हल्द्वानी पहुंचे नितिन नवीन: कांग्रेस पर बरसे, कहा- दलितों का अपमान करने वाले कभी सम्मान नहीं कर सकते

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और खरगे पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस कांग्रेस का इतिहास दलितों के अपमान का रहा हो, वह कभी सम्मान नहीं कर सकती।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हल्द्वानी से कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस का इतिहास दलितों का अपमान करने का रहा हो, वो कभी सम्मान नहीं कर सकते।

बुधवार को हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा का झंडारोहण करके की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तुष्टिकरण, सीमा सुरक्षा और दलित उत्पीड़न के मुद्दों पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को निशाने पर लिया। कहा कि कांग्रेस देश को बांटने की राजनीति कर रही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल मियां, आप विदेश में पले-बढ़े हैं। इसलिए वंदे मातरम की भावना को नहीं समझ सकते। सनातन परंपरा को गाली दी जाए तो कांग्रेस को दर्द नहीं होता, लेकिन वंदे मातरम से दर्द होता है। 2047 के विकसित भारत का शंखनाद वंदे मातरम ही बनेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की राजनीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास दलितों के अपमान का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहेब आंबेडकर को हराने से लेकर बाबू जगजीवन राम के साथ दुर्व्यवहार, राजस्थान में अपने ही अध्यक्ष की पिटाई और कर्नाटक में दलित नेता पर अत्याचार के मामलों पर राहुल गांधी और कांग्रेस का संविधान प्रेम मौन हो जाता है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की सोच पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले सीमाओं पर सड़कें बनाने से डरते थे और सीमांत गांवों कोअंतिम गां माना जाता था, लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें ”प्रथम गांव” का दर्जा दिया। आज लाल चौक पर पाकिस्तानी झंडा नहीं, शान से तिरंगा लहराता है और भारत ईंट का जवाब पत्थर से देता है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व सीएम तीरथ रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी अपने विचार रखे।

2027 का रोडमैप : बूथ जीतो, चुनाव जीतो
कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए नितिन नवीन ने कहा कि संगठन मजबूत होने के बावजूद अति-आत्मविश्वास में बैठने की जरूरत नहीं है। 2027 हमारे सामने एक चुनौती भी है और ताकत दिखाने का समय भी। देश को बांटने की कोशिश करने वालों को जनता जवाब देगी। हर कार्यकर्ता जनता से सीधा संवाद साधे। बूथ जीतो, चुनाव जीतो के संकल्प के साथ बिना थके, बिना रुके काम करना है। यह दशक उत्तराखंड का दशक है और 2027 में प्रचंड बहुमत के साथ 2029 का लक्ष्य भी पूरा होगा।

उत्तराखंड पीएम मोदी को ऊर्जा देने वाली मनभूमि
अध्यक्ष नितिन ने अपने भाषण की शुरुआत उत्तराखंड की ऊर्जा देने वाली देवभूमि से की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि गुजरात, कर्मभूमि वाराणसी और मनभूमि उत्तराखंड है। यहीं से ऊर्जा लेकर वे 140 करोड़ देशवासियों की सेवा करते हैं।

उत्तराखंड जिला सहकारी बैंक चुनाव: गढ़वाल मंडल में भाजपा का क्लीन स्वीप; अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर सभी प्रत्याशी

गढ़वाल मंडल के छह जिला सहकारी बैंकों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के समर्थित प्रत्याशियों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू किया गया।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, आम लोगों ने भाजपा की नीतियों पर भरोसा जताया है। उन्होंने निर्विरोध निर्वाचित सभी प्रत्याशियों को बधाई दी। रावत ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देंगे। गढ़वाल मंडल के देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल (कोटद्वार), टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार जिलों में ये चुनाव हुए। इन सभी जिलों में भाजपा के समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। देहरादून में मनजीत सिंह, चमोली में गजेंद्र सिंह रावत और उत्तरकाशी में शारदा राणा अध्यक्ष बनीं।
पौड़ी गढ़वाल में पंकज रावत, टिहरी गढ़वाल में सुभाष चंद्र और हरिद्वार में बिजेंद्र चौधरी अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। इसके अलावा, सभी छह जिला सहकारी बैंकों में उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। उपाध्यक्ष पदों पर हुए चुनाव में देहरादून से भीम सिंह, चमोली में आरती देवी, हरिद्वार में सुशील राठी, टिहरी गढ़वाल में विनोद रावत, उत्तरकाशी में हरिओम सिंह, कोटद्वार में सुरेंद्र प्रताप सिंह उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। सहकारिता चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू किया गया है। यह कदम महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। प्रदेश के कुल दस जिला सहकारी बैंकों में से उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में अध्यक्ष पद महिला आरक्षित है। इन तीन जिलों में महिला अध्यक्ष निर्वाचित होंगी।
कुमाऊं मंडल में 10 और 11 को होंगे चुनाव
जिला सहकारी बैंकों के चुनाव दो चरणों में संपन्न हो रहे हैं। पहले चरण में गढ़वाल मंडल के छह जिला सहकारी बैंकों के चुनाव पूरे हो चुके हैं। कुमाऊं मंडल में जिला सहकारी बैंकों के चुनाव 10 और 11 सितंबर को आयोजित होंगे।

गढ़वाल मंडल में सहकारिता चुनावों के तहत जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं निदेशक पदों पर निर्विरोध निर्वाचित सभी प्रत्याशियों को बधाई, मुझे विश्वास है कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी सहकारिता आंदोलन को नई गति और दिशा प्रदान करेंगे।
-डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री

उत्तराखंड: आज शुरू होगी मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना; युवाओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए उपयोगी साबित होगी। अब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

प्रदेश के युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी आज ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे। योजना के तहत राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के आड़े न आए।
योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों तथा शासकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। इसमें संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षाओं, रक्षा सेवा परीक्षा, बैंकिंग, रेलवे और कर्मचारी चयन आयोग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं।
इसके अलावा सामान्य प्रवेश परीक्षा, प्रबंधन अभिरुचि परीक्षा, अभियांत्रिकी में स्नातक अभिरुचि परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा जैसी उच्च शिक्षा एवं पात्रता परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी युवाओं को मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए उपयोगी साबित होगी। अब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वे घर बैठे ही विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

उत्तराखंड: प्रदेश के चार हजार सार्वजनिक उपक्रमों की जानकारी होगी सार्वजनिक, 17 बिंदुओं पर देना होगा ब्योरा

 

पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उत्तराखंड में सार्वजनिक संस्थाओं के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब लोगों को संस्थाओं से जुड़ी अहम जानकारियां एक ही जगह आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

उत्तराखंड के करीब चार हजार सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थाओं को अब अपनी प्रमुख जानकारियां जनता के सामने सार्वजनिक करनी होंगी। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सभी संबंधित संस्थाओं को 17 बिंदुओं में अपना मैनुअल तैयार कर वेबसाइट और बोर्ड नोटिस के माध्यम से उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। इसमें संस्था के गठन का उद्देश्य, कर्मचारियों की संख्या और उनके मासिक वेतन समेत जरूरी सूचनाएं शामिल होंगी।

सार्वजनिक उपक्रमों की परिभाषा के दायरे में आने वाली इन संस्थाओं को स्वयं के स्तर पर मैनुअल जारी करना होगा। सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय में इसे लागू कराने की जिम्मेदारी सूचना आयोग की बताई गई है। कार्मिक मंत्रालय भी इस संबंध में पूर्व में दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।

15 फरवरी 2027 तक देनी होगी ऑडिट रिपोर्ट

मैनुअल की व्यवस्था की जांच के लिए राज्य की दो निजी संस्थाओं को ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है। ये संस्थाएं सभी सार्वजनिक उपक्रमों का निरीक्षण कर मैनुअल की हार्ड या सॉफ्ट कॉपी समेत ऑडिट रिपोर्ट 15 फरवरी 2027 तक उत्तराखंड सूचना आयोग के समक्ष पेश करेंगी। ऑडिट में खरा न उतरने वाली संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। आयोग ऐसे मामलों में उच्च संस्थाओं को रिपोर्ट भी भेज सकता है।

हर साल अपडेट करनी होगी जानकारी

 

17 बिंदुओं के मैनुअल में स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों की संख्या, उन्हें मिलने वाले मासिक वेतन और संस्था किस सेवा के लिए स्थापित की गई है, इसकी जानकारी देनी होगी। यह जानकारी बोर्ड नोटिस के माध्यम से भी सार्वजनिक करनी होगी। सार्वजनिक उपक्रमों के लिए मैनुअल की सूचनाओं को हर साल अपडेट करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

कई बार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को न समझते हुए जनता के कार्यों में टालमटोल करते हैं। इससे जनता और राज्य दोनों का नुकसान होता है। मैनुअल सार्वजनिक होने से विभाग की कार्यक्षमता और जिम्मेदारियों को लेकर पारदर्शिता आएगी और लोगों के कामकाज में तेजी आएगी। – राधा रतूड़ी, मुख्य सूचना आयुक्त

 

यूपीसीएल: 5900 करोड़ की याचिका पर आधे घंटे में खत्म हुई जनसुनवाई, आपत्ति के लिए सिर्फ एक उद्यमी पहुंचे

5900 करोड़ की मांग वाली यूपीसीएल की याचिका पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में हुई जनसुनवाई को लेकर खास प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। तय प्रक्रिया के तहत हुई सुनवाई में आपत्ति दर्ज कराने के लिए केवल एक उद्यमी पहुंचे।

उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की उत्तर प्रदेश से बंटवारे के एवज में ट्रांसफर स्कीम के तहत 5900 करोड़ की मांग याचिका पर जनसुनवाई आधे घंटे भी नही चल पाई। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में याचिका पर आपत्ति दर्ज करने के लिए सिर्फ उद्यमी राजीव अग्रवाल पहुंचे।

बुधवार को विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल की याचिका पर जनसुनवाई रखी थी। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद की अध्यक्षता में शुरू हुई जनसुनवाई में सिर्फ इंडस्ट्री एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के प्रतिनिधि के रूप उद्यमी राजीव अग्रवाल ने याचिका पर आपत्ति जता

ई। उन्होंने कहा, राज्य गठन के 25 साल बाद भी यूपीसीएल परिसंपत्तियों व देनदारियों के मसले को समाधान नहीं कर पाया है। यूपीसीएल का बैलेंस शीट्स पर 5900 करोड़ की मांग कर रही है। उत्तर प्रदेश से परिसंपत्तियों के बंटवारे को भौतिक रूप से परीक्षण किया जाना चाहिए।

यूपीसीएल के अधिकारियों ने आयोग के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि 2003 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन व यूपीसील के बीच ट्रांसफर स्कीम के तहत 1058 करोड़ की सकल अचल संपत्ति हस्तांतरित की गई। लेकिन गणना में 508 करोड़ की संपत्ति को आधार माना गया।

इससे यूपीसीएल को आर्थिक नुकसान हुआ है। जबकि इक्विटी पर रिटर्न व ब्याज के रूप में कुल 5900 करोड़ रुपये की मांग की है। इसमें कैरिंग कॉस्ट भी शामिल है। जनसुनवाई में आयोग के सदस्य प्रशांत किशोर डिमरी, अनुराग शर्मा, आयोग के सचिव नीरज सती मौजूद रहे।

उत्तराखंड: सितंबर की शुरुआत में ही आपदा जैसे हालात, मूसलाधार बारिश ने बढ़ाईं मुश्किलें, बीते साल की याद ताजा

सितंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बारिश तेज होने पर सड़कों और गलियों में पानी की निकासी धीमी पड़ गई।

इस साल भी सितंबर की शुरुआत में ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते साल 15-16 सितंबर को मूसलाधार बारिश के बाद दून में बने आपदा जैसे हालात की याद इस महीने के पहले ही दिन ताजा हो गई। मंगलवार को सुबह से ही पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा।

दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में देहरादून में 59.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में इस अवधि की सामान्य बारिश 11.8 एमएम है। ऐसे में सामान्य के मुकाबले 402 फीसदी अधिक बारिश हुई।

सड़कें बनीं तालाब, गलियों में भरा पानी

दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। बारिश तेज होने पर सड़कों और गलियों में पानी की निकासी धीमी पड़ गई। इससे वाहन चालकों के साथ पैदल आवाजाही करने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क किनारे और निचले हिस्सों में पानी जमा होने से लोगों को संभलकर निकलना पड़ा।

बागेश्वर में सबसे ज्यादा बारिश, प्रदेश में भी दोगुने से ज्यादा

प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 27.1 एमएम बारिश दर्ज की गई जोकि सामान्य बारिश 9.3 एमएम के मुकाबले 192 फीसदी अधिक है। बागेश्वर में सबसे ज्यादा 61.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद देहरादून में 59.3, चंपावत में 51.1 और नैनीताल में 34 एमएम बारिश हुई। पिथौरागढ़ में 33.9, रुद्रप्रयाग में 29.5, टिहरी में 28, अल्मोड़ा में 24.9 और ऊधमसिंह नगर में 23.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश का असर केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहा। पहाड़ी जिलों में भी दिनभर बारिश होती रही।

उत्तराखंड: मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास भू-धंसाव, थराली-देवाल के पास चट्टान खिसकी, वाहन फंसे

मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास भू-धंसाव होने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं थराली-देवाल मार्ग पर चट्टान खिसकने से कई वाहन फंस गए, जिससे आवाजाही बाधित हो गई।

मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास आज मंगलवार सुबह करीब पांच बजे भू-धंसाव होने से सड़क यातायात के लिए बंद हो गया। मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई। सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने मौके पर जेसीबी मशीन लगाकर मलबा हटाने और सड़क खोलने का कार्य शुरू कर दिया।

लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता प्रदीप सिंह शाही ने बताया कि मौके पर रोड़ कटिंग कार्य चल रहा है। इस स्थान पर हिल साइड कटिंग का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीम लगातार सड़क खोलने में जुटी हुई है। जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं मार्ग बंद होने से मसूरी और देहरादून के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोनो तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है।

थराली-देवाल रोड पर चट्टान खिसकी, 50 से अधिक वाहन फंसे
स्टेट हाईवे थराली-देवाल रोड कोठी-नंदकेशरी के बीच चट्टान खिसकने से बंद हो गया है। सड़क बंद होने के कारण दोनों तरफ उत्तराखंड परिवहन निगम की बस समेत 50 से अधिक वाहन फंस गए हैं। मार्ग अवरुद्ध होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चट्टान हटाने और यातायात बहाल करने के लिए संबंधित विभाग की कार्रवाई का इंतजार है।

ऋषिकेश हादसा: मालाकुंठी के पास डंपर और कार की टक्कर, वाहन के अंदर ही फंसे दो भाई-बहनों की दर्दनाक मौत

मालाकुंठी के पास डंपर और कार की टक्कर से कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के बाद कार में फंसे दो भाई-बहनों की दर्दनाक मौत हो गई।

मालाकुंठी के पास डंपर और एक कार के बीच टक्कर हो गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण वाहन में सवार चार लोग कार के अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ ब्यासी की टीम मौके के लिए रवाना हुई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई।

सोमवार सुबह ब्यासी के समीप हुई दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई। दोनों मृतक भाई बहन बताए जा रहे हैं। थाना मुनि की रेती के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान ने बताया कि एक कार और डंपर में भिड़त हो गई थी। जिसमें ऋषभ सेमवाल (22) पुत्र राकेश सेमवाल व रक्षा सेमवाल (24) पुत्री राकेश सेमवाल निवासी श्रीनगर की मौत हो गई। जबकि घटना में सुहानी पुत्री कमल सिंह निवासी रानीहाट कीर्तिनगर व ईशानी गौड़ पुत्री संजीव गौड़  घायल हो गए।
एसडीआरएफ ब्यासी से मुख्य आरक्षी मोहन सिंह ने बताया कि टक्कर के बाद कार में सवार लोग वाहन के अंदर फंस गए थे। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया।

सीएम धामी की बड़ी घोषणा: हाईटेक टॉयलेट और पिंक ई-बस; अब 60 वर्ष की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि प्रदेश में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में मिलने वाली मुफ्त सफर की सुविधा अब महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से लागू की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाने की घोषणा की है। इन टॉयलेट्स में स्वच्छता के साथ-साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की गरिमा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर आधुनिक एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराकर महिलाओं के लिए अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।

60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को बड़ी सौगात दी। सीएम  घोषणा की कि प्रदेश में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में मिलने वाली मुफ्त सफर की सुविधा अब महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से लागू की जाएगी। इससे प्रदेश की अधिकाधिक बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

10 पिंक ई-बसें महिलाओं को होंगी समर्पित

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।

महिला स्वरोजगार योजना में ऋण की सीमा बढ़ेगी

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

चकरपुर में मुख्यमंत्री ने बहनों से बंधवाई राखी

रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपस्थित बहनों ने मुख्यमंत्री को भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षासूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का अभिवादन करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

 

देहरादून क्राइम: कंपनी का एमडी बताकर व्हाट्सप्प के जरिये 3.20 करोड़ की साइबर ठगी, आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार

एक मैसेज से शुरू हुआ भरोसा कंपनी के लिए करोड़ों रुपये के नुकसान में बदल गया।
प्रोजेक्ट भुगतान के नाम पर जालसाजों ने कंपनी के जनरल मैनेजर को विश्वास में लेकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करा ली।

कंपनी के उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बनकर व्हाट्सप्प के जरिए करीब 3.20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एसटीएफ की साइबर टीम ने एक आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चन्द्र कांत मिश्रा निवासी ग्रीन फील्ड सिटी, महेशतल्ला, कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एचपी कंपनी का लैपटॉप बरामद हुआ है।

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मामले की जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने कंपनी के जनरल मैनेजर से व्हाट्सप्प के माध्यम से संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को कंपनी का उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बताते हुए प्रोजेक्ट के एडवांस पेमेंट और अन्य जरूरी भुगतानों के नाम पर जनरल मैनेजर को विश्वास में लिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इसी क्रम में श्याम ट्रेडिंग कंपनी के बैंक खाते में भी रकम भेजी गई। इस तरह करीब 3.20 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
सहयोगियों के बारे में पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ  के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने साइबर टीम को तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद कोलकाता पहुंची और आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में आरोपी के लैपटॉप से विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं से संबंधित एडिटेबल दस्तावेज, बैंक लोन आवेदन, आधार कार्ड व पैन कार्ड की प्रतियां समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस आरोपी से ठगी में उसकी भूमिका, रकम के लेन-देन और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
एसटीएफ के अनुसार, इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।