वाहन मालिक ध्यान दें! रखना होगा इन 6 बातों का ध्यान, वरना सस्पेंड नहीं सीधे कैंसिल होगा डीएल

Uttarakhand Driving License Rules: चालान या जुर्माने के डर के बावजूद यातायात व परिवहन नियम तोड़ने से बाज नहीं आ रहे चालकों के विरुद्ध परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने बताया कि अब सर्वोच्च न्यायालय की ओर से निर्धारित सड़क सुरक्षा से संबंधित छह अपराध में सीधे ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

अब तक लाइसेंस निलंबित करता था विभाग
अभी तक इन अपराध में परिवहन विभाग तीन माह के लिए लाइसेंस निलंबित करता था, लेकिन अब लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इसके बाद एक वर्ष तक संबंधित चालक नया लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन भी नहीं कर सकेगा।

परिवहन विभाग ने चालक का डीएल यानी ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की जो तैयारी की है, उसमें शराबी व बेलगाम गति से वाहन चलाने वालों की खैर नहीं होगी।

मोटर वाहन अधिनियम में केंद्र सरकार ने जो संशोधन किए हैं, उनमें दुर्घटना में चालक की गलती पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने का प्रविधान है। आरटीओ शर्मा ने बताया कि यही नियम उन चालकों पर भी लागू होता है, जिनकी वजह से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

आरटीओ ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने और बेलगाम गति व खतरनाक ढंग से वाहन चलाने वालों को लाइसेंस के विरुद्ध निरस्तीकरण की कार्रवाई में सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया जाएगा। आरटीओ ने बताया कि दुपहिया पर हेलमेट न पहनने और ट्रिपल राइडिंग करने पर लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित करने का नियम यथावत रहेगा।

इन अपराध में डीएल होगा निरस्त
-शराब पीकर वाहन चलाना
-मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना
-बेलगाम गति से वाहन चलाना
-चौराहे-तिराहे पर रेड लाइट जंप करना
-भार वाहन में ओवरलोडिंग करना
-भार वाहन में यात्रियों का परिवहन करना

स्टंटबाजी पर लगेगी लगाम
शहर में सबसे बड़ी समस्या स्टंटबाज बाइकर्स गैंग को लेकर है। शहर के सभी मुख्य इलाकों में इस गैंग का खतरनाक खेल देखने को मिलता है। महिलाओं व युवतियों का इनकी वजह से सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है। न सिर्फ छेड़खानी बल्कि पर्स, मोबाइल व चेन लूट में भी बाइकर्स गैंग शामिल रहता है।

इन इलाकों में रफ्तार का खेल
मसूरी रोड, राजपुर रोड, सहस्रधारा रोड, सहस्रधारा बाइपास, जीएमएस रोड, कैंट रोड, रेसकोर्स, जोगीवाला रिंग रोड, चकराता रोड, बलबीर रोड, वसंत विहार, क्लेमेनटाउन, सहारनपुर रोड, हरिद्वार बाईपास।

शहर के 18 खतरनाक जोन
घंटाघर, दर्शनलाल चौक, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, तहसील चौक, जीएमएस रोड, बल्लूपुर चौक, बल्लीवाला चौक, मसूरी डायवर्जन, जाखन तिराहा, आरटीओ तिराहा, आइएसबीटी तिराहा, रिस्पना पुल तिराहा, आराघर जंक्शन, रेसकोर्स चौराहा, केडीएमआइपी चौक, किशननगर तिराहा और सर्वे चौक।

देहरादून रायपुर विधानसभा क्षेत्र के बड़े हिस्से में नए निर्माण कार्यों पर रोक, आदेश जारी

न्यूज मीडिया उत्तराखंड देहरादून:- रायपुर विधानसभा क्षेत्र के बड़े हिस्से में नए निर्माण कार्यों पर सरकार ने रोक लगा दी है। उत्तर में रायपुर से थानो रोड तक, दक्षिण में मुख्य हरिद्वार रोड तक और पूरब में दूनघाटी महायोजना के भोपालपानी, बड़ासी ग्रांट एवं काली माटी गांव की सीमा तक के क्षेत्र को शामिल कर फ्रीज जोन घोषित किया गया है। देहरादून में नया विधानसभा भवन, सरकारी दफ्तर समेत नई टाउनशिप बनाने के लिए रायपुर विधानसभा क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में नए निर्माण कार्यों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। भराड़ीसैंण गैरसैंण में मंत्रिमंडल के फैसले के बाद शासन की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक रायपुर और उसके पास के क्षेत्र में विधानसभा परिसर एवं अन्य सरकारी कार्यालय भवनों का निर्माण होना है। जिसे देखते हुए उत्तर में रायपुर से थानो रोड तक, दक्षिण में मुख्य हरिद्वार रोड तक और पूरब में दूनघाटी महायोजना के भोपाल पानी, बड़ासी ग्रांट एवं काली माटी गांव की सीमा तक के क्षेत्र को शामिल कर फ्रीज जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में सभी तरह के निर्माण और विकास गतिविधियों पर महायोजना निर्माण तक रोक रहेगी।

इस योजना पर काम कर रही सरकार :- रायपुर विधानसभा क्षेत्र का अलग मास्टर प्लान बनाया जाएगा। जब तक मास्टर प्लान अस्तित्व में नहीं आता। तब तक इस सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकेगा। मंत्रिमंडल ने इसके लिए अगले आदेश तक इस सीमा क्षेत्र में नक्शा पास करने पर रोक लगाने का प्रस्ताव पास किया था। सरकार, विधानसभा सचिवालय सहित तमाम दफ्तरों को रायपुर में बनाने की योजना पर काम कर रही है।

शहर में यातायात का दबाव होगा कम : सरकार शहरों में यातायात का दबाव कम करने के लिए उन सभी दफ्तरों को बाहरी क्षेत्र में बनाने जा रही है, जिनकी वजह से अक्सर जाम के हालात पैदा होते हैं। इसकी शुरूआत राजधानी से होने जा रही है। सचिवालय व अन्य दफ्तरों को सरकार रायपुर क्षेत्र में बनाएगी। विधानसभा को भी रायपुर में बनाने का प्रस्ताव पहले से प्रक्रिया में था।

Uttarakhand: घर बैठे सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाकर एक लाख रुपये महीना तक कमाएं, पढ़ें पूरी जानकारी और उठाए फायदा

देहरादून: अब आप घर बैठे सौर ऊर्जा परियोजना से एक लाख रुपये तक हर महीने कमा सकेंगे। बता दे कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट पर सरकार 15 दिन के भीतर फैसला ले लेगी।
हालांकि इस योजना के तहत पहले 25 किलोवाट तक के प्रोजेक्ट लगा सकते थे, परन्तु अब सीमा बढ़ाकर 200 किलोवाट कर दी गई है। एमएसएमई योजना के तहत इसमें 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। उद्योग विभाग के माध्यम से जिला सहकारी बैंकों से लोन मिलेगा।

खास बात….

  • इस योजना के तहत 20, 25, 50, 100, 200 किलोवाट के सोलर प्लांट लगा सकेंगे।
  • लाभार्थी को एमएसएमई पॉलिसी के तहत सभी लाभ दिए जाएंगे।
  • पात्र व्यक्ति अपनी निजी भूमि या लीज पर जमीन लेकर सोलर प्लांट लगा सकेंगे।
  • योजना के तहत इनवेस्ट उत्तराखंड पोर्टल पर सिंगल विंडो के माध्यम से आवेदन किए जाएंगे।
  • योजना का क्रियान्वयन उरेडा करेगा। यूपीसीएल, उद्योग और सहकारी बैंक सहयोगी संस्था के तौर पर काम करेंगे।

प्रोजेक्ट लगाने के लिए यह पात्रता जरूरी

इस योजना के तहत केवल राज्य के स्थायी निवासी ही आवेदन कर सकते हैं। उनकी आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। एक परिवार से एक ही आवेदक को एक सोलर प्लांट आवंटित किया जा सकेगा। इसके लिए आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा।

चार हजार वर्ग मीटर जमीन पर 200 किलोवाट

योजना के तहत 50 किलोवाट के सोलर प्लांट के लिए 750-1000 वर्ग मीटर, 100 किलोवाट के लिए 1500-2000, 200 किलोवाट के लिए 3000-4000 वर्गमीटर जमीन जरूरी होगी। योजना पर 50 हजार प्रति किलोवाट का खर्च अनुमानित होगा। 50 किलावोट से 76000 यूनिट, 100 किलोवाट से 152000 और 200 किलोवाट से 304000 यूनिट बिजली सालाना पैदा होगी। योजना के तहत यूपीसीएल 25 साल के लिए बिजली खरीदेगा, जो भी बिजली यूपीसीएल के पास आएगी, उसका पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा।

Dehradun News: दूनवासियों को लगा झटका, एक अप्रैल से कूड़ा उठान महंगा; अब प्रतिमाह देनी होगी इतनी रकम

Dehradun News: देहरादून  के लोगों को अब घर में कूड़ा उठाने के लिए पहले से ज्यादा बढ़ा हुआ शुल्क देना होगा. एक अप्रैल से ये नई दरें लागू हो जाएंगी. आवासीय भवनों से लेकर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के यूजर चार्ज नगर निगम ने बढ़ा दिये हैं. आवासीय घरों से पहले कूड़ा उठान के 50 रुपये लिए जाते थे, वह अब एक अप्रैल से 20 रुपये की बढ़ोतरी होने के बाद 70 रुपये हो जाएंगे. इसके साथ ही बीपीएल कार्ड धारकों को तीस रूपये प्रति महीना देना होगा.

तीन कंपनियां कर रहीं घर-घर कूड़ा उठान

नगर निगम की ओर से अनुबंधित तीन कंपनियां 98 वार्ड में कूड़ा उठान कार्य कर रही हैं। मै. सनलाइट प्राइवेट लिमिटेड 25 वार्ड से कूड़ा उठान कर रही है। जबकि, मै. इकान वेस्ट साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड 26 वार्ड से कूडृा उठा रही है। ये दोनों ही कंपनियां कूड़ा उठान शुल्क स्वयं वसूल करती हैं।

जबकि, निगम की ओर से 47 वार्ड में कूड़ा उठान के लिए मै. वाटर ग्रेस इकान सनलाइट प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही हाल ही में अनुबंध किया गया है। इन 47 वार्ड में नगर निगम की ओर से ही शुल्क वसूली का कार्य किया जाता है। जबकि, हर्रावाला और नथुवावाला दो वार्ड में एनजीओ के माध्यम से कूड़ा उठान होता है।

कूड़ा उठान का प्रतिमाह नया शुल्क

  • श्रेणी, पुराना शुल्क, नया शुल्क
  • मलिन बस्ती/बीपीएल आवास, 20 रुपये, 30 रुपये
  • सामान्य आवास, 50 रुपये, 70 रुपये
  • छोटे रेस्तरां, 150 रुपये, 300 रुपये
  • माध्यम रेस्तरां, 400 रुपये, 600 रुपये
  • बड़े रेस्तरां, 1000 रुपये, 2000 रुपये
  • 20 बेड तक होटल आदि, 300 रुपये, 1000 रुपये
  • 21 से 40 बेड के होटल, 200 रुपये, 2500 रुपये
  • 41 से अधिक बेड के होटल, 300 रुपये, 5000 रुपये
  • निजी शिक्षण संस्थान नान बोर्डिंग, 200 रुपये, 500 रुपये
  • निजी शिक्षण संस्थान बोर्डिंग,1000 रुपये, 2000 रुपये
  • चिकित्सा प्रतिष्ठान (बायोमेडिकल वेस्ट से इतर)
  • 20 बेड तक, 250 रुपये, 800 रुपये
  • 21 से 50 बेड, 500 रुपये, 1500 रुपये
  • 51 से अधिक बेड, 1000 रुपये, 5000 रुपये
  • क्लीनिक, 75 रुपये, 200 रुपये
  • पैथोलाजी, 250 रुपये, 800 रुपये
  • दुकान, 50 रुपये, 100 रुपये
  • शोरूम, 150 रुपये, 500 रुपये
  • छोटे माल/मेगा स्टोर, 500 रुपये, 2000 रुपये
  • बहुमंजिला माल, 1000 रुपये, 10000 रुपये
  • बेकरी, 150 रुपये, 500 रुपये
  • छोटी फैक्ट्री, 300 रुपये, 1000 रुपये
  • मध्यम फैक्ट्री, 500 रुपये, 2000 रुपये
  • बड़ी फैक्ट्री, 1000 रुपये, 5000 रुपये
  • 50 कर्मचारियों वाले कार्यालय, 100 रुपये, 200 रुपये
  • 51 से 200 कर्मचारी, 300 रुपये, 500 रुपये
  • 200 से अधिक कर्मचारी, 500 रुपये, 1000 रुपये
  • फ्लैट-अपार्टमेंट में पहली बार शुल्क
  • 40 फ्लैट तक की सोसाइटी, 2000 रुपये
  • 40 से 100 फ्लैट तक की सोसाइटी, 5000 रुपये
  • 100 से अधिक फ्लैट की सोसाइटी, 10000 रुपये
  • चार व पांच सितारा होटल, 1000 रुपये
  • धर्मशाला, 200 रुपये प्रतिमाह
  • बारातघर (चेरिटेबल), 1500 रुपये प्रतिमाह
  • बारातघर (निजी), 2000 प्रति उत्सव
  • सब्जी फल विक्रेता, जूस प्रतिष्ठान, 300 रुपये प्रतिमाह
  • मांस, मछली की 10 किलो तक बिक्री, 400 रुपये प्रतिमाह
  • मांस, मछली की 10 किलो से अधिक बिक्री, 600 रुपये प्रतिमाह
  • सार्वजनिक स्थान पर मेले-प्रदर्शनी, 2000 रुपये प्रति उत्सव
  • निर्माण संबंधी ढहान सामग्री, 1000 रुपये आधी ट्राली
  • निर्माण संबंधी ढहान सामग्री, 2000 रुपये फुल ट्राली

फर्जी रसीद काटकर निगम को लगा रहे चूना

नगर आयुक्त मनुज गोयल ने बताया कि शहर में निगम के नाम से फर्जी रसीद बनाकर घरों से कूड़ा उठान का शुल्क वसूले जाने का मामला संज्ञान में आया है। कोर्ट रोड क्षेत्र में इस प्रकार की वसूली की शिकायत मिली है। इसे देखते हुए मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खन्ना ने शहर कोतवाली पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

 

SGRR मेडिकल कॉलेज के छात्रों को हाईकोर्ट से झटका, बढ़ी फीस को 3 किस्तों में जमा करने के निर्देश

देहरादून : माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल उत्तराखंड ने श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज देहरादून के फीस निर्धारण संबंधित याचिका पर सुनवाई की. मामले में कोर्ट ने मेडिकल छात्रों को कोई राहत नहीं दी है. कोर्ट ने छात्रों से प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति द्वारा निर्धारित फीस की पहली किस्त 30 प्रतिशत 10 दिन के भीतर जमा करने को कहा है. साथ ही शेष फीस तीन किस्तों में जमा करने के निर्देश दिए हैं.

इसके साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षकारों से 10 अगस्त तक जवाब पेश करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त की तिथि नियत की गई है. आज मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ में हुई.

आपके संगयान में लाना है कि छात्र साहिल भार्गव सहित 148 छात्रों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया था. जिसमें कहा गया कि एमबीबीएस वर्ष 2018 बैच के छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग के दौरान एमबीबीएस की फीस  प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति द्वारा निर्धारित नहीं की गई थी. इस कारण राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव उत्तराखंड ओम प्रकाश ने इस आशय का एक पत्र जारी किया था और उल्लेख किया था कि छात्र-छात्राओं द्वारा जो फीस उस समय दी जा रही है, वह एक प्रोविजनल व्यवस्था के अंतर्गत है. इस बात की जानकारी होते हुए मेडिकल छात्र-छात्राओं ने 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखता दिया था की. उच्च न्यायालय के दिशा निर्देश पर राज्य में प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति द्वारा जो भी फीस निर्धारित की जाएगी, छात्र-छात्राएं उस फीस का भुगतान करेंगे. जिसको कोर्ट में छात्रों ने चुनौती दी थी तदु उपरान्त मनानी उच्च न्यायलय ने फैसला उनके विरोध दिया है ।

Influenza B virus: दून अस्पताल में 65 वर्षीय वृद्धा में मिला इंफ्लुएंजा-बी वायरस, ICU में भर्ती,इस वायरस के कई मरीज मिल चुके

News web media uttarakhand : दून अस्पताल में 35 वर्षीय एक मरीज इन्फ्लूएंजा एच3एन2 पॉजिटिव आने के बाद अब सरस्वती विहार की 65 वर्षीय एक वृद्धा इन्फ्लूएंजा-बी पॉजिटिव मिली है। वृद्धा को भी आईसीयू में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दोनों मरीजों की हालत बेहतर है। दोनों को सांस की समस्या हो रही है।

दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. धनंजय डोभाल ने बताया कि इन्फ्लूएंजा वायरस नया वायरस नहीं है। हर साल इसके रूप बदलते रहते हैं। इस वायरस का नया रूप एच3एन2 है। इंफ्लुएंजा-बी वेरिएंट पहले आया था पर यह अभी खत्म नहीं हुआ है। अगर मरीज की इम्यूनिटी कमजोर होती है तो मरीज वायरस की चपेट में आ जाता है।

डॉ. डोभाल ने कहा कि एच3एन2 के बाद अस्पताल में इन्फ्लूएंजा-बी वेरिएंट का मरीज भी मिला है। इसमें मरीज सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की समस्या से पीड़ित होते हैं। जिन मरीजों की इम्युनिटी कमजोर होती है, उन मरीजों पर वायरस का प्रभाव अधिक हो जाता है। हालांकि, डरने की बात नहीं है। इस वायरस के कई मरीज मिल चुके हैं लेकिन मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

Uttarakhand Earthquake: देहरादून से यूपी-उत्तराखंड दिल्ली में भूकंप के झटके, लोग दहशत से घरों के बाहर निकले

देहरादून -:राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल के कई जिलों में भूकंप महसूस किया गया। उत्तराखंड में मंगलवार

रात करीब 10:21 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल के कई जिलों में भूकंप महसूस किया गया। जानकारी के अनुसार, चमोली, देहरादून, मसूरी, हरिद्वार, रुड़की, चमोली और उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। गंगा के मायके मुखबा तक महसूस भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप महसूस होते ही लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।  राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का फायजाबाद रहा। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.6 मापी गई।

उत्तरकाशी के समस्त तहसील/ थाना चोकियो से भूकंप के झटके महसूस हेतु है इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय मे व मनेरी क्षेत्र में हल्का भूकम्प झटका महसूस किया गया किसी प्रकार कोई हानि नहीं हुयी है।।
उत्तरकाशी में 10:22 भूकंप के झटके महसूस किए गए मसूरी में महसूस किए गए भूकंप के झटके भूकंप का केंद्र बिंदु हिंदूउत्तरकाशी इस माह कब-कब आया भूकंप

  • 5 मार्च- देर रात तीन झटके। 12:40 पहला झटका, 12:45 दूसरा झटका, 01:01 तीसरा झटका (तीव्रता 2.5 रिक्टर स्केल)
  • 8 मार्च- होली के दिन सुबह 10:07 (तीव्रता 2.5 रिक्टर स्केल)
  • 21 मार्च- रात 10:20बजे

भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश रीजन में था। जहां भूकंप का मैग्नीट्यूड 6.7 था। दिल्ली और रुड़की में इसकी इंटेंसिटी 4 से 5 के बीच होगी। जो ज्यादा खतरनाक नहीं है। इस भूकंप का उत्तराखंड में भविष्य में भूकंप की आशंका से कोई सीधा संबंध नहीं है।

कुश क्षेत्र में बताया जा रहा है।

 

देहरादून में महिला वार्डन से छेड़छाड़ के बाद स्टूडेंट्स का फूटा गुस्सा, कॉलेज में तोड़फोड़

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कॉलेज की महिला वार्डन से छेड़छाड़ होने पर छात्र-छात्रा क्रोधित हो गए और उन्होंने कॉलेज कैंपस में तोड़फोड़ शुरू कर दी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर मामले की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. हालांकि इस मामले में कॉलेज प्रशासन की तरफ से अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है.

उत्तराखंड के देहरादून में महिला वार्डन के साथ छेड़छाड़ होने के बाद यूआईटी कॉलेज में छात्रों ने जबरदस्त बवाल काटा. इस दौरान भारी संख्या में कैंपस के स्टूडेंटस इकट्ठा हुए और प्रदर्शन करने लगे. गुस्साए छात्रों की तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है.

वार्डन से छेड़छाड़ की शिकायत पर कॉलेज प्रशासन के संज्ञान नहीं लेने पर पर छात्र-छात्राएं आक्रोशित हो गए और कॉलेज कैंपस के अंदर जबरदस्त तोड़फोड़ शुरू कर दी. दरअसल कॉलेज कैंपस के चीफ वार्डन पर महिला वार्डन ने गंभीर आरोप लगाए हैं.

पुलिस को दी गई तहरीर में महिला वार्डन का आरोप है कि कैंपस के ही चीफ वार्डन ने 12 तारीख को महिला वार्डन के साथ छेड़खानी की जिसकी शिकायत के बाद भी कॉलेज प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया.

नवरात्रि पर्व को नारी शक्ति उत्सव के रूप में मनाएगी धामी सरकार, देवी पूजा के लिये सभी जिलों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये

देहरादूनः 22 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं। चैत्र नवरात्र राज्य भर में नारी शक्ति उत्सव के रूप में मनाये जाएंगे। प्रत्येक जिले में देवी उपासना के कार्यक्रम आयोजन के लिए संस्कृति विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को एक-एक लाख रुपये अवमुक्त कर दिए हैं।
चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा की जाएगी। वैदिक तथा पुराणों में चैत्र नवरात्रि को विशेष महत्व दिया है। इसे आत्मशुद्धि तथा मुक्ति का आधार माना गया है। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का पूजन करने से नकरात्मक ऊर्जा खत्म होती है। चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अतः चैत्र नवरात्रों की उत्तराखंड राज्य में व्यापक धार्मिक महत्ता के दृष्टिगत इस दौरान प्रदेश में सभी प्रमुख देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जाएगा।

संस्कृति विभाग के सचिव हरिचन्द्र सेमवाल के हवाले से कहा गया है कि प्रदेश के समस्त जनपदों के प्रमुख देवी मन्दिरों / शक्ति पीठों में मातृशक्ति के सामर्थ्य एवं शक्ति का प्रतीक नवरात्रों के अवसर पर 22 मार्च से 30 मार्च तक नवरात्रि नारी शक्ति उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। दुर्गा सप्तमी, रामचरितमानस, देवी गायन और देवी जागरण आदि पाठ आयोजित कराए जाएंगे। महिलाओं एवं बालिकाओं की इन कार्यक्रमों में विशेष रूप से सहभागिता की जाएगी।नइन कार्यक्रमों के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए संस्कृति विभाग द्वारा प्रत्येक जिलाधिकारी को एक-एक लाख की धनराशि प्रदान की जाएगी।

 

Mussoorie से देहरादून के लिए चली बस के ब्रेक फेल, खतरें में पड़ी 35 जान; चालक की सूझबूझ से टला हादसा

देहरादून: एक रोडवेज चालक ने अपनी समझदारी से 30 ज्यादा यात्रियों की जान बचा ली। मामला मसूरी का है। उत्तराखंड रोडवेज की बस देहरादून की ओर जा रही थी। जानकारी के अनुसार पिक्चर पैलेस बस स्टैंड से थोड़ा जा दूर पहुंचते ही बस के ब्रेक फेल हो गए। तीखी ढलान होने के कारण बस की स्पीड भी बढ़ गई थी। ऐसे में चालक मोहम्मद आमिर  ने सूझबूझ दिखाई और किसी तरह दीवार का सहारा देकर बस को रोका। ब्रेक फेल होने की सूचना मिलते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया था।

ब्रेक फेल होने के बाद रोडवेज की लापरवाही सामने आई है। रोडवेज द्वारा मसूरी समेत अन्य पर्वतीय क्षेत्रों के लिए पुरानी बसों का संचालन होता है। कई बार यात्रा के दौरान बसों के खराब होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे मसूरी आने जाने वाले पर्यटकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन विभाग ने अब तक पर्यटन नगरी मसूरी में नई बसों का संचालन नहीं किया है और पुरानी बसों से ही काम चलाया जा रहा है जिनकी हालत काफी खराब बताई जा रही है।

उत्तराखंड में कई बार इस तरह के मामले सामने आए हैं वो तो गनीमत रहा है कि चालकों ने अपने अनुभव का इस्तेमाल कर लोगों की जान बचाई है। रोडवेज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह गाड़ियों की फिटनेस का ध्यान रखें। निगम के लिए कार्य कर रहे चालकों और यात्रियों की जिंदगी के साथ लापरवाही बिल्कुल नहीू होनी चाहिए। उत्तराखंड पर्यटकों की पसंद माना जाता है और ऐसे में सुरक्षा प्रदान करना विभाग का फर्ज है।