उत्तराखंड में उपभोक्ताओं को झटका 9.64 फीसदी महंगी हुई बिजली, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

Electricity Tariff in Uttarakhand: यूपीसीएल ने 16.96 प्रतिशत, यूजेवीएनएल ने करीब दो और पिटकुल ने नौ प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। इस पर जनसुनवाई के बाद आयोग ने करीब 12 प्रतिशत बढ़ोतरी का निर्णय लिया था। लेकिन आयोग ने बिजली दरों में 9.64% की ही बढ़ोतरी की है।

उत्तराखंड में अब बिजली महंगी हो गई है। विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में 9.64% की बढ़ोतरी की है। गुरुवार को नियामक आयोग के अध्यक्ष डी.पी गैरोला और सदस्य तकनीकी एम.के जैन ने टैरिफ जारी किया। बिजली की नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। बता दें कि इस साल नए वित्तीय वर्ष के लिए यूपीसीएल ने 16.96 प्रतिशत, यू.जे.वी.एन.एल ने करीब दो और पिटकुल ने 9 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। इस पर जनसुनवाई के बाद आयोग ने करीब 12 प्रतिशत बढ़ोतरी का निर्णय लिया था। लेकिन आयोग ने बिजली दरों में 9.64% की ही बढ़ोतरी की है।

ये लिए गए निर्णय :

  • बिजली दरों में 9.64% की बढ़ोतरी की गई है।
  • प्रदेश के चार लाख घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
  • आयोग ने फिक्स चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया है।
  • करीब 7000 मत्स्य पालक अब कॉमर्शियल के बजाय कृषि उपभोक्ता के तौर पर बिजली का लाभ ले सकेंगे।
  • 10 दिन में बिल का डिजिटल भुगतान करने पर उपभोक्ता को 1.50% और अन्य माध्यम से 1% की छूट मिलेगी।
  • किसान अगर ट्यूबवेल का बिल एक माह में जमा कराएगा तो उसे 5% की छूट दी जाएगी।

 

किस श्रेणी में कितनी महंगी होगी बिजली

घरेलू – 6.98%
अघरेलु – 11.41%
गवर्नमेंट पब्लिक यूटिलिटी – 14.16%
प्राइवेट ट्यूबवेल – 7.61%
एलटी इंडस्ट्री – 11.21%
एचटी इंडस्ट्री – 11.05%
मिक्स लोड – 15.54%
रेलवे – 22.12%
ईवी चार्जिंग स्टेशन – 13.64%

 

 

Navratri 9th Day 2023: कल महानवमी पर होगी मां सिद्धिदात्री की पूजा ,शुभ मुहूर्त, महानवमी का महत्व

Navratri 9th Day 2023 चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 22 मार्च 2023 को हुई थी आज 30 मार्च 2023 को राम नवमी पर इसका समापन है. नवरात्रि के 9 दिन शक्ति साधना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं. खासकर नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व है. आज महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी. चैत्र नवरात्रि व्रत मां के नौ स्वरूपों की पूजा करने का समय होता है. पूरे नौ दिन माता का उपवास कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. नवरात्रि का आठवां और नौवां दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है. इन दोनों दिनों में से किसी भी दिन व्रत करने वाले उपवास खोल सकते हैं.

इन दिनों में भक्त अपनी कुल देवी की पूजा करते हैं, जागरण, भजन-कीर्तन, मंत्र जाप करते हैं. माता की उपासना के बाद 9 कन्याओं की पूजा की जाते है और नवमी के दिन हवन कर जवारे विसर्जित किए जाते हैं. नवां दिन-तारीख-नवरात्रि के नौवां दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा का विधान होता है. इस दिन देवी सिद्धिदात्री को हलवा-पूड़ी और खीर का भोग लगा कर कन्या पूजन करना चाहिए.

30 मार्च 2023-मां सिद्धिदात्री

महानवमी 29 मार्च को रात्रि 09: 07 से  आरंभ होगी और 30 मार्च को रात्रि 11: 30 मिनट तक रहेगी.  इसीलिए कन्या पूजन 30 मार्च को किया जाएगा.

महानवमी कन्या पूजन शुभ मुहूर्त

सर्वार्थ सिद्धि योग
30 मार्च- सुबह 06:14 से 31 मार्च, प्रातः 06:12 मिनट तक

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह -प्रातः 04: 41 मिनट से प्रातः 05: 28 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11: 45 मिनट से दोपहर 12: 30 मिनट तक

पुनर्वसु नक्षत्र
रात्रि 10: 58 मिनट तक रहेगा. ये योग कन्या पूजन  के लिए अतिशुभ माना जाता है।.

पूजा मंत्र
देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्तिथा, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

महानवमी का महत्व
पुराणों में मान्यता है कि नवरात्रि के इन 9 दिनों में जो भी कोई पूर्ण श्रद्धा भाव से माता रानी की पूजा करता है उसे मां का असीम आशीर्वाद प्राप्त होता है. उसके सभी दुख दूर हो जाते हैं. माता को श्रृंगार की वस्तुएं दान करने से वैवाहिक जीवन में प्यार ही प्यार घुलता है.

 

 

 

उत्तराखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद में 13 जनप्रतिनिधि नामित, 17 अप्रैल को बैठक

देहरादून। उत्तराखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद में गैर सरकारी सदस्य के रूप में 13 जनप्रतिनिधियों को नामित करने की स्वीकृति के बाद प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने सभी नामित सदस्यों को बधाई दी है। मंत्री ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण परिषद में सभी सदस्यों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है।

17 अप्रैल को होगी बैठक

मंत्री ने बताया कि आगामी 17 अप्रैल को उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक करवायी जाएगी ताकि प्रदेश में नरेगा योजना के अर्न्तगत स्वीकृति कार्यो के क्रियान्वयन की स्थिति और आगामी समय के लिए कार्ययोजना की समीक्षा हो सके।

नरेगा, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना है। राज्य रोजगार गारंटी परिषद्, जो राज्य स्तरीय शीर्षस्थ संस्था है, न केवल समय-समय पर राज्य में महात्मा गाँधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करती है बल्कि राज्य एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के दृष्टिगत राज्यहित में योजनान्तर्गत आवश्यक सुधार भी प्रस्तावित करती है। इन सभी गैर सरकारी सदस्यों को अगले एक वर्ष के लिए नामित किया गया है।

गैर सरकारी सदस्य के रूप में 13 जनप्रतिनिधियों के नाम
हरिद्वार से जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, अल्मोड़ा से जिला पंचायत अध्यक्ष उमा सिंह, चमोली के घाट विकासखण्ड से प्रमुख भारती फरर्सवाण, टिहरी के नरेन्द्रनगर विकासखण्ड से प्रमुख राजेन्द्र भण्डारी, देहरादून के कालसी विकासखण्ड से प्रमुख मठोर सिंह सहित अल्मोड़ा के लमगड़ा ब्लाक के ढ़ेली गांव की प्रधान ललिता ढेला, उत्तरकाशी के नौगांव ब्लाक के तियां गांव के प्रधान मुकेश थपलियाल, उध्धमसिंहनगर के बाजपुर ब्लाक के गणेशपुर गांव से प्रधान अनीता देवी, चम्पावत के सुयाल खर्क गांव से प्रधान मनोज तड़ागी, टिहरी के जाखणीधार से गड्डूगाड़ गांव से प्रधान जय सिंह, देहरादून के रायपुर ब्लाक के सेरागांव से प्रधान मीला राणा, नैनीताल के हल्द्वानी ब्लाक के बसंतपुर गांव से प्रधान किशोर सिंह चुफाल को उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद् में गैर सरकारी सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

 

Pharma Company License: सरकार का 18 फार्मा कंपनियों पर एक्शन, खराब क्वालिटी को लेकर लाइसेंस किए रद्द

News web media uttarakhand भारत सरकार ने मंगलवार (28 मार्च) को नकली और खराब क्वालिटी की दवाओं के निर्माण के लिए 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए हैं. इन कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग बंद करने को कहा गया है. ये आदेश नकली दवा और खराब गुणवत्ता वाली दवा बनाने वाली फार्मा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत आया है. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने कई दवा कंपनियों का निरीक्षण किया था.

केंद्र और राज्य की टीमों ने 20 राज्यों में औचक निरीक्षण किया और फिर ये कार्रवाई की गई. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को ये जानकारी दी. नकली दवाओं के निर्माण से संबंधित देश भर की फार्मा कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई चल रही है. करीब 15 दिन से अभियान चल रहा है.

इन राज्यों में की गई कार्रवाई

सूत्रों के हवाले से बताया है कि नकली दवाओं के निर्माण से जुड़ी देश भर की फार्मा कंपनियों पर भारी कार्रवाई की जा रही है. यह आदेश नकली दवा और खराब गुणवत्ता वाली दवा बनाने वाली फार्मा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत आया है. सूत्रों ने कहा, “हिमाचल प्रदेश में 70 कंपनियों और उत्तराखंड में 45 और मध्य प्रदेश में 23 कंपनियों पर सरकारी कार्रवाई के दौरान नकली दवाएं बनाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की गई.” 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं. इसके अलावा, 26 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.

भारतीय कंपनियों के खिलाफ मिल रही थी शिकायतें

इसके अलावा नोएडा में एक फार्मास्युटिकल फर्म के तीन कर्मचारियों को पिछले साल उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर खांसी की दवाई के कारण 18 बच्चों की मौत के बाद गिरफ्तार किया गया था. उन पर मिलावटी दवा बनाने और बेचने का आरोप था. वहीं बीते फरवरी के महीने में ही चेन्नई स्थित एक दवा कंपनी ने आई ड्रॉप की खेप को वापस मंगाया था. यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने संभावित संक्रमण के कारण एजरीकेयर आई ड्रॉप्स खरीदने या उपयोग नहीं करने को लेकर चेतावनी जारी की थी.

 

 

उत्तराखंड- यहां खाई में गिरी कार, चालक की दर्दनाक मौत

News web media uttarakhand : सोमेश्वर-अल्मोड़ा मोटरमार्ग में ऑल्टो कार नदी के पास खाई में जा गिरी। दुर्घटना में वाहन सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सोमवार की देर रात आल्टो कार संख्या यूके 04 – 0688 सोमेश्वर से अल्मोड़ा की ओर आ रही थी। भगतोला के पास अचानक वाहन अनियंत्रित होकर 150 मीटर नीचे नदी के किनारे खाई में जा गिरा। मंगलवार की सुबह आस-पास के लोगों ने वाहन को नदी किनारे गिरा देखा। इस दौरान लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस को वाहन के पास घायल हालत में एक व्यक्ति मिला। उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान बागेश्वर जिले के गरुड़ निवासी सुरेश जोशी पुत्र परमानंद जोशी के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर स्वजनों को सूचना दे दी। वहीं दुर्घटना के कारण की जानकारी लेने में जुट गई। वहीं शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई की गई।

 

 

 

जी-20 समिट : आज से पहली बैठक के लिए रामनगर तैयार, पहुंचेंगे 29 देशों के 56 डेलीगेट्स

रामनगर : उत्तराखंड के रामनगर में 28 से 30 मार्च तक चलने वाली जी-20 समिट आज मंगलवार से शुरू हो जाएगी। समिट में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए रामनगर तैयार है। आज रामनगर में राउंड टेबल कार्यक्रम की शुरुआत होगी। समिट में 29 देशों के 56 डेलीगेट्स पहुंच रहे हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेहमानों को पंतनगर एयरपोर्ट से रामनगर पहुंचाने की विशेष व्यवस्था रहेगी। एयरपोर्ट से गड़प्पू के बीच 350 स्थानों पर 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। रूट पर लगे 34 सीसीटीवी की निगरानी सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से की जा रही है।

नैनीताल के रामनगर में होने वाली चीफ साइंस एडवाइजर राउंड टेबल कार्यक्रम की पहली बैठक दो दिन चलेगी। इसके बाद 25 से 27 मई को नरेंद्रनगर, ऋषिकेश में दूसरी बैठक होगी। यह बैठक भ्रष्टाचार विरोधी कार्य समूह की होगी। तीसरी बैठक नरेंद्रनगर, ऋषिकेश में ही 26 से 28 जून को होगी। इस बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप मंथन करेगा।

  • इन देशों के डेलीगेट होंगे शामिल

ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (जी-20) एक अंतर सरकारी मंच है। इसमें 20 देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल होंगे। वहीं मित्र देश बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात के डेलीगेट भी शामिल होंगे।

  • विश्व की ये 13 संस्थाएं होंगी शामिल

केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने बताया कि समिट में विश्व की 13 संस्थाएं भी हिस्सा लेंगी। इसमें संयुक्त राष्ट्र (यूएन), अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), विश्व श्रम संगठन (आईएलओ), वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी), एटीडी (एशियाई विकास बैंक), ओईसीडी (ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट), एयू चेयर (अफ्रीकन यूनियन), नेपाड चेयर (न्यू पाटर्नरशिप फॉर अफ्रीकन डिपार्टमेंट), एशियन चेयर (एसोसिएट ऑफ साउथ एशिया नेशन), आईएसए (इंटरनेशनल सोलर एलायंस), सीडीआरआई (कोलेशन फॉर डिजाइटर रिजलिंट इनफारट्रेक्चर) शामिल हैं।

Badrinath Highway: डंपिंग जोन भरे…सड़क किनारे लगे मलबे के ढेर, यात्रा शुरू होने से पहले देखें क्या है हाल

Uttarakhand : बदरीनाथ हाईवे पर ऑल वेदर रोड परियोजना कार्य से निकले मलबे के निस्तारण के लिए एनएचआईडीसीएल को जगह नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि डंपिंग जोन भर गए जिस कारण हाईवे किनारे जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हुए हैं। अब यात्रा शुरू होने में एक माह से भी कम का समय रह गया है। अगर इस मलबे का निस्तारण नहीं किया गया तो यात्रा के दौरान वाहनों का दबाव बढ़ने से यहां आवाजाही में दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।

ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत बदरीनाथ हाईवे पर वर्ष 2018 से चौड़ीकरण कार्य किया जा रहा है। इन दिनों नंदप्रयाग से कंचनगंगा (120 किमी) तक हाईवे का विस्तार किया जा रहा है। जगह-जगह हो रहे हिल कटिंग कार्य से टनों मलबा निकल रहा है लेकिन इस मलबे के निस्तारण के लिए बदरीनाथ हाईवे पर जगह नहीं मिल पा रही है।

क्षेत्रपाल, छिनका, पाखी, बिरही ,हेलंग,,नंदप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी, पुरसाड़ी, मैठाणा, बाजपुर, मायापुर, गडोरा में डंपिंग जोन भर गए हैं, जिससे मलबा का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। बिरही चट्टान, क्षेत्रपाल, मायापुर, छिनका में भी हाईवे किनारे टनों मलबा पसरा है। एनएचआईडीसीएल ने जिला प्रशासन को डंपिंग जोन के लिए जगह चिन्हित करने का आग्रह किया है ताकि समय पर मलबे का निस्तारण किया जा सके।

बदरीनाथ हाईवे पर मलबे के ढेर वाहनों की आवाजाही में परेशानी खड़ी कर रहे हैं। कई जगहों पर मलबे से हाईवे संकरा हो गया है। इसके शीघ्र निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए।
– मनमोहन चतुरा, पूर्व अध्यक्ष, एनएसयूआई, चमोली।

 

मुख्यमंत्री धामी ने किया दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे के कार्यों का निरीक्षण, मार्च 2024 तक पूरा होगा काम, 2.5 घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली

News web media Uttarakhand : मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र दो से ढ़ाई घण्टे में पूर्ण होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से उत्तराखण्ड को बहुत फायदा होगा। दिल्ली और उसके आस-पास के लोगों को उत्तराखण्ड आने में काफी सुगमता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तेज गति से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में राज्य में आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर निर्माण कार्य मे लगे श्रमिकों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने एनएचआई के अधिकारियों से कहा कि इन श्रमिकों के स्वास्थ्य, रहने एवं खाने की व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 तक एक्सप्रेसवे के कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास किये जा रहे हैं, कि उससे पूर्व ही ये कार्य पूर्ण किये जाएं।

दिल्ली रह जाएगी 210 किमी दूर

अभी दिल्ली से देहरादून जाने में करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की होते हुए देहरादून जाने के लिए करीब 250 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। लेकिन, एक्सप्रेस-वे बनने के बाद यह दूरी 40 किमी घटकर महज 210 किमी रह जाएगी। इससे दो से ढाई घंटे में देहरादून पहुंचा जा सकेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, अगले साल से देहरादून से दिल्ली की दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी होगी। इससे दिल्ली और उसके आसपास के लोगों को उत्तराखंड आने में सुगमता होगी। राज्य में जिस तेज गति से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ रही, इससे आने वाले समय में राज्य में आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

Uttarakhand: अब 42 की उम्र वाले बन सकेंगे क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक, बनी नई नियमावली

News web Media uttarakhand : उत्तराखंड में अब 42 की उम्र वाले भी युवा कल्याण विभाग में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक बन सकेंगे। राज्य गठन के 22 साल बाद युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधीनस्थ सेवा की नई भर्ती सेवा नियमावली बन गई है। इसमें भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा को 30 से बढ़ाकर 42 साल किया गया है।

नियमावली के अनुसार व्यायाम प्रशिक्षक और क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के शत प्रतिशत पदों को आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से भरा जाएगा। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधीनस्थ सेवा नियमावली में क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के लिए शैक्षिक अर्हता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि या सरकार की ओर से उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कोई अन्य अर्हता रखी गई है, जबकि व्यायाम प्रशिक्षक के पद पर सीधी भर्ती के लिए विशारद की डिग्री को नई नियमावली में खत्म कर दिया गया है।

इसके स्थान पर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक को अनिवार्य किया गया है। इस पद के लिए एनआईएस पटियाला या उससे संबद्ध अन्य संस्थान से प्रशिक्षण में डिप्लोमा या लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान ग्वालियर से खेल कोचिंग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा धारक भी आवेदन कर सकेंगे।

बीपीएड, डीपीएड, बीपीई डिग्री धारक भी इसके लिए अर्ह होंगे। नियमावली में व्यायाम प्रशिक्षक, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के लिए शारीरिक दक्षता के मानक को भी स्पष्ट किया गया है। विभाग की ओर इसके लिए महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग न्यूनतम और अधिकतम अंक तय किए गए हैं।

क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के पद पर सीधी भर्ती में ऐसे अभ्यर्थियों को वरियता दी जाएगी, जिसने दो साल तक प्रादेशिक सेना में सेवा की हो, राष्ट्रीय कैडेट कोर का बी या सी प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो, जिसे किसी पद के संबंध में युवा कार्य का अनुभव हो या जिसने खेलकूद में दक्षता प्राप्त की हो। विकासखंड कमांडर, हल्का सरदार या दलपति के रूप में कम से कम तीन साल की सेवा की हो।

लक्ष्य सेन, चन्दन सिंह को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, सीएम धामी ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

News web media uttarakhand : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2021 एवं 2022 के राष्ट्रीय स्तर के 168 पदक विजेता खिलाड़ियों एवं 42 प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को कुल 2.08 करोड़ रूपये की धनराशि वितरित की गई। वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिन्टन खिलाड़ी लक्ष्य सेन, वर्ष 2020-21 के लिए एथलेटिक्स खिलाड़ी चन्दन सिंह को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।
देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिन्टन प्रशिक्षक धीरेन्द्र कुमार सेन, वर्ष 2020-21 के लिए ताईक्वांडो प्रशिक्षक, कमलेश कुमार तिवारी, एवं वर्ष 2021- 22 के लिए तीरंदाजी प्रशिक्षक संदीप कुमार डुकलान को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिए जाने पर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार वर्ष 2021-22 से एथलेटिक्स खिलाड़ी सुरेश चन्द्र पाण्डे को सम्मानित किया।

नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास

स दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर एवं पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। जब कोई खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहा होता है, तो पूरे देश की भावनाएं उससे जुड़ी होती हैं। राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना प्रारंभ की गई है। प्रत्येक जिले के 150 बालक और 150 बालिकाओं ,प्रदेश के कुल 3900 उभरते खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं।

2024 में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखण्ड करेगा

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक साल में खेल के क्षेत्र में अनेक निर्णय लिये हैं। राज्य में नई खेल नीति बनाई गई, जिसमें खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा दी जा रही है। पारंपरिक खेलों को भी खेल नीति में जोड़ा है। राज्य के 8 से 14 साल के 3900 बच्चों को प्रतिमाह 1500 रूपये की धनराशि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत दी जा रही है। 2024 में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखण्ड करेगा।