उत्तराखंड: मतदाता सूची में हैरान करने वाली गड़बड़ियां, दो लाख के माता-पिता नाबालिग, 92 हजार के दादा जवान

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)) के पहले चरण में 19.04 लाख विसंगतियां सामने आई हैं। जांच में दो लाख मतदाताओं के माता-पिता नाबालिग और 92 हजार मतदाताओं के दादा ‘जवान’ दर्ज मिले, जबकि रुद्रपुर विधानसभा में सबसे अधिक 89 प्रतिशत रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं।

उत्तराखंड में दो लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके माता-पिता नाबालिग हैं। वहीं, 92 हजार मतदाताओं के दादा जवान हैं। ये हम नहीं कह रहे, चुनाव आयोग के एसआईआर के पहले चरण के बाद जो 19.04 लाख मतदाताओं की विसंगतियां पकड़ी गईं, उनमें अजब-गजब तथ्य सामने आए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर ऐसी विधानसभा है, जहां 89 प्रतिशत मतदाताओं की विसंगतियां हैं। 42,808 मतदाता ऐसे हैं, जिनका कुछ पता नहीं चल पाया।

1,99,121 मतदाताओं के माता-पिता नाबालिग

एसआईआर में 1,99,121 ऐसे पकड़ में आए हैं, जिनके और माता-पिता की आयु के बीच महज 15 साल या इससे कम का अंतर है। अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा में 14,001 में से 3,938 मामले (28 प्रतिशत) ऐसे हैं। देहरादून की चकराता विधानसभा में 4,062 मतदाता, हरिद्वार की खानपुर विधानसभा में 5,359 मतदाता ऐसे चिह्नित हुए हैं। जिलावार देखें तो उत्तरकाशी में 4272, चमोली में 4625, रुद्रप्रयाग में 5505, टिहरी में 12,688, देहरादून में 28,367, हरिद्वार में 43,418, पौड़ी में 10,609, पिथौरागढ़ में 7659, बागेश्वर में 4741, अल्मोड़ा में 11,496, चंपावत में 4273, नैनीताल में 22,650, ऊधमसिंह नगर में 38,818 ऐसे मतदाता चिह्नित हुए हैं। वहीं, 1,09,547 मतदाता ऐसे भी हैं, जो अपने माता-पिता से 50 साल से भी ज्यादा छोटे हैं।

92,114 मतदाताओं के दादा हैं जवानये ऐसे मतदाता हैं, जिनके और उनके दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र के बीच 40 वर्ष से भी कम का अंतर है। इसमें बागेश्वर जिले की बागेश्वर, कपकोट, अल्मोड़ा की द्वाराहाट विधानसभा में सर्वाधिक 11-11 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं। जिलावार देखें तो उत्तरकाशी में 2608, चमोली में 2405, रुद्रप्रयाग में 1765, टिहरी में 3688, देहरादून में 13,527, हरिद्वार में 14,071, पौड़ी में 5185, पिथौरागढ़ में 4115, बागेश्वर में 4507, अल्मोड़ा में 5144, चंपावत में 2188, नैनीताल में 11,875 और ऊधमसिंह नगर में 21,036 मतदाताओं के दादा जवान हैं।

ये चौंकाने वाले तथ्य भी आए सामने

-2,39,566 ऐसे मतदाता, जिनमें दो बच्चों के बीच नौ माह से कम का अंतर है। इनमें सर्वाधिक हरिद्वार ग्रामीण में 6,187, खानपुर में 6,457, विकासनगर में 3,236 मतदाता हैं।

-एक ही मुखिया के नाम से दर्ज छह या अधिक मतदाताओं की बड़ी संख्या है। इनमें हरिद्वार की पिरान कलियर विधानसभा में 8,087, लक्सर में 4,799, मंगलौर में 6,964 मतदाता शामिल हैं।

-तमाम मतदाता ऐसे हैं, जिनके अपने नाम या रिश्तेदारों के नाम की स्पेलिंग या पहचान गलत है। इसमें सबसे ज्यादा देहरादून, हरिद्वार के हैं। देहरादून की रायपुर विधानसभा में 23,555 वोटर(50 प्रतिशत) के खुद के नाम में, 17,676 मामलों में रिश्तेदारों के नामों में गड़बड़ी है। डोईवाला में 20,805(47%), धर्मपुर 23,048, हरिद्वार की भेल रानीपुर में 15,379 मतदाताओं की ये विसंगति है।

कहां हैं 5,26,228 लापता मैपिंग वोटर

प्रदेशभर में ये ऐसे मतदाता हैं, जिनको चुनाव आयोग मैप ही नहीं कर पाया। इसमें ऊधमसिंह नगर की रुद्रपुर विधानसभा में सर्वाधिक 42,808 मतदाता हैं। दूसरे नंबर पर देहरादून की रायपुर विधानसभा है, जहां के 17,859 मतदाता, फिर विकासनगर में 10,536 मतदाता, जसपुर में 6,222 मतदाता ऐसे हैं, जो कि मैप नहीं हो पाए हैं। प्रदेशभर की बाकी विधानसभाओं में भी ऐसे मतदाता शामिल हैं। अगर नोटिस जारी होने के बाद भी इनका अता-पता न चला तो इनका वोट कट जाएगा।

इन जिलों में सबसे अधिक गड़बड़ी

जिला कुल मतदाता गड़बड़ी वाले मतदाता- प्रतिशत
देहरादून 11,90,805 3,95,868 33
हरिद्वार 12,46,219 3,90,312 31
यूएस नगर 11,55,672 3,36,164- 29
नैनीताल 6,93,325 1,88,054 27
पौड़ी 5,03,468 1,05,945 21
टिहरी 4,63,628 1,04,402 23

बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामला: आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार, पूछताछ के लिए लाया गया कार्यालय

बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस आरोपी तक पहुंच गई है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।

बदरीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने रविवार देर रात करीब 11 बजे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ कार्यालय लेकर आ रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। उसके संभावित जगहों पर भी लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और उसे देहरादून से हिरासत में ले लिया गया।

 बताया जा रहा है कि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के रखरखाव और जमा प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के संकेत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार प्रयास कर रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे प्रकरण में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज; 25 जून को भी नोटों की गड्डी ले जाते दिखा आरोपी नौटियाल 

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी के मामले की पुलिस की जांच रविवार को भी जारी रही। पुलिस ने 25 जून की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें भी आरोपी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है। पुलिस ने बीकेटीसी से मामले की आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं।

पुलिस के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्यतः तीन से चार दिन के अंतराल में होती है। इस अवधि में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को गणना की गई थी। जांच टीम ने इन तीनों दिनों के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर क्रमवार देख रही है। रविवार को पुलिस ने जब 25 जून को हुई गणना की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो इसमें भी आरोपी कर्मचारी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है।

रविवार को पुलिस ने बीकेटीसी के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। दो जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के दौरान आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग गणना कक्ष में मौजूद थे। इनमें कुछ स्थानीय साधु-संत भी थे, जो अक्सर चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।

Uttarakhand: स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा 104 पर कुछ दिन नहीं मिलेगी मदद, 12 जुलाई तक रहेगी प्रभावित

स्वास्थ्य संबंधी सलाह या जानकारी के लिए 104 हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अगले कुछ दिन असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। तकनीकी सुधार कार्य के चलते हेल्पलाइन की सेवाएं 12 जुलाई तक आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगी।

उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जानकारी के लिए संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं 12 जुलाई तक प्रभावित रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने हेल्पलाइन के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया है, जिसके चलते कॉल रिसीव करने और सेवाएं उपलब्ध कराने में अस्थायी विलंब की संभावना जताई गई है।

104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की नोडल अधिकारी डॉ.अरिता सक्सेना ने बताया कि मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है और प्रयास है कि निर्धारित समय के भीतर सभी सेवाएं पूरी तरह सुचारु कर दी जाएं। राज्यभर में स्वास्थ्य सलाह, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, शिकायत निवारण तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने वाली 104 हेल्पलाइन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण सेवा है।

 

Landslide: स्यानाचट्टी में यमुनोत्री हाईवे का 100 मीटर हिस्सा, बढ़ी मुश्किलें, रास्ता खोलने में आ रही दिक्कत

स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा तेज बारिश के कारण वॉशआउट होने  के साथ ही हनुमान चट्टी के पास काफी ऊंचाई से चट्टानी मलबा पत्थरों के तेजी से रुक-रुक कर आ रहे हैं।

यमुनोत्री घाटी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ यात्रा व्यवस्थाओं को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

गुरुवार शाम स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा तेज बारिश के कारण वॉशआउट होने  के साथ ही हनुमान चट्टी के पास काफी ऊंचाई से चट्टानी मलबा पत्थरों के तेजी से रुक-रुक कर आ रहे हैं। जिससे मार्ग को हुए नुकसान ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर लगातार हाईवे पर गिर रहे हैं। इससे सड़क खोलने का कार्य भी प्रभावित हो रहा है और यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित बनी हुई है।
प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन खराब मौसम राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि लगातार बारिश तथा पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण हाईवे को सुचारू करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम अनुकूल होने पर सड़क बहाली का कार्य तेज गति से किया जा सकेगा।

Uttarakhand Weather: भारी बारिश का अलर्ट, उत्तरकाशी में पांच गांवों का संपर्क संकट, प्रदेश में 70 मार्ग बंद

उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लगातार बारिश का असर सड़क संपर्क पर भी दिखने लगा है। उत्तरकाशी में पांच गांवों का संपर्क संकट में है, जबकि प्रदेशभर में चार राज्य मार्ग समेत 70 सड़कें बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

मानसून की शुरुआत के साथ ही मोरी विकासखंड की बड़ासु पट्टी के पांच दूरस्थ गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति नालों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का विकासखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने लगा है। उफनते नालों के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहनों को पार कराने के लिए पांच से दस लोगों की मदद लेनी पड़ रही है, जबकि बड़े वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।

स्थानीय निवासी नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा और वरदान सिंह ने बताया कि हर वर्ष मानसून शुरू होते ही पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्ति और हलारा खड्ड बरसात में उफान पर आ जाते हैं, जिससे आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। कई बार एक वाहन को निकालने के लिए दस से अधिक लोगों की मदद लेनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद हादसे का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस समय क्षेत्र में सेब, राजमा और चौलाई जैसी फसलों की निकासी का समय है। यदि अभी से ऐसी स्थिति बनी हुई है तो बारिश बढ़ने पर पांचों गांवों का संपर्क पूरी तरह से मोरी विकासखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट सकता है। उनका कहना है कि खड्डों पर पुल और वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग कई बार पीएमजीएसवाई से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पीएमजीएसवाई को सुरक्षा के साथ आवाजाही सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मानसून के दौरान जरूरत पड़ने पर आपदा मद से वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने को भी कहा गया है।

कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, प्रशासन अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज और कल प्रदेश के कई जनपदों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज से अत्यंत तेज वर्षा के दौर की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती एवं सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत- बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

चार राज्य मार्ग समेत 70 मार्ग बंद

प्रदेश में चार राज्यमार्ग 70 मार्ग बंद है। एसईओसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें सबसे अधिक मार्ग देहरादून और पिथौरागढ़ जिले में 14-14 बंद है। देहरादून जिले में तीन राज्यमार्ग बंद है। चमोली में 10, पौड़ी और टिहरी में आठ- आठ, बागेश्वर छह, रुद्रप्रयाग चार और चंपावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में दो-दो मार्ग बंद है।

 

Uttarakhand Weather News: प्रदेश भर के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी, मैदान में उमस से राहत

प्रदेश भर के पर्वतीय इलाकों में आज मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तराखंड में मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश ने मैदानी इलाकों को उमस और गर्मी से राहत दिला दी। जबकि पर्वतीय इलाकों में बारिश ने ठंड का अहसास कराया। आज बुधवार को प्रदेश भर के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

सुबह करीब साढ़े दस बजे देहरादून के अलग-अलग हिस्सों में शुरू हुई बारिश का सिलसिला शाम चार बजे तक जारी रहा। रुक-रुककर हुई हल्की बारिश ने गर्मी और उमस से राहत दिलाई। आंकड़ों पर नजर डालें तो दिन में दून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो अधिक 33.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री ज्यादा 25.5 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश की बात करें तो सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक दून में 6.3 एमएम बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आठ जुलाई को देहरादून समेत हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड: SIR का पहला चरण आज होगा पूरा, चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण अब हो जाएगा शुरू

एसआईआर के तहत प्राप्त गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों के अगले चरण में प्रवेश करेगा। मतदाताओं की संख्या और निर्धारित मानकों के आधार पर प्रदेशभर में मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।

चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण मंगलवार को दोपहर 12 बजे पूरा हो जाएगा। 99.9 प्रतिशत एसआईआर गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। इसके साथ ही अब आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण शुरू हो जाएगा। फिर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।

प्रदेश में आठ जून से एसआईआर की शुरुआत हुई थी। पहले सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए गए। इसके बाद भरे हुए प्रपत्र वापस लेकर बीएलओ ने उन्हें एप के माध्यम से डिजिटाइज किया। यह प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो रही है। इसके बाद कोई भी एसआईआर गणना प्रपत्र न तो जमा होगा और न ही डिजिटाइज किया जाएगा।

मतदाताओं के हिसाब से अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण शुरू करने जा रहा है। जिन मतदान केंद्रों पर 1200 से अधिक मतदाता होंगे, उनके लिए दूसरा मतदान केंद्र बनाया जाएगा। मतदाता के घर से मतदान केंद्र की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं होगी। तमाम पैमानों को मद्देनजर रखते हुए आयोग मतदान केंद्र बनाएगा।

वर्तमान में प्रदेश में 11,733 मतदान केंद्र हैं, जिनकी संख्या में करीब एक से दो हजार तक इजाफा हो सकता है। खास बात यह है कि ये मतदान केंद्र ही अगले विधानसभा चुनाव में होंगे। मतदान केंद्रों की जानकारी 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची से मिल सकेगी।

 

बदरीनाथ में चढ़ावे की जांच: आरोपी कर्मचारी की ड्यूटी बदली; BKTC ने प्रोटोकॉल व थाली भेंट गणना कार्य से हटाया

संबंधित कर्मचारी की तैनाती पूर्व में बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में थी। इस वर्ष उसे बदरीनाथ धाम में नियुक्त किया गया था। हाल ही में उस पर आर्थिक अनियमितता और चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप लगने के बाद बीकेटीसी ने मामले की जांच शुरू की है

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच के बीच बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आरोपी कर्मचारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटा दिया है। समिति ने उसे फिलहाल प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना (दान एवं चढ़ावे की रकम की गणना) की ड्यूटी से मुक्त कर दिया है।

आरोपी कर्मचारी बदरीनाथ धाम में प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से जुड़ा हुआ था। ये दोनों व्यवस्थाएं मंदिर संचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। प्रोटोकॉल व्यवस्था में पांच कर्मचारी तैनात रहते हैं जबकि थाली भेंट गणना कार्य में छह कर्मचारी अपनी सेवाएं देते हैं। आरोपी कर्मचारी को प्रोटोकॉल का नोडल अधिकारी भी बनाया गया था।
सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आरोपी कर्मचारी को प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। 

बीकेटीसी ने बनाई चार सदस्यीय समिति

बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के एक कर्मचारी पर लगे आर्थिक हेराफेरी के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीसीटीवी की जांच के लिए आंतरिक टीम (विभागीय) भी गठित कर दी गई है।

चढ़ावा प्रकरण पर तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने जताई चिंता

उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण पर चिंता व्यक्त की है। कहा इस तरह की घटना से मंदिर समिति की छवि खराब होने के साथ ही श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। महापंचायत ने कहा इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।

चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं महासचिव डॉ. बृजेश सती ने संयुक्त बयान में कहा कि एक माह के अंदर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष की ओर से दो जांचों के आदेश दिए गए हैं। इसमें एक जांच का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। इस बीच एक और जांच के आदेश दिए गए हैं। महापंचायत पदाधिकारियों ने कहा इस तरह की घटना से करोड़ों सनातन धर्मवालंबियों की भावना आहत हो रही है। इससे गलत संदेश जा रहा है। कहा विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर की छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महा पंचायत ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर समिति को कठोर कदम उठाने का सुझाव दिया।

कांग्रेस ने लगाए कई गंभीर आरोप

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे के पैसों में हेराफेरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मांग की है कि प्रकरण की जांच पूरी होने तक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को भंग किया जाए। प्रदेश सरकार को इस मामले की गंभीरता से निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। नगर कांग्रेस कमेटी ने पत्रकार वार्ता में सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता कमल रतूड़ी ने कहा कि बदरीनाथ व केदारनाथ में लगातार कई मामले सामने आए, लेकिन आज तक कोई भी जांच पूरी नहीं हुई। कमल रतूड़ी ने कहा कि बीकेटीसी के अध्यक्ष पद पर काबिज व्यक्ति पूर्व में कई आरोपों से घिरे हुए हैं इसलिए पूरी बदरीनाथ-केदारनाथ कमेटी को भंग कर निष्पक्ष जांच की जाए।

 

Uttarakhand: विवादित संपत्ति पर किरायेदार को बिजली कनेक्शन का है अधिकार, विद्युत लोकपाल के दो अहम फैसले

विवादित संपत्ति पर किरायेदार को बिजली कनेक्शन का अधिकार है। विद्युत लोकपाल ने दो अहम फैसले सुनाए हैं।

उत्तराखंड के विद्युत लोकपाल ने उपभोक्ताओं और यूपीसीएल से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अहम फैसले सुनाए हैं। एक तरफ किरायेदार के बिजली कनेक्शन के अधिकारों को स्पष्ट किया गया है तो दूसरी तरफ रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के रखरखाव की जिम्मेदारी तय की गई है।

हरिद्वार निवासी आशा अग्रवाल की अपील पर सुनवाई करते हुए लोकपाल डीपी गैरोला ने यूपीसीएल को निर्देश दिया है कि वह आवेदक से तीन गुना सुरक्षा राशि लेकर 15 दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन जारी करे। यूपीसीएल ने अग्रवाल के नए बिजली कनेक्शन के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि संपत्ति के मालिक (ट्रस्ट) के साथ उनका विवाद सिविल न्यायालय में लंबित है। उनका किराया समझौता भी समाप्त हो चुका है।

लोकपाल ने माना कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 43 और 44 के तहत, परिसर का कोई भी वास्तविक कब्जेदार बिजली आपूर्ति की मांग करने का हकदार है। चूंकि अदालत ने किरायेदार की बेदखली पर रोक लगा रखी है, इसलिए वह अभी भी परिसर की वैध कब्जेदार हैं और उन्हें बिजली कनेक्शन से वंचित नहीं किया जा सकता। नियामक आयोग के सप्लाई कोड रेगुलेशन 2020 के अनुसार, यदि आवेदक सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो यूपीसीएल तीन गुना सुरक्षा राशि लेकर कनेक्शन जारी कर सकता है।

रूफटॉप सोलर प्लांट के खराब प्रदर्शन की जवाबदेही यूपीसीएल की नहीं

टिहरी गढ़वाल के सुंदर मणि डबराल की अपील को खारिज करते हुए लोकपाल ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता के परिसर में लगे रूफटॉप सोलर प्लांट की उत्पादन क्षमता और उसके रखरखाव के लिए यूपीसीएल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उपभोक्ता ने पत्नी के नाम पर तीन किलोवाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट लगाया था।

उपभोक्ता का आरोप था कि फर्म की लापरवाही और खराब आफ्टर-सेल सर्विस के कारण इन्वर्टर खराब रहा और प्लांट मानकों के अनुसार बिजली पैदा नहीं कर सका। इस वजह से उन्हें बिजली का भारी भरकम बिल मिला, जिसे उन्होंने यूपीसीएल से माफ करने या संबंधित फर्म से वसूलने की मांग की थी।

लोकपाल डीपी गैरोला ने अपने आदेश में कहा है कि यूपीसीएल के साथ हुए समझौते के क्लॉज 7.3 के अनुसार, इंटरकनेक्शन पॉइंट से पहले सोलर प्लांट के सुरक्षित संचालन, रखरखाव और खराबी को ठीक करने की पूरी जिम्मेदारी स्वयं उपभोक्ता की होती है। यूपीसीएल यह सुनिश्चित करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है कि सोलर प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है या नहीं। लोकपाल ने मामला उपभोक्ता और प्लांट लगाने वाली कंपनी के बीच का मानते हुए याचिका खारिज कर दी। उपभोक्ता को अपना बकाया बिल चुकाना होगा।

 

Uttarakhand Board: फेल छात्र-छात्राओं के लिए पास होने का मौका, 22 जुलाई से शुरू होगी अंक सुधार परीक्षा

परीक्षा वर्ष 2026 प्रथम और वर्ष 2025 तृतीय की परीक्षाएं 22 जुलाई से शुरू होंगी। जो 29 जुलाई तक चलेंगी।

उत्तराखंड बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया। परीक्षा 22 जुलाई से होगी। इसके तहत छात्र न सिर्फ अंक सुधार सकेंगे बल्कि इस परीक्षा के माध्यम से 10 वीं और 12 वीं के फेल छात्र-छात्राओं को पास होने का मौका दिया जाएगा।

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक परीक्षा समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि परीक्षा वर्ष 2026 प्रथम और वर्ष 2025 तृतीय की परीक्षाएं 22 जुलाई से शुरू होंगी। जो 29 जुलाई तक चलेंगी। 22 जुलाई को पहले दिन हाईस्कूल की हिंदी एवं इंटरमीडिएट की हिंदी, कृषि, अंग्रेजी व संस्कृत की परीक्षा होगी। 23 जुलाई को हाईस्कूल की उर्दू व अंग्रेजी, इंटरमीडिएट की इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान, ड्राइंग एंड पेंटिंग, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, समाज शास्त्र, शिक्षा शास्त्र व सैन्य विज्ञान की परीक्षा होगी।
24 जुलाई को हाईस्कूल की संस्कृत, इंटरमीडिएट की गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, लेखा शास्त्र, व्यावसायिक अध्ययन व कंप्यूटर साइंस की परीक्षा होगी। 27 जुलाई को हाईस्कूल की गणित, गृह विज्ञान, 28 जुलाई को हाईस्कूल की विज्ञान एवं 29 जुलाई को हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। जबकि 29 जुलाई को इंटरमीडिएट की कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र सहित कुछ अन्य विषयों की परीक्षा होगी।

एक और दो विषय में फेल छात्र दे सकेंगे परीक्षा

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक हाईस्कूल में दो विषयों एवं इंटरमीडिएट में एक विषय में फेल छात्र-छात्राएं परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा वे छात्र भी परीक्षा दे सकेंगे जो यह समझते हैं कि उनके अंक कम आए हैं, इसमें सुधार के लिए वे परीक्षा दे सकेंगे।

24 हजार छात्र देंगे परीक्षा

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के मुताबिक परीक्षा में हाईस्कूल के 13000 और इंटरमीडिएट के 11000 छात्र परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए राज्य में 97 केंद्र बनाए गए हैं।