UK High Court: आईपीएस अफसरों के डेपुटेशन पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की।

आईजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन और नीरू गर्ग को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीआईजी पद पर जबरन भेजने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य और केंद्र सरकार से एक दिन में शपथपत्र देने के लिए कहा है।

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की। कोर्ट ने एक दिन में राज्य व केंद्र सरकार से जवाब और उसके एक दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं को प्रतिशपथपत्र देने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तराखंड के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को बगैर उनके आवेदन के और अनिच्छा जाहिर किए जाने के बावजूद वर्तमान से नीचे के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। आईजी स्तर की अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीआईजी पद पर जबकि आईजी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डीआईजी के पद पर तैनात किया गया था।

अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया था। वे आईजी के पद पर हैं और उन्हें जबरन नीचे के डीआईजी पद पर भेजा जा रहा है। यह भी कहा कि हाल ही में उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पांच वर्ष के लिए डिबार करते हुए इस पर रोक भी लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने ही पहल करते हुए 16 फरवरी 2026 को इनके नाम गृह मंत्रालय को भेज दिए और केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर उनकी तैनाती तय कर दी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि यदि अधिकारियों को इस निर्णय पर आपत्ति थी तो उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अभिकरण (कैट) में जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि डेपुटेशन पर भेजने का प्रस्ताव राज्य सरकार का ही है, इसलिए सुनवाई हाईकोर्ट में की जानी चाहिए। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने मामले में सरकार से जवाब मांगा था।

Uttarakhand: बारिश-बर्फबारी से गिरा तापमान, प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखरा, सुधरी आबोहवा, जंगल की आग बुझी

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से तापमान गिरा है। प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखरा। साथ ही जंगलों की आग भी बुझी। मौसम विज्ञान केंद्र ने  आज सोमवार को देहरादून, हरिद्वार, यूएसनगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत में बारिश व ओलावृष्टि संग तूफान, जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तूफान का अलर्ट जारी किया है।

मार्च के तीसरे सप्ताह की शुरुआत बेमौसम बारिश के साथ हुई। दून में रविवार को झमाझम बारिश हुई। इससे ठंड लौट आई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उत्तराखंड के कई हिस्सों में रविवार को हुई बारिश से तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में अधिक गिरावट दर्ज की गई। इससे फिर ठंड लौट आई।

बारिश के चलते लोगों को कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत भी मिली। देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाए रहे और तेज हवाएं भी चलती रहीं। दोपहर बाद कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई और शाम को करीब पांच बजे के बाद तेज दौर की बारिश शुरू हो गई। इससे मौसम पूरी तरह से बदल गया। वहीं, मसूरी, चकराता और ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट आ गई।

वादियां धुली-धुली नजर आईं
बारिश के बाद पहाड़ों की वादियां धुली-धुली नजर आईं और मौसम बेहद खुशनुमा हो गया। मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों को फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। 21 मार्च तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में और गिरावट हो सकती है।

बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी तो मैदानी इलाकों में तेज हवाओं संग बारिश हुई। इससे तापमान गिरने से जहां ठंड लौट आई, वहीं दून समेत अधिकतर जगह प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखर गया। रविवार को हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं केदारनाथ धाम में भी अच्छी बर्फबारी हुई, यहां तापमान शून्य से नीचे आ गया, जबकि शाम को गंगोत्री व यमुनोत्री में भी बर्फ गिरी। उधर, दून, ऋषिकेश, विकासनगर, मसूरी, रुड़की, हरिद्वार, ज्योतिर्मठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, चमोली, पोखरी सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश होने से हल्की ठंड लौट आई है। वहीं कई जगह ओलावृष्टि से भी ठंड में इजाफा हो गया है।

सुधर गई आबोहवा 
रविवार को बारिश के बाद कई शहर की आबोहवा भी साफ हो गई। देहरादून का एक्यूआई 100 के नीचे आ गया। रविवार को यहां का एक्यूआई 87 दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा 100 से भी उपर चल रहा था। इसी तरह बारिश होने से कई शहरों में प्रदूषण घटा, जिससे वातावरण साफ हो गया। मौसम में आए बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली।

बुझी जंगलों की आग
रविवार को हुई बारिश से जंगलों की आग बुझ गई है। नवंबर से ही वनाग्नि की घटनाएं सामने आने लगी थीं। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हुआ, तब से जंगल की आग की 84 घटनाएं हुई हैं। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि 23 जगह पर फायर अलर्ट थे, बारिश होने से अब किसी भी स्थान पर सक्रिय आग की सूचना नहीं है।

 

 

Uttarakhand: कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिह्नित करने की बनेगी नियमावली, जांच को चलेगा अभियान

विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट से कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिह्नित करने के लिए नियमावली बनाई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के हर महीने मिलावट व घटिया गुणवत्ता की जांच के लिए एक सप्ताह का अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में भी खाद्य पदार्थों की सैंपल जांच की जाएगी।

विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सरकार की ओर से प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सैंपल एकत्रित जांच की जा रही है। कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिन्हित करने के लिए सरकार नियमावली बनाएगी।

भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने सवाल किया त्योहारों के मौके पर एफडीए की ओर से निरीक्षण कर सैंपल भरे जाते हैं। मिलावट को रोकने के लिए नियमित रूप से जांच होनी चाहिए। इस पर स्वास्थ्य मंंत्री ने कहा कि यह सही बात है कि त्योहारों के मौके पर विभाग ज्यादा सक्रिय होता है। सरकार की ओर से प्रत्येक माह एक सप्ताह तक प्रदेश में खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी।

देहरादून में 31 मार्च तक तैयार होगी खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में लैब बनाई जा रही है। 31 मार्च 2026 तक प्रयोगशाला बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद सैंपलों की जांच में तेजी आएगी।

लोक सेवा आयोग को भेजे 28 पदों को भरने का प्रस्ताव
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारी 28 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। जब तक इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। तब तक दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों को तैनात करने पर विचार किया जाएगा।

निकायों में सैंपल भरने का अधिकार देने पर लेंगे निर्णय
भाजपा विधायक विनोद चमोली ने सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा वर्तमान में एफडीए की ओर से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच को भेजे जाते हैं। निकायों को भी सैंपल लेने व निरीक्षण का अधिकार देने पर नीतिगत निर्णय लेने पर विचार किया जाएगा।

दो वर्षों में फेल पाए गए 330 खाद्य पदार्थों के नमूने
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 व 2024-25 में कुल 3311 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसमें 330 सैंपल गुणवत्ता मानकों में फेल पाए गए। फेल सैंपलों में निर्माता व विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।

 

कैग रिपोर्ट में खुलासा: दून स्मार्ट सिटी परियोजना में भारी अनियमितता; बिना टेंडर के 2.93 करोड़ के काम कराए

वर्ष 2017 में देहरादून को स्मार्ट सिटी परियोजना में चयन किया गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वर्ष 2018 से 2023 तक की अवधि में किए गए काम पर ऑडिट किया।

केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के कार्येां में अनियमितता पाई गई। बिना टेंडर के 2.93 करोड़ के काम कराए गए। वहीं समयवधि पर काम पूरा न करने पर कार्यदायी संस्था से 19 करोड़ की वसूली नहीं की गई। 5.91 करोड़ की लागत से देहरादून के तीन सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब, इंटरेक्टिव बोर्ड, प्रोजेक्टर, ई-कंटेंट, सीसीटीवी, बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन उन्हें शुरू नहीं किया गया।

वर्ष 2017 में देहरादून को स्मार्ट सिटी परियोजना में चयन किया गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वर्ष 2018 से 2023 तक की अवधि में किए गए काम पर ऑडिट किया। कैग रिपोर्ट के अनुसार स्मार्ट सिटी के काम जून 2023 तक पूरे किए जाने थे। लेकिन इसे 2024 तक बढ़ाया गया। परियोजना के लिए एक हजार करोड़ का बजट प्रावधान किया गया। वर्ष 2016 से 2023 तक 737 करोड़ की धनराशि जारी की गई। इसके सापेक्ष 634.11 करोड़ की राशि खर्च की गई। स्मार्ट सिटी का काम देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड (डीएससीएल) को सौंपा गया था।

कैग ने स्मार्ट सिटी के सभी 22 परियोजनाओं का ऑडिट किया। रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि दून कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परियोजना के ई-गर्वेनेंस समाधान के तहत ठोस कूड़ा प्रबंधन की निगरानी के लिए मार्च 2022 में विकसित बायोमीट्रिक एवं सेंसर प्रणाली को फरवरी 2025 तक लागू नहीं किया गया। इससे 4.55 करोड़ का व्यय निष्फल रहा। स्मार्ट अपशिष्ट वाहन योजना के तहत 90 लाख से खरीदे गए ई-रिक्शा का दो साल तक संचालन नहीं हुआ।

पर्यावरण सेंसरों पर 2.62 करोड़ खर्च, उपयोग हुआ नहीं
देहरादून शहर में मौसम की जानकारी देने के लिए पर्यावरण सेंसर लगाए गए। इस पर 2.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा मल्टी यूटिलिटी डक्ट पर 3.24 करोड़ खर्च किए। लेकिन इनका उपयोग नहीं हुआ। कार्यदायी संस्था ने परियोजना प्रबंधन सलाहकार को अधूरी परियोजना के बावजूद भुगतान किया गया। सिटीज इंवेस्टमेंट टू इनोवेट, इंटीग्रेट एंड सस्टेन परियोजना के क्रियान्वयन के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार के भुगतान में 5.19 करोड़ की अनियमितता पाई गई।

आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी
कार्यदायी संस्था को बाधा रहित कार्य स्थल उपलब्ध न कराने पर आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी हुई है। लेकिन अग्रिम राशि का समायोजन नहीं किया गया। काम में देरी के लिए 1.41 करोड़ का दर्थदंड न लगाकर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया। गलत वित्तीय प्रबंधन के कारण 6.20 करोड़ के ब्याज का नुकसान हुआ है।

130 स्मार्ट पोल में से 27 ही लगे
डीएससीएल ने स्मार्ट पोल परियोजना बनाई थी। इसके तहत शहर में 130 स्मार्ट पोल व 100 किमी तक ओएफसी बिछाने का काम होना था। 2023 तक 27 स्मार्ट पोल व 70 किमी. ओएफसी बिछाई गई।

ई-बसों के संचालन से 11.26 करोड़ का नुकसान
प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में 41.56 करोड़ की इलेक्ट्रिक बस परियोजना शुरू की गई। 2020 में 30 बसों का संचालन शुरू किया गया। योजना की डीपीआर में 2019 से 2026 तक किराए व विज्ञापन से प्राप्त होने वाले राजस्व में 36.99 करोड़ नुकसान का अनुमान लगाया था। मार्च 2023 तक 11.26 करोड़ का नुकसान हुआ है। ई-बसों के संचालन से 3.93 लाख दैनिक राजस्व के सापेक्ष 1.29 लाख की आय हुई है।

 

Uttarakhand: हरिद्वार में दिखेगी नए कानूनों की सरलता, धामी सरकार की सफलता की झलक, गृह मंत्री शाह करेंगे मुआयना

हरिद्वार में नए कानूनों की सरलता दिखेगी। साथ ही धामी सरकार की सफलता की झलक। कल गृह मंत्री अमित शाह  पहुंचेंगे और मुआयना करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सात मार्च को होने वाले हरिद्वार दौरे के दौरान देश के तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें युवाओं को इन कानूनों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।

गृह मंत्री शाह के हरिद्वार दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा कर रहा है तो वहीं सरकारी विभाग के अधिकारी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की झलक दिखाने की तैयारी में हैं। सात से नौ मार्च तक न्याय संहिता विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी बैरागी कैंप में हो रही है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) प्रमुख तौर पर दिखेंगी।

राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर

प्रदर्शनी में नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर उपलिब्धयों की झलक भी नजर आएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे।

 

Uttarakhand: प्रदेश में छत पर सोलर लगाने वालों को झटका, सरप्लस बिजली अब दो रुपये, यह बदलाव किया गया

प्रदेश में छत पर सोलर लगाने वालों को झटका लगा है। सरप्लस बिजली अब दो रुपये ली जाएगी। यूपीसीएल ने नियामक आयोग के आदेश के क्रम में नई दरें लागू की गई है। खपत से ऊपर की ग्रिड में जाने वाली बिजली के दाम अगस्त 2025 से लागू किए गए हैं।

छतों पर सोलर रूफटॉप लगाने वाले उपभोक्ताओं की सरप्लस बिजली अब यूपीसीएल दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदेगा। अभी तक इसके लिए कोई नियम नहीं था लेकिन नियामक आयोग के आदेश के क्रम में यूपीसीएल ने यह दरें लागू की हैं।

यूपीसीएल ने नेट मीटरिंग के तहत ग्रिड को दी जाने वाली अतिरिक्त बिजली की दरों में यह बदलाव किया है। यूपीसीएल के मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) एनएस बिष्ट की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि यह नई दो रुपये प्रति यूनिट की दर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के 20 अगस्त 2025 के आदेश के क्रम में लागू की गई है। आयोग ने वित्त वर्ष 2025-26 और उसके बाद स्थापित होने वाले सोलर पीवी प्लांट्स के लिए बेंचमार्क कैपिटल कॉस्ट की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया था।

नई दर 20 अगस्त 2025 से प्रभावी मानी जाएंगी। उपभोक्ता को मिलने वाली सब्सिडी की राशि चाहे जो भी हो, सरप्लस बिजली की खरीद दर दो रुपये प्रति यूनिट ही रहेगी। यह नियम उन सभी सोलर प्लांट्स पर लागू होगा, जो नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत ग्रिड से जुड़े हैं। सीधे तौर पर ऐसे समझें कि अगर आपके घर की बिजली खपत 200 यूनिट प्रतिमाह है और सोलर रूफटॉप से उत्पादन 300 यूनिट का हुआ है तो 100 यूनिट बिजली यूपीसीएल के ग्रिड में जाएगी।
सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित

इसके दाम अब यूपीसीएल दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से देगा। यूपीसीएल मुख्यालय ने प्रदेश के सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों में बिजली पैदा करने वाले उपभोक्ता की सरप्लस बिजली की बिलिंग इसी नई दर के आधार पर सुनिश्चित करें।

उत्तराखंड में लगे हैं 70,183 सोलर रूफटॉप

प्रदेश में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 70,183 सोलर रूफटॉप लगे हैं। अब तक 1,08,896 आवेदन आए हैं, जिनमें से 1,08,779 उपभोक्ताओं की टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट एप्रूव हो चुकी है। 117 टीएफआर को लोड सुधार के लिए उपभोक्ताओं को लौटाया गया है। 253.88 मेगावाट क्षमता के 70,183 प्लांट लग चुके हैं। 66,801 का इंस्पेक्शन एप्रूव हो चुका है।

Chardham Yatra: हेली कंपनियों पर बीकेटीसी का तीन करोड़ बकाया, श्रद्धालुओं को कराए जाते हैं विशेष दर्शन

हेलिकॉप्टर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर समिति की ओर से विशेष दर्शन कराए जाते हैं। इसकी एवज में मंदिर समिति एविएशन कंपनियों ने शुल्क लेती है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराए लेकिन एविएशन कंपनियों ने शुल्क का भुगतान नहीं किया।

चारधाम यात्रा में हेली व चार्टर्ड हेलिकॉप्टर संचालित करने वाली एविएशन कंपनियों पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का तीन करोड़ का बकाया है। चार्टर्ड व हेली सेवा से बदरीनाथ व केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बीकेटीसी की ओर से दर्शन कराए जाते हैं। इसकी एवज में एविएशन कंपनियों से शुल्क लिया जाता है।

चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलिकॉप्टर से जाते हैं। हेलिकॉप्टर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर समिति की ओर से विशेष दर्शन कराए जाते हैं। इसकी एवज में मंदिर समिति एविएशन कंपनियों ने शुल्क लेती है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराए लेकिन एविएशन कंपनियों ने शुल्क का भुगतान नहीं किया।

वर्तमान में बकाया राशि तीन करोड़ तक पहुंच गई। कई हेली कंपनियां जा चुकी हैं। भुगतान न होने से मंदिर समिति को आर्थिक नुकसान हुआ है। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने मंदिर समिति के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनियों को विधिक नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाए। हेली कंपनियों से बकाया राशि की ब्याज समेत वसूली की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हेली सेवा से आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए एसओपी बनाई जाएगी।

 

Uttarakhand Budget: सत्र के पहले दिन ही बजट पेश कर सकती है सरकार, विधानसभा ने भेजा अनंतिम कार्यक्रम

पांच दिवसीय सत्र के लिए भराड़ीसैंण में तैयारियां चल रही है। विधायी विभाग की ओर से सत्र के लिए अनंतिम कार्यक्रम विधानसभा सचिवालय को भेजा गया है।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में 9 से 13 मार्च तक होने वाले सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को अनंतिम कार्यक्रम भेज दिया है। राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र शुरू होगा। इसी दिन सरकार विनियोग विधेयक को सदन पटल पर रख सकती है।

पांच दिवसीय सत्र के लिए भराड़ीसैंण में तैयारियां चल रही है। विधायी विभाग की ओर से सत्र के लिए अनंतिम कार्यक्रम विधानसभा सचिवालय को भेजा गया है। विधानसभा की ओर से सभी विधायकों को अनंतिम कार्यक्रम जारी किया गया।

इसके अनुसार नौ मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। 10 मार्च को राज्यपाल अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा के साथ ही अध्यादेशों को सदन पटल पर रखा जाएगा।

11 मार्च को राज्यपाल का अभिभाषण पारित कर बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को बजट में विभागवार आय-व्यय पर चर्चा, 13 मार्च को विधेयक पारित किया जाएगा। हालांकि सत्र के लिए यह अनंतिम कार्यक्रम है। कार्यमंत्रणा की बैठक में सदन संचालन के लिए अंतिम एजेंडा तय किया जाता है।

Vasantotsav: कल से वसंतोत्सव; फूलों की खुशबू से महकेगा लोकभवन, राज्यपाल ने प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

27 फरवरी से एक मार्च तक होने वाले तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 (पुष्प प्रदर्शनी) की सभी तैयारियां पूरी हो गईं।

लोक भवन में वसंतोत्सव शुक्रवार से शुरू होगा। इस बार उत्तराखंड तकनीकी विवि एआई आधारित एप से आगंतुकों की गणना करेगा। वहीं, आगंतुक चाहें तो वेबसाइट पर अपना स्वैच्छिक पंजीकरण भी करा सकते हैं। राज्यपाल ने इसके प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाई।

27 फरवरी से एक मार्च तक होने वाले तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 (पुष्प प्रदर्शनी) की सभी तैयारियां पूरी हो गईं। शुभारंभ 27 फरवरी को सुबह 10 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) करेंगे। पहले दिन दोपहर एक बजे से शाम छह तक, 28 फरवरी व एक मार्च को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक जनसामान्य के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।

राज्यपाल ने फूलों से सुसज्जित जिन विशेष प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, वे देहरादून शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर नागरिकों को महोत्सव की जानकारी देंगे। तकनीकी विवि ने लोक भवन के मुख्य द्वार पर एआई-सक्षम कैमरे स्थापित किए गए हैं। आगंतुक वेबसाइट https://vmsbutu.live/ पर ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकेंगे, जिससे उन्हें एक डिजिटल आई-कार्ड प्राप्त होगा। यह पंजीकरण पूर्णतः ऐच्छिक रहेगा।

PHOTOS: मसूरी-धनोल्टी घूमना है तो यही है सही समय, बर्फ से सफेद हुए पहाड़, तस्वीरें देख नहीं रुकेंगे कदम

शहर में करीब चार इंच और ऊंचाई वाले स्थानों पर छह इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी की सूचना पर बड़ी संख्या में सैलानी देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों से मसूरी पहुंचे और जमकर मस्ती की।

पहाड़ों की रानी मसूरी में शुक्रवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। पहाड़ बर्फ की सफेद चादर से ढक गए। सुबह शुरू हुई बर्फबारी और ठंडी हवाओं के चलते पूरे मसूरी क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।

शुक्रवार को मसूरी में सुबह नौ बजे के करीब बर्फबारी शुरू हो गई और रात तक रुक रुककर बर्फबारी हुई है। शहर में करीब चार इंच और ऊंचाई वाले स्थानों पर छह इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी की सूचना पर बड़ी संख्या में सैलानी देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों से मसूरी पहुंचे और जमकर मस्ती की।

शहर की मालरोड, गन हिल, लाल टिब्बा, जॉर्ज एवरेस्ट, अटल उद्यान सहित आसपास का क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया। बर्फबारी के बाद सड़कों, होटलों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीड़ देखी गई। पर्यटक बर्फ के बीच फोटो और वीडियो बनाते नजर आए।

वहीं बर्फबारी के चलते लंढौर रोड़, लालटिब्बा मार्ग में वाहनों के फिसलने का खतरा भी बना हुआ है। कैंपटी रोड़ में बर्फ के ऊपर वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। बर्फबारी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की टीम भी अलर्ट मोड पर है।

धनोल्टी के विनोद कुदेसिया ने बताया कि धनोल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी होने से लोगों में उत्साह है। इससे पर्यटन कारोबार को अच्छा लाभ मिलेगा। कुलदीप नेगी ने कहा, बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए लाभदायक है। सेब, खुमानी, आड़ू सहित अन्य फलदार पेड़ों के लिए बर्फबारी फायदेमंद रहेगी।

लालटिब्बा में सुबह आठ बजे से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि बर्फ से बंद होने वाली नगर पालिका की सड़कों को खोलने के लिए पूरी तैयारी है। जरूरत पड़ने पर जेसीबी मशीन की सहायता से बर्फ को हटाया जाएगा।

एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि बर्फबारी के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है। इसको देखते हुए अतिरिक्त पीएसी बुलाई गई है। साथ ही लोनिवि, एनएच, और नगर पालिका की जेसीबी और फील्ड स्टाफ को तैनात किया गया है। सड़क में चूना और नमक का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं।