Corona In Uttarakhand: प्रदेश में शून्य हुई कोरोना मरीजों की संख्या, एक हफ्ते से नहीं आया एक भी एक्टिव केस

Uttarakhand Corona Update:  प्रदेश में 15 मार्च 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आया था। तब से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 4 लाख 49 हजार 472 कोविड पॉजिटिव केस दर्ज किए गए।

उत्तराखंड में पिछले एक सप्ताह से कोविड-19 का एक भी सक्रिय मरीज सामने नहीं आया है। जिसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भले ही प्रदेश में कोरोना का एक भी सक्रिय केस न हो, लेकिन मौसम को देखते हुए सभी को सर्तक रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क जरूर पहनें। साथ ही जिन लोगों ने टीकाकरण का कोर्स पूरा नहीं किया है, वे समय पर अपना टीकाकरण अवश्य कराएं। 

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर अधिकारियों को विशेष सावधानी और जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश समय-समय पर दिए गए। जिसका नतीजा है कि प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से एक भी मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में कोरोना की जांच लगातार की जा रही है। 

15 मार्च को सामने आया था पहला मरीज

प्रदेश में 15 मार्च 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आया था। तब से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 4 लाख 49 हजार 472 कोविड पॉजिटिव केस दर्ज किए गए। इस वर्ष 1 जनवरी 2023 के अब तक राज्य में केवल 78 मामले सामने आए हैं। विभागीय सक्रियता व आम लोगों की जागरूकता व सावधानी के चलते तीन साल बाद अब प्रदेशभर में पिछले एक सप्ताह से कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है। ये प्रदेशवासियों के लिये राहत देने वाली बात है। 

Uttarakhand:देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी में कई ब्यूटी पार्लरों के बड़ा कारोबार, टैक्स चोरी को लेकर की गई कार्रवाई

News web Media Uttarakhand: राज्य कर विभाग को देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी में कई ब्यूटी पार्लरों के बड़ा कारोबार करने की सूचना मिली। लेकिन कारोबार के अनुसार टैक्स जमा नहीं कर किया जा रहा था। इस पर विभाग ने चार प्रतिष्ठित पार्लरों के आठ ठिकानों पर छापा मार कर कार्रवाई की। ब्यूटी पार्लरों के खिलाफ टैक्स चोरी को लेकर यह पहली कार्रवाई हुई है।

राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने जीएसटी चोरी पर पहली बार ब्यूटी पार्लरों पर छापा मारा है। चार प्रतिष्ठित पार्लरों के देहरादून, ऋषिकेश व मसूरी में आठ ठिकानों और एक कास्मेटिक सप्लायर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में लाखों की टैक्स चोरी का अनुमान है।

राज्य कर विभाग के उपायुक्त यशपाल सिंह ने बताया कि विभाग को सूचना मिल रही थी कि देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी में कई ब्यूटी पार्लर बड़ा कारोबार कर रहे हैं। लेकिन कारोबार के अनुसार टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इस पर विभाग ने चार प्रतिष्ठित पार्लरों के आठ ठिकानों पर छापा मार कर कार्रवाई की। ब्यूटी पार्लरों के खिलाफ टैक्स चोरी को लेकर यह पहली कार्रवाई हुई है।

उन्होंने बताया कि ब्यूटी पार्लर सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी निर्धारित है। पार्लरों ग्राहकों से पैसे तो लेते हैं। लेकिन जीएसटी बिल नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पार्लर व सैलूनों पर विभाग की ओर से निगरानी रखी जा रही है। ब्लूटी पार्लरों के जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लाखों की टैक्स चोरी का अनुमान है।

Dehradun News: फर्जी डिग्रियां छापने वाली मुजफ्फरनगर की प्रिंटिंग प्रेस सील, 55 फर्जी डॉक्टरों की पहचान हो चुकी है,पुलिस को मिले कई दस्तावेज

डिग्री बेचने वाले मास्टरमाइंड इमलाख और उसका भाई भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला था कि ये फर्जी डिग्रियां मुजफ्फरनगर स्थित बाबा कंसलटेंसी ऑफिस में बनी प्रिंटिंग प्रेस में छापी जा रही थीं। इसके लिए मंगलवार को पुलिस टीम मुजफ्फरनगर पहुंची थी।

र्जी डिग्रियां छापने वाली मुजफ्फरनगर की प्रिंटिंग प्रेस और कंसलटेंसी ऑफिस को पुलिस ने सील कर दिया है। यहां से कुछ दस्तावेज और फर्जी डिग्रियां भी बरामद हुई हैं। बताया जा रहा है कि यह ऑफिस 1999 से चल रहा है। इस मामले में अब तक 55 फर्जी डॉक्टरों की पहचान हो चुकी है।


इनमें से पुलिस ने 14 को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, इन्हें डिग्री बेचने वाले मास्टरमाइंड इमलाख और उसका भाई भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला था कि ये फर्जी डिग्रियां मुजफ्फरनगर स्थित बाबा कंसलटेंसी ऑफिस में बनी प्रिंटिंग प्रेस में छापी जा रही थीं। इसके लिए मंगलवार को पुलिस टीम मुजफ्फरनगर पहुंची थी।

सीओ नेहरू कॉलोनी अनिल कुमार जोशी ने बताया कि मुजफ्फरनगर प्रशासन के साथ मिलकर इस ऑफिस को सील कर दिया गया है। यहां से काफी दस्तावेज और कुछ फर्जी डिग्रियां भी बरामद हुई हैं। इन सबकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले में भारतीय चिकित्सा परिषद की उत्तर प्रदेश शाखा को भी पत्र लिखा गया है। ताकि, उत्तर प्रदेश में भी इस तरह के डॉक्टरों का सत्यापन किया जा सके।

UKPSC: आज से प्रदेश में 16 केंद्रों पर पीसीएस मुख्य परीक्षा का आयोजन, अभ्यर्थी सख्त चेकिंग से होकर गुजरेंगे,धारा-144 लागू

परीक्षा हरिद्वार, हल्द्वानी और देहरादून में होगी। हरिद्वार में परीक्षा के लिए पांच केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर 1716 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी है।

त्तराखंड लोक सेवा आयोग आज से प्रदेश में 16 केंद्रों पर पीसीएस मुख्य परीक्षा का आयोजन करेगा। परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास धारा-144 लागू रहेगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी सख्त चेकिंग से होकर गुजरेंगे।

आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत ने बताया कि परीक्षा हरिद्वार, हल्द्वानी और देहरादून में होगी। हरिद्वार में परीक्षा के लिए पांच केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर 1716 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी है। देहरादून में सात केंद्रों पर पीसीएस की परीक्षा होगी, जिसमें 2213 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

हल्द्वानी में परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर 1707 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। राज्य लोक सेवा आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिए हैं कि वह समय से पूर्व अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। उन्हें सख्त चेकिंग से गुजरना होगा।

CharDham Yatra Registration 2023 : पहले दिन रिकार्ड 31 हजार पंजीकरण, एक क्लिक पर करें रजिस्ट्रेशन अप्लाई

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए इस वर्ष भी पंजीकरण की व्यवस्था रहेगी। तीर्थयात्री, आनलाइन व आफलाइन दोनों माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे। खुशखबरी यह है कि प्रशासन ने बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के लिए आनलाइन पंजीकरण खोल दिए हैं। जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलने की तिथि विधिवत घोषित होने के बाद इन धामों के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरू किया जाएगा।

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए इस वर्ष भी पंजीकरण की व्यवस्था रहेगी। तीर्थयात्री, आनलाइन व आफलाइन दोनों माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे। खुशखबरी यह है कि प्रशासन ने बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के लिए आनलाइन पंजीकरण खोल दिए हैं। जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलने की तिथि विधिवत घोषित होने के बाद इन धामों के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरू किया जाएगा।

चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आनलाइन पंजीकरण खुलने के साथ ही पहले दिन शाम साढ़े पांच बजे तक 31565 तीर्थयात्री आनलाइन पंजीकरण करा चुके थे। जिसमें बदरीनाथ के लिए 14294 व केदारनाथ 17088 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराए।

चार तरीके से कराएं पंजीकरण

वेबसाइट : registrationandtouristcare.uk.gov.in
वॉट्सएप : 8394833833 नंबर पर ””yatra”” लिखकर भेजें
ऐप : touristcareuttarakhand
टोल फ्री नंबर : 01351364 (अन्य राज्यों के लिए)

 

इस वर्ष नए ट्रांजिट कैंप में होगा पंजीकरण

ऋषिकेश के चारधाम यात्रा बस टर्मिनल पर चारधाम यात्रा के लिए नया ट्रांजिस्ट कैंप स्थापित किया गया है। इस वर्ष चारधाम यात्रा का संचालन तथा आफलाइन पंजीकरण इसी ट्रांजिट कैंप पर की जाएगी। पर्यटन विभाग के उप निदेशक वीएस गंगवार ने बताया कि नए ट्रांजिट कैंप में भवन का कार्य 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

आउटर में सड़क, पार्किंग आदि का काम शेष रह गया है। करीब चार करोड़ की लागत से यह काम होना है, जिसके लिए दो करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए हैं। इसके अलावा भवन के भीतर अवस्थापना कार्य के लिए ड्राइंग तैयार की जा चुकी है। शीघ्र ही यहां फर्नीचर पार्टीशन तथा अन्य कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।

Earthquake In Uttarakhand: अब Uttarakhand में भी हिली धरती, बागेश्वर में आया 2.5 तीव्रता का भूकंप

देहरादून | उत्तराखंड (Uttarakhand) के बागेश्वर (Bageshwar)। में सोमवार सुबह भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. भूकंप सुबह 04:49 बजे आया. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.5 (magnitude 2.5 on the Richter scale) थी. ऐसे में भूकंप के झटके काफी कम तीव्रता वाले थे।

इससे पहले 19 फरवरी को रात 1 बजे के करीब मध्यप्रदेश के इंदौर में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता 3.0 थी. भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था. 19 फरवरी को ही रात 12 बजे अरुणाचल के तवांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए

Somvati Amavasya 2023: सोमवती अमावस्या आज, हरिद्वार में पावन डुबकी लगाने उमड़े भक्त

हरिद्वार: देशभर में आज सोमवार को सोमवती अमावस्‍या स्‍नान पर्व मनाया जा रहा है। उत्‍तराखंड के गंगा और सहायक नदियों के घाटों में तड़के से भक्‍तों की भीड़ लगी हुई है। भक्‍स्‍नान के बाद पूजा और दान भी कर रहे हैं। हरिद्वार में भी भोर से श्रद्धालु स्‍नान के लिए उमड़े हुए हैं। वहीं आज हरिद्वार में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।

भारी वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित

20 फरवरी को होने वाले सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए पुलिस ने यातायात प्लान बनाया है। जिसके तहत रविवार शाम चार बजे से सोमवार रात दस बजे तक जिले में भारी वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

भारी संख्या में श्रद्धालुओं के धर्मनगरी पहुंचने की संभावना को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मेला क्षेत्र को पांच सुपर जोन, 16 जोन और 39 सेक्टरों में बांटते हुए पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है।

घाटों पर मुस्तैद जल पुलिस के गोताखोर

एसएसपी अजय सिंह ने हाल ही में कई युवकों के गंगा में डूबने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए स्नान पर्व पर जल पुलिस को पूरी तरह चौकस रहने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर हरकी पैड़ी व आसपास के गंगा घाटों पर जल पुलिस की टीमें मुस्तैद हैं। पुल से छलांग लगाने और वीडियो बनाने के लिए करतब दिखाने वालों को भी रोकने के लिए कहा गया है। एसएसपी ने बताया कि स्नान के मद्देनजर हरकी पैड़ी क्षेत्र से भिखारियों को हटाया गया है। बम निरोधक दस्ते के साथ-साथ डाग स्कवायड की भी तैनाती की गई है।

स्नान पर्व की व्यवस्था का जायजा लेने आइजी पहुंचे हरिद्वार

पुलिस से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखने के लिए आइजी गढ़वाल करण सिंह नाग्नयाल हरिद्वार पहुंचे। हरकी पैड़ी क्षेत्र में स्थलीय भ्रमण कर भीड़ का जायजा लेने के बाद आइजी ने गंगा आरती में भी भाग लिया। सीसीआर में गोष्ठी के दौरान जोनल और सेक्टर अधिकारियों की बैठक लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

एसएसपी अजय सिंह ने बैठक में आइजी गढ़वाल करण सिंह नाग्नयाल को व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके बाद आइजी करण सिंह ने कहा कि जोन व सेक्टर प्रभारी आपस में समन्वय बनाते हुए सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर यातायात और भीड़ का आंकलन कर अवगत कराते रहें।

Indian Railways: आखिर बोर्ड का रंग पीला क्यों होता है? रेलवे स्टेशन का नाम?जानिए इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह

सभी स्टेशनों पर बोर्ड का रंग इसलिए पीला होता है ताकि एकरूपता नजर आए। अगर बोर्ड का रंग अलग-अलग होता है, तो ट्रेन ड्राइवर को पहचानने में परेशानी हो सकती है।

Indian Railways: भारतीय रेलवे (Indian Railways) दुनिया का चौथा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारत में रेलवे स्टेशन की कुल संख्या करीब 8000 है। देश में अधिकतर लोग ट्रेन से यात्रा करना पसंद करते हैं। भारतीय रेल में यात्रा सस्ती और आरामदायक है जिसकी वजह से ट्रेन को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे की कई ऐसी रोचक बाते हैं जिनके बारे में लोग जानना चाहते हैं।

आज हम आपको भारतीय रेलवे से संबंधित एक ऐसी ही रोचक जानकारी के बारे में बताएंगे। सभी रेलवे स्टेशनों पर लगे नाम वाले बोर्ड का सिर्फ एक होता है। लेकिन लोगों के मन में कई बार सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह एक रंग का ही क्यों होता है? आखिर बोर्ड का रंग पीला क्यों होता है? दरअसल इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह है।

सभी स्टेशनों पर बोर्ड का रंग इसलिए पीला होता है ताकि एकरूपता नजर आए। अगर बोर्ड का रंग अलग-अलग होता है, तो ट्रेन ड्राइवर को पहचानने में परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही पीला रंग दूर से ही चमकता है और आंखों में चुभता नहीं है जिसकी वजह से बोर्ड का रंग पीला होता है।

इसकी वजह से ट्रेन ड्राइवर को सही प्लेटफार्म और ट्रेन को खड़ा करने की जानकारी मिल जाती है। पीले रंग के चुनाव के पीछे की वजह आंखों को सुकून भी देना हो सकता है। पीले रंग को देखने में कोई परेशानी नहीं होती है और ट्रेन ड्राइवर इसे दूर से ही देख लेता है। 

इससे ट्रेन के ड्राइवर को सतर्क रहने में मदद होती है। पीले रंग के बोर्ड पर स्टेशन का नाम काले रंग से लिखा जाता है, क्योंकि पीले रंग पर काला रंग अधिक साफ दिखाई देता है। 

 

 

 

 

Dehradun Lathicharge: पत्थरबाजों को बाहरी बताकर अपने बयान में उलझी पुलिस, ये तर्क बना जमानत का बड़ा आधार

कोर्ट में पुलिस ने आरोपियों की जमानत का विरोध किया। लेकिन, खुद पुलिस अधिकारियों के बयान ही जमानत का आधार बने। बचाव पक्ष ने मजबूत तर्क रखा कि जब पथराव और उपद्रव में पुलिस बाहरी लोगों का हाथ बता रही है तो बेवजह इन 13 युवाओं को जेल में क्यों रखा जा रहा है।

कोर्ट ने इस तर्क को भी जमानत का बड़ा आधार माना है। दरअसल, पथराव और उपद्रव के बाद पुलिस कप्तान ने बयान जारी कर कहा था कि इसमें युवाओं का हाथ नहीं है। धरने में बाहर से कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे। उन्होंने युवाओं के बीच से पथराव किया है। इसमें पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं।

इस बात को बचाव पक्ष ने कोर्ट के सामने रखा और बताया कि पुलिस पथराव करने वालों को चिन्हित कर रही है। इनमें से कोई भी बॉबी और जेल में बंद उनका साथी नहीं है। पुलिस खुद मान रही है कि पथराव बाहरी तत्वों ने किया है तो इन 13 को जेल में बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है।

पुलिस ने जमानत के विरोध में पांच युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया।

अभियोजन की ओर से कहा गया कि इन सबका आपराधिक इतिहास है। ऐसे में इनका बाहर आना कानून व्यवस्था के लिए खतरा हो सकता है।

इनमें बॉबी पर चार, शुभम नेगी पर तीन, नितिन दत्त पर दो, राम कंडवाल पर दो और मोहन कैंथुला पर दो मुकदमों की जानकारी रखी गई।

इस पर कोर्ट ने माना कि इन मुदकमों में कोई भी आरोपी जेल नहीं गया है। ऐसे में सिर्फ मुकदमे दर्ज होना जमानत रद्द करने का आधार नहीं है।

Dehradun Fire: देहरादून में धर्मपुर चौक के पास स्थित एक टेंट गोदाम में बुधवार देर रात लगी भीषण आग, सिलिंडर में भी हुआ धमाका, लाखों का नुकसान

देहरादून में धर्मपुर चौक के पास स्थित एक टेंट गोदाम में बुधवार देर रात अचानक आग लग गई। आग लगने से लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने से सिलिंडर भी ब्लास्ट हुआ, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में धर्मपुर चौक के पास एक टेंट गोदाम में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची। दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया। आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
जानकारी के अनुसार, देहरादून में धर्मपुर चौक के पास स्थित एक टेंट गोदाम में बुधवार देर रात अचानक आग लग गई। आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने से सिलिंडर भी ब्लास्ट हुआ, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने की वजह का पता नही चल पाया है।