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PHOTOS: मसूरी-धनोल्टी घूमना है तो यही है सही समय, बर्फ से सफेद हुए पहाड़, तस्वीरें देख नहीं रुकेंगे कदम

शहर में करीब चार इंच और ऊंचाई वाले स्थानों पर छह इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी की सूचना पर बड़ी संख्या में सैलानी देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों से मसूरी पहुंचे और जमकर मस्ती की।

पहाड़ों की रानी मसूरी में शुक्रवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। पहाड़ बर्फ की सफेद चादर से ढक गए। सुबह शुरू हुई बर्फबारी और ठंडी हवाओं के चलते पूरे मसूरी क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।

शुक्रवार को मसूरी में सुबह नौ बजे के करीब बर्फबारी शुरू हो गई और रात तक रुक रुककर बर्फबारी हुई है। शहर में करीब चार इंच और ऊंचाई वाले स्थानों पर छह इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी की सूचना पर बड़ी संख्या में सैलानी देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों से मसूरी पहुंचे और जमकर मस्ती की।

शहर की मालरोड, गन हिल, लाल टिब्बा, जॉर्ज एवरेस्ट, अटल उद्यान सहित आसपास का क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया। बर्फबारी के बाद सड़कों, होटलों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीड़ देखी गई। पर्यटक बर्फ के बीच फोटो और वीडियो बनाते नजर आए।

वहीं बर्फबारी के चलते लंढौर रोड़, लालटिब्बा मार्ग में वाहनों के फिसलने का खतरा भी बना हुआ है। कैंपटी रोड़ में बर्फ के ऊपर वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। बर्फबारी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की टीम भी अलर्ट मोड पर है।

धनोल्टी के विनोद कुदेसिया ने बताया कि धनोल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी होने से लोगों में उत्साह है। इससे पर्यटन कारोबार को अच्छा लाभ मिलेगा। कुलदीप नेगी ने कहा, बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए लाभदायक है। सेब, खुमानी, आड़ू सहित अन्य फलदार पेड़ों के लिए बर्फबारी फायदेमंद रहेगी।

लालटिब्बा में सुबह आठ बजे से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि बर्फ से बंद होने वाली नगर पालिका की सड़कों को खोलने के लिए पूरी तैयारी है। जरूरत पड़ने पर जेसीबी मशीन की सहायता से बर्फ को हटाया जाएगा।

एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि बर्फबारी के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है। इसको देखते हुए अतिरिक्त पीएसी बुलाई गई है। साथ ही लोनिवि, एनएच, और नगर पालिका की जेसीबी और फील्ड स्टाफ को तैनात किया गया है। सड़क में चूना और नमक का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

Uttarakhand: वसंत पंचमी पर आज घोषित होगी बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि, नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचेगी यात्रा

गाडू घड़ा पूजन के बाद आज घोषित श्री बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि घोषित होगी।श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर डिम्मर में पूजा अर्चना के बाद ऋषिकेश होते हुए नरेंद्रनगर राजदरबार यात्रा  पहुंचेगी।

वसंत पंचमी पर आज बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। इससे पहले बृहस्पतिवार को डिम्मर से डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा के साथ ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को पुजारी गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर राज दरबार पहुंचेंगे। यहां परंपरागत तरीके से भगवान बदरीविशाल धाम कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित की जाएगी।

श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर डिम्मर में बृहस्पतिवार सुबह डिम्मर गांव के पुजारी टीका प्रसाद डिमरी और आचार्यों ने भगवान और गाडू घड़ा की विष्णु सहस्त्रनाम और नामावलियों से महाभिषेक पूजा कर बाल भोग अर्पित किया। इसके बाद बदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों ने गाडू घड़ा लेकर मंदिर की परिक्रमा की। फिर भगवान श्रीबदरी विशाल के जयकारों के साथ यात्रा रात्रि प्रवास के लिए ऋषिकेश रवाना हुई।

श्रीबदरीश डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि 23 जनवरी वसंत पंचमी को सुबह गाडू घड़ा लेकर डिमरी पुजारी ऋषिकेश से नरेंद्र नगर राजदरबार पहुंचेंगे जहां महाराजा मनुजेंद्र शाह पंचांग पूजा के बाद भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने, भगवान के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले लिए तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि घोषित करेंगे।

 

Weather: दिल्ली-यूपी में आज से करवट लेगा मौसम, पंजाब समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट; चलेंगी तेज हवाएं

मौसम विभाग ने कहा है कि आज कई राज्यों में बारिश का अलर्ट है। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश में भी आज से मौसम करवट ले लेगा और तेज हवाएं चलेंगी। कल से दिल्ली एनसीआर में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

पहले कड़ाके की ठंड और फिर दिन के तापमान में बढ़ोतरी के बाद अब मौसम विभाग का कहना है कि आज से कई राज्यों में मौसम करवट लेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है और कुछ राज्यों में तेज हवाएं चलेंगी और बिजली गरज सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने जताए ये अनुमान

    • आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में 22 जनवरी की देर शाम या रात को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बारिश की शुरुआत होने के संकेत हैं। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 23 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश होने की संभावना है। 24 जनवरी को बारिश में कमी आने के बाद 25 जनवरी को मौसम शुष्क हो जाने की संभावना है
    • राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जम्मू कश्मीर लद्दाख में 22 और 23 जनवरी को बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में कल बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में आज और कल 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
    • उत्तर पश्चिमी भारत में दिन के तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि अगले दो दिनों तक इसमें बारिश और खराब मौसम के चलते गिरावट आ सकती है और दो दिनों को बाद फिर से बढ़ोतरी जारी रहेगी। महाराष्ट्र में भी तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
    • पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 23 जनवरी तक कोहरा और धुंध का माहौल रहेगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों और बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ जगहों पर कोहरा छाया रहेगा।
    • मौसम विभाग ने 23 जनवरी को उत्तराखंड में बारिश व बर्फबारी होने की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर शासन ने सभी कार्यदायी एजेंसियों को एलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।
    • राजस्थान में गुरुवार को 6 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बारिश का यह सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक के बाद एक नए सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं। इसी कड़ी में अगले सप्ताह एक और सिस्टम प्रभावी होगा, जिससे 26 से 28 जनवरी के बीच मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा।

Uttarakhand: एंटी रैगिंग कमेटी में बदलाव की तैयारी में एचएनबी विवि, घटना के बाद से प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में एमबीबीएस के नौ सीनियर छात्रों पर कॉलेज, हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई की गई है। इनमें से दो छात्रों पर निष्कासन के साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना के बाद प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं।

एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की वर्ष 2026 के लिए होने वाले संबद्धता विस्तार के दौरान एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों को बदल सकता है। हाल ही में हुई रैगिंग की घटना के बाद विवि सख्त है। विवि की ओर से यह निर्णय कॉलेज में बढ़ रही रैगिंग की घटनाओं को देखते हुए लिया गया।

दून मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर छात्रों के साथ हुई रैगिंग की घटना के बाद प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। हॉस्टल में जिस तरह से सीनियर छात्रों ने मिलकर जूनियर की बेरहमी से पिटाई कर दी इससे सभी छात्रों में भी डर का माहौल है। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन ने नौ छात्रों को निष्कासित किया है। साथ ही दो छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सदस्यों को बदलने की तैयारी
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और यूजीसी ने भी घटना का संज्ञान लिया है। यूजीसी ने एचएनबी मेडिकल विवि से मामले में जवाब तलब किया था। इसके बाद विवि ने दून मेडिकल कॉलेज से पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। अब विवि मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामलों का निस्तारण करने के लिए गठित एंटी रैगिंग कमेटी को और अधिक मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।

ऐसे में कई सदस्यों को बदला जा सकता है। इसके अलावा विवि छात्र सहायता के लिए गठित वीमेन हैरेसमेंट, डिसीप्लीन और इंटर्नल कंप्लेंट कमेटी समेत छह अन्य कमेटियों की समीक्षा कर इनके भी सदस्यों को बदलने की तैयारी कर रहा है।

Haridwar: शांतिकुंज के बैरागीद्वीप में शताब्दी समारोह, दूसरे सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री शाह करेंगे संबोधित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शांतिकुंज की ओर से बैरागीद्वीप में चल रहे शताब्दी समारोह में शामिल होंगे।  उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और स्वामी परमात्मानंद मंच पर मौजूद रहेंगे।

शांतिकुंज की ओर से बैरागीद्वीप में चल रहे शताब्दी समारोह में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे। प्रथम सत्र में योग गुरु स्वामी रामदेव और आध्यात्मिक प्रवक्ता बाबा बालक नाथ ज्योति कलश यात्रा की शुरुआत कराएंगे।

वहीं दूसरे सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन होगा। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और स्वामी परमात्मानंद मंच पर मौजूद रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों का एक दस्ता सोमवार को आयोजन स्थल पर पहुंचा।

स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ एजेंसियों ने आयोजन की पूरी रूपरेखा के बारे में जानकारी ली। गृहमंत्री के कार्यक्रम की तैयारी को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में भी सचिवालय में बैठक हुई।

 

Nepal: आम चुनाव में पूर्व PM ओली के लिए चुनौती बनेंगे ये युवा नेता, बालेन शाह से गगन थापा तक दौड़ में

नेपाल की वरिष्ठ पत्रकार सरस्वती कर्माचार्य ने कहा, ‘केपी ओली के लिए इस बार का संसदीय चुनाव न केवल एक कठिन चुनौती होगा। उनके प्रतिद्वंद्वी पूर्व महापौर बालेन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, यह उनके पांच दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर के लिए भी खतरा बन सकता है।
नेपाल में कड़ाके की ठंड के बावजूद चुनाव प्रचार ने सियासी गर्मी बढ़ा रखी है। तीन राजनीतिक दलों ने 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों के लिए अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। देश की सबसे बड़ी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने हाल ही में अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को आधिकारिक तौर पर अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।

वहीं नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस और नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने-अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों को 50 वर्ष से कम आयु का घोषित किया है। बीते सप्ताह 49 वर्षीय गगन थापा नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष चुने गए। उनके चुनाव के तुरंत बाद पार्टी के उपाध्यक्ष विश्व प्रकाश शर्मा ने एलान किया कि थापा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।

गगन थापा के खिलाफ देउबा क्यों पहुंचे सुप्रीम कोर्ट?
वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता चरण प्रसाई ने कहा, ‘नेपाली कांग्रेस के सक्रिय नेता गगन थापा, जो जेन जी के युवाओं की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं, का अध्यक्ष पद पर चुनाव होने से वर्तमान चुनावी परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है।’ हालांकि, नेपाली कांग्रेस के एक अन्य गुट, जिसका नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा कर रहे हैं, ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें थापा के नेतृत्व वाले गुट को आधिकारिक तौर पर वास्तविक राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में मान्यता दी गई है।

बालेन शाह आरएसपी के पीएम पद के उम्मीदवार
इंजीनियर और गायक से राजनेता बने 35 वर्षीय बालेंद्र शाह 2022 में भारी बहुमत से काठमांडो महानगरपालिका के महापौर चुने गए थे। वह बालेन शाह के नाम से भी मशहूर हैं और काठमांडो के साथ पूरे देश में युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में महापौर चुनाव जीतने वाले बालेन अब अपनी टीम के साथ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए हैं और आम चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे 20 जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकें। सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली को बालेन चुनौती देंगे, जिनकी उम्र उनसे आधी है। दोनों ने झापा-पांच निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिससे पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत का यह जिला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

ओली के लिए कैसे चुनौती बने बालेन शाह?

  • 2008 में हुए आम चुनाव को छोड़कर ओली पिछले तीन दशकों में छह बार झापा जिले से संसद के लिए चुने गए हैं।
  • 2022 में हुए पिछले आम चुनाव में ओली ने नेपाली कांग्रेस के अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 28,000 से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।
  • इस बार ओली का मुकाबला लोकप्रिय युवा नेता बालेन से है, जिनकी उम्र उनसे आधी है।
  • बालेन नेपाल की उभरती युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि ओली रूढ़िवादी और कट्टरपंथी विचारधारा का चेहरा हैं।

पूर्व पीएम ओली के खिलाफ फूटा था जेन जी का गुस्सा
जेन जी के युवाओं के पिछले साल सितंबर में हुए आंदोलन में 77 लोगों की मौत हो गई थी। जेन जी ने आरोप लगाया था कि इस आंदोलन को दबाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और नेपाली कांग्रेस के तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक ने हद से ज्यादा बल प्रयोग किया। गौरतलब है कि सैकड़ों आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के बलुवाटर स्थित प्रधानमंत्री आवास में तोड़फोड़ की थी। इसके चलते ओली को एक सेना के हेलीकॉप्टर से भागना पड़ा था।

 

NEET PG: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नीट पीजी कटऑफ का मुद्दा, याचिका दायर, एनबीईएमएस के फैसले को चुनौती

नीट-पीजी 2025-26 की कट-ऑफ घटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में इसे मनमाना बताते हुए कहा गया है कि इससे मेरिट, मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल शिक्षा के मानकों पर गंभीर असर पड़ेगा।
नीट-पीजी 2025-26 के लिए योग्यता कट-ऑफ प्रतिशत घटाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा 13 जनवरी को जारी उस नोटिस के खिलाफ दाखिल की गई है, जिसमें क्वालिफाइंग कट-ऑफ को कम किया गया था।

यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन, न्यूरोसर्जन सौरव कुमार, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल और वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. आकाश सोनी द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि विवादित नोटिस के माध्यम से कट-ऑफ को असामान्य रूप से बेहद कम, यहां तक कि शून्य और नकारात्मक स्तर तक घटा दिया गया है।

मामला एक नजर में:

    • 13 जनवरी को एनबीईएमएस ने नीट पीजी की कटऑफ संशोधित की।
    • इस संशोधन में कट-ऑफ प्रतिशत को बहुत कम कर दिया गया, यहां तक की शून्य कर दिया गया।
    • इस बदलाव के बाद -40 अंक पाने वाला भी मेडिकल की पढ़ाई के लिए योग्य हो गया था।
    • नोटिस जारी होने पर इस फैसले का विरोध होने लगा।
    • डॉक्टर संगठनों समेत अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की साख को गंभीर खतरा है।
  • एनबीईएमएस के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है यह फैसला

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में इसे संवैधानिक चुनौती बताते हुए कहा गया है कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के लिए योग्यता मानकों में की गई यह कटौती मनमानी है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करती है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इससे मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की साख को गंभीर खतरा पैदा होता है।

याचिका में कहा गया है कि चिकित्सा कोई सामान्य पेशा नहीं है, बल्कि यह सीधे मानव जीवन, शारीरिक अखंडता और गरिमा से जुड़ा हुआ है। केवल खाली सीटें भरने के आधार पर इस तरह का निर्णय मेरिट को समाप्त करता है, प्रतियोगी परीक्षा को महज औपचारिकता में बदल देता है और जीवन से जुड़े क्षेत्र में पेशेवर मानकों के पतन को संस्थागत रूप देता है।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि पीजी स्तर पर मेरिट में की गई यह ढील राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के वैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।

क्या है मामला?

नीट-पीजी 2025‑26 के लिए एनबीईएमएस ने 13 जनवरी 2026 को एक नोटिस जारी किया, जिसमें पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता कट‑ऑफ को असामान्य रूप से कम कर दिया गया। इसे आरक्षित वर्ग के लिए -40 अंक तक कर दिया गया। एनबीईएमएस के इस फैसले का विरोध हो रहा था और अब फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

Uttarakhand: पॉक्सो, एनआई एक्ट, भ्रष्टाचार जैसे मुकदमों का तेजी से होगा निस्तारण, 16 विशेष न्यायालय बनेंगे

मुकदमों का तेजी से निस्तारण हो इसके लिए 16 विशेष न्यायालय बनेंगे। सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय चार बड़े जिलों में बनाए जाएंगे।

एनडीपीएस, पॉक्सो, एनआई एक्ट, भ्रष्टाचार जैसे मुकदमों के तेजी से निपटारे के लिए 16 विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे। सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में पारित निर्णयों के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में गठित कमेटी की संस्तुतियों पर बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है। इन न्यायालयों के लिए 144 पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

पहले चरण में सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय चार बड़े जिलों में बनाए जाएंगे। उच्चतम न्यायालय ने छह अगस्त 2024 को सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में निर्णय पारित किया था। यह निर्णय जमानत और मौलिक अधिकारों के संबंध में था। इसमें आरोपियों को नोटिस देने से लेकर जमानतों का तेजी से निपटारा आदि शामिल था।

देहरादून में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा
इसके अलावा इसके बिंदु संख्या पांच में विशेष अदालतों के गठन के निर्देश भी पारित किए गए थे। ये विशेष न्यायालय ऐसे राज्यों में गठित किए जाएंगे जहां पर विचाराधीन कैदियों की संख्या अधिक है। इस निर्णय के बाद उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।

इस समिति ने प्रदेश में एनडीपीएस, पॉक्सो, चेक बाउंस (एनआई एक्ट), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसे मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अदालतों के गठन की संस्तुति की थी। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। प्रथम चरण में हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और देहरादून में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा।

इसमें सात अदालतें अपर जिला न्यायाधीश और नौ अदालतें अपर मुख्य मजिस्ट्रेट स्तर की होंगी। इसके लिए 144 पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। इन अदालतों के गठन के बाद यहां पर विचाराधीन मुकदमों का तेजी से निपटारा होगा।

Makar Sankranti: कड़ाके की ठंड; हरिद्वार गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देवडोलियों ने किया स्नान

कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है

माघ मकर संक्रांति स्नान पर्व की शुरआत घने कोहरे और भयंकर ठंड के बीच हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। ढोल और दमाऊं की थाप के बीच देव डोलियों को लाया गया। और गंगा में स्नान कराया गया। श्रद्धाल हर की पैड़ी गंगा घाट पर पहुंचे। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं दिखा। तड़के से गंगा के सभी घाटों पर लोग स्नान दान और पूजा करते देखे गए। गंगा घाट पर आरती की गई ।

23 वर्ष में बना संक्रांति और एकादशी का शुभदायी संयोग
सूर्य का दक्षिणायन से उत्तरायण में आना और एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना ही मकर संक्रांति कहलाता है। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है। इस विशेष मुहूर्त में स्नान को उत्तम बताते हुए ज्योतिषविद महात्म्य बता रहे हैं।

नारायण ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य विकास जोशी ने बताया कि आज बुधवार को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।उत्तरायण काल को शास्त्रों में शुभ माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य देना और दान करना विशेष फलदायी होता है। सुबह स्नान कर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना विशेष फलदायी रहेगा।

सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा
इस दिन सुबह 7 बजकर 31 मिनट बजे से रात 3 बजकर 04 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इसके साथ ही चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी रहेगा। इससे दिन और अधिक शुभ है। इस साल मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है।

यह संयोग करीब 23 साल बाद बन रहा है, जब संक्रांति और एकादशी एक ही दिन आ रही है। ज्योतिष के अनुसार, यह संयोग बहुत पुण्यकारी है। इस दिन किया गया स्नान, दान और पूजा अनंत गुना शुभ फल देने वाला माना जाता है। मकर संक्रांति पर स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें, जल में गुड़ या लाल फूल डाल सकते हैं। तिल और गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को कंबल, वस्त्र या अनाज दान करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें इससे विशेष लाभ होगा।

 

Heli Seva: पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी, हेलीपैड के लिए चल रही जमीन चिह्नित की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।

उत्तराखंड में चंपावत जिले के प्रसिद्व धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इससे तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूर्णागिरी तक पहुंचने में आसानी होगी।

क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत प्रदेश सरकार राज्य में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार कर रही है। इस योजना से प्रदेश में प्रमुख धार्मिक व पर्यटक स्थलों को हेली सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार पूर्णागिरी में हेलीपैड की सुविधा नहीं है। हेली सेवा के लिए पहले हेलीपैड बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर प्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी।