अब राजाजी टाइगर रिजर्व प्रबंधन मध्य प्रदेश की तर्ज पर फुल डे सफारी कराने की योजना को लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसमें हर गेट पर दो-दो वाहनों के माध्यम से फुल डे सफारी कराई जा सकेगी।
राजाजी टाइगर रिजर्व में फुल डे सफारी की तैयारी है। इसके प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में राजाजी टाइगर रिजर्व प्रबंधन जुटा है।प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बीते वर्षों में कई नए जोन भी खोले गए हैं। इसके अलावा अन्य विकल्पों को बढ़ाया गया है। अगर राजाजी टाइगर रिजर्व की बात की जाए तो यहां पर चीला, मोतीचूर, चिलावाली और रानीपुर गेट के माध्यम से सुबह और शाम दो शिफ्टों में तय वाहनों के माध्यम से सफारी की पर्यटक कर सकते हैं।यह दोनों शिफ्ट चार- चार घंटे की होती है। अब राजाजी टाइगर रिजर्व प्रबंधन मध्य प्रदेश की तर्ज पर फुल डे सफारी कराने की योजना को लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसमें हर गेट पर दो-दो वाहनों के माध्यम से फुल डे सफारी कराई जा सकेगी। इसका शुल्क भी अधिक होगा। अधिकारियों के अनुसार राज्य में अभी तक कहीं पर भी फुल डे सफारी की व्यवस्था नहीं है।
पर्यटकों की संख्या बढ़ी
राज्य में सफारी में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 658613, 2023-2024 में 717939 और 2024-2025 में 808324 पर्यटक पहुंचे।
