Chardham Yatra: जौलीग्रांट से बदरी-केदार धाम के लिए 26 अप्रैल से शुरू हो सकती है हेली सेवा, इतना रहेगा किराया

 जौलीग्रांट हेलीपैड से रुद्राक्ष एविएशन अपने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से पिछले तीन वर्षों से लगातार बदरी-केदार के लिए उड़ानें संचालित कर रहा है। इस बार कंपनी 26 अप्रैल से 15 जून बरसात शुरू होने से पहले तक दो धामों के लिए यात्रा शुरू करने की तैयारियों में जुटी हुई है।

जौलीग्रांट हेलीपैड से दो धामों बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए आगामी 26 अप्रैल से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने की संभावनाएं हैं। रुद्राक्ष एविएशन अपने एमआई-17 डबल इंजन हेलीकॉप्टर से सेवा को शुरू करने जा रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही सेवा शुरू कर दी जाएगी।

जौलीग्रांट हेलीपैड से रुद्राक्ष एविएशन अपने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से पिछले तीन वर्षों से लगातार बदरी-केदार के लिए उड़ानें संचालित कर रहा है। इस बार कंपनी 26 अप्रैल से 15 जून बरसात शुरू होने से पहले तक दो धामों के लिए यात्रा शुरू करने की तैयारियों में जुटी हुई है। बरसात के बाद सितंबर माह में फिर से इस हेली सेवा को शुरू किया जाएगा।

जौलीग्रांट हेलीपैड से हेलीकॉप्टर सुबह साढ़े छह बजे उड़ान भरेगा। एक ही दिन में दो धामों की यात्रा पूरी की जा सकेगी। वहीं रात्रि विश्राम की सुविधा भी श्रद्धालुओं को दी जाएगी। मौसम ठीक होने पर हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट से एक दिन में दो बार उड़ान भरेगा। फिलहाल कंपनी के अधिकारी मंजूरी और अन्य औपचारिकताओं में जुटे हुए हैं। जिसके बाद ही इस सेवा को शुरू किया जाएगा।

एक लाख पैंतीस हजार रुपये प्रति व्यक्ति होगा किराया

जौलीग्रांट से दो धामों के लिए एमआई 17 हेलीकॉप्टर से यात्रा करने के लिए इस बार श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति करीब एक लाख पैंतीस हजार रुपये खर्च करने होंगे। वहीं रात्रि विश्राम के साथ प्रति व्यक्ति किराया करीब डेढ़ लाख रुपये होगा। पिछले वर्ष किराया एक लाख 21 हजार और एक लाख 41 हजार के करीब था।

22 और 23 अप्रैल को केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट खुल रहे हैं। इस वर्ष भी चारधाम यात्रा में दो धामों के लिए एमआई 17 से हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रही है। 26 अप्रैल से हेलीकॉप्टर सेवा के शुरू किए जाने की संभावनाएं हैं।

Rishikesh: आज पशुलोक बैराज पर सी-प्लेन उतारने की तैयारी, ट्रायल अहम; उत्तराखंड में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

यूजेवीएन लिमिटेड की ओर से सोमवार सुबह करीब 11 बजे पशुलोक बैराज पर सी-प्लेन उतारने की कवायद की जाएगी। इस ट्रायल को प्रदेश में सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड में पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। यूजेवीएन लिमिटेड की ओर से सोमवार सुबह करीब 11 बजे पशुलोक बैराज पर सी-प्लेन उतारने की कवायद की जाएगी। इस ट्रायल को प्रदेश में सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

सी-प्लेन सेवा शुरू होने से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। खासकर ऐसे दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्र, जहां सड़क या पारंपरिक हवाई सेवाएं पहुंचना मुश्किल है, वहां तक पर्यटकों की आसान पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। इससे न केवल पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सी-प्लेन सेवा शुरू होने से राज्य में हाई-एंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनेगी। साथ ही आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को भी तेज गति से संचालित करने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना को आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के रूप में देख रही हैं। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जलाशयों और नदियों पर सी-प्लेन सेवा शुरू की जा सकती है, जिससे उत्तराखंड को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।

 

Dehradun: कैबिनेट विस्तार के बाद अब दायित्व बंटने शुरू, 14 वरिष्ठ नेताओं को दी गई जिम्मेदारी; आदेश जारी

सीएम पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को शुभकामनाएं दी हैं।

धामी सरकार ने कैबिनेट विस्तार के बाद अब नेताओं को दायित्व बांटने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में 14 लोगों को नियुक्त कर दिया गया है। गृह एवं गोपन सचिव शैलेश बगौली की ओर से इस बाबत आदेश जारी किए गए।

देहरादून से कुलदीप सुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद में अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि नैनीताल से ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, चंपावत से हरिप्रिया जोशी को राज्य महिला आयोग में, टिहरी से विनोद सुयाल को राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद में, चंपावत से मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद में स्थान दिया गया है।

देहरादून से चारु कोठारी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद में.चमोली से प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग में, टिहरी से खेमसिंह चौहान को ओबीसी आयोग कल्याण परिषद में, टिहरी से ही सोना सजवाण को जड़ी बूटी सलाहकार समिति में, अल्मोड़ा से गोविंद पिलखवात को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषाद में, देहरादून से बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग, काशीपुर की सीमा चौहान को मत्स्य विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को शुभकामनाएं दी हैं।

Uttarakhand: दोगुना हो गया व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का कोटा, वितरण को लेकर शासन ने नई एसओपी की जारी

नई एसओपी के मुताबिक होम स्टे और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों को अब 130 के स्थान पर हर दिन 260 सिलिंडर दिए जाएंगे।

प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कमी से होने वाली दिक्कतों को देखते हुए इसका कोटा दोगुना कर दिया गया है। शासन ने सिलिंडरों के वितरण को लेकर नई एसओपी जारी की है। 2650 सिलिंडरों के स्थान पर अब हर दिन 5300 व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का वितरण किया जाएगा।

नई एसओपी के मुताबिक होम स्टे और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों को अब 130 के स्थान पर हर दिन 260 सिलिंडर दिए जाएंगे। जबकि पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रों के आवासों के लिए 300, औद्योगिक कैंटिनों के लिए 300, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करणों के लिए 260, सरकारी एवं सरकारी नियंत्रण के गेस्ट हाउसों के लिए 300, रेस्टोरेंट एवं ढाबों को 2000 और होटल एवं रिजॉर्ट को 1500 एवं फार्मास्युटिकल के लिए हर दिन 380 सिलिंडर दिए जाएंगे।

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में इसके लिए निर्धारित 20 प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। प्रदेश में हर दिन 5300 व्यावसायिक सिलिंडरों का यह आवंटन राज्य की तीन आपूर्तिकर्ता तेल व गैस कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल एवं एचपीसीएल की बाजार में वर्तमान हिस्सेदारी के अनुरूप किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि तीनों कंपनियां आपूर्ति करेंगी और इस संबंध में संबंधित जिलाधिकारियों को सूचित करेंगी।

केंद्र सरकार 10 प्रतिशत और बढ़ाएगी कोटा
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का 10 प्रतिशत कोटा इस शर्त पर बढ़ाने का आश्वासन मिला है कि राज्य में पाइपलाइन के माध्यम से आने वाली गैस को लेकर और काम किया जाएगा। केंद्र के साथ शासन की वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।

तो इस वजह से हो रही दिक्कत
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों को लेकर कुछ दिक्कत है, विभाग ने भी माना की इसकी कमी बनी है लेकिन यह कमी व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कटौती कर घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति करने की वजह से बनी है। वहीं, घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति के बाद भी पैनिक बुकिंग की वजह से दिक्कत आ रही है। विभाग का कहना है कि लोगों ने सिलिंडरों को होल्ड करना शुरू कर दिया है।

Uttarkashi: अक्षय तृतीया पर खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट, मंदिर समिति की अगुवाई में निकाला गया शुभ मुहूर्त

मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में स्थित यमुना मंदिर में आज यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त निकाला गया।

यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल रविवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 12 बजकर 35 मिनट पर कर्क लग्न अनुसार कृतिका नक्षत्र आयुष्मान योग पर विशेष पूजा अर्चना विधि-विधान के साथ कपाट खुलेंगे।

आज मंगलवार यमुना जन्मोत्सव के अवसर पर मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में स्थित यमुना मंदिर में आज यमुनोत्री मंदिर समिति की अगुवाई में यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने का विधिवत रूप से शुभ मुहूर्त निकाला गया।

मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि इससे पहले खरसाली गांव से मां यमुना की डोली सुबह 8.30 बजे स्थानीय वाद्ययंत्रों के साथ यमुनोत्री के लिए रवाना होगी। खरसाली गांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज सोमेश्वर महाराज की डोली भी अपनी बहन को विदा करने यमुनोत्री जाएंगे।

 

Uttarakhand: कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा; गृह समेत ये विभाग देखेंगे सीएम, देखें पूरी लिस्ट

शुक्रवार को धामी कैबिनेट में पांच मंत्री शामिल हुए थे। इसके बाद अब सीएम की पूरी टीम बन गई है। वहीं, आज सीएम ने नए मंत्रियों को विभाग दिए और कुछ पुराने मंत्रियों से विभाग कम भी किए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट विस्तार के बाद पांच नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने मंत्रियों के कुछ विभागों में फेरबदल हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा, मंत्री सतपाल महाराज से पंचायतीराज, जलागम, सुबोध उनियाल से तकनीकी शिक्षा व भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटाए गए हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व सौरभ बहुगुणा के पास पूर्व की भांति विभाग रहेंगे।

20 मार्च को शपथ ग्रहण करने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री खजानदास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी। मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। जबकि अपने 15 से अधिक विभाग पांचों मंत्रियों को बांट दिए हैं। मुख्यमंत्री वित्त, ऊर्जा, राजस्व, सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग स्वयं ही देखेंगे। नए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री पर विभागों का भार कम हुआ है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उत्तराखंड कार्य (बंटवारा) नियमावली 2003 के तहत मंत्रियों के कार्यभार की अधिसूचना जारी की। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग हटाकर मंत्री सुबोध उनियाल को सौंपा गया। वहीं, उनियाल से तकनीकी शिक्षा हटाकर धन सिंह और भाषा खजानदास को दे दिया गया है। मंत्री गणेश जोशी से ग्राम्य विकास हटाकर भरत सिंह चौधरी को दे दिया है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से पंचायती राज विभाग हटाकर मदन कौशिक को और जलागम राम सिंह कैड़ा को दिया गया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व सौरभ बहुगुणा के पूर्व की भांति कार्यभार रहेगा। दोनों मंत्रियों से न तो कोई विभाग हटाया गया और न ही नया विभाग दिया गया है।

जानिए अब किस मंत्री के पास कौन सा विभाग

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी : मंत्रिपरिषद, गृह, कार्मिक एवं सतर्कता, सचिवालय प्रशासन, नियोजन, राजस्व, वित्त, राज्य संपत्ति, सूचना, औद्योगिक विकास, खनन, श्रम, पेयजल, ऊर्जा, आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन, आवास।
  • कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज : लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, धर्मस्व, ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई, सामान्य प्रशासन विभाग, भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजना।
  • कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल : वन, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, निर्वाचन, विधयी एवं संसदीय कार्य।
  • कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत : विद्यालयी शिक्षा बेसिक, माध्यमिक, संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता
  • कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य : महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, खेल एवं युवा कल्याण।
    कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी : कृषि, कृषि शिक्षा, उद्यान, रेशम व सैनिक कल्याण विभाग।
    कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा : पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग।

पांच नए मंत्रियों के पास कौन से विभाग

  • कैबिनेट मंत्री खजान दास : समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, भाषा।
  • कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी : ग्राम्य विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग।
  • कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक : पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन व जनगणना।
  • कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा : परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुराज, विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी।
  • कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा : शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन।

Uttarakhand: गैस संकट का लोगों की जेब पर असर, महंगी हुई चाय की चुस्की, लकड़ी-कोयले की ओर लौटे छोटे दुकानदार

गैस संकटके चलते चाय-नाश्ते के दाम बढ़ गए हैं। छोटे दुकानदार लकड़ी-कोयले की ओर लौटे हैं। घर पर लकड़ी और कोयले पर खाना बनाकर दुकान पर लाते हैं और वहीं गर्म कर बेचते हैं।

गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी का सीधा असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। खासतौर पर छोटे चाय-नाश्ते के दुकानदारों ने लागत बढ़ने के कारण अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं जबकि कई ने गैस छोड़ लकड़ी और कोयले का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

सिलिंडर की किल्लत के चलते बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं और पर्याप्त आपूर्ति भी नहीं हो पा रही। इसके चलते दुकानदारों को मजबूरन चाय, समोसे, बिरियानी सहित अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। दुकानदार आशीष ने बताया कि पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में बिक रही है जबकि समोसे का दाम 15 से बढ़कर 18 रुपये हो गया है।

वहीं, दुकानदार शुभम वर्मा ने बताया कि बिरियानी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले 30 रुपये में मिलने वाली हाफ प्लेट अब 40 रुपये और 50 रुपये की फुल प्लेट अब 60 रुपये में बेची जा रही है। गैस की कमी से परेशान कई दुकानदार अब पारंपरिक तरीकों की ओर लौट रहे हैं। 

घर पर लकड़ी और कोयले पर बन रहा खाना
छोले-भटूरे विक्रेता रामब्रिज का कहना है कि उन्होंने सिलिंडर का इस्तेमाल काफी कम कर दिया है। अब घर पर लकड़ी और कोयले पर खाना बनाकर दुकान पर लाते हैं और वहीं गर्म कर बेचते हैं। दुकानदारों का कहना है कि बड़े होटल और कैफे तो सिलिंडर का स्टॉक रख लेते हैं लेकिन छोटे दुकानदारों के पास यह सुविधा नहीं होती। ऐसे में उन्हें अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। गैस की लगातार कमी और बढ़ती कीमतों के चलते कई छोटे ठेले और टपरी संचालकों को अपनी दुकानें बंद करने तक की नौबत आ गई है।

 

UK High Court: आईपीएस अफसरों के डेपुटेशन पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की।

आईजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन और नीरू गर्ग को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीआईजी पद पर जबरन भेजने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य और केंद्र सरकार से एक दिन में शपथपत्र देने के लिए कहा है।

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की। कोर्ट ने एक दिन में राज्य व केंद्र सरकार से जवाब और उसके एक दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं को प्रतिशपथपत्र देने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तराखंड के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को बगैर उनके आवेदन के और अनिच्छा जाहिर किए जाने के बावजूद वर्तमान से नीचे के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। आईजी स्तर की अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीआईजी पद पर जबकि आईजी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डीआईजी के पद पर तैनात किया गया था।

अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया था। वे आईजी के पद पर हैं और उन्हें जबरन नीचे के डीआईजी पद पर भेजा जा रहा है। यह भी कहा कि हाल ही में उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पांच वर्ष के लिए डिबार करते हुए इस पर रोक भी लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने ही पहल करते हुए 16 फरवरी 2026 को इनके नाम गृह मंत्रालय को भेज दिए और केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर उनकी तैनाती तय कर दी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि यदि अधिकारियों को इस निर्णय पर आपत्ति थी तो उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अभिकरण (कैट) में जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि डेपुटेशन पर भेजने का प्रस्ताव राज्य सरकार का ही है, इसलिए सुनवाई हाईकोर्ट में की जानी चाहिए। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने मामले में सरकार से जवाब मांगा था।

Uttarakhand: बारिश-बर्फबारी से गिरा तापमान, प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखरा, सुधरी आबोहवा, जंगल की आग बुझी

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से तापमान गिरा है। प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखरा। साथ ही जंगलों की आग भी बुझी। मौसम विज्ञान केंद्र ने  आज सोमवार को देहरादून, हरिद्वार, यूएसनगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत में बारिश व ओलावृष्टि संग तूफान, जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तूफान का अलर्ट जारी किया है।

मार्च के तीसरे सप्ताह की शुरुआत बेमौसम बारिश के साथ हुई। दून में रविवार को झमाझम बारिश हुई। इससे ठंड लौट आई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उत्तराखंड के कई हिस्सों में रविवार को हुई बारिश से तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में अधिक गिरावट दर्ज की गई। इससे फिर ठंड लौट आई।

बारिश के चलते लोगों को कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत भी मिली। देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाए रहे और तेज हवाएं भी चलती रहीं। दोपहर बाद कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई और शाम को करीब पांच बजे के बाद तेज दौर की बारिश शुरू हो गई। इससे मौसम पूरी तरह से बदल गया। वहीं, मसूरी, चकराता और ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट आ गई।

वादियां धुली-धुली नजर आईं
बारिश के बाद पहाड़ों की वादियां धुली-धुली नजर आईं और मौसम बेहद खुशनुमा हो गया। मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों को फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। 21 मार्च तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में और गिरावट हो सकती है।

बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी तो मैदानी इलाकों में तेज हवाओं संग बारिश हुई। इससे तापमान गिरने से जहां ठंड लौट आई, वहीं दून समेत अधिकतर जगह प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखर गया। रविवार को हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं केदारनाथ धाम में भी अच्छी बर्फबारी हुई, यहां तापमान शून्य से नीचे आ गया, जबकि शाम को गंगोत्री व यमुनोत्री में भी बर्फ गिरी। उधर, दून, ऋषिकेश, विकासनगर, मसूरी, रुड़की, हरिद्वार, ज्योतिर्मठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, चमोली, पोखरी सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश होने से हल्की ठंड लौट आई है। वहीं कई जगह ओलावृष्टि से भी ठंड में इजाफा हो गया है।

सुधर गई आबोहवा 
रविवार को बारिश के बाद कई शहर की आबोहवा भी साफ हो गई। देहरादून का एक्यूआई 100 के नीचे आ गया। रविवार को यहां का एक्यूआई 87 दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा 100 से भी उपर चल रहा था। इसी तरह बारिश होने से कई शहरों में प्रदूषण घटा, जिससे वातावरण साफ हो गया। मौसम में आए बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली।

बुझी जंगलों की आग
रविवार को हुई बारिश से जंगलों की आग बुझ गई है। नवंबर से ही वनाग्नि की घटनाएं सामने आने लगी थीं। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हुआ, तब से जंगल की आग की 84 घटनाएं हुई हैं। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि 23 जगह पर फायर अलर्ट थे, बारिश होने से अब किसी भी स्थान पर सक्रिय आग की सूचना नहीं है।

 

 

Uttarakhand: कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिह्नित करने की बनेगी नियमावली, जांच को चलेगा अभियान

विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट से कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिह्नित करने के लिए नियमावली बनाई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के हर महीने मिलावट व घटिया गुणवत्ता की जांच के लिए एक सप्ताह का अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में भी खाद्य पदार्थों की सैंपल जांच की जाएगी।

विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सरकार की ओर से प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सैंपल एकत्रित जांच की जा रही है। कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिन्हित करने के लिए सरकार नियमावली बनाएगी।

भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने सवाल किया त्योहारों के मौके पर एफडीए की ओर से निरीक्षण कर सैंपल भरे जाते हैं। मिलावट को रोकने के लिए नियमित रूप से जांच होनी चाहिए। इस पर स्वास्थ्य मंंत्री ने कहा कि यह सही बात है कि त्योहारों के मौके पर विभाग ज्यादा सक्रिय होता है। सरकार की ओर से प्रत्येक माह एक सप्ताह तक प्रदेश में खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी।

देहरादून में 31 मार्च तक तैयार होगी खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में लैब बनाई जा रही है। 31 मार्च 2026 तक प्रयोगशाला बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद सैंपलों की जांच में तेजी आएगी।

लोक सेवा आयोग को भेजे 28 पदों को भरने का प्रस्ताव
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारी 28 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। जब तक इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। तब तक दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों को तैनात करने पर विचार किया जाएगा।

निकायों में सैंपल भरने का अधिकार देने पर लेंगे निर्णय
भाजपा विधायक विनोद चमोली ने सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा वर्तमान में एफडीए की ओर से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच को भेजे जाते हैं। निकायों को भी सैंपल लेने व निरीक्षण का अधिकार देने पर नीतिगत निर्णय लेने पर विचार किया जाएगा।

दो वर्षों में फेल पाए गए 330 खाद्य पदार्थों के नमूने
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 व 2024-25 में कुल 3311 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसमें 330 सैंपल गुणवत्ता मानकों में फेल पाए गए। फेल सैंपलों में निर्माता व विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।