उच्चस्तरीय बातचीत में भारत का नेतृत्व गृहमंत्रालय की शीर्ष अधिकारी पौसमी बसु कर रही हैं। वे बॉर्डर मैनेजमेंट डिवीजन से जुड़ी हैं और उन्हें सीमा संबंधी मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।
नेपाल से सीमा संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी बुधवार रात देहरादून पहुंच गए। औपचारिक बातचीत से पहले अधिकारियों ने रात्रिभोज पर एक दूसरे से मुलाकात की।
अमर उजाला को मिली विश्वस्त जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चार दौर में सभी अहम मुद्दों पर बातचीत होगी। इसमें सीमा संबंधी विषय और लिपुलेख दर्रे के मार्ग से भारत चीन के बीच शुरू हुए व्यापार पर नेपाल की आपत्ति के मुद्दे शामिल होंगे।
सीमा संबंधी मुद्दों पर तनाव पैदा होने के बाद दोनों देश एक बार फिर अपने पुराने संबंधों की मजबूत बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। भारत अपने पारंपरिक दोस्त को और करीब लाने के लिए सांस्कृतिक संबंधों को और मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, वहीं पड़ोसी देश भी अपनी आर्थिक और रक्षा संबंधी आवश्यकताओं के लिए भारत से संबंध बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रहा है। नेपाल की नई सरकार भी भारत से मजबूत संबंधों की पक्षधर है। दोनों ही देशों के अधिकारियों ने बातचीत से संबंधों को एक नई ऊर्जा मिलने का भरोसा जताया है।
