राजनाथ सिंह और दुबई क्राउन प्रिंस ने रक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की

News web media Uttarakhand : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की और इसे और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। ​

बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण आदान-प्रदान को रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र मानते हुए इसे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने तटीय गार्डों के बीच सहयोग को सक्रिय बताते हुए, इसे एक समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से औपचारिक रूप देने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा, रक्षा उद्योगों के बीच घनिष्ठ सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का अभिन्न हिस्सा मानते हुए, संयुक्त रक्षा उत्पादन और प्रौद्योगिकी विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई। ​

रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि भारत और UAE के बीच रक्षा सहयोग आने वाले वर्षों में बढ़ेगा, जिसमें संयुक्त रक्षा उत्पादन, सह-विकास परियोजनाएं, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र शामिल होंगे। दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

इस बैठक से भारत और UAE के बीच रक्षा संबंधों में नए आयाम जुड़ने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।

कर्नाटक सरकार के खिलाफ बीजेपी ने शुरू किया 16 दिवसीय विरोध प्रदर्शन, ‘रावण राज्य’ समाप्त करने की मांग

News web media Uttarakhand : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कर्नाटक सरकार के खिलाफ 16 दिवसीय आंदोलन की शुरुआत की है, जिसमें ‘रावण राज्य’ को समाप्त करने की मांग की जा रही है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता राज्यभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, आरोप लगाते हुए कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता में लिप्त है।​

बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जनता के विश्वास को तोड़ा है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से इस्तीफा देने की मांग की है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने विकास कार्यों को नजरअंदाज किया है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।​

आंदोलन के दौरान, बीजेपी कार्यकर्ता राज्य के विभिन्न हिस्सों में रैलियां, धरने और अन्य विरोध गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं। पार्टी ने राज्यपाल से भी मुलाकात की और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि विपक्षी पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगा रही है।​

बीजेपी का यह आंदोलन राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, और आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। जनता और राजनीतिक विशेषज्ञ इस आंदोलन के परिणामों पर नजर बनाए हुए हैं।

दंतेवाड़ा में बोले अमित शाह, अगले साल तक नक्सलवाद पूरी तरह हो जाएगा खत्म

News web media Uttarakhand : केंद्रीय गृहमंत्री मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता अमित शाह 5 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने मंच से बड़ा ऐलान किया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले साल तक नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा. अमित शाह के बस्तर दौरे के बीच ही छत्तीसगढ़ के 86 नक्सलवादियों ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण किया है. इनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं.

केंद्रीय गृहमंत्री बस्त के पंडुम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान शाह के मंच पर पहुंचते ही सीएम विष्णुदेव साय उन्हें गौर मुकुट पहनाकर सम्मानित किया. यही नहीं इस दौरान मुख्यमंत्री ने अमित शाह को कोंडागांव की मशहूर ढोकरा आर्ट भी भेंट की. इससे पहले गृहमंत्री मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे और यहां उन्होंने पूजा-अर्चना भी की.

अपने भाषण में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगले साल तक नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार इसे पूरी ताकत के साथ खत्म करने में जुटी है. आने वाले साल यानी 2026 तक लाल आतंक को खत्म करने का संकल्प लिया है उसे पूरा किया जाएगा.

यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अब ये डबल इंजन की सरकार विकास की नई इबारत भी रच रही है. सीएम विष्णु साय ने कहा कि बस्तर पंडुम अब गांव से निकलकर संभाग स्तर तक पहुंच गया है.

अमित शाह ने कहा कि इस बार भले ही बस्तर पंडुम को छत्तीसगढ़ स्तर पर मनाया जा रहा है, लेकिन आने वाले एक साल में पीएम मोदी के निर्देश के मुताबिक इसे देशभर के आदिवासी जिलों में मनाया जाएगा. इसके साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ले जाने की कोशिश की जा रही है.

छत्तीसगढ़: मिड-डे मील में मरी छिपकली मिलने से 65 छात्र बीमार, स्कूल में मचा हड़कंप

News web media Uttarakhand : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 65 छात्र अचानक बीमार हो गए। घटना उस समय हुई जब छात्रों को स्कूल में मध्याह्न भोजन परोसा गया, जिसमें मरी हुई छिपकली पाई गई। भोजन के कुछ समय बाद ही कई छात्रों ने उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत की।

स्कूल प्रशासन द्वारा तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और सभी छात्रों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश छात्रों की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है।

इस घटना के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मिड-डे मील योजना के तहत भोजन की आपूर्ति करने वाले रसोइयों और ठेकेदारों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और खाद्य सैंपल परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।

जिला कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार ने ट्रंप के टैरिफ घोषणा के प्रभावों पर विचार शुरू किया

News web media Uttarakhand : अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नई टैरिफ नीतियों की घोषणा के बाद भारत सरकार इसके प्रभावों का गहन अध्ययन कर रही है। ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि उनकी प्रशासनिक नीतियों के तहत कई देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर नए आयात शुल्क लगाए जाएंगे। इस निर्णय से वैश्विक व्यापार पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सरकार इस नीति का मूल्यांकन कर रही है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से निर्यात-आधारित उद्योगों पर क्या प्रभाव डालेगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही संवेदनशील स्थिति में हैं, और इस टैरिफ नीति से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं और इस नीति को लागू करते हैं, तो भारतीय व्यापार क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है। सरकार संभावित जवाबी कदमों और रणनीतियों पर विचार कर रही है ताकि भारतीय कंपनियों को नुकसान न हो। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक व्यापार मंच पर और अधिक चर्चाओं का केंद्र बन सकता है।

टीएमसी ने सुनीता विलियम्स को भारत रत्न देने की मांग की

​News web media Uttarakhand : तृणमूल  कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद मोहम्मद नदीमुल हक़ ने बुधवार को राज्यसभा में भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विलियम्स की उपलब्धियों को भारत में हमेशा सराहा गया है और उन्हें भारत रत्न देना उनकी सफलता का सर्वोच्च सम्मान होगा। ​

हक़ ने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले भी सुनीता विलियम्स को भारत रत्न देने की मांग की थी, यह कहते हुए कि यह उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उपयुक्त सम्मान होगा। ​

सुनीता विलियम्स हाल ही में 18 मार्च को नौ महीने से अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहने के बाद पृथ्वी पर लौटी हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर बिताए अपने समय के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रयोग और मिशन पूरे किए, जिससे वैश्विक स्तर पर विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ​

हक़ की इस मांग के दौरान उन्होंने गुजरात की राजनीति से जुड़े कुछ मुद्दों का भी उल्लेख किया, जिस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य भाजपा सदस्यों ने आपत्ति जताई। उपसभापति हरिवंश ने इन असंगत हिस्सों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। ​

सुनीता विलियम्स की भारतीय जड़ों और उनकी असाधारण उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए, टीएमसी सांसद की यह मांग राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

म्यांमार भूकंप में मरने वालों का लगातार बढ़ रहा आंकड़ा, अब तक 2700 लोगों की हो चुकी मौत

News web media Uttarakhand : म्यांमार में पिछले सप्ताह आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां भूकंप के चलते ढही इमारतों से शव निकलने का सिलसिला जारी है। इसके चलते अब तक यहां 2700 लोगों की मौत हो चुकी है।

म्यांमार में 28 मार्च को 7.7 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे थे। इसके बाद 6.4 तीव्रता के भी झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र मेंडले और सेगेंग शहरों की सीमा पर जमीन के 10 किलोमीटर भीतर था। भूकंप के चलते बुनियादी ढांचे, सड़कें और रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान हुआ। भूकंप के झटके न सिर्फ म्यांमार बल्कि पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। थाईलैंड का चियांग मेई शहर में भी इस भूकंप के चलते काफी नुकसान हुआ।

म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने राजधानी नेपीडॉ में बताया कि अब तक 2,719 लोग मृत पाए गए हैं। 4,521 अन्य घायल हुए हैं और 441 लापता हैं। भूकंप से प्रभावित कई क्षेत्रों में अभी भी बचाव दल नहीं पहुंच पाए हैं। इसलिए संख्या बढ़ने की आशंका है। बचाव अभियान लगातार जारी है। राहत-बचाव कर्मियों के साथ स्थानीय लोग भी अपनों को खोजने के लिए खुद भी मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। भीषण गर्मी के कारण शवों से दुर्गंध आनी शुरू हो गई है। हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। हालात यह हैं कि करीब 35 लाख लोग बेघर हो चुके हैं। हालात यह हैं कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है और सड़कों पर अस्थायी तरीके से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

भारत ने भेजी मदद
म्यांमार की मदद के लिए भारत ने सबसे पहले हाथ बढ़ाएं। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत यहां राहत सामग्री और सहायता दल को भेजा गया है। 29 मार्च (शनिवार) को भारत ने दो नौसैन्य जहाज म्यांमार की मदद के लिए भेजे। इनके जरिए आर्मी फील्ड अस्पताल तैयार करने के लिए सामान और 118 चिकित्साकर्मियों को भी भेजा गया। इनके जरिए घायलों की मदद करने की व्यवस्था की जा रही है।

मणिपुर में कई एजेंसियों के संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने बरामद किए 32 अवैध हथियार

News web media Uttarakhand :  : मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हाल ही में कई जिलों में संयुक्त अभियान चलाकर 114 अवैध हथियार, विस्फोटक और सैन्य उपकरण बरामद किए हैं, जिससे क्षेत्र में हथियारों की बढ़ती तस्करी और असुरक्षा की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। ​

मुख्य बरामदगी:

काकचिंग और थौबल जिले: सुरक्षा बलों ने इन जिलों में खोजी अभियानों के दौरान तीन कार्बाइन, एक एयर गन राइफल, नौ मिलीमीटर पिस्तौल, दो सिंगल बैरल गन, 14 हैंड ग्रेनेड, एक 51 मिमी मोर्टार, दो एमके-III ग्रेनेड और 4.755 किलोग्राम विस्फोटक आईईडी बरामद किए।

इंफाल पश्चिम जिला: यहां सुरक्षा बलों ने एक सेल्फ-लोडिंग राइफल, एक कार्बाइन मशीन गन, एक .32 कैलिबर देशी पिस्तौल, दो 51 मिमी मोर्टार, ग्रेनेड और गोला-बारूद जब्त किए।

इन अभियानों में भारतीय सेना, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल और इन्डो-तिब्बतन सीमा पुलिस शामिल थीं, जो क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं।​

यहां उल्लेखनीय है कि मणिपुर में म्यांमार के नागरिक युद्ध में शामिल होकर लौटे उग्रवादियों द्वारा हथियारों का उपयोग बढ़ाया गया है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा की स्थिति और बढ़ गई है। ​

सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते हथियारों के अवैध प्रसार को रोकने और शांति-व्यवस्था स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा 8वां वेतन आयोग

News web media Uttarakhand : 8वें वेतन आयोग के गठन को जब से केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी मिली है, तब से सरकारी कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर है. लाखों सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग लागू होते ही, उनकी सैलरी में अच्छा खासा इजाफा हो जाएगा.

हालांकि, कुछ विभाग ऐसे भी हैं, जो 8वें वेतन आयोग के अंतर्गत नहीं आएंगे. यानी 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद भी उनके यहां सैलरी नहीं बढ़ेगी. चलिए, आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं. इसके साथ ही ये भी बताते हैं कि 8वां वेतन आयोग लागू होने से आपकी सैलरी में कितना इजाफा होगा.

किन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा 8वां वेतन आयोग

देश में फिलहाल 7वां वेतन आयोग लागू है. ये वेतन आयोग साल 2014 में गठित हुआ था और इसे साल 2016 में लागू किया गया था. आमतौर पर भारत में हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लागू होता है, देश का पहला वेतन आयोग 1946 में गठित किया गया था. चलिए, अब आपको बताते हैं कि किन सरकारी कर्मचारियों पर 8वां वेतन आयोग लागू नहीं होगा.

दरअसल, जो भी कर्मचारी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSUs) या किसी ऑटोनॉमस बॉडी के कर्मचारी होते हैं या फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज होते हैं, वो पे कमीशन के दायरे से बाहर होते हैं. यानी इन लोगों पर वेतन आयोग लागू नहीं होता. इनकी सैलरी और भत्तों के लिए नियम अलग होते हैं. यही वजह है कि 8वां वेतन आयोग इन लोगों पर लागू नहीं होगा.

8वें वेतन आयोग में कैसे बढ़ेगी सैलरी?

8वें वेतन आयोग में सैलरी हाइक फिटमेंट फैक्टर और भत्तों के आधार पर होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.86 के बीच हो सकता है. यानी सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18000 से बढ़कर सीधे 51000 हो जाएगी. हालांकि, ये अभी तय नहीं हुआ है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर क्या होगा.

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिसका इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को संशोधित करने के लिए किया जाता है. इसे मौजूदा बेसिक सैलरी पर लागू किया जाता है और इसके आधार पर नए वेतन की गणना की जाती है.

इसे ऐसे समझिए कि फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर पड़ता है. उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,500 है और फिटमेंट फैक्टर 2.57 है, तो उसकी कुल सैलरी 15,500 × 2.57 = 39,835 होगी.

8 वर्षों में यूपी को आर्थिक शक्ति बनाने में BJP की ‘डबल इंजन सरकार’ की भूमिका, योगी आदित्यनाथ का बयान

News web media Uttarakhand : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के आठ साल पूरे होने पर, राज्य के संघर्षशील स्थिति से आर्थिक महाशक्ति बनने तक के सफर को लेकर गर्व जताया। उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ के मॉडल को इस सफलता का श्रेय दिया, जिसमें राज्य और केंद्रीय सरकार के बीच मजबूत सहयोग को प्रमुख कारण बताया।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार ने कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिकीकरण के क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास किया है। उन्होंने राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के द्रुत विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 2025 तक उत्तर प्रदेश का GSDP ₹32 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

उत्तर प्रदेश में कृषि वृद्धि दर में सुधार हुआ है, जो 2016-17 में लगभग 5% थी और अब 13.5% से अधिक हो गई है। इसके साथ ही, राज्य में बड़ी संख्या में औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है, जैसे नोएडा में दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण।

योगी आदित्यनाथ ने इसे बीजेपी सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया, जिसने उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।