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सुप्रीमकोर्ट का यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के मामले में सुनवाई से इंकार, जानिए क्या कहा!

News web media Uttarakhand : सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाए जाने वाली याचिका में सुनवाई से इंकार कर दिया. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाने का फैसला लिया गया था. इसे लेकर विरोध हो रहा था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्योंकि इस मामले की निगरानी पहले से ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट कर रहा है.

मामले में जस्टिस बी. आर. गवई और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने सुनवाई की है. साथ ही याचिका खारिज हो गई है. इस पूरे मामले को अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ही देखेगी. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पीथमपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार से कचरा को जलाए जाना था. सुप्रीम राहत मिलने के बाद कंपनी अब इस दिशा में आगे बढ़ेगी.

दरअसल, यूका कचरा को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे उन पर असर पड़ेगा. इसे लेकर स्थानीय लेवल पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था. हालांकि कंपनी और सरकार का कहना था कि इससे कोई नुकसान है. सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है. एक्सपर्ट की अनुमति के बाद ही यह फैसला लिया गया है. कंपनी ने भी कहा कि हमारे सारे कर्मचारी वहीं रह रहे हैं. उन्हें कोई नुकसान नहीं है.

ये है हाईकोर्ट का आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे के निपटान के लिए ट्रायल रन को मंजूरी दे दी है. इसमें 30 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाएगा. यह काम तीन चरणों में होगा. पहले चरण में 135 किलो कचरा प्रति घंटा जलाया जाएगा. दूसरे में 180 किलो और तीसरे में 270 किलो प्रति घंटा कचरा जलाया जाएगा. मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी.

सीएम का सख्त संदेश, मंत्री-विधायक कोई हो, राज्य की एकता प्रतिष्ठा पर गलत टिप्पणी नहीं बर्दाश्त

News web media Uttarakhand : क्षेत्रवाद को लेकर अपने ही नेताओं की बयानबाजी को लेकर असहज भाजपा अब उनका इलाज करने की तैयारी में है। वहीं आज सीएम धामी का बयान सामने आया है। उन्होंने सख्त संदेश दिया कि मंत्री-विधायक कोई हो, राज्य की एकता प्रतिष्ठा पर गलत टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पार्टी बड़बोले नेताओं के विवादित और संवेदनशील मुद्दे पर बोलने से बचने को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में जिस तरह से पार्टी नेताओं के क्षेत्रवाद के मुद्दे पर बार-बार बयान आ रहे हैं, उनका विपक्ष भी उसी अंदाज में जवाब दे रहा है।

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बयान के मामले में उन्हें दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। राज्य में कुछ लोगों द्वारा जिस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है, उसे किसी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता। हमने कांग्रेस नेताओं से भी संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी न करने की आग्रह किया है। पार्टी के लोगों को इस बारे में दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

पार्टी को असहज करता रहा है कतिपय नेताओं का बर्ताव
कैबिनेट मंत्री का विवादित बयान कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भाजपा हरिद्वार में पार्टी के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के बीच हुए विवाद को लेकर असहज हो चुकी है। चैंपियन जेल में हैं, लेकिन पार्टी ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। पिछले एक साल के दौरान कई ऐसे मामले आए, जिनमें भाजपा और उसकी सरकार विपक्ष के निशाने पर रही।

सल्ट के पार्टी विधायक महेश जीना का देहरादून नगर निगम में हुआ विवाद रहा हो या फिर लैंसडौन विधायक दिलीप रावत की परिवहन विभाग अधिकारी से कहासुनी या फिर सरकार के एक मंत्री के महकमे में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच का मामला रहा हो। इन सभी मामलों में विपक्ष को पार्टी और सरकार पर हमला बोलने का अवसर मिला। लेकिन पार्टी अपने विवादित नेताओं का इलाज नहीं कर पाई। लेकिन अब ऐसे संकेत हैं कि पार्टी नेतृत्व इस पर कड़ा रुख अख्तियार करेगा।

600 करोड़ की क्रिप्टोकरेंसी बदलने के मामले में ईडी का छापा, आरोपी के बैंक खाते में जमा दो करोड़ फ्रीज

News web media Uttarakhand : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विभिन्न भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज के माध्यम से करीब 600 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी को अवैध रूप से बदलने के मामले में छापा मारा। ईडी ने कई राज्यों में तलाशी के बाद आरोपी चिराग तोमर के बैंक खाते में जमा दो करोड़ रुपये की धनराशि को फ्रीज कर दिया।
ईडी ने कहा कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत 20 फरवरी को दिल्ली, राजस्थान के जयपुर और महाराष्ट्र के मुंबई में छापे मारे गए थे। यह मामला विभिन्न भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों में लगभग 600 करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी बदलने और उसके बाद लाभार्थियों को धनराशि के हस्तांतरण से संबंधित है।
ईडी ने बताया कि मामले की जांच एक अखबार की रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि चिराग तोमर नामक एक भारतीय नागरिक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज वेबसाइट कॉइनबेस की नकल करने वाली फर्जी या नकली वेबसाइटों के इस्तेमाल के जरिये सैकड़ों पीड़ितों से दो करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि चुराने के आरोप में अमेरिका में जेल की सजा काट रहा है। तोमर को पिछले वर्ष नवंबर में अमेरिका की एक अदालत ने जेल की सजा सुनाई थी।
ईडी ने कहा कि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन द्वारा विश्वसनीय वेबसाइटों को इस तरह से धोखा दिया गया था कि जब वेबसाइट को खोजा जाता था, तो नकली वेबसाइट सबसे ऊपर दिखाई देती थी। जबकि नकली वेबसाइट बिल्कुल असली जैसी दिखती थी। केवल इसमें संपर्क विवरण अलग होता था। जब यूजर लॉगिन करते थे, तो नकली वेबसाइट इसे गलत दिखाती थी। इसलिए यूजर नकली वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर संपर्क करते थे जो उन्हें तोमर के बनाए गए कॉल सेंटर से जोड़ता था।
जब आरोपियों को पीड़ितों के खातों तक पहुंच मिल जाती थी, तो वे उनकी क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स को अपने क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में स्थानांतरित कर देते थे। ईडी ने पाया कि चोरी की गई क्रिप्टोकरेंसी को वेबसाइट localbitcoins.com पर बेचा जाता था और भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों में भारतीय रुपये में परिवर्तित किया जाता था। इसके बाद पैसा तोमर और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया था। ईडी ने कहा कि इस धोखाधड़ी से चिराग और उसके परिवार ने करीब 15 करोड़ रुपये कमाए।

सरकारी कर्मचारियों को विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य, CS ने दिए निर्देश

News web media Uttarkhand : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत विवाह पंजीकरण को अनिवार्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलों के डीएम को पात्र लिखकर राज्य सर्कार के अधीन काम करने वाले विवाहित कर्मचारियों के विवाह पंजीकरण सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं.

मुख्य सचिव ने अपने पत्र में कहा है कि यूसीसी के तहत 26 मार्च 2010 के बाद हुए सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. इसी क्रम में हर एक जिले में नामित नोडल अधिकारी को अपने जिले में कार्यरत सभी विवाहित कर्मचारियों का विवाह पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध योजना बनानी होगी.

सीएस ने कहा कि सभी डीएम और विभागध्यक्ष सुनिश्चित करें कि विवाह पंजीकरण कि प्रक्रिया तय समय-सीमा में पूरी हो. इस संबंध में हर एक जिले को नियमित रूप से अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी. इसके अलावा हर एक विभाग में सम्बंधित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव द्वारा एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा, जो अपने विभाग के सभी विवाहित कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराएगा.

मुख्य सचिव ने कहा है कि UCC पोर्टल पर निर्बाध पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए निदेशक, आई.टी.डी.ए उत्तराखंड को सभी जनपदों और विभागों को आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है. यदि किसी जनपद या विभाग को तकनीकी सहयोग की आवश्यकता हो तो वे आई.टी.डी.ए के निदेशक से तत्काल समन्वय स्थापित कर सकते हैं.

उत्तराखंड बजट सत्र: बजट पास होते ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित,बना ये रिकॉर्ड,जानिए क्या खास,किसको मिला कितना

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र- 2025 आज पांचवें दिन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। आज बजट पारित किया गया।बजट सत्र में भू कानून समेत दस विधेयक पारित हुए थे। पह​ली बार शनिवार को भी सदन की कार्यवाही हुई।

सदन की शुरूआत हंगामे के साथ हुई। जिसमें संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के बयान पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस बीच स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण ने भी आपत्ति जताई और ​विपक्षी विधायकों के व्यवहार पर नाराज हो गई। जिसके बाद कांग्रेस के विधायक लखपत बुटोला ने गुस्से में पर्चा फाड़कर सदन से बाहर चले गए। ​
किसी तरह से मामला शांत कराया गया। इसके बाद शिक्षा के मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने स्कूलों के जर्जर भवन का मुद्दा उठाया। जिस पर विपक्ष के कई विधायकों ने स्कूली शिक्षा को लेकर अपनी बात रखी। कांग्रेस के कई विधायकों ने बजट के कटौती का प्रस्ताव भी रखा। बाद में बजट पास किया गया । गुरुवार को वित्त मंत्री ने सदन पटल पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 101175.33 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्र संचालन का रिकॉर्ड टूट गया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने शुक्रवार को एक दिन में बिना ब्रेक सबसे लंबा 11 घंटे 51 मिनट तक सदन की कार्यवाही का संचालन कर अपना ही पूर्व का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 28 फरवरी, 2024 को 11 घंटे 20 मिनट तक सत्र संचालन का रिकॉर्ड था। सदन के भीतर दिए गए बयान पर वित्त मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने खेद प्रकट किया है।

इन विभागों का इतना है बजट
1) निर्वाचन के विभाग के लिए रूपये 81 करोड़ 62 लाख धनराशि स्वीकृत गई हैं। (2) वित्त, कर, नियोजन, सचिवालय और अन्य सेवाओं के लिए 18190 करोड़ 74 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई। (3) सहकारिता के अन्तर्गत 161 करोड़ 46 लाख 62 हजार रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई। (4) सिंचाई एवं बाढ़ के अन्तर्गत होने वाले खर्च को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 1897 करोड़ 73 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गयी। (5) पर्यटन विभाग के अन्तर्गत होने वाले खर्चों की पूर्ति के लिए 478 करोड़ 76 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई। (6) औद्यानिक विकास के लिए रूपये 653 करोड़ 07 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई। (7) शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण और संस्कृति के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 11909 करोड़ 19 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई हैं। (8) वन के अन्तर्गत होने वाले खर्च को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए रूपये 1114 करोड़ 83 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई। (9) जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास के अन्तर्गत होने वाले खर्च को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए रुपये 3967 करोड़ 03 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई।। (10) कृषि कर्म और अनुसंधान के अन्तर्गत रूपये 1259 करोड़ 94 लाख 66 हजार करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जाये। (11) चिकित्सा एवं परिवार कल्याण के अन्तर्गत सरकार ने 4292 करोड़ 95 लाख 35 हजार की बजट धनराशि स्वीकृत की गई हैं। (12) ग्राम्य विकास के अन्तर्गत होने वाले खर्चों को चुकाने के लिए सरकार ने 2856 करोड़ 02 लाख 02 हजार की धनराशि स्वीकृत की गई हैं। (13) लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए सरकार ने 2882 करोड़ 08 लाख 20 हजार का बजट स्वीकृत किया हैं। (14) पशुपालन विभाग के लिए बजट में 932 करोड़ 94 लाख 22 हजार का बजट पास किया गया हैं। (15) श्रम और रोजगार के विभाग के लिए बजट में 508 करोड़ 89 लाख 44 हजार रुपए का प्रावधान किया गया हैं। (16) राज्य सरकार की विकास योजनाओं के लिए सरकार ने 2682 करोड़ 91 लाख 72 हजार रुपए का बजट रखा हैं। (17) खाद्य विभाग का बजट सरकार ने 937 करोड़ 54 लाख 90 हजार रखा हैं। (18) विधानसभा के खर्चे के लिए 106 करोड़ 94 लाख का बजट (19)- मंत्रिमंडल के खर्च के लिए 101 करोड़ 42 लाख का बजट (20)- न्याय प्रशाशन के लिए 521 करोड़ 67 लाख का बजट (21)- राजस्व एवं सामान्य प्रशासन के लिए 2 हजार 500 करोड़ का बजट (22)- आबकारी विभाग के लिए 45 करोड़ 82 लाख का बजट (23)- लोकसेवा आयोग के लिए 33 करोड़ 93 लाख का बजट (24)- पुलिस और जेल के लिए 3 हजार 3 करोड़ 70 लाख का बजट (25)- सूचना विभाग के लिए 406 करोड़ 46 लाख का बजट (26)- ऊर्जा का बजट 1659 करोड़ 59 लाख का बजट। (27)- उद्योग विभाग के लिए 515 करोड़ 7 लाख का बजट। (28)- परिवहन के लिए 396 करोड़ 94 लाख का बजट। (29)- अनुसूचित जनजातियों के लिए 2555 करोड़ 93 लाख रुपए का बजट पास हुआ हैं।

उत्तराखंड में बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीदने पर रोक, नया भू कानून विधानसभा में पास,जानिए क्या होंगे नियम

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में अब बाहरी राज्यों के लोगों के लिए जमीन खरीदना आसान नहीं होगा। उत्तराखंड बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा में नया भू कानून पास हो गया। जिसके तहत केवल हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कृषि एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए खरीद की अनुमति राज्य सरकार के स्तर से निर्णय लिए जाने का प्रावधान किया गया है।
बाकि 11 जिलो में पूर्णत प्रतिबंधित रहेगी। सीएम धामी ने सत्र में बताया कि हमारा संकल्प उत्तराखंड के संसाधनों, जमीनों, को भू माफियाओं से बचाए रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए खरीद की अनुमति जो कलेक्टर स्तर पर दी जाती थी।
उसे अब 11 जनपदों में समाप्त कर केवल हरिद्वार और उधम सिंह नगर में राज्य सरकार के स्तर से निर्णय लिए जाने का प्रावधान किया गया है। किसी भी व्यक्ति के पक्ष में स्वीकृत सीमा में 12.5 एकड़ से अधिक भूमि अंतर्करण को 11 जनपदों में समाप्त कर केवल जनपद हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर में राज्य सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा आवासीय परियोजन हेतु 250 वर्ग मीटर भूमि क्रय के लिए शपथ पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। शपथ पत्र गलत पाए जाने पर भूमि राज्य सरकार में निहित की जाएगी। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के अंतर्गत थ्रस्ट सेक्टर एवं अधिसूचित खसरा नंबर भूमि क्रय की अनुमति जो कलेक्टर स्तर से दी जाती थी, उसे समाप्त कर, अब राज्य सरकार के स्तर से दी जाएगी।
विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह संशोधन भू सुधारों में अंत नहीं अपितु एक शुरुआत है।
राज्य सरकार ने जन भावनाओं के अनुरूप भू सुधारों की नींव रखी है। भू प्रबंधन एवं भू सुधार पर आगे भी अनवरत रूप से कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य की जनता की जनभावनाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय लिया है। सरकार कई नए महत्वपूर्ण मामलों पर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड के संसाधनों, जमीनों को भूमाफियाओं से बचाने का संकल्प है। जिन उद्देश्यों से लोगों ने जमीन खरीदी है, उसका उपयोग नहीं दुरुपयोग हुआ, ये चिंता हमेशा मन में थी। उन्होंने कहा उत्तराखंड में पर्वतीय इलाकों के साथ मैदानी इलाके भी हैं। जिनकी भौगोलिक परिस्थिति एवं चुनौतियां अलग-अलग है। उन्होंने कहा जब से स्व. श्री अटल जी ने उत्तराखंड राज्य के लिए औद्योगिक पैकेज दिया तब से राज्य सरकार बड़ी संख्या में औद्योगीकरण की ओर जा रही है। ऐसे में राज्य में आने वाले असल निवेशकों को कोई दिक्कत न हो, निवेश भी न रुके। उसके लिए इस नए संशोधन/कानून में हमने सभी को समाहित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सबकी जन भावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है। हम लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास रखते हैं। बीते कुछ वर्षों में देखा जा रहा था कि प्रदेश में लोगों द्वारा विभिन्न उपक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार देने के नाम पर जमीनें खरीदी जा रही थी। उन्होंने कहा भू प्रबंधन एवं भू सुधार कानून बनने के पश्चात इसपर पूर्ण रूप से लगाम लगेगी। इससे असली निवेशकों और भू माफियाओं के बीच का अंतर भी साफ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा इसके साथ की नए कानून में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा सरकार ने गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य मूल स्वरूप बना रहे, यहां का मूल अस्तित्व बचा रहे। इसके लिए इस भू सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा राज्य की डेमोग्राफी बची रहे इसका विशेष ध्यान रखा गया है।

रद्द हुई 24 फरवरी की यूपी बोर्ड परीक्षा, प्रयागराज में महाकुंभ का असर! नई डेट जारी

News web media Uttarakhand : प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान जुट रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यूपी बोर्ड की परीक्षा को रद्द किया गया है। 24 फरवरी से शुरू होने वाले बोर्ड एग्जाम का पहला पेपर प्रयागराज जिले में नहीं होगा। इसकी डेट बदली जा रही है जिसको लेकर नोटिस भी जारी किया गया है। यह बड़ा फैसला छात्रों को होने वाली संभावित असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जारी हुई आधिकारिक जानकारी के अनुसार 24 फरवरी की परीक्षा अब 9 मार्च 2025 को आयोजित की जाएगी।

प्रयागराज में यूपी बोर्ड परीक्षा रद्द किए जाने के संबंध में आए नोटिस में लिखा हुआ है- शिक्षा निदेशक एवं सभापति, माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के पत्र संख्या-माध्यमिक शिक्षा परिषद/समन्वय/डी.ई./226 दिनांक 18-02-2025 द्वारा महाकुंभ 2025 के अंतिम स्नान तिथि दिनांक 26-02-2025 (महाशिवरात्रि) तक होने वाली श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ और यातायात प्रबंधों के दृष्टिगत जनपद प्रयागराज में दिनांक 24-02-2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को अग्रेतर तिथि में सम्पन्न कराए जाने का अनुरोध किया गया है।

यूपी बोर्ड की ओर से सोमवार से शुरू की जा रही परीक्षा में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 54 लाख से ज्यादा छात्र हिस्सा लेने वाले हैं। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा सिर्फ प्रयागराज जिले में टाली जा रही है। बाकी राज्यों में तय कार्यक्रम के अनुसार ही परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
बता दें कि पूरे राज्य में यूपी बोर्ड एग्जाम 24 फरवरी 2025 से शुरू होकर 12 मार्च 2025 तक चलने वाले हैं। 10वीं व 12वी की ये परीक्षाएं दो पाली में होंगी, पहली पाली सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक होगी

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू, सीएम धामी ने लॉन्च किया पोर्टल

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी पोर्टल लॉन्च किया है. उत्तराखंड में अब रिलेशनशिप, शादी, लिव-इन, बहुविवाह और संपत्ति जैसी चीजें पहले जैसे नहीं रहेंगी.

अब प्रदेश में शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो गया है. राज्य में हर धर्म के लोगों के लिए तालाक के लिए एक जैसे कानून होगा. बहुविवाह और हलाला जैसी प्रथाएं अवैध हो गई हैं.

आइये जानते हैं, प्रदेश में अब क्या-क्या बदलेगा.
6 महीने के अंदर शादी का रजिस्ट्रेशन
अब सभी विवाहों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो गया हैड. लोगों को ऑनलाइन ही अपने विवाह का रजिस्ट्रेशन करवाने की सहूलियत मिलेगी. उन्हें इसके लिए किसी भी सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाने की जरुरत नहीं होगी. 27 मार्च 2010 के बाद हुए सभी विवाहों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो गया है. शादी के छह माह के अंदर-अंदर अब रजिस्ट्रेशन करवाना होगा

सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड छात्रवृत्ति के लिए बढ़ी आवेदन तिथि, अब इस तिथि तक करें पंजीकरण

News web media Uttarakhand : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 8 फरवरी, 2025 तक बढ़ा दी है। पात्र छात्र आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर छात्रवृत्ति और नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के साथ ही स्कूल अब 15 फरवरी, 2025 तक आवेदनों का सत्यापन करेंगे। इससे पहले बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 10 जनवरी तक बढ़ा दी थी।

जो छात्राएं अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और जिन्होंने 10वीं की परीक्षा 60% या उससे अधिक अंकों के साथ पास की है, उन्हें 500 रुपये प्रति माह की राशि दी जाती है। पुरस्कार विजेताओं को अधिकतम दो साल तक भुगतान किया जाएगा।

जानें योग्यता

छात्रवृत्ति विशेष रूप से उन अविवाहित लड़कियों के लिए डिजाइन की गई है जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। पात्र होने के लिए, उम्मीदवारों को सीबीएसई कक्षा 10वीं परीक्षा में न्यूनतम 60% अंक प्राप्त करने चाहिए और वर्तमान में सीबीएसई से संबद्ध स्कूल में कक्षा 11वीं या 12वीं में नामांकित होना चाहिए। स्कूल की ट्यूशन फीस 1,500 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
कैसे करें आवेदन?
  • सबसे पहले उम्मीदवार सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर जाएं ।
  • अब होमपेज पर, ‘सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप X-2024  REG’ पर क्लिक करें
  • आवेदन जमा करना है या मौजूदा आवेदन को नवीनीकृत करना है, इससे सबंधित लिंक पर क्लित करें।
  • अब आवेदन पत्र भरें, संबंधित कागजात अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
  • अंत में आगे की आवश्यकता के लिए आवेदन पत्र की एक कॉपी ले लें।

पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह ने किया सरेंडर

News web media Uttarakhand : मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. मिली जानकारी के अनुसार मोकामा के नौरंगा फायरिंग मामले में आर्म्स एक्ट के आरोपी बनाए गए अनंत सिंह ने आज बाढ़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. बताया जा रहा है कि अनंत सिंह की गिरफ्तारी को लेकर कई थानों की पुलिस मोकामा और बाढ़ में कैंप कर रही थी. ऐसे में मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए आज बाढ़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. जानकारी के अनुसार बाढ़ और मोकामा में पुलिस की भारी तैनाती के बाद भी अनंत सिंह बड़े आराम से बाढ़ कोर्ट गए और सरेंडर कर दिया. पटना पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर सकी.

दरअसल गैंगस्टर सोनू मोनू के पिता और हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद सिंह ने पटना एसएसपी से अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. वहीं सोनू-मोनू के मां ने भी अनंत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसके बाद अब पटना पुलिस अनंत सिंह की गिरफ्तारी की तैयारी में जुट गयी है. इस मामले को लेकर सोनू-मोनू के पिता ने कहा कि जिस दिन घटना हुई उस दिन माननीय हाईकोर्ट में थे. हमारे आदमी को गोली लगी है जिसमें हम नामित हुए हैं. वहीं हमारा बेटा सोनू कुमार और मोनू कुमार भी नामित किया गया है. ऐसे में हमलोगों ने प्रशासन और कानून का सम्मान करते हुए सीनियर एसपी सीनियर एसपी महोदय के आग्रह पर सोनू ने सरेंडर कर दिया है. अब हमारी सीनियर एसपी जी से मांग है कि इस मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व विधायक अनंत सिंह को भी गिरफ्तार किया जाए.

वहीं इसी बीच मोकामा में अनंत सिंह के समर्थकों और सोनू-मोनू गैंग के बीच हुए फायरिंग मामले में पटना पुलिस ने आज बड़ी कार्रवाई की है. मिली जानकारी के अनुसार मोकामा के नौरंगा गांव में बुधवार शाम पूर्व अनंत सिंह और गैंगस्टर सोनू-मोनू के बीच हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनू को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं इस मामले में अनंत सिंह गुट से रौशन नाम का एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है. वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.