NEET PG: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नीट पीजी कटऑफ का मुद्दा, याचिका दायर, एनबीईएमएस के फैसले को चुनौती

नीट-पीजी 2025-26 की कट-ऑफ घटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में इसे मनमाना बताते हुए कहा गया है कि इससे मेरिट, मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल शिक्षा के मानकों पर गंभीर असर पड़ेगा।
नीट-पीजी 2025-26 के लिए योग्यता कट-ऑफ प्रतिशत घटाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा 13 जनवरी को जारी उस नोटिस के खिलाफ दाखिल की गई है, जिसमें क्वालिफाइंग कट-ऑफ को कम किया गया था।

यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन, न्यूरोसर्जन सौरव कुमार, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल और वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. आकाश सोनी द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि विवादित नोटिस के माध्यम से कट-ऑफ को असामान्य रूप से बेहद कम, यहां तक कि शून्य और नकारात्मक स्तर तक घटा दिया गया है।

मामला एक नजर में:

    • 13 जनवरी को एनबीईएमएस ने नीट पीजी की कटऑफ संशोधित की।
    • इस संशोधन में कट-ऑफ प्रतिशत को बहुत कम कर दिया गया, यहां तक की शून्य कर दिया गया।
    • इस बदलाव के बाद -40 अंक पाने वाला भी मेडिकल की पढ़ाई के लिए योग्य हो गया था।
    • नोटिस जारी होने पर इस फैसले का विरोध होने लगा।
    • डॉक्टर संगठनों समेत अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की साख को गंभीर खतरा है।
  • एनबीईएमएस के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है यह फैसला

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में इसे संवैधानिक चुनौती बताते हुए कहा गया है कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के लिए योग्यता मानकों में की गई यह कटौती मनमानी है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करती है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इससे मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की साख को गंभीर खतरा पैदा होता है।

याचिका में कहा गया है कि चिकित्सा कोई सामान्य पेशा नहीं है, बल्कि यह सीधे मानव जीवन, शारीरिक अखंडता और गरिमा से जुड़ा हुआ है। केवल खाली सीटें भरने के आधार पर इस तरह का निर्णय मेरिट को समाप्त करता है, प्रतियोगी परीक्षा को महज औपचारिकता में बदल देता है और जीवन से जुड़े क्षेत्र में पेशेवर मानकों के पतन को संस्थागत रूप देता है।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि पीजी स्तर पर मेरिट में की गई यह ढील राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के वैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।

क्या है मामला?

नीट-पीजी 2025‑26 के लिए एनबीईएमएस ने 13 जनवरी 2026 को एक नोटिस जारी किया, जिसमें पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता कट‑ऑफ को असामान्य रूप से कम कर दिया गया। इसे आरक्षित वर्ग के लिए -40 अंक तक कर दिया गया। एनबीईएमएस के इस फैसले का विरोध हो रहा था और अब फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

Veer Bal Diwas: राष्ट्रपति मुर्मू ने दिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, 20 बच्चों की प्रतिभा को मिला सम्मान

वीर बाल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। बहादुरी, खेल, विज्ञान, कला, पर्यावरण और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए बच्चों को यह राष्ट्रीय सम्मान दिया गया।

वीर बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इन बच्चों को बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इन बच्चों ने न केवल अपने परिवार और समाज, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मान देशभर के अन्य बच्चों को भी प्रेरित करेगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन देगा।

साहिबजादों के बलिदान को किया याद

वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि लगभग 320 वर्ष पहले दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके चारों साहिबजादों ने सत्य और न्याय के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि सबसे छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की वीरता को भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर में सम्मान के साथ याद किया जाता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश की महानता इस बात से तय होती है कि उसके बच्चे कितने देशभक्त और उच्च आदर्शों से प्रेरित हैं। उन्होंने खुशी जताई कि पुरस्कार पाने वाले बच्चों ने बहादुरी, कला-संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

बच्चों के उल्लेखनीय असाधारण कार्य

उन्होंने सात वर्षीय शतरंज खिलाड़ी वाका लक्ष्मी प्रग्निका, साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित अजय राज और मोहम्मद सिदान पी तथा दूसरों की जान बचाते हुए शहीद हुए व्योमा प्रिया और कमलेश कुमार का विशेष उल्लेख किया। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में सैनिकों को सहायता पहुंचाने वाले श्रवण सिंह और दिव्यांग होते हुए भी खेल जगत में उपलब्धियां हासिल करने वाली शिवानी होसुरु उप्पारा की भी सराहना की।

महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि इस वर्ष 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 बच्चों को यह सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार यह साबित करते हैं कि आत्मविश्वास और समर्पण के बल पर संसाधनों की कमी को भी मात दी जा सकती है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है।

 

Career Tips: फीडबैक से परेशान न हों, यह आपके प्रयासों को सही दिशा में रखता है और प्रदर्शन को बेहतर बनाता है

अक्सर फीडबैक में पुरानी गलतियों पर जोर दिया जाता है, जबकि अच्छे लीडर भविष्य पर ध्यान देते हैं। फीडबैक का उद्देश्य आपकी गलतियां गिनाना नहीं, बल्कि आपके प्रयासों को सही दिशा देना है।

आज संगठनों में फीडबैक पर तो जोर दिया जा रहा है, लेकिन उसका असली उद्देश्य कई बार लोग भूल जाते हैं। फीडबैक का मकसद व्यक्ति को अपने काम को बेहतर समझने, अपनी क्षमता का सही उपयोग करने और टीम के साथ प्रभावी ढंग से काम करने में मदद करना होता है। इसमें लीडर की भूमिका अहम होती है। उन्हें ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां फीडबैक डर नहीं, बल्कि सीखने का अवसर बने। प्रभावी फीडबैक वही है, जो स्पष्ट रूप से बताए कि क्या सुधारना है और आगे कैसे बेहतर किया जा सकता है।

गलतियां ढूंढने वाला न बनें

जब लीडर हर बात में गलती निकालने वाला न होकर टीम का साथ देने वाला बनता है, तभी अच्छे काम की संस्कृति बनती है। ऐसा लीडर अपने व्यवहार से यह दिखाता है कि वह अपनी टीम पर भरोसा करता है, उनकी परवाह करता है और उनके साथ खड़ा है। इससे कर्मचारी बिना डर के अपनी बात कह पाते हैं।

अगर कोई सहकर्मी काम में परेशान है, तो उसे डांटने के बजाय उसकी समस्या को समझना और उसे यह भरोसा दिलाना कि वह मुश्किलों को पार कर सकता है, एक समझदार नेतृत्व की पहचान है। जब कर्मचारियों को ऐसा सहयोग मिलता है, तो वे खुद बेहतर करने की कोशिश करते हैं।

सकारात्मक नतीजों पर दें ध्यान

अक्सर फीडबैक में पुरानी गलतियों पर जोर दिया जाता है, जबकि अच्छे लीडर भविष्य पर ध्यान देते हैं। जब कर्मचारियों से उनके आगे के लक्ष्यों के बारे में पूछा जाता है और लक्ष्य स्पष्ट व सकारात्मक होते हैं, तो उनमें स्वाभाविक रूप से उत्साह पैदा होता है। इसी दृष्टिकोण से समस्या को देखने पर नए अवसर भी दिखाई देने लगते हैं।

छिपे अवसर पहचानें

जब लीडर और कर्मचारी दोनों के बीच यह स्पष्ट हो जाता है कि असली लक्ष्य क्या है, तब समस्या को एक नई दृष्टि से देखा जा सकता है। इस चरण में समस्या को केवल तुरंत सुलझाने पर ध्यान देने के बजाय यह समझना जरूरी होता है कि यह बेहतर परिणाम पाने में कैसे सहायक हो सकती है। अक्सर ऐसी समस्याएं सुधार के नए रास्ते खोलती हैं, मूल्यों और लक्ष्यों को पाने के लिए नए तरीकों की ओर ले जाती हैं, या संगठन में छिपी हुई बड़ी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने का अवसर देती हैं।

कार्य योजना बनाते चलें

लीडर और कर्मचारी मिलकर पहचाने गए अवसर को एक स्पष्ट और व्यावहारिक कार्य योजना में बदलते हैं, जिसमें यह तय किया जाता है कि कौन-सा लक्ष्य हासिल करना है और उसे कब तक पूरा करना है। इसके बाद लीडर समय-समय पर फीडबैक देते रहते हैं, तो इस पूरी प्रक्रिया में निरंतर सीख और सुधार को भी समान रूप से महत्व दिया जाता है।

Success Story: पहला स्टार्टअप रहा असफल, लाखों के कर्ज में डूबे; फिर बनाई करोड़ों की ब्रोकिंग फर्म

ललित केशरे ने आईआईटी, बॉम्बे से पढ़ाई पूरी करने के बाद अपना पहला स्टार्टअप शुरू किया, जो असफल रहा। फिर उन्होंने फ्लिपकार्ट में काम किया, पर उसे भी छोड़कर ग्रो कंपनी की स्थापना की। उनकी कहानी सिखाती है कि अगर जज्बा हो, तो मुश्किल से मुश्किल हालात में भी रास्ते खुद बन जाते हैं।

कभी मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाला एक साधारण लड़का ललित केशरे आज करोड़ों निवेशकों के भरोसे का नाम बन चुका है। बचपन में पिता को खेतों में मेहनत करते देख उन्होंने समझ लिया था कि सफलता का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन मेहनत और सीखने की लगन अगर साथ हो, तो कुछ भी संभव है।

ललित ने अपने सफर की शुरुआत एडुफ्लिक्स नामक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म से की थी। हालांकि, यह पहला प्रयास असफल रहा और उन पर कर्ज भी बढ़ गया। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने नौकरी की, अपनी गलतियों से सीखा और एक नए सपने ‘ग्रो’ को हकीकत में बदल दिया।

ऐसे बनी भारत की सबसे बड़ी ब्रोकिंग फर्म
इस बार उन्होंने ठान लिया था कि जो भी करेंगे, सीखकर और समझदारी से करेंगे। परिणामस्वरूप, ग्रो आज भारत की सबसे बड़ी ब्रोकिंग फर्मों में से एक बन चुकी है, जिसकी वैल्यू लगभग रुपये 70,000 करोड़ तक पहुंच गई है। ललित की कहानी यह सिखाती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत की प्रेरणा होती है। खेतों की मिट्टी से निकला यह सपना आज लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की मिसाल बन गया है।

गांव छोटा, लेकिन सोच बड़ी
मध्य प्रदेश में जन्मे ललित केशरे का पालन-पोषण एक ऐसे किसान परिवार में हुआ, जो शिक्षा और नवाचार को बहुत महत्व देता था। बचपन से ही, उन्हें तकनीक और समस्याओं के समाधान में गहरी रुचि रही है। इसी जिज्ञासा ने वास्तव में एक उद्यमी के रूप में उनके सफर की नींव रखी। ललित के पिता किसान थे, लेकिन वे शिक्षा के महत्व को भली-भांति समझते थे और हमेशा ललित को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते थे।

बारहवीं के बाद उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा दी और उत्कृष्ट रैंक के साथ उसे पास किया। इसके बाद उन्हें आईआईटी, बॉम्बे में प्रवेश मिला, जहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद ललित ने ‘एडूफ्लिक्स’ नाम से एक ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म शुरू किया। उनका उद्देश्य था शिक्षा को देश के हर कोने तक पहुंचाना, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। कुछ ही समय में कंपनी बंद हो गई और उन पर कर्ज का बोझ बढ़ गया।

दोस्तों के साथ रखी नींव
इसके बावजूद ललित ने हार नहीं मानी और फ्लिपकार्ट में ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर काम करना शुरू किया। हालांकि, उनके मन में कुछ बड़ा करने की चाह अब भी बनी हुई थी। फ्लिपकार्ट में काम करते हुए ललित की मुलाकात हर्ष जैन, नीरज सिंह और ईशान बंसल से हुई। तीनों ही युवा उद्यमशील सोच रखते थे। 2016 में ललित ने फ्लिपकार्ट की लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर अपने इन दोस्तों के साथ बंगलूरू में ग्रो की स्थापना की। शुरुआती दिनों में उन्हें कई कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे कंपनी ने गति पकड़ी और सफलता की ओर बढ़ती चली गई।

ऐसे सफल हुआ ग्रो
कुछ साल में इस स्टार्टअप ने देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म बनने का खिताब हासिल कर लिया है। ग्रो में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला, सिकोइया कैपिटल और टाइगर ग्लोबल जैसे दिग्गज निवेशक अपना पैसा लगा चुके हैं। ग्रो निवेशकों को स्टॉक, म्यूचुअल फंड, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड, आईपीओ, अमेरिकी स्टॉक, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और सोने में निवेश करने की सुविधा प्रदान करती है।

कंपनी का अपना एक ऐप है, जो स्टॉक ब्रोकिंग से जुड़ी सेवाएं बहुत ही कम कमीशन पर उपलब्ध कराता है। एक इंटरव्यू में ललित ने बताया कि ग्रो की सफलता का बड़ा कारण ‘माउथ-टू-माउथ पब्लिसिटी’ रही है। आज सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या के आधार पर ग्रो भारत का सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट एप बन चुका है। इसकी सस्ती और पारदर्शी सेवाएं इसे लोगों के बीच और भी लोकप्रिय बना रही हैं। किसान परिवार में जन्मे ललित केशरे की आज की नेटवर्थ लगभग रुपये 247 करोड़ रुपये है, जो उनके संघर्ष, मेहनत और दूरदृष्टि की प्रेरक कहानी बयां करती है।

युवाओं को सीख

  •  असफलता वहीं खत्म होती है, जहां सीखना शुरू होता है।
  •  बड़े सपनों की शुरुआत अक्सर छोटे गांवों से होती है।
  •  कर्ज बोझ नहीं होता, अगर हौसला उसे अवसर में बदल दे।
  •  गलतियां वही करते हैं जो कुछ नया करने की हिम्मत रखते हैं।
  •  जो जमीन से जुड़ा रहता है, वही आसमान छूता है।

“CLAT Aspirants के लिए बड़ा मौका: Law Prep Tutorial में 3-दिवसीय ऑफलाइन मॉक टेस्ट सीरीज़”

CLAT 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Law Prep Tutorial एक विशेष Tri-Series Challenge लेकर आया है, जिसमें 3 दिन – 3 मॉक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। यह परीक्षण छात्रों को उनकी वास्तविक तैयारी और अखिल भारतीय स्तर पर अपनी रैंक जानने का अनोखा अवसर प्रदान करेगा।

यह मॉक सीरीज़ 28, 29 और 30 नवंबर 2025 को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक आयोजित होगी।
देहरादून में यह टेस्ट ऑफलाइन मोड में Law Prep Tutorial, प्रथम तल, 36-D निंबुवाला रोड, उत्तरांचल ग्रामीण बैंक के ऊपर, गढ़ी कैंट देहरादून में उपलब्ध रहेगा।

इस Tri-Series Challenge में प्रतिभागियों को मिलेगा:

✔️ 3 full length CLAT मॉक टेस्ट

✔️ CLAT जैसे वास्तविक परीक्षा अनुभव

✔️ राष्ट्रीय रैंक व प्रदर्शन विश्लेषण

✔️ नवीनतम CLAT पैटर्न आधारित प्रश्न

✔️ परीक्षा से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर

🎙️ लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादून के निदेशक श्री एस. एन. उपाध्याय का संदेश

CLAT जैसे प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि समय प्रबंधन, विश्लेषण क्षमता और परीक्षा की वास्तविक परिस्थितियों में प्रदर्शन पर निर्भर करती है। यह 3-Day Tri-Series Challenge छात्रों को उसी माहौल में खुद को परखने का अवसर प्रदान करता है।

मैं सभी CLAT 2026 अभ्यर्थियों से आग्रह करता हूँ कि वे इन मॉक टेस्ट्स में अनिवार्य रूप से भाग लें और अपनी तैयारी को राष्ट्रीय मानकों पर आँकें। सही दिशा में किया गया अभ्यास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है, और यह सीरीज़ आपके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देगी। लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादून हमेशा की तरह छात्रों को बेहतरीन मार्गदर्शन और परीक्षा-उन्मुख वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

ऑल इंडिया ओपन मॉक 16 नवंबर को आयोजित होगा क्लैट 2026 अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण पहल

देहरादून। Law Prep Tutorial, गढ़ी कैंट, देहरादून द्वारा CLAT 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए All India Open Mock Test का आयोजन 16 नवंबर 2025 (रविवार) को किया जा रहा है। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित होगी।

मॉक टेस्ट का समय दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। परीक्षा का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक परीक्षा जैसी परिस्थितियों से अवगत कराना तथा उनकी तैयारी का सटीक मूल्यांकन करवाना है।

📍 परीक्षा स्थल:

Law Prep Tutorial, फर्स्ट फ़्लोर, 36-D निंबुवाला रोड, उत्तरांचल ग्रामीण बैंक के ऊपर, गढ़ी कैंट, देहरादून।

मॉक टेस्ट देने का महत्व

  • वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव प्राप्त होता है।
  • समय प्रबंधन और प्रेशर हैंडलिंग की क्षमता मजबूत होती है।
  • ऑल इंडिया रैंकिंग से अपनी स्थिति का अंदाज़ा मिलता है।
  • तैयारी की कमजोरियाँ स्पष्ट रूप से सामने आती हैं।
  • रणनीति में सुधार कर बेहतर स्कोर की दिशा में काम किया जा सकता है।

डायरेक्टर S. N. Upadhyay का संदेश

Law Prep Tutorial देहरादून के डायरेक्टर एस. एन. उपाध्याय ने इस मॉक टेस्ट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “CLAT जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास और वास्तविक परीक्षा जैसी परिस्थितियों में स्वयं को परखना बेहद आवश्यक है। यह ऑल इंडिया मॉक छात्रों को अपनी तैयारी की दिशा को सही करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

उन्होंने छात्रों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि “यह मौका किसी भी अभ्यर्थी को मिस नहीं करना चाहिए। यह उनके प्रदर्शन को नई दिशा देगा।”

CLAT 2026 ऑनलाइन फॉर्म शुरू – जानिए

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT 2026) के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। यह परीक्षा Consortium of National Law Universities (NLUs) द्वारा आयोजित की जाती है। अगर आप देश के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। CLAT परीक्षा के माध्यम से LLB (5 वर्षीय कोर्स) और LLM (1 वर्षीय कोर्स) में प्रवेश दिया जाता है।

CLAT 2026: महत्वपूर्ण तिथियाँ

CLAT 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त 2025 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 7 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा का आयोजन 7 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ सप्ताह पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।

आवेदन शुल्क

सामान्य (Gen), ओबीसी (OBC), और ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के उम्मीदवारों को ₹4000, वहीं SC/ST/BPL/PH उम्मीदवारों को ₹3500 आवेदन शुल्क देना होगा। सभी श्रेणी के उम्मीदवारों को फीस ऑनलाइन मोड के माध्यम से जमा करनी होगी।

योग्यता मानदंड

CLAT 2026 के तहत दो प्रमुख कोर्स शामिल हैं –

1. बैचलर ऑफ लॉ (LLB – 5 वर्ष) : उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा में न्यूनतम 45% अंक (SC/ST/PH के लिए 40%) के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

2. मास्टर ऑफ लॉ (LLM – 1 वर्ष) : उम्मीदवार के पास LLB डिग्री में न्यूनतम 50% अंक (SC/ST/PH के लिए 45%) होना जरूरी है।

लॉ प्रेप ट्यूटोरियल, देहरादून : क्लैट (सामान्य कानून प्रवेश परीक्षा) 2026 अभ्यर्थियों के लिए शुरू हुआ “The Ultimate Bootcamp”

देहरादून: CLAT 2026 की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है — “The Ultimate Bootcamp for CLAT 2026 Aspirants.” यह 20 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम उन छात्रों के लिए है जो भारत के शीर्ष अभ्यर्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर अपनी रैंक को ऊँचाइयों तक पहुँचाना चाहते हैं।

इस बूटकैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को संपूर्ण परीक्षा-उन्मुख मार्गदर्शन, अभ्यास और रणनीति विकास उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा संचालित लाइव क्लासेस, नियमित मॉक टेस्ट एवं उनके विस्तृत विश्लेषण, साथ ही स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने के लिए विशेष ड्रिल्स प्रदान की जाएँगी।

इसके अलावा, प्रत्येक छात्र को वन-टू-वन मेंटरशिप दी जाएगी ताकि उसकी व्यक्तिगत कमजोरियों और ताकतों पर कार्य किया जा सके। बूटकैंप का हिस्सा बनने वाले छात्रों को देश के Top 50 CLAT Aspirants के साथ सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे प्रतियोगी माहौल में आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।

लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादू के निदेशक श्री एस.एन. उपाध्याय ने बताया कि यह आयोजन CLAT 2026 के अभ्यर्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा, जहाँ उन्हें देशभर के श्रेष्ठ छात्रों के साथ प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।

इस विशेष प्रवेश परीक्षा का आयोजन लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादून (36 डी/ई, प्रथम तल, निम्बुवाला रोड, गढ़ी कैण्ट, देहरादून, उत्तराखंड – 248003) के केंद्र पर ऑफलाइन मोड में 12 अक्टूबर 2025 (शाम 2 बजे से 4 बजे तक) किया जाएगा।

कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है और सीटें सीमित हैं। इच्छुक विद्यार्थी शीघ्र आवेदन करें और प्रवेश परीक्षा में भाग लेकर इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनें।

📅 कोर्स अवधि: 20 दिन ऑनलाइन (1 से 20 नवंबर 2025)
🗓 ऑफ़लाइन परीक्षा तिथि: 12 अक्टूबर 2025 ( 2-4 pm)
⏳ पंजीकरण की अंतिम तिथि: 11 अक्टूबर 2025
🌐 अधिक जानकारी, रजिस्ट्रेशन हेतु: https://live.lawpreptutorial.com/clat-og-bootcamp/

सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड छात्रवृत्ति के लिए बढ़ी आवेदन तिथि, अब इस तिथि तक करें पंजीकरण

News web media Uttarakhand : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 8 फरवरी, 2025 तक बढ़ा दी है। पात्र छात्र आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर छात्रवृत्ति और नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के साथ ही स्कूल अब 15 फरवरी, 2025 तक आवेदनों का सत्यापन करेंगे। इससे पहले बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 10 जनवरी तक बढ़ा दी थी।

जो छात्राएं अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और जिन्होंने 10वीं की परीक्षा 60% या उससे अधिक अंकों के साथ पास की है, उन्हें 500 रुपये प्रति माह की राशि दी जाती है। पुरस्कार विजेताओं को अधिकतम दो साल तक भुगतान किया जाएगा।

जानें योग्यता

छात्रवृत्ति विशेष रूप से उन अविवाहित लड़कियों के लिए डिजाइन की गई है जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। पात्र होने के लिए, उम्मीदवारों को सीबीएसई कक्षा 10वीं परीक्षा में न्यूनतम 60% अंक प्राप्त करने चाहिए और वर्तमान में सीबीएसई से संबद्ध स्कूल में कक्षा 11वीं या 12वीं में नामांकित होना चाहिए। स्कूल की ट्यूशन फीस 1,500 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
कैसे करें आवेदन?
  • सबसे पहले उम्मीदवार सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर जाएं ।
  • अब होमपेज पर, ‘सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप X-2024  REG’ पर क्लिक करें
  • आवेदन जमा करना है या मौजूदा आवेदन को नवीनीकृत करना है, इससे सबंधित लिंक पर क्लित करें।
  • अब आवेदन पत्र भरें, संबंधित कागजात अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
  • अंत में आगे की आवश्यकता के लिए आवेदन पत्र की एक कॉपी ले लें।

सैनिक स्कूल के लिए आवेदन की आखिरी तारीख आज, जानें पूरी डिटेल

News web media Uttarakhand : ऑल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) 2025-26 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख आज, 13 जनवरी 2025 है. अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्दी ही आधिकारिक वेबसाइट /exams.nta.ac.in/AISSEE/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करें.

शैक्षणिक योग्यता-:
कक्षा 6 में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स की आयु 31 मार्च 2025 तक 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी जन्म 1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2015 के बीच हुआ हो.लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं. वहीं क्लास 9 की बात करें तो स्टूडेंट्स की आयु 31 मार्च 2025 तक 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी जन्म 1 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2012 के बीच हुआ हो. केवल लड़के आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवार वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ाई कर रहा हो.

आवेदन प्रक्रिया-:

उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/AISSEE/) पर जाएं.

  1. ‘नए उम्मीदवार पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें और आवश्यक विवरण भरकर रजिस्ट्रेशन करें.
  2. पंजीकरण के बाद, लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म भरें.
  3. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें, जैसे फोटो, हस्ताक्षर आदि.
  4. शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें.
  5. आवेदन फॉर्म जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट लें.

परीक्षा पैटर्न-:
कक्षा 6 के लिए

  • परीक्षा अवधि: 150 मिनट.
  • विषय: गणित, इंटेलिजेंस, भाषा, सामान्य ज्ञान.
  • कुल अंक: 300

कक्षा 9 के लिए-:

  • परीक्षा अवधि: 180 मिनट.
  • विषय: गणित, इंटेलिजेंस, अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, सामाजिक अध्ययन.
  • कुल अंक: 400

इन तारीखों को रखें याद-:

  • -आवेदन की अंतिम तिथि: 13 जनवरी 2025, शाम 5 बजे तक
    -आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 14 जनवरी 2025, रात 11:50 बजे तक
  • -फॉर्म में त्रुटि सुधार की अवधि: 16 से 18 जनवरी 2025
  • -परीक्षा तिथि: मार्च 2025 (सटीक तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी)