जातिगत जनगणना पर लालू ने केंद्र पर जातिगत जनगणना कराने से इनकार करने को लेकर निशाना साधा

बिहार में जातिगत जनगणना के मुद्दे पर राजनीति जारी है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर 2021 में जातिगत जनगणना कराने से इनकार करने को लेकर निशाना साधा है।लालू ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि जनगणना में सांप, बिच्छू तोता, मैना, हाथी, घोड़ा, कुत्ता, बिल्ली, सूअर और सियार समेत सभी पशु-पक्षी, पेड़-पौधे गिने जाएंगे, लेकिन पिछड़े -अति पिछड़े वर्गों के इंसानों की गिनती नहीं होगी।

लालू ने भाजपा और संघ से पूछा सवाल

लालू यादव ने भाजपा और संघ से सवाल पूछा है कि आखिर उन्हें पिछड़ों और अति पिछड़ों से इतनी नफरत क्यों हैं। लालू ने कहा, जातिगत जनगणना कराने से सभी वर्गों का भला होगा और सब की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। लालू ने आरोप लगाया कि भाजपा और संघ पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के साथ बहुत बड़ा धोखा कर रहा है।

लालू ने कहा अगर केंद्र सरकार जनगणना फॉर्म में एक अतिरिक्त कॉलम जोड़कर देश की कुल आबादी के 60 फीसदी से अधिक लोगों की जातीय जनगणना नहीं कर सकती तो ऐसी सरकार और इन वर्गों के चुने हुए सांसदों और मंत्रियों पर धिक्कार है।लालू ने जनता से ऐसे सांसदों और मंत्रियों का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील की।

नीतीश कुमार की पार्टी को उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम उठाएगी।जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने भी कहा कि अभी जातिगत जनगणना शुरू नहीं हुई है. भले ही केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में जातिगत जनगणना कराने में तकनीककठिनाई की बात कही है, मगर केंद्र सरकार इस मुद्दे पर अब तो कोई निर्णय नहीं लिया है

बिहार सरकार में मंत्री संजय कुमार झा ने कहा, जातिगत जनगणना का नीतीश कुमार पिछले 30 सालों से उठा रहे हैं। इस मुद्दे पर हमारे पार्टी का रुख बिल्कुल साफ है हमें उम्मीद है कि जाति का जनगणना के मुद्दे पर कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।हम सबको प्रधानमंत्री के निर्णय का इंतजार है।

आज से देहरादून में अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव, उत्तराखंड के सेब को नई पहचान मिलेगी

देहरादून :-  उत्तराखंड के सेबों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए तीन दिवसीय (24 से 26 सितंबर) अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव (संगोष्ठी और प्रदर्शनी) का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां रेंजर ग्राउंड में करेंगे। इसका आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत उद्यान विभाग कर रहा है। महोत्सव में अदानी ग्रुप समेत टर्की, नाइजीरिया समेत कई देशों की कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इससे उत्तराखंड के सेब को मार्केटिंग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि इस महोत्सव के माध्यम से सरकार का उद्देश्य है कि राष्ट्रीयस्तर पर उत्तराखंड के सेब को नई पहचान मिल सके। इसमें उत्तराखंड समेत हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के प्रगतिशील किसान उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। महोत्सव में प्रतियोगिता भी होंगी। इसमें सेब और उससे तैयार होने वाले उत्पाद, पैकेजिंग भी शामिल हैं।

उत्तराखंड में औद्यानिकी फसलों का सालाना 3250 करोड़ रुपये का कारोबार है। 25785 हेक्टेयर भूमि पर सेब का उत्पादन होता है। प्रतिवर्ष 62 हजार मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन होता है। राज्य में औद्यानिकी फसलों के तहत 2.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्र है।4.50 लाख किसान औद्यानिकी फसलों का उत्पादन करते हैं। उत्तरकाशी सेब उत्पादन में अग्रणी जिला है।

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के सेबों को सबसे बेहतर सेब के रूप में पहचान मिली है। देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही इसकी बेहद ज्यादा डिमांड है. खास बात ये है कि उत्तराखंड के आराकोट बंगाण, हर्षिल समेत दूसरे क्षेत्रों में भी बेहतर क्वालिटी के सेब का उत्पादन किया जाता है, लेकिन यहां के सेबों को इस रूप में पहचान नहीं मिल पाई है। इसी बात को समझते हुए उत्तराखंड उद्यान विभाग ने भी प्रदेश के सेब को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयास शुरू किए हैं, इस दिशा में देहरादून में होने जा रहा अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव बेहद खास है, तीन दिवसीय इस सेब महोत्सव में सेबों की कई किस्में लोगों को देखने को मिलेगी।

उत्तराखंड का सेब हिमाचल की ब्रांडिंग
आज भी उत्तराखंड के सेबों को हिमाचल की पेटियों में भरकर बेचा जाता है. उत्तरकाशी और दून के पर्वतीय क्षेत्र में होने वाले सेब हिमाचल की ब्रांडिंग के जरिये बिकते हैं. यानी सेब तो उत्तराखंड का होता है, लेकिन उस पर टैग हिमाचल का लगता है. जिस कारण उत्तराखंड के सेब को पहचान नहीं मिल पाती है.

जिलेवार सेब का उत्पादन
जिला                      क्षेत्रफल         (हेक्टेयर) उत्पादन (मीट्रिक टन)
उत्तरकाशी             9372.59            20529
अल्मोड़ा                1577                   14137
नैनीताल                1242                   9066
देहरादून                 4799                  7342
चमोली                  1064                   3354
पौड़ी                      1123                   3057
पिथौरागढ़             1600                   3012
टिहरी                     3820.34            1910

 

 

उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट ने लोकायुक्त की नियुक्ति न होने पर नोटिस जारी कर, 4 हफ्ते में मांगा जवाब

नैनीताल :- लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग वाली यह याचिका हल्द्वानी के रवि शंकर जोशी ने दाखिल की है। याचिका में बताया गया है कि 2014 में सरकार ने एक्ट में बदलाव कर दिया और 2014 का संसोधन एक्ट बनाते हुए शर्त रख दी कि जिस दिन लोकायुक्त नियुक्त होगा, उसी दिन से एक्ट प्रभावी होगा।उच्च न्यायालय ने राज्य में लोकायुक्त नियुक्त करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई भी चार सप्ताह बाद होगी। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी की जनहित पर सुनवाई हुई।

हल्द्वानी के रवि शंकर जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि सरकार ने 2013 में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अधिनियम बनाया, जिसके सख्त प्रावधान थे, लेकिन 2014 में सरकार ने इस एक्ट में संशोधन कर दिया और यह शर्त रख दी कि जिस दिन लोकायुक्त की नियुक्ति होगी, उसी दिन से एक्ट प्रभावी होगा। आठ साल बीतने के बाद भी सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने से बचाने के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति ही नहीं की।भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए उनके पास उच्च न्यायालय के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है, अगर सरकार राच्य में लोकायुक्त की नियुक्त कर देती तो उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ मामलों में लडऩे में मदद मिल सकेगी।

रविशंकर जोशी के अनुसार 2012 में खंडूरी सरकार के कार्यकाल में सशक्त लोकायुक्त बिल राज्य विधानसभा में पारित हुआ था लेकिन 2014 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लोकायुक्त विधेयक को निरस्त कर नया लोकायुक्त बिल लाया गया, जिसे कभी लागू ही नहीं किया गया। त्रिवेंद्र सरकार ने लोकायुक्त बिल को संशोधन के लिए प्रवर समिति को सौंप दिया। 2017 में प्रवर समिति के पास भेजा गया बिल ठंडे बस्ते में पड़ा है।

अब 8 साल बीतने के बाद भी लोकायुक्त नियुक्त नहीं होने पर कोर्ट से मांग की गई है कि लोकायुक्त की नियुक्ति हो ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके। इस याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आरएस चौहान व जस्टिस आलोक कुमार की बेंच ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि अभी तक लोकायुक्त की नियुक्ति क्यों नहीं हो सकी।

हाईकोर्ट में रवि शंकर जोशी के वकील राजीव बिष्ट ने बताया कि 2013 में जो एक्ट सरकार लेकर आई थी, वह काफी मजबूत था. उसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर प्रावधान थे. पर बाद में इनमें बदलाव कर एक्ट को कमजोर कर दिया गया. राजीव बिष्ट ने बताया कि 2016 में भी ये मामला हाईकोर्ट में उठाया गया था लेकिन सरकार ने कहा कि ऐसा ही मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है, जिसके बाद याचिका वापस ले ली गई. लेकिन साल 2018 में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2017 में एक्ट लाए गए हैं और एक्ट पास होने के तीन महीने के लोकायुक्त नियुक्त कर देंगे, जो अभी भी नहीं हुआ है. अधिवक्ता राजीव बिष्ट ने बताया कि अगर राज्य में लोकायुक्त नियुक्त होगा तो भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आएगी और कोर्ट में जो भ्रष्टाचार के मामले पेंडिंग हैं, उनमें भी कमी आएगी।

उत्तराखंड पुलिस के ‘शक्तिमान’ की मौत मामले में मंत्री गणेश जोशी समेत पांच आरोपी दोषमुक्त, पुलिस के घोड़े शक्तिमान की हुई थी मौत

देहरादून :- कैबिनेट मंत्री (तत्कालीन विधायक) गणेश जोशी, योगेंद्र रावत समेत पांच आरोपियों को सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया है। इन सभी पर 14 मार्च 2016 को विधानसभा कूच के दौरान पुलिस के घोड़े की टांग तोड़ने का आरोप था। उक्त घोड़े का नाम शक्तिमान था। तब यह मामला सोशल मीडिया पर बेहद चर्चित हुआ था। पुलिस के शक्तिमान घोड़े की मौत के मामले में पुष्कर सिंह धामी की उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के साथ ही अन्य 4 आरोपियों को न्यायालय ने दोष मुक्त करार दिया। जोशी के खिलाफ मारपीट, बलवे और पशुओं के खिलाफ क्रूरता संबंधी मामले दर्ज थे, जिनमें साक्ष्यों की कमी के आधार पर कोर्ट ने उन्हें पांच साल पुराने एक मामले में बरी कर दिया। इस फैसले के बाद भावुक होते हुए जोशी ने कहा कि सच की जीत आज हुई. जानिए क्या था पूरा मामला और किस तरह जोशी को बरी किया गया।

दरअसल, साल 2016 में बजट सत्र के दौरान भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक रैली निकाली थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों व भाजपा समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी।आरोप था कि इस दौरान भाजपा विधायक गणेश जोशी ने पुलिस की लाठी छीनकर उन्हीं पर बरसाना शुरू कर दिया था। लाठी की कुछ चोटें पुलिस के घोड़े शक्तिमान को भी आईं, जिसके चलते वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई थी।

इस सिलसिले में पुलिस ने जोशी के खिलाफ बलवे और मारपीट के अलावा पशु क्रूरता अधिनियम का मामला दर्ज कराया था। गुरुवार को देहरादून के मुख्य न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया। इस फैसले के बाद जोशी ने भावुक होते कहा, ‘मैं पहले से कह रहा था कि निर्दोष हूं। आज सत्य की जीत हुई। वहीं, जोशी के वकील मनमोहन कंडवाल ने बताया कि साक्ष्यों की कमी और गवाहों के विरोधाभासी बयानों के चलते कोर्ट ने जोशी को दोषमुक्त किया।

अमरीका से नकली पैर मंगवाकर भी लगवाया गया था

तब करीब एक महीने से भी ज्यादा समय शक्तिमान घोड़ा जिंदगी और मौत से लड़ा। इस बीच अमरीका से नकली पैर मंगवाकर भी लगवाया गया था। लेकिन शक्तिमान की जान नहीं बचाई जा सकी।अंत में 20 अप्रैल 2016 को शक्तिमान ने दम तोड़ दिया। इस मामले में तत्कालीन विधायक गणेश जोशी को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद उन्हें कई दिन सुद्धोवाला जेल में भी बिताने पड़े थे।

 

PMO से उत्‍तराखंड पहुंची टीम,अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ सकते हैं केदारनाथ

देहरादून. उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र राज्य में सियासी सरगर्मियां बढ़ने जा रही हैं।अक्टूबर के महीने में भाजपा के शीर्ष नेता उत्तराखंड पहुंचेंगे। इसी सिलसिले में पीएम नरेंद्र मोदी का केदारनाथ दौरा अक्टूबर में संभव है। यहां काम का जायज़ा लेने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से एक टीम केदारनाथ पहुंची है। पीएमओ में सलाहकार भास्कर खुल्बे, आईएएस मंगेश घिल्डियाल अन्य अफसरों के साथ केदारनाथ पहुंचे हैं। ये टीम गुरुवार दोपहर 12 बजे तक यहां कामों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। 6 अक्टूबर के बाद प्रधानमंत्री मोदी केदारनाथ दौरे पर आ सकते हैं।

चुनावी हलचलों के तहत बीजेपी अक्टूबर के महीने में पार्टी के शीर्ष नेताओं के उत्तराखंड दौरे तय कर रही है। फ़िलहाल प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के दौरों को लेकर स्थान, दिन और समय के बारे में रूपरेखा बनाई जा रही है। इसी रूपरेखा के तहत केदारनाथ में व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने पीएमओ से टीम पहुंची है, जिससे यह पूरी तरह तय माना जा रहा है कि पीएम मोदी यहां आने वाले हैं. गौरतलब है कि पीएम मोदी का दौरा केदारनाथ धाम के नवनिर्माण के लिहाज़ से भी अहम हो सकता है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जासूसी के आरोप में पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक की सजा रखी बरकरार, दून सहित अन्य सैन्य ठिकाने के मिले थे नक्शे

उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल ने जासूसी करने के आरोपी पाकिस्तानी नागरिक आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अजीत सिंह निवासी लाहौर (पाकिस्तान) मामले में न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी की सजा को बरकरार रखा है। सरकार को निर्देश दिए है कि उसके बेलबोंड को निरस्त कर उसे हिरासत में लिया जाय। पूर्व में कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।न्यायमूर्ति रवींन्द्र मैठाणी की एकलपीठ में सुनवाई हुई। रिहाई याचिका पर दिए निर्णय में कहा है कि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए गए है। उसने पासपोर्ट एक्ट के दुरुपयोग किया है।

रुड़की पुलिस ने किया गिरफ्तार था
25 जनवरी 2010 को महाकुंभ के दौरान हरिद्वार के गंगनहर कोतवाली पुलिस द्वारा आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अजीत सिंह निवासी लाहौर (पाकिस्तान) को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट, विदेश एक्ट और पासपोर्ट एक्ट में थाना कोतवाली रुड़की गंगनहर में गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से मेरठ, देहरादून, रुड़की और अन्य सैन्य ठिकानों के नक्शे मिले थे। उससे बरामद एक पेन ड्राइव व कई गोपनीय जानकारी से जुड़े दस्तावेज मिले थे। पुलिस ने रुड़की के मच्छी मुहल्ला स्थित उसके ठिकाने पर छापा मारा तो वहाँ से बिजली फिटिंग के बोर्ड तथा सीलिंग फैन में छिपाकर रखे गए करीब एक दर्जन सिमकार्ड भी बरामद किये।

निचली अदालत ने 19 दिसंबर 2012 को उसे दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुनाई थी।। इसके विरुद्ध अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा अपील दायर की गई लेकिन वकील द्वारा उसके पते इत्यादि के बारे में सही तथ्य नहीं लिखा गया।। सुनवाई करते हुए अपर जिला जज (द्वितीय) हरिद्वार ने अभियुक्त को बरी करने के आदेश पारित किए गए। लेकिन इसके बाद जेल अधीक्षक के स्तर से कोर्ट तथा एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि अभियुक्त विदेशी नागरिक है और इसके लिए उसको रिहा करने से पहले उसका व्यक्तिगत बंधपत्र व अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी आवश्यक हैं। अपर जिला जज ने जेल अधीक्षक के पत्र के संदर्भ में स्पष्ट किया कि इसके लिए अलग से आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है। एसएसपी के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया।

निचली अदालत के आदेश को सरकार ने हाइकोर्ट में विशेष अपील दायर कर चुनौती दी। सरकार द्वारा कहा गया कि निचली अदालत ने बिना ठोस सबूत पाते हुए पाकिस्तानी नागरिक को रिहा करने के आदेश दिए हैं, जिसे निरस्त किया जाए। उसके खिलाफ जासूसी करने के कई सबूत हैं। दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने उक्‍त आदेश दिए।

उत्तराखंड में सात हेली सेवाओं को दी मंजूरी, सात शहरों की हेलीकॉप्टर से करें हवाई यात्रा, जानें कब उड़ान भरेंगी फ्लाइट्स

देहरादून :- उत्तराखंड में सात अक्तूबर से सात शहरों में हेलीकॉप्टर से हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। हवाई सेवा का शुभारंभ सात अक्तूबर को होगा। इस सेवा को केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फ्लैग ऑफ करेंगे। सात अक्तूबर को जौलीग्रांट में बने नए टर्मिनल का भी लोकार्पण किया जाएगा। इस दौरान दून-पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर-दून हवाई सेवा का फ्लैग ऑफ भी किया जाएगा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ उत्तराखंड में हवाई सेवा को बढ़ाने के संबंध में वर्चुअल बैठक की। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए जो हेलीपोर्ट चिह्नित किए गए हैं, उनमें से 11 की डीपीआर तैयार हो चुकी है। मसूरी हेलीपोर्ट की डीपीआर भी जल्द तैयार हो जाएगी। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से शहरों की कनेक्निविटी बढ़ाई जाएगी। जौलीग्रांट टर्मिनल की यात्री क्षमता नए टर्मिनल के एक हिस्से के बनने के बाद 26 हजार यात्री हो जाएगी। पूरा टर्मिनल बनने के बाद यह क्षमता 43 हजार यात्री हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की कार्यवाही में और तेजी लाई जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तराखंड के वैट चार्ज एटीएफ पर अधिक है। इस चार्ज को कम करने से राज्य में हवाई संपर्क तेजी से बढ़ेगा और हवाई सेवा में भी वृद्धि होगी।

उत्तराखंड में सात हेली सेवाओं का रूट
देहरादून-श्रीनगर-देहरादून, देहरादून-गौचर-देहरादून, हल्द्वानी-हरिद्वार-हल्द्वानी, पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर, चिन्यालीसौड़ – सहस्त्रधारा-चिन्यालीयौड़, गौचर-सहस्त्रधारा-गौचर, हल्द्वानी-धारचूला-हल्द्वानी।

उत्तराखंड में 13 हेलीपोर्ट के लिए जमीन चिह्नित की गई है। इनमें से 11 की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। आठ की टेंडर प्रक्रिया 20 अक्तूबर तक पूरी हो जाएगी। मसूरी हेलीपोर्ट की डीपीआर भी जल्द तैयार हो जाएगी। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से शहरों की कनेक्टिविटी और बढ़ाई जाएगी। पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की कार्यवाही में और तेजी लाई जाएगी।

उत्तराखंड में बिजली कर्मचारी अपनी मांगें पूरी न होने के चलते ‘टूल एंड पेन डाउन’ करते हुए 21 से 23 सितंबर तक कामबंदी

देहरादून:- राज्य भर में आज से बिजली उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। उत्तराखंड में तीनों ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों द्वारा मंगलवार से ‘टूल और पेन डाउन’ किया जाना है. उत्तराखंड में बिजली कर्मचारी अपनी मांगें पूरी न होने के चलते 21 से 23 सितंबर तक एक तरह से काम रोककर हड़ताल करने जा रहे हैं। किसी भी इलाके में कोई बिजली फॉल्ट हुआ, तो दुरुस्तीकरण का काम नहीं होगा, नये मीटर लगने का काम बंद रहेगा, बिजली बिल बनने समेत कई तरह के काम प्रभावित रहेंगे।

ऊर्जाकर्मी लम्बे समय से अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं. इससे पहले ये कर्मचारी 26 जुलाई को भी हड़ताल पर गये थे, लेकिन सरकार के साथ बातचीत के बाद मिले आश्वासनों के चलते कर्मचारियों ने सरकार को एक महीने का समय दिया था. महीना गुज़रने के बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो कर्मचारियों ने एक बार फिर नाराज़गी दिखाई है. अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बार फिर वे आन्दोलन कर रहे हैं.

अक्टूबर में हड़ताल की धमकी
इस कामबंदी के दौरान 21 से 23 तक कर्मचारी न तो दफ्तरों में पेन का प्रयोग करेंगे और न ही कोई टूल उठाएंगे। जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष संदीप शर्मा का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को जल्द न मानी, तो कर्मचारी 6 अक्टूबर से हड़ताल पर रहेंगे । वेतन विसंगति, ग्रेड पे, समान कार्य समान वेतन, प्रमोशन जैसी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ऊर्जा कर्मचारी संगठन लम्बे समय से आंदोलन कर रहे है लेकिन अभी शासन और सरकार से वार्ता के बाद भी मांगों पर अमल न होने के कारण कर्मचारी बेहद नाराज़ नजर आ रहे हैं।

औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी ने हिमाद्रि इंपोरियम के नए शोरूम का उद्घाटन किया, हस्तशिल्प के प्रचार को खासी गंभीर राज्य सरकार

देहरादून:- औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा राज्य सरकार , उत्तराखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प कला के प्रचार-प्रसार को लेकर खासी गंभीर है। इसके लिए राज्य में शिल्प रत्न अवार्ड हर वर्ष चार हस्तशिल्पियों को यह अवार्ड दिया जाता रहा है। अब हर वर्ष 11 हस्तशिल्पियों को शिल्प रत्न अवार्ड प्रदान किया जाएगा। । यह अवार्ड राज्य की पारंपरिक हस्तशिल्प कला को जीवित रखने और उसके उत्थान के लिए प्रयत्नशील हस्तशिल्पियों को राज्य सरकार की तरफ से दिया जाता है।

गणेश जोशी ने सोमवार को पटेलनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित उद्योग निदेशालय परिसर में बने हिमाद्रि इंपोरियम के नए शोरूम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति ही नहीं लोक कला भी गौरवमयी है। हस्तशिल्पी धातु, लकड़ी व भेड़ की ऊन से आकर्षक व सजावटी सामान तैयार करते हैं। इस तरह ये हस्तशिल्पी न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि राज्य की लोक कला को भी जीवित रखे हैं। हिमाद्रि की तरफ से इनको प्रोत्साहित किया जा रहा है। हिमाद्रि के आकर्षक पहाड़ी उत्पादों को प्रदेश के सभी होटल के स्वागत कक्ष में सुंदरीकरण के लिए इस्तेमाल करने की योजना उद्योग विभाग और सिडकुल को बनानी होगी। जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इन आकर्षक पहाड़ी उत्पाद से परिचित हो सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि हिमाद्रि इंपोरियम में रखे जाने वाले उत्पादों की सूची तैयार करें। साथ ही बाहरी राज्यों के स्थानीय उत्पादों से उनकी तुलनात्मक रेट लिस्ट जारी करें।

धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने सुझाव दिया कि उद्योग विभाग पहाड़ी उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए अलग निर्यात डिविजन बनाए। उन्होंने कहा कि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए हमें हिमाद्रि के उत्पादों के लिए बड़े स्तर पर मार्केटिंग करनी होगी। बुनकरों को कच्चे माल में सरकार के स्तर से रियायत देने का भी सुझाव दिया।इस मौके पर उद्योग सचिव राधिका झा, सिडकुल के महानिदेशक रोहित मीणा, उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड : चमोली जिले के नारायणबगड़ में बादल फटने से तबाही, कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे बंद, देहरादून सहित पांच जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

देहरादून :- उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार को तड़के बादल फटने की घटना से तबाही मच गई है। जिले के नारायणबगड़ में तड़के बादल फटने की घटना में बीआरओ के मजदूरों के करीब 15 टेंट मलबे में दब गए हैं। जब मलबा आया तो मजदूर अपने टेंटों के अंदर थे। इस दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों और महिलाओं को बचा लिया।वहीं मलबे से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे भी बंद हो गया है। मार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह नारायणबगड़ के पंती कस्बे के ऊपरी भाग में करीब 6 बजे बादल फटने से मंगरीगाड़ में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। वहीं बरसाती नाले के सैलाब से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे के किनारे बीआरओ के मजदूरों के करीब 10 से 15 टेंट मलबे में दब गए। जब मलबा आया मजदूर अपने टेंट के अंदर थे। लेकिन जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।

मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों और महिलाओं को सैलाब से बचा लिया। ये सभी मजदूर नेपाल और झारखंड के रहने वाले हैं। मलबे से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे बंद हो गया है, जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं।

जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के मुताबिक घटना में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है।

राज्य में देहरादून सहित पांच जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य में 23 सितम्बर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। सभी पर्वतीय जिलों में मानसून अभी सक्रिय है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, सोमवार को राज्य में कहीं कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तीव्र बौछार व मध्यम बारिश हो सकती है। सोमवार को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ में कहीं कहीं तीव्रता के साथ बारिश, कहीं कहीं भारी बारिश हो सकती है।

21 को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ में कहीं कहीं तीव्र बौछार व भारी बारिश की संभावना है। 22 को राज्य में कहीं कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने व तीव्र बौछार की आशंका है। 23 को भी पर्वतीय जिलों में बारिश जारी रहेगी।