Uttarakhand Cabinet Decision: राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10% आरक्षण पर मुहर, पढ़ें अन्य फैसले

Uttarakhand Budget 2023: राज्य मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को 13 मार्च को भराड़ीसैंण में हुई। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में 13 मार्च से बजट सत्र की शुरूआत हुई। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धामी सरकार की कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 6 बिन्दुओं पर मुहर लगी है।

इन फैसलों पर लगी कैबिनेट की मुहर

  • इस दौरान राज्‍य की नई सौर ऊर्जा नीति को मंजूरी मिली।
  • वहीं राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की सब कमिटी की रिपोर्ट भी स्वीकृत की गई। अब उक्‍त विधेयक राजभवन भेजा जाएगा।
  • बैठक में विधायक निधि बढ़ाने को भी मंजूरी मिली।
  • विधायक निधि 3 करोड़ 75 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की गई।
  • मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए अब एक साल में 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे।
  • महिला मंगल दलों को मिलने वाली राशि 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई।

राजभवन ने वापस लौटा दिया था विधेयक

बता दें कि वर्ष 2011 से राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस विधेयक को मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था, लेकिन राजभवन की ओर से कुछ आपत्ति के बाद इसे वापस लौटा दिया गया था।

Uttarakhand Budget Session : आज सोमवार से विधानसभा के बजट सत्र का आगाज,धामी सरकार के विकास का रोडमैप क्या होगा।

Uttarakhand Budget Session 2023 Update: सत्र में शामिल होने के लिए राज्यपाल रविवार को हेलीकॉप्टर से भराड़ीसैंण पहुंच चुके हैं। वह स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण के साथ भराड़ीसैंण विधानसभा भवन का मुआयना करने भी पहुंचे। ग्रीष्मकालीन राजधानी में उनका भी यह पहला सत्र है।

उत्तराखंड के राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) के अभिभाषण के साथ ही आज सोमवार से विधानसभा के बजट सत्र का आगाज हो जाएगा। राज्यपाल अभिभाषण के जरिये धामी सरकार की एक साल की उपलब्धियों को सदन के पटल पर रखेंगे। इसके माध्यम से यह बताने का प्रयास करेंगे कि अगले एक साल में धामी सरकार के विकास का रोडमैप क्या होगा।

वहीं सत्र से पहले ही विपक्ष के तेवर खासे तल्ख नजर आ रहे हैं। पहले दिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं से गैरसैंण कूच करने का आह्वान किया है। विधानमंडल दल की बैठक में कांग्रेस ने अपनी रणनीति तय कर ली है, हालांकि उसने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।

संकेत यही हैं कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष विरोधी तेवर दिखा सकता है। इससे सदन के बाहर और भीतर हंगामे के आसार हैं। उधर, रविवार दोपहर भराड़ीसैंण पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शाम भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई। इस दौरान सत्तापक्ष ने सदन में विपक्ष की ओर से उठने वाले संभावित मुद्दों पर चर्चा कर रणनीति बनाई। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपेक्षा की कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ आएंगे और अनुपूरक प्रश्नों के जवाब तैयार रखेंगे।

बजट सत्र से पहले सीएम धामी आज अहम कैबिनेट बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बजट सत्र की प्रस्तुति से पहले आज एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक कैबिनेट की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बैठक सुबह 11.30 बजे विधानसभा भवन, भराड़ीसैंण में होगी। इस बैठक में विधायक निधि बढ़ाने के प्रस्ताव, शराब नीति, पुलिस एक्ट में संशोधन और बीआरसी-सीआरसी आउटसोर्स भर्ती समेत कई अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया जा सकता है।

कार्यमंत्रणा की बैठक में एजेंडा तय
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में दो दिन का एजेंडा तय किया गया। सोमवार को राज्यपाल का अभिभाषण होगा और 14 मार्च को अभिभाषण पर चर्चा होगी। 14 मार्च को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में आगे का एजेंडा तय होगा। माना जा रहा है कि सरकार 15 मार्च को बजट पेश कर सकती है।

सदस्य सदन की गरिमा का ख्याल रखेंगे
सत्र शुरू होने से पूर्व सभी दलों के नेताओं की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संचालित करने के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अपेक्षा की कि सभी सदस्य राज्यपाल की गरिमा का भी ख्याल रखेंगे।

विधानसभा सत्र को लेकर सरकार की तैयारी पूरी है। हम विपक्ष के हर प्रश्न का जवाब देने को तैयार हैं। सरकार अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएगी। हम विपक्षी सदस्यों से भी यह उम्मीद करते हैं कि वे सदन की मर्यादाओं का ख्याल रखते हुए अपनी बात रखेंगे।
प्रेमचंद अग्रवाल, विधायी एवं संसदीय कार्यमंत्री।

अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को उठाने का सभी सदस्यों को अधिकार है। लेकिन सदन की गरिमा और मर्यादा को भी बनाए रखना होगा। दलीय बैठक में भी सभी दलों के नेताओं से सदन की कार्यवाही बेहतर ढंग से संचालित करने में सहयोग का आग्रह किया गया है।
ऋतु भूषण खंडूड़ी, अध्यक्ष, विधानसभा

हमारे पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। पिछले एक साल में सरकार के कारनामे सबके सामने हैं। विपक्ष इन कारनामों को सदन में उठाएगा। भर्तियों में घोटाले, बेरोजगारों पर लाठीचार्ज, गैरसैंण की उपेक्षा, महंगाई, कानून व्यवस्था समेत कई और मुद्दे और सवाल हैं, जिनके सरकार से जवाब मांगे जाएंगे।

Uttarakhand News: मकान मालिक ध्यान दें! पुलिस एक्ट में संशोधन की तैयारी; सख्त हो जाएंगे नए नियम

न्यूज मीडिया उत्तराखंड देहरादून : प्रदेश में बाहर से आकर यहां किराएदार व छात्रों के रूप में रहने वालों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इसकी बड़ी जिम्मेदारी इन्हें अपने किराये पर रखने वाले मकान मालिक की होगी। इसके लिए उत्तराखंड पुलिस एक्ट में संशोधन किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिसे जल्द कैबिनेट के सम्मुख लाने की तैयारी है।

उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में दूसरे प्रदेशों से लोग आकर बस रहे हैं। इसमें भी एक संप्रदाय विशेष के अधिक लोग हैं। प्रदेश में जनसांख्यिकी बदलाव की आशंका को इनकी लगातार बढ़ रही संख्या बल दे रही है। यह देखने में आया है कि दूसरे प्रदेशों से लोग यहां छात्रों के रूप में पढऩे और मजदूरी व अन्य रोजगार के लिए आते हैं। इनमें से कुछ सही व कुछ गलत पहचान देते हैं।

किरायेदार के रूप में आसानी से शरण लेते हैं आपराधिक किस्म के लोग

मकान मालिक भी इन्हें किराये पर रखते हुए बहुत अधिक ध्यान नहीं देते। ऐसे में कई बार गलत प्रवृत्ति वाले लोग भी छात्रों के रूप में हास्टल व कालेजों के आसपास रहने लगते हैं।

वहीं, आपराधिक किस्म के लोग भी किरायेदार के रूप में आसानी से कहीं शरण लेने लगते हैं। खुफिया एजेंसियों की जांच में भी यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड अब उत्तर प्रदेश व आसपास के राज्यों के अपराधियों के लिए एक सुरक्षित शराणस्थली बन रहा है।

अवांछित तत्व व अपराधी यहां गलत तरीके से न रह सकें, इसके लिए अब पुलिस एक्ट में संशोधन की तैयारी चल रही है। इसमें कामकाजी किरायेदार व छात्रों को परिभाषित किया जाएगा। इसके साथ ही मकान मालिकों व व्यवसायियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

अभी पुलिस एक्ट की धारा 53 (3) में व्यवस्था है कि मकान मालिक व व्यवसायी अपने यहां रहने वाले किरायेदारों व मजदूरों के संबंध में एक तय फार्मेट बनाकर पुलिस को देते हैं, जो सत्यापन का आधार बनता है।

शपथ पत्र देना होगा

अब व्यवस्था यह की जा रही है कि मकान मालिकों व व्यवसायियों को अपने यहां रहने वाले व काम करने वालों के संबंध में शपथ पत्र देना होगा। इसके साथ ही उनके दस्तावेज भी जमा कराने होंगे।

छात्र होने की स्थिति में उसकी आइडी, कामकाजी होने वाले की स्थिति में उसके कार्यालय से मिला पहचान पत्र व मजदूरों के संबंध में आधार कार्ड आदि भी जमा कराना होगा। इनके सही पाए जाने का शपथ पत्र भी वे देंगे। सूत्रों की मानें तो इस प्रस्ताव पर शासन में मंथन हो चुका है अब इसे स्वीकृति के लिए कैबिनेट के सम्मुख लाया जाएगा।

हरिद्वार: नंदा-गौरा योजना में फर्जीवाड़े पर एफआइआर के निर्देश, मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय सचिव को लिखा पत्र

न्यूज मीडिया उत्तराखंड देहरादून: हरिद्वार जिले में नंदा-गौरा योजना में लाभार्थियों के चयन में फर्जीवाड़े के मामले में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में पुलिस में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

इसमें शुचिता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि गलत तरीके से लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र लाभार्थियों के अभिभावकों के साथ ही इस प्रकरण में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों को कड़ा दंड मिले, ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार की हरकत न कर सके।

चालू वित्तीय वर्ष में हरिद्वार जिले में नंदा-गौरा योजना के तहत जन्म का लाभ प्राप्त करने वाले 1327 आवेदकों में से 70 आवेदन और 12वीं उत्तीर्ण के आधार पर किए गए 4174 आवेदनों में से 123 आवेदन में लगे आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ हुई थी।

जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी ने ये 193 आवेदन निरस्त कर दिए थे। तब यह मामला संज्ञान में आने के बाद विभागीय मंत्री विभागीय अधिकारियों को प्रकरण की गहनता से पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

मंत्री आर्या ने अब विभागीय सचिव को इस मामले में पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि गलत तरीके से आय प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ कर इतनी बड़ी संख्या में अपात्रों का पाया जाना और किसी अपात्र द्वारा पात्र का हक छीनकर लाभ प्राप्त करना गंभीर और खेदजनक स्थिति है। इसे हर हाल में रोका जाना आवश्यक है, ताकि जनमानस में यह स्पष्ट संदेश जाए कि अनुचित कार्रवाई में संलिप्त किसी भी व्यक्ति, अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को सरकार प्रतिबद्ध है।

अन्य जिलों में भी जांच के निर्देश

कैबिनेट मंत्री आर्या ने हरिद्वार की घटना के आलोक में अब सभी जिलों में नंदा-गौरा योजना के लाभार्थियों के अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई भी अपात्र किसी पात्र का हक छीनकर योजना का लाभ प्राप्त न कर सके।

Uttarakhand UKPSC ने रद्द की JE भर्ती परीक्षा, जानिए कब होगा फिर से एग्जाम, इंटरव्यू भी खत्म

Uttarakhand JE Exam Cancelled:उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने 26 नवंबर 2021 को हुई उत्तराखंड संयुक्त राज्य कनिष्ठ अभियंता सेवा परीक्षा यानी जूनियर इंजीनियर के परिणाम को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है.  परीक्षा अब अगस्त 2023 के अंतिम सप्ताह में आयोजित करने का प्रस्ताव है. आपको बता दें कि नए सिरे से विज्ञापन अप्रैल के दूसरे हफ्ते में जारी होगा.

नहीं होगा इंटरव्यू

अगस्त 2023 की परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार यानी ऑब्जेक्टिव होगी. नई भर्ती परीक्षा में इंटरव्यू की व्यवस्था को खत्म कर दिया है. उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने 25 नवंबर 2021 को जूनियर इंजीनियर के 776 पदों की वैकेंसी के लिए विज्ञापन जारी किया था. 26 नवंबर से लेकर 17 दिसंबर 2021 तक ऑनलाइन आवेदन किए गए थे. सात मई से 10 मई 2022 तक लिखित परीक्षा हुई थी. 31 दिसंबर 2022 को इसका परिणाम घोषित किया गया था. परीक्षा में लगभग 31 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हुए थे.

आयु सीमा में मिलेगी छूट 

जेई परीक्षा में शामिल हो रहे कैंडिडेट्स को आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी. सरकार के आदेश के मुताबिक साल 2021 में हुई परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स जो आयु निर्धारण तिथि तक अधिकतम उम्र सीमा को पार कर चुके हैं, उन्हें उच्चतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. इसके अलावा सभी कैंडिडेट्स को एग्जाम फीस में भी छूट देने का प्रस्ताव है. नया विज्ञापन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वेबसाइट ukpsc.gov.in पर जारी होगा.

Chardham Yatra: चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य निजी मेडिकल कॉलेज भी सहयोग देंगे

News web media Uttarakhand : चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में निजी मेडिकल कॉलेज भी सहयोग देंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा का बेस कैंप श्रीनगर मेडिकल कॉलेज रहेगा। जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के यात्रियों को एम्स ऋषिकेश के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य निदेशालय में चारधाम यात्रा को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने इस बार निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों की सेवाएं भी लेने का निर्णय लिया है।

इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधकों से संपर्क कर स्वास्थ्य सेवाओं का खाका तैयार करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस साल चारधाम यात्रा में 50 लाख तक तीर्थयात्री आने की संभावना है। इसे देखते सरकार ने पिछले अनुभवों के आधार पर सभी यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। सरकारी के साथ ही निजी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, पीजी छात्रों के साथ ही पैरामेडिकल स्टॉफ की भी सेवाएं ली जाएंगी।

बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ.विनीता शाह, निदेशक स्वास्थ्य डॉ.मीतू शाह, निदेशक एनएचएम डॉ.सरोज नैथाणी के अलावा निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि मौजूद थे। कुछ अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लिया।

अपर सचिव अमनदीप कौर को बनाया नोडल अधिकारी

अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जो स्वास्थ्य महानिदेशालय के साथ ही राजकीय व निजी मेडिकल कॉलेजों के साथ ही समन्वय स्थापित कर चारधाम मार्गों में मेडिकल टीमों की तैनाती के लिए रूट चार्ट तैयार करेंगी। इस संबंध में निजी मेडिकल कॉलेजों महंत इन्दिरेश मेडिकल कॉलेज, हिमालयन मेडिकल कॉलेज, सुभारती मेडिकल कॉलेज ने चारधाम यात्रा में अपना योगदान देने के लिए सहमति दे दी है। मेडिकल कॉलेजों से कार्डियोलॉजिस्ट, फिजिशयन, हड्डी रोग समेत अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ का सहयोग लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पतालों मैक्स हॉस्पिटल, सिनर्जी अस्पताल, सीएमआई अस्पताल, कैलाश अस्पताल, आरोग्य धाम अस्पताल के साथ ही आईएमए के डॉक्टरों का भी सहयोग लिया जाएगा।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में बनेगी कार्डिक यूनिट

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा का मुख्य बेस कैंप मानकर उच्च स्तरीय कार्डिक यूनिट तैयार की जाएगी। जिसका संचालन दक्षिण भारत की प्रमुख संस्था मेडिट्रिना हेल्थ केयर ने संभालने की जिम्मेदारी ली है। इसी तरह यमुनोत्री व गंगोत्री यात्रा के लिए एम्स ऋषिकेश में मुख्य बेस कैंप रहेगा।

Haridwar: पतंजलि योगपीठ में इलाज कराने आए मरीज ने तीसरी मंजिल से कूद कर दी जान, मैनपुरी से आया था पत्नी संग

न्यूज मीडिया उत्तराखंड हरिद्वार :  पतंजलि योगपीठ में इलाज कराने पहुंचे एक मरीज ने तीसरी मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। मरीज एटा उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। शुक्रवार सुबह हुई इस घटना से पतंजलि योगपीठ में हड़कंप मच गया है।

शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया

पतंजलि के सिक्योरिटी ऑफिसर की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।पुलिस के मुताबिक, पतंजलि योगपीठ के सिक्योरिटी सुपरवाइजर सुभाष वर्मा ने पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति ने तीन मंजिल से छलांग लगा दी है, उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया है।

चल रहा था मानसिक बीमारी का इलाज

बहादराबाद थानाध्यक्ष नितेश शर्मा मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाई। पता चला कि पतंजलि योगपीठ में एटा मैनपुरी उत्तर प्रदेश निवासी राजीव कुमार उम्र 42 वर्ष का मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था।

सिर में चोट लगने के कारण वह लहूलुहान हो गया

उनकी पत्नी नीरज को लेकर इलाज कराने पतंजलि आई थी। शुक्रवार की सुबह राजीव ने छत पर चढ़कर नीचे छलांग लगा दी। सिर में चोट लगने के कारण वह लहूलुहान हो गया। आनन-फानन में उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कई साल से दिमागी रूप से बीमार था मरीज

बहादराबाद थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने बताया कि मरीज के कई साल से दिमागी रूप से बीमार होने की जानकारी मिली है। स्वजन अक्सर उसे इलाज कराने पतंजलि योगपीठ लेकर आते थे। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

Rishikesh News: शिवपुरी गंगा घाट पर नहाते समय बहे बीटेक के दो छात्र, होली के दिन आए थे देहरादून से घूमने

News Web Media uttarakhand rishikesh : देहरादून डीआईटी से बीटेक कर रहे दो छात्र शिवपुरी स्थित नमामि गंगे घाट पर नहाते समय गंगा में बह गए। दोनों छात्र होली के दिन देहरादून से ऋषिकेश घूमने आए थे। इनमें से एक छात्र आदित्य राज (22) कोलकाता निवासी और उत्कर्ष (22) उत्तरप्रदेश के आगरा निवासी था।

उधर लक्ष्मण झूला में पटना वॉटर फॉल के पास एक युवक गंगा में बह गया। उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद निवासी शोभित यादव (30) दोस्तों के साथ ऋषिकेश आया था। गंगा  में नहाते समय पैर फिसलने से गंगा की तेज लहरों की चपेट आ गया। एसडीआरएफ प्रभारी कविंद्र सजवाण ने बताया कि गंगा में बहे तीनों युवकों को तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड में बिजली संकट के आसार, आज CM धामी दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से करेंगे मुलाकात

देहरादून: उत्तराखंड में अगले महीने से बिजली का संकट गहरा सकता है। इससे पार पाने के लिए राज्य सरकार अब केंद्र से मार्च 2024 तक के लिए 400 मेगावाट (96 लाख यूनिट) बिजली की मांग करने जा रही है। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि इस बार बारिश कम होने से गर्मी में बिजली की ज्यादा मांग के आसार हैं। फिलहाल 31 मार्च तक के लिए तो केंद्र ने अपने विशेष कोटे से 72 लाख यूनिट बिजली दे दी है लेकिन एक अप्रैल से फिर कमी शुरू हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि गर्मियों के सीजन में बिजली की मांग पिछले वर्षों में पांच करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंची है। इस साल भी यह मांग इतनी जाने की संभावना है। बताया कि गर्मियों के सीजन में सामान्य तौर पर 400 मेगावाट (96 लाख यूनिट) और पीक आवर्स में 800 मेगावाट (1.92 करोड़ यूनिट) तक बिजली की किल्लत हो सकती है। लिहाजा, सरकार अब केंद्र सरकार से मार्च 2024 तक 96 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति गैर आवंटित कोटे से करने की मांग की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस संबंध में शुक्रवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मुलाकात करेंगे।
राज्य में दो गैस आधारित बिजली प्लांट काशीपुर में हैं। इन दोनों ने 321 मेगावाट बिजली मिलती है। गैस महंगी होने की वजह से ये बंद पड़े हुए थे। 28 फरवरी को केंद्र की बैठक के बाद तय हुआ है कि इन प्लांटों को चलाया जा सकता है। दोनों बिजली प्लांट मालिकों ने बिडिंग में हिस्सा लिया था, जिसमें गैस की कीमत 16 डॉलर के आसपास आ रही है, जिससे राज्य को बिजली करीब 12 रुपये यूनिट मिलेगी। राज्य ने 15 डॉलर तक की सहमति दी हुई है, जिससे बिजली 10 रुपये यूनिट तक मिलेगी। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि कम कीमत पर गैस उपलब्ध होने की उम्मीद प्रबल हो रही है। जिससे गैस आधारित प्लांट चल सकेंगे। इनसे राज्य को 77 लाख यूनिट मिलने लगेगी।
यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि प्रदेश में बिजली संकट को देखते हुए वह लघु अवधि (शॉर्ट टर्म) के साथ ही मध्यम अवधि (मीडियम टर्म) की निविदा से बिजली खरीद कर रहे हैं। बताया कि इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर एनर्जी एक्सचेंज से भी बिजली खरीदी जाती है।

Ayushman Card: आयुष्मान कार्ड धारकों का आंकड़ा 50 लाख पार, देहरादून जिले में सबसे अधिक 10.47 लाख

Dehradun: प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 23 सितंबर 2018 से लागू हुई और अटल आयुष्मान योजना का संचालन 25 दिसंबर 2018 से शुरू हुआ था। पांच लाख तक निशुल्क इलाज की सुविधा देने के लिए प्रदेश के 50 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और राज्य सरकार की अटल आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में कार्ड धारकों का आंकड़ा 50 लाख पार हो गया है। देहरादून जिले में सबसे अधिक 10.47 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। जल्द ही शत प्रतिशत लाभार्थियों के कार्ड बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

पांच लाख तक निशुल्क इलाज की सुविधा देने के लिए प्रदेश के 50 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 23 सितंबर 2018 से लागू हुई और अटल आयुष्मान योजना का संचालन 25 दिसंबर 2018 से शुरू हुआ था। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। जिससे वर्तमान में 50 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अपर सचिव अरूणेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत अभी तक 50 लाख से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी लोगों को आयुष्मान योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। जिन लोगों ने अभी तक अपने कार्ड नहीं बनाए हैं वे जन सेवा केंद्रों पर जाकर आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं।

जिलावार आयुष्मान कार्ड की संख्या

जनपद      आयुष्मान कार्ड
अल्मोड़ा       254045
बागेश्वर         111287
चमोली         193018
चंपावत         110608
देहरादून       1047988
हरिद्वार         840402
नैनीताल        469620
पौड़ी            363698
पिथौरागढ़    199094