IMA पासिंग आउट परेड में ब्रिटिश परंपरा पर लगी रोक

News web media uttarakhand  :  देहरादून IMA में 10 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड के लिए अब मुख्य अतिथि को घोड़े बग्गी से नहीं लाया जाएगा अब बग्गियों की जगह सरकारी गाड़ी में सवार होकर परेड में अतिथि पहुंचेंगे। ब्रिटिश काल से चली आ रही इस परंपरा पर रक्षा मंत्रालय ने रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार, आधिकारिक तौर पर अब नई व्यवस्था को अपनाया जाएगा। दरअसल पटियाला कोर्ट के समय से अलग-अलग बग्गी से मेहमानों की अगवानी होती आई है, लेकिन 10 जून से इसमें बदलाव होगा।

बता दें कि ब्रिटिश काल की विरासत को छोड़ने के फैसले के साथ ही उस समय से चली आ रही सेना की यूनिफार्म, साज-ओ-सामान, नियम-कानून, अधिनियम और नीतियों में भी परिवर्तन होगा। सैन्य संस्थानों में धीरे-धीरे इसकी शुरुआत भी हो गयी है। आईएमए देहरादून की पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल ईशानी मैत्रा ने बताया कि IMA के पास निर्देश आ चुके है कि घोड़े बग्गी से मुख्य अतिथि को न लाया जाए, जिसको इस बार से अमल करेंगे। बता दें कि इस साल 374 जांबाज अफसर भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पास आउट होकर सेना में शामिल होंगे। जिसमें मित्र देशों के 42 कैडेट पास आउट होंगे।

बर्फबारी के चलते रोकी गई हेमकुंड साहिब यात्रा, आज से शुरू

News web media uttarakhand : उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते जीवन अस्त व्यस्त हो गया, वहीं दो दिनों से बर्फबारी के चलते हेमकुंड साहिब यात्रा रोकी गई थी जिसके चलते  शनिवार को शुरू हो गई है। 1500 यात्रियों को घांघरिया से हेमकुंड साहिब भेजा गया है। गौरतलब है कि बर्फबारी से हेमकुंड साहिब का रास्ता अटलाकोटी से आगे तीन किमी क्षेत्र में अवरूद्ध हो गया था। यहां पर बीते दिन ही बर्फ हटाकर रास्ता सुचारू कर दिया गया था।

तड़के प्रशासन ने हेमकुंड यात्रा पर घांघरिया में दो दिनों से यात्रा खुलने का इंतजार कर रहे यात्रियों को रवाना किया गया। 1500 यात्रियों का जत्था एसडीआरएफ की देखरेख में हेमकुंड पहुंच चुका है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा रूट पर कोई दिक्कत नहीं है।

हेमकुंड यात्रा पैदल मार्ग पर अटलाकोटी से हेमकुंड के बीच रास्ते में जमी बर्फ को गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मेनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों व मजदूरों ने हटा दिया है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग को सुचारू किए जाने के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है। एसडीआरएफ की टीम भी हेमकुंड तक का दौरा कर वापस लौटी है।अगर मौसम साफ रहा तो प्रशासन तड़के सीमित संख्या में यात्रियों को घांघरिया से हेमकुंड भेज सकता है।

हेमकुंड साहिब यात्रा पर 27 मई तक ऑफलाइन और ऑनलाइन पंजीकरण पर रोक..

News web media Uttarakhand :  हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 27 मई तक प्रतिबंधित है। खराब मौसम के चलते प्रशासन ने यह फैसला किया है। बता दे कि हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए अब तक 62 हजार से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इस बार चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू होने के बाद से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। मौसम विभाग के आगामी दो से तीन दिनों के पूर्वानुमान के कारण सरकार ने हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पंजीकरण रोक दिया है। हेमकुंड साहिब तीर्थ यात्रा 20 मई से शुरू हुई थी। यात्रा से ठीक पहले हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग से बर्फ हटाई गई थी।

पांच दिन में 5,600 से ज्यादा यात्रियों ने किए दर्शन

हेमकुंड साहिब यात्रा 20 मई को धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हुई थी। तब से अब तक मात्र पांच दिनों में हेमकुंड साहिब में 5600 से ज्यादा यात्रियों ने दर्शन किए।

इस से पहले कल खराब मौसम के कारण ही यात्रा को रोक दिया गया था। यात्रियों को घांघरियां में ही रोक लिया गया था। हेमकुंड साहिब धाम में अब तक दर्शनों के लिए 62859 लोंगो ने पंजीकरण कराया है।

केदारनाथ के लिए प्रतिदिन 20 हजार से अधिक पंजीकरण..

आपको बता दे कि केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा प्रतिदिन 20 हजार से अधिक है। 26 से 30 मई तक केदारनाथ की यात्रा के लिए 1.17 लाख तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। अब तक केदारनाथ में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख पार हो चुकी है।

अब तक कुल पंजीकरण की संख्या..

धाम                कुल पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ              1224221
बद्रीनाथ                 1050621
गंगोत्री                    640240
यमुनोत्री                 586659
हेमकुंड साहिब        62859

 

क्लैट का आयोजन इस बार तीन दिसंबर को इस बार हिंदी सहित अन्य भाषाओं का मिल सकता है विकल्प कंसोर्टियम आफ एनएलयूज ने जारी की अधिसूचना

News web media Uttarakhand : राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के कंसोर्टियम ने क्लैट-2024 की अधिसूचना जारी कर दी है। जिसके अनुसार क्लैट का आयोजन इस साल 3 दिसंबर को होगा। पाठ्यक्रम, आवेदन प्रक्रिया, काउंसिलिंग संबंधी सूचना जल्द जारी कर दी जाएगी।

बता दें, यह परीक्षा देश के 23 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इसके अलावा कई अन्य निजी विवि व कालेज भी क्लैट के स्कोर पर दाखिला देते हैैं। यूजी कोर्स में दाखिले के लिए सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के वह छात्र अर्ह होंगे, जिन्होंने 45 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की है। अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक की बाध्यता है। 12वीं की परीक्षा देने जा रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। एलएलएम पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए अभ्यर्थी को 50 प्रतिशत अंकों के साथ एलएलबी की होनी चाहिए। अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक की बाध्यता है।
परीक्षा विशेषज्ञ और ला प्रेप दून के निदेशक एसएन उपाध्याय के अनुसार पेपर में इस बार अभ्यर्थियों को हिंदी सहित अन्य भाषाओं का विकल्प मिल सकता है। इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर कोर्ट ने कंसोर्टियम आफ एनएलयूज से जवाब मांगा है। यदि ऐसा फैसला होता है तो हिंदी भाषी छात्रों को इसका फायदा मिलेगा।

दस दिसंबर को होगा एलेट

नेशनल ला यूनिवर्सिटी (एनएलयू) दिल्ली में यूजी और पीजी कोर्स में दाखिले के लिए आल इंडिया ला एंट्रेंस टेस्ट (एलेट) की तिथि घोषित कर दी गई है। यह परीक्षा दस दिसंबर को आयोजित की जाएगी। जिसके लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सात अगस्त से शुरू की जाएगी। बता दें, एलेट तीन कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित किया जाता है। इसमें पांच वर्षीय बीए एलएलबी (आनर्स), एक वर्षीय एलएलएम और पीएचडी शामिल हैं।

उत्तराखंड बोर्ड ने घोषित किया रिजल्ट 10वीं, 12वीं चेक करें नतीजे और जानें पास प्रतिशत और टॉपर्स

News web media Uttarakhand :  उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूबीएसई) आज कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड के परिणाम जारी कर दिया है। छात्र अपने  यूके बोर्ड 10वीं, 12वीं का रिजल्ट ubse.uk.gov.in, uaresults.nic.in पर ऑनलाइन देख सकते हैं। इस साल मीडिया अपडेट के अनुसार, यूबीएसई बोर्ड 2023 कक्षा 10 में कुल 1,32,115 छात्र और कक्षा 12 में  कुल 1,27,236 छात्रों ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा दी थी। उत्तराखंड बोर्ड हाई स्कूल के रिजल्ट में 85.17 फीसदी पास प्रतिशत रहा. जबकि इंटरमीडिएट में कुल 80.98 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं

उत्तराखंड बोर्ड 10वीं का टॉपर सुशांत चंद्रवंशी

दसवीं में टिहरी के सुशांत चंद्रवंशी ने 99.00 फीसदी अंकों के साथ किया टॉप

उत्तराखंड बोर्ड 12वीं का टॉपर तनु चौहान

इंटरमीडिएट में उधम सिंह नगर के जसपुर की छात्रा तनु चौहान ने 97.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

 

 

 

 

उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं-12वीं का रिजल्ट 25 मई को जारी होगा,यहां जानें चेक करने का सबसे आसान तरीका

NEWS WEB MEDIA UTTARAKHAND: उत्तराखंड बोर्ड 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य और रिजल्ट का काम पूरा हो चुका है। 25 मई को बोर्ड का रिजल्ट जारी होने वाला है। शिक्षा विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेश में लिखा है कि उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद्, रामनगर (नैनीताल) द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2023 का परीक्षाफल दिनांक 25 मई 2023 पूर्वाह्न 11:00 बजे परिषद् कार्यालय रामनगर (नैनीताल) में घोषित किया जायेगा।

बताया जा रहा है कि उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का रिजल्ट यूबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट http://uaresults.nic.in पर उपलब्ध होगा। उत्तराखंड बोर्ड परिणाम 2023 तक पहुंचने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा और टेक्स्ट देना होगा। रिजल्ट चेक करने के लिए http://ubse.uk.gov.in पर जाना होगा।

यूके बोर्ड 10वीं की 2023 की परक्षाएं 17 मार्च से 6 अप्रैल 2023 तक जबकि कक्षा 12 परीक्षा 2023 16 मार्च से 6 अप्रैल 2023 तक आयोजित की गई। उत्तराखंड बोर्ड में इस बार 1253 एग्जाम सेन्टर्स बनाये गये। इस बार 2 लाख 59 हजार स्टूडेन्ट्स 12वीं में जबकि 10वीं में 1 लाख 27 हजार स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हैं।

उत्तराखंड: वन्दे मेट्रो की सफलता के बाद अब देहरादून से काठगोदाम तक वंदे मेट्रो चलाने की तैयारी

News web media uttarakhand : राजधानी देहरादून से काठगोदाम तक का सफर अब और भी जल्दी और आसानी से तय हो सकेगा। देहरादून से काठगोदाम के बीच वंदे मेट्रो चलाने की तैयारी की जा रही है। इस ट्रेन के संचालन से यात्रियों को सफर में काफी आसानी होगी। इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी को कम समय में तय किया जाएगा।

देहरादून से काठगोदाम के बीच वंदे मेट्रो चलाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू

वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद अब रेलवे क्षेत्रीय स्तर पर भी वंदे मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से भरपूर वंदे मेट्रो ट्रेन के चलने से यात्रियों को काफी सुविधाएं होंगी।

प्रदेश में देहरादून से काठगोदाम के बीच वंदे मेट्रो चलाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। वंदे मेट्रो ट्रेन को दो ऐसे शहरों के बीच चलाया जाएगा जिनके बीच की दूरी 100 से 300 किलोमीटर होगी। वंदे मेट्रो ट्रेन हाइड्रोजन बेस्ड स्वदेशी ट्रेन होगी। इस ट्रेन को भारतीय इंजीनियर्स ही डिजाइन कर रहे हैं। इस ट्रेन का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

तीन हो जाएगी ट्रेनों की संख्या

देहरादून और काठगोदान के बीच वंदे मेट्रो ट्रेन का संचालन हुआ तो यह इस रूट पर चलने वाली तीसरी ट्रेन होगी। वर्तमान में देहरादून से काठगोदाम के बीच रोजाना दोपहर 3:55 बजे नैनी जन शताब्दी और रात 11:30 बजे से काठगोदाम एक्सप्रेस चलती है। ऐसे में तीसरी ट्रेन चलने से इस रूट के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। कुमाऊं से गढ़वाल आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए वंदे मेट्रो ट्रेन एक बेहतर विकल्प होगा।

 

उत्तराखंड की अंकिता ध्यानी ने 26 वीं राष्ट्रीय सीनियर फेडरेशन कप में जीता स्वर्ण पदक

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में गोल्डन गर्ल के नाम विख्यात अंकिता ध्यानी ने एक बार फिर से उत्तराखंड का नाम रोशन किया है. जनपद पौड़ी गढ़वाल की जयहरीखाल ब्लॉक की अंकिता ध्यानी ने झारखंड के रांची स्टेडियम में उत्तराखंड का परचम लहराया है. उत्तराखंड की गोल्डन गर्ल अंकिता ने 26 वीं राष्ट्रीय सीनियर फेडरेशन कप में 1500 मीटर की दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत कर आगामी एशियन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए क्वालीफाई कर लिया है.

अंकिता ध्यानी ने झारखंड में रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में 26वींं राष्ट्रीय सीनियर फेडरेशन कप में 1500 मीटर की दौड़ में बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया. अंकिता ने स्वर्ण पदक जीत के साथ ही थाइलैंड में 12-16 जुलाई को आयोजित होने वाली एशियन एथलेटिक्स खेल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है.

जनपद पौड़ी गढ़वाल के जयहरीखाल ब्लॉक निवासी गांव मेरुडा के महिमानंद ध्यानी माता लक्ष्मी के गरीब परिवार में अंकिता ने जन्म लिया. जयहरीखाल ब्लॉक में खेल सुविधा के अभाव में अंकिता ने बचपन में गांव के खेतों पर दौड़ना सीखा. अंकिता की बचपन की चाह ने खेल विधा में आज बड़ा मुकाम हासिल किया है.

राष्ट्रीय सीनियर फेडरेशन कप में स्वर्ण पदक विजेता बनने पर अंकिता के घर गांव में खुशी की लहर है. अंकिता पूर्व में एथलेटिक्स गेम्स के 5000 मीटर की दौड़ में एशियन गेम्स के लिए अपना दावा भी पेश कर चुकी है. मौजूदा समय में अंकिता ध्यानी बेंगलुरू में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में आगामी प्रतियोगताओं के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है‌ं.

पेपर लीक मामले में आयोग ने की बड़ी कार्रवाई, 180 अभ्यर्थियों पर लगा पांच साल का बैन

News web media uttarakhand : आयोग ने पेपर लीक मामले में आरोपी 180 अभ्यर्थियों पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। आरोपी अभ्यर्थी अब पांच साल तक आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।

प्रदेश में एक के बाद एक पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश था। जिसके बाद नकल रोधी कानून लाकर सरकार ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई शुरू की। इस मामले में अब आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने चार भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल के आरोपी 180 अभ्यर्थियों पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है।

अभ्यर्थियों को जारी किया गया था कारण बताओ नोटिस

पेपर लीक मामले में आरोपी इन अभ्यर्थियों को इस से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा 2021, वन दरोगा ऑनलाइन परीक्षा 2021, सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा 2021 और वीपीडीओ भर्ती परीक्षा 2016 में पेपर लीक में संलिप्त 180 अभ्यर्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

कुछ अभ्यर्थियों के तो नोटिस डाक के माध्यम से वापस आ गए थे। जिनके लिए आयोग ने फिर से 29 अप्रैल को वेबसाइट पर अलग से सूची जारी करते हुए जवाब मांगा था।

अब तक इतने अभ्यर्थी हुए डिबार

अब तक प्रदेश में स्नातक स्तरीय परीक्षा में 112 अभ्यर्थी, वन दरोगा ऑनलाइन परीक्षा में 20 अभ्यर्थी, सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा में 14 अभ्यर्थी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में 34 अभ्यर्थी डिवार किए गए हैं। डिबार हुए सभी अभ्यर्थी अब आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।

19 अभ्यर्थियों पर भी लटकी तलवार

प्रदेश में 19 अभ्यर्थियों पर भी तलवार लटकी हुई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एलटी भर्ती के साथ ही कई अन्य परीक्षाओं के 19 और अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन 19 अभ्यर्थियों से भी 17 मई की शाम छह बजे तक जवाब मांगा गया था। जल्द ही आयोग इन सभी पर भी कार्रवाई कर सकता है।

कितने की स्पीड से चलेगी ट्रेन कैसे तय करता है लोको पायलट! जानिए

News web media Uttarakhand : लोको पायलट को ये कैसे पता चलता है कि ट्रेन को कितने की स्पीड पर लेकर आगे जाना है. आपने देखा ही होगा कि कई बार ट्रेन अचानक तेज चलने लगती है और फिर थोड़ी ही देर में बिलकुल धीमी हो जाती है. वैसे तो इसमें सिग्नल के ग्रीन, येलो या रेड होने का अहम /योगदान होता है. लेकिन फिर भी एक सवाल मन में रह जाता है कि ट्रेन की एग्जेक्ट स्पीड आखिर कैसे तय होती है. बहुत कम ही लोग इस बारे में जानते होंगे कि आखिर ट्रेन की अधिकतम स्पीड लोको पायलट कैसे तय करता है.

मुख्यत: 2 बातों पर निर्भर करता है कि कोई ट्रेन किसी सेक्शन में अधिकतम कितने की स्पीड से चलेगी. ये दोनों ही बातें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. सबसे पहले ट्रेन की स्पीड इस बात से इस बात पर निर्भर करती है कि उस सेक्शन में अधिकतम कितनी गति से चलने की अनुमति दी गई है. मान लीजिए किसी सेक्शन में ट्रेन की अधिकतम स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा ही हो सकती है. तो ट्रेन ज्यादा से ज्यादा उतनी स्पीड तक ही चलेगी. भले ही ट्रेन की खुद की अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा ही क्यों न हो. इस बारे में सारी जानकारी लोको पायलट को ट्रेन ले जाने से पहले टाइम टेबल में दी जाती है

ट्रेन की खुद की स्पीड
दूसरा फैक्टर होता है ट्रेन की खुद की अधिकतम स्पीड. अगर किसी सेक्शन की अनुमति प्राप्त अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर है लेकिन ट्रेन की अपनी सर्वोच्च स्पीड केवल 90 किलोमीटर प्रति घंटा है तो फिर वह ट्रेन उतनी ही गति से चल पाएगाी. ट्रेन की स्पीड को कब अधिकतम और न्यूनतम पर ले जाना है यह सिग्नल से पता चलता है. ग्रीन सिग्नल होने पर ट्रेन फुल स्पीड से निकल सकती है. वहीं, येलो सिग्नल का मतलब होता है कि स्पीड को घटा दें और अगले सिग्नल पर स्टॉप (रेड सिग्नल) के लिए तैयार रहें.

येलो सिग्नल पर कितनी गिरानी होती है स्पीड
भारतीय रेलवे के अनुसार, जहां ऑटोमैटिक सिग्नल काम कर रहे होते हैं वहां पीला सिग्नल देखते ही लोको पायलट को स्पीड 30 किलोमीटर प्रति घंटे घटा देनी चाहिए. उसे तब तक ट्रेन को उसी स्पीड पर चलाना चाहिए जब तक की आगे सिग्नल ग्रीन नहीं मिल जाता. अगर धुंध व कोहरा है तो ऑटोमैटिक सिग्नल वाले रास्ते पर ट्रेन की स्पीड ग्रीन सिग्नल होने पर भी 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए.