उत्तराखंड रजत जयंती: पुलिस लाइन में रैतिक परेड का आयोजन, राज्यपाल ने किया निरीक्षण, सीएम धामी ने की कई घोषणाएं

सीएम धामी ने कहा कि हमारे प्रदेश के उन सभी जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस के जवानों कर्मचारी शिक्षकों और नागरिकों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजंत जयंती के अवसर पर आज देहरादून पुलिस लाइन मं रैतिक परेड का आयोजन किया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने परेड का निरीक्षण किया।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, आस्था सेवा और उत्तरदायित्व का प्रतीक बने। हम संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में अपने राज्य को आदर्श के शिखर पर पहुंचाएंगे।

सीएम पुष्कर सिंह धामी राज्य आंदोलनकारियों को याद किया। ने कहा कि हमारे प्रदेश के उन सभी जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस के जवानों कर्मचारी शिक्षकों और नागरिकों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैं आज के इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले पुलिस वालों, एनसीसी कैडेट्स होमगार्ड स्काउट गाइड और सभी सांस्कृतिक दलों को भी साधुवाद देता हूं जिन्होंने परेड के माध्यम से अपनी शानदार प्रस्तुति और अनुशासन का परिचय दिया है। राज्य निर्माण के इन 25 वर्षों की यात्रा में हमारे राज्य ने अनेक चुनौतियों का और समस्याओं का सामना करते हुए आज देश के सशक्त राज्य के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हमें समय-समय पर कई प्राकृतिक आपदाओं और कठिन परिस्थितियों से भी जूझना पड़ा है

हमारे राज्य में चार धाम यात्रा कावड़ यात्रा कुंभ मेले जैसे भव्य आयोजनों के साथ ही राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी दबाव रहता है, यही नहीं हमारी विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों में राज्य की कानून व्यवस्था को बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती रही है लेकिन इन सभी कठिनाइयों के बीच उत्तराखंड पुलिस ने राज्य किया राज्य की आत्मा की प्रहरी और एक मुंह सड़क की भांति प्रत्येक मूर्ति पर डटे रहकर जन सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्षों से ढकी सीमाओं से लेकर मैदानी क्षेत्र तक तीर्थ यात्राओं की भीड़ से लेकर आपदाओं की विकट परिस्थितियों तक उत्तराखंड पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि सेवा परमो धर्म उनके आदर्श वाक्य मात्रा नहीं है बल्कि उनके जीवन का अटल संकल्प है साथियों यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि हमारी पुलिस ने महिला अपराधों के निराकरण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता हासिल की है शादी गृह मंत्रालय द्वारा जारी महिला अपराध एवं पक्ष अधिनियम के मामलों के निस्तारण में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर रहा है। यही नहीं नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत विकास के लक्षण को हासिल करने के इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है इसके साथ ही जहां हमारे चार गांव जल हरसिल गंजी और सूफी को देशभर में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है।

युवा तकनीक की भाषा समझे: राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह: उत्तराखंड पुलिस ने आधुनिक पुलिस बल के रूप में विशेष पहचान स्थापित की है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैयार किए हैं, जिससे दक्षता और बल बढ़ा है। सामुदायिक पुलिसिंग कर विशेष बल देकर जनता से सहयोग का सेतु तैयार किया है। 25 वर्षों का काल खंड , राज्य चार धाम से बढ़कर वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन वेडिंग डेस्टिनेशन योग आयुर्वेद कई दिशाओं में आगे बढ़ रहा है। जल जंगल और पहाड़ के संरक्षण में मातृ शक्ति का उल्लेखनीय योगदान रहा है। राज्य के विकास की धूरी हैं, स्वयं सहायता समूह से लेकर खेल रक्षा विज्ञान खेल आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है।

आज एआई के युग में हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड का युवा तकनीक की भाषा समझें। इसी दिशा से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। स्वदेशी के मंत्र के देश की प्रगति होगी, हमें वह सामान लेना चाहिए जो स्वदेशी हो, इस साल पीएम मोदी का सान्निध्य प्राप्त होना गर्व है। हम सब मिलकर संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रमुख घोषणाएं

  • साइबर अपराधों पर अंकुश के लिए साइबर कोऑर्डिनेशन केंद्र की स्थापना की जाएगी।
  • ड्रग्स फ्री देवभूमि हेतु एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का और विस्तार किया जाएगा।
  • राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत भोजन माता के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी।
  • राज्य में जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं से कृषि एवं उद्यान की फसलों की सुरक्षा के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी।
  • प्रदेश के पारंपरिक धौरे नाले आदि प्राकृतिक जल स्त्रोतों के संरक्षण पुनर्जीवन के लिए विशेष संवर्धन योजना प्रारंभ की जाएगी।
  • उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्र-छात्राओं में कौशल विकास के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे और सिविल सर्विसेज बैंकिंग मैनेजमेंट नीट आदि परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • मानसखंड मंदिर माला मिशन की तर्ज पर ही केदार खंड मंदिर माला मिशन का विकास किया जाएगा।
  • आदर्श चंपावत की भांति आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास भी उसी तर्ज पर आगे बढ़ाया जाएगा।
  • पूर्णागिरि कुमाऊंनी के शारदा कॉरिडोर एवं आदि कैलाश तथा गढ़वाल के अंजनी सेन एवं बेला केदार क्षेत्र को स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा
  • प्रत्येक जिला अस्पताल में डायबिटीज के लिए विशेष क्लीनिक खोले जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।

UK News: कुमाऊं विवि के 20वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू की शिरकत, विद्यार्थियों को दिए गोल्ड मेडल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) भी उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की बुद्धि और कौशल का विकास करना ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक बल और चरित्र को भी सुदृढ़ करना होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा हमें आत्मनिर्भर बनाती है, साथ ही हमें विनम्र होना और समाज व देश के विकास में योगदान देना सिखाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को वंचित वर्गों की सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित करें। उन्होंने कहा कि यही सच्चा धर्म है, जो उन्हें सच्चा सुख और संतोष प्रदान करेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। सरकार निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए अनेक नीतिगत पहल कर रही है। ये पहल युवाओं के लिए अनेक अवसर उत्पन्न कर रही हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों को चाहिए कि वे युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।

 

Uttarakhand: आज पहले कैंची धाम जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू, फिर कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में करेंगी शिरकत

राष्ट्रपति के कार्यक्रम और सुरक्षा दृष्टि के तहत कैंची धाम मंदिर समिति की ओर से मंगलवार की सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक कैंची धाम में श्रद्धालओं की आवाजाही बंद रखी गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार सुबह कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम और सुरक्षा दृष्टि के तहत कैंची धाम मंदिर समिति की ओर से मंगलवार की सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक कैंची धाम में श्रद्धालओं की आवाजाही बंद रखी गई है। उसके बाद राष्ट्रपति नैनीताल में कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी और 18 मेधावियों को मेडल प्रदान करेंगी।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राजभवन की 125वीं वर्षगांठ पर राजभवन के वर्चुअल टूर का लोकार्पण किया। कहा कि इसके माध्यम से लोग ऐतिहासिक राजभवन के डिजिटल भ्रमण का अनुभव कर सकेंगे। यह दर्शकों को इस भवन की स्थापत्य कला, प्राकृतिक सौंदर्य तथा ऐतिहासिक महत्व से रूबरू कराएगा। इस वर्चुअल टूर को राजभवन की वेबसाइट governoruk.gov.in पर भी देखा जा सकेगा।
राजभवन में हुए कार्यक्रम में राजभवन पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। फिल्म में नैनीताल की गौरवशाली विरासत राजभवन, इसके स्थापत्य सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व को संजोया गया है। इसके माध्यम से दर्शक ऐतिहासिक भवन के इतिहास, उसकी स्थापत्य विशेषताओं और राज्य की समृद्ध विरासत को जान सकेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्र भारत में राष्ट्रपति भवन गणराज्य का प्रतीक है, उसी प्रकार राज्यों में राजभवन लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है। उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद यह ऐतिहासिक भवन राज्य की प्रगति का अभिन्न हिस्सा बन गया है।

Uttarakhand: राज्य लोकसेवा आयोग ने प्रधानाचार्य पद पर भर्ती को किया रद्द, आठ फरवरी 2026 को होनी थी

शिक्षा सचिव ने 30 अक्तूबर को आयोग को पत्र भेजकर शासन की ओर से भर्ती के लिए भेजे गए अधियाचन को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर आयोग ने आठ फरवरी 2026 को होने वाली प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा को रद्द कर दिया।

राज्य लोक सेवा आयोग ने राजकीय इंटर काॅलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य व प्रधानाचार्या पद पर विभागीय भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। इस संबंध में राज्य लोकसेवा आयोग के शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है।

शिक्षा सचिव ने 30 अक्तूबर को आयोग को पत्र भेजकर शासन की ओर से भर्ती के लिए भेजे गए अधियाचन को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर आयोग ने आठ फरवरी 2026 को होने वाली प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा को रद्द कर दिया।
इस संबंध में राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव आलोक पांडेय ने शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है। बता दें कि प्रदेश के राजकीय इंटरमीडिट काॅलेजों में प्रधानाचार्य के 1385 पदों में से 1184 पद रिक्त हैं। सरकार ने इन पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशत पदों पर प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा कराने का फैसला किया था।

राजकीय शिक्षक संघ ने रैली स्थगित की
राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान व महामंत्री रमेश चंद्र पैन्यूली ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि शनिवार को मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री आवास कूच स्थगित कर दिया गया है। नौ अक्तूबर को संगठन से वार्ता हुई थी, उस वार्ता के क्रम में 34 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्यवाही नहीं होती है तो फिर से आंदोलन होगा।

Uttarakhand News: ठंड के साथ बिजली की मांग बढ़नी शुरू, आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंचा

ठंड के साथ बिजली की मांग बढ़नी भी शुरू हो गई है। मांग का आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया है।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों तक ठंड बढ़ने के कारण बिजली की मांग भी बढ़नी शुरू हो गई है। मंगलवार को मांग का आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया। दिवाली के दौरान मौसम में हल्की ठंडक थी लेकिन बिजली की मांग करीब तीन करोड़ यूनिट चल रही थी।

दिवाली के बाद आठ दिन के भीतर बिजली की मांग लगातार बढ़ते हुए चार करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। इसके सापेक्ष यूजेवीएनएल से 1.1 करोड़ और केंद्रीय पूल से 1.4 करोड़, कुल मिलाकर करीब 2.5 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है।
बाकी बिजली का इंतजाम बाजार से किया जा रहा है। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि फिलहाल कहीं भी घोषित या अघोषित कटौती नहीं की जा रही है।

Uttarakhand: सीएम धामी 30 को बिहार में करेंगे दो चुनावी रैली, प्रमुख नेताओं को सौंपी गई प्रचार की जिम्मेदारी

बिहार में चुनाव प्रचार के लिए प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएम धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। यह चुनावी जनसभा मोतिहारी जिले के कल्याणपुर और हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में होगी। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व ने जिन प्रमुख नेताओं को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है, उसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हैं।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत अपने कई निर्णयों के लिए सीएम धामी सुर्खियों में रहे हैं। सीएम धामी बिहार चुनाव में इससे पहले गोरियाकोठी, वारसलीगंज, सिवान विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर चुके हैं। एक बार फिर मुख्यमंत्री ने चुनाव जनसभाओं में वोट मांगेंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के कार्यक्रम विभाग संयोजक सुशील चौधरी ने सीएम धामी का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया है। 30 अक्तूबर को सीएम धामी सुबह 11:15 पर पटना हवाई अड्डे से निजी विमान से कल्याणपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
महात्मा गांधी मिडिल स्कूल ग्राउंड, कल्याणपुर स्थित सभा स्थल पर बारह बजकर पांच मिनट पर प्रस्तावित जनसभा में सीएम धामी भाग लेंगे। इसके बाद अपराह्न 1:55 पर महावीर रामेश्वर इंटर काॅलेज, सोनवर्षा, हरसिद्धि में आयोजित जनसभा में भाग लेंगे।

उत्तराखंड मौसम: चमोली में कड़ाके की ठंड से जम गई देवताल झील, देहरादून समेत नीचले इलाकों में धूप-बदली

Uttarakhand Weather Today News: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। फिलहाल एक नवंबर तक सभी जनपदों में मौसम साफ रहने की संभावना है, जिसके चलते तापमान भी सामान्य बना रहेगा।

 देहरादून: उत्तराखंडके पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम करवट ले सकता है। हालांकि प्रदेश घर में मौसम शुष्क रहेगा। प्रदेश भर में इन दिनों चटक धूप खिलने की वजह से तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिस कारण अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भी ठंड सामान्य से कम है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार के पहाड़ों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने के आसार हैं। मौसम का मिजाज बदलने के बाद पर्वतीय इलाकों में ठंड बढ़ने का अनुमान है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ सकती है। पर्वतीय क्षेत्र में तापमान में बदलाव का असर निचले क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। देहरादून में रविवार को धूप निकली रही, लेकिन धूप में गर्मी नहीं थी। कभी-कभी बादल भी छाते रहे जिस वजह से गर्मी का एहसास कम हुआ, जबकि शाम के समय एकदम ठंड बढ़ गई।

देवताल झील ठंड से जम गई

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से ठंड में हल्का इजाफा होगा। वहीं चमोली के माणा गांव के पास भारत-चीन सीमा क्षेत्र में 18000 फीट की ऊंचाई पर स्थित देवताल झील कड़ाके की ठंड के कारण जाम गई है। पिछले दिनों ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई और देवताल झील के साथ ही यहां के पानी के स्रोत भी जम गए हैं। इन दोनों जगह पर्यटक देवताल पहुंचकर जमी झील का लुत्फ उठा रहे हैं। यहां तक आने के लिए लोगों को स्थानीय प्रशासन से इनर लाइन परमिट लेना पड़ता है।

 

उत्तराखंड में BJP का मिशन 2027: प्रत्याशियों के चयन के लिए तीन चरण में सर्वे, कई हो सकते हैं बेटिकट

Uttarakhand Election 2027 News: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को शुरू किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए संभावित प्रत्याशियों को तय करने की दिशा में प्रथम चरण का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। यह सर्वे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय विधायकों के कामकाज और जनता की प्रतिक्रिया को आंका जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह सर्वे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण फिलहाल जारी है, जबकि दूसरे और तीसरे चरण के सर्वे परिणामों के आधार पर पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम तय करेगी।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव को सत्ताधारी पार्टी बड़े स्तर पर जमीन पर उतर रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी स्वयं मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 2022 के चुनाव में लगातार जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। अब पार्टी की कोशिश प्रदेश की सत्ता में हैट्रिक लगाने की है। इसके लिए सीएम धामी ग्रामीण प्रवास योजना के जरिए ग्रामीण इलाकों में रुककर विकास योजनाओं की पड़ताल की तैयारी में हैं।

टिकट वितरण का अलग सिस्टम

भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी प्रत्याशी चयन में जनता की राय और जमीनी कामकाज को सबसे अधिक महत्व देती है। वरिष्ठ नेता का कहना है कि भाजपा में टिकट किसी पद या प्रभाव के आधार पर नहीं, बल्कि कार्य और जनभावना के आधार पर दिया जाता है। सर्वे से हमें यह समझने में आसानी होती है कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि देखना चाहती है।

कई एमएलए पर संकट

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार भाजपा ‘नो रिपीट थ्योरी’ पर भी काम कर सकती है। यानी कुछ सीटों पर मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। साथ ही, कुछ वरिष्ठ नेता अपनी वर्तमान सीट बदलने की इच्छा जता चुके हैं। बताया जा रहा है कि ऐसे नेताओं को उनके सुरक्षित ठिकानों की तलाश है, जहां जीत की संभावना अधिक हो।

फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव

राज्य में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 के बीच प्रस्तावित हैं। भाजपा इसे ध्यान में रखते हुए अभी से संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी अगले साल को चुनावी वर्ष के रूप में देख रही है। इसलिए सभी नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों लगातार दौरे कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्‌ट भी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

मिशन 2027 के तहत सीएम धामी ने जनता के बीच उपस्थिति बढ़ाई है। हाल ही में उन्होंने 16 और 17 अक्टूबर को चंपावत, टनकपुर और खटीमा का सड़क मार्ग से दौरा किया और स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सीएम धामी अब ग्राम रात्रि विश्राम की नई परंपरा शुरू करने जा रहे हैं, जिसके तहत वे गांवों में रुककर सीधे जनता से संवाद करेंगे।

 

Dehradun: कुंभ क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण के लिए लगेंगे भीड़ घनत्व सेंसर, संवेदनशील लोकेशन की होगी जियो फेंसिंग

भीड़ बढ़ते ही प्रशासन के पास सीधे अलर्ट आ जाएगा। आईओटी आधारित भीड़ घनत्व सेंसर के साथ ही संवेदनशील जगहों की जियो फेंसिंग भी होगी।

कुंभ 2027 में भीड़ नियंत्रण के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का खूब इस्तेमाल होगा। भीड़ बढ़ते ही प्रशासन के पास सीधे अलर्ट आ जाएगा। आईओटी आधारित भीड़ घनत्व सेंसर के साथ ही संवेदनशील जगहों की जियो फेंसिंग भी होगी।

हर बार कुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या बड़ी चुनौती है। 2010 के कुंभ में महाशिवरात्रि, फाल्गुन अमावस्या, मेष संक्रांति और चैत्र पूर्णिमा के शाही स्नान में 3.11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद अर्द्धकुंभ 2016 में इन चारों स्नान पर 72 लाख और कुंभ 2021 में कोविड के बावजूद 66.25 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इस बार राज्य सरकार ने मुख्य स्नान पर 1.5 से दो करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। पूरे कुंभ के दौरान चार माह में 17 से 21 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

इस नाते भीड़ का नियंत्रण बड़ी चुनौती होगा। लिहाजा, भीड़ नियंत्रण व यातायात प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ की रियल टाइम क्राउड मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा सभी जगहों पर भीड़ घनत्व सेंसर (क्राउड डेनसिटी सेंसर) लगाए जाएंगे, जो कि भीड़ बढ़ने पर अलर्ट दे देंगे। इसी हिसाब से प्रशासनिक अमला हरकत में आएगा।

कुंभ की सभी संवेदनशील लोकेशन की जियो फेंसिंग होगी, जिससे वहां होने वाली हर हलचल और भीड़ बढ़ने पर सैटेलाइट से पता चल जाएगा। साथ ही हीटमैप आधारित क्राउड फ्लो डैशबोर्ड बनाया जाएगा, जिसमें हर अवधि में भीड़ के आने का फ्लो पता चल सकेगा। इसी कड़ी में आईटी विभाग यहां ईवी चार्जिंग लोकेटर और सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर भी बनाएगा।

कुंभ 2027 के लिए डिजिटल कुंभ के तौर पर भी तैयारी की जा रही है। कुंभ के दौरान व्यवस्थाएं बनाने में अधिक से अधिक एआई व अन्य तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा।
-नितेश झा, सचिव आईटी

उत्‍तराखंड के चार पालिटेक्निक में AI लैब स्थापित, छात्रों को मिलेगा मॉडर्न टेक्नोलॉजी का साथ

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के चार पॉलिटेक्निक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को AI की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना है, जिसमें मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

अशोक केडियाल, जागरण, देहरादून । उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी पहल के तहत राज्य के चार राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) प्रयोगशाला स्थापित की गईं हैं। ये प्रयोगशाला राजकीय पालिटेक्निक पित्थूवाला (देहरादून), रानीपोखरी (देहरादून), काशीपुर (ऊधम सिंह नगर) और द्वाराहाट (अल्मोड़ा) में शुरू की गई हैं। इस पहल से उत्तराखंड तकनीकी रूप से सशक्त युवाओं के निर्माण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इन अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्र अब पारंपरिक विषयों को आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण से पढ़ पा रहे हैं, जिससे उनके ज्ञान और कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डाटा एनालिटिक्स जैसे उभरते हुए विषयों के साथ छात्रों को जोड़ने की दिशा में यह राज्य सरकार की एक अग्रणी पहल मानी जा रही है। इन प्रयोगशालाओं में आवश्यक कंप्यूटर संसाधन, साफ्टवेयर, हाई स्पीड इंटरनेट एवं प्रशिक्षित फैकल्टी की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ तकनीकी अनुसंधान का भी अवसर मिल रहा है।

प्रविधिक शिक्षा निदेशालय की माने तो राज्य सरकार इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकों से लैस करना है। प्रयोगशालाएं केवल इन चार संस्थानों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि राज्य के अन्य 71 पालिटेक्निक संस्थानों को भी इससे प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा। इससे पूरे राज्य में तकनीकी शिक्षा का स्तर सुधरेगा और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

पालीटेक्निक छात्रों की रुचि और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग और इंडस्ट्री सह सहयोग प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी योजना बनाई जा रही है। इससे तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जा सकेगा।

ऐसे मिलेगा एआइ से छात्रों को लाभ

तकनीकी विषयों की समझ और व्यावहारिकता बढ़ेगी। एआइ के ज़रिए इलेक्ट्रानिक्स, मैकेनिकल, सिविल, कंप्यूटर साइंस आदि पारंपरिक विषयों में डाटा विश्लेषण, स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम, भविष्यवाणी माडल जैसे आधुनिक आयाम जोड़े जाते हैं। इससे छात्र किसी भी विषय को नई दृष्टि से समझ पाते हैं। आज की इंडस्ट्री आटोमेशन, रोबोटिक्स, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित है। इसका भी एआइ से लाभ मिलेगा।

समस्या सुलझाने की क्षमता में वृद्धि

एआइ का ज्ञान डिप्लोमा छात्रों को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की ज़रूरतों के अनुसार तैयार करता है, जिससे वे सीधे काम के लिए तैयार रहते हैं। एआइ टूल्स और तकनीकों का इस्तेमाल कर छात्र रियल-लाइफ समस्याओं का विश्लेषण और समाधान कर पाते हैं। इससे उनमें जटिलताएं से जूझने, आत्म विश्वास एवं कौशल क्षमता विकसित होती हैं।