होनी थी

शिक्षा सचिव ने 30 अक्तूबर को आयोग को पत्र भेजकर शासन की ओर से भर्ती के लिए भेजे गए अधियाचन को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर आयोग ने आठ फरवरी 2026 को होने वाली प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा को रद्द कर दिया।

राज्य लोक सेवा आयोग ने राजकीय इंटर काॅलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य व प्रधानाचार्या पद पर विभागीय भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। इस संबंध में राज्य लोकसेवा आयोग के शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है।

शिक्षा सचिव ने 30 अक्तूबर को आयोग को पत्र भेजकर शासन की ओर से भर्ती के लिए भेजे गए अधियाचन को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर आयोग ने आठ फरवरी 2026 को होने वाली प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा को रद्द कर दिया।
इस संबंध में राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव आलोक पांडेय ने शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है। बता दें कि प्रदेश के राजकीय इंटरमीडिट काॅलेजों में प्रधानाचार्य के 1385 पदों में से 1184 पद रिक्त हैं। सरकार ने इन पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशत पदों पर प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा कराने का फैसला किया था।

राजकीय शिक्षक संघ ने रैली स्थगित की
राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान व महामंत्री रमेश चंद्र पैन्यूली ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि शनिवार को मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री आवास कूच स्थगित कर दिया गया है। नौ अक्तूबर को संगठन से वार्ता हुई थी, उस वार्ता के क्रम में 34 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्यवाही नहीं होती है तो फिर से आंदोलन होगा।

Uttarakhand News: ठंड के साथ बिजली की मांग बढ़नी शुरू, आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंचा

ठंड के साथ बिजली की मांग बढ़नी भी शुरू हो गई है। मांग का आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया है।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों तक ठंड बढ़ने के कारण बिजली की मांग भी बढ़नी शुरू हो गई है। मंगलवार को मांग का आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया। दिवाली के दौरान मौसम में हल्की ठंडक थी लेकिन बिजली की मांग करीब तीन करोड़ यूनिट चल रही थी।

दिवाली के बाद आठ दिन के भीतर बिजली की मांग लगातार बढ़ते हुए चार करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। इसके सापेक्ष यूजेवीएनएल से 1.1 करोड़ और केंद्रीय पूल से 1.4 करोड़, कुल मिलाकर करीब 2.5 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है।
बाकी बिजली का इंतजाम बाजार से किया जा रहा है। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि फिलहाल कहीं भी घोषित या अघोषित कटौती नहीं की जा रही है।

Uttarakhand: सीएम धामी 30 को बिहार में करेंगे दो चुनावी रैली, प्रमुख नेताओं को सौंपी गई प्रचार की जिम्मेदारी

बिहार में चुनाव प्रचार के लिए प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएम धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। यह चुनावी जनसभा मोतिहारी जिले के कल्याणपुर और हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में होगी। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व ने जिन प्रमुख नेताओं को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है, उसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हैं।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत अपने कई निर्णयों के लिए सीएम धामी सुर्खियों में रहे हैं। सीएम धामी बिहार चुनाव में इससे पहले गोरियाकोठी, वारसलीगंज, सिवान विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर चुके हैं। एक बार फिर मुख्यमंत्री ने चुनाव जनसभाओं में वोट मांगेंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के कार्यक्रम विभाग संयोजक सुशील चौधरी ने सीएम धामी का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया है। 30 अक्तूबर को सीएम धामी सुबह 11:15 पर पटना हवाई अड्डे से निजी विमान से कल्याणपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
महात्मा गांधी मिडिल स्कूल ग्राउंड, कल्याणपुर स्थित सभा स्थल पर बारह बजकर पांच मिनट पर प्रस्तावित जनसभा में सीएम धामी भाग लेंगे। इसके बाद अपराह्न 1:55 पर महावीर रामेश्वर इंटर काॅलेज, सोनवर्षा, हरसिद्धि में आयोजित जनसभा में भाग लेंगे।

उत्तराखंड मौसम: चमोली में कड़ाके की ठंड से जम गई देवताल झील, देहरादून समेत नीचले इलाकों में धूप-बदली

Uttarakhand Weather Today News: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। फिलहाल एक नवंबर तक सभी जनपदों में मौसम साफ रहने की संभावना है, जिसके चलते तापमान भी सामान्य बना रहेगा।

 देहरादून: उत्तराखंडके पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम करवट ले सकता है। हालांकि प्रदेश घर में मौसम शुष्क रहेगा। प्रदेश भर में इन दिनों चटक धूप खिलने की वजह से तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिस कारण अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भी ठंड सामान्य से कम है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार के पहाड़ों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने के आसार हैं। मौसम का मिजाज बदलने के बाद पर्वतीय इलाकों में ठंड बढ़ने का अनुमान है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ सकती है। पर्वतीय क्षेत्र में तापमान में बदलाव का असर निचले क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। देहरादून में रविवार को धूप निकली रही, लेकिन धूप में गर्मी नहीं थी। कभी-कभी बादल भी छाते रहे जिस वजह से गर्मी का एहसास कम हुआ, जबकि शाम के समय एकदम ठंड बढ़ गई।

देवताल झील ठंड से जम गई

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से ठंड में हल्का इजाफा होगा। वहीं चमोली के माणा गांव के पास भारत-चीन सीमा क्षेत्र में 18000 फीट की ऊंचाई पर स्थित देवताल झील कड़ाके की ठंड के कारण जाम गई है। पिछले दिनों ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई और देवताल झील के साथ ही यहां के पानी के स्रोत भी जम गए हैं। इन दोनों जगह पर्यटक देवताल पहुंचकर जमी झील का लुत्फ उठा रहे हैं। यहां तक आने के लिए लोगों को स्थानीय प्रशासन से इनर लाइन परमिट लेना पड़ता है।

 

उत्तराखंड में BJP का मिशन 2027: प्रत्याशियों के चयन के लिए तीन चरण में सर्वे, कई हो सकते हैं बेटिकट

Uttarakhand Election 2027 News: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को शुरू किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए संभावित प्रत्याशियों को तय करने की दिशा में प्रथम चरण का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। यह सर्वे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय विधायकों के कामकाज और जनता की प्रतिक्रिया को आंका जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह सर्वे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण फिलहाल जारी है, जबकि दूसरे और तीसरे चरण के सर्वे परिणामों के आधार पर पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम तय करेगी।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव को सत्ताधारी पार्टी बड़े स्तर पर जमीन पर उतर रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी स्वयं मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 2022 के चुनाव में लगातार जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। अब पार्टी की कोशिश प्रदेश की सत्ता में हैट्रिक लगाने की है। इसके लिए सीएम धामी ग्रामीण प्रवास योजना के जरिए ग्रामीण इलाकों में रुककर विकास योजनाओं की पड़ताल की तैयारी में हैं।

टिकट वितरण का अलग सिस्टम

भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी प्रत्याशी चयन में जनता की राय और जमीनी कामकाज को सबसे अधिक महत्व देती है। वरिष्ठ नेता का कहना है कि भाजपा में टिकट किसी पद या प्रभाव के आधार पर नहीं, बल्कि कार्य और जनभावना के आधार पर दिया जाता है। सर्वे से हमें यह समझने में आसानी होती है कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि देखना चाहती है।

कई एमएलए पर संकट

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार भाजपा ‘नो रिपीट थ्योरी’ पर भी काम कर सकती है। यानी कुछ सीटों पर मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। साथ ही, कुछ वरिष्ठ नेता अपनी वर्तमान सीट बदलने की इच्छा जता चुके हैं। बताया जा रहा है कि ऐसे नेताओं को उनके सुरक्षित ठिकानों की तलाश है, जहां जीत की संभावना अधिक हो।

फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव

राज्य में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 के बीच प्रस्तावित हैं। भाजपा इसे ध्यान में रखते हुए अभी से संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी अगले साल को चुनावी वर्ष के रूप में देख रही है। इसलिए सभी नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों लगातार दौरे कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्‌ट भी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

मिशन 2027 के तहत सीएम धामी ने जनता के बीच उपस्थिति बढ़ाई है। हाल ही में उन्होंने 16 और 17 अक्टूबर को चंपावत, टनकपुर और खटीमा का सड़क मार्ग से दौरा किया और स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सीएम धामी अब ग्राम रात्रि विश्राम की नई परंपरा शुरू करने जा रहे हैं, जिसके तहत वे गांवों में रुककर सीधे जनता से संवाद करेंगे।

 

Dehradun: कुंभ क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण के लिए लगेंगे भीड़ घनत्व सेंसर, संवेदनशील लोकेशन की होगी जियो फेंसिंग

भीड़ बढ़ते ही प्रशासन के पास सीधे अलर्ट आ जाएगा। आईओटी आधारित भीड़ घनत्व सेंसर के साथ ही संवेदनशील जगहों की जियो फेंसिंग भी होगी।

कुंभ 2027 में भीड़ नियंत्रण के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का खूब इस्तेमाल होगा। भीड़ बढ़ते ही प्रशासन के पास सीधे अलर्ट आ जाएगा। आईओटी आधारित भीड़ घनत्व सेंसर के साथ ही संवेदनशील जगहों की जियो फेंसिंग भी होगी।

हर बार कुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या बड़ी चुनौती है। 2010 के कुंभ में महाशिवरात्रि, फाल्गुन अमावस्या, मेष संक्रांति और चैत्र पूर्णिमा के शाही स्नान में 3.11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद अर्द्धकुंभ 2016 में इन चारों स्नान पर 72 लाख और कुंभ 2021 में कोविड के बावजूद 66.25 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इस बार राज्य सरकार ने मुख्य स्नान पर 1.5 से दो करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। पूरे कुंभ के दौरान चार माह में 17 से 21 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

इस नाते भीड़ का नियंत्रण बड़ी चुनौती होगा। लिहाजा, भीड़ नियंत्रण व यातायात प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ की रियल टाइम क्राउड मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा सभी जगहों पर भीड़ घनत्व सेंसर (क्राउड डेनसिटी सेंसर) लगाए जाएंगे, जो कि भीड़ बढ़ने पर अलर्ट दे देंगे। इसी हिसाब से प्रशासनिक अमला हरकत में आएगा।

कुंभ की सभी संवेदनशील लोकेशन की जियो फेंसिंग होगी, जिससे वहां होने वाली हर हलचल और भीड़ बढ़ने पर सैटेलाइट से पता चल जाएगा। साथ ही हीटमैप आधारित क्राउड फ्लो डैशबोर्ड बनाया जाएगा, जिसमें हर अवधि में भीड़ के आने का फ्लो पता चल सकेगा। इसी कड़ी में आईटी विभाग यहां ईवी चार्जिंग लोकेटर और सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर भी बनाएगा।

कुंभ 2027 के लिए डिजिटल कुंभ के तौर पर भी तैयारी की जा रही है। कुंभ के दौरान व्यवस्थाएं बनाने में अधिक से अधिक एआई व अन्य तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा।
-नितेश झा, सचिव आईटी

उत्‍तराखंड के चार पालिटेक्निक में AI लैब स्थापित, छात्रों को मिलेगा मॉडर्न टेक्नोलॉजी का साथ

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के चार पॉलिटेक्निक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को AI की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना है, जिसमें मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

अशोक केडियाल, जागरण, देहरादून । उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी पहल के तहत राज्य के चार राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) प्रयोगशाला स्थापित की गईं हैं। ये प्रयोगशाला राजकीय पालिटेक्निक पित्थूवाला (देहरादून), रानीपोखरी (देहरादून), काशीपुर (ऊधम सिंह नगर) और द्वाराहाट (अल्मोड़ा) में शुरू की गई हैं। इस पहल से उत्तराखंड तकनीकी रूप से सशक्त युवाओं के निर्माण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इन अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्र अब पारंपरिक विषयों को आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण से पढ़ पा रहे हैं, जिससे उनके ज्ञान और कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डाटा एनालिटिक्स जैसे उभरते हुए विषयों के साथ छात्रों को जोड़ने की दिशा में यह राज्य सरकार की एक अग्रणी पहल मानी जा रही है। इन प्रयोगशालाओं में आवश्यक कंप्यूटर संसाधन, साफ्टवेयर, हाई स्पीड इंटरनेट एवं प्रशिक्षित फैकल्टी की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ तकनीकी अनुसंधान का भी अवसर मिल रहा है।

प्रविधिक शिक्षा निदेशालय की माने तो राज्य सरकार इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकों से लैस करना है। प्रयोगशालाएं केवल इन चार संस्थानों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि राज्य के अन्य 71 पालिटेक्निक संस्थानों को भी इससे प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा। इससे पूरे राज्य में तकनीकी शिक्षा का स्तर सुधरेगा और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

पालीटेक्निक छात्रों की रुचि और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग और इंडस्ट्री सह सहयोग प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी योजना बनाई जा रही है। इससे तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जा सकेगा।

ऐसे मिलेगा एआइ से छात्रों को लाभ

तकनीकी विषयों की समझ और व्यावहारिकता बढ़ेगी। एआइ के ज़रिए इलेक्ट्रानिक्स, मैकेनिकल, सिविल, कंप्यूटर साइंस आदि पारंपरिक विषयों में डाटा विश्लेषण, स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम, भविष्यवाणी माडल जैसे आधुनिक आयाम जोड़े जाते हैं। इससे छात्र किसी भी विषय को नई दृष्टि से समझ पाते हैं। आज की इंडस्ट्री आटोमेशन, रोबोटिक्स, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित है। इसका भी एआइ से लाभ मिलेगा।

समस्या सुलझाने की क्षमता में वृद्धि

एआइ का ज्ञान डिप्लोमा छात्रों को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की ज़रूरतों के अनुसार तैयार करता है, जिससे वे सीधे काम के लिए तैयार रहते हैं। एआइ टूल्स और तकनीकों का इस्तेमाल कर छात्र रियल-लाइफ समस्याओं का विश्लेषण और समाधान कर पाते हैं। इससे उनमें जटिलताएं से जूझने, आत्म विश्वास एवं कौशल क्षमता विकसित होती हैं।

 

उत्तराखंड में लक्सर सब स्टेशन का बढ़ेगा लोड, पूहाना–रुड़की लाइन की बढ़ेगी करंट वहन क्षमता

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने पिटकुल की दो परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है। लक्सर सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी और पूहाना-रुड़की ट्रांसमिशन लाइन को सुदृढ़ किया जाएगा। आयोग ने कुछ शर्तों के साथ स्वीकृति दी है और राज्य सरकार से वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। गलत जानकारी मिलने पर स्वीकृति रद्द हो सकती है।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को सशर्त मंज़ूरी दे दी है। पहली परियोजना हरिद्वार ज़िले के 132 केवी लक्सर सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाने से जुड़ी है, जबकि दूसरी परियोजना 220 केवी पूहाना–रुड़की ट्रांसमिशन लाइन की वहन क्षमता बढ़ाने से संबंधित है। आयोग ने दोनों प्रस्तावों की गहन समीक्षा करने के बाद सशर्त स्वीकृति जारी की है।

लक्सर सबस्टेशन से जुड़ी परियोजना में वर्तमान में तीन 40 एमवीए ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनकी कुल क्षमता 120 एमवीए है। सबस्टेशन पर कुल लोड लगभग 155 एमवीए तक पहुंच गया है और ट्रांसफार्मर लगभग 90 प्रतिशत तक ओवरलोड स्थिति में चल रहे हैं। इस कारण पिटकुल ने एक 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को 80 एमवीए ट्रांसफार्मर से बदलने का प्रस्ताव दिया, जिससे कुल क्षमता बढ़कर 160 एमवीए हो जाएगी।

परियोजना की प्रारंभिक लागत 18.43 करोड़ थी, जिसे संशोधित डीपीआर में बढ़ाकर 24.36 करोड़ किया गया। आयोग ने तकनीकी समीक्षा के दौरान पाया कि प्रोजेक्ट के कुछ प्रस्ताव उचित नहीं हैं। इसलिए इन हिस्सों को अस्वीकृत कर दिया गया। हालांकि, आयोग ने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने और उससे संबंधित उपकरणों जैसे करंट ट्रांसफार्मर आदि के कार्य को मंज़ूरी दे दी।

आयोग ने निर्देश दिया कि पिटकुल 15 दिनों में संशोधित लागत का विवरण प्रस्तुत करे और एक महीने के भीतर राज्य सरकार से इक्विटी अंशदान की स्वीकृति का प्रमाण दे। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि सभी कार्य प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के तहत किए जाएं।

दूसरी ओर, 220 केवी पूहाना–रुड़की लाइन से संबंधित परियोजना में वर्तमान में एसीएसआर ज़ेब्रा कंडक्टर उपयोग किए जा रहे हैं, जिनकी अधिकतम करंट वहन क्षमता लगभग 650 एम्पियर है। गर्मियों के दौरान यह लाइन 600 से 800 एम्पियर तक लोड वहन करती है, जिससे ओवरहीटिंग जैसी समस्या सामने आती हैं।

इस स्थिति को सुधारने के लिए पिटकुल ने लाइन को एचटीएलएस (हाई टेंपरेचर लो सैग) कंडक्टर से री-कंडक्टर करने का प्रस्ताव दिया, जिसकी करंट क्षमता लगभग 1600 एम्पियर है। परियोजना की लागत 13.95 करोड़ निर्धारित की गई थी, जिसे 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। आयोग ने परियोजना की तकनीकी व आर्थिक समीक्षा के बाद 12.89 करोड़ की मंज़ूरी दी और कुछ आवश्यक शर्तों के साथ कार्य आरंभ करने की अनुमति दी।

आयोग ने दोनों मामलों में यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल प्रस्तुत लागत को प्रावधिक माना जाएगा। अंतिम लागत का निर्धारण ट्रू-अप प्रक्रिया के समय किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर गलत या अधूरी जानकारी सामने आती है, तो आयोग स्वीकृति को निरस्त कर सकता है। साथ ही, आयोग ने राज्य सरकार को सलाह दी कि वह इक्विटी अंशदान सुनिश्चित करे ताकि परियोजना बिना वित्तीय अड़चन के पूरी हो सकें।

UKSSSC की सहकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा 16 नवंबर को होगी, आयोग ने जारी की नई डेट

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने सहकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा की नई तिथि घोषित कर दी है। अब यह परीक्षा 16 नवंबर, 2025 को होगी। पहले यह 5 अक्टूबर को होने वाली थी। यह परीक्षा देहरादून और हल्द्वानी के 26 केंद्रों पर होगी। आयोग ने उप पुस्तकालय अध्यक्ष परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया है।

 देहरादून:  उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) प्रस्तावित सहकारी निरीक्षक पदों की भर्ती परीक्षा 16 नवंबर, 2025 को आयोजित करेगा। पूर्व में प्रस्तावित पांच अक्टूबर को इस परीक्षा को आयोग ने स्थगित कर दिया था। सोमवार को परीक्षा की नयी तिथि घोषित की गई।

सहकारी निरीक्षक वर्ग-दो/ सहायक विकास अधिकारी (सहकारी) के 45 पदों के लिए लिखित परीक्षा देहरादून और हल्द्वानी के 26 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। प्रवेश पत्र कुछ समय बाद आयोग की वेबसाइट http://www.sssc.uk.gov.in पर अपलोड किए जाएंगे।

आयोग के अध्यक्ष जीएस मार्ताेलिया ने पुष्टि करते हुए बताया कि 16 नवंबर को सहकारी विभाग की समूह-ग की परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालांकि आयोग ने बीती 12 अक्टूबर को प्रस्तावित सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-एक (रसायन विज्ञान) व प्राविधिक सहायक वर्ग-एक (अभियंत्रण शाखा) के 10 पदों के लिए भर्ती परीक्षा पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। आयोग जल्दी ही इस परीक्षा की भी नई तिथि घोषित करेगा।