Uttarakhand News : नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होगा हाईकोर्ट, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने दी मंजूरी

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित होने जा रहा है। बता दे कि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने उच्च न्यायालय को स्थानांतरित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हालांकि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इसकी जानकारी दी है। बता दे कि अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री ने लिखा है कि राज्य सरकार द्वारा हल्द्वानी में उच्च न्यायलय के लिए आवश्यक अवस्थापना उपलब्ध कराने पर केंद्र सरकार उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने की अधिसूचना की प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी।
हालांकि केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) और मुख्य न्यायायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघवी को भी पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में राज्य सरकार के प्रस्ताव का जिक्र किया है। सीएम को संबोधित पत्र में उन्होंने लिखा है कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय को संचालित करने के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करने और पूरा खर्च वहन करने के लिए उत्तरदायी है।
राज्यपाल के परामर्श से उच्च न्यायालय को नैनीताल स्थानांतरित करने के मामले की जांच की गई है। दोनों सांविधानिक प्राधिकारियों ने इस पर अपनी सहमति दी है।

न्यायाधीशों और कर्मचारियों के आवास बुनियादी ढांचा जुटाना होगा

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, उच्च न्यायालय के लिए बुनियादी ढांचे की उपलब्धता की पुष्टि के बाद राष्ट्रपति के अनुमोदन से अधिसूचना जारी हो जाएगी और मुख्य सीट अपने स्थान से काम करना शुरू कर देगी। हल्द्वानी में चिन्हित स्थल पर न्यायाधीशों और कर्मचारियों के लिए आवास सहित सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के बाद उच्च न्यायालय की मुख्य सीट को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आरंभ होगी।

चारधाम यात्रा: एक अप्रैल से बनेंगे वाहनों के ग्रीन कार्ड, इसके बिना नहीं मिलेगी एंट्री

News web media uttarakhand : चारधाम यात्रा पर जाने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए परिवहन विभाग ने ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया हुआ है। बिना ग्रीन कार्ड के यात्रा संभव नहीं होगी। एक अप्रैल से परिवहन विभाग के कार्यालय में ग्रीन कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए इन वाहनों को आरटीओ कार्यालय में लंबे फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा। यह टेस्ट पास करने के बाद ही व्यावसायिक वाहनों को ग्रीन कार्ड मिलेगा। वहीं, निजी वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड-ट्रिप कार्ड की कोई बाध्यता नहीं है।

आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने बताया कि चारधाम यात्रा की पूरी अवधि के लिए यह ग्रीन कार्ड मान्य होता है। ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए वाहन को आरटीओ कार्यालय में ले जाना पड़ता है। यहां पर वाहनों के समस्त कागज, आरसी, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, परमिट, वाहन कर जमा करने का प्रमाण पत्र, चालक का लाइसेंस चेक किया जाता है। इसके बाद यह परीक्षण किया जाता है कि संबंधित वाहन चारधाम यात्रा के लिए उपयुक्त है या नहीं।

सभी परीक्षणों पर खरा उतरने के बाद व्यावसायिक वाहन स्वामी को greencard.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन करने के बाद ग्रीन कार्ड प्रदान कर दिया जाता है। इस कार्ड के बाद प्रत्येक ट्रिप के लिए वाहन स्वामी को ट्रिप कार्ड लेना होता है। इस ट्रिप कार्ड को भी परिवहन विभाग की वेबसाइट greencard.uk.gov.in पर दिए गए लिंक से ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है।

परिवहन विभाग की गाइड लाइन

  • यात्रा के प्रत्येक फेरे के लिए ट्रिप कार्ड अवश्य प्राप्त करें।
  • वाहन में मानक के अनुसार लाल, सफेद व पीले रिफ्लेक्टर टेप अवश्य लगे हों।
  • पर्वतीय मार्गों पर सहायता के लिए वाहन में टॉर्च, रस्सी, पंचर किट, हवा भरने का पम्प, स्नो चैन भी रख लें।
  • वाहन में कूड़ादान रखना अनिवार्य है।
  • वोमेटिंग बैग भी आवश्यकतानुसार रख लें।

 

 

Amritpal Singh: फरार होने के बाद उत्तराखंड में छिपे होने की संभावना, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

News web media uttarakhand Amritpal Singh Arrest Operation: अमृतपाल सिंह के फरार होने और समर्थकों की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड पुलिस भी अलर्ट हो गई है. ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में पुलिस विशेष निगरानी है. सोशल मीडिया की भी मॉनिटरिंग की जा रही है. राज्य में खुफिया एजेंसी व एसटीएफ को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज्य की खुफिया एजेंसी सहित अन्य पुलिसकर्मी इस मसले पर निगरानी बनाए हुए हैं.

अफवाह फैलाने वालों के अलावा सोशल मीडिया पर की जाने वाली पोस्ट पर नजर रखी जा रही है. पुलिस इस मामले में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है. इस मामले में उत्तराखंड इसलिए भी संवेदनशील है, क्योंकि पूर्व में राज्य अक्सर अपराधियों की शरणस्थली रहा है. कई बार हरियाणा और पंजाब के बदमाश ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार और देहरादून में छिपे मिले, उनकी गिरफ्तारियां भी हुई.

हरिद्वार और देहरादून में सतर्कता बरती जा रही है
उत्तराखंड के जनपद ऊधमसिंह नगर के अलावा हरिद्वार और देहरादून में हर पहलू पर सतर्कता बरती जा रही है. मामले को लेकर उत्तराखंड पुलिस पड़ोसी राज्यों की पुलिस और एजेंसियों से भी संपर्क बनाए हुए है.

हल्द्वानी में उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय जो करीब 100 एकड़ में खुलेगा , सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक का निर्णय

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के सबंध में अधिकारीयों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि खेल विश्वविद्यालय के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही खेल एवं आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों के सुझाव लिये जाएं। विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के सबंध में अग्रिम आवश्यक कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी स्थित खेल मैदान का बेहतर तरीके से उपयोग हो सके, इसके लिए हल्द्वानी में भी खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था पर भी उन्होंने ध्यान देने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं। राज्य में युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। 2024 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना है। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल विश्वविद्यालय बनने से राज्य के युवाओं को खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही खेल विश्वविद्यालय के एक्ट, नियमावली आदि बनाने के संबंध में भी निर्णय लिया गया है। विषय विशेषज्ञ के रूप में स्वर्णिम गुजरात स्पोटर्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर की सेवाएं ली जाएंगी।खेल विश्वविद्यालय करीब 100 एकड़ भूमि में बनेगा हल्द्वानी में इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स को शामिल कर इसके आस-पास भूमि चिन्हित की जाएगी।

बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर उपस्थित थे।

 

SGRR मेडिकल कॉलेज के छात्रों को हाईकोर्ट से झटका, बढ़ी फीस को 3 किस्तों में जमा करने के निर्देश

देहरादून : माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल उत्तराखंड ने श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज देहरादून के फीस निर्धारण संबंधित याचिका पर सुनवाई की. मामले में कोर्ट ने मेडिकल छात्रों को कोई राहत नहीं दी है. कोर्ट ने छात्रों से प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति द्वारा निर्धारित फीस की पहली किस्त 30 प्रतिशत 10 दिन के भीतर जमा करने को कहा है. साथ ही शेष फीस तीन किस्तों में जमा करने के निर्देश दिए हैं.

इसके साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षकारों से 10 अगस्त तक जवाब पेश करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त की तिथि नियत की गई है. आज मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ में हुई.

आपके संगयान में लाना है कि छात्र साहिल भार्गव सहित 148 छात्रों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया था. जिसमें कहा गया कि एमबीबीएस वर्ष 2018 बैच के छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग के दौरान एमबीबीएस की फीस  प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति द्वारा निर्धारित नहीं की गई थी. इस कारण राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव उत्तराखंड ओम प्रकाश ने इस आशय का एक पत्र जारी किया था और उल्लेख किया था कि छात्र-छात्राओं द्वारा जो फीस उस समय दी जा रही है, वह एक प्रोविजनल व्यवस्था के अंतर्गत है. इस बात की जानकारी होते हुए मेडिकल छात्र-छात्राओं ने 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखता दिया था की. उच्च न्यायालय के दिशा निर्देश पर राज्य में प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति द्वारा जो भी फीस निर्धारित की जाएगी, छात्र-छात्राएं उस फीस का भुगतान करेंगे. जिसको कोर्ट में छात्रों ने चुनौती दी थी तदु उपरान्त मनानी उच्च न्यायलय ने फैसला उनके विरोध दिया है ।

22 अप्रैल को खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट, चैत्र नवरात्रि के पहले दिन तय हुई तिथि

देहरादून: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आज बुधवार को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हुई। श्रद्धालुओं के लिए 22 अप्रैल को गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। 21 तारीख को मां गंगा की भोग मूर्ति गंगोत्री के लिए प्रस्थान करेगी। इस बार चारधाम यात्रा की शुरुआत 22 अप्रैल से होगी।

देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार तैयारियों में जुटी है। सरकार को उम्मीद है कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक नया रिकॉर्ड बनाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि अब श्रद्धालु घर बैठे गंगोत्री धाम की आरती देख सकेंगे।

इसके लिए पर्यटन विभाग प्रसाद योजना के तहत मंदिर में उच्च स्तर के कैमरे लगाने जा रहा है। जिससे चार धाम यात्रा के दौरान हर दिन उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर आरती का सीधा प्रसारण होगा। केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत चारों धामों में सौंदर्यीकरण सहित कई अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी योजना के तहत चारों धामों में पर्यटन विभाग उच्च स्तर के कैमरे भी लगाने जा रहा है जिससे धामों में होने वाली आरती व अन्य धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालु घर बैठे देख सकें।

उत्तराखंड को केंद्र से तीन महीने ले किए अतिरिक्त बिजली

Uttarakhand: केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने उत्तराखंड को अप्रैल, मई और जून में 325-325 मेगावाट बिजली देने पर सैद्धांतिक सहमति भी दे डाली है। उधर, UPCL ने काशीपुर गैस प्लांट दो महीने चलाने के लिए गैस खरीदी थी। साथ ही मई के लिए लघु अवधि के टेंडर से बिजली भी खरीदी है। इससे आने वाले दिनों में बिजली संकट से खासी राहत भी मिलने वाली है। सेंट्रल गवर्नमेंट ने राज्य को 31 मार्च तक के लिए 300 मेगावाट (72 लाख यूनिट) बिजली दी थी। चूंकि बीते वर्ष राज्य में पांच करोड़ यूनिट प्रति दिन की मांग आई थी, जो कि इस वर्ष भी हो सकती है। पिछले दिनों सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से इस संबंध में वार्ता भी की थी।

राज्य ने प्रस्ताव भी भेज दिया था। खबरों का कहना है कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने अप्रैल, मई व जून के लिए 325 मेगावाट (78 लाख यूनिट) बिजली उपलब्ध कराने पर सहमति भी दे दी है। जबकि जिसके उपरांत के महीनों के लिए आवश्यकता के हिसाब से अगले मार्च तक 200 से 250 मेगावाट (48 लाख से 60 लाख यूनिट) बिजली मिलती रहने वाली है। यह बिजली केंद्र के गैर आवंटित कोटे से मिलने वाली है, इसके लिए UPCL को तकरीबन पांच रुपये प्रति यूनिट का ही भुगतान करना पड़ गए।

डेढ़ साल बाद प्लांट चलाने को खरीदी गैस: उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने काशीपुर के 2 गैस प्लांट से पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किया हुआ है। रूस-यूक्रेन युद्ध के उपरांत से यह प्लांट गैस महंगी होने के चलते बंद पड़े थे। 28 फरवरी को हुई बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने प्लांट चलाने की अनुमति दी थी। लिहाजा, UPCL ने आगामी संकट को देखते हुए दो महीने के लिए 14.2 मीट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) की दर से गैस खरीद ली है।

यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का बोलना है कि यह गैस अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत सस्ती है जो कि बिजली की मांग बढ़ने के बीच तीन महीने में इस्तेमाल की जाने वाली है। उन्होंने कहा है कि गैस प्लांट से करीब नौ रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से UPCL को बिजली मिलने वाली है। आपको बता दें कि काशीपुर में एक 214 और दूसरा 107 मेगावाट का गैस प्लांट है, जिससे कुल मिलाकर 321 मेगावाट (77 लाख यूनिट) बिजली भी दी जाने वाली है।

बारिश से मिली राहत, फिलहाल घटी मांग

प्रदेश में दो दिन की बारिश से यूपीसीएल को राहत मिली है। फिलहाल बिजली की मांग 3.5 करोड़ यूनिट के आसपास है, जिसके सापेक्ष राज्य से करीब 80 लाख यूनिट, केंद्रीय पूल से करीब 1.80 करोड़ यूनिट मिल रही है। केंद्र सरकार के विशेष कोटे से 72 लाख यूनिट बिजली मिल रही है। यूपीसीएल के मुताबिक, फिलहाल न तो कई कटौती हो रही है और न ही बाजार से अतिरिक्त बिजली खरीद का दबाव है।

 

Uttarakhand Earthquake: देहरादून से यूपी-उत्तराखंड दिल्ली में भूकंप के झटके, लोग दहशत से घरों के बाहर निकले

देहरादून -:राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल के कई जिलों में भूकंप महसूस किया गया। उत्तराखंड में मंगलवार

रात करीब 10:21 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल के कई जिलों में भूकंप महसूस किया गया। जानकारी के अनुसार, चमोली, देहरादून, मसूरी, हरिद्वार, रुड़की, चमोली और उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। गंगा के मायके मुखबा तक महसूस भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप महसूस होते ही लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।  राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का फायजाबाद रहा। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.6 मापी गई।

उत्तरकाशी के समस्त तहसील/ थाना चोकियो से भूकंप के झटके महसूस हेतु है इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय मे व मनेरी क्षेत्र में हल्का भूकम्प झटका महसूस किया गया किसी प्रकार कोई हानि नहीं हुयी है।।
उत्तरकाशी में 10:22 भूकंप के झटके महसूस किए गए मसूरी में महसूस किए गए भूकंप के झटके भूकंप का केंद्र बिंदु हिंदूउत्तरकाशी इस माह कब-कब आया भूकंप

  • 5 मार्च- देर रात तीन झटके। 12:40 पहला झटका, 12:45 दूसरा झटका, 01:01 तीसरा झटका (तीव्रता 2.5 रिक्टर स्केल)
  • 8 मार्च- होली के दिन सुबह 10:07 (तीव्रता 2.5 रिक्टर स्केल)
  • 21 मार्च- रात 10:20बजे

भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश रीजन में था। जहां भूकंप का मैग्नीट्यूड 6.7 था। दिल्ली और रुड़की में इसकी इंटेंसिटी 4 से 5 के बीच होगी। जो ज्यादा खतरनाक नहीं है। इस भूकंप का उत्तराखंड में भविष्य में भूकंप की आशंका से कोई सीधा संबंध नहीं है।

कुश क्षेत्र में बताया जा रहा है।

 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में नकल करती पकड़ी गई 12वीं की छात्रा, सील हुई उत्तर पुस्तिका

Uttarakhand Board Exam 2023 Update: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में अल्मोड़ा जिले में नकल का पहला मामला सामने आया है। 20 मार्च को राजकीय इंटर कॉलेज मजखाली के परीक्षा केंद्र पर भौतिक विज्ञान की परीक्षा में 12वीं की छात्रा को नकल करते पकड़ा गया है।

परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण और नकल पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अनेक सचल दल बनाए गए हैं, जो विभिन्न केंद्रो का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाओं के दौरान डायट  प्राचार्य जी.जी गोस्वामी के नेतृत्व में राजकीय इंटर कालेज मजखाली पहुंचे सचल दल के निरीक्षण के दौरान इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान की संस्थागत छात्रा नकल करते पकड़ी गई। छात्रा की उत्तरपुस्तिका कब्जे में लेकर अनुचित सामग्री के साथ सील कर उसे नई उत्तरपुस्तिका उपलब्ध करा दी गई।

 

सीएम धामी ने जी-20 बैठक की तैयारियों को लेकर की समीक्षा

न्यूज वेब मीडिया उत्तराखंड : उत्तराखंड में आगामी 28 से 30 मार्च के बीच रामनगर में जी-20 की पहली बैठक होगी। जिसे लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पंतनगर एयरपोर्ट पर अधिकारियों के साथ तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की।

सीएम धामी ने कहा कि यह बैठक हमारे राज्य के लिए बहुत फायदेमंद साबि होगी। पहले दिन (28 मार्च) को राउंड टेबल मीटिंग होगी। जिसमें 70 विदेशी और 30 भारतीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

ऋषिकेश में होंगी दो बैठकें

आपको बता दें कि 25 से 27 मई के बीच वर्किंग ग्रुप ऑन एंटी करप्शन की दूसरी बैठक ऋषिकेश में होगी। यहां 20 देशों के 200 प्रतिनिधि तीन दिन तक भ्रष्टाचार रोकने की चुनौतियों, उनके समाधान पर मंथन करेंगे। तीसरी बैठक 26 से 28 जून के बीच होनी है। यह वर्किंग ग्रुप ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी। इसमें देश-दुनिया के इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों, नई तकनीकों आदि पर चर्चा की जाएगी।