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Uttarakhand: कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा; गृह समेत ये विभाग देखेंगे सीएम, देखें पूरी लिस्ट

शुक्रवार को धामी कैबिनेट में पांच मंत्री शामिल हुए थे। इसके बाद अब सीएम की पूरी टीम बन गई है। वहीं, आज सीएम ने नए मंत्रियों को विभाग दिए और कुछ पुराने मंत्रियों से विभाग कम भी किए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट विस्तार के बाद पांच नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने मंत्रियों के कुछ विभागों में फेरबदल हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा, मंत्री सतपाल महाराज से पंचायतीराज, जलागम, सुबोध उनियाल से तकनीकी शिक्षा व भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटाए गए हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व सौरभ बहुगुणा के पास पूर्व की भांति विभाग रहेंगे।

20 मार्च को शपथ ग्रहण करने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री खजानदास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी। मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। जबकि अपने 15 से अधिक विभाग पांचों मंत्रियों को बांट दिए हैं। मुख्यमंत्री वित्त, ऊर्जा, राजस्व, सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग स्वयं ही देखेंगे। नए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री पर विभागों का भार कम हुआ है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उत्तराखंड कार्य (बंटवारा) नियमावली 2003 के तहत मंत्रियों के कार्यभार की अधिसूचना जारी की। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग हटाकर मंत्री सुबोध उनियाल को सौंपा गया। वहीं, उनियाल से तकनीकी शिक्षा हटाकर धन सिंह और भाषा खजानदास को दे दिया गया है। मंत्री गणेश जोशी से ग्राम्य विकास हटाकर भरत सिंह चौधरी को दे दिया है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से पंचायती राज विभाग हटाकर मदन कौशिक को और जलागम राम सिंह कैड़ा को दिया गया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व सौरभ बहुगुणा के पूर्व की भांति कार्यभार रहेगा। दोनों मंत्रियों से न तो कोई विभाग हटाया गया और न ही नया विभाग दिया गया है।

जानिए अब किस मंत्री के पास कौन सा विभाग

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी : मंत्रिपरिषद, गृह, कार्मिक एवं सतर्कता, सचिवालय प्रशासन, नियोजन, राजस्व, वित्त, राज्य संपत्ति, सूचना, औद्योगिक विकास, खनन, श्रम, पेयजल, ऊर्जा, आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन, आवास।
  • कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज : लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, धर्मस्व, ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई, सामान्य प्रशासन विभाग, भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजना।
  • कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल : वन, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, निर्वाचन, विधयी एवं संसदीय कार्य।
  • कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत : विद्यालयी शिक्षा बेसिक, माध्यमिक, संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता
  • कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य : महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, खेल एवं युवा कल्याण।
    कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी : कृषि, कृषि शिक्षा, उद्यान, रेशम व सैनिक कल्याण विभाग।
    कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा : पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग।

पांच नए मंत्रियों के पास कौन से विभाग

  • कैबिनेट मंत्री खजान दास : समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, भाषा।
  • कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी : ग्राम्य विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग।
  • कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक : पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन व जनगणना।
  • कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा : परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुराज, विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी।
  • कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा : शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन।

Uttarakhand: गैस संकट का लोगों की जेब पर असर, महंगी हुई चाय की चुस्की, लकड़ी-कोयले की ओर लौटे छोटे दुकानदार

गैस संकटके चलते चाय-नाश्ते के दाम बढ़ गए हैं। छोटे दुकानदार लकड़ी-कोयले की ओर लौटे हैं। घर पर लकड़ी और कोयले पर खाना बनाकर दुकान पर लाते हैं और वहीं गर्म कर बेचते हैं।

गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी का सीधा असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। खासतौर पर छोटे चाय-नाश्ते के दुकानदारों ने लागत बढ़ने के कारण अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं जबकि कई ने गैस छोड़ लकड़ी और कोयले का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

सिलिंडर की किल्लत के चलते बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं और पर्याप्त आपूर्ति भी नहीं हो पा रही। इसके चलते दुकानदारों को मजबूरन चाय, समोसे, बिरियानी सहित अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। दुकानदार आशीष ने बताया कि पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में बिक रही है जबकि समोसे का दाम 15 से बढ़कर 18 रुपये हो गया है।

वहीं, दुकानदार शुभम वर्मा ने बताया कि बिरियानी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले 30 रुपये में मिलने वाली हाफ प्लेट अब 40 रुपये और 50 रुपये की फुल प्लेट अब 60 रुपये में बेची जा रही है। गैस की कमी से परेशान कई दुकानदार अब पारंपरिक तरीकों की ओर लौट रहे हैं। 

घर पर लकड़ी और कोयले पर बन रहा खाना
छोले-भटूरे विक्रेता रामब्रिज का कहना है कि उन्होंने सिलिंडर का इस्तेमाल काफी कम कर दिया है। अब घर पर लकड़ी और कोयले पर खाना बनाकर दुकान पर लाते हैं और वहीं गर्म कर बेचते हैं। दुकानदारों का कहना है कि बड़े होटल और कैफे तो सिलिंडर का स्टॉक रख लेते हैं लेकिन छोटे दुकानदारों के पास यह सुविधा नहीं होती। ऐसे में उन्हें अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। गैस की लगातार कमी और बढ़ती कीमतों के चलते कई छोटे ठेले और टपरी संचालकों को अपनी दुकानें बंद करने तक की नौबत आ गई है।

 

UK High Court: आईपीएस अफसरों के डेपुटेशन पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की।

आईजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन और नीरू गर्ग को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीआईजी पद पर जबरन भेजने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य और केंद्र सरकार से एक दिन में शपथपत्र देने के लिए कहा है।

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की। कोर्ट ने एक दिन में राज्य व केंद्र सरकार से जवाब और उसके एक दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं को प्रतिशपथपत्र देने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तराखंड के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को बगैर उनके आवेदन के और अनिच्छा जाहिर किए जाने के बावजूद वर्तमान से नीचे के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। आईजी स्तर की अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीआईजी पद पर जबकि आईजी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डीआईजी के पद पर तैनात किया गया था।

अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया था। वे आईजी के पद पर हैं और उन्हें जबरन नीचे के डीआईजी पद पर भेजा जा रहा है। यह भी कहा कि हाल ही में उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पांच वर्ष के लिए डिबार करते हुए इस पर रोक भी लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने ही पहल करते हुए 16 फरवरी 2026 को इनके नाम गृह मंत्रालय को भेज दिए और केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर उनकी तैनाती तय कर दी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि यदि अधिकारियों को इस निर्णय पर आपत्ति थी तो उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अभिकरण (कैट) में जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि डेपुटेशन पर भेजने का प्रस्ताव राज्य सरकार का ही है, इसलिए सुनवाई हाईकोर्ट में की जानी चाहिए। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने मामले में सरकार से जवाब मांगा था।

Uttarakhand: बारिश-बर्फबारी से गिरा तापमान, प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखरा, सुधरी आबोहवा, जंगल की आग बुझी

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से तापमान गिरा है। प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखरा। साथ ही जंगलों की आग भी बुझी। मौसम विज्ञान केंद्र ने  आज सोमवार को देहरादून, हरिद्वार, यूएसनगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत में बारिश व ओलावृष्टि संग तूफान, जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तूफान का अलर्ट जारी किया है।

मार्च के तीसरे सप्ताह की शुरुआत बेमौसम बारिश के साथ हुई। दून में रविवार को झमाझम बारिश हुई। इससे ठंड लौट आई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उत्तराखंड के कई हिस्सों में रविवार को हुई बारिश से तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में अधिक गिरावट दर्ज की गई। इससे फिर ठंड लौट आई।

बारिश के चलते लोगों को कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत भी मिली। देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाए रहे और तेज हवाएं भी चलती रहीं। दोपहर बाद कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई और शाम को करीब पांच बजे के बाद तेज दौर की बारिश शुरू हो गई। इससे मौसम पूरी तरह से बदल गया। वहीं, मसूरी, चकराता और ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट आ गई।

वादियां धुली-धुली नजर आईं
बारिश के बाद पहाड़ों की वादियां धुली-धुली नजर आईं और मौसम बेहद खुशनुमा हो गया। मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों को फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। 21 मार्च तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में और गिरावट हो सकती है।

बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी तो मैदानी इलाकों में तेज हवाओं संग बारिश हुई। इससे तापमान गिरने से जहां ठंड लौट आई, वहीं दून समेत अधिकतर जगह प्रदूषण घटने से पर्यावरण निखर गया। रविवार को हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं केदारनाथ धाम में भी अच्छी बर्फबारी हुई, यहां तापमान शून्य से नीचे आ गया, जबकि शाम को गंगोत्री व यमुनोत्री में भी बर्फ गिरी। उधर, दून, ऋषिकेश, विकासनगर, मसूरी, रुड़की, हरिद्वार, ज्योतिर्मठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, चमोली, पोखरी सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश होने से हल्की ठंड लौट आई है। वहीं कई जगह ओलावृष्टि से भी ठंड में इजाफा हो गया है।

सुधर गई आबोहवा 
रविवार को बारिश के बाद कई शहर की आबोहवा भी साफ हो गई। देहरादून का एक्यूआई 100 के नीचे आ गया। रविवार को यहां का एक्यूआई 87 दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा 100 से भी उपर चल रहा था। इसी तरह बारिश होने से कई शहरों में प्रदूषण घटा, जिससे वातावरण साफ हो गया। मौसम में आए बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली।

बुझी जंगलों की आग
रविवार को हुई बारिश से जंगलों की आग बुझ गई है। नवंबर से ही वनाग्नि की घटनाएं सामने आने लगी थीं। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हुआ, तब से जंगल की आग की 84 घटनाएं हुई हैं। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि 23 जगह पर फायर अलर्ट थे, बारिश होने से अब किसी भी स्थान पर सक्रिय आग की सूचना नहीं है।

 

 

Uttarakhand: कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिह्नित करने की बनेगी नियमावली, जांच को चलेगा अभियान

विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट से कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिह्नित करने के लिए नियमावली बनाई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के हर महीने मिलावट व घटिया गुणवत्ता की जांच के लिए एक सप्ताह का अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में भी खाद्य पदार्थों की सैंपल जांच की जाएगी।

विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सरकार की ओर से प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सैंपल एकत्रित जांच की जा रही है। कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिन्हित करने के लिए सरकार नियमावली बनाएगी।

भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने सवाल किया त्योहारों के मौके पर एफडीए की ओर से निरीक्षण कर सैंपल भरे जाते हैं। मिलावट को रोकने के लिए नियमित रूप से जांच होनी चाहिए। इस पर स्वास्थ्य मंंत्री ने कहा कि यह सही बात है कि त्योहारों के मौके पर विभाग ज्यादा सक्रिय होता है। सरकार की ओर से प्रत्येक माह एक सप्ताह तक प्रदेश में खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी।

देहरादून में 31 मार्च तक तैयार होगी खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में लैब बनाई जा रही है। 31 मार्च 2026 तक प्रयोगशाला बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद सैंपलों की जांच में तेजी आएगी।

लोक सेवा आयोग को भेजे 28 पदों को भरने का प्रस्ताव
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारी 28 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। जब तक इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। तब तक दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों को तैनात करने पर विचार किया जाएगा।

निकायों में सैंपल भरने का अधिकार देने पर लेंगे निर्णय
भाजपा विधायक विनोद चमोली ने सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा वर्तमान में एफडीए की ओर से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच को भेजे जाते हैं। निकायों को भी सैंपल लेने व निरीक्षण का अधिकार देने पर नीतिगत निर्णय लेने पर विचार किया जाएगा।

दो वर्षों में फेल पाए गए 330 खाद्य पदार्थों के नमूने
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 व 2024-25 में कुल 3311 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसमें 330 सैंपल गुणवत्ता मानकों में फेल पाए गए। फेल सैंपलों में निर्माता व विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।

 

कैग रिपोर्ट में खुलासा: दून स्मार्ट सिटी परियोजना में भारी अनियमितता; बिना टेंडर के 2.93 करोड़ के काम कराए

वर्ष 2017 में देहरादून को स्मार्ट सिटी परियोजना में चयन किया गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वर्ष 2018 से 2023 तक की अवधि में किए गए काम पर ऑडिट किया।

केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के कार्येां में अनियमितता पाई गई। बिना टेंडर के 2.93 करोड़ के काम कराए गए। वहीं समयवधि पर काम पूरा न करने पर कार्यदायी संस्था से 19 करोड़ की वसूली नहीं की गई। 5.91 करोड़ की लागत से देहरादून के तीन सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब, इंटरेक्टिव बोर्ड, प्रोजेक्टर, ई-कंटेंट, सीसीटीवी, बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन उन्हें शुरू नहीं किया गया।

वर्ष 2017 में देहरादून को स्मार्ट सिटी परियोजना में चयन किया गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वर्ष 2018 से 2023 तक की अवधि में किए गए काम पर ऑडिट किया। कैग रिपोर्ट के अनुसार स्मार्ट सिटी के काम जून 2023 तक पूरे किए जाने थे। लेकिन इसे 2024 तक बढ़ाया गया। परियोजना के लिए एक हजार करोड़ का बजट प्रावधान किया गया। वर्ष 2016 से 2023 तक 737 करोड़ की धनराशि जारी की गई। इसके सापेक्ष 634.11 करोड़ की राशि खर्च की गई। स्मार्ट सिटी का काम देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड (डीएससीएल) को सौंपा गया था।

कैग ने स्मार्ट सिटी के सभी 22 परियोजनाओं का ऑडिट किया। रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि दून कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परियोजना के ई-गर्वेनेंस समाधान के तहत ठोस कूड़ा प्रबंधन की निगरानी के लिए मार्च 2022 में विकसित बायोमीट्रिक एवं सेंसर प्रणाली को फरवरी 2025 तक लागू नहीं किया गया। इससे 4.55 करोड़ का व्यय निष्फल रहा। स्मार्ट अपशिष्ट वाहन योजना के तहत 90 लाख से खरीदे गए ई-रिक्शा का दो साल तक संचालन नहीं हुआ।

पर्यावरण सेंसरों पर 2.62 करोड़ खर्च, उपयोग हुआ नहीं
देहरादून शहर में मौसम की जानकारी देने के लिए पर्यावरण सेंसर लगाए गए। इस पर 2.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा मल्टी यूटिलिटी डक्ट पर 3.24 करोड़ खर्च किए। लेकिन इनका उपयोग नहीं हुआ। कार्यदायी संस्था ने परियोजना प्रबंधन सलाहकार को अधूरी परियोजना के बावजूद भुगतान किया गया। सिटीज इंवेस्टमेंट टू इनोवेट, इंटीग्रेट एंड सस्टेन परियोजना के क्रियान्वयन के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार के भुगतान में 5.19 करोड़ की अनियमितता पाई गई।

आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी
कार्यदायी संस्था को बाधा रहित कार्य स्थल उपलब्ध न कराने पर आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी हुई है। लेकिन अग्रिम राशि का समायोजन नहीं किया गया। काम में देरी के लिए 1.41 करोड़ का दर्थदंड न लगाकर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया। गलत वित्तीय प्रबंधन के कारण 6.20 करोड़ के ब्याज का नुकसान हुआ है।

130 स्मार्ट पोल में से 27 ही लगे
डीएससीएल ने स्मार्ट पोल परियोजना बनाई थी। इसके तहत शहर में 130 स्मार्ट पोल व 100 किमी तक ओएफसी बिछाने का काम होना था। 2023 तक 27 स्मार्ट पोल व 70 किमी. ओएफसी बिछाई गई।

ई-बसों के संचालन से 11.26 करोड़ का नुकसान
प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में 41.56 करोड़ की इलेक्ट्रिक बस परियोजना शुरू की गई। 2020 में 30 बसों का संचालन शुरू किया गया। योजना की डीपीआर में 2019 से 2026 तक किराए व विज्ञापन से प्राप्त होने वाले राजस्व में 36.99 करोड़ नुकसान का अनुमान लगाया था। मार्च 2023 तक 11.26 करोड़ का नुकसान हुआ है। ई-बसों के संचालन से 3.93 लाख दैनिक राजस्व के सापेक्ष 1.29 लाख की आय हुई है।

 

WB Election: पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सीईसी ज्ञानेश कुमार, बैठकों का दौर जारी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग का दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पश्चिम बंगाल पहुंचा है। दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की तैयारी, लॉजिस्टिक और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों व राजनीतिक दलों के साथ बैठकें की जा रही हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में चुनाव आयोग का एक दल पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर पहुंचा है। इस दौरे के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर रहे हैं।

बैठकों का मुख्य उद्देश्य और एजेंडा

इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य राज्य में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए की जा रही तैयारियों का गहन मूल्यांकन करना है। बैठकों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है:

    • सुरक्षा व्यवस्था: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती और राज्य पुलिस के साथ उनके समन्वय की समीक्षा।
    • मतदान केंद्रों की व्यवस्था: मतदान केंद्रों की भौतिक स्थिति, वहां आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और सुरक्षा का आकलन।
  • लॉजिस्टिक व्यवस्था: चुनाव सामग्री का वितरण, मतदान कर्मियों की तैनाती और अन्य लॉजिस्टिक पहलुओं की योजना।
  • मतदाता सूची की समीक्षा: मतदाता सूची में कथित तौर पर की गई अनियमितताओं और विसंगतियों से संबंधित विवादों पर भी चर्चा।
  • राजनीतिक दलों से संवाद: सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में चुनावों को एक या दो चरणों में कराने और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के सुझाव दिए गए।

विवाद और चिंताएं

चुनाव आयोग के दौरे के साथ ही, विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद मतदाता सूची में कथित तौर पर की गई मनमानी कटौतियों को लेकर विवाद भी गरमाया हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है, जिससे राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

चुनाव आयोग का तीन दिवसीय दौरा

यह बैठकें चुनाव आयोग की पश्चिम बंगाल की तीन दिवसीय यात्रा का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में चुनाव की तैयारियों का समग्र जायजा लेना है। आयोग ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग का आश्वासन दिया था।

 

सऊदी में ईरान के हमले में भारतीय नागरिक की मौत?: अल खर्ज में हुआ था हताहत, दूतावास ने बताई सच्चाई; जानें सबकुछ

सऊदी अरब के अल-खर्ज में प्रोजेक्टाइल हमले के बाद रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि कोई भारतीय नागरिक मारा नहीं गया। घायल भारतीय का इलाज स्थानीय सरकारी अस्पताल में चल रहा है।

सऊदी अरब के अल-खर्ज शहर में रविवार को प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना के बाद भारतीय दूतावास ने सोमवार को स्पष्ट किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कोई भारतीय नागरिक मारा नहीं गया। दूतावास ने कहा कि वह संबंधित सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।

घायल भारतीय का इलाज चल रहा है
भारतीय मिशन के अनुसार, काउंसलर (CW) श्री वाई. साबिर ने रविवार की रात अल-खर्ज का दौरा किया और घटना में घायल हुए भारतीय नागरिक से मुलाकात की। वह वर्तमान में अल-खर्ज के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा “कल शाम अल-खर्ज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भारतीय नागरिक की मौत नहीं हुई, यह राहत की बात है।”

पहले की गलत सूचना
घटना के तुरंत बाद, सऊदी सिविल डिफेंस अधिकारियों ने बयान में कहा था कि प्रोजेक्टाइल हमले में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई। इसके अलावा 12 बांग्लादेशी निवासी घायल हुए और संपत्ति को भी नुकसान हुआ। सऊदी अधिकारियों ने यह भी कहा कि नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।

भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
दूतावास ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा सऊदी अरब में स्थित सभी भारतीय नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और स्थानीय प्रशासन तथा दूतावास द्वारा जारी सलाहों का पालन करें।

सऊदी की इमारत पर गिरा मिसाइल का धधकता मलबा
गौरतलब है कि रविवार को ईरान की ओर से सऊदी अरब की तरफ दागी गई मिसाइल को सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया। हालांकि, मिसाइल का धधकता मलबा सीधे अल-खर्ज शहर में एक बिल्डिंग पर गिर गया। घटना के तुरंत बाद आसपास की दीवारें हिल गईं और वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में कई लोग घायल हुए और कुछ की जान भी चली गई। घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अल-खर्ज का पूरा इलाका इस हादसे के बाद दहशत में है और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

 

यूपीएससी रिजल्ट upsc.gov.in पर जारी, अनुज अग्निहोत्री ने किया टॉप, राजेश्वरी को मिली दूसरी रैंक

यूपीएससी 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा परिणाम से जुड़े सभी अपडेट्स सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. इस साल अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. यूपीएससी रिजल्ट http://upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2025 में टॉप किया है, जबकि राजेश्वरी सुवे एम सेकंड आई हैं. यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.inपर रिजल्ट सेक्शन में जाकर CTRL+F के जरिए पीडीएफ में अपना नाम चेक करना होगा.
भारतीय लोकतंत्र के सबसे कठिन इम्तिहान का यह आखिरी पड़ाव है. यूपीएससी आमतौर पर इंटरव्यू खत्म होने के 4 से 6 दिनों के भीतर रिजल्ट जारी करने का ट्रेंड रखता है. इस साल यूपीएससी इंटरव्यू 27 फरवरी को खत्म हुए हैं. इस साल भी संघ लोक सेवा आयोग ने उसी हिसाब से सरकारी रिजल्ट जारी कर दिया है.

यूपीएससी सीएसई 2025 टॉपर लिस्ट
यूपीएससी सीएसई टॉपर लिस्ट 2025 लाइव: संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सीएसई 2025 रिजल्ट के साथ ही टॉपर लिस्ट भी जारी कर दी है. जानिए यूपीएससी के टॉप 10 टॉपर्स कौन हैं:

अनुज अग्निहोत्री
राजेश्वरी सुवे एम
अकांश ढुल
राघव झुंझुनवाला
ईशान भटनागर
जिन्निया ऑरोरा
ए आर राजा मोहिदीन
पक्षल सेक्रेटरी
आस्था जैन
उज्ज्वल प्रियंक

यूपीएससी रिजल्ट कैसे चेक करें?
यूपीएससी रिजल्ट 2025 लाइव: नीचे लिखे स्टेप्स के जरिए यूपीएससी रिजल्ट चेक कर सकते हैं-

संघ लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट http://upsc.gov.in पर जाएं.
होमपेज पर दिए गए What’s New सेक्शन में Final Result: Civil Services Examination, 2025 लिंक पर क्लिक करें.
एक PDF फाइल खुलेगी. उसमें सफल उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर रैंक के अनुसार दिए गए हैं.
लिस्ट में अपना नाम जल्दी ढूंढने के लिए Ctrl + F दबाकर अपना रोल नंबर या नाम सर्च करें.
फ्यूचर रेफरेंस के लिए PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.

कंसोलिडेटेड रिजर्व लिस्ट में 258 अभ्यर्थी
यूपीएससी रिजर्व लिस्ट 2025 लाइव: सिविल सर्विस एग्जामिनेशन रूल्स 2025 के नियम 20 (4) और (5) के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग ने 258 कैंडिडेट्स को कंसोलिडेटेड रिजर्व लिस्ट में रखा है.

जनरल – 129
ईडब्ल्यूएस- 26
ओबीसी – 86
एससी – 08
एसटी – 06
PwDB-1 – 01
PwDB-2 – 02
कुल – 258

 

Uttarakhand: हरिद्वार में दिखेगी नए कानूनों की सरलता, धामी सरकार की सफलता की झलक, गृह मंत्री शाह करेंगे मुआयना

हरिद्वार में नए कानूनों की सरलता दिखेगी। साथ ही धामी सरकार की सफलता की झलक। कल गृह मंत्री अमित शाह  पहुंचेंगे और मुआयना करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सात मार्च को होने वाले हरिद्वार दौरे के दौरान देश के तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें युवाओं को इन कानूनों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।

गृह मंत्री शाह के हरिद्वार दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा कर रहा है तो वहीं सरकारी विभाग के अधिकारी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की झलक दिखाने की तैयारी में हैं। सात से नौ मार्च तक न्याय संहिता विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी बैरागी कैंप में हो रही है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) प्रमुख तौर पर दिखेंगी।

राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर

प्रदर्शनी में नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर उपलिब्धयों की झलक भी नजर आएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे।