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उत्तराखंड पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’, सीएम धामी के नेतृत्व में साइबर अपराधियों पर करारा वार

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड की शांत वादियों से एक तेज़ संदेश पूरे देश में गूंजा है, “अपराधी चाहे देश के किसी कोने में छिपा हो, उत्तराखंड पुलिस उसे ढूंढ निकालेगी.” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने एक ऐतिहासिक अभियान चलाकर यह सन्देश न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे राष्ट्र को दिया है. ‘ऑपरेशन प्रहार’, साइबर अपराधियों पर करारा प्रहार करने वाला यह अभियान अपने आप में एक मिसाल बन गया है. देश के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड पुलिस के निर्देशन में एक साथ 17 राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल, गोवा आदि में बड़ी छापेमारी की गई. इस सघन और रणनीतिक कार्रवाई में 290 से अधिक साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई.

यह कोई सामान्य पुलिसिया कार्रवाई नहीं थी. यह उस दूरदर्शिता और साहसिक निर्णय का परिणाम है, जिसकी नींव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साइबर हमले की एक बड़ी घटना के बाद रखी थी. कुछ माह पूर्व उत्तराखंड साइबर हमलों का शिकार बना था, तब मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया था साइबर अपराधी अब सुरक्षित नहीं रहेंगे. उन्होंने पुलिस महकमे को टेक्नोलॉजिकल रूप से सशक्त करने के आदेश दिए, साइबर थानों की पुनर्रचना की और इंटेलिजेंस नेटवर्क को विस्तार दिया.

इसका प्रत्यक्ष परिणाम ‘ऑपरेशन प्रहार’ के रूप में सामने आया, जिसमें न केवल उत्तराखंड बल्कि अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से यह दिखाया गया कि उत्तराखंड अब केवल पर्यटन और तीर्थाटन का केन्द्र ही नहीं, बल्कि साइबर क्राइम से लड़ने में भी एक मॉडल स्टेट बन चुका है. मुख्यमंत्री धामी का गुड गवर्नेंस मॉडल सिर्फ योजनाओं या घोषणाओं तक सीमित नहीं है, यह उनके हर एक्शन में भी साफ नजर आता है. उनके नेतृत्व में शासन की सक्रियता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी तीनों ही स्तरों पर परिलक्षित होती है. इस सफल कार्रवाई ने जहां उत्तराखंड पुलिस की कार्यकुशलता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है, वहीं मुख्यमंत्री धामी के मजबूत नेतृत्व और त्वरित निर्णय क्षमता को भी फिर से प्रमाणित किया है.

भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के एलान के बाद पहली बार पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे पीएम मोदी

News web media Uttarakhand : भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पहली बार पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे. जिसकी कुछ तस्वीरें सामने आई हैं. जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायु सेना के जवानों से मुलाकात करते हुए नजर आ रहे हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया. पीएम मोदी ने सोमवार रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही सेना के जवानों के शौर्य और साहस को सलाम किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर राष्ट्र को संबोधित किया. जिसमें पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को साफ संदेश दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान जब तक अपने यहां आतंकवादियों को पनाह देना बंद नहीं करता, उसे इसका और अधिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का मत एकदम साफ है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती, आतंकवाद और व्यापार एक साथ नहीं हो सकता, पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, ‘हमारी घोषित नीति रही है, अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो आतंकवाद पर ही होगी, अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो पीओके पर ही होगी.

पीएम मोदी ने आदमपुर एयरबेस पर जवानों से मुलाकात की कुछ तस्वीरें अपने एक्स हैंडल से शेयर कीं. तस्वीरें साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “आज सुबह मैं वायु सेना बेस आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला. साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक बहुत ही खास अनुभव था. भारत हमारे सशस्त्र बलों के प्रति हमेशा आभारी रहेगा, क्योंकि वे हमारे देश के लिए हर काम करते हैं.”

राजधानी देहरादून में तेज आवाज वाले 15 सायरन लगाए जाएंगे, डीएम ने 25 लाख का बजट किया जारी

News web media Uttarakhand : दून में तेज आवाज वाले 15 इलेक्ट्रानिक सायरन लगाने के लिए डीएम सविन बंसल ने 25 लाख का बजट जारी कर दिया। इससे जल्द शहर में तेज आवाज वाले 15 नए सायरन लग जाएंगे। यह न सिर्फ हवाई आपातकाल बल्कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में भी काम आएंगे। डीएम सविन बंसल ने बताया कि मॉक ड्रिल में यह सामने आया कि दून में लगे सायरन की आवाज काफी कम है।

इसके बाद निर्णय लिया गया कि शहर की जरूरत के हिसाब से ऊंची आवाज वाले सायरन लगवाए जाएं। इसके लिए शनिवार को बैठक कर शहर में 15 नए इलेक्ट्रानिक सायरन लगाने को मंजूरी दी गई। इसमें 10 सायरन आठ किमी  दूरी की क्षमता वाले होंगे, जबकि पांच सायरनों की आवाज 16 किमी तक जा सकेगी।

इन सायरनों को पुलिस थानों व चौकियों पर लगाया जाएगा। इन्हें कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जहां से सभी सायरन एक साथ बज सकेंगे। डीएम ने बताया कि यह रकम अनटाइड फंड से दी गई है। सायरन की खरीद के लिए क्रय आदेश जारी कर दिया गया है।

उधर रैपिड कम्युनिकेशन सिस्टम लगाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।इसके लिए भी जल्द बजट जारी कर दिया जाएगा। त्वरित संचार प्रणाली से सूचनाओं को बहुत तेजी से और प्रभावी ढंग  से प्रसारित किया जा सकेगा।

उत्तरकाशी: गंगनानी के पास एक हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 यात्रियों की मौत-2 घायल

News web media Uttarakhand : इस समय उत्तरकाशी के गंगनानी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है. हेलीकॉप्टर में 6 से 7 यात्री सवार थे. 5 यात्रियों की मौत की सूचना है, वहीं दो घायल बताए जा रहे हैं. उत्तरकाशी के डीएम मौके के लिए रवाना हो गए हैं. यात्रियों से भरा हेलीकॉप्टर देहरादून से हर्षिल हेलीपैड के लिए निकाला था. गंगनानी से आगे नाग मंदिर के नीचे भागीरथी नदी के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना बताई जा रही है.

घटनास्थल के लिए पुलिस, सेना के जवान, आपदा प्रबंधनटीम, एंबुलेंस, तहसीलदार भटवाड़ी और BDO भटवाड़ी के साथ ही राजस्व टीम की रवाना हो गई है. घटना सुबह 9 बजे की बताई जा रही है. हेलीकॉप्टर प्राइवेट कंपनी का बताया जा रहा है.

सीएम ममता बनर्जी के प्रस्तावित मुर्शिदाबाद दौरे पर बीजेपी का तीखा हमला, बोले-‘पहले क्यों नहीं गईं’

News web media Uttarakhand : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रस्तावित मुर्शिदाबाद दौरे को लेकर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है. बीजेपी नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर मुर्शिदाबाद हिंसा में हिंदू पीड़ितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. घोष ने कहा कि ममता को हिंसा प्रभावित इलाकों में पहले ही जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इमामों के साथ बैठकें और मंदिरों के उद्घाटन को प्राथमिकता दी.

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, ममता बनर्जी को मुर्शिदाबाद पहले ही जाना चाहिए था. वह क्यों नहीं गईं? उन्होंने इमामों को बुलाया, बैठकें कीं, उनकी प्रशंसा की और मंदिरों का उद्घाटन किया, लेकिन वह उन जगहों पर कभी नहीं गईं जहां हिंदू पीड़ित थे. मुर्शिदाबाद और मालदा में हिंदुओं को बार-बार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. उनके घर नष्ट कर दिए गए, संपत्ति जला दी गई और उन्हें वहां से पलायन करना पड़ा. ममता ने इसके बारे में कभी कुछ नहीं कहा. अब वह इतनी देर से जा रही हैं कि सारे सबूत मिटा दिए जाएंगे और वहां कुछ भी नहीं बचेगा. उन्हें वहां पहले ही जाना चाहिए था. वह क्यों नहीं गई?

मुर्शिदाबाद में 11 और 12 अप्रैल को वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे. बीजेपी ने दावा किया है कि इस हिंसा में हिंदुओं को निशाना बनाया गया और करीब 400 हिंदू परिवारों को अपने घर छोड़कर मालदा और झारखंड के पकुर जिले में शरण लेनी पड़ी. बीजेपी ने ममता सरकार पर अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि वह हिंसा के पीड़ित हिंदुओं के प्रति उदासीन रही हैं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में भड़की हिंसक झड़पों, मौतों और बर्बरता की घटनाओं के बाद सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले का दौरा करने वाली हैं. क्षेत्र में फैली अशांति के बाद बनर्जी का यह जिले का पहला दौरा है.

सुप्रीम कोर्ट पैनल ने जस्टिस यशवंत वर्मा पर नकदी आरोपों पर रिपोर्ट CJI को सौंपी, जांच जारी

News web media Uttarakhand : सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय पैनल ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ नकदी मिलने के आरोपों पर अपनी जांच रिपोर्ट 4 मई 2025 को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को सौंपी। यह रिपोर्ट 14 मार्च को दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में आग लगने के बाद की गई जांच का हिस्सा है, जिसमें कथित रूप से नकदी मिलने का मामला सामने आया था।

पैनल में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी एस संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं। उन्होंने 3 मई को रिपोर्ट तैयार की और 4 मई को इसे CJI को सौंपा। इससे पहले, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय ने भी इस मामले पर प्रारंभिक जांच की थी।

जस्टिस वर्मा ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जिस कमरे में आग लगी थी, वह उनके मुख्य आवास से अलग एक बाहरी कक्ष था, जिसे परिवार के सदस्य या उनके द्वारा कभी उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कमरे में रखी गई नकदी उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य की नहीं थी।

गोवा मंदिर हादसा: भगदड़ में 6 की मौत, सीएम प्रमोद सावंत ने दिए जांच के आदेश

News web media Uttarakhand : गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को शिरगांव गांव स्थित श्री लैराई देवी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना की जांच के आदेश दिए हैं। यह हादसा तड़के 3 बजे उस समय हुआ जब वार्षिक लैराई जात्रा उत्सव के दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर की संकरी गलियों में एकत्रित हुए थे।

पुलिस के अनुसार, मंदिर के पास ढलान पर खड़े कुछ लोग गिर गए, जिससे अन्य लोग भी एक-दूसरे पर गिरते चले गए और भगदड़ मच गई। इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

मुख्यमंत्री सावंत ने घटना स्थल और उत्तरी गोवा जिला अस्पताल का दौरा कर घायलों से मुलाकात की और सभी आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “मैंने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।” सावंत ने यह भी घोषणा की कि राज्य में सभी मंदिर उत्सवों के लिए भविष्य में सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। सावंत ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

राज्य सरकार ने इस हादसे के मद्देनजर अगले तीन दिनों के लिए सभी सरकारी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। यह घटना गोवा में धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करती है।

अप्रैल में GST कलेक्शन ने तोड़ा रिकॉर्ड, पहली बार ₹2.37 लाख करोड़ के पार

News web media Uttarakhand : भारत सरकार ने अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह के आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें ₹2.37 लाख करोड़ का रिकॉर्ड संग्रह हुआ है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 12.6% की वृद्धि है और GST प्रणाली के लागू होने के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा मासिक संग्रह है।

इस संग्रह में घरेलू लेनदेन से ₹1.9 लाख करोड़ (10.7% वृद्धि) और आयातित वस्तुओं से ₹46,913 करोड़ (20.8% वृद्धि) शामिल हैं। वहीं, अप्रैल में ₹27,341 करोड़ के रिफंड जारी किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 48.3% अधिक हैं। रिफंड समायोजन के बाद, शुद्ध GST संग्रह ₹2.09 लाख करोड़ रहा, जो 9.1% की वृद्धि दर्शाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि आर्थिक गतिविधियों में तेजी, बेहतर अनुपालन और वित्तीय वर्ष के अंत में व्यवसायों द्वारा खातों के समापन के कारण हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने GST संग्रह में 11% वृद्धि का लक्ष्य रखा है, जो ₹11.78 लाख करोड़ है। ​

क्षेत्रीय स्तर पर, लक्षद्वीप ने 287% की वृद्धि दर्ज की, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे राज्यों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। यह आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती और व्यापक आर्थिक सुधार का संकेत देते हैं।

21वीं सदी की ज़रूरतों के हिसाब से बदल रही शिक्षा प्रणाली: PM मोदी का बड़ा ऐलान

News web media Uttarakhand : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित YUGM इनोवेशन कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार देश की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक बना रही है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे भारत को नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। ​

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऐसे कौशल से लैस करना है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं और भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करें। उन्होंने यह भी बताया कि अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर खर्च को 2013-14 के ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1.25 लाख करोड़ कर दिया गया है। ​

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने DIKSHA (डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया, जिसके तहत “वन नेशन, वन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर” की स्थापना की गई है। यह प्लेटफॉर्म 30 से अधिक भारतीय भाषाओं और 7 विदेशी भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों के विकास में सहायक है। ​

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शिक्षा प्रणाली का यह आधुनिकीकरण भारत को एक ज्ञान-आधारित और नवाचार-प्रेरित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने लिया केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा

News web media Uttarakhand : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया. अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

मुख्य सचिव ने मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बनाए गए बेली ब्रिज का भी निरीक्षण किया. उन्होंने जानकारी दी कि इस पुल का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में और अधिक सुविधा और सुगमता प्राप्त होगी. उन्होंने आस्था पथ पर बने रेन शेल्टरों का भी निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन रेन शेल्टरों में एलईडी साइनेज लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि शौचालय, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्थान पर उपलब्ध हैं.

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कतार में खड़े यात्रियों को गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे ठंडे मौसम में भी आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें. उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर सरस्वती नदी के किनारे बने आस्था पथ तक की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित शौचालयों की स्थिति को परखा. इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम (ळडटछ) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बने सभी कॉटेजों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए और उनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी कर ली जाएं.

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने रुद्र प्वाइंट और घोड़ा पड़ाव का भी निरीक्षण किया. इन स्थलों पर उन्होंने यात्रियों की भीड़ प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की.

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं. यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं. जो कुछ शेष कार्य हैं, उन्हें भी यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा.

जिलाधिकारी ने बताया कि पैदल मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार सुविधा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया गया है. तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर दिया गया है.

पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है. अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से यात्रा मार्ग की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व से ही विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति न बने.पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.