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मुख्यमंत्री धामी ने 3.58 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹1 करोड की धनराशि की दी वित्तीय स्वीकृति

News web media Uttarakhand : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अंतर्गत ब्यानधुरा बाबा मंदिर तक पेयजल आपूर्ति एवं सड़क निर्माण कार्य हेतु ₹3.58 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹1 करोड की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा चम्पावत के अन्तर्गत पंचमुखी गौशाला धाम बनाने हेतु ₹1 करोड़, घटोत्कच मंदिर परिसर में चहारदीवारी व दो कक्षों के निर्माण कार्य एवं मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹1 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी है।मुख्यमंत्री ने टनकपुर में मीडिया सेंटर एवं गेस्ट हाउस हेतु भूमि एवं भवन उपलब्ध कराने के लिए प्रथम चरण के कार्य हेतु ₹11 लाख 86 हजार की वित्तीय स्वीकृति दी है।

मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा क्षेत्र खटीमा के अंतर्गत वार्ड खटीमा शहीद स्थल पर तिरंगा निर्माण कार्य हेतु ₹ 47 लाख 82 हजार की वित्तीय स्वीकृति भी दी है।

सीएम ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, हिंसा के बाद पैरामिलिट्री फोर्स ने संभाला नियंत्रण

News web media Uttarakhand :  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एडीजी कानून और व्यवस्था ए.पी अंशुमान को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण को हटाए जाने के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर हुए हमलों और क्षेत्र में अशांति की घटना को गंभीरता से लेते हुए अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है |

मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उन्होंने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलाधिकारी नैनीताल से निरंतर समन्वय बनाए रखें।हल्द्वानी में भड़की हिंसा के बाद, पैरामिलिट्री फोर्स ने हल्द्वानी में मोर्चा संभाला है। छह जिलों से भारी फोर्स मंगाई गई है। वहीं पुलिस ने उपद्रवियों का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है, और कल तक सेना भी पहुंच जाएगी।

देहरादून में सीएम धामी ने बुलाई बैठक, शहरभर में लगा कर्फ्यू, देखते ही गोली मारने के आदेश

News web media Uttarakhand : हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को बवाल हो गया। मलिक के बगीचे में अवैध कब्जे तोड़ने गई नगर निगम और पुलिस की टीम पर स्थानीय लोगों ने पथराव किया। इस दौरान 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटनाक्रम के बाद शहरभर में तनावपूर्ण माहौल हो गया। वहीं, लोगों ने कई वाहनों में आग भी लगा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून अपने सीएम आवास पर बैठक बुलाई है।

नीताल जिले के हल्द्वानी में अवैध मस्जिद और मदरसा गिराए जाने के बाद शहर में तनावपूर्ण माहौल हो गया. गुस्साएं लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. वहीं उपद्रवियों ने कई वाहनों में आग भी लगा दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए है. देहरादून में सीएम आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इमरजेंसी बैठक बुलाई

बैठक में शासन और पुलिस के आलाधिकारियों मौजूद रहे. वहीं, कुमाऊं मंडल के तमाम अधिकारी वर्चुअली बैठक में शामिल हुए. सीएम की तरफ से बैठक में पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए है. इसी के साथ नैनीताल जिला प्रशासन ने दंगा प्रभावित क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया है. वहीं दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए है.

बता दें कि नैनीताल जिले के हल्द्वानी में बीते कई दिनों अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. गुरुवार को हल्द्वानी के ‘मालिक के बगीचे’ इलाके में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद और मदरसा को ध्वस्त किया गया, जिसका लोगों ने काफी विरोध किया.

इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प भी हुई. कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल भी हो गए. वहीं उपद्रवियों ने कई वाहनों में भी आग लगा दी है. इलाके की स्थिति तनावपूर्ण है. शहर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस स्थिति को काबू में करने का तमाम प्रयास कर रही है. वहीं प्रशासन का कहना है कि उन्होंने मस्जिद और मदरसा संचालक को पहले नोटिस भेजा था, लेकिन उन्होंने नोटिस के बाद भी मस्जिद और मदरसे के कोई दस्तावेज नहीं दिखाए, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई.

 

 

अप्रैल से चलेगी पहली मानसखण्ड एक्सप्रेस ट्रेन: महाराज

News web media Uttarakhand : पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में पर्यटन विभाग एवं आई०आर०सी०टी०सी० के मध्य देश के विभिन्न क्षेत्रों से राज्य के अल्पज्ञात गंतव्यों के लिए एक विशेष पर्यटक ट्रेन मानसखण्ड एक्सप्रेस चलाए जाने के लिए अनुबंध किया गया है। पर्यटन विभाग की ओर से डा० हरीश रेड़तोलिया, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, तथा आई०आर०सी०टी०सी० की ओर से  समूह महाप्रबन्धक सुनील कुमार, द्वारा अनुबन्ध पर हस्ताक्षर किये। मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटन विभाग की यह महत्वाकांशी योजना है, जिससे हमारे राज्य के सुदुरवर्ती मंदिर, गंतव्य स्थान, डेस्टिनेशन अब रेल की  कनैक्टिविटी से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटक/श्रद्धालु टेªन के गंतव्य स्थल के बाद बस सर्विस के जरिये अपने गंतव्य स्थानों तक पंहुचकर दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मानसखण्ड माला के लिए यह बहुत ही सुन्दर कनैक्टिविटी है। उन्होंने कहा कि बड़ी प्रसंशा हो रही है कि उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग तथा भारतीय रेल के मध्य यह एमओयू हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों से आग्रह किया कि मानसखण्ड आइए आदी कैलाश, ओम पर्वत तथा यहां जो अलब्य स्थान हैं उनके दर्शन किजिए।  उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उत्तराखंडी व्यंजन परोसे जाएँगे तथा पर्यटन विभाग द्वारा प्रशिक्षित गाइड्स को भी रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। इस ट्रेन को उत्तराखण्ड से जुड़े विभिन्न गंतव्यों, उत्तराखण्डी व्यंजन, त्योहार आदि के चित्रों द्वारा सुसज्जित किया जायेगा, जिससे देश के विभिन्न शहरों से गुजरने पर इन गंतव्यों के बारे में आमजनमानस को जानकारी भी प्राप्त होगी।

मौत की झूठी खबर फैलाना पड़ा भारी, बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे के खिलाफ शिकायत दर्ज

News web media Uttarakhand :  बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे की मौत की खबर 2 फरवरी को पूरा दिन चर्चा का विषय बनी रही. एक्ट्रेस की मौत की खबर ने न केवल बॉलीवुड बल्कि देशभर में उनके फैन्स को भी शॉक कर दिया था. इस बीच पूनम पांडे की मैनेजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्ट्रेस की मौत की पुष्टी भी कर दी थी.

उनके मैनेजर ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक पोस्ट में बताया था कि सर्वाइकल कैंसर के चलते पूनम पांडे ने दम तोड़ दिया है. लेकिन दिन बीतने के साथ एक्ट्रेस की मौत की खबर भी रहस्य में तब्दील होती चली गई. लोगों को शक तब हुआ जब एक्ट्रेस के मैनेजर और उनके परिजनों ने अपना फोन बंद कर लिया. इसके साथ ही एक्ट्रेस की बॉडी का भी कुछ पता नहीं चल पा रहा था, जिसके लेकर लोगों के बीच संस्पेंस बन गया था.

देश में पूनम पांडे की रहस्यमयी मौत की चर्चा खत्म नहीं हुई थी कि अगले दिन यानी 3 फरवरी की सुबह एक्ट्रेस ने एक वीडियो शेयर कर सबको चौंका दिया. वीडियो में पूनम पांडे ने बताया कि वह मरी नहीं, बल्कि जिंदा हैं और मौत की खबर उन्होंने सर्वाइकल कैंसर के प्रति लोगों में जागरुकता लाने के लिए फैलाई थी. ऐसे में जब उनके फैन और इंडस्ट्री के लोग पूनम को श्रद्धांजलि दे रहे थे एक्ट्रेस के नए वीडियो ने लोगों को गुस्से से भर दिया.

इस भद्दे मजाक को लोग पचा नहीं पा रहे थे. ऐसे में सोशल मीडिया पर पूनम पांडे ट्रोल हो गईं और लोगों की प्रतिक्रियाओं में उनका गुस्सा फूटता साफ नजर आ रहा था. लोगों का कहना था कि पब्लिसिटी स्टंट और पीआर के लिए पूनम पांडे ने अपनी मौत का नाटक रचा था. कुछ यूजर्स ने कहा कि जिंदगी अनमोल है और इस तरह से मौत का ढोंग ठीक नहीं.

इस बीच अली काशिफ खान देशमुख नाम के एक एडवोकेट ने पुलिस में पूनम पांडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. इसके साथ ही एक्ट्रेस की मैनेजर निकिता शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है. आपको बता दें कि इससे पहले ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने एक्ट्रेस पूनम पांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की बात कही थी. उनका कहना था कि सर्वाइकल कैंसर की जागरुकता की आड़ में पूनम पांडे ने सेल्फ प्रमोशन किया है.

 

पाकिस्तान में चुनाव से एक दिन पहले दो अलग-अलग जगहों पर बड़े धमाके, 26 की मौत

News web media Uttarakhand :  पड़ोसी देश पाकिस्तान में गुरुवार को आम चुनाव होने वाले हैं. इन चुनाव से एक दिन पहले यानी बुधवार को दो-दो जगहों पर बड़े धमाके हुए. इन धमाकों में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं बड़ी संख्या में लोग इन धमाकों में घायल भी हुए हैं. बलूचिस्तान में अलग-अलग जगहों पर ये धमाके हुए हैं.

यह बम विस्फोट एक राजनीतिक दल और स्वतंत्र उम्मीदवार के चुनाव कार्यालयों पर हुआ है. प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता जान अचकई के अनुसार, पहला हमला बलूचिस्तान प्रांत के पशीन जिले में हुआ. हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई.

वहीं घायलों को करीब के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने कहा कि उनमें से कुछ की हालत गंभीर है. आपको बता दें कि बुधवार को, बलूचिस्तान के किला सैफुल्लाह शहर में राजनेता फजलुर रहमान की जमीयत उलेमा इस्लाम पार्टी के चुनाव कार्यालय पर एक-एक बम विस्फोट हुआ, इसमें कम से कम दस लोगों की मौत हो गई.

पाकिस्तान में आम चुनाव होने के एक दिन पहले इन हमलों की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है. बलूचिस्तान बीते काफी समय से अशांत रहा है. यहां पर जनता सरकार के कामों से खुश नहीं है. यहां पर विरोध के सुर सरकार के खिलाफ बढ़ते जा रहे हैं. पाकिस्तान सरकार की ओर से हजारों पुलिस और अर्धसैनिक बलों की यहां तैनाती की गई है. इसके बावजूद यहां पर आए दिन इस तरह के हमले देखने को मिल रहे हैं.

अफगानिस्तान और ईरान की सीमा पर मौजूद बलूचिस्तान प्रांत के पास प्रचूर मात्रा में खनिज पद्धार्थ हैं. यहां पर दो दशकों से ज्यादा समय से बलूच राष्ट्रवादियों का विद्रोह रहा है. बलूच राष्ट्रवादी आरंभ से ही प्रांतीय संसाधनों में अपने हिस्सेदारी चाहते थे. अब उन्होंने स्वतंत्रता को लेकर विद्रोह शुरू कर दिया है. पाकिस्तानी तालिबान और अन्य आतंकवादी समूहों की इस प्रांत में मजबूत मौजूदगी है.

समान नागरिक संहिता कानून लागू करने वाला पहला राज्य होगा उत्तराखंड, विधानसभा से पास हुआ यूसीसी विधेयक

News web media uttarakhand : उत्तराखंड विधानसभा ने आज इतिहास रच दिया है। विधानसभा के विशेष सत्र में समाननागरिक संहिता का विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। अब बिल पर राज्यपाल का साइन होते ही यह कानून बन जाएगा। यूसीसी कानून लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा।

समान नागरिक संहिता बिल पर मंगलवार को शुरू हुई चर्चा बुधवार को भी जारी रही। सत्ता पक्ष के ज्यादातर सदस्यों ने बिल की खूबियां गिनाते हुए इसे ऐतिहासिक करार दिया। जबकि विपक्षी विधायकों ने बिल में त्रुटियां गिनाते हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। शामं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भाषण के बाद मुख्यमंत्री ने बिल पास करने का प्रस्ताव पढ़ा जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिल पास होते ही पूरा सदन जय श्री राम के नारों औऱ तालियों से गूंज उठा। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में 10 पीसदी क्षैतिज आरक्षण देने का बिल भी ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसी के साथ विधानसभा का सत्र अनिश्चतिकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल कोई आम विधेयक नहीं है। आज उत्तराखंड को इतिहास बनाने का मौका मिला है, जिसके कारण आज उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल को लागू कर दिया जाएगा। सीएम धामी ने कहा यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल को विस्तार से बनाया गया है. इसमें कई लोगों के सुझाव लिये गये हैं। उन्होंने बताया माणा गांव से इसकी शुरुआत हुई थी। इसमें तमाम राजनैतिक दलों को भी शामिल किया गया। यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल उत्तराखंड के जन गण मन की बात है। ये कानून सबको एक रुपता में लाने का काम करता है। सीएम धामी ने कहा हम समरस समाज का निर्माण करने की ओर बढ़ रहे हैं।

सीएम ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत का सपना देख रहे हैं। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है। उनके नेतृत्व में यह देश तीन तलाक और धारा-370 जैसी ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने के पथ पर है। समान नागरिक संहिता का विधेयक पीएम द्वारा देश को विकसित, संगठित, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए किए जा रहे महान यज्ञ में हमारे प्रदेश द्वारा अर्पित की गई एक आहुति मात्र है। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जाति, धर्म, क्षेत्र व लिंग के आधार पर भेद करने वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से संबंधित सभी कानूनों में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है। हमनें संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत वर्णित हमारी अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता से बाहर रखा है, जिससे उन जनजातियों का और उनके रीति रिवाजों का संरक्षण किया जा सके। यह महिला सुरक्षा तथा महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए यह निर्देश

Dehradun Milap : उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने लोकसभा चुनाव को लेकर सचिवालय में नोडल अधिकारियों के साथ निर्वाचन संबंधित तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को लोकसभा चुनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए वोटर जागरूकता कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वीप गतिविधियों के साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया का सहयोग लिया जाए। डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को वोटर जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी मैनेजमेंट प्लान और आयोग के मानकों के अनुरूप स्टेट डेप्लॉयमेंट प्लान बनाया जाए। निर्वाचन से जुड़े कार्मिकों की ट्रेनिंग सबसे महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि कार्मिक पूरी गंभीरता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सी विजुअल जैसी अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई है। लोगों तक इसकी जानकारी ज्यादा से ज्यादा पहुंचाई जाए। वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए बूथवार रणनीति बनाई जाए। बूथ स्तरीय जागरूकता समूहों को सक्रिय किया जाए।

श्रीनगर सहित एक दर्जन गांवों में लगा नाइट कर्फ्यू,जानिए वज़ह

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड के श्रीनगर में लगातार गुलदार की दहशत बनी हुई है। गुलदार के श्रीनगर व आस-पास के क्षेत्रों में लगातार सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रीनगर नगर क्षेत्र सहित एक दर्जन गांवों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया है।

कर्फ्यू सात फरवरी से नौ फरवरी तक शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक रहेगा। इसके अलावा खिर्सू ब्लॉक के विद्यालयों में बुधवार को भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि कर्फ्यू की अवधि के दौरान रात्रि के समय आम जनमानस का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा गुलदार की सक्रियता के चलते खिर्सू ब्लॉक के विद्यालयों में भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के 15 ठिकानों पर ईडी का छापा

News web media Uttarakhand : कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तराखंड से लेकर दिल्ली और चंडीगढ़ में छापा मारा है। तीन राज्यों के 15 से अधिक ठिकानों पर ईडी का तलाशी अभियान चल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों में हो रही है। एक मामला फॉरेस्ट लैंड से जुड़ा है तो दूसरा एक अन्य जमीन घोटाले से जुड़ा है। पिछले साल अगस्त में विजिलेंस विभाग ने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के खिलाफ कार्रवाई की थी। बुधवार की सुबह देहरादून की डिफेंस कॉलोनी स्थित रावत के घर ईडी की टीम पहुंची है। यहां ईडी की टीम पाखरो रेंज घोटाले से संबंधित जांच में आई है।

केंद्रीय एजेंसी ईडी ने धनशोधन मामले को लेकर पूर्व मंत्री के करीबियों पर भी एक्शन लिया है सूत्रों की मानें तो फॉरेस्ट लैंड स्कैम मामले में ईडी ने ये कार्रवाई की है। इससे पहले अगस्त, 2023 में भी विजिलेंस विभाग ने हरक सिंह के खिलाफ कार्रवाई की थी और अब ईडी ने फॉरेस्ट लैंड स्कैम मामले में उन पर एक्शन लिया है। उत्तराखंड के हरक सिंह रावत को बीजेपी ने अनुशासनहीनता की वजह से पार्टी से निष्कासित करते हुए कैबिनेट मंत्री पद से भी बर्खास्त कर दिया था। बीजेपी से निकाले जाने के बाद साल 2022 में हरक सिंह रावत कांग्रेस में शामिल हो गए थे।