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दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत याचिका पर सीबीआई को जारी किया नोटिस

Dehradun Milap : आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया। मामले पर अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

बताया गया कि इसी तारीख पर सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी और इसके बाद जारी रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई होगी।

कोर्ट में क्या बोले केजरीवाल के अधिवक्ता

केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जहां यहां ट्रिपल टेस्ट का दूर-दूर तक आरोप लगाया गया हो। इस मामले में चार लोगों को जमानत मिल चुकी है। केजरीवाल को दो साल बाद गिरफ्तार किया गया है।

सिंघवी ने तर्क दिया कि केजरीवाल को ईडी मामले में ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल गई है और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। केजरीवाल कोई घोषित अपराधी या आतंकवादी नहीं हैं। केजरीवाल सिर्फ कुछ अंतरिम राहत की मांग कर रहे हैं।

उत्तराखंड में अधिकारियों के बंपर तबादले, देखें पूरी लिस्ट

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड शासन से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है. शासन ने मंगलवार को 15 आईएएस सहित कुल 17 अफसरों के तबादले कर दिए हैं. देर रात इसके आदेश जारी किए गए.

अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से आवास, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु से शहरी विकास और सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा से आपदा प्रबंधन विभाग का दायित्व हटा दिया गया है. आईएएस शैलेश बगौली को फिर गृह सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.

लोकसभा चुनाव के दौरान उनसे गृह सचिव का प्रभार हटा कर सचिव दिलीप जावलकर को दे दिया गया था. बगौली कारागार का भी जिम्मा देखेंगे. बगौली को सचिव सूचना प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी से मुक्त कर दिया गया है. जावलकर को सहकारिता का प्रभार दिया गया है.

कार्मिक सतर्कता विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के विभागों को यथावत रखते हुए उन्हें आवास, आयुक्त आवास, मुख्य प्रशासक उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिद्वार, ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के प्रभार दिए गए हैं. अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को आवास, मुख्य प्रशासक उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण से मुक्त किया गया है. बाकी विभाग यथावत रहेंगे.

अध्ययन अवकाश से लौटे सचिव नितेश झा को शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी व विज्ञान प्रौद्योगिकी का जिम्मा दिया गया है. सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम को पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास और निदेशक मत्स्य का जिम्मा दिया गया. सचिव रंजीत कुमार सिन्हा से आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, परियोजना निदेशक बाह्य सहायतित परियोजनाएं हटा दिए गए हैं. उन्हें तकनीकी शिक्षा का जिम्मा दिया गया है.

सचिव हरि चंद्र सेमवाल को पंचायती राज से मुक्त करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास व आयुक्त खाद्य का जिम्मा दिया गया है. सचिव चंद्रेश यादव से जनगणना, संस्कृत शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग हटाते हुए पंचायती राज का जिम्मा दिया गया है. सचिव बृजेश कुमार संत से समाज कल्याण, आयुक्त समाज कल्याण, अध्यक्ष बहुउद्देश्यीय, वित्त विकास निगम हटाकर ये सभी प्रभार सचिव डॉ. नीरज खैरवाल को दिए गए हैं. खैरवाल से नियोजन हटा दिया गया है. संत से आयुक्त खाद्य हटाकर उन्हें सचिव परिवहन और आयुक्त परिवहन का प्रभार दिया गया है.

सचिव डॉ. सुरेंद्र नारायण पांडेय से आवास, आयुक्त आवास, अपर मुख्य प्रशासक आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना, वित्त एवं निदेशक ऑडिट हटाकर कृषि एवं कृषक कल्याण का प्रभार दिया गया है. सचिव विनोद कुमार सुमन को कृषि, पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास व सहकारिता हटाकर सचिव आपदा प्रबंधन व पुनर्वास, सचिव एसडीएमए, परियोजना निदेशक बाह्य सहायतित दिए गए हैं. भारतीय संचार सेवा के अधिकारी दीपक कुमार को सचिव जनगणना, संस्कृत शिक्षा व आईएफएस पराग मधुकर धकाते को विशेष सचिव जलागम का जिम्मा दिया गया है.

CLAT 2025: क्लैट परीक्षा 2025 के लिए 7 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी होगा

News web media Uttarakhand  : कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (सीएनएलयू) कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (सीएलएटी) 2025 के लिए अधिसूचना 7 जुलाई को आधिकारिक वेबसाइट consortiumofnlus.ac.in पर जारी करेगा। सीएनएलयू से पाठ्यक्रम, आवेदन प्रक्रिया और परामर्श प्रक्रिया सहित परीक्षाओं के बारे में महत्वपूर्ण विवरण साझा करने की उम्मीद है। CNLU की आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, “CLAT 2025 का विज्ञापन 7 जुलाई, 2024 को प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित होने वाला है।” इससे पहले, CLAT 2025 परीक्षा की तारीखों की घोषणा मई में की गई थी, बयान के अनुसार, प्रवेश परीक्षा 1 दिसंबर, 2024 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 से 4 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएगी। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) भारत के 22 राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कानून कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। परीक्षा का संचालन कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज द्वारा किया जाता है, जो राष्ट्रीय स्तर पर इन संस्थानों का प्रतिनिधित्व करता है। CLAT 2025: पात्रता मानदंड, CLAT UG 2025 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 45 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। एससी/एसटी छात्रों के लिए 40 फीसदी अंक जरूरी है. साथ ही 12वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।
लाॅ प्रेप देहरादून के निदेशक एस.एन.उपाध्याय ने बताया कि बीते वर्ष इस परीक्षा से 23 एनएलयू जुड़े थे। इस साल एनएलयू अगरतला भी जुड़ा है। यानी इस बार 24 एनएलयू के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा में 120 मिनट में विद्यार्थियों को 120 प्रश्न हल करने होंगे। इसमें 24 प्रश्न अंग्रेजी, 24 प्रश्न लाजिकल रीजनिंग, 32 प्रश्न लीगल रीजनिंग, 28 प्रश्न सामान्य ज्ञान/सम-सामयिक व 12 प्रश्न अंक गणित के होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। प्रत्येक गलत जवाब पर 1/4 अंक काट लिए जाएंगे। सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए चार हजार और एससी-एसटी व बीपीएल वर्ग को 3500 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा।

संसद में राहुल गांधी का पीएम मोदी को खुला चैलेंज, इंडिया गठबंधन गुजरात में बीजेपी को हरा देगा

News web media Utttarakhand :  कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन गुजरात में बीजेपी को हरा देगा.राहुल गांधी यह बड़ाबयान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अधिभाषण पर चर्चा करते हुए दिया.

राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि किसी भी छोटे और मझोले उद्योग वालों से पूछ लीजिए कि नोटबंदी क्यों की गई? वो कहेंगे अरबपतियों की मदद के लिए की गई. गुजरात में मैं गया टेक्सटाइल ऑनर से मेरी बात हुई, उनसे पूछा नोटबंदी क्यों हुई जीएसटी क्यों हुई साफ बोला कि अरबपतियों की मदद करने के लिए जीएसटी लाई गई. नरेंद्र मोदी अरबपतियों के लिए काम करते हैं. सीधी सीधी सी बात है. राहुल गांधी ने जब यह कहा था सदन में पीएम मोदी भी मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि बीजेपी लोगों को डराने-धमकाने की राजनीति करती है. लेकिन देश की जनता अब बीजेपी से डरने वाली नहीं हैं.

चर्चा हुई. भोजनावकाश के बाद रायबरेली से कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी जब सदन में बोलने के लिए खड़े हुए तो कई मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ. राहुल गांधी ने धन्यवाद प्रस्ताव की आड़ में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि बीजेपी लोगों को डराने का काम करती है. राहुल गांधी ने कहा कि अयोध्या में बीजेपी इसी नीति के चलते हारी. क्योंकि उसने वहां की जनता को डराने-धमकाने का काम किया. उन्होंने कहा कि देश की जनता अब बीजेपी की राजनीति को अच्छी तरह से समझ चुकी है. कांग्रेस नेता ने भरे सदन में कहा कि इंडिया गठबंधन गुजरात में बीजेपी को हरा देगा.

राहुल गांधी ने कहा कि अयोध्या में एयरपोर्ट बना तो वहां के लोगों की जमीन छीन ली गई. लेकिन किसी को भी आजतक मुआवजा नहीं मिला. अयोध्या में गरीब लोगों के छोटे-छोटे घर उजाड़ तर जनता को बेघर कर दिया गया. इतना ही नहीं जब राम मंदिर का उद्घाटन हुआ तो देश के तमाम रईसों को तो वहां बुलाया गया, लेकिन अयोध्या की जनता को डरा-धमकाकर इस कार्यक्रम से दूर रखा गया.

राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी सिर्फ डर पैदा करने का काम करती है. किसानों में, मजदूरों में, अग्निवीरों में, मणिपुरी में यहां तक कि खुद बीजेपी के अंदर डर है, भय है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता खुलकर बोल नहीं सकते.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हिंसा और नफरत फैला रही है तथा पिछले 10 वर्षों से संविधान और भारत की अवधारणा पर सुनियोजित ढंग से हमला किया जा रहा है. उन्होंने यह दावा भी किया कि विपक्षी नेताओं को जेल में डाला जा रहा है.

अब आम आदमी की खरीद सकेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, सरकार लेने जा रही ये बड़ा फैसला

News web media Uttarakhand : इस समय भले ही इलेक्ट्रिक वाहन मार्केट में उपलब्ध हों, लेकिन खरीद पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है. क्योंकि अभी भी ईवी की कीमत पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में डेढ गुणा से भी ज्यादा हैं. इसलिए आम आदमी ईवी खरीदना तो चाहता है, लेकिन कीमत अधिक होने के चलते खरीदने के प्लान को एक्सटेंड करता रहता है. लेकिन सूत्रों का दावा है कि इसी बजट सत्र में सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी की घोषणा कर सकती है. आपको बता दें कि यूपी सरकार पहले ही ईवी पर छूट की घोषणा कर चुकी है. लेकिन केन्द्र की ओर से अभी तक कोई छूट का प्रावधान नहीं किया गया है.

आपको बता दें कि देश में पेट्रोल-डीजल की खपत लगातार बढ़ती जा रही है. इससे सरकार भी सोचने पर मजबूर हो गई है. क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन आने का बहुत ज्यादा असर पेट्रोल-डीजल वाहनों की खरीद पर नहीं पड़ा है. इसलिए महंगे पेट्रोल-डीजल से अगर निजात पानी है तो उसका मजबूत विकल्प तलाशना होगा. सरकारी सूत्रों की माने तो जुलाई माह में देश का पूर्ण बजट पेश होगा. जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी को लेकर भी घोषणा होना तय माना जा रहा है. क्योंकि अंतरिम बजट में ईवी को लेकर चर्चा की गई थी.

आपको बता दें कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के पीछे सरकार उद्देश्य है कि पेट्रोल-डीजल की खपत को कम किया जा सके. क्योंकि जहां पेट्रोल-डीजल को खरीदने में आमजन का बजट खराब होता है. वहीं सरकार का भी एक बड़ा बजट इसे आयात करने में चला जाता है. इसलिए ईवी को बढ़ावा दिया गया था. क्योंकि जब पेट्रोल-डीजल की डिमांड कम होगी तो कीमतें अपने आप ही कम हो जाएंगी..लेकिन सरकार रणनीति कारगर साबित नहीं हो रही हैं. जिसके चलते अब सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही हैं. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्वयं संसद में की इसको लेकर चर्चा भी कर चुके हैं.

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी कई बार बता चुके हैं कि पेट्रोल गाड़ी में जहां 7 रुपए प्रति किलोमीटर का खर्च आता है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन में यह खर्च 1 रुपया प्रति किलोमीटर आता है. यानि ईवी पेट्रोल कार से 7 गुना तक सस्ती पड़ती है. जिसके चलते देश में इलेक्ट्रिक हाईवेज भी बनाने का काम चल रहा है. ताकि लोगों को चार्जिंग के लिए परेशान न होना पड़े. ताजा जानकारी के मुताबिक इसी बजट सत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी पर चर्चा के बाद घोषणा होने की संभावना है. हालांकि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है…

सी.एम. हेल्पलाईन पर लंबित शिकायतों का आगामी 15 दिनों में सकारात्मक निवारण किया जाए: सीएम धामी

News web media Uttarakhand : सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन से वर्चुअल माध्यम से सी.एम. हेल्पलाईन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सी.एम हेल्पलाईन पर आयी सभी शिकायतों का समयबद्धता से निस्तारण किया जाए. आगामी 15 दिनों में लंबित शिकायतों का सकारात्मक निवारण किया जाए.

उन्होंने सख्त निर्देश दिये हैं कि जिन अधिकारियों ने पिछले एक माह में सी.एम हेल्पलाईन पोर्टल में लॉगइन नहीं किया है, संबंधित विभागीय शीघ्र उन अधिकारियों का यथाशीघ्र स्पष्टीकरण लें. यदि स्पष्टीकरण में संतोषजनक कारण नहीं बताया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय.

सीएम धामी ने कहा कि आने वाले समय में विभागों की कार्य के प्रति इस प्रकार की शिथिलता पाये जाने पर संबंधित विभागीय सचिव एवं विभागाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी तय की जायेगी. सीएम ने निर्देश दिये कि ब्लॉक लेबल अधिकारी से विभागीय सचिव तक सभी अधिकारी जन शिकायतों के समाधान के लिए शिकायतकर्ताओं से स्वयं नियमित संवाद करें. उन्होंने कहा कि संवाद से समरसता के भाव से कार्य करें.

सीएम धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने जनपदों में प्रत्येक ब्लॉक में आयोजित होने वाली बीडीसी की बैठकों के लिए रोस्टर बनाया जाए. इन बैठकों में विकास से संबंधित विभागीय अधिकारियों और रेखीय विभागों के अधिकारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाई जाय. बीडीसी की बैठकों में जनपद स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी का भी रोस्टर बनाकर उन्हें बैठकों में भेजा जाए. जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी प्रयास करें कि वे हर बीडीसी बैठक में रहें.

सीएम धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि तहसील दिवस का नियमित आयोजन किया जाए. जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जनपदों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तहसील दिवस में नियमित प्रतिभाग कर जन समस्याओं का समाधान करें. तहसील दिवस पर शिकायतों के निस्तारण संबंधी जानकारी सीएम धामी जन-समर्पण तहसील दिवस पोर्टल पर भी नियमित अपलोड किया जाए.

180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर सीएम धामी ने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने संबंधित विभागीय सचिवों को निर्देश दिये कि इन शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए.इन शिकायतों में जो शिकायतें मांग से संबंधित हैं, उनका अलग से उल्लेख किया जाए. सीएम धामी ने कहा कि शिकायतों को क्लोज करना उद्देश्य न हो, बल्कि शिकायतों का समाधान किया जाए.

सीएम धामी ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन मॉड्यूल के हिसाब से नियमित प्रशिक्षण कराया जाय. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारी स्वयं उपस्थित रहे. सीएम धामी ने कहा कि सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष प्रत्येक माह के द्वितीय सप्ताह में सीएम हेल्पलाईन-1905 की विभागीय समीक्षा करें और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें. सभी विभागों द्वारा समीक्षा बैठकों का कार्यवृत्त नियमित पोर्टल पर अपलोड किया जाए.

बैठक के दौरान सीएम धामी ने सी.एम. हेल्पलाईन पर प्राप्त हुई शिकायतों के शिकायतकर्ताओं से फोन से वार्ता की. जिन 07 शिकायतकर्ताओं से सीएम धामी ने वार्ता की उनमें से 03 शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान किया जा चुका है, जबकि 04 शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान किये जाने का आश्वासन सीएम धामी ने दिया.

सीएम धामी ने इस अवसर पर सी.एम. हेल्पलाईन के व्हाट्सएप चैटबोट का भी शुभारंभ किया. सीएम धामी ने कहा कि सी.एम हेल्पलाईन के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए.

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, रंजीत सिन्हा, बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, निदेशक आई.टी.डी.ए. नितिका खण्डेलवाल, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे.

सीबीआई की राडार पर एनटीए के 10 अफसर, 5 राज्यों में 27 से ज्यादा गिरफ्तार

News web media Utttarakhand : नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच जारी है. 5 राज्यों में 27 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सबसे बड़ी जांच एजेंसी की रडार पर अब एनटीए के भी कुछ अधिकारी हैं. सीबीआई को अब की तफ्तीश में कई ऐसे सुराग मिले हैं जिनसे एनटीए के अफसरों की मुश्किल बढ़ सकती है. एनटीए का सिस्टम शुरुआत से ही विवादों में रहा है और कैसे काम होता है.

नीट-यूजी 2024 का पेपर लीक हो गया, बिहार समेत कई राज्यों में सीबीआई की जांच जारी है. कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई लोगों की तलाश जारी है. सीबीआई की रडार पर अब एनटीए के भी 10 अफसर हैं. बताया जा रहा है कि परीक्षा से जुड़े टॉप अधिकारियों पर सीबीआई की नज़र है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है. नीट पेपर लीक मामले में अब तक 4 राज्यों से 26 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. आने वाले दिनों में कई और पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है.

शुरुआत में एनटीए ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया था मगर जब बिहार में सबूत मिले तो सवाल उठते चले गए. अब आप समझिए एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का हाल क्या है. दरअसल, एनटीए का गठन 2017 में हुआ था. ये एजेंसी देशभर में करीब 25 प्रवेश परीक्षाएं कराती है. इन परीक्षाओं में 1 करोड़ से ज्यादा छात्र शामिल होते हैं.

हैरानी की बात ये है कि एनटीए के पास स्थाई कर्मचारी 25 से भी कम हैं. इसीलिए सारा काम आउट सोर्सिंग पर ही चलता है. इसीलिए सीबीआई परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अलग-अलग आउटसोर्स कंपनियों के अधिकारियों की भी जानकारी जुटा रही है. एनटीए ने बीते कुछ वक्त में बड़ी आउटसोर्स कंपनियां बदलीं हैं लिहाजा सीबीआई हर पहलू को परखना चाहती है.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 2017 से काम कर ही है और तब से अब तक कई विवाद जुड़े हैँ. इस बार नीट और नेट की परीक्षा पर संग्राम छिड़ा है मगर उससे पहले 2019 में जेईई मेन्स के दौरान परीक्षार्थियों को सर्वर में खराबी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा था. कुछ जगहों पर प्रश्न पत्र में देरी की भी शिकायत मिली थी. इसके बाद 2020 में नीट यूजी की परीक्षा में भी एनटीए पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे. इस परीक्षा में कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं. 2021 में जेईई मेन्स परीक्षा में कुछ गलत सवालों को लेकर हंगामा हुआ था. इसके बाद 2022 में सीयूईटी-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें हुई थी और एजेंसी को कुछ जगहों पर दोबारा एग्जाम कराना पड़ा था.

इस बार गड़बड़ी को लेकर पूरे देश में आक्रोश है सवाल कई उठ रहे हैं. सीबीआई की जांच के बीच ही सियासी बयानबाजी का सिलसिला भी जारी है. राजनीति लगातार तेज हो रही है वहीं बिहार में पेपर लीक का मास्टर माइंड माना जा रही संजीव मुखिया अभी भी फरार है. साथ ही एनटीए की साख पर भी सवालों के घेरे में है अब आगे जांच की आंच कहां तक जाएगी इंतजार इसी बात का है.

स्पीकर बनते ही ओम बिरला ने लोकसभा में दिया धमाकेदार भाषण

News web media Uttarakhand :  स्पीकर बनते ही ओम बिरला ने लोकसभा में धमाकेदार भाषण दिया है. इमरजेंसी को इतिहास का काला धब्बा बताते हुए उन्होंने कांग्रेस को घेरा. ओम बिरला ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान नागरिकों के अधिकारों का हनन हुआ था. कांग्रेस ने संविधान की भावना को कुचलने काम किया था. स्पीकर ने कहा कि यह सदन 1975 में आपातकाल लगाने के फैसले की कड़ी निंदा करता है. बता दें कि ओम बिरला को 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में आज यानी बुधवार को चुना गया है. वो लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बने हैं.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि, ‘यह सदन 1975 में इमरजेंसी लगाने के फैसले की कड़ी निंदा करता है. इसके साथ ही हम उन सभी लोगों के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हैं, जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया, संघर्ष किया और भारत के लोकतंत्र की रक्षा का दायित्व निभाया.’ साथ ही उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाई गई इमरजेंसी को देश के इतिहास में हमेशा एक काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा.’

लोकसभा स्पीकर ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर इमरजेंसी लगाने को लेकर जबरदस्त हमला बोला. उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया और बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान पर हमला किया. भारत पूरी दुनिया में लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है. भारत में हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों और वाद-विवाद का समर्थन किया गया है. लोकतांत्रिक मूल्यों की हमेशा रक्षा की गई है, उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया गया है.’

स्पीकर बिरला ने इंदिरा गांधी पर तानाशाही थोपने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्होंने (इंदिरा गांधी) ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचला गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटा गया.’

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान भारत के नागरिकों के पूरी आजादी छीन ली गई. ये दौर था जब विपक्ष के नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया. पूरे देश को जेलखाना बना दिया गया. तब की तानाशाही सरकार ने मीडिया पर अनेक पाबंदिया लगाई थी, न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया गया था.

जब स्पीकर ओम बिरला के इमरजेंसी की निंदा करते हुए भाषण दे रहे थे तब सदन में जोरदार हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधा. एनडीए सांसदों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए. उधर विपक्षी सांसदों ने भी इसका पलटवार किया. स्पीकर के इस भाषण से विपक्ष हक्का-बक्का रखा. इस हंगामे के बीच लोकसभा की कार्रवाई 27 जून को दोबारा शुरू होने के लिए स्थगित कर दी गई. इससे पहले लोकसभा स्पीकर ने इमरजेंसी के दौरान मारे गए लोगों के लिए सदन में 2 मिनट का मौन रखवाया.

जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान शपथ लेने के लिए उठे! विपक्ष चिल्लाने लगा नीट-नीट

News web media Uttarakhand :  नीट पेपर लीक पर मचे घमासान के बीच लोकसभा सत्र में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी. हुआ ये कि सोमवार को 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का आगाज हुआ. पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण हुआ. पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने शपथ लेना शुरू किया.

इसी दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सांसद के तौर पर शपथ लेने के लिए उठे. जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान शपथ के लिए आगे बढ़े विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. उन्होंने नीट-नीट के नारे लगाए. विपक्ष ने अपने तेवर से जता दिया वो इस बार सरकार को किसी भी मुद्दे पर फ्री हैंड देने के मूड में नहीं हैं.

लोकसभा में नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब शपथ दिलवा रहे हैं. सबसे पहले पीएम मोदी ने शपथ ग्रहण किया. इस दौरान सत्ता पक्ष के लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए. इसी बीच जब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शपथ के लिए उठे तो विपक्षी सदस्य एक्टिव हो गए. उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर सदन में नारेबाजी करने लगे. उन्होंने नीट-नीट के नारे लगाए. इस नारेबाजी के जरिए उन्होंने सीधा टारगेट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को किया. हालांकि, विपक्षी नारेबाजी के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शपथ ग्रहण किया.

विपक्षी पार्टियां नीट यूजी एग्जाम 2024 रद्द करने की मांग कर रही. इस बीच शिक्षा मंत्रालय की ओर से NEET-UG 2024 एग्जाम में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. जांच मिलने के तुरंत बाद एजेंसी कार्रवाई में जुट गई. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर सीबीआई ने रविवार को एफआईआर दर्ज कर ली. जांच एजेंसी ने आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की जांच के लिए सीबीआई ने स्पेशल टीमें भी बनाई हैं.

देहरादून: मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दिए जाली प्रमाण-पत्रों के मामलों में कड़ी कार्यवाही के निर्देश

News web media Uttarakhand : मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जाली प्रमाण-पत्रों के मामलों में कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं. सीएस ने आम जनता के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया अत्यन्त सरल बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि आमजन को प्रमाण पत्र हेतु इधर उधर न भटकना पड़े.

राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र भारत सरकार व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे स्कूल में दाखिला लेने, विधवा पेंशन प्राप्त करने, जीवन बीमा की राशि प्राप्त करने आदि के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए कभी कभी परिवार जालसाजों के झांसे में आकर मोटी धनराशि के बदले जाली प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते हैं तथा बाद में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है. इसके अतिरिक्त जन्म मृत्यु पंजीकरण की भारत सरकार की अधिकारिक वेबसाइट से बहुत सी मिलती जुलती जाली वेबसाइट के मामले भी संज्ञान में आए हैं.

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आम जनता से भी अपील की है कि जनता इस प्रकार के जालसाजों से सचेत रहे तथा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने क्षेत्र के रजिस्ट्रार से ही संपर्क करें. उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जन्म -मृत्यु पंजीकरण के फर्जी मामलों की रोकथाम तथा आम जनता हेतु पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं सुदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा एक नया सुदृढ़ पोर्टल लॉंच कर दिया गया है.

इसके माध्यम से परिवार का कोई भी सदस्य पोर्टल पर अपनी आई. डी. बनाकर परिवार में होने वाले जन्म या मृत्यु के पंजीकरण के लिए घर बैठे ही आवेदन कर सकता है. इसके लिए उसे केवल एक ईमेल एवं एक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी. आवेदन पश्चात आवेदक किसी भी समय अपने आवेदन की स्थिति को भी देख सकता है.

सम्बंधित रजिस्ट्रार द्वारा आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों से संतुष्ट होने पर आवेदन को स्वीकार कर लिया जाता है तथा डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है. जारी किये गए इस डिजिटल प्रमाण पत्र की एक प्रति आवेदक द्वारा दिए गए ईमेल आई डी पर भी तत्काल ही उपलब्ध हो जाती है, जिसे वह किसी भी समय डाउनलोड कर उसका उपयोग कर सकता है.

मुख्य सचिव द्वारा इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चूँकि यह कार्य आम जनता के लिए ही है अतः जनता के बीच इसका उचित प्रचार प्रसार आवश्यक है, जिसके लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए.

सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने राज्य में चल रहे जन्म -मृत्यु पंजीकरण कार्य की सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा की.

बैठक में प्रमुख सचिव, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जनगणना निदेशक, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा स्वास्थ्य निदेशालय, पंचायती राज, राजस्व विभाग, शहरी विकास, उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल, अर्थ एवं संख्या निदेशालय एवं जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार आदि के अधिकारी भी उपस्थित रहे.