उत्तराखंड में शिक्षक की हैवानियत: संगीत सिखाने के नाम पर 12 साल की बच्ची से छेड़छाड़, POCSO में केस दर्ज

रामनगर के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में संगीत शिक्षक जस्टिन पर 12 साल की छात्रा को संगीत सिखाने के बहाने छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मां ने पुलिस को तहरीर दी।

रामनगर के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में शर्मसार करने का मामला सामने आया है। एक छात्रा के परिजनों ने विद्यालय के एक शिक्षक पर उनकी 12 साल की छात्रा से संगीत सिखाने के नाम पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

रामनगर निवासी एक महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी 12 साल की बेटी है, जो रामनगर के एक निजी विद्यालय में पढ़ती है। आरोप लगाया कि शनिवार को विद्यालय के संगीत शिक्षक तेलीपुरा निवासी जस्टिन ने संगीत सिखाने के नाम पर उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की। बताया कि जब उनकी बेटी घर पहुंची तो उसने आपबीती परिजनों को बताई।

कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

Uttarakhand: केदारनाथ पैदल यात्रा सुचारू, संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं टीमें, घोड़ा-खच्चर संचालन अब भी बंद

केदारनाथ पैदल यात्रा सुचारू हो गई है। संवेदनशील स्थानों पर टीमें तैनात हैं। हालांकि घोड़ा-खच्चर संचालन अब भी बंद हैं।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर शनिवार को यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है। जबकि छौड़ी के पास भारी बोल्डर गिरने के बाद घोड़ा-खच्चर संचालन अब भी बंद है। मार्ग पर मलबा हटाने का कार्य जारी है और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के लिए टीमें तैनात हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पैदल मार्ग पर लगातार निगरानी कर रही हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में यात्रियों को सुरक्षा के साथ पार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मार्ग से बोल्डर और मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
इसके पूरा होने के बाद घोड़ा-खच्चर संचालन भी शुरू कराया जाएगा। उधर, केदारघाटी में मौसम अभी भी खराब बना हुआ है और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। ऐसे में यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

Harela Festival 2026: उत्तराखंड में लोकपर्व का उत्सव, हरियाली का महाअभियान, छह लाख पौधे लगाएगी भाजपा

हरेला पर्व उत्तराखंड में आज; प्रदेश में पौधरोपण कार्यक्रम, भाजपा का छह लाख पौधे लगाने अभियान Harela Festival 2026: उत्तराखंड में आज लोकपर्व का उत्सव, हरियाली का महाअभियान, छह लाख पौधे लगाएगी भाजपा

उत्तराखंड में आज लोकपर्व हरेला पूरे उत्साह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेशभर में व्यापक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अगले एक माह में छह लाख पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की है।

 

हरेला पर्व पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत भाजपा ने प्रदेशभर में छह लाख पौधे रोपने का अभियान शुरु कर दिया है। आज शुरू होकर एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत राज्य में बूथ स्तर पर न्यूनतम 50 पौधे मंत्रियों, सांसदों, विधायकों आदि जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों के सहयोग से लगाए जाएंगे।
प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने बताया कि पौधरोपण का यह अभियान 15 अगस्त तक चलेगा। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के त्यौहार हरेला को पार्टी एक पेड़ मां के नाम अभियान के रूप में मनाएगी। प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट के संयोजन में महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट, किसान मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी एवं युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल मेंदोली को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम जनमानस से पूर्ण मन, वचन, कर्म से पौधरोपण करने की अपील की है। परिहार ने बताया कि महाअभियान को सफल बनाने के लिए पार्टी संगठन ने जिला स्तर व मंडल स्तर पर भी विशेष समितियों का गठन किया है। जो राज्य के सभी 11,729 बूथों पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनसहयोग से पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को पूरा करेंगे।
सांसद अपने क्षेत्र में न्यूनतम 10, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों, मेयर, नगर पालिका, पंचायत अध्यक्षों एवं ब्लॉक प्रमुखों की ओर से अपने-अपने क्षेत्रों में न्यूनतम 15 पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान में पौधे की सुरक्षा व देखरेख की जिम्मेदारी को भी निर्धारित किया जा रहा है। पौधरोपण के बाद प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से कार्यकर्ताओं के नाम निर्धारित किए जाएंगे।
हरेला पर्व के अवसर पर नगर निगम देहरादून ने हरित क्रांति अभियान की शुरुआत की। अभियान के तहत निगम ने 70 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से घर-घर साग-सब्जियों की पौध वितरित की जा रही है। मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने पौधा वितरित कर अभियान का शुभारंभ किया।
लोकपर्व हरेला के अवसर पर हरिद्वार कांगड़ी ग्राम स्थित प्रेम निवास आश्रम में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। आश्रम के महंत देवेंद्र दास तोमर के सौजन्य से हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रदेशवासियों को हरेला की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आम की दावत भी आयोजित की गई।

Uttarakhand: सीएम धामी ने हरेला पर किया पौधरोपण, बोले- पर्यावरण संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई स्थित अपने निजी आवास परिसर में पौधरोपण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई स्थित अपने निजी आवास परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने सभी को पर्यावरण को समर्पित देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख लोक पर्व हरेला की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए हम सबको पौधे अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण भी करना चाहिए।

 

उत्तराखंड: मतदाता सूची में हैरान करने वाली गड़बड़ियां, दो लाख के माता-पिता नाबालिग, 92 हजार के दादा जवान

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)) के पहले चरण में 19.04 लाख विसंगतियां सामने आई हैं। जांच में दो लाख मतदाताओं के माता-पिता नाबालिग और 92 हजार मतदाताओं के दादा ‘जवान’ दर्ज मिले, जबकि रुद्रपुर विधानसभा में सबसे अधिक 89 प्रतिशत रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं।

उत्तराखंड में दो लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके माता-पिता नाबालिग हैं। वहीं, 92 हजार मतदाताओं के दादा जवान हैं। ये हम नहीं कह रहे, चुनाव आयोग के एसआईआर के पहले चरण के बाद जो 19.04 लाख मतदाताओं की विसंगतियां पकड़ी गईं, उनमें अजब-गजब तथ्य सामने आए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर ऐसी विधानसभा है, जहां 89 प्रतिशत मतदाताओं की विसंगतियां हैं। 42,808 मतदाता ऐसे हैं, जिनका कुछ पता नहीं चल पाया।

1,99,121 मतदाताओं के माता-पिता नाबालिग

एसआईआर में 1,99,121 ऐसे पकड़ में आए हैं, जिनके और माता-पिता की आयु के बीच महज 15 साल या इससे कम का अंतर है। अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा में 14,001 में से 3,938 मामले (28 प्रतिशत) ऐसे हैं। देहरादून की चकराता विधानसभा में 4,062 मतदाता, हरिद्वार की खानपुर विधानसभा में 5,359 मतदाता ऐसे चिह्नित हुए हैं। जिलावार देखें तो उत्तरकाशी में 4272, चमोली में 4625, रुद्रप्रयाग में 5505, टिहरी में 12,688, देहरादून में 28,367, हरिद्वार में 43,418, पौड़ी में 10,609, पिथौरागढ़ में 7659, बागेश्वर में 4741, अल्मोड़ा में 11,496, चंपावत में 4273, नैनीताल में 22,650, ऊधमसिंह नगर में 38,818 ऐसे मतदाता चिह्नित हुए हैं। वहीं, 1,09,547 मतदाता ऐसे भी हैं, जो अपने माता-पिता से 50 साल से भी ज्यादा छोटे हैं।

92,114 मतदाताओं के दादा हैं जवानये ऐसे मतदाता हैं, जिनके और उनके दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र के बीच 40 वर्ष से भी कम का अंतर है। इसमें बागेश्वर जिले की बागेश्वर, कपकोट, अल्मोड़ा की द्वाराहाट विधानसभा में सर्वाधिक 11-11 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं। जिलावार देखें तो उत्तरकाशी में 2608, चमोली में 2405, रुद्रप्रयाग में 1765, टिहरी में 3688, देहरादून में 13,527, हरिद्वार में 14,071, पौड़ी में 5185, पिथौरागढ़ में 4115, बागेश्वर में 4507, अल्मोड़ा में 5144, चंपावत में 2188, नैनीताल में 11,875 और ऊधमसिंह नगर में 21,036 मतदाताओं के दादा जवान हैं।

ये चौंकाने वाले तथ्य भी आए सामने

-2,39,566 ऐसे मतदाता, जिनमें दो बच्चों के बीच नौ माह से कम का अंतर है। इनमें सर्वाधिक हरिद्वार ग्रामीण में 6,187, खानपुर में 6,457, विकासनगर में 3,236 मतदाता हैं।

-एक ही मुखिया के नाम से दर्ज छह या अधिक मतदाताओं की बड़ी संख्या है। इनमें हरिद्वार की पिरान कलियर विधानसभा में 8,087, लक्सर में 4,799, मंगलौर में 6,964 मतदाता शामिल हैं।

-तमाम मतदाता ऐसे हैं, जिनके अपने नाम या रिश्तेदारों के नाम की स्पेलिंग या पहचान गलत है। इसमें सबसे ज्यादा देहरादून, हरिद्वार के हैं। देहरादून की रायपुर विधानसभा में 23,555 वोटर(50 प्रतिशत) के खुद के नाम में, 17,676 मामलों में रिश्तेदारों के नामों में गड़बड़ी है। डोईवाला में 20,805(47%), धर्मपुर 23,048, हरिद्वार की भेल रानीपुर में 15,379 मतदाताओं की ये विसंगति है।

कहां हैं 5,26,228 लापता मैपिंग वोटर

प्रदेशभर में ये ऐसे मतदाता हैं, जिनको चुनाव आयोग मैप ही नहीं कर पाया। इसमें ऊधमसिंह नगर की रुद्रपुर विधानसभा में सर्वाधिक 42,808 मतदाता हैं। दूसरे नंबर पर देहरादून की रायपुर विधानसभा है, जहां के 17,859 मतदाता, फिर विकासनगर में 10,536 मतदाता, जसपुर में 6,222 मतदाता ऐसे हैं, जो कि मैप नहीं हो पाए हैं। प्रदेशभर की बाकी विधानसभाओं में भी ऐसे मतदाता शामिल हैं। अगर नोटिस जारी होने के बाद भी इनका अता-पता न चला तो इनका वोट कट जाएगा।

इन जिलों में सबसे अधिक गड़बड़ी

जिला कुल मतदाता गड़बड़ी वाले मतदाता- प्रतिशत
देहरादून 11,90,805 3,95,868 33
हरिद्वार 12,46,219 3,90,312 31
यूएस नगर 11,55,672 3,36,164- 29
नैनीताल 6,93,325 1,88,054 27
पौड़ी 5,03,468 1,05,945 21
टिहरी 4,63,628 1,04,402 23

बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामला: आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार, पूछताछ के लिए लाया गया कार्यालय

बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस आरोपी तक पहुंच गई है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।

बदरीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने रविवार देर रात करीब 11 बजे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ कार्यालय लेकर आ रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। उसके संभावित जगहों पर भी लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और उसे देहरादून से हिरासत में ले लिया गया।

 बताया जा रहा है कि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के रखरखाव और जमा प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के संकेत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार प्रयास कर रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे प्रकरण में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज; 25 जून को भी नोटों की गड्डी ले जाते दिखा आरोपी नौटियाल 

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी के मामले की पुलिस की जांच रविवार को भी जारी रही। पुलिस ने 25 जून की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें भी आरोपी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है। पुलिस ने बीकेटीसी से मामले की आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं।

पुलिस के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्यतः तीन से चार दिन के अंतराल में होती है। इस अवधि में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को गणना की गई थी। जांच टीम ने इन तीनों दिनों के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर क्रमवार देख रही है। रविवार को पुलिस ने जब 25 जून को हुई गणना की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो इसमें भी आरोपी कर्मचारी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है।

रविवार को पुलिस ने बीकेटीसी के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। दो जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के दौरान आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग गणना कक्ष में मौजूद थे। इनमें कुछ स्थानीय साधु-संत भी थे, जो अक्सर चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।

20 जुलाई तक जारी हो सकता है NEET UG 2026 का परिणाम, जल्द शुरू होगी काउंसलिंग

सीटों में संभावित बढ़ोतरी से लाखों अभ्यर्थियों को मिल सकती है राहत, एमबीबीएस सीटें 1.40 लाख तक पहुंचने की संभावना

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का परिणाम 20 जुलाई तक घोषित किए जाने की संभावना है। परिणाम जारी होने के बाद ऑल इंडिया एवं राज्य स्तरीय मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इस वर्ष काउंसलिंग को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में कम परेशानी का सामना करना पड़े।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और संबंधित एजेंसियां सीट मैट्रिक्स तथा काउंसलिंग शेड्यूल को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। परिणाम घोषित होने के कुछ दिनों के भीतर विस्तृत काउंसलिंग कार्यक्रम जारी किया जा सकता है।

चेतना अकादमी के निदेशक एस एन उपाध्याय ने बताया

इस बार देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या में 8,000 से 10,000 तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि सभी प्रस्तावित सीटों को मंजूरी मिलती है, तो कुल एमबीबीएस सीटें बढ़कर लगभग 1.40 लाख तक पहुंच सकती हैं। इससे अधिक छात्रों को सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

काउंसलिंग में क्या रहेगा खास?

  • ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा की काउंसलिंग अलग-अलग चरणों में होगी।
  • सीट आवंटन पूरी तरह मेरिट, विकल्प (Choice Filling) और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा।
  • सभी दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन और ऑफलाइन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा।
  • अभ्यर्थियों को समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना का पालन करना होगा।

विद्यार्थियों के लिए सलाह

परिणाम जारी होने तक अभ्यर्थी अपने आवश्यक दस्तावेज, श्रेणी प्रमाणपत्र, पहचान पत्र एवं अन्य प्रमाणपत्र तैयार रखें। काउंसलिंग से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल NTA, MCC और संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी अपडेट पर ही भरोसा करें।

Uttarakhand: स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा 104 पर कुछ दिन नहीं मिलेगी मदद, 12 जुलाई तक रहेगी प्रभावित

स्वास्थ्य संबंधी सलाह या जानकारी के लिए 104 हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अगले कुछ दिन असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। तकनीकी सुधार कार्य के चलते हेल्पलाइन की सेवाएं 12 जुलाई तक आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगी।

उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जानकारी के लिए संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं 12 जुलाई तक प्रभावित रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने हेल्पलाइन के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया है, जिसके चलते कॉल रिसीव करने और सेवाएं उपलब्ध कराने में अस्थायी विलंब की संभावना जताई गई है।

104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की नोडल अधिकारी डॉ.अरिता सक्सेना ने बताया कि मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है और प्रयास है कि निर्धारित समय के भीतर सभी सेवाएं पूरी तरह सुचारु कर दी जाएं। राज्यभर में स्वास्थ्य सलाह, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, शिकायत निवारण तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने वाली 104 हेल्पलाइन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण सेवा है।

 

Landslide: स्यानाचट्टी में यमुनोत्री हाईवे का 100 मीटर हिस्सा, बढ़ी मुश्किलें, रास्ता खोलने में आ रही दिक्कत

स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा तेज बारिश के कारण वॉशआउट होने  के साथ ही हनुमान चट्टी के पास काफी ऊंचाई से चट्टानी मलबा पत्थरों के तेजी से रुक-रुक कर आ रहे हैं।

यमुनोत्री घाटी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ यात्रा व्यवस्थाओं को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

गुरुवार शाम स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा तेज बारिश के कारण वॉशआउट होने  के साथ ही हनुमान चट्टी के पास काफी ऊंचाई से चट्टानी मलबा पत्थरों के तेजी से रुक-रुक कर आ रहे हैं। जिससे मार्ग को हुए नुकसान ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर लगातार हाईवे पर गिर रहे हैं। इससे सड़क खोलने का कार्य भी प्रभावित हो रहा है और यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित बनी हुई है।
प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन खराब मौसम राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि लगातार बारिश तथा पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण हाईवे को सुचारू करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम अनुकूल होने पर सड़क बहाली का कार्य तेज गति से किया जा सकेगा।

Uttarakhand Weather: भारी बारिश का अलर्ट, उत्तरकाशी में पांच गांवों का संपर्क संकट, प्रदेश में 70 मार्ग बंद

उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लगातार बारिश का असर सड़क संपर्क पर भी दिखने लगा है। उत्तरकाशी में पांच गांवों का संपर्क संकट में है, जबकि प्रदेशभर में चार राज्य मार्ग समेत 70 सड़कें बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

मानसून की शुरुआत के साथ ही मोरी विकासखंड की बड़ासु पट्टी के पांच दूरस्थ गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति नालों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का विकासखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने लगा है। उफनते नालों के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहनों को पार कराने के लिए पांच से दस लोगों की मदद लेनी पड़ रही है, जबकि बड़े वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।

स्थानीय निवासी नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा और वरदान सिंह ने बताया कि हर वर्ष मानसून शुरू होते ही पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्ति और हलारा खड्ड बरसात में उफान पर आ जाते हैं, जिससे आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। कई बार एक वाहन को निकालने के लिए दस से अधिक लोगों की मदद लेनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद हादसे का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस समय क्षेत्र में सेब, राजमा और चौलाई जैसी फसलों की निकासी का समय है। यदि अभी से ऐसी स्थिति बनी हुई है तो बारिश बढ़ने पर पांचों गांवों का संपर्क पूरी तरह से मोरी विकासखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट सकता है। उनका कहना है कि खड्डों पर पुल और वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग कई बार पीएमजीएसवाई से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पीएमजीएसवाई को सुरक्षा के साथ आवाजाही सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मानसून के दौरान जरूरत पड़ने पर आपदा मद से वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने को भी कहा गया है।

कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, प्रशासन अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज और कल प्रदेश के कई जनपदों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज से अत्यंत तेज वर्षा के दौर की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती एवं सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत- बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

चार राज्य मार्ग समेत 70 मार्ग बंद

प्रदेश में चार राज्यमार्ग 70 मार्ग बंद है। एसईओसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें सबसे अधिक मार्ग देहरादून और पिथौरागढ़ जिले में 14-14 बंद है। देहरादून जिले में तीन राज्यमार्ग बंद है। चमोली में 10, पौड़ी और टिहरी में आठ- आठ, बागेश्वर छह, रुद्रप्रयाग चार और चंपावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में दो-दो मार्ग बंद है।