Uttarakhand: चारधामों के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्रा से भी घूमेगा पर्यटन का पहिया, तैयारियां शुरू

चारधामों के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्रा से पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकार की तैयारी है। केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने पर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा केदार की पूजा अर्चना होगी। वहीं, बदरीनाथ धाम के प्रवास स्थल योग बदरी पांडुकेश्वर, ज्योतिर्मठ में नृसिंह मंदिर में शीतकाल में यात्रा संचालित होगी। यमुनोत्री धाम की खरसाली व गंगोत्री धाम की मुखबा में पूजा की जाएगी।

चारधामों के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्रा से पर्यटन कारोबार का पहिया घूमेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। चारधामों के शीतकाल प्रवास स्थलों से यात्रा संचालित होगी। चारधाम यात्रा अंतिम चरण में है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित हो चुकी है।

दीपावली के बाद इसी माह केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होंगे। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद होंगे। केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने पर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा केदार की पूजा अर्चना होगी। वहीं, बदरीनाथ धाम के प्रवास स्थल योग बदरी पांडुकेश्वर, ज्योतिर्मठ में नृसिंह मंदिर में शीतकाल में यात्रा संचालित होगी। यमुनोत्री धाम की खरसाली व गंगोत्री धाम की मुखबा में पूजा की जाएगी।

प्रवास स्थलों पर भक्तों के लिए तैयारियां
वर्ष 2024-25 में शीतकालीन यात्रा के दौरान चारधामों में 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मुख्यमंत्री धामी ने बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास ओंकारेश्वर मंदिर से शीतकालीन यात्रा का शुभांभ किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगोत्री धाम के प्रवास स्थल मुखबा पहुंच कर पूरे देश में शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया था।

इस बार सरकार शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए प्रवास स्थलों पर भक्तों के लिए तैयारियों में जुटी है।पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि बीते वर्ष शीतकालीन यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु चारधामों के प्रवास स्थलों पर दर्शन के लिए आए थे।

सरकार का प्रयास है कि चारधाम यात्रा पूरे साल चलती रही है। यात्रा प्रदेश की अर्थव्यवस्था व पर्यटन कारोबार से जुड़ी है। शीतकालीन यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा दी जाएगी।

Uttarakhand: मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, स्वास्थ्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट होगा। स्वास्थ्य सचिव ने इस संबंध में सख्त निर्देश देते हुए हा कि सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

जयपुर के एक अस्पताल आग लगने की घटना के बाद प्रदेश सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट करने का निर्णय लिया है। सचिवालय में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में निर्देश सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों में फायर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।

         हर महीने मॉक ड्रिल प्रैक्टिस कर फायर सेफ्टी का ऑडिट किया जाएगा। अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन, उपसचिव जसंविदर कौर, सीएमएस दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आरएस बिष्ट मौजूद रहे।

दून मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी के लिए सख्त निर्देश

स्वास्थ्य सचिव ने दून मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी से जुड़ी कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए फायर से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। सचिव ने अग्निशमन विभाग से भी आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। सचिव ने स्प्रिंकलर, मोटर्स व अन्य फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कर उनका डेमो कराया जाए। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्था के साथ नियमित रूप से प्रतिमाह बैठक की जाए। कार्यदायी संस्था ने बैठक में जानकारी दी कि ओटी बिल्डिंग की फायर एनओसी 30 अक्तूबर 2025 तक व सीएसएसडी विभाग की एनओसी 30 नवंबर 2025 दी जाएगी।

मरीजों व स्टाफ की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता : धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, राज्य के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में फायर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना अनिवार्य है। हमारी प्राथमिकता मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखंड के सभी अस्पताल सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हों। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

देहरादून में दीपावली पर पटाखा बिक्री के लिए बने नियम:भीड़भाड़ वाले इलाकों में दुकानों पर पूरी तरह प्रतिबंध, लाइसेंस के लिए आवेदन शुल्क तय

देहरादून में प्रशासन ने दिवाली को देखते हुए पटाखा बिक्री को लेकर कड़े और सख्त नियम लागू किए हैं। सार्वजनिक रास्तों और आंतरिक सड़क मार्ग पर पटाखा बिक्री पूरी तरह​प्रतिबंधित की गई है। साथ ही अगले साल से पटाखा बिक्री का लाइसेंस सिर्फ खुले मैदान में ही करने का निर्णय लिया गया है।

देहरादून के अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह ने दीपावली के पर्व पर आतिशबाजी के अस्थायी लाईसेंस जारी करने को लेकर व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष से पटाखा बिक्री केवल चिन्हित खुले मैदानों में ही पटाखा दुकान के लिए लाईसेंस निर्गत किए जाएंगे जिसमें उपस्थित समस्त व्यापारिक संगठनो के पदाधिकारियों ने अपनी सहमति दी है। पटाखा दुकान के लिए 850 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह ने व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों से व्यवस्था बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपेक्षा की है। साथ ही पुलिस, फायर, प्रशासन के अधिकारियों को निर्धारित नियमानुसार लाईसेंस निर्गत करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।

शहर में पटाखा दुकान के लिए प्रतिबन्धित क्षेत्र-
  • पल्टन बाजार-कोतवाली से घंटाघर, धामावाला बाजार-कोतवाली से बाबूगंज (आढत बाजार चौक तक) मोतीबाजार -पल्टन बाजार से पुरानी सब्जीमण्डी हनुमान चौक तक, हनुमान चौक-झण्डा मौहल्ला, रामलीला बाजार- बैण्ड बाजार तक, आनंद चौक से लक्ष्मण चौक तक, डिस्पेंसरी रोड का सम्पूर्ण क्षेत्र, घंटाघर से चकराता रोड पर हनुमान मंदिर तक सर्वे चौक से डीएवी कालेज देहरादून जाने वाली रोड़ करनपुर मुख्य बाजार (भीड़-भाड़ वाला क्षेत्र)
  • समस्त सार्वजनिक रास्ता, सड़क एवं आंतरिक मार्ग पटाखा बिक्री हेेतु पूर्णतः प्रतिबन्धित किए गए है। इसके अतिरिक्त ऐसे स्थान जहां फायर के वाहन प्रवेश नही कर सकते हैं पर पटाखे की दुकाने प्रतिबन्धित की गई हैं।
कड़े और सख्त नियम-
  • दुकान के बाहर फुटपाथ, सड़क पर पलंग एवं अन्य रैक लगाकर पटाखा बिक्री करने वालो के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
  • जिला प्रशासन द्वारा पटाखा लाईसेंस के लिए आवेदन शुल्क 850 निर्धारित किया गया है।
  • लाईसेंस के लिए आज से 13 अक्टूबर 2025 तक ही आवेदन किए जा सकते है, इसके बाद आवेदन प्राप्त नही किए जाएंगे।
  • लाईसेंस आवेदन हेतु आधार कार्ड, खाली दुकान के अन्दर स्वामी के फोटोग्राफ, पुलिस,फायर की एनओसी, दुकान का बिजली का बिल, दुकान की रजिस्ट्री या नगर निगम टैक्स रसीद लगानी अनिवार्य होगी तथा पटाखा दुकान हेतु निर्धारित समस्त सुरक्षा मानक पूर्ण करने पर ही पटाखा लाईसेंस निर्गत किए जाएंगे।
  • पटाखा गोदाम से फुटकर विक्रय करने की अनुमति नही दी जाएगी। दीपावली हेतु 17 से 21 अक्टूबर तक ही पटाखा बिक्री की अनुमति दी जाएगी।

लॉ प्रेप ट्यूटोरियल, देहरादून : क्लैट (सामान्य कानून प्रवेश परीक्षा) 2026 अभ्यर्थियों के लिए शुरू हुआ “The Ultimate Bootcamp”

देहरादून: CLAT 2026 की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है — “The Ultimate Bootcamp for CLAT 2026 Aspirants.” यह 20 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम उन छात्रों के लिए है जो भारत के शीर्ष अभ्यर्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर अपनी रैंक को ऊँचाइयों तक पहुँचाना चाहते हैं।

इस बूटकैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को संपूर्ण परीक्षा-उन्मुख मार्गदर्शन, अभ्यास और रणनीति विकास उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा संचालित लाइव क्लासेस, नियमित मॉक टेस्ट एवं उनके विस्तृत विश्लेषण, साथ ही स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने के लिए विशेष ड्रिल्स प्रदान की जाएँगी।

इसके अलावा, प्रत्येक छात्र को वन-टू-वन मेंटरशिप दी जाएगी ताकि उसकी व्यक्तिगत कमजोरियों और ताकतों पर कार्य किया जा सके। बूटकैंप का हिस्सा बनने वाले छात्रों को देश के Top 50 CLAT Aspirants के साथ सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे प्रतियोगी माहौल में आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।

लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादू के निदेशक श्री एस.एन. उपाध्याय ने बताया कि यह आयोजन CLAT 2026 के अभ्यर्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा, जहाँ उन्हें देशभर के श्रेष्ठ छात्रों के साथ प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।

इस विशेष प्रवेश परीक्षा का आयोजन लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादून (36 डी/ई, प्रथम तल, निम्बुवाला रोड, गढ़ी कैण्ट, देहरादून, उत्तराखंड – 248003) के केंद्र पर ऑफलाइन मोड में 12 अक्टूबर 2025 (शाम 2 बजे से 4 बजे तक) किया जाएगा।

कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है और सीटें सीमित हैं। इच्छुक विद्यार्थी शीघ्र आवेदन करें और प्रवेश परीक्षा में भाग लेकर इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनें।

📅 कोर्स अवधि: 20 दिन ऑनलाइन (1 से 20 नवंबर 2025)
🗓 ऑफ़लाइन परीक्षा तिथि: 12 अक्टूबर 2025 ( 2-4 pm)
⏳ पंजीकरण की अंतिम तिथि: 11 अक्टूबर 2025
🌐 अधिक जानकारी, रजिस्ट्रेशन हेतु: https://live.lawpreptutorial.com/clat-og-bootcamp/

बड़कोट स्थित महर्षि जमदग्नि आश्रम को “श्री परशुराम धाम” घोषित करने की मांग़*

News web media Uttarakhand: उत्तराखंड के घटक ब्राह्मण संगठनों के संयुक्त मंच ” उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ, (पंजी.) ने उ.प्र. के पीलीभीत जनपद के जलालाबाद को “श्री परशुराम पुरी” घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री योगी जी का आभार व्यक्त करते हुए उनको हार्दिक शुभ कामनाएं प्रेषित की है।

वहीं बैठक में उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ (पंजी.) ने उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर जी धामी जी से मांग की है कि बड़कोट स्थित महर्षि जमदग्नि आश्रम और सहस्राअर्जुन के किले के क्षेत्र को पूर्व मान्यताओं के अनुसार “श्री परशुराम धाम” घोषित करें।

यह भी उल्लेखनीय है कि भगवान श्री परशुराम जी के जन्म स्थान के विषय में जनश्रुतियों, शास्त्रों पर आधारित प्रमाणों, ब्रिटिश सरकार के समय से प्राप्त राजस्व अभिलेखों के आधार पर सात विभिन्न स्थानों को उनका जन्म स्थान माना गया है। यह भगवान श्री परशुराम जी की लोकप्रियता, महत्व, श्रद्धा और भक्ति का प्रमाण है कि इन क्षेत्रों के वासी उन्हें अपने प्रदेश में जन्मा मानते हैं, और तदनुसार स्मारक व मंदिर भी मिलते हैं।  इनमें सबसे प्रमुख और प्रथम स्थान बड़कोट माना गया है।                                

बैठक की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम ने उक्त मांग करते हुए कहा कि ब्राह्मण बहुल राज्य आध्यात्मिक देवभूमि उत्तराखंड के हर अंचल में ग्राम देवताओं, स्थान देवताओं, पौराणिक स्थलों के उत्थान व विकास की तरह भगवान श्री विष्णु के छठे अंशावतार भगवान श्री परशुराम जी की जन्म स्थली बड़कोट व उत्तरकाशी का जीर्णोद्धार करके मार्ग को भी आलवेदर रोड प्रदान ताकि इस प्रदेश के ही नहीं, देश के तमाम क्षेत्र के लोगों को सुगमता से पहुंचने का अवसर प्राप्त हो सके। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।                           

महासंघ के महासचिव डॉ.वी.डी.शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी ब्राह्मण संगठनों को एकजुट हो कर इस पुनीत कार्य को सफल बनाने हेतु एक मंच पर आना चाहिए। सभी ब्राह्मण संगठनों व ब्राह्मण समाज को एकमत होकर राज्य सरकार से मांग करनी चाहिए। महासंघ के विधि सलाहकार सिद्धनाथ उपाध्याय जी ने कहा कि हमें अपने समाज के निर्बल व जरूरतमंद भाइयों की मदद हेतु आगे आना होगा।                         

बैठक में उत्तराखंड के थराली व धराली गांव में आपदा में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर प्रभु से प्रार्थना की गई। बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त पंडित थानेश्वर उपाध्याय, पंडित रामप्रसाद उपाध्याय, अविनाश कांत शर्मा, सूर्य प्रकाश भट्ट, अरुण शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

कांवड़ मेले के लिए जारी किया विशेष हेल्पलाइन नंबर, SSP बोले- हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा

कांवड़ मेले के लिए पुलिस ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। पुलिस की ओर से जारी नंबर 91-9520625934 पर कांवड़ यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव साझा किए जा सकते हैं। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेगा और इस पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

वहीं एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में हुई बैठक में एडीजी अभिसूचना एपी अंशुमान, आईजी यातायात एनएस नपच्याल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने जानकारी दी। वी मुरुगेशन ने निर्देश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा एक बड़ी चुनौती है, जिसे हम सबको मिलकर सकुशल संपन्न कराना है।

चार हजार पुलिस-अर्द्धसैनिक बल तैनात
कहा कि सभी जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रखें और अफवाहों को फैलने से रोकें। कोई घटना छोटी नहीं होती, सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। एडीजी एपी अंशुमान ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले कंटेंट पर विशेष निगरानी रखें।

आईजी एनएस नपच्याल ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था का प्रबंधन हर छोटे व बड़े मेलों में महत्वपूर्ण है। यातायात की मॉनिटरिंग 24 घंटे की जाए। आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि सभी घटनाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखें। यातायात प्लान को सुव्यवस्थित तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। कोई भी वाहन सड़क किनारे पार्क नहीं होना चाहिए।

सीएम धामी ने बाल संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद

News web media Uttarakhand :  सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटक आवास गृह, टनकपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चम्पावत जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से बाल संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत सीधा संवाद स्थापित किया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में खेल गतिविधियों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करना तथा खिलाड़ियों से उनकी आवश्यकताओं और सुझावों पर चर्चा करना रहा.

सीएम धामी ने रा.इ.का. चम्पावत के गौरव, रा.इ.का. पाटी की प्रीति, रा.बा.इ.का. टनकपुर की कंचन, रा.इ.का. चौमेल के सागर एवं रा.बा.इ.का. चम्पावत की मोनिका से बातचीत कर खेल सुविधाओं, संसाधनों और प्रशिक्षण संबंधी जानकारी ली. विद्यार्थियों ने सीएम धामी को बताया कि वे सीएम धामी उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से नियमित लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे उनके खेल कौशल को संवारने में मदद मिल रही है.

सीएम धामी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पढ़ाई के साथ खेलों को भी बराबर महत्व दें. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं, बल्कि खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. उन्होंने युवाओं को अमृतकाल का सारथी बताते हुए अनुशासन, समय प्रबंधन और कठिन परिश्रम के महत्व पर बल दिया.

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को सशक्त मंच देने और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने राज्य की खेल नीति और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे प्रयासों को युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.

इस अवसर पर चम्पावत, पाटी, चौमेल, टनकपुर और चमदेवल क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षण स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

उत्तराखंड सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला: 5 IAS अफसरों की जिम्मेदारियों में बदलाव, 4 को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 1 से हटाया गया अतिरिक्तभार

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड सरकार ने राज्य प्रशासन में एक बड़ा बदलाव करते हुए पांच आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। मंगलवार, 25 जून 2025 को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, यह परिवर्तन प्रशासनिक दक्षता और नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में जिन अधिकारियों के विभाग बदले गए हैं, उनमें प्रमुख सचिव, सचिव, और विशेष सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। चार अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ देकर उनका कद बढ़ाया गया है, वहीं एक वरिष्ठ अधिकारी से कुछ विभाग का भार कम किया गया है ताकि वे विशेष कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल लंबे समय से विचाराधीन था और अब इसे अंतिम रूप दे दिया गया है। माना जा रहा है कि आगामी समय में और भी प्रशासनिक बदलाव हो सकते हैं, खासकर 2025 की दूसरी छमाही के विकास और बजट लक्ष्य को देखते हुए।

सरकार ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम शासन-प्रशासन में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशलता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

उत्तराखंड में महिला नीति का खाका तैयार: 57 विभाग मिलकर संवारेंगे महिलाओं का भविष्य, बनेगा देश के लिए मिसाल

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य की पहली “महिला नीति” का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस नीति का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। खास बात यह है कि इस नीति को लागू करने में राज्य के 57 विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जो इसे देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बना सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार किए गए इस मसौदे में महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, नेतृत्व विकास और लैंगिक समानता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। नीति में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, अकेली महिलाओं, दिव्यांग महिलाओं और बुजुर्ग महिलाओं के लिए अलग-अलग योजनाओं का खाका भी शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को “नारी सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम” बताया है और कहा कि इससे महिलाओं की भागीदारी राज्य के विकास में और अधिक मजबूत होगी।

जल्द ही इस नीति को अंतिम रूप देकर कैबिनेट में पेश किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति उत्तराखंड को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी बना सकती है।

कोविड-19 को लेकर धामी सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी, ये निर्देश जारी, जानिए क्या करें क्या न करें

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में कोविड-19 को लेकर धामी सरकार ने नई एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तंत्र और संसाधनों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि उत्तराखंड में भी संक्रमण को लेकर हालात पूरी तरह सामान्य हैं।
इसके बावजूद राज्य सरकार किसी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। संभावित जोखिमों से बचाव और सतर्कता के मद्देनज़र स्वास्थ्य विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत सभी जिलों में निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने, अस्पतालों में आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा संक्रमण से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में फिलहाल कोविड को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन किसी भी संभावित जोखिम के लिए हमें पूरी तरह तैयार रहना होगा। इसी क्रम में प्रदेशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं, उपकरणों और मानव संसाधनों को सक्रिय मोड में रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा कोविड-19 को लेकर किसी खतरे की स्थिति घोषित नहीं की गई है। न ही कोई नया वेरिएंट सक्रिय रूप से फैल रहा है। संक्रमितों में भी केवल मामूली लक्षण पाए जा रहे हैं और वे सामान्य इलाज से घर पर ही ठीक हो रहे हैं। फिर भी संभावित खतरों से निपटने के लिए राज्य पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
नए वेरिएंट की समय रहते पहचान स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कोविड पॉजिटिव सभी सैंपल को WGS (Whole Genome Sequencing ) हेतु भेजा जाए ताकि संभावित नए वेरिएंट की समय रहते पहचान हो सके। कोविड प्रबंधन में लगे स्टाफ के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग कराई जाए और राज्य को प्रतिदिन स्थिति की रिपोर्ट भेजी जाए।

क्या करें-

  • छींकते या खांसते समय रूमाल/टिशू से नाक-मुंह ढकें।
  • भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
  • हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह धोते रहें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और पौष्टिक आहार लें।
  • खांसी-बुखार जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से परामर्श लें।
  • लक्षण होने पर मास्क पहनें और दूसरों से दूरी रखें।
  • बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।

 

क्या न करें –

  • इस्तेमाल किए गए टिश्यू या रुमाल का दोबारा उपयोग न करें।
  • हाथ मिलाने से बचें।
  • लक्षण वाले लोगों के संपर्क से दूरी रखें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।
  • आंख, नाक और मुंह बार-बार न छुएं।
  • सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।
  • सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग