Blog

घर में जिंदा जले चार मासूम, धमाके के साथ फटे सिलेंडर तो दहला इलाका

देहरादून। त्यूनी में लकड़ी के चार मंजिला घर में आग लगने से चार मासूम जिंदा जल गए थे। हादसा रसोई गैस सिलेंडर बदलते समय हुआ था। चार सिलेंडर एक के बाद एक धमाके साथ फटे तो पूरा क्षेत्र दहल गया।फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन वाहन में पानी कम होने से काफी समय लग गया। ग्रामीणों की कोशिश भी नाकाम साबित हुई और देखते-देखते पूरा घर जलकर राख हो गया।

आज शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचीं। त्यूनी में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी सूरतराम जोशी का लकड़ी का चार मंजिला घर सड़क के किनारे स्थित है। इसमें मकान मालिक के साथ ही पांच परिवार किराये पर रहते हैं। बृहस्पतिवार रात को घर के अंदर किराये पर रहने वाले पांच बच्चे, दो पुरुष और एक महिला थी।

घटनाक्रम के मुताबिक, किराये पर रहने वाले विक्की की पत्नी कुसुम किचन में रसोई गैस सिलेंडर बदल रही थीं। इसी दौरान अचानक सिलेंडर ने आग पकड़ ली। हड़बड़ाहट में कुसुम ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग ने लकड़ी से बने मकान को चपेट में लेना शुरू कर दिया।

चार सिलिंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फटे

किराये पर रहने वाले अन्य परिवारों के सदस्यों के शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण पहुंच गए। उधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाना शुरू किया। लेकिन, वाहन में पानी कम होने के कारण वह दस मिनट में ही खत्म हो गया। आग विकराल हुई तो घर में रखे चार सिलेंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फटे। जब तक फायर बिग्रेड की टीम पानी लेकर वापस आई, आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था।

 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों के छात्रवृत्ति को वित्त की मंजूरी

उत्तराखंड: उत्तराखंड बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सरकार की ओर से प्रत्येक माह एक से दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। वित्त विभाग से इसकी मंजूरी मिल गई है। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाने और ड्रॉप आउट को कम करने के लिए मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना शुरू की जा रही है।

मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना के लिए मानक तय

  • छठी और आठवीं कक्षाओं में अलग-अलग परीक्षा के आधार पर बनने वाली मेरिट से छात्रवृत्ति दी जाएगी।
  • 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक प्राप्त करने वाले समस्त छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के पात्र होंगे।
  • 10वीं उत्तीर्ण करने वाले पात्रों को 1500 रुपये और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले पात्रों को 2000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी।

बजट में करीब 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था..

परीक्षा के आधार पर मेरिट में आने वाले 10 प्रतिशत छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसी तरह 11वीं कक्षा के छात्रों को भी उनकी परीक्षा के आधार पर मेरिट में आने पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। 10 वीं और 12 वीं के छात्र-छात्राओं का बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर चयन किया जाएगा।

शिक्षा महानिदेशक का कहना हैं कि बजट में इसके लिए करीब 70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।आपको बता दे कि प्रदेश के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद योजना को वित्त विभाग की मंजूरी मिल गई है। अब प्रस्ताव कैबिनेट में आएगा, जिसके शासनादेश के बाद मेधावी छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिलने लगेगा।

Kedarnath Heli Service: कल 12 बजे खुलेगा टिकट बुकिंग पोर्टल, कहां करें अप्लाई और कितना होगा किराया

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) : श्री केदारनाथ जी धाम के कपाट आगामी 25 अप्रैल 2023 को सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पैदल यात्रा के साथ-साथ हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम आ जा सकते हैं। केदारनाथ हेली सेवा के टिकटों की बुकिंग के लिए आठ अप्रैल को दोपहर 12 बजे IRCTC का पोर्टल खुल जाएगा। पहले फेज में 25 से 30 अप्रैल तक टिकटों की बुकिंग होगी।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ सी. रवि शंकर ने बताया कि चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा के टिकट बुकिंग की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। आठ अप्रैल को आईआरसीटीसी की वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर यात्री टिकट की बुकिंग कर सकते हैं। बता दें कि चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा से जाने के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के यात्री हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग नहीं कर पाएंगे। साथ ही एक बार में एक व्यक्ति अपनी आईडी से अधिकतम छह सीटों की बुकिंग कर सकेगा, जबकि समूह में यात्रा करने वाले यात्री एक बार में 12 सीट बुक कर सकेंगे।

इतना होगा किराया

हेली सेवा का रूट          एक तरफा    दोनों तरफ का किराया (प्रति यात्री)
गुप्तकाशी से केदारनाथ     3870             7740
फाटा से केदारनाथ            2750             5500
सिरसी से केदारनाथ          2749             5498

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के झटके, 3.0 थी तीव्रता

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने इसकी जानकारी दी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.0 दर्ज की गई है।

एनसीएस की ओर से कहा गया है कि गुरुवार सुबह 5.40 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, भूकंप के यह झटके उत्तरकाशी में 5 किलोमीटर की गहराई में महसूस किए गए हैं। इस भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

बता दें कि बीते मार्च महीने से भूकंप के झटके आ रहे हैं। 4 मार्च की देर रात को उत्तरकाशी में भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए थे। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.5 मापी गई थी। इसका केंद्र भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत सिरोर के जंगलों में था।

इसके बाद 8 मार्च को सुबह भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जिसकी तीव्रता 2.5 मापी गई थी। इसके बाद 21 मार्च की रात 10:20 बजे भूकंप का झटका आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.6 मापी गयी थी। जिसका केंद्र अफगानिस्तान में हिंदू कुश पर्वत क्षेत्र में था।

 

सत्ता के सामने सच बोलना प्रेस का कर्तव्य, मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र प्रेस जरूरी

News web media Uttarakhand : सुप्रीम कोर्ट ने ‘राष्ट्रविरोधी’ मामले में चल रही एक सुनवाई के दौरान कल केंद्र सरकार को जबरदस्त फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट जमा करना न्याय और उसके सिद्धांतों के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मलयालम समाचार चैनल से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए उक्त गंभीर टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मीडिया का स्वतंत्र रहना जरूरी है और सरकार की नीतियों की आलोचना करना राष्ट्र विरोधी नहीं करार दिया जा सकता है।

हालांकि, कोर्ट ने मीडिया को भी नसीहत देते हुए कहा कि प्रेस की जिम्मेदारी बनती है कि वो सच को सामने रखे। लोकतंत्र मजबूत रहे, इसके लिए मीडिया का स्वतंत्र रहना जरूरी है। उससे ये उम्मीद नहीं की जाती है कि वो सिर्फ सरकार का पक्ष रखे। सुप्रीम कोर्ट ने चैनल की याचिका पर अपना अंतरिम पैâसला सुनाते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को चार सप्ताह के भीतर लाइसेंस रिन्यू करने का आदेश देते हुए कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र प्रेस जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने मलयालम समाचार चैनल ‘मीडियावन’ पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए प्रसारण प्रतिबंध के खिलाफ पैâसला सुनाया। ‘मीडियावन’ चैनल को सुरक्षा मंजूरी के अभाव में प्रसारण लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इनकार करने के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश को सुप्रीम ने खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कल ‘मीडियावन’ को सुरक्षा मंजूरी देने से केंद्र के इनकार को रद्द कर दिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के दावे को हवा में उठाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की खिंचाई की। सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर अहम पैâसला सुनाते हुए कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए एक स्वतंत्र प्रेस आवश्यक है।

सरकार की नीतियों की आलोचना व अभिव्यक्ति की आजादी को प्रतिबंधित करने का आधार नहीं हो सकता। प्रेस की सोचने की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। किसी मीडिया संगठन के आलोचनात्मक विचारों को प्रतिष्ठान विरोधी नहीं कहा जा सकता है। जब ऐसी रिपोर्ट लोगों और संस्थाओं के अधिकारों को प्रभावित करती हैं, तो केंद्र जांच रिपोर्ट के खिलाफ पूर्ण छूट का दावा नहीं कर सकता है। लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को उठाया नहीं जा सकता। पीठ ने कहा, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के दावे हवा में नहीं किए जा सकते, इसके समर्थन में भौतिक तथ्य होने चाहिए। केवल ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का आह्वान करके सभी सामग्री को गुप्त नहीं बनाया जा सकता है।

अदालतें एक दस्तावेज से संवेदनशील हिस्सों को हटा सकती हैं और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करने के लिए न्यायिक कार्यवाही के दौरान इसे दूसरे पक्ष को बता सकती हैं। मीडिया द्वारा सरकार की नीतियों की आलोचना को राष्ट्रविरोधी नहीं करार दिया जा सकता है। बता दें कि केंद्र सरकार ने जनवरी में ‘सुरक्षा कारणों’ का हवाला देते हुए मलयालम न्यूज चैनल ‘मीडियावन’ के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस समय केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिलने के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस चैनल के ब्रॉडकास्ट लाइसेंस को रिन्यू करने से इनकार कर दिया था।

जल्द ही शिफ्ट हो जाएगा दून का आढ़त बाजार, 109 बीघा में बनेगा नया आढ़त बाजार

News web media uttarakhand : देहरादून के आढ़त बाजार को शिफ्ट करने की बात कब से चल रही है। इसको लेकर जगह का चयन किया जाना था। अब इसके लिए जगह की तलाश भी पूरी हो गई है। मंगलवार को एमडीडीए की टीम ने थोक व्यापारियों को नए आढ़त बाजार के लिए प्रस्तावित 109 बीघा भूमि दिखाई।  मंजूरी मिलते ही आढ़त बाजार को शिफ्ट करने का काम शुरू किया जाएगा। एमडीडीए ने छह महीने में नई आढ़त मंडी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बजट का भी प्रावधान कर दिया गया है।

नई आढ़त मंडी बनेगी बेहद सुविधाजनक

मंगलवार को एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बरनिया ने व्यापारियों के साथ भूमि का निरीक्षण किया। व्यापारियों ने जगह देखने के बाद उस पर अपनी सहमति दी। कहा कि यहां ट्रक आसानी से माल लेकर आ सकेंगे। वहीं, पटेलनगर थाने के पीछे लिंक मार्ग से भी यह जमीन जुड़ी हुई है।

इसे वैकल्पिक मार्ग के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है। व्यापारियों ने कहा कि एमडीडीए प्रशासन जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी करे। ताकि, भूखंडों पर दुकानों का निर्माण कराया जा सके। इस दौरान व्यापारियों ने एमडीडीए को सुझाव भी दिए। कहा कि नई आढ़त मंडी का निर्माण ट्रांसपोर्ट नगर की तर्ज पर किया जाए। इस पर एमडीडीए अफसरों ने कहा कि नई आढ़त मंडी को बेहद सुविधाजनक बनाया जाएगा।

अब यहां बनेगा नया आढ़त बाजार
देहरादून में नया आढ़त बाजार हरिद्वार बाईपास के पास बनाया जाएगा। जो कि दिखने में यू-आकार के जैसा होगा। हरिद्वार बाईपास के पास कनेक्टिविटी की कोई समस्या नहीं होगी। व्यापारियों के लिए विस्थापन नीति को शासन सेनए आढ़त बाजार का निर्माण यू आकार में किया जाएगा। जिसे हरिद्वार बाईपास पर बनाया जाएगा। इसमें एक लेन से वाहन मंडी में प्रवेश करेंगे। जबकि दूसरी लेन से वाहन बाहर की ओर निकल जाएंगे। इन्हीं दोनों लेनों के चारों तरफ दुकानें बनाई जाएंगी। नई मंडी करीब 109 बीघा जमीन पर बनेगी। मंजूरी दिलाने की कोशिश में एमडीडीए जुट गया है।

देहरादून के यातायात में वर्षों से बड़ी बाधा बने आढ़त बाजार को रेलवे स्टेशन रोड से शिफ्ट करने पर पिछले दो महीने से एमडीडीए काम कर रहा है। एमडीडीए ने नई आढ़त मंडी के लिए बजट का प्रावधान भी कर दिया है। साथ ही पुराने आढ़त बाजार में सड़क चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट पर भी काम किया जा रहा है।

 

 

 

Kedarnath dham: 25 अप्रैल को खुलेंगे कपाट, 3.50 लाख पहुंचा रजिस्ट्रेशन आंकड़ा, 20 अप्रैल को होगी बाबा भैरवनाथ की पूजा

Kedarnath Dham: चार धामों में एक केदारनाथ धाम के कपाट बहुत शीघ्र खुलने वाले है। मंदिर समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 25 अप्रैल 2023 को मेष लग्न में सुबह 6.20 बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। चारधाम यात्रा के तहत अभी तक कुल 9 लाख 68 हजार 951 यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। जिनमें से केदारनाथ धाम के लिए 3 लाख 49 हजार 944, बद्रीनाथ-291537, यमनोत्री-161149 और गंगोत्री धाम के लिए 166310 यात्री विभिन्न माध्यमों से अपना पंजीकरण करवा चुके हैं।

चारों धामों के कपाट खुलने की तिथि हुई निश्चित                 

महाशिवरात्रि पर पंच गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पुजारियों व विद्वानों की एक सभा में सभी धामों के कपाट खोलने के मुहूर्त एवं तिथि की घोषणा की गई। यह तिथि निम्न प्रकार है-

यमुनोत्री के कपाट खुलने की तिथि – 22 अप्रैल
गंगोत्री के कपाट खुलने की तिथि – 22 अप्रैल
केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि – 25 अप्रैल
बदरीनाथ के कपाट खुलने की तिथि – 27 अप्रैल

20 अप्रैल को होगी बाबा भैरवनाथ की पूजा

दी गई जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा भैरवनाथ की पूजा होगी। उन्हें केदारपुरी का रक्षक माना जाता है। इसके बाद 21 अप्रैल को यात्रा आगे के लिए रवाना होगी। यात्रा 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी जहां, विधिवत रूप से धाम के कपाट खोले जाएंगे। चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने रजिस्ट्रेशन ओपन कर दिया है। अब 15 मार्च से चारों धामों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा।

हेली सेवा बुकिंग हेतु आधिकारिक वेबसाइट https://heliyatra.irctc.co.in हेली सेवा बुकिंग हेतु आधिकारिक वेबसाइट https://heliyatra.irctc.co.in है। उत्तराखंड पुलिस ने अपील जारी करते हुए कहा है कि हेली सेवाओं से सम्बन्धित अन्य किसी प्रकार की वेबसाइट इत्यादि पर पंजीकरण इत्यादि का प्रयास बिल्कुल भी न करें और न ही फर्जी लोगों के झांसे में आएं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर की जाने वाली होटल बुकिंग इत्यादि भी सोच समझ कर करें।

 

 

 

वन दरोगा भर्ती धांधली में परीक्षा केंद्र संचालक गिरफ्तार, अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर कराई थी नकल

देहरादूनर। एसटीएफ ने वन दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में हुई धांधली के मामले में परीक्षा केंद्र संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने परीक्षा कराने के लिए कॉलेज की कंप्यूटर लैब को 11 महीने के लिए किराये पर लिया था। इस केंद्र में परीक्षा के लिए शामिल कई अभ्यर्थियों को आरोपी ने पैसे लेकर नकल कराई थी। मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 16 जुलाई से 25 जुलाई 2021 तक 31 केंद्रों पर वन दरोगा भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा कराई गई थी। यह परीक्षा 316 पदों के लिए हुई, जिसमें 85 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा के लिए टेक्निकल सपोर्ट एनसीईआईटी कंपनी ने दिया था।

परीक्षा के बाद 620 अभ्यर्थियों को प्राथमिक तौर पर चयनित किया गया। इनका फिजिकल टेस्ट होने के बाद रिजल्ट घोषित करना था, लेकिन आयोग ने इसमें संदेह पाते हुए जांच एसटीएफ से कराने की संस्तुति की थी। इस मामले में साइबर थाना देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में एसटीएफ ने लैब टेक्नीशियन समेत तीन लोगों की पहले गिरफ्तारी कर ली थी। अब मंगलवार को परीक्षा केंद्र स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी हरिद्वार के संचालक प्रवीण कुमार राणा निवासी देवनगर, जिला सोनीपत हरियाणा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने बताया, वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। 2020 में उसकी मुलाकात निशांत चैधरी निवासी रमाला बागपत से हुई थी। उसने और निशांत ने स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी को 50 रुपये प्रति कंप्यूटर के हिसाब से केवल परीक्षा के लिए 11 महीने के लिए किराये पर लिया था। इसके बाद एनसीईआईटी कंपनी संग प्रवीण कुमार ने एग्रीमेंट कर लिया। यहां पर लैब टेक्नीशियन सचिन के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल कराई गई। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी आठ से 10 लाख रुपये लिए गए थे। परीक्षा कराने के लिए प्रवीण को कंपनी ने भी 1.71 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोपी से पूछताछ के आधार पर अभी और भी लोगों की गिरफ्तारी की जा सकती है।

Haridwar: खुद को CBI का डीसीपी बताकर झाड़ता था रौब, करता था उगाही, राजमिस्त्री के ये कारनामे कर देंगे हैरान

News web media uttarakhand : खुद को सीबीआई का डीसीपी बताकर सगाई करने वाले राजमिस्त्री को पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहनकर लोगों पर रौब झाड़ते हुए उगाही भी करता था। आरोपी के कब्जे से डीसीपी की फर्जी आईडी और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

सहारनपुर की युवती की थी सगाई

पुलिस के मुताबिक, दिसंबर माह में बहादराबाद निवासी युवती की सगाई वसीम आजम निवासी ग्राम सधोली कदीम, थाना बेहट सहारनपुर से हुई थी। वसीम ने खुद को सीबीआई में डीसीपी बताते हुए वर्तमान में पोस्टिंग पटियाला में होने की बात कही थी। शादी से दो दिन पहले ही असलियत परिवार के सामने आ गई थी। युवती के भाई ने बहादराबाद थाने में बीते आठ दिसंबर को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

दस्तावेज खंगाले तो खुला राज

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने पूरे मामले की गहनता से जांच के निर्देश दिए थे। पुलिस ने सीबीआई ब्रांच दिल्ली और देहरादून में दस्तावेजों को खंगाला। जहां सामने आया कि आरोपी ने फर्जी आईडी व फोटोग्राफ परिवार को उपलब्ध कराकर खुद को डीसीपी बताकर सगाई रचाई थी। पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ शुरू कर दी थी। थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि आरोपी वसीम आजम को बेहट सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

 

 

भारत-चीन सीमा पर शहीद हुआ उत्तराखंड के रहने वाले असिस्टेंट कमांडेंट टीकम सिंह नेगी , आज घर पहुंचेगा पार्थिव शरीर

 देहरादून : भारत-चीन सीमा पर शहीद हुुए उत्तराखंड के आईटीबीपी में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात रहे टीकम सिंह नेगी का पार्थिव शरीर आज देहरादून पहुंचेगा। वे देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र के रहने वाले थे। हालांकि, उनकी शहादत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

सोमवार को शहादत का समाचार मिलने के बाद उनके गांव राजावाला में मातम का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। राजावाला निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार राजेंद्र सिंह नेगी के बेटे टीकम सिंह नेगी (34) आईटीबीपी में असिस्टेंट कमांडेंट थे। बताया जा रहा है कि टीकम की यूनिट दस दिनों के लिए किसी स्पेशल मिशन पर लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तैनात थी। इसी दौरान सोमवार को उनकी शहादत की खबर आई। उप जिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि अभी शहादत के कारणों की जानकारी नहीं मिली है।

शहीद टीकम सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार को दिन में 12 बजे आएगा। वह वर्ष 2011 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। उनका विवाह वर्ष 2018 में टिहरी के चंबा स्थित ग्राम बादशाहीठौर में हुआ था। वह अपने पीछे पिता, पत्नी और तीन साल के बेटे को छोड़ गए हैं।