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उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव कौन? इसी महीने रिटायर हो रहीं राधा रतूड़ी, जानिए किनको मिल सकती है कुर्सी

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव कौन होगा, इसको लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कार्यकाल इस माह समाप्त हो रहा है। वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को दो बार छह-छह माह का सेवा विस्तार मिल चुका है।
31 मार्च को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तीसरी बार सेवा विस्तार मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल ही में मुख्य सूचना आयुक्त के लिए आवेदन किया है। ऐसे में साफ है कि राधा रतूडी को मुख्य ​सचिव की जगह अब नई जिम्मेदारी मिलने जा रही है।
1988 बैच की आईएएस अधिकारी राधा रतूड़ी अपनी सेवानिवृत्ति से दो माह पूर्व 31 जनवरी 2024 को मुख्य सचिव बनीं थीं। वह प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं। दो महीने का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रदेश सरकार ने छह महीने का सेवा विस्तार दे दिया था। इसके बाद 30 सितंबर को राधा रतूड़ी का कार्यकाल पूरा हुआ। लेकिन सरकार ने एक बार फिर उन्हें सेवा विस्तार दिया। लेकिन अब किसी दूसरे वरिष्ठ नौकरशाह को जिम्मेदारी मिलनी तय है।
प्रदेश में मुख्य सचिव के लिए वरिष्ठता क्रम में 1992 बैच के आईएएस आनंदबर्द्धन हैं, जिनका केंद्र में भी इम्पैनलमेंट हो गया है। हालांकि उन्होंने यहीं सेवाएं देने की बात कही है। उनके बाद वरिष्ठता क्रम में प्रमुख सचिव एल फैनई और आरके सुधांशु के नाम भी शामिल हैं। मुख्य सचिव बनने के लिए कम से कम 30 वर्ष की सेवा अवधि होनी चाहिए। वरिष्ठता के हिसाब से देखें तो 1992 बैच के आईएएस आनंदबर्धन अकेले अफसर हैं, जो इस लिहाज से सबसे फिट बताए जा रहे हैं। उनका हाल ही में केंद्र में सचिव पद के सापेक्ष इम्पैनलमेंट भी हो गया है। हालांकि वे यहीं सेवाएं देंगे। वर्तमान में आनंदबर्द्धन अपर मुख्य सचिव पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वरिष्ठता क्रम में 1997 बैच के प्रमुख सचिव एल फैनई और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु भी हैं। अभी ये अपर मुख्य सचिव पद के लिए पात्र होने वाले हैं। सरकार के पास विकल्प काफी सीमित हैं। उम्मीद की जा रही है कि मार्च के आखिरी सप्ताह में इस पर सरकार फैसला ले लेगी।

जम्मू-कश्मीर बजट: अय्य परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, पर्यटन के लिए ₹400 करोड़ की घोषणा

News web media Utttarakhand : भारत में कृषि आय सामान्यत: आयकर से मुक्त होती है, लेकिन आयकर विभाग ने हाल ही में कृषि आय की घोषणाओं में धोखाधड़ी के मामलों पर ध्यान केंद्रित किया है। विभाग ने उन व्यक्तियों और संस्थाओं की जांच शुरू की है जो बिना भूमि स्वामित्व के ₹50 लाख या उससे अधिक की कृषि आय घोषित कर रहे हैं। इसके अलावा, ऐसे मामलों की भी जांच की जा रही है जहां प्रति एकड़ ₹5 लाख या उससे अधिक की अवास्तविक कृषि आय की रिपोर्ट दी गई है।

कृषि आय पर कराधान के बारे में भारतीय आयकर अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान हैं, जो कृषि आय की सीमा और रिपोर्टिंग पर नजर रखते हैं। यह जांच इस उद्देश्य से की जा रही है कि कर चोरी और अवैध धन के शोधन की घटनाओं को रोका जा सके।

आयकर विभाग का यह कदम उन लोगों के खिलाफ है जो कृषि आय का गलत इस्तेमाल कर करों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। इस जांच से यह संकेत मिलता है कि विभाग कृषि आय की घोषणाओं की सख्त जांच करेगा, ताकि कर अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके और धोखाधड़ी के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

सीएम रेखा गुप्ता ने किया दिल्ली के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण; शिक्षा-स्वच्छता और पेयजल पर रहा खास फोकस

News web media Uttarakhand : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, सफाई और सड़क से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके साथ ही, बुधवार को उन्होंने शिक्षा पेशेवरों के साथ बैठक कर राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि दिल्ली की शिक्षा प्रणाली देश में सर्वश्रेष्ठ बन सके।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 55 के शालीमार गांव चौक, मैक्स रोड, हैदरपुर गांव चौक और आसपास के इलाकों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी, सफाई और सड़कों से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
सीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सभी नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराना है, और इसी दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

दिल्ली बजट 2025: महिलाओं और शिक्षाविदों से सुझाव

बुधवार को मुख्यमंत्री गुप्ता ने ‘विकसित दिल्ली बजट 2025’ के लिए दो संवाद सत्र आयोजित किए—एक विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं के साथ और दूसरा राष्ट्रीय राजधानी के शिक्षाविदों व स्कूल प्रिंसिपलों के साथ। इन सत्रों का उद्देश्य बजट के लिए सुझाव एकत्र करना था।

बजट से पहले आयोजित इन बैठकों को लेकर सीएम गुप्ता ने मीडिया से कहा, “यह बजट दिल्ली के लोगों का बजट होगा।” उन्होंने बताया कि बजट में राजधानी के लोगों की अपेक्षाओं और सरकार के लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज हमने महिलाओं के संगठनों के साथ चर्चा की, जिसमें सभी वर्गों की महिलाओं ने भाग लिया। सुरक्षा, शिक्षा और महिलाओं से जुड़े जरूरी मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। मैं दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।”

 

नेशनल गेम्स की सफलता पर हैदराबाद में प्रेजेंटेशन देंगी मंत्री

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों को किस तरह इतनी कामयाबी से कराया अब देश के सभी राज्य सरकारे इसे जान पाएगी. खेल मंत्री रेखा आर्या 7 और 8 मार्च को हैदराबाद में इस पर प्रेजेंटेशन देंगी. मंगलवार को हुई बैठक में इसकी रूपरेखा तय की गई है.

खेल मंत्री ने बताया कि 7- 8 मार्च को तेलंगाना के हैदराबाद में एक मंथन शिविर आयोजित किया जा रहा है. इस शिविर में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडावीया के अलावा सभी राज्यों के खेल मंत्री भी शामिल होंगे. इसके अलावा इसमें पूर्व ओलंपियन और विभिन्न खेलों के कोच भी शिरकत करेंगे.

खेल मंत्री रेखा आर्या नें बताया कि उन्हें भी इस मंथन शिविर में उत्तराखंड की तरफ से प्रेजेंटेशन देनी है. प्रेजेंटेशन में इसका पूरा विवरण होगा कि किस तरह उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया है. इसके अलावा 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा.

मंत्री ने कहा कि हमारे पास जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण हैं, हमारे खिलाड़ी को वह सभी उपकरण अभ्यास के लिए उपलब्ध होने चाहिए. बैठक में इसके अलावा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई. खेल मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी को यूजीसी समेत अन्य संस्थाओं से मान्यता की जरूरत होगी उसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए.

प्रयागराज महाकुंभ ड्यूटी से लौटने के बाद एसडीआरएफ के जवानों का सीएम धामी ने किया अभिनंदन

News web media Uttarakhand : हरिद्वार कुंभ में प्रयागराज महाकुंभ के अनुभव काम आयेंगे. एसडीआरएफ टीम ने महाकुंभ में अपनी दक्षता का कुशल परिचय देकर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है. यह बात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में एसडीआरएफ के 112 कार्मिकों के वापस आने पर आयोजित महाकुंभ प्रयागराज 2025 अभिनन्दन कार्यक्रम में बात कही. इस मौके पर उन्होंने एसडीआरएफ की टीम को पुरस्कार स्वरूप 5 लाख रुपए का चेक भी सौंपा.

सीएम धामी ने महाकुंभ प्रयागराज में बेहतर सेवाएं देने पर एसडीआरएफ की टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि ये अनुभव हरिद्वार के 2027 कुंभ में काम आयेंगे. कुंभ को भव्य रूप से आयोजित करने में मदद भी मिलेगी. इस महाकुंभ से हमारे जवानों का आत्मविश्वास बढ़ा है तथा भीड़ का कुशल प्रबंधन करने में सफल होंगे.

सीएम धामी ने कहा कि सनातन धर्म के महासंगम की चुनौती को संभालना चुनौतीपूर्ण कार्य था. बेहतर व्यवस्थाओं और प्रबंधन से यूपी के साथ ही उत्तराखंड सरकार का सर ऊंचा हुआ है. यही अनुभव 2027 के कुंभ में मददगार साबित होंगे. हमारा प्रयास है कि वाहनों के लिए सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था हो जिसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है.

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है. इन चुनौतियों से पार पाने के लिए एसडीआरएफ द्वारा सराहनीय कार्य किए गए हैं. श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन में एसडीआरएफ की अहम भूमिका रही है. आपदा प्रबंधन के लिए क्विक रिस्पॉन्स और अत्याधुनिक उपकरणों से राज्य में आपदा के प्रभाव को कम करने में काफी मदद मिली है.

सुकमा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, दो नक्सलियों के मारे जाने की खबर

News web media Uttarakhand : शनिवार सुबह छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान के दौरान दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं. अभी भी इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है. एक अधिकारी के मुताबिक, ये मुठभेड़ किस्टाराम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगल में हुई है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों की एक टीम शनिवार सुबह जंगल में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. तभी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाना शुरू कर दी.

दरअसल, सुरक्षा बलों को जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इस सूचना के आधार पर जीआरडी की और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे जंगल को घेर लिया. इस टीम में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), कोबरा और सीआरपीएफ की एलीट यूनिट के जवान शामिल हैं. फिलहाल दो नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है. नक्सलियों के शवों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं. वहीं सुरक्षा बल अभी भी जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.

बता दें कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित राज्य है. नक्सलियों के खात्मे के लिए राज्य में सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहा हैं. लेकिन छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद इसमें काफी तेजी आई है और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है. जिसके चलते आए दिन राज्य में सुरक्षा बल नक्सलियों को मुठभेड़ के दौरान मौत के घाट उतार रहे हैं.

नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि सैकड़ों नक्सली मुठभेड़ के दौरान मारे गए हैं. हालांकि, नक्सल विरोधी इन अभियानों में कई जवानों को भी शहादत देनी पड़ी है.

नासिक, हरिद्वार और उज्जैन… प्रयागराज के बाद कब-कहां लगेंगे कुंभ मेले? जानिए सबकुछ

 News web media Uttarakhand : उत्तर  प्रदेश के प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेला 2025 संपन्न हो चुका है। 13 जनवरी से 26 फरवरी तक 45 दिनों तक चला महाकुंभ मेला कई मायनों में अद्भुत रहा है। साधु, संतों और संन्यासियों समेत देश-दुनिया की बड़ी हस्तियों ने पवित्र स्नान किया। गंगा-यमुना और सरस्वती के संगम पर 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।

कहां होगा अगला महाकुंभ?

प्रयागराज के बाद अगला महाकुंभ महाराष्ट्र के नासिक जिले में आयोजित होगा। 2027 में नासिक से लगभग 38 किमी दूर त्र्यंबकेश्वर में कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नासिक में 17 जुलाई से 17 अगस्त तक कुंभ मेला चलेगा।
महाराष्ट्र सरकार एक नए प्राधिकरण का गठन करेगी। यही प्राधिकरण महाकुंभ मेले का आयोजन देखेगा। नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला 2015-16 में आयोजित किया गया था। नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल किया जाता है।

इन चार स्थानों पर होता है कुंभ

भारत में चार शहरों में कुंभ मेले का आयोजन होता है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, उत्तराखंड के हरिद्वार, महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के उज्जैन में कुंभ होता है। हर तीन साल में इनमें से किसी भी स्थान पर एक कुंभ मेला पड़ता है। 12 साल में आयोजित होने वाला मेला पूर्ण कुंभ कहलाता है। छह साल में अर्ध कुंभ होता है। महाकुंभ 144 साल बाद होता है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 144 साल बाद पड़ा है।

ये हैं अगले कुंभ मेले

  • हरिद्वार में 2021 में लगा था पूर्ण कुंभ। अब 2033 में लगेगा अगला पूर्ण कुंभ।
  • नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला 2015-16 में आयोजित किया गया था। अब 2027 में आयोजित होगा।
  • उज्जैन में 2028 में कुंभ मेला लगेगा। यहां आखिरी कुंभ मेला 2016 में लगा था।

कहां-किस नदी के तट पर होता है महाकुंभ

नासिक कुंभ मेला गोदावरी नदी के तट पर आयोजित होता है। हरिद्वार में गंगा और उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे कुंभ मेला लगता है। प्रयागराज में गंगा-यमुना और अदृश्य नदी सरस्वती के संगम पर कुंभ का भव्य आयोजन किया जाता है। कुंभ मेले की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि करोड़ों श्रद्धालु बिना किसी निमंत्रण के इस भव्य एवं दिव्य मेले का हिस्सा बनते हैं।2027 में हरिद्वार में अर्ध कुंभ

2027 में उत्तराखंड के हरिद्वार में अर्ध कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा। उत्तराखंड की सरकार ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि 2027 में उत्तराखंड में कुंभ का आयोजन किया जाएगा। हम संतों, साधुओं और धार्मिक संगठनों के लोगों के साथ चर्चा करेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि कुंभ में सर्वोत्तम व्यवस्थाएं हों और लोगों को इसका लाभ मिले।

कुंभ मेला के अखाड़े

कुंभ मेलों में अखाड़ों का सबसे खास महत्व है। विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत विशाल जूलुस में अमृत स्नान करते हैं। अखाड़ों की भव्यता देखने देश-दुनिया से लोग आते हैं। बता दें कि अखाड़ों की स्थापना आदि शंकराचार्य ने किया था। इसके पीछे का उद्देश्य हिंदू धर्म की रक्षा करना था। पहले सिर्फ चार अखाड़े थे। मगर बाद में इनकी संख्या 13 हो गई। इनमें से सात अखाड़े भगवान शिव की आराधना करते हैं। बाद में किन्नर अखाड़ा की भी स्थापना हुई।

वैष्णव संप्रदाय के अखाड़े

  • निर्वाणी अनी अखाड़ा
  • निर्मोही अखाड़ा
  • दिगंबर अखाड़ा

शैव संन्यासी संप्रदाय के अखाड़े

  • जूना अखाड़ा
  • अग्नि अखाड़ा
  • आवाहन अखाड़ा
  • महानिर्वाणी अखाड़ा
  • निरंजनी अखाड़ा
  • आनंद अखाड़ा पंचायती
  • श्रीशंभू पंचायती अटल अखाड़ा

उदासीन संप्रदाय के अखाड़े

  • बड़ा उदासीन अखाड़ा
  • नया उदासीन अखाड़ा
  • निर्मल अखाड़ा

रेलवे ने चलाई 17 हजार से ज्यादा ट्रेनें

भारतीय रेलवे ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में कुल 17,152 ट्रेनें चलाईं। पिछले कुंभ की तुलना में यह संख्या चार गुना अधिक है। इसमें 7,667 विशेष और 9,485 नियमित ट्रेनें शामिल थीं। रेलवे के मुताबिक प्रयागराज के 9 रेलवे स्टेशनों पर 4.24 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। रेलवे ने ड्रोन और 1186 सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार अब दमकल की गाड़ियों से प्रदेश के सभी जिलों में महाकुंभ का जल पहुंचाएगी।

देहरादून समेत पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी से लौटी ठंड,जानिए कब तक रहेगा ऐसा मौसम

News web media uttarakhand :  उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। आज सुबह से प्रदेश भर के कई इलाकों में बारिश का क्रम जारी है। देहरादून समेत पहाड़ों के जिलों में बारिश से ठंड लौट आई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की सूचना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक मार्च तक प्रदेशभर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से चार दिन तक बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई थी।
इसके चलते तापमान में तेजी से गिरावट होने से कड़ाके की ठंड होगी। बारिश-बर्फबारी से मैदान से लेकर पहाड़ तक के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में भारी बर्फबारी होने की संभावना है। बागेश्वर जिले में हिमपात की संभावना बनी है। निचले भू-भाग में दोपहर बाद रिमझिम वर्षा हो रही है। किसानों को अच्छी वर्षा का इंतजार था। रबी की फसल को राहत मिलेगी। एक बार फिर से ठंड लौट आई है। गुरुवार को सुबह से आसमान में बाछल छाए रहे।
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने एक बार फिर राज्य में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है मौसम केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ विक्रम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में 27 और 28 तारीख को कुछ जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है
वहीं जिला देहरादून में भी कही कही भारी बारिश हो सकती है उसके साथ साथ जो पहाड़ी जिले है चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा जैसे जिलों में 3200 मीटर से ऊपर वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी इन दो दिनों में देखने को मिलेगी इसलिए इन दो दिनों में पहाड़ के अधिकाशं जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है।

सुप्रीमकोर्ट का यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के मामले में सुनवाई से इंकार, जानिए क्या कहा!

News web media Uttarakhand : सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाए जाने वाली याचिका में सुनवाई से इंकार कर दिया. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाने का फैसला लिया गया था. इसे लेकर विरोध हो रहा था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्योंकि इस मामले की निगरानी पहले से ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट कर रहा है.

मामले में जस्टिस बी. आर. गवई और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने सुनवाई की है. साथ ही याचिका खारिज हो गई है. इस पूरे मामले को अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ही देखेगी. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पीथमपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार से कचरा को जलाए जाना था. सुप्रीम राहत मिलने के बाद कंपनी अब इस दिशा में आगे बढ़ेगी.

दरअसल, यूका कचरा को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे उन पर असर पड़ेगा. इसे लेकर स्थानीय लेवल पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था. हालांकि कंपनी और सरकार का कहना था कि इससे कोई नुकसान है. सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है. एक्सपर्ट की अनुमति के बाद ही यह फैसला लिया गया है. कंपनी ने भी कहा कि हमारे सारे कर्मचारी वहीं रह रहे हैं. उन्हें कोई नुकसान नहीं है.

ये है हाईकोर्ट का आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे के निपटान के लिए ट्रायल रन को मंजूरी दे दी है. इसमें 30 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाएगा. यह काम तीन चरणों में होगा. पहले चरण में 135 किलो कचरा प्रति घंटा जलाया जाएगा. दूसरे में 180 किलो और तीसरे में 270 किलो प्रति घंटा कचरा जलाया जाएगा. मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी.

सीएम का सख्त संदेश, मंत्री-विधायक कोई हो, राज्य की एकता प्रतिष्ठा पर गलत टिप्पणी नहीं बर्दाश्त

News web media Uttarakhand : क्षेत्रवाद को लेकर अपने ही नेताओं की बयानबाजी को लेकर असहज भाजपा अब उनका इलाज करने की तैयारी में है। वहीं आज सीएम धामी का बयान सामने आया है। उन्होंने सख्त संदेश दिया कि मंत्री-विधायक कोई हो, राज्य की एकता प्रतिष्ठा पर गलत टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पार्टी बड़बोले नेताओं के विवादित और संवेदनशील मुद्दे पर बोलने से बचने को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में जिस तरह से पार्टी नेताओं के क्षेत्रवाद के मुद्दे पर बार-बार बयान आ रहे हैं, उनका विपक्ष भी उसी अंदाज में जवाब दे रहा है।

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बयान के मामले में उन्हें दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। राज्य में कुछ लोगों द्वारा जिस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है, उसे किसी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता। हमने कांग्रेस नेताओं से भी संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी न करने की आग्रह किया है। पार्टी के लोगों को इस बारे में दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

पार्टी को असहज करता रहा है कतिपय नेताओं का बर्ताव
कैबिनेट मंत्री का विवादित बयान कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भाजपा हरिद्वार में पार्टी के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के बीच हुए विवाद को लेकर असहज हो चुकी है। चैंपियन जेल में हैं, लेकिन पार्टी ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। पिछले एक साल के दौरान कई ऐसे मामले आए, जिनमें भाजपा और उसकी सरकार विपक्ष के निशाने पर रही।

सल्ट के पार्टी विधायक महेश जीना का देहरादून नगर निगम में हुआ विवाद रहा हो या फिर लैंसडौन विधायक दिलीप रावत की परिवहन विभाग अधिकारी से कहासुनी या फिर सरकार के एक मंत्री के महकमे में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच का मामला रहा हो। इन सभी मामलों में विपक्ष को पार्टी और सरकार पर हमला बोलने का अवसर मिला। लेकिन पार्टी अपने विवादित नेताओं का इलाज नहीं कर पाई। लेकिन अब ऐसे संकेत हैं कि पार्टी नेतृत्व इस पर कड़ा रुख अख्तियार करेगा।