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आईटीडीए और एन.आई.सी. द्वारा विकसित की गई विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

News web media Uttarakhand : सीएम पुष्कर सिंह धामी द्वारा सचिवालय में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और NIC द्वारा विकसित की गई विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया.

इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा की चुनौतियां तथा डिजिटल युग में सार्वजनिक सेवाओं को अधिक दक्ष, तीव्र और समावेशी बनाने के लिए नई तकनीकी को आत्मसात करते हुए आईटीडीए और NIC द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं. जिससे आम जनमानस को ऑल इन वन की तर्ज पर एक ही प्लेटफार्म पर आसानी से विविध प्रकार की सेवाएं मिल सकेगी. विभागों के कार्यों की प्रगति ऑनलाइन देखी जा सकेगी; जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी.

उन्होंने कहा कि S3WaaS (Secure, Scalable and Sugamya website as a Service) फ्रेमवर्क में बनी समस्त विभागों की वेबसाइट साइबर सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी.

सीएम धामी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि राज्य में ITDA को UIDAI द्वारा AUA (ऑथेंटिकेशन यूजर एजेंसी) -KUA(की यूजर एजेंसी) बनाया गया है. इसके उपरांत आधार ऑथेंटिकेशन एवं EKYC से संबंधित सेवाएं राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा विकसित किए गए पोर्टलों जैसे कि UCC, वर्चुअल रजिस्ट्री आदि के माध्यम से प्रदान की जा सकेगी.

सीएम धामी ने कहा कि राज्य डाटा सेंटर ने भी साइबर अटैक के उपरांत अपने आप को इंप्रूव किया है. नियर डिजास्टर रिकवरी को सचिवालय में स्थापित किया गया है. यह बड़ी बात है कि उक्त नियर डिजास्टर रिकवरी में राज्य की विभिन्न संवेदनशील एप्लीकेशन व वेबसाइट को किसी भी आपात स्थिति होने की दशा में 15 मिनट के अंतराल में सुचारू किया जा सकता है. कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से राज्य डाटा सेंटर के अधीन सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर 24 *7 कार्यरत है. यह कदम उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत डिजिटल सिस्टम को और भी सशक्त और बेहतर किया जाने का सराहनीय प्रयास है.

सीएम धामी ने डिजिटल डिजिटलीकरण के बेहतर इंप्लीमेंटेशन के लिए सभी विभागों को बेहतर सेटअप बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अपनी विभागीय सूचनाओं को अपडेट रखें.
उन्होंने आईटीडीए को निर्देशित किया कि विकसित किए गए नए प्लेटफार्म पर सुगमता और तेजी से कार्य करने के लिए सभी विभागों का मार्गदर्शन करें.

मुख्यमंत्री ने NIC और आईटीडीए द्वारा विकसित किए गए प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी आईटीडीए और एन आई सी को आपसी समन्वय से उत्तराखंड में आईटी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को प्रेरित किया.

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व एल फैनई, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, नितेश झा, पंकज पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डॉ आर राजेश कुमार, निदेशक ITDA नीतिका खंडेलवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

संत आसाराम बापू को सुप्रीमकोर्ट से राहत, चिकित्सा आधार पर 31 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत

News web media Uttarakhand : सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में मेडिकल आधार पर स्वयंभू संत आसाराम बापू को अंतरिम जमानत दे दी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आसाराम सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे और अंतरिम पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को चिकित्सा आधार पर 31मार्च तक अंतरिम जमानत दी है.

इसे आसाराम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

सीबीएसई कभी भी जारी कर सकता है सीटीईटी का रिजल्ट, ऐसे करे चेक

News web media Uttarakhand : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) दिसंबर 2024 का आयोजन 14 दिसंबर 2024 को हुआ था. परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे. अब सभी को रिजल्ट जारी होने का बेसब्री से इंतजार है. अगर आपने भी इस परीक्षा में भाग लिया है, तो यह जानकारी आपके लिए है. सीबीएसई (CBSE) जल्द ही केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने वाली है. रिजल्ट से संबंधित सभी अपडेट आप केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर देख सकते हैं.

सीबीएसई ने 01 जनवरी 2025 को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा आंसर की जारी की थी. इसके बाद से अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट 10 से 12 जनवरी 2025 के बीच जारी किया जा सकता है. सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.

पिछली बार कब आया था परिणाम
सीबीएसई हर साल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा परीक्षा का आयोजन दो सत्रों में करती है. पिछले साल के रिकॉर्ड के मुताबिक, जुलाई 2024 में हुई परीक्षा का रिजल्ट 31 जुलाई को जारी हुआ था. जनवरी 2024 में हुई परीक्षा का रिजल्ट 15 फरवरी को घोषित किया गया था. इसी आधार पर उम्मीद की जा रही है कि 14 दिसंबर 2024 को हुई परीक्षा का परिणाम भी 15 जनवरी 2025 तक जारी हो सकता है.

ऐसे कर पाएंगे चेक
सबसे पहले ctet.nic.in पर विजिट करें.
होमपेज पर आपको “CBSE CTET 2024 Result Download Link” दिखाई देगा (रिजल्ट जारी होने के बाद यह लिंक एक्टिव होगा).
रिजल्ट विंडो में अपना नंबर और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करें.
जानकारी भरते ही आपका CTET स्कोरकार्ड पीडीएफ फॉर्मेट में स्क्रीन पर दिखेगा.
स्कोरकार्ड को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट जरूर लें.

उत्तराखंड के किसानों से राज्य सरकार ने इस साल 3100 मीट्रिक टन मंडुआ खरीदा

News web media Utttarakhand : कुछ समय पहले तक उपेक्षित रहने वाला मंडुआ अब हाथों हाथ बिक रहा है. राज्य सरकार ने ही इस साल विभिन्न सहकारी और किसान संघों के जरिए उत्तराखंड के किसानों से 3100 मीट्रिक टन से अधिक मंडुआ खरीदा है. सरकार ने इस साल किसानों को मंडुआ पर 4200 प्रति कुंतल का समर्थन मूल्य भी दिया है.

उत्तराखंड के सीढ़ीदार खेतों में परंपरागत रूप से मंडुआ की खेती होती रही है. लेकिन कुछ साल पहले तक मंडुआ फसल उपेक्षा का शिकार रहती थी, जिस कारण किसानों का भी मंडुआ उत्पादन के प्रति मोह भंग होने लगा था. लेकिन केंद्र और उत्तराखंड सरकार द्वारा अब मिलेट्स फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिस कारण उत्तराखंड में मंडुआ उत्पादक क्षेत्र के साथ ही उत्पादन भी बढ़ रहा है. मौजूदा सरकार ने मंडुआ उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए सबसे पहले 2022 इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत के तहत, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदना शुरू किया.

साथ ही उपभोक्ताओं तक मिलेट्स उत्पाद पहुंचाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली से लेकर मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषण कार्यक्रम में इसे शामिल किया गया. इसी तरह सरकार ने स्टेट मिलेट मिशन शुरू करते हुए, उत्पादन बढ़ाने के साथ ही, मिलेट्स उत्पादों को अपनाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार, किसानों से खरीद से लेकर भंडारण तक की मजबूत व्यवस्था तैयार की. वहीं किसानों को बीज, खाद पर अस्सी प्रतिशत तक सब्सिडी दी गई.

सरकार ने दूर दराज के किसानों से मंडुआ खरीदने के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के सहयोग से जगह – जगह संग्रह केंद्र स्थापित किए. इस प्रयोग की सफलता की कहानी यूं कही जा सकती है कि 2020-21 में जहां इन केंद्रों की कुल संख्या 23 थी जो 2024-25 में बढ़कर 270 हो गई है. इन केद्रों के जरिए इस साल उत्तराखंड के किसानों से 3100.17 मीट्रिक टन, मंडुआ की खरीद की गई, इसके लिए किसानों को 42.46 प्रति किलो की दर से समर्थन मूल्य दिया गया. सरकार ने मंडुआ खरीद में सहयोग देने के लिए किसान संघों को 150 रुपए प्रति कुंतल और बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को प्रति केंद्र 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की. साथ ही सुनिश्चित किया गया कि केंद्रों का भुगतान 72 घंटे में कर दिया जाए.

प्रदेश में 2021-22 में मंडुआ समर्थन मूल्य कुल 2500 प्रति कुंतल था, जो 2024-25 में 4200 प्रति कुंतल हो गया है. इस तरह दो साल के अंतराल में ही समर्थन मूल्य 68 प्रतिशत बढ़ गया है. किसानों तक इसका लाभ पहुंचने से मंडुआ उत्पादन क्षेत्र भी बढ़ रहा है. इसके साथ ही सरकार ओपन मार्केट और हाउस ऑफ हिमालय के जरिए भी मंडुआ उत्पादों को प्रोत्साहन दे रही है.

उत्तराखंड में मंडुआ परंपरागत तौर पर उगाया जाता है. यह पौष्टिक होने के साथ ही आर्गेनिक भी होता है. इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिलेट्स उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने के बाद भी मंडुआ की मांग बढ़ी है. इसलिए राज्य सरकार सीधे किसानों से मंडुआ खरीद करते हुए, उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं.

पांचवीं और आठवीं क्लास में भी बच्चें हो सकते है फेल-इस राज्य ने स्कूली शिक्षा में किया बदलाव

News web media Uttarakhand : इस साल एजुकेशन सेक्टर में कई तरह के बदलाव देखे गए. विभिन्न राज्य नई शिक्षा नीति 2020 को भी स्कूल एजुकेशन में लागू करने के लिए नए नियम बना रहे हैं. अभी तक 5वीं और 8वीं क्लास की परीक्षा में फेल होने वाले स्टूडेंट्स को अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाता था लेकिन अब हरियाणा में ऐसा नहीं होगा. हरियाणा सरकार ने स्कूली शिक्षा में बहुत बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है.

हरियाणा में अब पांचवीं और आठवीं क्लास की नियमित रूप से परीक्षाएं ली जाएंगी. इसमें फेल होने वाले स्टूडेंट्स को अगली क्लास में एडमिशन नहीं दिया जाएगा. इन स्टूडेंट्स को 2 महीने के अंदर दोबारा परीक्षा देनी होगी. इसमें पास होने पर ही उन्हें अगली क्लास यानी 6 या 8 में एडमिशन दिया जाएगा. नए नियमों के अनुसार, अगर स्टूडेंट दोबारा वाली परीक्षा में भी फेल हो जाता है तो उसे उसी क्लास में रोक दिया जाएगा यानी रिपीट करना होगा.

शिक्षा विभाग के पुराने नियमों में 8वीं तक किसी भी स्टूडेंट को फेल करने का प्रावधान नहीं था. कम अंक होने पर भी स्टूडेंट्स को पास कर दिया जाता था. लेकिन अब केंद्र सरकार ने 8वीं तक फेल न करने की नीति बदल दी है. केंद्र के इस फैसले को हरियाणा में लागू भी कर दिया गया है. हरियाणा शिक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर अपडेट की जानकारी दी है. अन्य राज्य भी कुछ समय में इसे अपने यहां लागू कर सकते हैं.

हरियाणा के स्कूलों में क्लास 5 और 8 में पढ़ाई कर रहे किसी भी स्टूडेंट को फेल होने पर 2 महीने में दोबारा परीक्षा देनी होगी. इस दौरान स्टूडेंट का रिजल्ट सुधारने के लिए टीचर्स उन्हें स्पेशल गाइडेंस देंगे. स्टूडेंट्स को न सिर्फ स्टूडेंट के प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा, बल्कि उनके पैरेंट्स को भी जरूरी सहायता प्रदान करनी होगी. फिर शिक्षक स्टूडेंट के प्रदर्शन का आकलन करके उन्हें जरूरी टिप्स देंगे. स्कूल प्रिंसिपल पढ़ाई में कमजोर स्टूडेंट्स की लिस्ट बनाकर उनमें सुधार की निगरानी करेंगे.

बाबा बागेश्वर की शरण में पहुंचे संजय दत्त, बोले-गुरूजी मेरे छोटे भाई की तरह

News web media Uttarakhand : एक्टर संजय दत्त हाल ही में बाबा बागेश्वर की पदयात्रा में शामिल हुए थे. जिसके बाद दोनों खूब चर्चा में आ गए थे. वहीं अब एक बार फिर दोनों चर्चा में आ गए है. दरअसल, दोनों ने एक बार फिर से मुलाकात की है. जिसकी फोटो एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है. जिसमें उन्होंने एक अच्छा सा कैप्शन भी लिखा है. वहीं दोनों को साथ में देखकर फैंस काफी ज्यादा खुश हो रहे है.

दरअसल, बता दें इस फोटो में दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा हुआ है. वहीं संजय दत्त को बाबा बागेश्वर ने सम्मानित किया है. दोनों ही काफी ज्यादा खुश नजर आ रहे है. फोटो शेयर करते हुए लिखा- ‘श्री धीरेंद्र शास्त्री जी बागेश्वर धाम का मेरे घर आना और हम सभी को आशीर्वाद देना एक सम्मान की तरह हैं. ‘

इसके आगे उन्होंने लिखा, ‘गुरुजी और मैं परिवार की तरह, भाई की तरह हैं. जय भोले नाथ. वहीं एक्टर इससे पहले धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा में भी शामिल हुए थे. उस दौरान भी उन्होंने कहा था कि गुरुजी मेरे छोटे भाई हैं. बाबा मुझे जह जिस काम के लिए बुलाएंगे मैं हाजिर रहूंगा. ‘

एक्टर का प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो वह जल्द ही ‘बागी 4’, ‘हाउसफुल 5’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आएंगे. वहीं बागी 4 में वो विलेन के रोल में नजर आएंगे.

7 साल बाद चंदन गुप्ता को मिला न्याय, 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा

News web media Uttarakhand : यूपी के कासगंज जिले के चंदन गुप्ता मर्डर केस में तकरीबन 7 साल बाद बड़ा फैसला आया है. 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. लखनऊ की एनआईए कोर्ट ने आज यानी शुक्रवार को सभी दोषियों को सजा सुनाई. इससे एक दिन पहले (2 जनवरी) को एनआईए कोर्ट ने चंदन गुप्ता हत्याकांड में आरोपी बनाए गए 30 लोगों में से 28 को दोषी ठहराया था, जबकि 2 लोगों को बरी कर दिया था. बता दें कि 26 जनवरी 2018 को कासगंज में चंदन गुप्ता की तिरंगा यात्रा के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.

एनआईए कोर्ट से चंदन गुप्ता मर्डर केस में आए इस फैसले से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है. ये फैसला पीड़ित परिवार की ओर से लड़ी गई लंबी कानूनी लड़ाई का नतीजा है. कासगंज चंदन गुप्ता हत्याकांड में हुए हालिया घटनाक्रम पर पीड़ित के भाई विवेक गुप्ता ने कहा, ‘हमारे ही देश में मेरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी गई. आज माननीय न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई है, और हम फैसले से संतुष्ट हैं.’

जिला सरकारी वकील मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा, ‘सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. 2 लोगों को बरी कर दिया गया है. हम उनके बरी होने के खिलाफ अपील करेंगे. सलीम को अतिरिक्त 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है.’

यूसीसी,भू कानून और एक्सप्रेस वे, जानिए उत्तराखंड को नए साल में मिलने जा रही 7 बड़ी सौगातें

News web media Uttarakhand : साल 2025 का आगाज होते ही उत्तराखंड के लोगों के लिए नई सौगातें लेकर आ रहा है। राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष उत्तराखंड के लिए खास होने जा रहा है। पूरे देश की नजर अब उत्तराखंड पर है जब नए साल के जनवरी माह में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी हो रही है।
इसके साथ ही उम्मीद की जा रही है कि इसी माह से देहरादून दिल्ली हाईवे भी शुरू हो जाएगा। जिसके बाद ​देहरादून से दिल्ली का सफर मात्र ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगी। ऐसी और क्या सौगातें प्रदेश को मिलने जा रही है। आइए नजर डालते हैं।
1-धामी सरकार इस साल समान नागरिक संहिता लागू करेगी। इसके लिए पहले प्रदेश के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही एप के जरिए भी ट्रेंड किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार 26 जनवरी तक यूसीसी लागू कर देगी।
2-सीएम धामी ने सशक्त भू-कानून लागू करने का वादा किया है। जिसका लंबे समय से इंतजार हो रहा है। दोनों कदम उत्तराखंड ही नहीं देश के लिए मिसाल पेश कर सकते हैं। धामी सरकार के वादे के अनुरूप ही प्रदेश में यूसीसी और भू कानून लागू होने से प्रदेश में बड़े बदलाव होने की उम्मीद जताई जा रही है।
3-नए साल में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद दिल्ली का सफर ढाई से तीन घंटे में पूरा हो सकेगा। कुल चार चरणों में हो रहे इस एक्सप्रेस वे के दो खंड पहले ही पूरे हो चुके हैं। जिसमें गणेशपुर से लेकर डाटकाली तक 12 किमी लंबा एलीवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है।
4-उत्तराखंड में ओला उबर की तर्ज पर महिला सारथी योजना शुरू होगी। महिला सारथी परियोजना पायलट तौर पर देहरादून जिले से शुरू होने जा रही है। इसमें परिवहन विभाग जरूरतमंद महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी बनाएगा। इन महिलाओं के लिए ही वाहनों की व्यवस्था सीएसआर फंड और निर्भया योजना से की जानी प्रस्तावित है। इन गाड़ियों के संचालन के लिए एक पूरी तरह प्रोफेशनल मोबाइल एप बनाया जाएगा।

5-सीएम धामी ने चारधाम यात्रा के प्रबंधन के लिए नए साल में चारधाम यात्रा प्राधिकरण बनाने का फैसला लिया है। सीएम धामी ने प्राधिकरण पर 15 जनवरी तक सभी तीर्थ पुरोहितों और हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लेने के निर्देश दिए हैं। जनवरी माह के अंत तक प्राधिकरण का गठन पूरा करने को कहा है।

6-28 जनवरी से 38वें राष्ट्रीय खेल भी शुरू होंगे। पहली बार राज्य में राष्ट्रीय खेल होंगे। धामी सरकार ने राष्ट्रीय खेलों को कराने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। देहरादून, हल्द्वानी,टिहरी समेत कई इलाकों में खेलों का आयोजन होगा। जिससे खेल,खिलाड़ियों और इससे जुड़े लोगों का फायदा होगा। इसके साथ ही धामी सरकार पदक लाने वाले खिलाड़ियों के लिए दोगुनी धनराशि देने का ऐलान किया है।
7-नए साल में मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत, पौड़ी, गोपेश्वर और केंद्र सरकार की क्षेत्रीय सम्पर्क योजना (आरसीएस) के तहत बागेश्वर और नैनीताल के लिए देहरादून से हेलीसेवा शुरू होने जा रही है।

01 जनवरी 2025 से लागू होंगे ये बड़े बदलाव, हर जेब पर होगा असर

News web media Uttarakhand : साल 2024 खत्म होने में महज दो दिन बचे हैं और नए साल 2025 के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. वहीं 1 जनवरी, 2025 से देश में कई नियमों में अहम बदलाव होने वाले हैं. इसमें एलपीजी की कीमतों से लेकर और ईपीएफओ तक के नियम शामिल हैं. आइए जानते हैं इस बार 1 जनवरी से क्या-क्या बदलेगा और आप पर क्या असर पड़ेगा.

आमतौर हर महीने की एक तारीख को सरकार एलपीजी के दाम में बदलाव करती है. बीते कुछ समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कई बदलाव हुए हैं. हालांकि लंबे समय देश में 14 किलो वाले रसोई सिलेंडर के दाम स्थिर हैं. ऐसे में इस बार भी एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव की उम्‍मीद की जा रही है.

पीएफ अकाउंट होल्डर्स को साल 2025 की शुरुआत में एक खास तोहफा मिल सकता है, जिसके जरिए एटीएम मशीन से पीएफ के पैसों की निकासी संभव हो सकेगी. लेबर मिनिस्ट्री इस पर काम कर रही है. हाल ही में श्रम सचिव सुमिता डावरा ने बताया कि श्रम और रोजगार मंत्रालय पीएफ निकासी को सुव्यवस्थित करने और सर्विस में सुधार करने के लिए अपने आईटी सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है.

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फीचर फोन यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी दी है. अब UPI 123Pay का इस्तेमाल करके 10 हजार रुपये तक का यूपीआई पेमेंट किया जा सकेगा. यह सुविधा 1 जनवरी, 2025 से शुरू होगी. पहले यह लिमिट 5 हजार रुपये हुआ करती थी.

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर दी है. आरबीआई ने किसानों को बिना गारंटी के मिलने वाले लोन की लिमिट को बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है. नए नियम 1 जनवरी, 2025 से लागू होंगे. पहले यह लिमिट 1.60 लाख रुपये थी.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने कॉन्ट्रैक्ट्स के एक्सपायरी डे में बदलाव का ऐलान किया है. यह 1 जनवरी, 2025 से लागू हो जाएगा. एनएसई ने 29 नवंबर को इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया था. अब फिननिफ्टी, मिडसीपीनिफ्टी और निफ्टीनेक्स्ट50 के मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स संबंधित महीने के अंतिम गुरुवार को एक्सपायर होंगे. बैंकनिफ्टी के मंथली और क्वार्टर्ली कॉन्ट्रैक्ट्स एक्सपायरी मंथ के अंतिम गुरुवार को एक्सपायर होंगे.

दिल्ली: एजजी वी के सक्सेना ने सीएम आतिशी को लिखा पत्र, किया ये आग्रह

News web media Uttarakhand : दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मुख्यमंत्री आतिशी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने 14 लंबित सीएजी रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने का आग्रह किया.

उन्होंने रिपोर्ट को शीघ्र प्रस्तुत करने के लिए विधानसभा की विशेष बैठक बुलाने की भी मांग की. उपराज्यपाल ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट शासन में पारदर्शिता की कसौटी होती है और इसे जल्द पटल पर रखा जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिपोर्टों को देर से पेश करना सरकार की विफलता को दर्शाता है. इस पत्र के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, और यह मुद्दा विधानसभा में उठने की संभावना है.