नीट-पीजी 2025-26 की कट-ऑफ घटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में इसे मनमाना बताते हुए कहा गया है कि इससे मेरिट, मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल शिक्षा के मानकों पर गंभीर असर पड़ेगा।
नीट-पीजी 2025-26 के लिए योग्यता कट-ऑफ प्रतिशत घटाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा 13 जनवरी को जारी उस नोटिस के खिलाफ दाखिल की गई है, जिसमें क्वालिफाइंग कट-ऑफ को कम किया गया था।
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन, न्यूरोसर्जन सौरव कुमार, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल और वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. आकाश सोनी द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि विवादित नोटिस के माध्यम से कट-ऑफ को असामान्य रूप से बेहद कम, यहां तक कि शून्य और नकारात्मक स्तर तक घटा दिया गया है।
