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उत्तराखंड में जल्द होगी 789 अतिथि शिक्षकों की तैनाती

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में जल्द ही 789 अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जाएगी.

प्रवक्ता संवर्ग के इन शिक्षकों को प्रदेश के पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में कला वर्ग के विभिन्न विषयों के सापेक्ष नियुक्त किया जायेगा. शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इन शिक्षकों की शीघ्र तैनाती के निर्देश दिए हैं.

राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रवक्ता संवर्ग के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय लिया था. विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और राज्य लोक सेवा आयोग से प्रवक्ता शिक्षकों के मिलने में हो रही देरी को देखते हुए एक बार फिर कला वर्ग में 789 और अतिथि प्रवक्ताओं को तैनाती दी जायेगी. जिसमें हिन्दी विषय में 193, भूगोल 90, अर्थशास्त्र 194, नागरिकशास्त्र 217 तथा इतिहास विषय में 95 अतिथि शिक्षक शामिल है.इन सभी अतिथि प्रवक्ताओं को मेरिट के आधार पर जनपद आवंटित कर दिये गये हैं, जहां विभिन्न राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इन्हें संवर्गवार व विषयवार नियुक्त दी जायेगी.

जिसमें चमोली में विभिन्न विषयों के 101 अतिथि प्रवक्ताओं को तैनाती दी जायेगी. इसी तरह पिथौरागढ़ में 98, पौड़ी 154, अल्मोड़ा 90, उत्तराकशी 22, टिहरी 61, नैनीताल 39, चम्पावत 44, बागेश्वर 55, रूद्रप्रयाग 61, देहरादून 19, ऊधमसिंह नगर 42 तथा हरिद्वार में 3 अतिथि शिक्षक शामिल हैं.

कला वर्ग के सभी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्र माध्यमिक विद्यालयों में दी जायेगी. इस संबंध में विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को अतिथि शिक्षकों की शीघ्र तैनाती के निर्देश दिये हैं. इसस पहले विभाग द्वारा विज्ञान वर्ग में 157 अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति की गई. प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत कला वर्ग के विषयों के 789 अतिथि प्रवक्ताओं की मेरिट सूची तैयार कर जनपदों को भेज दी गई है. इन अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों के सापेक्ष शीघ्र तैनाती देने हेतु सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये है.

बांग्लादेश सेना ने ढाका में प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच ऑपरेशन्स बढ़ाए, शांति बनाए रखने की कोशिश

News web media Uttarakhand : बांग्लादेश की सेना ने ढाका में बढ़ते प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है। विशेष रूप से फरवरी 2025 में शुरू हुए ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ के तहत, सरकार ने हजारों लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकांश शेख हसीना के समर्थक थे। यह अभियान गाज़ीपुर में छात्रों और नागरिकों पर हमले के बाद शुरू किया गया था, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया था। सेना की बढ़ी हुई उपस्थिति और उनके ऑपरेशन्स ने राजधानी ढाका में सुरक्षा स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने शांति बनाए रखने के लिए सेना को तैनात किया है, लेकिन विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला मानते हैं। इस बढ़ती सेना की उपस्थिति और कार्रवाई ने देश के भीतर और बाहर चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि यह नागरिक स्वतंत्रताओं के उल्लंघन की संभावना को लेकर कई सवालों को जन्म देता है।

बांग्लादेश में होने वाले चुनावों को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और सुरक्षा को लेकर राज्य ने कई कदम उठाए हैं। सेना की तैनाती और नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।

ऋषिकेश: पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल पर मुकदमा दर्ज, जानिए पूरा मामला

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और ऋषिकेश से विधायक प्रेम चंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल पर अधिकारियों की अनुमति के बिना सरकारी भूमि पर सड़क बनाने के आरोप में सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया है. यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी. पौड़ी के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि यह मुकदमा यमकेश्वर के उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल की अदालत में दर्ज किया गया है. पीयूष अग्रवाल ने यह सड़क अपने प्रस्तावित होटल तक पहुंचने के लिए बनाई है.

उन्होंने बताया कि एक जांच रिपोर्ट में सरकारी जमीन पर मुख्य मार्ग से नीचे की ओर बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से 24 मीटर लंबी, चार मीटर चौड़ी और डेढ़ मीटर गहरी सड़क का निर्माण किए जाने की बात सामने आने के बाद पीयूष अग्रवाल के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया. मुकदमा दर्ज करने से पहले उपराजस्व निरीक्षक सीएस पुंडीर ने इस संबंध में जांच की थी और अपनी रिपोर्ट यमकेश्वर के उपजिलाधिकारी को सौंपी थी.

सीएस पुंडीर ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि यह सरकारी जमीन लक्ष्मण झूला क्षेत्र की मराल ग्राम पंचायत, पट्टी उदय पुर तल्ला के अंतर्गत गांव खैरखाल तोक में है, जिसका खसरा नंबर 5889 है. रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी दस्तावेजों में यह जगह एक झाड़ी के रूप में दर्ज है. जिलाधिकारी चौहान ने वर्तमान राजस्व उप निरीक्षक वीएस गुसाईं से दोबारा इस मामले की जांच करने को कहा, जिसमें फिर इन आरोपों की पुष्टि हुई.

इसके बाद, दो दिन पहले चन्याल की अदालत में अग्रवाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया. हाल में उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पहाड़-मैदान पर ‘असंसदीय टिप्पणी’ करने को लेकर विरोधों का सामना कर रहे प्रेमचंद अग्रवाल को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

अब चहल-धनश्री पति-पत्नी नहीं, कोर्ट ने तलाक पर लगाई मुहर

News web media Uttarakhand : भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है. आज यानी 20 मार्च को चहल और धनश्री सुनवाई के लिए बांद्रा के फैमिली कोर्ट पहुंचे थे, जहां कोर्ट ने उनके तलाक की ज्वॉइंट पेटेशन को स्वीकार करते हुए तलाक को मंजूरी दे दी है.

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का तलाक हो गया है और इसी आधिकारिक पुष्टि चहल की ओर से केस लड़ रहे वकील नितिन कुमार ने की है. उन्होंने 20 फरवरी को कोर्ट की हियरिंग खत्म होने के बाद कहा, ‘कोर्ट ने तलाक की डिक्री दे दी है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की संयुक्त याचिका स्वीकार कर ली है. इसलिए अब चहल-धनश्री पति-पत्नी नहीं हैं.’

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक की खबर की पुष्टि हो चुकी है. हाल ही में ये खबर भी सामने आई है कि तलाक पर युजवेंद्र चहल, धनश्री वर्मा को एलिमनी के तौर पर 4.75 करोड़ रुपये देने वाले हैं. इसमें से क्रिकेटर ने 2.37 करोड़ रुपये पहले ही चुका दिए हैं.

बताते चलें, युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा ने 5 फरवरी को तलाक की अर्जी दी थी, जिसे लेकर 20 मार्च को फैसला होना है. दोनों ने ही शादी बचाने के लिए 6 महीने के कूलिंग ऑफ पीरियड के लिए मना कर दिया था, जिसके बाद ही बांद्रा फैमिली कोर्ट में दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी गई.

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन मिले थे. धनश्री कोरियोग्राफर हैं, जो उन दिनों ऑनलाइन डांस क्लासेस दे रही थीं, उनके स्टूटेंड में चहल भी शामिल हो गए थे. वहीं से चहल और धनश्री के बीच दोस्ती हुई और फिर प्यार हुआ. दोनों ने कोरोना काल के दौरान ही 22 दिसंबर 2020 को शादी रचा ली थी.

आगरा विवाद के बीच औरंगजेब के कृत्यों को महिमामंडित करना देशद्रोह: योगी आदित्यनाथ का कड़ा बयान

News web media Uttarakhand : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में ऐतिहासिक आक्रमणकारियों की महिमामंडन को देशद्रोह के समान बताते हुए इसे ‘नई भारत’ में अस्वीकार्य करार दिया है। यह बयान महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की मजार को हटाने की मांग को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है।

बहराइच में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा, “आक्रमणकारियों की महिमामंडन करना देशद्रोह को बढ़ावा देना है, जिसे नई भारत स्वीकार नहीं करेगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो हमारे पूर्वजों का अपमान करते हैं और आक्रमणकारियों की प्रशंसा करते हैं, वे हमारी संस्कृति और विरासत का अनादर कर रहे हैं।

यह टिप्पणी उस समय आई है जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने औरंगजेब की मजार को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। VHP ने सरकारी कार्यालयों में प्रदर्शन किए हैं, जिसमें मजार को हटाने की मांग की गई है। यह विवाद औरंगजेब की विरासत और उनके शासनकाल में हिंदू समुदाय पर कथित अत्याचारों को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस का हिस्सा है।

इतिहासकारों के अनुसार, औरंगजेब के शासनकाल में साम्राज्य का विस्तार हुआ, लेकिन उनके प्रशासनिक और धार्मिक नीतियों के कारण साम्राज्य में कई चुनौतियाँ भी आईं। उनकी नीतियाँ आज भी बहस का विषय हैं, विशेष रूप से धार्मिक सहिष्णुता और प्रशासनिक निर्णयों के संदर्भ में।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह टिप्पणी ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की महिमामंडन और आलोचना पर चल रही राष्ट्रीय बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो समाज के विभिन्न वर्गों में प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न कर रही है।

तेलंगाना सरकार ने 2025-26 के लिए ₹3.05 लाख करोड़ का बजट पेश किया, प्रमुख क्षेत्र और आवंटन की जानकारी

News web media Uttarakhand : तेलंगाना के वित्त मंत्री टी. हरीश राव ने हाल ही में राज्य के वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹3.05 लाख करोड़ का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। यह बजट राज्य की आर्थिक वृद्धि और विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

मुख्य बिंदु:

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट अनुमान: ₹3.05 लाख करोड़।

केंद्र से करों में हिस्सेदारी: ₹26,216 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% अधिक है।

केंद्र से अनुदान: ₹21,636 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 122% अधिक है।

स्व-राजस्व (Own Tax Revenue): ₹1,38,181 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24% अधिक है।

ब्यय (Expenditure): ₹2,74,058 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25% अधिक है।

राजस्व घाटा (Revenue Deficit): ₹297 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 83% कम है।

मुख्य क्षेत्रों में व्यय:

शिक्षा: ₹1,28,650 करोड़।

ग्रामीण विकास: ₹1,71,437 करोड़।

स्वास्थ्य: ₹98,311 करोड़।

ऊर्जा: ₹81,174 करोड़।

शहरी विकास: ₹96,777 करोड़।

यह बजट राज्य की सामाजिक और आर्थिक विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और अवसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

धामी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर जिला मुख्यालयों में होगा जश्न, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

News web media uttarakhand : धामी सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष पर हर जिले में जन सेवा थीम पर 22 से 25 मार्च तक बहुउद्देशीय व चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को शिविर आयोजित करने के लिए निर्देश जारी किए

22 मार्च को मुख्य कार्यक्रम अल्मोड़ा व 23 मार्च को देहरादून जिले में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा सभी जिलों में भी 23 मार्च शिविर लगाए जाएंगे। जिला मुख्यालयों में कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। जिन जिलों में प्रभारी मंत्रियों की उपलब्धता नहीं है, वहां सांसद अध्यक्षता करेंगे।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बहुद्देशीय शिविर में आम जन को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की उपलब्धता, विभिन्न विभागों के माध्यम संचालित योजनाओं जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा चिकित्सा शिविर में निशुल्क जांच व दवाएं दी जाएंगी।

24 से 30 मार्च तक जन सेवा थीम पर प्रत्येक विधानसभा व लॉक स्तर पर भी बहुउद्देशीय शिविर व चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिसमें सांसद व विधायकों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी अपने स्तर से निर्णय लेंगे।

सेवानिवृत्ति के साथ शिक्षकों को सामूहिक बीमा योजना का तत्काल मिलेगा लाभ, नया संशोधन जारी

News web media Uttarakhand : सेवानिवृत्ति के बाद संत्रात लाभ के तहत शिक्षकों को सामूहिक बीमा योजना का लाभ अब तत्काल मिल सकेगा। उन्हें संत्रात लाभ की अवधि पूरी होने का इंतजार नहीं करना होगा। सोमवार को सचिव वित्त डॉ. वी. षणमुगम ने सामूहिक बीमा योजना के भुगतान की संशोधित व्यवस्था लागू करने के संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

सरकार के इस फैसले का लाभ 60 हजार से ज्यादा प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को होगा। जारी आदेश के मुताबिक, सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद ही बीमा योजना का के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ का भुगतान आईएफएमएस पेार्टल के माध्यम से होगा। इसके लिए अंतिम वेतन पत्र के स्थान पर सक्षम अधिकारी द्वारा इसका प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त अशासकीय स्कूलों के शिक्षक पिछले काफी समय से इस संशोधन की मांग कर रहे थे। शिक्षक संघ के नेताओं के मुताबिक, बीच सत्र में सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने वाले शिक्षकों के वित्तीय वर्ष के अंत तक यानी 31 मार्च का संत्रात लाभ दिया जाता है।

अब तक सामूहिक बीमा योजना का लाभ शिक्षकों को उनकी सत्रांत लाभ की अवधि पूरी करने पर ही मिलता था। इससे शिक्षकों के सेवानिवृत्ति के देयकों की एक बड़ी राशि कुछ और महीनों के लिए फंस जाती थी। इस धन को सेवानिवृत्ति की वास्तविक तारीख से ही दिए जाने की मांग की जा रही थी।

ग्रीन चारधाम यात्रा अभियान शुरू, शीतकाल यात्रा के स्थलों का मास्टर प्लान तैयार करने के CM धामी ने दिए निर्देश

News web media Uttarakhand : आगामी 30 अप्रैैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा को लेकर सरकार की और से तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ग्रीन चारधाम यात्रा का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य में ग्रीन चारधाम यात्रा की शुरूआत करने के साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का चारधाम यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर ​कहा कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर कार्य किये जाएं। यह यात्रा राज्य की लाइफलाइन है और आर्थिकी का बड़ा माध्यम है। पिछले साल की यात्रा में आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों से कहा कि उन्होंने राज्य के जिस तहसील, पुलिस थाने, ब्लॉक या अन्य क्षेत्रों से नौकरी की शुरूआत की है, उन्हें गोद लेकर उनके विकास में योगदान दें। यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से परेशानी न हो। चारधाम यात्रा मार्गों में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग टैस्ट की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही पशुपालन विभाग समय पर घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करे। साथ ही यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए पर्याप्त संख्या में गर्म पानी और चारे की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
यात्रा शुरू होने से पहले संकरे मार्गों का चौड़ीकरण और जिन स्थानों पर सड़क निर्माण से सबंधित कार्य चल रहे हैं, उन्हें पूर्ण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से रूकना न पड़े। यातायात प्रबंधन की दृष्टि से रोकना भी पड़े, तो उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विजिलेंस द्वारा हेलिकाप्टर टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए सतर्क होकर निगरानी की जाय और संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यात्रा मार्गों पर शौचालयों की पूर्ण व्यवस्था के साथ पिंक टॉयलेट की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा भी स्वच्छता अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मार्च माह में विभागीय सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें। चारधाम यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा मार्ग पर मोबाइल कनेक्टिविटी, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक संसाधनों और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मौसम के रियल टाइम अपडेट सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। इस अवसर पर सीएम ने यात्रा मार्ग से जुड़े जिलों के डीएम से यात्रा मार्ग से जुड़ी विभिन्न तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शीतकाल यात्रा के स्थलों का मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इनके आसपास के क्षेत्रों को भी विकसित किया जाए। गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान पर भी कार्य किया जाए। 2026 में होने वाली नंदा राजजात और 2027 के कुंभ के लिए भी अभी से तैयारी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

आरा में बेखौफ डकैतों ने तनिष्क शो रूम को बनाया अपना निशाना, 25 करोड़ से अधिक के जेवर लुटे

News web media Uttarakhand : बिहार के आरा में एक बार फिर बेखौफ डकैतों ने तनिष्क शो रूम को अपना निशाना बनाया है. भोजपुर जिले में आरा बाजार के गोपाली चौक स्थित तनिष्क शो रूम में धड़धड़ाते घुसे बदमाशों ने शोरूम के कर्मचारियों को बंधक बनाकर महज 20 मिनट में ही 25 करोड़ से अधिक के जेवर लूट लिए. बदमाश इतने बेखौफ थे कि किसी ने भी ना तो अपना चेहरा छुपाने की कोशिश की और ना ही इस वारदात के दौरान किसी से डरे.

बल्कि वारदात के बाद खूब आराम से बाहर निकले और बाइक पर सवार होकर फरार हो गए. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बताया कि डकैतों की संख्या 6 से 7 हो सकती है. पुलिस ने शोरूम से सीसीटीवी कब्जे में लिया है. इसमें 20 मिनट तक बदमाश शोरूम के अंदर नजर आ रहे हैं और इतने ही समय में 25 करोड़ से अधिक के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया. पुलिस ने पूरे शहर की नाकेबंदी कर दी है. सीसीटीवी देखने के बाद दियारा क्षेत्र में पुलिस की 2 टीमों ने कांबिंग शुरू कर दी है.

पुलिस के मुताबिक सुबह जैसे ही तनिष्क शोरूम खुला, तभी ग्राहक के रूप में 2 बदमाश अंदर घुस आए. इन बदमाशों ने अंदर घुसते ही वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड को तमंचे के दम पर बंधक बना लिया. इतने में तीन और बदमाश अंदर घुस आए. इन बदमाशों ने शोरूम में मौजूद सेल्समैन एवं अन्य कर्मचारियों को तमंचे की दम पर बंधक बनाकर एक जगह खड़ा कर दिया. इसके बाद बाकी बदमाशों ने शोरूम में मौजूद जेवर समेटने शुरू कर दिए. इस दौरान बदमाशों ने कीमती जेवर का पता नहीं बताने पर तमंचे के बट से एक सेल्समैन पर हमला भी किया है.

वारदात के बाद बदमाश बड़े आराम से बाहर निकले और बाइक पर सवार होकर अलग अलग दिशा में भाग गए. हालांकि पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि आगे जाकर यह दोनों बदमाश छपरा की ओर भागे हैं. तनिष्क के स्टोर मैनेजर कुमार मृत्युंजय ने बताया कि करीब 50 करोड़ के हीरे और सोने के जेवरात थे. जिसमें आठ के संख्या में आए हथियारबंद बदमाशों ने करीब 25 करोड़ से ज्यादा के हीरे, सोने के बेशकीमती जेवर आदि लूट ले गए हैं. उन्होंने बताया कि बदमाशों ने यह वारदात उस समय अंजाम दिया, जब स्टोर में महिला एवं पुरुष मिलाकर कुल 25 से ज्यादा स्टाफ मौजूद था.

बदमाशों की तलाश में कांबिंग कर रही पुलिस ने बडहरा थाना क्षेत्र के बबुरा इलाके में एनकाउंटर के दौरान दो बदमाशों को दबोच लिया है. पुलिस ने इन दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारी है. इस एनकाउंटर के दौरान बदमाशों ने भी पुलिस पर फायरिंग की है. गनीमत रही कि गोली किसी पुलिसकर्मी को नहीं लगी है. पुलिस के मुताबिक बदमाशों के पास से लूट का काफी माल बरामद कर लिया गया है. हालांकि अभी तक पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. फिलहाल घायल बदमाशों की पहचान सारण (छपरा) के सोनपुर थाना क्षेत्र में सेमरा गांव निवासी कुणाल और दिघवारा विशाल कुमार के रूप में हुई है. पुलिस अब बाकी बदमाशों की तलाश कर रही है.