देहरादून में 10 मई को भगवान परशुराम जी की प्रतिमा का लोकार्पण किया जायेगा

News web media Uttarakhand : अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति के प्रतिनिधि मंडल ने आचार्य शशिकांत दुबे व पंडित लवमोहन शर्मा जी के साथ भगवान परशुराम चौक नेहरू कालोनी का निरीक्षण किया।

भगवान परशुराम चौक पर स्थित फवार पार्क पर प्रतिमा लगाने के स्थान की भूमि को चिन्हित कर पंचांग के अनुसार शुभ महूर्त  दिनांक 21-4-2024 रविवार को भूमि पूजन के साथ प्रतिमा स्थापित करने हेतु चबूतरे का निर्माण आरम्भ करने का निर्णय लिया गया ।

यह भी निर्णय हुआ की 10 मई 2024 अक्षय तृतीया व चिरंजीवी भगवान परशुराम जी के जन्म उत्सव पर भगवान परशुराम जी की एक भव्य प्रतिमा का लोकार्पण कर विशाल भण्डारे का आयोजन किया जायेगा। इसके साथ साथ विभागय अनुमति के साथ भगवान परशुराम चौक को प्रदर्शित करते भगवन परशुराम जी का प्रतीक चिन्ह फरसा /परसा, धर्म ध्वजा व बोर्ड  पार्क व चौराहे के चारो तरफ लगाए जायेंगे जिससे चौक भगवान परशुराम चौक के नाम से ही जाना व पहचाना जाए यह सम्पूर्ण कार्य समिति अपने संरक्षकों व सदस्यों के आर्थिक सहयोग से करेगी।लोक निर्माण विभाग व एम डी डी ए को भी नगर निगम देहरादून द्वारा लिखित रूप से अवगत करवा दिया गया है की उपरोक्त चौक जो पहले फवारा चौक के नाम से था वह 31-11-2023 से भगवान परशुराम चौक के नाम से विख्यात होगा। लोक निर्माण विभाग भी अपने स्तर से जो स्थान सूचक बोर्ड लगता है उसमे इस चौक को भगवान परशुराम चौक ही इंगित करे।

विशेष रूप से चैत्र शुक्ला प्रतिपदा , नवसम्वसर 2081, हिन्दू नव वर्ष की पूर्व संध्या पर दिनांक 8 अप्रैल 2024 सोमवार को 2081 दीप भगवान परशुराम चौक पर प्रजलवित कर हिन्दू नव वर्ष का स्वागत भी समिति द्वारा किया जायेगा।

धामी सरकार के बड़े फैसलों को राष्ट्रीय स्तर पर भुनाएगी भाजपा…यूपी, राजस्थान में रैली करेंगे सीएम

News web media uttarakhand : भाजपा धामी सरकार के समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, लैंड जिहाद, जबरन धर्मांतरण रोकने के कानून को राष्ट्रीय स्तर पर भुनाएगी। इन बड़े फैसलों का जनता के बीच में प्रचार करने के लिए पार्टी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राजस्थान, उत्तरप्रदेश और जम्मू कश्मीर के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल किया है।

धामी इन तीनों राज्यों में चुनाव प्रचार करेंगे। माना जा रहा है कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में बड़े फैसलों और निर्णयों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की डिमांड राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है। लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने टॉप स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है।

इस सूची में भी देवभूमि से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टॉप पर हैं। तीनों राज्यों में करीब 30 से 40 स्टार प्रचारक हैं लेकिन उत्तराखंड से सिर्फ मुख्यमंत्री धामी का नाम शामिल है। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व लोस चुनाव में धामी सरकार के बड़े फैसलों को देशभर में नजीर के रूप में प्रदर्शित करना चाहता है।

यूपी, राजस्थान, जम्मू में रैल

आज भाजपा और कांग्रेस के तीन प्रत्याशी करेंगे नामांकन, सीएम सहित वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूद

News web media Uttarakhand : लोकसभा चुनाव में उतरने के लिए आज 26 मार्च को गढ़वाल सीट से भाजपा के प्रत्याशी अनिल बलूनी, टिहरी से माला राज्यलक्ष्मी शाह और कांग्रेस के प्रत्याशी जोत सिंह गुनसोला पर्चा भरेंगे। दोनों दलों की पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बलूनी और माला राज्यलक्ष्मी शाह के नामांकन में मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी गुनसोला के नामांकन में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत कई नेता भी रहेंगे।

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों के आगमन का बेसब्री से इंतजार है, जबकि उनके प्रतियोगी पार्टी ने पहले ही पांचों सीटों पर चुनाव मैदान में तैयारी के लिए स्टार प्रचारकों की लंबी फेहरिस्त बना ली है। जबकि अब तक कोई बड़ा नेता उत्तराखंड दौरे पर नहीं आया है।

सीएम धामी बोले- हेमकुंड गोविंद घाट रोपवे तैयार होने के बाद श्रद्धालु मात्र 45 मिनट में यात्रा पूरी कर सकेंगे

News web media uttarakhand : उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह ने मंगलवार को सिखों के एक कार्यक्रम में कहा मोदी सरकार बिना भेदभाव के कार्य कर रही है। इसके साथ ही उन्‍होंने बताया 850 करोड़ की लागत बन रहे हेमकुंड गोविंद घाट रोपवे जिसका शिल्यान्‍यास हो चुका है इस रोपवे के निर्माण होकर तैयार हो जाने के बाद भविष्य में यह लंबी यात्रा श्रद्धालु मात्र 45 मिनट में पूरी कर सकेंगे।
बता दें सिखों के पवित्र धर्मस्थल हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे बनने का कार्य साल की शुरूआत में हो चुका है। सीएम धामी ने कहा इसके तैयार होने जाने के बाद ये लंबा रास्‍ताा श्रद्धालुओं के लिए बड़ ही आसान हो जाएगा। बता दें गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले दुनिया के सबसे ऊंचे रोपवे की लंबाई 12.4 किमी होगी। हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा के लिए बनाए जा रहे रोपवे के बारे में बात करके हुए सीएम धामी ने कहा इसके बनने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
इसके साथ ही बदरीनाथ आने वाले 60 फीसदी यात्री भी हेमकुंड साहिब में भी दर्शन करने के लिए पहुंच सकेंगे। उन्‍होंने दोहराया रोपवे से हेमकुंड साहिब तक का सफर सिर्फ 45 मिनट में पूरा होगा। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को ज्यादा सुविधा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास कर चुके हैं। सीएम धामी ने कहा गोविन्‍द घाट से हेमकुंड साहिब तक 850 करोड़ की लागत से बनने वाला ये रोपवे उत्‍तराखंड के विकास के नौ रत्‍नों में शामिल है। इसके बन जाने के बाद यहां आने वाले भक्‍तों की संख्‍या में बढ़ोत्‍ती होगी। 19 किलोमीट पैदल चढ़ाई वाला रास्‍ता श्रद्धालू रोपवे के जरिए केवल 45 मिनट में पूरा कर लेंगे। उन्‍होंने कहा हमारी सरकार में बीते ढ़ाई सालों में सख्‍त महत्‍वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए गए जो बीते 23 सालों में नहीं लिए गए। सीएम धामी नेकहा विपक्षियों ने हमेशा हर वर्ग को साधते हुए वोटबैंक की राजनीति की है लेकिन आज सरकार विकास करती है, वोट भी विकास पर मांगे जा रहे हैं।

139 करोड़ के बिजली बिल दबाए बैठे उत्तराखंड में सरकारी विभाग, भुगतान को दो दिन का अल्टीमेटम

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का 139 करोड़ 88 लाख रुपये का बिजली बिल सरकारी विभाग दबाए बैठे हैं। अब मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिवों को बकाया भुगतान 20 मार्च तक कराने के आदेश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी पत्र में कहा गया, चूंकि केंद्र सरकार विद्युत वितरण क्षेत्र में सुधार को आरडीएसएस योजना चला रही है। जिसके तहत यूपीसीएल को सुधारीकरण का अनुदान मिलेगा। अनुदान की एक शर्त ये भी है कि इसके लिए सभी सरकारी विभागों का बकाया बिजली बिल जमा होना चाहिए। लिहाजा, उन्होंने सभी विभागों को तत्काल पैसा जमा कराने को कहा है। 20 मार्च तक इसकी सूचना भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

आरडीएसएस से यूपीसीएल को मिलने हैं 2,600 करोड़

संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत यूपीसीएल को 2,600 करोड़ मिलेंगे। इस रकम से यूपीसीएल का आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। बिजली चोरी रुकेगी। बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। योजना में बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने के लिए एबी केबिल बिछाई जाएंगी। इसके अलावा सभी स्टेशन की क्षमता को भी बढ़ाने का काम किया जाएगा।

सरकारी विभागों पर बकाया

अल्मोड़ा-6.69 करोड़ रुपये

बागेश्वर-1.02 करोड़ रुपये

चमोली-2.39 करोड़ रुपये

चंपावत-1.14 करोड़ रुपये

देहरादून-11.97 करोड़ रुपये

हरिद्वार-61.83 करोड़ रुपये

नैनीताल-13.42 करोड़ रुपये

पौड़ी-1.55 करोड़ रुपये

पिथौरागढ़-3.40 करोड़ रुपये

रुद्रप्रयाग-1.15 करोड़ रुपये

टिहरी-5.45 करोड़ रुपये

ऊधमसिंह नगर-25.37 करोड़ रुपये

उत्तरकाशी-4.44 करोड़ रुपये

 

उत्तराखंड में 19 अप्रैल को होगा पहले चरण में मतदान, पांच सीटों पर होगी वोटिंग

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान 19 अप्रैल को होगा, जिसमें प्रदेश की पांचों सीटों पर नागरिकों का वोटिंग प्रक्रिया में शामिल होगा। इस चरण के दौरान, राज्य के नागरिक अपने नेताओं का चयन करने के लिए वोट डालेंगे, जिसके फलस्वरूप नई सरकार का गठन होगा।
यह चरण उत्तराखंड की राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह निर्णायक रूप से प्रदेश के भविष्य को निर्धारित करेगा। नागरिकों को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उत्तराखंड चुनाव आयोग ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं और लोगों को वोटिंग के लिए प्रेरित किया गया है।

लोकसभा चुनाव के ऐलान से ठीक पहले होली का तोहफा,देहरादून में क्या है पेट्रोल डीजल के दाम,जानिए कितना पड़ा असर

News web media Uttarakhand : लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सरकार ने पेट्रोल डीजल के दाम कम कर आम लोगों को बड़ी राहत दी है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पेट्रोल के रेट आज यानि शुक्रवार को 93.11 ₹/L हो गया है। जो कि एक दिन पहले 95.21 ₹/L था। इस तरह पेट्रोल के दाम में दो रूपए 10 पैसे का अंतर आया है।
इसके साथ ही हरिद्वार में 92.60 ₹/L जबकि चमोली में 95.85 ₹/L दाम है। डीजल का दाम देहरादून में 87.95 ₹/L हो गया है। जो कि एक दिन पहले 90.29 ₹/L पर पहुंच गया था। इस तरह डीजल में दो रूपए 34 पैसे की कमी आई है। हरिद्वार में डीजल 87.43 ₹/L जबकि चमोली में 90.64 ₹/L पर आ गया है। पेट्रोल डीजल के दाम कम होने से हर चीज के दाम पर असर पड़ता है। जिससे घरेलू सामान और अन्य चीजों के दाम भी कम हो सकते हैं।
बता दें कि इस माह होली का त्यौहार भी है। इससे पूर्व सरकार ने सिलेंडर के दाम भी 100 रूपए तक कम कर दिया। जिससे लोगों को दो गुनी राहत मिली है। प्राइवेट नौकरी करने वाले अंकित काला का कहना है कि रोज कार्यालय जाने के लिए दो से चार किमी जाना पड़ता है। ऐसे में सेलरी का काफी हिस्सा पेट्र्रोल भराने में चला जाता है। पेट्रेाल डीजल के दाम कम होने से काफी राहत मिलेगी।
चुनाव से पहले सरकार के इस फैसले से वे काफी खुश दिखे। उन्होंने कहा कि इसका चुनाव पर असर जरूर पड़ता है। डॉ सुमेश ने कहा कि चुनाव से पहले भले ही सरकार ने ये फैसला लिया हो लेकिन आम आदमी को इससे फायदा ही होगा। जितने भी समय रेट कम रहेंगे। जेब पर कम असर पड़ेगा। रूचि नेगी का कहना है कि महंगाई बहुत बढ़ती जा रही है। पेट्रोल डीजल के दाम से घर का हर आइटम महंगा हो गया है। सरकार ने फेस्टिव सीजन में महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है।

उत्तराखंड में कब डाले जाएंगे वोट, जानिए पांच लोकसभा सीटों पर मतदान की तारीख

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में पांचों लोकसभा सीटों पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। 4 जून को मतगणना होगी। उत्तराखंड में लोकसभा की पांच सीटें हैं टिहरी, गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल और अल्मोड़ा।
चुनाव आयोग ने आज लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। देश भर में सात चरणों में मतदान होगा। आज से ही आचार संहिता लागू हो गई है। उत्तराखंड में पांच लोकसभा सीट हैं। चुनाव के लिए भाजपा पांचों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
टिहरी गढ़वाल सीट से माला राज्यलक्ष्मी शाह, नैनीताल सीट से अजय भट्ट और अल्मोड़ा सीट से अजय टम्टा को उम्मीदवार बनाया गया है। पौड़ी गढ़वाल सीट पर सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और हरिद्वार से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दांव लगाया है।
कांग्रेस ने उत्तराखंड की तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। टिहरी गढ़वाल सीट से जोत सिंह गुनसोला, पौड़ी सीट से गणेश गोदियाल और अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा पर दांव खेला गया है। दो सीटों हरिद्वार व नैनीताल पर अभी भी सस्पेंस बना है। बता दें कि 2019 में हुए चुनाव की घोषणा 10 मार्च को हुई थी। तब उत्तराखंड में पहले चरण में ही 11 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। 23 मई को मतगणना हुई थी।

आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन के लिए हेली सेवा अप्रैल से होगी शुरू..

News web media Uttarakhand : पर्यटन विभाग आदि कैलाश और ओम पर्वत हेली दर्शन योजना की शुरुआत अगले महीने से करने जा रहा है। इसके तहत पिथौरागढ़ जनपद मुख्यालय से यात्रा की शुरुआत होगी। यह यात्रा अप्रैल-मई और इस साल अक्तूबर से अगले साल मार्च तक ट्रायल के तौर पर चलेगी। व्यास घाटी में हेली सेवा के माध्यम से आदि कैलाश व ओम पर्वत की यात्राएं कराई जाएंगी। हेली सेवा की शुरुआत पिथौरागढ़ से होगी। पहले दिन पिथौरागढ़ हेलीपैड से गुंजी और गुंजी के होम स्टे में रात्रि विश्राम, दूसरे व तीसरे दिन हेली सेवा गुंजी से नाबिडांग और जौलिंकौंग के साथ ही कालापानी व पार्वती सरोवर एटीवी के माध्यम से यात्राएं कराने के बाद वापस गुंजी के होम स्टे में प्रवास कराया जाएगा।

चौथे दिन गुंजी से पिथौरागढ़ वापसी हेली के माध्यम से यात्रा पूरी होगी। पर्यटन विभाग का कहना हैं कि इससे एक ओर जहां स्थानीय होम स्टे संचालकों, परिवहन संचालकों, दुकानदारों को शीतकाल में व्यावसाय सुलभ होगा तो दूसरी ओर जनजातीय संस्कृति, खानपान, वेशभूषा, लोककलाओं की जानकारी पर्यटकों को मिलेगी।

समान नागरिक संहिता (य़ूसीसी) विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी, जानिए कब होगा उत्तराखंड में लागू

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड सरकार के समान नागरिक संहिता (य़ूसीसी) विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब नियमावली बनने के बाद इसे राज्य में लागू कर दिया जाएगा। ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
उत्तराखंड की धामी सरकार ने विधानसभा से यूसीसी विधेयक को पास कर राजभवन भेजा। राजभवन ने इस पर विचार करने के बाद विधायी विभाग को भेजा था। विधायी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। चूंकि यह संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए बिल अनुमोदन के लिए राज्यपाल से राष्ट्रपति को भेजा गया था। अब राष्ट्रपति से मुहर लगने के बाद यूसीसी राज्य में कानून लागू हो जाएगा।
यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशनसिप आदि कई मामलों में कानूनी प्रावधान बदल जाएंगे। हरिद्वार लोकसभा सीट: धर्मसंकट में फंसी भाजपा, कांग्रेस, कहां फंसा प्रत्याशियों के चयन का मामला उत्तराखंड की अनुसूचित जनजातियों को इस कानून की परिधि से बाहर रखा गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से किए गए वायदे के अनुसार पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया।उत्तराखंड की अनुसूचित जनजातियों को इस कानून की परिधि से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से किए गए वायदे के अनुसार पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई। समिति ने व्यापक जन संवाद और हर पहलू का गहन अध्ययन करने के बाद यूसीसी के ड्रॉफ्ट को अंतिम रूप दिया है।
इसके लिए प्रदेश भर में 43 जनसंवाद कार्यक्रम और 72 बैठकों के साथ ही प्रवासी उत्तराखंडियों से भी समिति ने संवाद किया। सरकार का दावा है कि समान नागरिक संहिता विधेयक के कानून बनने पर समाज में बाल विवाह, बहु विवाह, तलाक जैसी सामाजिक कुरीतियों और कुप्रथाओं पर रोक लगेगी, लेकिन किसी भी धर्म की संस्कृति, मान्यता और रीति-रिवाज इस कानून से प्रभावित नहीं होंगे। बाल और महिला अधिकारों की यह कानून सुरक्षा करेगा।