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गाजा पट्टी में खत्म हो गया युद्ध… इजरायल-हमास करेंगे बंधकों-कैदियों की अदला-बदली, मिस्र में ग्लोबल लीडर्स का जमावड़ा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सोमवार तड़के मिस्र पहुच गये हैं। उनके अलावा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, स्पेनिश प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगान और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो भी विश्व नेताओं में शामिल हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिस्र में आयोजित गाजा शांति समझौता कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अमेरिका से निकल चुके हैं। अमेरिका से निकलते वक्त उन्होंने कहा कि ‘गाजा में युद्ध खत्म हो चुका है।’ माना जा रहा है कि भारतीय समय के मुताबिक साढ़े 10 बजे से हमास, इजरायली बंधकों की रिहाई शुरू कर देगा। रिहाई, मिस्र में गाजा सीजफायर समिट से पहले पूरा हो जाने की संभावना है, जिसके तहत हमास, इजरायली बंधकों को रिहा करेगा और इजरायल, हजारों उन फिलीस्तीनियों को रिहा करेगा, जो इजरायली जेल में सालों से बंद हैं।

इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम समझौता होने से गाजा के उन लाखों लोगों को राहत मिलने की संभावना है, जो पिछले दो सालों से बम बारूद के धमाकों के बीच जिंदगी जी रहे हैं। गाजा में अकाल है और हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2023 में शुरू हुए गाजा पर इजरायल के युद्ध में कम से कम 67,806 लोग मारे गए हैं और 170,066 घायल हुए हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के क्रूर हमले में इजरायल में कुल 1,139 लोग मारे गए थे और लगभग 250 लोगों को हमास ने बंदी बना लिया था।

इजरायल और हमास में सीजफायर समझौता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एयर फोर्स वन में सवार हैं और उनके सोमवार सुबह इजराइल पहुंचने की उम्मीद है। वाइट हाउस के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति बंधकों के परिवारों से बात करेंगे और इजरायली संसद, नेसेट को संबोधित करेंगे। इसके बाद ट्रंप मिस्र के लिए रवाना होंगे, जहां वे सोमवार को ही क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं के साथ एक वैश्विक “शांति शिखर सम्मेलन” की सह-अध्यक्षता करेंगे, जिसमें युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति का आह्वान किया जाएगा।

– गाजा में जिन 20 इजरायली बंधकों के जीवित होने की आशंका है, उन्हें कुछ ही घंटों में रिहा कर दिया जाएगा। अमेरिका की मध्यस्थता वाले युद्धविराम समझौते के पहले महत्वपूर्ण चरण के तहत, इजरायल में लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को भी रिहा किया जाएगा। युद्ध शुरू होने के बाद से, 148 बंधकों को जीवित इजराइल वापस लाया गया है, जबकि 140 को रिहा कर दिया गया और आठ को इजराइली सेना ने बचा लिया। हमास ने कई मृत बंधकों के शव भी लौटाए हैं।
गाजा में युद्धविराम को लेकर मिस्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें दुनिया के करीब 20 नेता शामिल हो रहे हैं। इनमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर शामिल हैं। डोनाल्ड ट्रंप, कार्यक्रम की सह अध्यक्षता करेंगे।
उत्तरी गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचने के साथ ही फिलिस्तीनी अपने बचे-खुचे घरों की ओर लौट रहे हैं। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि भोजन, दवा और अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति अभी भी गंभीर रूप से कम है।
बंदियों और कैदियों की अदला-बदली कैसे होगी?
इजरायली सरकार ने आज बंधकों की रिहाई की योजनाएं तैयार कर ली हैं। यह बंधकों और कैदियों की पहली अदला-बदली नहीं है। इससे पहले भी हमास ने अपहृत लोगों को सौंपने से पहले समारोह आयोजित किए थे। लेकिन इस बार, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता शोश बेड्रोसियन ने रविवार को कहा कि हमास का कोई प्रोपेगेंडा नहीं होगा और न ही फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह को कोई “प्रदर्शन” करने दिया जाएगा। इसके बजाय, बेड्रोसियन ने कहा कि गाजा में बंधक बनाए गए 20 जीवित बंधकों को रेड क्रॉस को सौंप दिया जाएगा “और छह से आठ वाहनों में उन्हें वापस इजरायल जाया जाएगा।”
सीएनएन के मुताबिक, इजराइल इस दौरान आजीवन कारावास की सजा काट रहे 250 फिलिस्तीनी कैदियों के साथ-साथ 7 अक्टूबर 2023 के बाद हिरासत में लिए गए गाजा के 1,700 फिलिस्तीनियों को भी रिहा करेगा। इजराइली जेल सेवाओं के एक प्रवक्ता ने कहा कि रिहा होने वाले आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को शनिवार को इजराइल के दक्षिण में ओफर और केट्ज़ियोट जेलों में निर्वासन परिसरों में ले जाया गया है। इजराइल के अनुसार, इनमें से 142 कैदियों को निर्वासित किया जाएगा। बाकी या तो वेस्ट बैंक या पूर्वी यरुशलम लौट जाएंगे।
तेल अवीव में सूर्योदय के साथ ही होस्टेज स्क्वायर पर भीड़ जमा हो गई है, कुछ लोग रात से ही रूके हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि कुछ ही घंटों में 20 जीवित बंधकों की रिहाई हो जाएगी। यह चौक 700 से ज्यादा दिनों से बंधकों के प्रदर्शनों का केंद्र रहा है और भीड़ में से कई लोग एक साथ बैठकर गाने गा रहे थे और स्क्रीन पर बंधकों की वापसी की तस्वीरें देख रहे थे। बंधक और लापता परिवार फोरम की स्वास्थ्य टीम ने चेतावनी दी है कि बंधकों और उनके परिवारों के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।
युद्धविराम कार्यक्रम के लिए मिस्र पहुंच रहे ग्लोबल लीडर्स
गाजा के भविष्य को लेकर होने वाले शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 20 से ज्यादा देशों के विश्व नेता मिस्र के लाल सागर स्थित शर्म अल-शेख रिसॉर्ट पहुंच रहे हैं। इस सम्मेलन की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी सोमवार को करेंगे, जिसमें एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर समारोह भी शामिल होने की उम्मीद है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने रविवार को X पर एक पोस्ट में मिस्र पहुंचने की पुष्टि की हैं। ब्रिटेन गाजा में सहायता के लिए 2.6 करोड़ डॉलर की सहायता दे रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सोमवार तड़के मिस्र पहुच गये हैं। उनके अलावा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, स्पेनिश प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगान और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो भी विश्व नेताओं में शामिल हैं, जिनके इसमें भाग लेने की उम्मीद है। इस शिखर सम्मेलन में भारत की तरफ से राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह हिस्सा ले रहे हैं।

Uttarakhand: मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, स्वास्थ्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट होगा। स्वास्थ्य सचिव ने इस संबंध में सख्त निर्देश देते हुए हा कि सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

जयपुर के एक अस्पताल आग लगने की घटना के बाद प्रदेश सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट करने का निर्णय लिया है। सचिवालय में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में निर्देश सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों में फायर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।

         हर महीने मॉक ड्रिल प्रैक्टिस कर फायर सेफ्टी का ऑडिट किया जाएगा। अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन, उपसचिव जसंविदर कौर, सीएमएस दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आरएस बिष्ट मौजूद रहे।

दून मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी के लिए सख्त निर्देश

स्वास्थ्य सचिव ने दून मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी से जुड़ी कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए फायर से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। सचिव ने अग्निशमन विभाग से भी आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। सचिव ने स्प्रिंकलर, मोटर्स व अन्य फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कर उनका डेमो कराया जाए। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्था के साथ नियमित रूप से प्रतिमाह बैठक की जाए। कार्यदायी संस्था ने बैठक में जानकारी दी कि ओटी बिल्डिंग की फायर एनओसी 30 अक्तूबर 2025 तक व सीएसएसडी विभाग की एनओसी 30 नवंबर 2025 दी जाएगी।

मरीजों व स्टाफ की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता : धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, राज्य के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में फायर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना अनिवार्य है। हमारी प्राथमिकता मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखंड के सभी अस्पताल सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हों। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भारत काबुल मिशन को पूर्ण दूतावास में अपग्रेड करेगा, तालिबान के साथ गहरे संबंधों का संकेत

भारत के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अपने अफ़ग़ान समकक्ष से मुलाकात के बाद घोषणा की कि भारत काबुल में अपने तकनीकी मिशन को एक पूर्ण दूतावास में उन्नत कर रहा है। यह घोषणा दो दशकों की अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के बाद 2021 में तालिबान द्वारा सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद पहली उच्च-स्तरीय राजनयिक बातचीत के दौरान की गई।

भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा कि भारत अफ़ग़ानिस्तान के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने व्यापार, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का वादा किया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है। नई दिल्ली में अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्ताकी के साथ बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, “हमारे बीच घनिष्ठ सहयोग आपके राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और लचीलेपन में भी योगदान देता है।”

मुत्ताकी, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों, जिनमें यात्रा प्रतिबंध और संपत्ति ज़ब्त करना शामिल है, के तहत कई अफ़ग़ान तालिबान नेताओं में से एक हैं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समिति द्वारा उन्हें अस्थायी यात्रा छूट दिए जाने के बाद गुरुवार को नई दिल्ली पहुँचे। यह यात्रा मुत्ताकी द्वारा मंगलवार को रूस में अफ़ग़ानिस्तान पर एक अंतरराष्ट्रीय बैठक में भाग लेने के बाद हुई है, जिसमें चीन, भारत, पाकिस्तान और कुछ मध्य एशियाई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे।

तालिबान तक भारत की व्यावहारिक पहुंच

यह कदम भारत और तालिबान शासित अफ़ग़ानिस्तान के बीच ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे के प्रति शत्रुता के बावजूद गहरे होते संबंधों को रेखांकित करता है।

दोनों को कुछ न कुछ हासिल करना है। तालिबान प्रशासन अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाहता है। इस बीच, भारत अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों पाकिस्तान और चीन का मुकाबला करना चाहता है, जो अफ़ग़ानिस्तान में गहराई से शामिल हैं।

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जनवरी में दुबई में मुत्तकी से मुलाकात की थी, और अफ़ग़ानिस्तान में भारत के विशेष दूत ने अप्रैल में राजनीतिक और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा के लिए काबुल का दौरा किया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि तालिबान के साथ उच्च स्तर पर बातचीत करने का भारत का निर्णय एक रणनीतिक पुनर्मूल्यांकन को दर्शाता है, जो आंशिक रूप से पिछली गैर-संलग्नता के परिणामों के साथ-साथ अपने रणनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से पिछड़ने से बचने के लिए किया गया है।

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के वरिष्ठ विश्लेषक प्रवीण दोंती ने कहा, “नई दिल्ली दुनिया को चीन, पाकिस्तान या दोनों के साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता के चश्मे से देखती है। तालिबान की संतुलित विदेश नीति, जिसमें प्रतिद्वंद्वी देशों और समूहों के साथ संबंध स्थापित करना शामिल है, नई दिल्ली की अपनी रणनीति को प्रतिबिंबित करती है।”

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अफ़ग़ानिस्तान के पाकिस्तान के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं, खासकर शरणार्थियों के निर्वासन और सीमा तनाव को लेकर, और भारत की भागीदारी को पाकिस्तान के प्रभाव के रणनीतिक प्रतिकार के रूप में देखा जा रहा है। भारत का लक्ष्य बुनियादी ढाँचे और राजनयिक उपस्थिति के माध्यम से अफ़ग़ानिस्तान में चीनी प्रभुत्व को सीमित करना भी है।

दोंती ने कहा, “बीजिंग द्वारा तालिबान के साथ सक्रिय रूप से बातचीत करने के साथ, नई दिल्ली नहीं चाहेगी कि उसका मुख्य रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी काबुल पर विशेष प्रभाव रखे।”

उन्होंने कहा कि अतीत में पाकिस्तान का तालिबान पर भी ऐसा ही प्रभाव था, लेकिन इस्लामाबाद के साथ उसके बिगड़ते संबंधों के कारण, नई दिल्ली “काबुल पर थोड़ा प्रभाव विकसित करने और एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में अपनी स्थिति को मज़बूत करने” का अवसर देख रही है।

 

देहरादून में दीपावली पर पटाखा बिक्री के लिए बने नियम:भीड़भाड़ वाले इलाकों में दुकानों पर पूरी तरह प्रतिबंध, लाइसेंस के लिए आवेदन शुल्क तय

देहरादून में प्रशासन ने दिवाली को देखते हुए पटाखा बिक्री को लेकर कड़े और सख्त नियम लागू किए हैं। सार्वजनिक रास्तों और आंतरिक सड़क मार्ग पर पटाखा बिक्री पूरी तरह​प्रतिबंधित की गई है। साथ ही अगले साल से पटाखा बिक्री का लाइसेंस सिर्फ खुले मैदान में ही करने का निर्णय लिया गया है।

देहरादून के अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह ने दीपावली के पर्व पर आतिशबाजी के अस्थायी लाईसेंस जारी करने को लेकर व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष से पटाखा बिक्री केवल चिन्हित खुले मैदानों में ही पटाखा दुकान के लिए लाईसेंस निर्गत किए जाएंगे जिसमें उपस्थित समस्त व्यापारिक संगठनो के पदाधिकारियों ने अपनी सहमति दी है। पटाखा दुकान के लिए 850 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह ने व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों से व्यवस्था बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपेक्षा की है। साथ ही पुलिस, फायर, प्रशासन के अधिकारियों को निर्धारित नियमानुसार लाईसेंस निर्गत करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।

शहर में पटाखा दुकान के लिए प्रतिबन्धित क्षेत्र-
  • पल्टन बाजार-कोतवाली से घंटाघर, धामावाला बाजार-कोतवाली से बाबूगंज (आढत बाजार चौक तक) मोतीबाजार -पल्टन बाजार से पुरानी सब्जीमण्डी हनुमान चौक तक, हनुमान चौक-झण्डा मौहल्ला, रामलीला बाजार- बैण्ड बाजार तक, आनंद चौक से लक्ष्मण चौक तक, डिस्पेंसरी रोड का सम्पूर्ण क्षेत्र, घंटाघर से चकराता रोड पर हनुमान मंदिर तक सर्वे चौक से डीएवी कालेज देहरादून जाने वाली रोड़ करनपुर मुख्य बाजार (भीड़-भाड़ वाला क्षेत्र)
  • समस्त सार्वजनिक रास्ता, सड़क एवं आंतरिक मार्ग पटाखा बिक्री हेेतु पूर्णतः प्रतिबन्धित किए गए है। इसके अतिरिक्त ऐसे स्थान जहां फायर के वाहन प्रवेश नही कर सकते हैं पर पटाखे की दुकाने प्रतिबन्धित की गई हैं।
कड़े और सख्त नियम-
  • दुकान के बाहर फुटपाथ, सड़क पर पलंग एवं अन्य रैक लगाकर पटाखा बिक्री करने वालो के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
  • जिला प्रशासन द्वारा पटाखा लाईसेंस के लिए आवेदन शुल्क 850 निर्धारित किया गया है।
  • लाईसेंस के लिए आज से 13 अक्टूबर 2025 तक ही आवेदन किए जा सकते है, इसके बाद आवेदन प्राप्त नही किए जाएंगे।
  • लाईसेंस आवेदन हेतु आधार कार्ड, खाली दुकान के अन्दर स्वामी के फोटोग्राफ, पुलिस,फायर की एनओसी, दुकान का बिजली का बिल, दुकान की रजिस्ट्री या नगर निगम टैक्स रसीद लगानी अनिवार्य होगी तथा पटाखा दुकान हेतु निर्धारित समस्त सुरक्षा मानक पूर्ण करने पर ही पटाखा लाईसेंस निर्गत किए जाएंगे।
  • पटाखा गोदाम से फुटकर विक्रय करने की अनुमति नही दी जाएगी। दीपावली हेतु 17 से 21 अक्टूबर तक ही पटाखा बिक्री की अनुमति दी जाएगी।

लॉ प्रेप ट्यूटोरियल, देहरादून : क्लैट (सामान्य कानून प्रवेश परीक्षा) 2026 अभ्यर्थियों के लिए शुरू हुआ “The Ultimate Bootcamp”

देहरादून: CLAT 2026 की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है — “The Ultimate Bootcamp for CLAT 2026 Aspirants.” यह 20 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम उन छात्रों के लिए है जो भारत के शीर्ष अभ्यर्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर अपनी रैंक को ऊँचाइयों तक पहुँचाना चाहते हैं।

इस बूटकैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को संपूर्ण परीक्षा-उन्मुख मार्गदर्शन, अभ्यास और रणनीति विकास उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा संचालित लाइव क्लासेस, नियमित मॉक टेस्ट एवं उनके विस्तृत विश्लेषण, साथ ही स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने के लिए विशेष ड्रिल्स प्रदान की जाएँगी।

इसके अलावा, प्रत्येक छात्र को वन-टू-वन मेंटरशिप दी जाएगी ताकि उसकी व्यक्तिगत कमजोरियों और ताकतों पर कार्य किया जा सके। बूटकैंप का हिस्सा बनने वाले छात्रों को देश के Top 50 CLAT Aspirants के साथ सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे प्रतियोगी माहौल में आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।

लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादू के निदेशक श्री एस.एन. उपाध्याय ने बताया कि यह आयोजन CLAT 2026 के अभ्यर्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा, जहाँ उन्हें देशभर के श्रेष्ठ छात्रों के साथ प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।

इस विशेष प्रवेश परीक्षा का आयोजन लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादून (36 डी/ई, प्रथम तल, निम्बुवाला रोड, गढ़ी कैण्ट, देहरादून, उत्तराखंड – 248003) के केंद्र पर ऑफलाइन मोड में 12 अक्टूबर 2025 (शाम 2 बजे से 4 बजे तक) किया जाएगा।

कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है और सीटें सीमित हैं। इच्छुक विद्यार्थी शीघ्र आवेदन करें और प्रवेश परीक्षा में भाग लेकर इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनें।

📅 कोर्स अवधि: 20 दिन ऑनलाइन (1 से 20 नवंबर 2025)
🗓 ऑफ़लाइन परीक्षा तिथि: 12 अक्टूबर 2025 ( 2-4 pm)
⏳ पंजीकरण की अंतिम तिथि: 11 अक्टूबर 2025
🌐 अधिक जानकारी, रजिस्ट्रेशन हेतु: https://live.lawpreptutorial.com/clat-og-bootcamp/

बड़कोट स्थित महर्षि जमदग्नि आश्रम को “श्री परशुराम धाम” घोषित करने की मांग़*

News web media Uttarakhand: उत्तराखंड के घटक ब्राह्मण संगठनों के संयुक्त मंच ” उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ, (पंजी.) ने उ.प्र. के पीलीभीत जनपद के जलालाबाद को “श्री परशुराम पुरी” घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री योगी जी का आभार व्यक्त करते हुए उनको हार्दिक शुभ कामनाएं प्रेषित की है।

वहीं बैठक में उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ (पंजी.) ने उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर जी धामी जी से मांग की है कि बड़कोट स्थित महर्षि जमदग्नि आश्रम और सहस्राअर्जुन के किले के क्षेत्र को पूर्व मान्यताओं के अनुसार “श्री परशुराम धाम” घोषित करें।

यह भी उल्लेखनीय है कि भगवान श्री परशुराम जी के जन्म स्थान के विषय में जनश्रुतियों, शास्त्रों पर आधारित प्रमाणों, ब्रिटिश सरकार के समय से प्राप्त राजस्व अभिलेखों के आधार पर सात विभिन्न स्थानों को उनका जन्म स्थान माना गया है। यह भगवान श्री परशुराम जी की लोकप्रियता, महत्व, श्रद्धा और भक्ति का प्रमाण है कि इन क्षेत्रों के वासी उन्हें अपने प्रदेश में जन्मा मानते हैं, और तदनुसार स्मारक व मंदिर भी मिलते हैं।  इनमें सबसे प्रमुख और प्रथम स्थान बड़कोट माना गया है।                                

बैठक की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम ने उक्त मांग करते हुए कहा कि ब्राह्मण बहुल राज्य आध्यात्मिक देवभूमि उत्तराखंड के हर अंचल में ग्राम देवताओं, स्थान देवताओं, पौराणिक स्थलों के उत्थान व विकास की तरह भगवान श्री विष्णु के छठे अंशावतार भगवान श्री परशुराम जी की जन्म स्थली बड़कोट व उत्तरकाशी का जीर्णोद्धार करके मार्ग को भी आलवेदर रोड प्रदान ताकि इस प्रदेश के ही नहीं, देश के तमाम क्षेत्र के लोगों को सुगमता से पहुंचने का अवसर प्राप्त हो सके। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।                           

महासंघ के महासचिव डॉ.वी.डी.शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी ब्राह्मण संगठनों को एकजुट हो कर इस पुनीत कार्य को सफल बनाने हेतु एक मंच पर आना चाहिए। सभी ब्राह्मण संगठनों व ब्राह्मण समाज को एकमत होकर राज्य सरकार से मांग करनी चाहिए। महासंघ के विधि सलाहकार सिद्धनाथ उपाध्याय जी ने कहा कि हमें अपने समाज के निर्बल व जरूरतमंद भाइयों की मदद हेतु आगे आना होगा।                         

बैठक में उत्तराखंड के थराली व धराली गांव में आपदा में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर प्रभु से प्रार्थना की गई। बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त पंडित थानेश्वर उपाध्याय, पंडित रामप्रसाद उपाध्याय, अविनाश कांत शर्मा, सूर्य प्रकाश भट्ट, अरुण शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

कांवड़ मेले के लिए जारी किया विशेष हेल्पलाइन नंबर, SSP बोले- हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा

कांवड़ मेले के लिए पुलिस ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। पुलिस की ओर से जारी नंबर 91-9520625934 पर कांवड़ यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव साझा किए जा सकते हैं। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेगा और इस पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

वहीं एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में हुई बैठक में एडीजी अभिसूचना एपी अंशुमान, आईजी यातायात एनएस नपच्याल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने जानकारी दी। वी मुरुगेशन ने निर्देश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा एक बड़ी चुनौती है, जिसे हम सबको मिलकर सकुशल संपन्न कराना है।

चार हजार पुलिस-अर्द्धसैनिक बल तैनात
कहा कि सभी जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रखें और अफवाहों को फैलने से रोकें। कोई घटना छोटी नहीं होती, सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। एडीजी एपी अंशुमान ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले कंटेंट पर विशेष निगरानी रखें।

आईजी एनएस नपच्याल ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था का प्रबंधन हर छोटे व बड़े मेलों में महत्वपूर्ण है। यातायात की मॉनिटरिंग 24 घंटे की जाए। आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि सभी घटनाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखें। यातायात प्लान को सुव्यवस्थित तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। कोई भी वाहन सड़क किनारे पार्क नहीं होना चाहिए।

कैंटीन कर्मचारी से मारपीट पर संजय गायकवाड़ को फडणवीस की फटकार, कहा- विधायक का ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य

News web media uttarakhand :  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा एमएलए हॉस्टल कैंटीन कर्मचारी पर हमला करने की निंदा की है, इसे “गंभीर मामला” बताते हुए कहा कि ऐसी हरकतें जनता के बीच गलत संदेश जाती हैं। फडणवीस ने कहा कि कोई भी विधायक पूर्ण छूट का दावा नहीं कर सकता, खाने से जुड़ी शिकायत पर उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए—लेकिन यह हमला विधायिका की छवि को धूमिल करता है।

उन्होंने विधानसभा में यह भी कहा कि “गैर जिम्मेदाराना व्यवहार विधायक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है” और कहा कि ऐसे मामलों की फिक्र करने की ज़रूरत है—अगर किसी को समस्या हो, तो औपचारिक शिकायत करें, हिंसा नहीं करनी चाहिए ।

इस टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि गायकवाड़ पर वायरल हुए वीडियो के जरिए उनकी हिंसा की प्रवृत्ति सामने आई। पिछले विवादों—जिनमें राहुल गांधी को ज़ख्मी करने की ऑफर से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ—के आधार पर अब विधायकों और जनता के बीच विश्वास की समस्या उठी है ।

फडणवीस ने विधानसभा अध्यक्ष और स्पीकर से आग्रह किया है कि इस घटना की गंभीरता से समीक्षा हो और आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि विधायक समुदाय की सार्वजनिक विश्वसनीयता बनी रहे।

सीएम धामी ने बाल संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद

News web media Uttarakhand :  सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटक आवास गृह, टनकपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चम्पावत जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से बाल संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत सीधा संवाद स्थापित किया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में खेल गतिविधियों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करना तथा खिलाड़ियों से उनकी आवश्यकताओं और सुझावों पर चर्चा करना रहा.

सीएम धामी ने रा.इ.का. चम्पावत के गौरव, रा.इ.का. पाटी की प्रीति, रा.बा.इ.का. टनकपुर की कंचन, रा.इ.का. चौमेल के सागर एवं रा.बा.इ.का. चम्पावत की मोनिका से बातचीत कर खेल सुविधाओं, संसाधनों और प्रशिक्षण संबंधी जानकारी ली. विद्यार्थियों ने सीएम धामी को बताया कि वे सीएम धामी उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से नियमित लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे उनके खेल कौशल को संवारने में मदद मिल रही है.

सीएम धामी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पढ़ाई के साथ खेलों को भी बराबर महत्व दें. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं, बल्कि खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. उन्होंने युवाओं को अमृतकाल का सारथी बताते हुए अनुशासन, समय प्रबंधन और कठिन परिश्रम के महत्व पर बल दिया.

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को सशक्त मंच देने और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने राज्य की खेल नीति और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे प्रयासों को युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.

इस अवसर पर चम्पावत, पाटी, चौमेल, टनकपुर और चमदेवल क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षण स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

व्यापार समझौते की अनिश्चितता और मुनाफावसूली से भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के अंत में गिरावट पर बंद

News web media Uttarakhand : भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का समापन गिरावट के साथ किया, निवेशकों में अमेरिकी-भारत व्यापार समझौते की अनिश्चितता और मुनाफा वसूली के कारण सावधानी बनी रही। बीते हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 0.7% तक टूटे: निफ्टी 25,461 पर और सेंसेक्स 83,432.89 के स्तर पर बंद हुआ ।

हफ्ते की शुरुआत में खरीदारी देखी गई थी, लेकिन जैसे-जैसे जुलाई 9 की अमेरिकी-भारतीय व्यापार समझौते की समयसीमा नजदीक आई, बाजार में मुनाफावसूली तेज हुई। बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी सेक्टर में दबाव रहने को मिला, जबकि आईटी और हेल्थकेयर में निवेशकों की रुचि बनी रही ।

विदेशी फंड (FIIs) ने उच्च मात्राओं के कारण सतर्क रुख अपनाया, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने थोड़ी राहत दी । रिटेल ब्रोकिंग हाउस Religare के अजीत मिश्रा ने बताया, “व्यापार समझौते के आसपास अनिश्चितता देखने को मिली, लेकिन समझौते की उम्मीद मुनाफा वसूली को सीमित करने में मददगार साबित हुई” ।

मौद्रिक स्थितियों की मजबूती भी बनी रही — RBI से लगभग ₹2.69 लाख करोड़ लाभांश हस्तांतरण और जून में GST संग्रह 6.2% वृद्धि पर रहा ।